सोमवार, 13 मार्च 2023

लोक प्राधिकार के पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया

  बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत  द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के रूप में जिलाधिकारी ने आज 15 मामलों की की सुनवाई. कई मामलों में शिकायतों का हुआ निवारण...


नालंदा. लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के रूप में जिलाधिकारी द्वारा आज 15 मामले की सुनवाई की गई.इनमें से कुछ मामलों का निवारण सुनवाई से पूर्व ही संबंधित लोक प्राधिकार द्वारा किया गया तथा कुछ मामलों में निवारण के लिए संबंधित लोक प्राधिकार के पदाधिकारियों को आदेश दिया गया.

       परिवादी रंजीत सिन्हा द्वारा 15वें वित्त आयोग की योजना में कराए जा रहे कार्य में अनियमितता बरते जाने को लेकर दायर परिवाद के संदर्भ में जिला पंचायत राज पदाधिकारी द्वारा जांच की गई. उनके द्वारा बताया गया कि कार्य करने में प्रक्रियात्मक त्रुटि पाई गई है. इसको लेकर संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी एवं पंचायत तकनीकी सहायक से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया गया.साथ ही कार्य का कुछ अंश शेष है, जिसे पंचायत समिति के माध्यम से पूरा करने का निर्देश प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिया गया.

       नूरसराय के बैकुंठ व्यास द्वारा निजी जमीन पर जिला परिषद के माध्यम से निर्मित सामुदायिक भवन के रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराने से संबंधित दायर परिवाद के संदर्भ में मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद को मामले की जांच कर जांच प्रतिवेदन समर्पित करने को कहा गया.

        बिहार शरीफ अनुमंडल क्षेत्र की बॉबी कुमारी द्वारा गलत तरीके से निजी व्यक्ति द्वारा ऋण देने का व्यवसाय कर  प्रताड़ित किए जाने से संबंधित परिवाद के संदर्भ में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बिहार शरीफ द्वारा जांच की गई. उनके द्वारा बताया गया कि आरोपी व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान की कार्रवाई की जा रही है.

        चंडी के केदारनाथ गुप्ता द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभ से वंचित रखने से संबंधित परिवाद के संदर्भ में प्रखंड विकास पदाधिकारी चंडी द्वारा बताया गया कि आवेदक पात्र श्रेणी के हैं. वर्त्तमान में आवाससॉफ्ट पर नए लाभुकों का नाम जोड़ने का कार्य बंद है.आवास सॉफ्ट में नए लाभुकों का नाम जोड़े जाने की प्रक्रिया शुरू होते ही आवेदक का नाम सूची में जोड़कर उन्हें लाभ दिलाया जाएगा.

         हिलसा की बच्ची देवी द्वारा नल जल योजना से कराए गए कार्य की पूर्ण राशि का भुगतान नहीं किए जाने से संबंधित परिवाद की जांच प्रखंड विकास पदाधिकारी हिलसा द्वारा की गई. उनके द्वारा बताया गया कि लंबित राशि के भुगतान के लिए प्रक्रिया पूरी की जा रही है. आगामी 15 दिनों के अंदर आवेदक को बकाया राशि का भुगतान करा दिया जाएगा.

       हिलसा की एक अन्य परिवादी सुषमा देवी द्वारा सात निश्चय अंतर्गत किए गए कार्य से संबंधित राशि का भुगतान नहीं किए जाने के संदर्भ में परिवाद दिया गया था. प्रखंड विकास पदाधिकारी हिलसा को नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया.कुछ अन्य मामलों से संबंधित लोक प्राधिकार के पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया गया.



आलोक कुमार

बच्चों के परिवारों को पुनर्वास के लिए मुआवजे के रूप में 25 लाख रुपये प्रदान करें


* बेगूसराय में मुस्लिम समाज की बच्चियों के फरार बलात्कारियों की तत्काल गिरफ्तारी हो:  ऐपवा

* बिना देर किए न्याय सुनिश्चित करने के लिए मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए

* बजरंग दल से जुड़े अपराधियों ने घटना को दिया अंजाम, उच्चस्तरीय जांच हो

* ऐपवा की उच्चस्तरीय जांच टीम ने बेगूसराय का किया दौरा

पटना. ऐपवा की बिहार राज्य सचिव शशि यादव, दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर राधिका मेनन, समस्तीपुर की ऐपवा नेता वंदना व किरण आदि के नेतृत्व में ऐपवा की एक उच्चस्तरीय टीम ने 12 मार्च 2023 को सदर अस्पताल, बेगूसराय का दौरा कर उन दो बच्चियों से मुलाकात की, जिनके साथ विगत 8 मार्च को सामूहिक बलात्कार की क्रूरतम घटना को अंजाम दिया गया था.

      बेगूसराय से लौटने के बाद जांच टीम ने आज पटना में संवाददाता सम्मेलन में पूरे मामले पर अपनी रिपोर्ट पेश की. संवाददाता सम्मेलन में शशि यादव व राधिका मेनन के साथ ऐपवा की बिहार राज्य अध्यक्ष सरोज चौबे भी उपस्थित थीं.


फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट

ऐपवा की टीम ने पीड़िता के माता-पिता और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा की. टीम ने पाया कि घटना के उपरांत इलाके में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के भी प्रयास किए गए, जिसे सामाजिक कार्यकर्ताओं की त्वरित कार्रवाई के जरिए नाकाम बना दिया गया.

