रविवार, 8 अक्टूबर 2023

मिलर हाई स्कूल के मैदान में यह समारोह 26 अक्टूबर को


26 अक्टूबर को होगा डा0 श्रीकृष्ण सिंह की जयंती समारोह

पटना। बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री स्व0 डा0 श्रीकृष्ण सिंह की जयंती समारोह 26 अक्टूबर, 2023 को आयोजित होगा। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के तत्वावधान में पटना स्थित मिलर हाई स्कूल के मैदान में यह समारोह आयोजित किया जायेगा।

   इस संदर्भ में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने आज अधिकारिक तौर पर तिथि की घोषणा की। इसके लिए प्रदेश भर से आये आयोजन समिति के प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश अध्यक्ष ने भारत सेवक समाज के सभागार में एक विस्तृत बैठक की, जिसमें डा0 श्रीकृष्ण सिंह जयंती समारोह के आयोजन से संबंधित पदाधिकारियों ने तैयारी के संदर्भ में अपने-अपने विचार रखें।

     आयोजन की तिथि को लेकर विचार-विमर्श किया गया। आज तैयारी समिति की पहली बैठक थी, जिसकी अध्यक्षता डा0 सिंह ने की। दशहरा पूजा की वजह खुले जगह की किल्लत के कारण इस जयंती को 21 अक्टूबर की जगह 26 अक्टूबर को रखनी पड़ी है।

      गौरतलब है कि बिहार कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व केन्द्रीय मंत्री डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह सन् 2000 से ही डा0 श्रीकृष्ण सिंह जयंती समारोह का आयोजन करते रहे है। यहाँ यह बताना जरूरी है कि तब डा0 सिंह विधान सभा में राजद के सदस्य थे और राज्य सरकार के मंत्री भी।

इस अवसर पर डा0 सिंह ने कहा कि बिहार के किसी महापुरूष की जयंती उतने भव्य तरीके से नहीं मनायी जाती है जितने भव्य तरीके से श्रीकृष्ण सिंह जयंती समारोह मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए गौरव की बात रही है कि बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री की जयंती समारोह में बड़ी संख्या में लोग दलगत भावना से ऊपर उठकर भाग लेते हैं और इसे भव्य और शानदार बनाते हैं। यह इस जयंती की खूबसुरती है।

आज की बैठक में पूर्व मंत्री वीणा शाही, कपिलदेव प्रसाद यादव, बंटी चौधरी, निर्मल वर्मा, राजेश राठौड़, डा0 विनोद शर्मा, सुमन कुमार मल्लिक, रीता सिंह, मंटन सिंह, इरशाद हुसैन, गोपाल शर्मा, अनिस कुमार सिंह, आशुतोष शर्मा, गप्पू राय,पप्पू सिंह, शशि कुमार राय, रतन सिंह, विजय कुमार मिट्ठू, सुधा मिश्रा, सुमन्त कुमार सिंह, धनंजय शर्मा, आलोक हर्ष,मोहन कुमार, चंदन सिंह, एवं दर्जनों अन्य नेता उपस्थित थे।  


आलोक कुमार 

शनिवार, 7 अक्टूबर 2023

लोगों की समस्याओं, शिकायतों से अवगत हुए जिलाधिकारी

 लोगों की समस्याओं, शिकायतों से अवगत हुए जिलाधिकारी

जिलाधिकारी के जनता दरबार में कई मामलों का ऑन-द-स्पॉट हुआ समाधान


बेतिया। पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी कार्यालय प्रकोष्ठ में आज पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जनता दरबार का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय ने लोगों की समस्याओं एवं शिकायतों को बारी-बारी से सुना।

    जनता दरबार में कई समस्याओं/शिकायतों का ऑन-द-स्पॉट समाधान कराया गया। साथ ही कई मामलों में संबंधित अधिकारियों को फोन कर समस्याओं का समाधान करने के लिए शीघ्र समुचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    जिलाधिकारी के जनता दरबार में कुल-90 मामले आये, जिसमें राजस्व शाखा के 40, आवास के 05, सामाजिक सुरक्षा के 05, आपूर्ति के 05, गृह रक्षा वाहिनी के 10 सहित अन्य विभागों से संबंधित मामले शामिल हैं। जिन मामलों का समाधान आज नहीं हो पाया, उसे संबंधित विभाग/अधिकारियों को भेजते हुए त्वरित गति से नियमानुकूल समाधान करने के लिए निर्देशित किया गया। 

