मंगलवार, 1 जुलाई 2025

नवनियुक्त कोएड जुटर एलियास फ्रैंक हैं

 


पोप लियो 14वें ने धर्माध्यक्ष एलियस फ्रैंक को कलकत्ता महाधर्मप्रांत का नया सहायक महाधर्माध्यक्ष नियुक्त किया 

 नवनियुक्त कोएड जुटर एलियास फ्रैंक हैं

परमधर्मपीठीय उर्बानिया विश्वविद्यालय में कैनन लॉ में डॉक्टरेट की पढ़ाई की है

आसनसोल .यह बहुत ही कम लोगों के साथ होता है.कलकत्ता महाधर्मप्रांत विभक्त होने पर आसनसोल धर्मप्रांत में फादर एलियस फ्रैंक शामिल हो गये.फादर एलियस फ्रैंक को आसनसोल धर्मप्रांत के दूसरे धर्मप्रांत बनने का मौका मिला.अब कलकत्ता महाधर्मप्रांत के नये सहायक महाधर्माध्यक्ष कोएड जुटर नियुक्त हो गये.

    कलकत्ता महाधर्मप्रांत में 23 अप्रैल 1993 कांे फादर एलियस फ्रैंक का पुरोहिताभिषेक हुआ. इस बीच कलकत्ता महाधर्मप्रांत को विभक्त कर 1997 में आसनसोल धर्मप्रांत बनाया, तब वे इस नए धर्मप्रांत में शामिल हो गए.यह संयोग रहा कि वे असनसोल धर्मप्रांत का दूसरा धर्माध्यक्ष नियुक्त कर दिये गए. उनको 2023 में संत पापा फ्राँसिस ने धर्माध्यक्ष नियुक्त किये. अब वे कलकत्ता महाधर्मप्रांत में आ गये. वे केवल आए ही नहीं बल्कि कलकत्ता महाधर्मप्रांत का नया सहायक महाधर्माध्यक्ष नियुक्त कर दिए गये.पोप लियो 14वें ने 28 जून 2025 को कलकत्ता महाधर्मप्रांत का नया सहायक महाधर्माध्यक्ष नियुक्त कर दिये हैं.

    नवनियुक्त कलकता महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष के कोएड जुटर एलियास फ्रैंक का जन्म 15 अगस्त 1962 को मैंगलोर के बंटवाल धर्मप्रांत में हुआ था.बारासात में संत जॉन वियानी मेजर सेमिनरी में पढ़ाई के बाद, उन्होंने बैरकपुर के मॉर्निंग स्टार रीजनल सेमिनरी में दर्शनशास्त्र और रोम के परमधर्मपीठीय उर्बानिया विश्वविद्यालय में ईशशास्त्र का अध्ययन किया.23 अप्रैल 1993 को कलकत्ता महाधर्मप्रांत में उनका पुरोहिताभिषेक हुआ था.1997 में जब आसनसोल धर्मप्रांत  बना, तो वे इस नए धर्मप्रांत में शामिल हुए.

    अभिषेक के बाद सबसे पहले उन्होंने बर्दवान के सेक्रेड हार्ट पल्ली में सहायक पल्ली पुरोहित के रूप में कार्य किया (1993-1995 और 1996-1999) और बसिंडा के क्रिस्टो ज्योति पल्ली के पल्ली प्रशासक (1995-1996) की भूमिकाएँ निभाईं.उन्होंने कैनन लॉ में लाइसेंसिएट (1999-2001) और रोम के परमधर्मपीठीय उर्बानिया विश्वविद्यालय में न्यायशास्त्र में डिप्लोमा के लिए अध्ययन किया। दुर्गापुर में येसु की छोटी संत तेरेसा पल्ली के पल्ली प्रशासक (2002-2003) के रूप में सेवा करने के बाद उन्होंने परमधर्मपीठीय उर्बानिया विश्वविद्यालय (2003-2004) में कैनन लॉ में डॉक्टरेट की पढ़ाई की. उसके बाद बर्दवान में सेक्रेड हार्ट पल्ली के पल्ली पुरोहित और कलकत्ता के अंतर-धर्मप्रांतीय ट्रिब्यूनल में न्यायाधीश (2005-2006) और रोम के अलफोंसियानुम अकादमी में अतिथि प्रोफेसर (2020 से) रहे. उन्होंने दिव्य उपासना और संस्कारों के अनुशासन के लिए गठित विभाग के सलाहकार, विश्वास के सिद्धांत के लिए विभाग में विवाह मामलों के आयुक्त और रोम भिखारियेट के न्यायालय में बाहरी न्यायाधीश के रूप में भी काम किया है.