    8 मार्च को जब पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा था और दोपहर बाद जब होली समारोह समाप्त हो रहा था, बेगूसराय के साहेबपुर कमाल ब्लॉक में दो बहुत छोटी बच्चियों के साथ चौंकाने वाली क्रूरता को अंजाम दिया गया. खुशबू (बदला हुआ नाम), 6 साल और समीरा (बदला हुआ नाम), 9 साल, हर दिन की तरह, राजकीय मध्य विद्यालय के खेल के मैदान में झूला झूल रही थीं. एक व्यक्ति जिसकी पहचान छोटू के रूप में समीरा ने की, बबलू कुमार और दो अन्य लोगों के साथ उन्हें खेल के मैदान में फंसा लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी. उनके चेहरे दीवार से टकरा गए थे. समीरा ने हमलावरों से लड़ना शुरू कर दिया. 


उसके सिर पर हमला किया गया और उसकी गाल को तब तक चीरा गया जब तक कि उसके दांत बाहर नहीं निकल आए. वह चीखते हुए किसी तरह भाग निकली. खुशबू जो हकलाती है और अपनी उम्र के हिसाब से बहुत कमजोर और छोटी है, इन घटनाओं को देखकर हैरान थी. वह विरोध करने में असमर्थ थी. उसे स्कूल के शौचालय में घसीट कर ले जाया गया और उसके साथ क्रूरता की गई.

    जब ऐपवा की टीम ने सदर अस्पताल में उनसे मुलाकात की, तो समीरा के चेहरे और सिर पर भारी पट्टी बंधी हुई थी. उनके साथ उनकी मां, एक बीड़ी बनाने वाली मजदूर और बेरोजगार दादा भी थे. उसके 8 अन्य भाई-बहन हैं. उसके पिता ड्राइवर हैं. दूसरे बिस्तर पर खुशबू लेटी हुई थी. उसके चेहरे, हाथों और पैरों पर दिखाई दे रही चोटें धीरे-धीरे ठीक हो रही थीं. उसकी दोनों आँखें खून से सनी हुई थीं और उसका माथा उस जगह पर उभरा हुआ था जहाँ उसे मारा गया था. 8 मार्च की दोपहर 3 बजे हुई घटना के बाद से उसने बोलना बंद कर दिया है. उसके 6 अन्य भाई-बहन हैं, जिनमें से चार विकलांग हैं. उसकी मां, जिसे उसके पति ने छोड़ दिया है, उसके साथ थी. वह अपने गरीब परिवार को पड़ोसियों सें प्राप्त भोजन से काम चलाती है.

     नामजद उपरोक्त दोनों अपराधी स्कूल के पास ही चाय और पान की दुकान चलाते हैं. बच्चों के परिजन और गांव वाले उन्हें लुम्पेन के रूप में जानते रहे हैं जो गुंडों के साथ घूमते थे और नशीले पदार्थ बेचते थे. ऐसी भी खबरें थीं कि बबलू के पिता ने दावा किया कि उनका बेटा बजरंग दल का कार्यकर्ता और मीडिया का आदमी था. दो अन्य व्यक्ति जिनका नाम समीरा नहीं  जानती थी, लेकिन पहचान सकती थी, वे अब तक फरार हैं.

     क्षेत्र में सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा बताए गए घटनाओं के क्रम से संकेत मिलता है कि खुशबू हमलावरों के चंगुल से छूटने के बाद दौड़ते हुए भागी और और गिरने से पहले ग्रामीणों को सूचित किया. जब ग्रामीणों ने खुशबू को देखा तो उसके सिर और कूल्हों के आसपास खून बह रहा था. उसे संभवतः हमलावरों द्वारा मृत मान लिया गया था. 

     आक्रोशित भीड़ ने गुंडों के अड्डे को तहस-नहस कर दिया.  हालाँकि, सामाजिक कार्यकर्ताओं के हस्तक्षेप से सांप्रदायिक उन्माद भड़काने की कोशिश टल गई. शांति समितियों का गठन किया और पीड़ितों के लिए न्याय पर ध्यान केंद्रित किया गया. स्थानीय विरोध के कारण प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी. इसके बाद से अस्पताल में परिवार को पुलिस सुरक्षा दी गई है. विरोध करने पर जिला अस्पताल प्रशासन ने भी कार्रवाई करते हुए बच्चियों का इलाज कराया.

स्थानीय कार्यकर्ताओं ने यह भी उल्लेख किया कि इस तरह की दो और 

घटनाएं पहले भी गांव में हो चुकी हैं. हालांकि अभी और भी बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है.


ऐपवा की मांग है कि 


1. दोनों फरार बलात्कारियों की तत्काल तलाश कर गिरफ्तारी की जाए.


2. बिना देर किए न्याय सुनिश्चित करने के लिए मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए.

3. बच्चियों की सुरक्षा, शिक्षा सुनिश्चित की जाए.

4. स्कूल के स्थानों को सुरक्षित बनाएं और आसपास की गतिविधियों को ऐसी गतिविधियों से मुक्त करें जिनसे बच्चों को खतरा हो. 

6. स्कूल के पास नशीले पदार्थों का ठिकाना चलाने के लिए अपराधियों को दिए जा रहे राजनीतिक संरक्षण और नौकरशाही संरक्षण की जांच की जाए.

7. साम्प्रदायिक घृणा फैलाने के लिए बजरंग दल पर आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए जिससे संभवतः बच्चों तक के खिलाफ घृणा का माहौल बनाने की कोशिश की.

8. बच्चों के परिवारों को पुनर्वास के लिए मुआवजे के रूप में 25 लाख रुपये प्रदान करें.