आज के जनता दरबार में जिन लोगों द्वारा अपनी समस्याओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया, उनमें भागवत प्रसाद गुप्ता, प्रियात्मा कुमारी, ललिता देवी, कैफुल वारा, सलाउद्दीन अंसारी, नजरूल खातुन, संध्या जायसवाल, संजय कुमार, अजय कुमार श्रीवास्तव, छठु कुमार साह, मुस्तफा साह, संजीव अशोक, ललिता देवी, शिवशंकर सिंह, रामविलास साह, सुधांशु कुमार, सुरेन्द्र कुमार, मीना सिन्हा, मोनिका कुमारी आदि के नाम शामिल है।

       इस अवसर पर अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, श्री अनिल राय, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, श्री कुमार रविन्द्र, एसडीएम, बेतिया, श्री विनोद कुमार, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, श्री मनीष कुमार, निदेशक, डीआरडीए, श्री सुजीत बरनवाल, वरीय उप समाहर्ता, डॉ0 राजकुमार सिन्हा, श्रीमती बेबी कुमारी सहित अन्य जिलास्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।


आलोक कुमार 


शुक्रवार, 6 अक्टूबर 2023

पंचायत स्तरीय कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश

 


जिलाधिकारी ने रहुई में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों के साथ की बैठक । जन संवाद में प्रखंड से संबंधित बताई गई समस्याओं/आवश्यकताओं के आलोक में योजना को लेकर की गई चर्चा, संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को दिया गया आवश्यक दिशा निर्देश...

नालंदा।आज रहुई प्रखंड के देकपुरा एवं हुसैनपुर में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं आम लोगों द्वारा प्रखंड से संबंधित मुख्य समस्याओं/आवश्यकताओं के बारे में बताया गया।

     इन समस्याओं के समाधान तथा अन्य आवश्यकताओं से संबंधित योजनाओं की फिजिबिलिटी को लेकर जिलाधिकारी ने प्रखंड सभागार में जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक किया।

    सभी पात्र एवं वंचित लोगों का राशन कार्ड बने, इसके लिए अनुमंडल पदाधिकारी को कार्रवाई का निर्देश दिया गया। विद्युत संबंधित समस्याओं के निवारण के लिए विशेष शिविर लगाने का निर्देश कार्यपालक अभियंता विद्युत आपूर्ति ग्रामीण को दिया गया। विद्युत दोष के कारण बंद राजकीय नलकूपों के संदर्भ में तुरंत निकटतम ट्रांसफॉर्मर से कनेक्शन लेकर क्रियाशील करने का निर्देश कार्यपालक अभियंता लघु जल संसाधन विभाग को दिया गया। विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ोतरी के संदर्भ में कार्यपालक अभियंता विद्युत ग्रामीण द्वारा बताया गया कि ढिबरापर में नए पावर सब स्टेशन के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।जिलाधिकारी के स्तर  से विभाग को पुनः प्रस्ताव भेजा जाएगा।

    सभी पंचायत सरकार भवन में पंचायत स्तरीय कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश जिला पंचायत राज पदाधिकारी को दिया गया। इन कर्मियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति की व्यवस्था की जाएगी। पंचायत स्तर से देय सेवाएं पंचायत सरकार भवन से ही सुनिश्चित किया जाएगा।विभिन्न पथों के निर्माण/मरम्मती से संबंधित संज्ञान में लाये गए मामलों में पथ निर्माण विभाग एवं ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता को स्थल भ्रमण कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया।

       विभिन्न अन्य मांगों को लेकर संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को अग्रेतर कार्रवाई का निर्देश दिया गया।

   उच्च विद्यालयों की चारदीवारी के निर्माण के लिए मनरेगा के माध्यम से कार्रवाई की जायेगी। मध्य विद्यालय उतरनामा के जर्जर भवन के जीर्णोद्धार के लिए कार्रवाई का निर्देश दिया गया।

   इतासंग भदवा में पंचायत सरकार भवन के निर्माण के लिए जमीन का प्रस्ताव भेजने  का निर्देश अंचलाधिकारी को दिया गया।

      बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्त्ता, अनुमंडल पदाधिकारी बिहारशरीफ, जिला पंचायत राज पदाधिकारी,विभिन्न संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं स्थानीय जन प्रतिनिधिगण एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।



आलोक कुमार

महादलित टोला स्थित नवनिर्मित सामुदायिक भवन का निरीक्षण किया

 

नालंदा। इस जिले के जिलाधिकारी ने रहुई में अमृत सरोवर, अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई , अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अम्बा एवं अम्बा महादलित टोला में नवनिर्मित सामुदायिक भवन का  निरीक्षण किया। अम्बा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक की नियमित उपस्थिति एवं आयुष्मान भारत कार्ड के लिए कैंप लगाने का निर्देश दिया।