आलोक कुमार


कलकत्ता आर्चडायसिस के आर्चबिशप थॉमस डिसूजा हैं


 वाटिकन के नियमानुसार कलकत्ता आर्चडायसिस के आर्चबिशप थॉमस डिसूजा पद त्याग करेंगे

कलकत्ता. कलकत्ता आर्चडायसिस के आर्चबिशप थॉमस डिसूजा हैं.उनका जन्म तिथि 26 अगस्त, 1950 है.वाटिकन के नियम के अनुसार 75 वर्ष होने पर पद मुक्त हो जाना है.इसके आलोक में आर्चबिशप थॉमस डिसूजा ने पोप लियो 14 वें के पास पद मुक्त होने के लिए पत्र प्रेषित कर दिया है.जिसे बहुत जल्द ही स्वीकार कर लिया जाएगा.आग्रह स्वीकार होते ही आर्चबिशप थॉमस डिसूजा एमेरिटस हो जाएंगे.एमेरिटस एक सम्मानित शब्द है.जो विशिष्ट पद धारकों को दिया जाता है.

कलकत्ता आर्चडायसिस के आर्चबिशप थॉमस डिसूजा का पुरोहिताभिषेक 16 अप्रैल, 1977 को हुआ था. वे बागडोगरा, पश्चिम बंगाल, भारत के बिशप 14 जून, 1997 को नियुक्त हुए थे. उनका बिशप अभिषेक 25 जनवरी, 1998 को हुआ.उसके बाद कलकत्ता आर्चडायसिस के कोएड जुटर 12 मार्च, 2011 को मनोनीत हुए. मात्र 11 माह के बाद थॉमस डिसूजा कलकत्ता के आर्चबिशप 23 फरवरी, 2012 नियुक्त किया गया.इस पद पर 13 साल से हैं.

    एमेरिटस एक शब्द है जिसका उपयोग उन लोगों में किया जाता है जो किसी दिए गए संगठन में अपने कार्यों को समाप्त करने के बाद भी कुछ विशेष विशेषाधिकार प्राप्त करते हैं जो उनकी स्थिति के पूर्ण कार्यों में आनंद ले सकते हैं.सामान्य तौर पर, जिन लोगों को किसी संस्थान में एमेरिटस की उपाधि से सम्मानित किया जाता है, वे एक उत्कृष्ट पेशेवर करियर का प्रतिनिधित्व करते हैं और ज्ञान और सलाह के गढ़ का प्रतिनिधित्व करते हैं, इस बात पर जोर देना महत्वपूर्ण है कि इस प्रकार के शीर्षक आम तौर पर संगठनों में दिए जाते हैं वे एक विशिष्ट सिद्धांत जैसे कि ईसाई चर्च, सरकारी प्रशासनिक प्रणाली, कानून फर्म, आदि को आधार बनाते हैं.

आलोक कुमार


सोमवार, 30 जून 2025

आज उनका अंतिम संस्कार की सेवा



आज फादर अरोकिअम जॉन बोस्को का अंतिम विधि


एक्सटीटीआई चैपल में शाम 4ः00 बजे से मिस्सा


पटना.  शिक्षाविद फादर अरोकिअम जॉन बोस्को थे. आज कैथोलिक चर्च,न्यू आरा में मिस्सा अर्पित करने के बाद भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई.यहां पर फादर जॉन बोस्को ने एक शिक्षक के रूप में कैथोलिक हाई स्कूल, आरा में 2016-2018 तक कार्य सेवा निभाया.उसके बाद कैथोलिक मिडिल स्कूल, आरा में 2018-2025 तक प्रधानाध्यापक के रूप में कार्य किया.वे 63 वर्ष के थे.मृत्यु का कारण लंग्स फेलियोर यानी फेफड़ों का काम करना बंद करना बताया गया.यह एक गंभीर चिकित्सा स्थिति है जिसमें फेफड़े शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं दे पाते या कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर नहीं निकाल पाते.

   कैथोलिक हाई स्कूल और कैथोलिक मिडिल स्कूल आरा के साथ कैथोलिक चर्च,न्यू आरा में है. इसे जेसुइट सोसायटी के द्वारा संचालित है,यह क्षेत्र बक्सर धर्मप्रांत के अधीन है.इसके आलोक में बक्सर धर्मप्रांत की ओर से श्रद्धांजलि एवं मिस्सा किया गया.बक्सर धर्मप्रांत के बिशप डा. जेम्स शेखर ने मिस्सा अर्पित किया.अन्य पुरोहित ने फादर जॉन बोस्को की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित किये.