9. बच्चियों के ठीक होने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए सर्वाेत्तम स्वास्थ्य देखभाल और पोस्ट ट्रॉमा परामर्श की सुविधा.

ऐपवा का मानना है कि समाज की सुरक्षा समाज के सबसे गरीब और सबसे कमजोर बच्चियों की सुरक्षा से ही निर्धारित होती है. भविष्य की त्रासदियों को टालने के लिए प्रशासन को उपरोक्त मांगों को पूरा करना चाहिए.


आलोक कुमार

रविवार, 12 मार्च 2023

कलाकारों का चयन और उसके बाद रिहर्सल शुरू

  

पटना.आजकल प्रभु येसु ख्रीस्त का दुख भोग चल रहा है. परंपरागत रूप से, सेप्टुआगेसीमा रविवार से ही लेंट के लिए तैयारी की शुरुआत कर दी गयी.12 फरवरी को सेक्सगेसिमा रविवार और 19 फरवरी को क्विनक्वेजिमा रविवार था.21 फरवरी को ‘गोस्त भूजा‘ का पर्व था.22 फरवरी को राख बुधवार था..26 फरवरी को दुख भोग का प्रथम रविवार था. 26 मार्च को दुखभोग का पांचवां रविवार है.2 अप्रैल को खजूर (खग्गी) रविवार है. 6 अप्रैल को मांण्डी थर्सडे है. 7 अप्रैल को गुड फ्राइडे है. 8 अप्रैल को पुण्य शनिवार और 9 अप्रैल को ईस्टर रविवार है.  

   एस.के.लॉरेन्स एवं अन्य पिछले बारह वर्षों की तरह इस वर्ष भी लेन्ट पीरियड (चालीसा) के दौरान सम्भवत: बुधवार तथा शुक्रवार के दिन चर्च तथा भक्त जनों के निवास स्थान पर प्रभु येसु के दुख भोग से संबंधित ‘मुसीबत‘ नामक गीत तथा प्रार्थना का कार्यक्रम कर रहे हैं.जो 22 फरवरी से शुरू हो गया है.कुर्जी पल्ली के भक्तजनों के घरों में यह भक्तिमय कार्यक्रम जारी है.

विक्टर फ्रांसिस के द्वारा 07 अप्रैल को गुड फ्राइडे के अवसर पर प्रभु के दुख भोग पर आधारित एक झांकी निकाली जाएगी. प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी कुर्जी पल्ली की तरफ से गुड़ फ्राइडे( 7 अप्रैल 2023) के पुण्य बेला में प्रभु के दुखभोग पर आधारित एक झाँकी निकाली जाएगी.’यदि आप इस झाँकी में प्रभु येसु की भूमिका या अन्य किसी भी भूमिका को निभाना चाहते हैं तो कृपया  वाले 11 मार्च 2023 को शाम तक अपना नाम पल्ली कार्यालय में दे दें. आने वाले 12 मार्च 2023 को शाम पांच बजे कलाकारों का चयन और उसके बाद रिहर्सल शुरू किया गया.


आलोक कुमार


दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत


गया।जिला प्रशासन गया और बाल विकास परियोजना विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संग्रहालय (म्यूजियम) गया में जिला पदाधिकारी डॉ.त्यागराजन एसएम की पत्नी नेहा, डीडीसी की पत्नी डा.शिल्पी, नगर आयुक्त अभिलाषा शर्मा, उप विकास आयुक्त, डा.मधुबाला एवं आईसीडीएस की डीपीओ भारती प्रियम्बदा ने संयुक्त से दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

              अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शनिवार को संग्रहालय में महिलाओं जनसमूह को संबोधित करते हुए  उप विकास आयुक्त विनोद दूहन ने कहा कि मानवता को आगे बढ़ाने के लिए नारी को पहले सशक्त करना होगा। बिना नारी को सशक्त किए हुए मानवता का कल्याण नहीं होगा। साथ हीं नारी को अपनी पहचान खुद बनाना होगा। नारी को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाएं चल रही है। उन योजनाओं को लाभ उठानी चाहिए। यह बात  उन्होंने कहा कि महिलाएं धरती से लेकर आकाश और सैन्य युद्ध से लेकर जहाज उड़ाने तक कार्य कर रही है। उनसे प्रेरणा लेने की जरूरत है। डीडीसी मौजूद महिला जनसमूह को आह्वान किया कि यहां की बातों को समाज के अंतिम पायदान पर रहने वाली प्रत्येक घर की महिलाएं तक पहुंचाएं।            

डीपीओ आईसीडीएस ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हर समाज और हर वर्ग की महिलाओं की उपस्थिति सशक्ति को परिलक्षित करता है। महिलाओं की उन्नति और विकास पूर्णरूपेण तभी होगा जब महिलाओं के लिए विशेष रूप से दिवस आयोजित करने एवं उनके महत्व को बताने की आवश्यकता न पड़े।

    जिलाधिकारी महोदय  की धर्मपत्नी नेहा जी ने अपने संबोधन में महिलाओं से हुई मुलाकात पर खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें खुद के लिए समय निकलने और उनके आसपास की अन्य महिलाओं के लिए तहेदिल से सकारात्मक कार्य करने का अनुरोध किया।

            मौके पर महिला हेल्पलाइन की आरती कुमारी,  डीपीएम श्री गौस,सिविल सर्जन डॉ.राजीव रंजन, जिला स्वास्थ्य समिति की डीपीएम निलेश, डीपीएम जीविका,  डॉक्टर मधुबाला, महिला थानाध्यक्ष मधु कुमारी तथा अन्य लोग उपस्थित थे । इस अवसर पर मंच संचालन सीडीपीओ कोंच,श्रीमती मंजू ने किया।