    रहुई प्रखंड में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के उपरांत आज जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने प्रखंड के अम्बा पंचायत स्थित अमृत सरोवर, अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं महादलित टोला स्थित नवनिर्मित सामुदायिक भवन का निरीक्षण किया।

अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई को सुचारू रूप से चलाने का निर्देश दिया गया। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अम्बा में चिकित्सक एवं कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इस केंद्र पर आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विशेष कैंप लगाने को कहा गया।

     अम्बा पंचायत के महादलित टोला में नवनिर्मित सामुदायिक भवन सह वर्क शेड के निरीक्षण के क्रम में उन्होंने भवन निर्माण की गुणवत्ता पर अप्रसन्नता व्यक्त किया तथा इसकी जाँच भवन प्रमंडल के अभियंता से कराने का निर्देश दिया। निरीक्षण के क्रम में उप विकास आयुक्त सहित अन्य स्थानीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

आलोक कुमार

इंडिया गठबन्धन बनने के बाद से ही भाजपा के बोल बिगड़े


 राम और रावण की उल्टी पहचान कर रही है भाजपा : डॉ. अखिलेश  

पटना।बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने भाजपा के द्वारा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के बारे में की गई अभद्र टिप्पणी के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। डा0 सिंह ने कहा कि जिसके पैर के नीचे से जमीन खिसकने लगती है उसका मानसिक संतुलन बिगड़ने लगता है। फिर आदमी प्रलाप करने लगता है भाजपा वही कर रही है। 

बिहार कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इंडिया गठबन्धन बनने के बाद से ही भाजपा के बोल बिगड़े हुए हैं। दरअसल भाजपा और पूरा संघ कुनवा बौद्धिक दिवालियेपन का शिकार हो गयी है। ये राम और रावण में फर्क करना भी भूल गये हैं। इसलिए नाथूराम गोडसे की पूजा करते हैं और महात्मा गांधी की भत्सना करते हैं। जिस महात्मा ने जीवन भर रघुपति राघव राजा राम प्रार्थना गाया हो और अंतिम साँस हे राम बोलकर ली हो, ऐसे राम भक्त के हत्यारे को पूज कर भाजपा यह साबित कर रही है कि वे गोडसे को राम मानते हैं । सत्ता के अहंकार में भाजपा नेताओं की मति भ्रष्ट हो गयी है और उनकी दृष्टि क्षीण हो गयी है इसलिए वे रावण और राम की उल्टी पहचान कर रहे हैं। 2024 के चुनाव में जनता उनका दिमाग ठीक कर देगी और दृष्टि भी दुरूस्त हो जाएगी। 

      उधर प्रदेश कांग्रेस ने अपने प्रिय नेता के बारे में भाजपा के द्वारा की गई  अनर्गल टिप्पणी के खिलाफ पटना के जे0पी0 गोलम्बर से गाँधी मैदान स्थित गाँधी प्रतिमा तक विरोध प्रदर्शन मार्च निकाला जिसमें बड़ी तादाद में पार्टी नेताओं और कार्यकत्र्ताओं ने हिस्सा लिया। पार्टी का झंडा लहरा कर कांग्रेसियों ने भाजपा और मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 

        भाजपा के खिलाफ इस विरोध प्रदर्शन में जिन नेताओं ने भाग लिया उनमें पूर्व मंत्री कृपा नाथ पाठक, ब्रजेश पाण्डेय, निर्मल वर्मा, बंटी चौधरी, लाल बाबू लाल, कपिलदेव प्रसाद यादव, ब्रजेश प्रसाद मुनन, राजेश राठौड़, डा0 विनोद शर्मा, मिन्नत रहमानी, आनन्द माधव, डा0 संजय यादव, धनन्जय शर्मा, चन्द्र प्रकाश सिंह, सुमन कुमार मल्लिक, अनुराग चन्दन,आदित्य कुमार पासवान, सिद्धार्थ क्षत्रिय, शशिकांत तिवारी, राजेश मिश्रा, रवि गोल्डेन, उदय शंकर पटेल, मृणाल अनामय, सुनील कुमार सिंह, मिथिलेश शर्मा मधुकर, दौलत इमाम, दुर्गा प्रसाद, कुन्दन गुप्ता, मनजीत आनंद साहू, विमलेश तिवारी, निधि पाण्डेय, शारीफ रंगरेज, संतोष श्रीवास्तव, वसी अख्तर, सुनील कुमार, वेंकटेश शर्मा, अबू तमीम, विशाल झा, कमलेश सिंह आदि शामिल थे।

आलोक कुमार

अनिश्चितकालीन 29 सितंबर से हड़ताल जारी

 


