शुक्रवार, 7 अक्टूबर 2022

अच्छे फसल की कामना और खुशी में त्योहार मनाया जाता

 

डाल्टनगंज. रोमन कैथोलिक डाल्टनगंज धर्मप्रांत 7 जुलाई 2016 से  प्रेरितिक प्रशासकों के सहारे चलाया जा रहा है.यहां पर नवाखानी समारोह मनाया गया.इस अवसर पर रोम के भारत में राजदूत नुनसियो आर्चबिशप लियोपोल्डो गिरेली का आगमन हुआ.भारत के लिए परमधर्मपीठ का अपोस्टोलिक ननशिएचर एक दूतावास के समान होली सी टू इंडिया का राजनयिक मिशन है.यह 50-सी, नीति मार्ग, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में स्थित है.13 मार्च 2021 को पोप फ्रांसिस द्वारा आर्चबिशप लियोपोल्डो गिरेली को अपोस्टोलिक नुनसियो नामित किया गया था.
नवाखानी त्योहार शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया.कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रोम के भारत में राजदूत नुनसियो आर्चबिशप लियोपोल्डो गिरेली थे.उनके साथ रांची महाधर्मप्रांत के सहायक धर्माध्यक्ष थेओदोर मस्कारेन्हास एस.एफ.एक्स को डाल्टनगंज धर्मप्रांत का प्रेरितिक प्रशासक भी थे. यह बताया गया कि किसानों द्वारा मनाया जाने वाला मुख्य त्योहार है.इस दिन घर में नए धान के चावल की पूजा-अर्चना कर देवी-देवताओं को भोग लगाया जाता है.उसके बाद अच्छे फसल की कामना और खुशी में त्योहार मनाया जाता है. यह प्रतिवर्ष भाद्रपद महीने के पंचमी तिथि को गणेश चतुर्थी के एक दिन बाद मनाया जाता है. यह दिन हर साल अगस्त-सितंबर के बीच पड़ता है.

रोम के भारत में राजदूत नुनसियो आर्चबिशप लियोपोल्डो गिरेली को गांव वाले अपने बीच पाकर काफी खुश हुए और उन्हें अपने साथ नया खिलाकर आदिवासियों का पारंपरिक डांस भी करवाया.
बता दें कि डाल्टनगंज धर्मप्रांत को 7 जुलाई 2016 से  प्रेरितिक प्रशासकों के सहारे चलाया जा रहा है.सबसे पहले हजारीबाग धर्मप्रांत के बिशप आनंद जोजो को डालटनगंज धर्मप्रांत का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया.पांच साल अतिरिक्त कार्यभार संभाला.इसके बाद रांची के सहायक धर्माध्यक्ष थेओदोर मस्कारेन्हास को डाल्टनगंज धर्मप्रांत का प्रेरितिक प्रशासक नियुक्त किया गया है.उनको 8 दिसंबर 2021 से डालटनगंज के धर्मप्रांत के नए प्रेरितिक प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है. रांची महाधर्मप्रांत के अभिन्न अंग है डाल्टनगंज धर्मप्रांत. स्थापना 5 जून 1971 को हुआ.  इसके प्रथम धर्माध्यक्ष बिशप जॉर्ज विक्टर सौपिन,एसजे   थे.5 जून 1971 से 30 नवंबर 1987 तक धर्माध्यक्ष रहे.16 साल धर्माध्यक्ष रहे.उनके बाद बिशप चार्ल्स सोरेंग , एसजे धर्माध्यक्ष बने.23 अक्टूबर 1989  से 1 अप्रैल 1995 तक धर्माध्यक्ष रहे.केवल 6 वर्षों तक धर्माध्यक्ष रहे. डाल्टनगंज के तीसरे बिशप गेब्रियल कुजूर, एसजे थे.3 मार्च 1997 से 7 जुलाई 2016 तक धर्माध्यक्ष रहे.सबसे अधिक 19 वर्षों तक धर्माध्यक्ष रहे. महामहिम पोप फ्रांसिस के द्वारा  डाल्टनगंज धर्मप्रांत के  धर्माध्यक्ष रेव गेब्रियल कुजूर, एस.जे. का इस्तीफा स्वीकार कर लिया.तब हजारीबाग धर्मप्रांत के बिशप आनंद जोजो को डालटनगंज धर्मप्रांत का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है. वे 7 जुलाई 2016 से अब तक डाल्टनगंज के प्रेरितिक प्रशासक के रूप में धर्मप्रांत का नेतृत्व किया है.प्रेरितिक राजदूतावास ने भी हजारीबाग के धर्माध्यक्ष आनंद जोजो के प्रति अपना आभार और प्रशंसा व्यक्त की है. इस बीच धर्माध्यक्ष थेओदोर मस्कारेन्हास एस.एफ.एक्स डाल्टनगंज धर्मप्रांत के प्रेरितिक प्रशासक नियुक्त किये गये हैं.रांची महाधर्मप्रांत के सहायक धर्माध्यक्ष थेओदोर मस्कारेन्हास एस.एफ.एक्स को डाल्टनगंज धर्मप्रांत का प्रेरितिक प्रशासक नियुक्त किया गया है. धर्माध्यक्ष थेओदोर मस्कारेनहास, एस.एफ़.एक्स., को 8 दिसंबर 2021 से डालटनगंज के धर्मप्रांत के नए प्रेरितिक प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है.
 

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