प्रशानिक व्यस्तताओं के कारण जिला पदाधिकारी कार्यक्रम में स्वयं उपस्थित नहीं हो पाए परंतु सम्पूर्ण कार्यक्रम उनके दिशानिर्देशों के अनुसार हुआ। जिलाधिकारी ने अपनी ओर से भेजे संदेश में सभी पदाधिकारी और लोंगों से महिलाओं से जुड़ी सरकार की योजनाओं को पूरी तरह से धरातल पर लाने हेतु अनुरोध किया, विशेषकर समाज सुधार अभियान के अंतर्गत आने वाले कार्यों को पूर्ण मनोयोग से करने का आह्वान किया ताकि विभिन्न कुरीतियों से हमे पूर्ण निजात मिले । जिला पदाधिकारी द्वारा  हस्ताक्षरित शुभकामना संदेश और सम्मान पत्र विभिन्न पदाधिकारी और छात्राओं के बीच वितरित किए गए।                        

            विशेष वक्ता के रूप मे डॉक्टर मधुबाला ने कई तकनीकी जानकारी और आकड़ों से युक्त महिला सशक्तिकरण पर अपना संबोधन सबके समक्ष रखा। 


बिहार की गाथा से अभिभूत दिखा मंच


अलग-अलग कलाकारों ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मंच पर बिटिया के जन्मोत्सव को प्रदर्शित की। उसके बाद बिहार की गौरव गाथा जैसे होली और छठ पूजा को गीत और संगीत के माध्यम से प्रदर्शित की गई। इसे उत्पस्थित महिलाओं ने करतल ध्वनि से उन कलाकारों को हौंसला बढ़ाया। नारी तू नारायणी, बिहार गौरव गान और बालिका जन्मोत्सव की प्रस्तुति ने समा बांधा।बेटी जन्मोत्सव की शानदार प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध किया।

              निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अर्चना सोनाली, द्वितीय करिश्मा कुमारी, तृतीय रोशनी कुमारी, चतुर्थ सुरभि कुमारी एवं पंचम स्थान नीलम कुमारी को मिला। 

              चित्रांकन में प्रथम रीता कुमारी, द्वितीय रोशनी कुमारी, तृतीय रानी कुमारी, चतुर्थ पूनम कुमारी,पंचम सौम्या शेखर को अतिथियों ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। 

              बाल विवाह, दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाएं जिन्होंने जोरदार आवाज उठाया है, उनमें अर्चना देवी, पूजा कुमारी, रूबी देवी, पुष्पा कुमारी, संगीता कुमारी, रेखा देवी तथा गुड़िया देवी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। आईसीडीएस की सीडीपीओ एवं अन्य महिलाओं को भी शुभकामना पत्र दिया गया।

              10वीं बोर्ड की परीक्षा में जिला में टॉप अंक प्राप्त करने वाले सदानंद उच्च विद्यालय सुलेबट्टा की स्नेहा कुमारी, आरआर अशोक उच्च विद्यालय खरखुरा के संगीता कुमारी, उच्च विद्यालय डोभी के अर्चना कुमारी एवं इंटरमीडिएट में कला संकाय में उच्च स्थान प्राप्त करने वाले मिर्जागलिब कॉलेज के सिमरन परवीन, वाणिज्य संकाय में गया कॉलेज के मुस्कान सिन्हा एवं विज्ञान संकाय में गया कॉलेज के सेजल कुमारी को प्रशस्ति पत्र तथा मोमेंटो देकर इन सभी सम्मानित किया गया।

              कार्यक्रम में कई प्रखण्डों से बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिकाएं, प्रखण्ड समन्वयक, आंगनवाड़ी सेविकाएँ, आशा, जीविका दीदियाँ, स्कूली छात्राएं, शिक्षिका और अन्य महिलाएं भी उपस्थित रहीं।


आलोक कुमार


तत्कालीन आवास सहायक द्वारा आवेदक को इंदिरा आवास का लाभ नहीं दिया

  


गया।  ’लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 द्वितीय अपील के तहत ज़िला पदाधिकारी, गया डॉ० त्यागराजन एसएम द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मामलों की सुनवाई की गई।’  

             कलावती देवी, आमस द्वारा बताया गया की इंदिरा आवास योजना का लाभ नहीं दिए जाने के संबंध में शिकायत दर्ज किया गया था। आज सुनवाई में बीडीओ, आमस द्वारा बताया गया की आवेदक इंदिरा आवास के लिए योग्य हैं परंतु तत्कालीन आवास सहायक द्वारा आवेदक को इंदिरा आवास का लाभ नहीं दिया गया है। इस संबंध में जिलाधिकारी ने बीडीओ को आवास सहायक को चिन्हित कर कार्रवाई करने के लिए प्रस्ताव उपलब्ध कर उप विकास आयुक्त को भेजना का निर्देश दिया।

             भीम राम, गुरारू ने बताया की भूमि विक्रेता द्वारा भूमि की रजिस्ट्री कराने के लिए अग्रिम राशि की मांग की गई थी। परंतु रजिस्ट्री के समय ज्ञात हुआ कि उक्त भूमि रेलवे परियोजना में चले जाने के कारण रजिस्ट्री नहीं हो सकती है। तत्पश्चात भूमि विक्रेता से दिए गए अग्रिम राशि को वापस मांगे जाने पर टाल मटोल किया जा रहा है, जिस पर आवेदक द्वारा गुरारू थाना में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया गया परंतु थानाध्यक्ष द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं किया जा रहा है। आज सुनवाई में जिलाधिकारी ने थानाध्यक्ष को आवेदक में आवेदन के आधार पर संबंधित के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिया।