पटना। बिहार राज्य आंगनबाड़ी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले अनिश्चितकालीन 29 सितंबर से हड़ताल जारी है। आज गुरूवार को सातवां दिन है। इस ओर सरकार के द्वारा वादाखिलाफी की जा रही है।

    विदित हो कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान महागठबंधन द्वारा अपने घोषणा पत्र में सरकार बनने पर आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के मानदेय को दुगना करने का वादा किया गया था, साथ ही साथ माननीय तेजस्वी यादव जी द्वारा लगभग अधिकांश चुनावी सभा में भी इस आशय का आश्वासन दिया गया था।

     मानदेय दुगना करने की बात तो छोड़ दिया जाए अभी तक प्रतिनिधि मंडल से मिलने तक का कष्ट नहीं किया गया। ज्ञातव्य है की वर्तमान वर्ष में जनवरी माह से मार्च माह के बीच लगातार तीन महीने तक संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में आहूत चरणबद्ध आंदोलन के दरम्यान निदेशक आईसीडीएस एवं प्रधान सचिव समाज कल्याण विभाग के द्वारा दिए गए आश्वासन पर भरोसा करते हुए संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा चरणबद्ध आंदोलन के अंतिम चरण का राज्यव्यापी विशाल प्रदर्शन को स्थगित कर दिया गया था।

     तीन महीने बाद 26 जुलाई 2023 को जब संयुक्त संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल निदेशक से मिलकर सरकार द्वारा किए गए वायदे को पूरा करने की मांग की गई तो मानदेय राशि बढ़ाया जाना तो दूर अन्य जिन 8 मांगों पर सहमति बनी थी उसे भी घिसी पिटी बात कह कर टाल दिया गया, ऐसी स्थिति में संयुक्त संघर्ष समिति को विवश होकर हड़ताल में जाने का निर्णय लेना पड़ा।


मांगों:- 1. बिहार सरकार द्वारा अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि 10,000 सुनिश्चित किया जाए। 2.सुप्रीम कोर्ट का आदेश के आलोक में बिहार में भी ग्रेच्युटी भुगतान करना सुनिश्चित किया जाए। 3. केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारी का दर्जा देते हुए क्रमशः ग्रेड सी और ग्रेड डी में समायोजित किया जाए। जब तक सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त नहीं हो जाता है, तब तक सेविकाओं को 25000 एवं सहायिकाओं को 18,000 प्रतिमाह मानदेय राशि दी जाए। 4. योग्य सहायिका से सेविका में बहाली के लिए अतिरिक्त 10 बोनस अंक देने के प्रावधान को लागू किया जाए एवं सेविका से पर्यवेक्षिका तथा सेविका / सहायिका के रिक्त सभी पदों पर अभिलंब बहाली सुनिश्चित की जाए। 5. 16/05/2017 एवं 20 जुलाई 2022 के समझौते के आलोक में लंबित मांगों को लागू किया जाए।

 इस मांग को कुमारी रंजना संयुक्त संघर्ष समिति और प्रतिमा कुमारी का समर्थन प्राप्त है, तथा संगठन प्रमुखों का हस्ताक्षर कुमारी रंजना ,कुमारी गीता,  प्रतिमा कुमारी भी है।  

   बिहार राज्य आंगनबाड़ी संयुक्त संघर्ष समिति, पटना, बिहार।  कुमार विदेश्वर सिंह पत्रांक 17/23 1. माननीय मंत्री, समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार, पटना 2. श्रीमान मुख्य सचिव, बिहार सरकार, पटना 3. श्रीमान प्रधान सचिव, समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार, पटना निदेशक, आई. सी. डी. एस. पटना। 4. मीना कुमारी राज्य सचिव ,कुमारी गीता (प्रदेश प्रि सादर सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित अनीता भा मीना कुमारी दिनांक 20/09/2023 कुमारी रंजना संयुक्त संघर्ष समिति को प्राप्त समर्थन, तथा संगठन प्रमुखों का हस्ताक्षर  कुमारी रंजना कुमारी गीता कुमारी गीता प्र प्रतिमा कुमारी।


आलोक कुमार

गुरुवार, 5 अक्टूबर 2023

योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी दी

  विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में जानकारी दी गई


नालंदा। थरथरी प्रखण्ड में दूसरा जन संवाद कार्यक्रम अमेरा पंचायत स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय भतहर के मैदान  में आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य रूप से अमेरा, नारायणपुर, कचहरिया एवं जैतपुर पंचायत के लोग शामिल हुए।

       जिलाधिकारी ने कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। लघु वृत्तचित्र के माध्यम से विगत वर्षों में प्रखण्ड में किये गए विकास कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में जानकारी दी गई।