             कैलाश यादव, वजीरगंज द्वारा बताया गया की सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण को बताने के संबंध में शिकायत दर्ज की गई थी, जिसमे जिलाधिकारी द्वारा अंचलाधिकारी को अतिक्रमण 15 दिनों में हटाने का निर्देश दिया गया।


आलोक कुमार

शनिवार, 11 मार्च 2023

जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों के साथ की बैठक

नहर नदी के तटबंधों के ऊपर तथा रिवर साइड एवं कंट्री साइड स्लोप पर वृक्षारोपण नहीं किया जाना है। नहर के बाहरी स्लोप के बाद समतल जमीन पर तीन-चार फीट की दूरी छोड़कर वृक्षारोपण किया जाना है। प्रत्येक 50 मीटर की लंबाई में वृक्षारोपण के उपरांत 10 मीटर का गैप आवागमन के लिए दिया जाना है।

*नदी एवं नहर तटबन्ध के चाट लैंड में वृक्षारोपण किया जाएगा।स्थानीय सर्वेक्षण कर स्थल चयन के लिए वन विभाग के रेंजर, बाढ़ नियंत्रण के सहायक अभियंता एवं संबंधित अंचलाधिकारियों के गठित दल द्वारा वृक्षारोपण के लिए चिन्हित किया गया स्थल।संबंधित अंचलाधिकारियों को वृक्षारोपण के लिए चिन्हित जमीन की विवरणी एक सप्ताह में वन विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश।आगे की कार्रवाई को लेकर जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों के साथ की बैठक...


नालंदा। जलवायु संरक्षण के लिए वृक्षारोपण आवश्यक है। जल जीवन हरियाली अभियान के अंतर्गत भी वन भूमि का आच्छादन बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित है।इस उद्देश्य से नदी एवं नहर तटबंध के चाट लैंड पर वृक्षारोपण किया जाएगा।राज्य स्तर पर भी इस उद्देश्य को लेकर विकास आयुक्त की अध्यक्षता में जनवरी माह में बैठक आहूत की गई। विचार विमर्श के उपरांत नहर/नदी तटबंध के चाटलैंड पर वृक्षारोपण के लिए मानक प्रक्रिया का निर्धारण किया गया है।

      नदी तटबंध के कंट्री साइड स्लोप में टो से 20 फीट की दूरी तथा रिवर साइड में 10 फीट की दूरी तक के क्षेत्र को वृक्षारोपण से मुक्त रखा जाएगा।वृक्षारोपण के लिए ऐसी प्रजाति के पौधों का चयन किया जाएगा जिसकी परिपक्वता अवधि कम हो तथा जड़ों का फैलाव ज्यादा नहीं हो। यथा- शीशम, गमहार, सागवान, सेमल, कदंब, करंज, आंवला, सहजन, बांस, बबूल, बेर, अर्जुन, जामुन आदि।रिवर साइड में यथासंभव बांस का पौधा लगाया जाएगा ताकि कटाव में कमी आ सके।निर्धारित मानक के अनुरूप स्थानीय सर्वेक्षण कर नदी एवं नहर के ऐसे तटबंध के भाग को वृक्षारोपण के लिए चिन्हित किया जाएगा।नालंदा जिला में वृक्षारोपण के लिए उपयुक्त स्थल के निर्धारण एवं आगे की कार्रवाई को लेकर जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में शुक्रवार संध्या में संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक आहूत की गई।

        इस संबंध में विगत माह में आयोजित बैठक में दिए गए निर्देश के आलोक में गठित दलों द्वारा संबंधित अंचल क्षेत्रों में वृक्षारोपण के लिए भूमि चिन्हित किया गया है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अंचलाधिकारियों को चिन्हित जमीन की विवरणी वन विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

     जिला में प्रथम चरण में बिहारशरीफ में पंचाने नदी के किनारे कोशुक से वन प्रमंडल पदाधिकारी के कार्यालय तक का क्षेत्र, गिरियक प्रखंड में पंचाने नदी के किनारे का भाग तथा अस्थावां प्रखंड में विभिन्न नदियों के तटबंध के किनारे के भाग में स्थानीय सर्वेक्षण के आधार पर वृक्षारोपण के लिए उपयुक्त चिन्हित स्थल पर वृक्षारोपण किया जाएगा।

        इस सर्वेक्षण कार्य के लिए वन विभाग के एक रेंजर, बाढ़ नियंत्रण के एक सहायक अभियंता तथा संबंधित अंचल अधिकारी को शामिल करते हुए तीनों अंचलों के लिए अलग-अलग टीम का गठन जिलाधिकारी द्वारा किया गया था। इस टीम द्वारा अपने निर्धारित क्षेत्र में स्थल सर्वेक्षण कर निर्धारित मानक के अनुरूप वृक्षारोपण के लिए उपयुक्त स्थल को चिन्हित कर सूचीबद्ध किया गया है, जिसकी विवरणी वन विभाग को उपलब्ध कराने को कहा गया।

       वृक्षारोपण एवं इससे संबंधित आंकड़ों का संधारण तथा रखरखाव का कार्य पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा किया जाएगा।बैठक में उप विकास आयुक्त, वन प्रमंडल पदाधिकारी, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के अभियंता, सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, डीपीएम जीविका, अंचलाधिकारी बिहारशरीफ, गिरियक एवं सिलाव आदि उपस्थित थे।


आलोक कुमार 

56 विभिन्न योजनाओं के लिए प्रशासनिक स्वीकृति

  


नालंदा। आज जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर द्वारा नालंदा सांसद श्री कौशलेंद्र कुमार की उपस्थिति में सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत ली गई योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।

    वर्तमान 17 वीं लोकसभा की अवधि में सांसद श्री कौशलेंद्र कुमार के सांसद निधि से लगभग 3.65 करोड़ लागत की 56 विभिन्न योजनाओं के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हुई।इनमें से अबतक 34 योजनाओं का कार्य पूर्ण किया गया तथा 21 योजनाओं का कार्य अपूर्ण/प्रक्रियाधीन है, जबकि एक योजना सांसद की सहमति से रद्द किया गया है।

    जिलाधिकारी ने सभी अपूर्ण/प्रक्रियाधीन योजनाओं का कार्य उच्च प्राथमिकता से पूर्ण कराने का निर्देश स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के कार्यपालक अभियंता को दिया।योजनाओं का कार्य पूर्ण होने के उपरांत सांसद को संसूचित कर योजना का उद्घाटन  कराने की व्यवस्था का दृढ़ता से अनुपालन सुनिश्चित करने का निदेश कार्यकारी एजेंसी के अभियंताओं को दिया गया।

     सांसद द्वारा अनुशंसा/सहमति प्राप्त सभी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए प्राक्कलन तैयार करने आदि का कार्य एक सप्ताह के अंतर्गत निश्चित कराते हुए योजना कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।जिला योजना पदाधिकारी को सांसद निधि की योजनाओं के क्रियान्वयन में जमीन से संबंधित समस्या को सूचीबद्ध कर जिला स्तरीय समन्वय की बैठक में संज्ञान में लाने को कहा गया।

    सांसद निधि से अनुशंसित शव वाहन, एम्बुलेंस, नगर निकायों के लिए पानी टैंकर आदि की योजनाओं के सबंध में नियमानुसार जेम पोर्टल के माध्यम से क्रय की प्रक्रिया को पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला योजना पदाधिकारी, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के कार्यपालक अभियंता/सहायक अभियंता/कनीय अभियंता आदि उपस्थित थे।


आलोक कुमार

शुक्रवार, 10 मार्च 2023

रैली-महाधिवेशन के संदेश को व्यापक जनता के बीच ले जाने का निर्णय

  *23 मार्च से 22 अप्रैल तक भाकपा-माले का ‘लोकतंत्र बचाओ जनसंवाद‘


* रैली-महाधिवेशन के संदेश को व्यापक जनता के बीच ले जाने का निर्णय



पटना. 15 फरवरी की ऐतिहासिक गांधी मैदान की रैली और सफल महाधिवेशन के उपरांत विगत दिनों भाकपा माले की राज्य कमेटी की बैठक संपन्न हुई. 

राज्य कमेटी की बैठक के हवाले से माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि रैली और महाधिवेशन के संदेश को व्यापक जनता के बीच ले जाने के लिए पार्टी की ओर से 23 मार्च से लेकर 22 अप्रैल तक ’लोकतंत्र बचाओ जनसंवाद’ का आयोजन किया जाएगा. 

उन्होंने कहा कि जनसंवाद के दौरान 23 मार्च (भगत सिंह शहादत दिवस) और 14 अप्रैल (डॉ. अंबेडकर की जयंती)  के अवसर पर पूरे राज्य में कार्यक्रम होंगे. सिवान में 31 मार्च का. चंद्रशेखर के शहादत दिवस के अवसर पर गांव-गांव में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. 

जनसंवाद के तहत गांव - गांव में सघन बैठक व पदयात्रा आयोजित होगी और जन सवालों को सूत्रबद्ध करके उन पर आंदोलन आदि के कार्यक्रम किए जाएंगे. 

जनसंवाद के कार्यक्रम को प्रमुख विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों में सघन रूप से चलाया जाएगा. कार्यक्रमों में सभी विधायक अपने- अपने इलाक़ों में मौजूद रहेंगे. 

उन्होंने कहा कि 20 वर्षों बाद पटना में दुबारा आयोजित महाधिवेशन और रैली अपनी विशालता व भव्यता के लिए लंबे समय तक याद की जाएगी. फासीवाद के वर्तमान बढ़े हुए हमले के दौर में इसने देश में चल रहे फासीवाद विरोधी संघर्षों को नई ताकत दी है और भाकपा (माले) को संघर्ष के एक मजबूत केंद्र के बतौर स्थापित किया है. 

रैली में मानदेय कर्मियों सहित विभिन्न किस्म के संघर्षों में शामिल तबकों, सरकार द्वारा उजाड़े गए गरीबदृगुरबों, बुद्धिजीवियों व शहरी मध्य वर्ग के लोगों की जबरदस्त भागीदारी थी. इस संदेश को गांव - गांव ले जाने के लिए ही जनसंवाद का कार्यक्रम हो रहा है. 

भाजपा जहां अन्य राज्यों में चुनी हुई सरकार को बेदखल कर सत्ता हथियाई रही है, वहीं इसके विपरीत बिहार में भाजपा को सत्ता से बेदखल कर दिया गया. इसकी चर्चा बिहार मॉडल के रूप में हो रही है.  बिहार मॉडल महज महागठबंधन की सरकार बनाकर भाजपा को सत्ता से बाहर करना भर नहीं है. बिहार मॉडल जन आंदोलनों का मॉडल है. 