   पुलिस अधीक्षक ने डायल 112 तथा थाना में महिला हेल्प डेस्क के बारे में बताया गया।

   उप विकास आयुक्त द्वारा ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाओं के साथ साथ बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, कुशल युवा कार्यक्रम आदि के बारे में जानकारी दी गई।विभिन्न प्रकार की आपदा से संबंधित मुआवजा/अनुग्रह अनुदान के बारे में जानकारी दी गई। आपदा से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या  06112-233168 पर देने को कहा गया।

       
डीपीएम जीविका द्वारा जीविका समूहों के गठन, उनके आर्थिक उन्नयन एवं स्वावलंबन के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत किये जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी गई। जीविका समूह, ग्राम संगठन एवं संकुल के कार्यकलापों के बारे में विस्तार से बताया गया।

        सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग ने विभिन्न सामाजिक सुरक्षा  पेंशन एवं विभाग द्वारा संचालित अन्य योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी दी।उन्होंने विभाग द्वारा संचालित शांति कुटिर एवं सेवा कुटिर के बारे में भी बताया।

कृषि विभाग के पदाधिकारी द्वारा कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया गया। जैविक खेती के साथ साथ उर्वरक की उपलब्धता के बारे में भी बताया गया। लोगों को बताया गया कि उर्वरक से संबंधित समस्या के लिए जिला कृषि नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या 06112-231143 पर जानकारी दी जा सकती है। आकस्मिक फसल योजना के तहत वैकल्पिक फसलों के बारे में जानकारी दी गई।फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में किसानों को जागरूक किया गया।इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट की जानकारी दी गई।

      अपर समाहर्त्ता द्वारा भूमि एवं राजस्व विभाग के माध्यम से दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। ऑनलाइन दी जाने वाली सेवाओं के बारे में बताया गया। बताया गया कि जमीन से संबंधित अभिलेखों को सुरक्षित रखने हेतु सभी अंचल में आधुनिक अभिलेखागार बनाया गया है। भूमि विवाद से संबंधित मामलों को लेकर आवश्यक प्रावधानों एवं किये जा रहे कार्यों के बारे में बताया गया।

   स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने प्रखण्ड से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण आवश्यकताओं के बारे में जानकारी दिया।

    इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्त्ता, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड प्रमुख, जिला परिषद सदस्य, स्थानीय मुखिया गण, जीविका दीदियां , स्थानीय लोग आदि उपस्थित थे।

आलोक कुमार


आज थरथरी प्रखण्ड में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम

 


नालंदा। इस जिले के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने थरथरी प्रखण्ड अंतर्गत डोर नदी पर नवनिर्मित चेक डैम, जीविका दीदी की पौधशाला, प्रगतिशील  किसान के मत्स्य पालन एवं मधुमक्खी पालन का अवलोकन किया। इच्छुक प्रगतिशील किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाकर उनके व्यवसाय को वृहत स्वरूप देने के लिए कार्रवाई होगी।

    आज थरथरी प्रखण्ड में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के उपरांत जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने प्रखंड अंतर्गत डोर नदी पर बने चेक डैम का निरीक्षण किया। यह चेक डैम मुख्यमंत्री टाल विकास योजना के तहत डोर नदी पर चैनपुर में बनाया गया है। इसका निर्माण बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण कार्य प्रमंडल एकंगरसराय द्वारा लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है। इससे लगभग 6 हजार एकड़ में सिंचाई की जा रही है। निरीक्षण के क्रम में स्थानीय लोगों की मांग पर चेकडैम से पूर्व दिशा में स्थित पइन की उड़ाही कराने के लिए विभाग को योजना का प्रस्ताव भेजने का निदेश दिया गया।


चैनपुर में जिलाधिकारी ने जीविका दीदी सुशीला देवी द्वारा संचालित ‘दीदी की पौधशाला‘ का अवलोकन किया। जीविका दीदी ने बताया कि उनकी नर्सरी में तैयार पौधे वन विभाग एवं मनरेगा के तहत वृक्षारोपण के लिए लिया जा रहा है।

     क्षेत्र भ्रमण के क्रम में जिलाधिकारी ने चैनपुर के प्रगतिशील किसान मनीष कुमार के मत्स्य पालन एवं मधुमक्खी पालन का भी अवलोकन किया।श्री कुमार द्वारा राज्य सरकार की योजना का लाभ लेकर मत्स्य पालन का उद्योग स्थापित किया गया है। जिलाधिकारी ने उनके उत्पादन/व्यवसाय को बढ़ाने के लिए सरकार की अन्य उपयुक्त योजनाओं के तहत लाभान्वित करने का निर्देश दिया। मत्स्यपालन एवं मधुमक्खी पालन में बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए अन्य राज्यों के उपयुक्त स्थल पर भेजने की व्ययवस्था सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया।

    निरीक्षण के क्रम में उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी हिलसा, प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।


आलोक कुमार

बुधवार, 4 अक्टूबर 2023

उनकी सेवा में सुसमाचार के प्रचार के लिए हमेशा उत्साह

 

 वाटिकन। संत पिता फ्रांसिस ने बृहस्पतिवार को रांची के महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो एस. जे के नाम पर एक तार भेजते हुए पोप ने कहा, “कार्डिनल तेलेस्फोर टोप्पो, रांची के ससम्मान सेवानिवृत महाधर्माध्यक्ष के निधन की दुखद खबर सुनने के बाद, कृपया, मेरी हार्दिक संवेदना स्वीकार करें। मैं यह संवेदना महाधर्मप्रांत के पुरोहितों, धर्मसमाजियों एवं लोकधर्मियों के लिए भी प्रकट करता हूँ।”

संत पापा ने कार्डिनल टोप्पो की आत्मा को हमारे स्वर्गीय पिता की असीम करुणा को सौंप दिया तथा दुमका एवं रांची की स्थानीय कलीसियाओं में, एक समर्पित पुरोहित एवं धर्माध्यक्ष के रूप में उनकी प्रेरिताई को कृतज्ञतापूर्वक याद की।

भारत की विस्तृत कलीसिया एवं परमधर्मपीठ के लिए उनके सहयोग की याद करते हुए पोप ने कहा, “उनकी सेवा में सुसमाचार के प्रचार के लिए हमेशा उत्साह, पवित्र यूखरिस्त के प्रति भक्ति एवं गरीबों और जरूरतमंद लोगों के प्रति उदार प्रेरितिक चिंता रही है।”

   रांची के सेवानिवृत महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल तेलेस्फोर पी. टोप्पो का निधन

संत पापा ने पुनरूत्थान की दृढ़ आशा के साथ कार्डिनल तेलेस्फोर टोप्पो के निधन पर शोकित सभी लोगों को प्रभु में सांत्वना एवं शांति की प्रतिज्ञा के रूप में अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।  

   कार्डिनल टोप्पो का निधन 4 अक्टूबर को कॉन्स्टेंट लिवन्स अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर, माण्डर में हुआ। वे 84 साल के थे और काफी समय से बीमार चल रहे थे।


आलोक कुमार

कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो की निधन की खबर मिलते ही झारखंड समेत पूरे देश भर के ईसाई धर्मावलंबियों में शोक

 
रांची.एशिया के पहले आदिवासी बिशप कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो का निधन हो गया है.झारखंड की राजधानी रांची के मांडर के लिवंस हॉस्पिटल में मंगलवार को भर्ती कराए गये.यहां पर इलाज के दौरान बुधवार को उनका निधन हो गया. कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो के फेफड़ों में पानी भर जाने की वजह से उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया था, कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो की निधन की खबर मिलते ही झारखंड समेत पूरे देश भर के ईसाई धर्मावलंबियों में शोक की लहर दौड़ गई. वे 84 वर्ष के थे. 

  झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन,पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी , पूर्व मंत्री बंधु तिर्की समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के विधायक, सांसद एवं अन्य नेताओं वं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो के निधन पर शोक प्रकट किया.

  बताते चलें कि कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो का जन्म झारखंड के गुमला जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के झाड़गांव में 15 अक्टूबर 1939 में हुआ था. उनके पिता का नाम यह एंब्रोस टोप्पो और मां का नाम सोफिया खलखो था.कर्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो कुल 10 भाई बहन थे, जिसमें वे आठवें नंबर पर थे, स्विट्जरलैंड के बसेल में 8 मई 1969 को बिशप फ्रांसिस्कुस ने एक पुरोहित के रूप में तेलेस्फोर पी टोप्पो का अभिषेक किया. युवा पुरोहित के रूप में तेलेस्फोर पी टोप्पो भारत लौटे. यहां रांची से सटे तोरपा में संत जोसेफ स्कूल में पढ़ाने लगे. उन्हें स्कूल का कार्यवाहक प्राचार्य भी बना दिया गया.