एआईपीएफ (ऑल इंडिया पीपुल्स फोरम) और वकीलों के संगठन आईलाज (ऑल इंडिया लायर्स एसोसिएशन फॉर जस्टिस) का राज्य ढांचा गठित करने का भी निर्णय लिया गया.  इंसाफ मंच का राज्य सम्मेलन करने और आदिवासी संघर्ष मोर्चा गठित करने पर भी चर्चा हुई.



आलोक कुमार

महागठबंधन सरकार को अस्थिर व बदनाम करने की लगातार कोशिश

  बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी सहित राजद नेताओं पर छापा राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित: माले


पटना.भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री    राबड़ी देवी के आवास पर विगत 7 मार्च और आज सुबह से ही दिल्ली सहित राजद नेताओं के अन्य ठिकानों पर जारी सीबीआई का छापा विशुद्ध रूप से राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है. हमारी पार्टी सीबीआई-ईडी के जरिए भाजपा द्वारा विपक्ष को आतंकित करने की इस तरह की कार्रवाइयों की निंदा करती है.

   


उन्होंने कहा कि बिहार में जब से भाजपा सरकार से बाहर हुई है, वह महागठबंधन सरकार को अस्थिर व बदनाम करने की लगातार कोशिशें कर रही हैं. हाल ही में तमिलनाडु में हिन्दी पट्टी के प्रवासी मजदूरों की हत्या की झूठी खबरों को प्रचारित-प्रसारित करने के पीछे भी भाजपाइयों का ही हाथ था. और यही भाजपाई बिहार विधानसभा के अंदर प्रवासी मजदूरों के पक्ष में बड़ी-बड़ी बातें बोल रहे थे. जबकि हमने केंद्र सरकार से बार-बार प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग करते रहे हैं, जिसे भाजपा सरकार ठुकराती रही है.

उन्होंने आगे कहा कि नौकरी के बदले लालू प्रसाद व उनके परिवार को दिए गए तथाकथित जमीन घोटाले में सीबीआई अब तक कई बार छापा मार चुकी है, लेकिन उसके हाथ कुछ भी नहीं लगा है. इससे जाहिर होता है कि ये कार्रवाइयां विशुद्ध रूप से भाजपा के इशारे पर की जा रही राजनीतिक कार्रवाइयां हैं.

      इसके पूर्व दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भी इसी तरह निशाना बनाया गया. देश अघोषित आपातकाल से गुजर रहा है. भाजपा के इस फासीवादी कुचक्र को तोड़ने के लिए विपक्ष की सभी ताकतों को मुस्तैद रहना होगा और एक व्यापक एकता का निर्माण करना होगा.


आलोक कुमार

गुरुवार, 9 मार्च 2023

गुलरवेद गांव में 3 लोगों की मृत्यु एवं 2 लोगों के घायल

 


गया. बुधवार की सुबह 8ः00 बजे बाराचट्टी के बुमेर पंचायत के गुलरवेद गांव में 3 लोगों की मृत्यु एवं 2 लोगों के घायल होने की सूचना प्राप्त हुई है.

घटना काफी दुखद है.घटना की सूचना प्राप्त होते ही स्थल पर टीम भेजा गया.ग्रामीणों का आरोप है कि आर्मी के फायरिंग अभ्यास के दौरान गोला गिरने से ऐसी घटना घटित हुई है.

    घटना के वास्तविक जांच के लिए ज़िला पदाधिकारी ने फॉरेंसिक टीम सहित पांच उच्च स्तरीय टीम का गठन किया गया है तथा तत्काल सभी प्रकार के फायरिंग अभ्यास को रोकने के लिए रांची अवस्थित रेंज आवंटन पदाधिकारी को अनुरोध किया गया.

     


तत्काल प्रभावित परिवार को पारिवारिक लाभ योजना एवं कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत लाभ दिया गया है और हर संभव सरकारी योजना से लाभ आच्छादित करने हेतु निर्देश दिया है.इलाजरत घायल लोगों के बेहतर इलाज हेतु मगध मेडिकल के अधीक्षक को निर्देश दिया गया.

       जिला पदाधिकारी ने स्वयं मगध मेडिकल अस्पताल पहुंचकर इमरजेंसी वार्ड में इलाजरत दोनों मरीजों से मिला एवं पूरी घटना की जानकारी लिया तथा उपस्थित मेडिकल स्टाफ को निर्देश दिया कि अपने निगरानी में इसका बेहतर उपचार करें. इसके पश्चात पोस्टमार्टम परिसर के समीप पहुंचकर मृत व्यक्ति के परिजनों से मुलाकात किया तथा पूरी विस्तार से घटना की जानकारी लिया.जिला पदाधिकारी ने आश्वस्त कराया कि प्रशासन की ओर से जनहित के लिए सभी आवश्यक कार्य करने के लिए गंभीर है. मृत व्यक्ति के परिजन को हर संभव सहायता भी दिया जाएगा.मृतक के परिजन ने बताया कि फायरिंग रेंज के बाहर में आकर गोला गिरा है, जिसके कारण उनके परिजन में 3 की मृत्यु एवं दो घायल हुए हैं.