   तेलेस्फोर पी टोप्पो ने 1976 में लीवंस बुलाहट केंद्र तोरपा की स्थापना की. वह इसके पहले रिसर्चर एंड डायरेक्टर बने. 8 जून वर्ष 1978 में संत पॉल छठवें ने कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो को दुमका में बिशप के रूप में नियुक्ति किया था.बिशप बनने के बाद उन्होंने ‘प्रभु का मार्ग तैयार करो’ को अपना आदर्श वाक्य चुना. 21 अक्टूबर 2003 को संत जॉन पॉल द्वितीय उन्हें कार्डिनल नियुक्त किया,तो उन्होंने रांची में एक महागिरजाघर की स्थापना का सपना देखा. बाद में उस सपने को पूरा भी किया. इसके अगले ही वर्ष यानी जनवरी 2004 में 2 साल के लिए उन्हें कैथोलिक बिशप कांफ्रेंस ऑफ इंडिया ( सीसीबीआई) का अध्यक्ष चुना गया था.

   वर्ष 2005 और 2013 के पॉप चुनाव में उन्होंने भाग लिया था.कैथोलिक कलीसिया के सबसे बड़े पद पर पहुंचने वाले वह एशिया के पहले आदिवासी बिशप थे.

   कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो का पार्थिव शरीर राजधानी रांची से 25 किलोमीटर दूर स्थित मांडर लिवेंस अस्पताल में रखा गया है. उनके अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए ईसाई समुदाय के लोगों के अलावा सिस्टर्स और फादर्स का भी तांता लगा रहा. मांडर के पल्ली पुरोहित फादर प्रसन्न तिर्की, फादर जॉन शैलेन्द्र टोप्पो, फादर नीलम तिडू, फादर एडविन, फादर एंटोनी ब्रूनो भी कार्डिनल को अंतिम विदाई देने पहुंचे. कॉन्स्टेंट लिवेन्स अस्पताल के निदेशक फादर जॉर्ज ने कार्डिनल की अंतिम यात्रा की व्यवस्था का ख्याल रखा है. बाद में कार्डिनल के पार्थिव शरीर को आईसीयू से अस्पताल के ऑडिटोरियम में शिफ्ट कर दिया गया. फादर जॉर्ज ने बताया कि बुधवार को रात भर कार्डिनल का पार्थिव शरीर लोगों के दर्शनार्थ ऑडिटोरियम में ही रहेगा. उसके बाद गुरुवार को विशेष प्रार्थना सभा के बाद उनके पार्थिव शरीर को रांची ले जाया जाएगा. अंतिम संस्कार मास शनिवार, 07 अक्टूबर, 2023 को दोपहर 2ः00 बजे सेंट मैरी कैथेड्रल रांची में मनाया जाएगा, जिसके बाद कार्डिनल तेलेस्फोर पी. टोप्पो के पार्थिव शरीर को कैथेड्रल में दफनाया जाएगा.


आलोक कुमार


फादर का इतना दोष है कि पुलिस स्टेशन (नैनी, प्रयागराज) पैरवी करने गए थे

 फादर सेबेस्टियन फ्रांसिस बाबू हिरासत में


फादर का इतना दोष है कि पुलिस स्टेशन (नैनी, प्रयागराज) पैरवी करने गए थे

गैरकानूनी धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 फादर बाबू के साथ अन्य पर लागू कर दिया गया

इसे खाकी वर्दी का कहर ही कहा जा सकता है

प्रयागराज. रविवार (1 अक्टूबर 2023) को फादर सेबेस्टियन फ्रांसिस बाबू को स्थानीय पुलिस स्टेशन (नैनी, प्रयागराज) में हिरासत में लिया गया था जब वह डायोसेसन डेवलपमेंट एंड वेलफेयर सोसाइटी (डीडीडब्ल्यूएस) के  नामक एक कर्मचारी के बारे में पूछताछ करने गए थे, जिसे पुलिस ने उनके घर से ले जाया था.

 दरअसल, विश्व हिंदू परिषद के सदस्य विभव नाथ नामक व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस एक निजी घर में प्रार्थना करने वाले पादरी की तलाश कर रही थी.पुलिस सुसाईराज (पादरी) की तलाश में पीटर पॉल के आवास पर गई (पीटर पॉल और सुसाई राज भाई हैं लेकिन अलग-अलग रहते हैं), जब वे नहीं मिले तो वे पीटर पॉल के भाई जौन (पीटर पॉल के सबसे बड़े भाई) को पुलिस स्टेशन ले गए.  ) उसे पुलिस से बचाने और यह समझने के लिए आया था कि उसे क्यों गिरफ्तार किया गया था, (वह एक अलग घर पर रहता है) उसे भी हिरासत में लिया गया था और माइकल सिल्वेस्टर जो पीटर पॉल के दामाद हैं, उन्हें भी पुलिस के साथ मुद्दों को समझने पर गिरफ्तार कर लिया गया था. पीटर पॉल की पत्नी सैंड्रा का नाम भी एफआईआर में दर्ज किया गया था क्योंकि वह अपने पति को बचाने के लिए पुलिस स्टेशन गई थी लेकिन जब शिकायतकर्ता के साथ तीखी बहस चल रही थी तो वह बाहर आ गई.