         इस बीच बाराचट्टी विधायक ज्योति देवी ने प्रखंड क्षेत्र में मिलिट्री अभ्यास क्षेत्र में फायरिंग के दौरान हो रही घटनाओं के निदान एवं पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा है. विधायक ने मुख्यमंत्री को बताया कि बाराचट्टी प्रखंड के बुमेर एवं दिवनियां पंचायत के पहाड़ी और सुदूरवर्ती जंगलों की तराई वाले गांव गोही , खजुराइन,गुलरवेद, उपरैली गोही, कदल,बरसुदी,धनीवान अधिक प्रभावित है.

   

वैसे अभ्यास के लिए फायरिंग मिलिट्री जवानों द्वारा डोभी प्रखंड के त्रिलोकापूर से तोप के गोले छोड़े जाते हैं जो लगभग 20 किलोमीटर दूर गोही के बीच बेंगवा पहाड़ पर आकर गिरता है.लेकिन कभी-कभी गोला गिरने के निर्धारित स्थान से हटकर गोला घनी बसावट वाले गांव एवं अगल-बगल खेतों में गिर जाता है जिससे जन माल की क्षति होती है. 1973 के बाद से अब तक लगभग 3 दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.तथा कई मवेशी भी मौत के शिकार हो गए.

   विधायक ज्योति देवी ने मुख्यमंत्री से पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग करते हुए लिखी है कि आपदा राहत कोष से मृतक के परिजनों को मुआवजा दिया जाए. इनके बेसहारा बच्चों को सरकार द्वारा पढ़ाई की व्यवस्था की जाए. तथा घटना के कारण पर ध्यान देते हुए इसका निदान किया जाए. फायरिंग रेंज के अंदर जो बसावट के गांव जहां ग्रामीण निवास करते हैं एवं पालतू जानवर रहते हैं उनका सरकारी व्यवस्था से मुफ्त बीमा योजना तथा श्रम निबंधन के लिए शिविर लगा प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए.

   उन्होंने आगे कहा कि इस क्षेत्र में इस तरह की घटना आम हो चुकी है और आगे भी इस प्रकार की घटना नहीं होगी यह कहना मुश्किल है उन्हें आज तक कोई मुआवजा नहीं मिलता है इसलिए इन घटनाओं को भी आपदा से जोड़ा जाए और सुरक्षा के सभी मापदंडों का ख्याल रखा जाए.

   विधायक ज्योति देवी ने घटना का कारण बताते हुए लिखा है कि अभ्यास के दौरान छोड़े गए गोले का मिलिट्री पदाधिकारी द्वारा मूल्यांकन न किया जाना कि विस्फोट हुआ या नहीं, गोला गिरने का चयनित जगह को घेराबंदी का नहीं होना, फायरिंग के दौरान जंगल का फायरिंग रेंज आवागमन पर सुरक्षा की व्यवस्था नहीं करना, चयनित जगह को चिन्हित नहीं किया जाना, फायरिंग के दौरान मिलिट्री जवानों एवं पदाधिकारियों के द्वारा फायरिंग रेंज में पेट्रोलिंग न किया जाना.एवं ग्रामीणों के बीच जागरूकता के लिए प्रचार प्रसार नहीं करना बताया है.

आलोक कुमार

अंजाम देने वाले बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को तत्काल गिरफ्तार किया जाए

 


पटना.अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन ऐपवा ने बेगूसराय में 2 बच्चियों के साथ हुए सामूहिक बलात्कार की घटना की तीखी निंदा की है और मांग किया है कि घटना को अंजाम देने वाले बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को तत्काल गिरफ्तार किया जाए. बच्चियां बुरी तरह घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं. बच्चियों के बेहतर इलाज का इंतजाम किया जाना जरूरी है. चार अभियुक्तों में से पुलिस ने अभी सिर्फ दो को गिरफ्तार किया है. 

          ऐपवा, बिहार राज्य अध्यक्ष सरोज चौबे ने कहा है कि भाजपा-आरएसएस से जुड़ा बजरंग दल समाज में किस तरह का काम करता है, यह इस घटना से स्पष्ट है. कमजोर, दलित, अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति और महिलाओं के प्रति इनकी घृणा की यह अभिव्यक्ति है. इनके हिंसक घृणा अभियान में अब छोटी-छोटी बच्चियां भी चारे की तरह इस्तेमाल की जा रही हैं.

     भाकपा माले और ऐपवा की एक टीम ने  माले नेता  दिवाकर प्रसाद के नेतृत्व में घटना स्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवार से मुलाकात की है. टीम को पीड़ितों के परिजनों ने घटना की जानकारी दी और बताया कि दिन के लगभग 3बजे मध्य विद्यालय के कैम्पस में बच्चियां झूले पर खेल रही थीं, उसी समय उन्हें उठाकर बुरी तरह मारा पीटा और फिर बलात्कार किया गया. परिजनों ने आशंका व्यक्त की है कि पुलिस मामले को हल्का बनाने की कोशिश करेगी. ऐपवा ने मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार से मांग की है कि आरएसएस बजरंग दल जिस तरह पूरे बिहार में कहीं बलात्कार तो कहीं मॉबलींचिंग को अंजाम दे रहे हैं और समाज में घृणा और हिंसा फैला रहे हैं, ऐसी ताकतों के खिलाफ सख्ती से कानूनी कार्यवाही की जाए.

भारतीय महिला क्रिकेट टीम पिछले कुछ वर्षों में निरंतर प्रगति

नजरें 2026 में होने वाले ICC Women's T20 World Cup पर टिकी हैं भारतीय महिला क्रिकेट टीम पिछले कुछ वर्षों में निरंतर प्रगति के नए आयाम छू...