  तभी पीटर पॉल की पत्नी ने फादर फ्रांसिस

बाबू को फोन किया. मदद के लिए फादर सेबेस्टियन फ्रांसिस बाबू दोपहर करीब 12.30 बजे  पुलिस स्टेशन गया (स्कूल गेट पर लगे सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक). फादर सेबेस्टियन

फ्रांसिस बाबू भी हिरासत में लिया गया और शाम करीब चार बजे पांचों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी. फादर  थाने में रहने के दौरान बाबू किसी से संपर्क नहीं कर सका क्योंकि उसका फोन जब्त कर लिया गया था.यह हमारे लिए बहुत चिंता का विषय है क्योंकि उन पर धारा 295ए, 147, 307, 504, 506 आईपीसी और 3, 5(1) यूपी के तहत मामला दर्ज किया गया है. गैरकानूनी धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021. आज मजिस्ट्रेट कोर्ट मैं जमानत खारिज हो गई है. इसे कल सेशन कोर्ट में ले जाया जाएगा. हमें आशा है कि फादर बाबू और अन्य को जल्द से जल्द जमानत दी जाएगी."प्रभु तुम्हारे लिए लड़ेंगे; और तुम्हें केवल शांत रहना है" निर्गमन.14:14.

इस धारा को समझे जो लगाया है एफआईआर में

धारा 295 ए 

धारा 295ए भारतीय दण्ड संहिता की एक धारा है जिसमे जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्यों के लिए दंड का प्रावधान करती है, जिसका उद्देश्य किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना है.यह भारत में नफरत फैलाने वाले भाषण कानूनों में से एक है.

धारा 147 

भारतीय दंड संहिता की धारा 147 के अनुसार, जो कोई भी उपद्रव करने का दोषी होगा, तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास जिसे दो वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या आर्थिक दंड, या दोनों से दंडित किया जाएगा. यह एक जमानती, संज्ञेय अपराध है और किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है.यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है.

धारा 307 

धारा 307, "हत्या की कोशिश" के रूप में जानी जाती है और इसे गंभीर तथा संज्ञेय अपराध माना जाता है. इस धारा के तहत, यदि कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति की मृत्यु (हत्या) की कोशिश करता है, तो उसे धारा 307 के तहत दंडित किया जा सकता है. इसमें शारीरिक हमले के द्वारा किसी की जान को खतरा महसूस करने की आवश्यकता होती है.

धारा 504 क्यों लगाई जाती है?

"मात्र दुर्व्यवहार, असभ्यता, अशिष्टता या बदतमीजी, आईपीसी की धारा 504 के अर्थ में जानबूझकर अपमान का अपराध नहीं हो सकता है, यदि इसमें अपमानित व्यक्ति को शांति भंग करने के लिए उकसाने की संभावना का आवश्यक तत्व नहीं है और अभियुक्त का अन्य तत्व अपमानित व्यक्ति को शांति भंग करने के लिए उकसाने का इरादा रखता है या यह जानते हुए.

 “धारा 506- 

आपराधिक धमकी के लिए सजा - जो

कोई भी आपराधिक धमकी का अपराध करेगा, उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास की सजा दी जाएगी.जिसे दो साल तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा; यदि धमकी मृत्यु या गंभीर चोट आदि कारित करने के लिए हो - और यदि धमकी मृत्यु या गंभीर चोट पहुंचाने के लिए हो, या आग से ...

धारा 3,5(1)

(1) - जो कोई धारा 3, धारा 5 या धारा 5 के के उपबंधों का उल्लंघन करता है या उल्लंघन करने का प्रयास करता है या उल्लंघन करने के लिए दुष्प्रेरित करता है वह ऐसी अवधि के कठोर कारावास, जो अन्यून तीन वर्ष होगी और जो दस वर्ष तक हो सकती है, से, और ऐसे जुर्माना, जो अन्यून तीन लाख रुपये होगा और जो पाँच लाख रुपये तक हो सकता है..


आलोक कुमार 

भारतीय महिला क्रिकेट टीम पिछले कुछ वर्षों में निरंतर प्रगति

नजरें 2026 में होने वाले ICC Women's T20 World Cup पर टिकी हैं भारतीय महिला क्रिकेट टीम पिछले कुछ वर्षों में निरंतर प्रगति के नए आयाम छू...