   बताते चले कि फादर अरोकिअम जॉन बोस्को का जन्म 27.5.1962 को तमिलनाडु में हुआ था.वे 15.7.1981 को जेसुइट में प्रवेश किये.उनका पुरोहिताभिषेक 30.12.1996 को अंतिम व्रत धारण 15.5.2005 में हुआ था.सोशियस से नौसिखिए मास्टर एक्सटीटीआई दीघा घाट, पटना में 1997-1998 तक थे.शिक्षक सेंट इग्नाटियस हाई स्कूल, औरंगाबाद में 1998-2001 तक थे. प्रधानाध्यापक आर आर हाई स्कूल, बरबीघा में 2003-2006 तक थे. उप प्राचार्य सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, बेतिया में 2006-2011 तक थे.निदेशक के.आर. कैंडिडेट्स हाउस में 2012-2015 तक थे.शिक्षक कैथोलिक हाई स्कूल, आरा में 2016-2018 तक थे.प्रधानाध्यापक कैथोलिक मिडिल स्कूल, आरा में 2018 -2025 मृत्युलोक तक थे.

   आज उनका अंतिम संस्कार की सेवा सोमवार, 30 जून को शाम 4ः00 बजे एक्सटीटीआई चैपल में शुरू होगी.


आलोक कुमार

आजतक मुंगेरी ग्राम नहीं बन सका

पटना . पटना नगर निगम के पाटलिपुत्र अंचल अंतर्गत वार्ड नम्बर-22 बी के कुर्जी मोहल्ला में रहने वाले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मुंगेरी लाल रहने वाले थे.बीमार पड़ने के बाद परिजनों ने मुंगेरी बाबू को कुर्जी होली फैमिली हाॅस्पीटल में भर्ती कराया.यहां पर इलाज के दरमियान दैनिक हिंदुस्तान और दैनिक जागरण में खबर प्रकाशित हुई.इस खबर से नीतीश सरकार के महकमे में हलचल मच गया.आनन फानन में नीतीश सरकार ने मुंगेरी बाबू को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली भेजने की व्यवस्था कर दी थी.कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल के वरीय चिकित्सक डा.एल.बी.सिंह साथ जाने वाले थे.इस बीच मुंगेरी बाबू की हालत खराब हो गयी और प्रभु के दरबार में चले गए.

     इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजनीतिक विवशता के कारण जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री पद संभालने के लिए दिए.उनके कार्यकाल में बिहार विधान परिषद में कुर्जी मोहल्ला को मुंगेरी ग्राम नामकरण करने का प्रस्ताव पारित किया गया.जो आजतक मुंगेरी ग्राम नहीं बन सका. कुर्जी मोहल्ला का नामकरण स्वतंत्रता सेनानी और राज्य के पूर्व मंत्री मुंगेरी लाल के नाम पर होगा.अब इसे मुंगेरी ग्राम के नाम से जाना जाएगा.मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शुक्रवार को विधान परिषद में इसकी घोषणा की. ध्यानाकर्षण के माध्यम से यह मांग सदस्य दिलीप कुमार चौधरी ने उठाई थी.

      परिषद में नेता प्रतिपक्ष सुशील कुमार मोदी ने भी इस मांग का समर्थन किया और मुख्यमंत्री से इसकी अपील की. रामवचन राय ने भी इसका समर्थन किया था. इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंगेरी लाल बड़े नेता थे और गरीबों के मसीहा थे.सदन और विपक्ष के नेता की भावनाओं को देखते हुए कुर्जी नामकरण मुंगेरी ग्राम करने की घोषणा करता हूं.

आलोक कुमार.

रविवार, 29 जून 2025

मुंगेरी लाल उच्च कोटि के स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक थे: राजेश

 स्व. मुंगेरी लाल जी की 24वीं पुण्यतिथि पर कांग्रेस नेताओं ने दी श्रद्धांजलि


पटना . बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष, स्वतंत्रता सेनानी स्व0 मुंगेरी लाल जी की 24वीं पुण्यतिथि पर आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, सदाकत आश्रम में उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण किया गया.

            इस अवसर पर बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि स्व0 मुंगेरी लाल उच्च कोटि के स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक थे। राज्य सरकार के मंत्री के रूप में उन्होंने दलितों के विकास की कई योजनाएँ चलायीं. पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने जो रिपोर्ट पेश की उसी के आधार पर आज तक बिहार में पिछड़ों एवं अति पिछड़ों के लिये आरक्षण की व्यवस्था है.

            इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम के अलावे कांग्रेस विधान परिषद दल के नेता डा0 मदन मोहन झा,अभय दूबे, डा0 अशोक कुमार, अवधेश कुमार सिंह, प्रेमचन्द्र मिश्रा, नरेन्द्र कुमार, राजेश राठौड, प्रमोद कुमार सिंह, जमाल अहमद भल्लू, ब्रजेश प्रसाद मुनन,अजय  चौधरी  ,सौरभ सिन्हा, नागेन्द्र कुमार विकल, असित नाथ तिवारी, स्नेहाशीष वर्द्धन पाण्डेय,ज्ञान रंजन, वैद्यनाथ शर्मा,अरविन्द लाल रजक, रौशन कुमार सिंह अश्विनी कुमार, रीता सिंह, उदय शंकर पटेल, संतोष श्रीवास्तव, शरीफ रंगरेज, वसीम अहमद, अखिलेश्वर सिंह, वसी अख्तर, दुर्गा प्रसाद , संजय कुमार भारती, सत्येन्द्र कुमार सिंह, विश्वनाथ बैठा, सुनील कुमार सिंह, डा0 सुमन कुमार झा, मो0 शहनवाज,बद्री प्रसाद यादव, कृपा शंकर शाही, जलाधर कुमार, डा0 शैलेन्द्र कुमार, विनय कुमार देव, जय प्रकाश शर्मा, विन्ध्याचल आनन्द, रामशरण कुमार, बी0के0 सिंह कुशवाहा,मो0मुराद सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित रहे.


आलोक कुमार

शनिवार, 28 जून 2025

फादर अरोकिअम जॉन बोस्को प्रभु के प्यारे हो गये

 


फादर अरोकिअम जॉन बोस्को प्रभु के प्यारे हो गये फादर अरोकिअम जॉन बोस्को एक दयालु व्यक्ति थे.वे स्वभाव के दयालु, सहानुभूतिशील और मेहनती थे.इन्हीं सब कारणों से आरा के बच्चों के दुलारे हो गए. बच्चे उनके दोस्ताना स्वभाव के कारण ही पसंद किया करते थे.उन्होंने कई लोगों को प्रेरित किया और उनकी दयालुता के लिए हमेशा लोग याद करेंगे. सभी लोगों उनकी याद आ रही है.ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे.फादर अरोकिअम जॉन बोस्को एसजे, आरा में काम कर रहे थे. बीमार पड़े तो उनको अपोलो अस्पताल, पटना भर्ती कराया गया.उनकी स्थिति नाजुक होने के कारण चिकित्सकों ने तत्काल आई.सी.यू. में जाकर वेंटिलेटर पर रखा. उनकी स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी थी.चिकित्सकों और परिचारिकों ने फादर को बचाने की बहुत कोशिश की पर विधि के विधान के सामने हार मान लिए. अन्ततः 27 जून को शाम 7 बजे फादर जाॅन बोस्कों प्रभु के प्यारे हो गये. उनका अंतिम संस्कार की सेवा सोमवार, 30 जून को शाम 4ः00 बजे एक्सटीटीआई चैपल में शुरू होगी.बक्सर धर्मप्रांत के बिशप डा.जेम्स शेखर ने फादर से अपोलो अस्पताल में मिलने गये थे.

सोसायटी में प्रमुख कार्यभार:

पदनाम संस्था और स्थान वर्ष

सोशियस से नौसिखिए मास्टर XTTI दीघा घाट, पटना 1997-1998

शिक्षक सेंट इग्नाटियस हाई स्कूल, औरंगाबाद 1998-2001

प्रधानाध्यापक आर आर हाई स्कूल, बरबीघा 2003-2006

उप प्राचार्य सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, बेतिया 2006-2011

निदेशक के.आर. कैंडिडेट्स हाउस 2012-2015

शिक्षक कैथोलिक हाई स्कूल, आरा 2016-2018

प्रधानाध्यापक कैथोलिक मिडिल स्कूल, आरा 2018 -2025

शुक्रवार, 27 जून 2025

आयुष और वैभव जमे

 भारत अंडर-19 बनाम इंग्लैंड अंडर-19 पहला यूथ वनडे मैच शुक्रवार, 27 जून को खेला गया. 2025 भारत अंडर-19 बनाम इंग्लैंड अंडर-19 पहला वनडे मैच दोपहर 3ः30 बजे शुरू से शुरू हुआ.आयुष और वैभव जमे हैं.भारत की सुनिश्चित जीत दिलवाने के लिए प्रयासरत हैं.दोनों के लिए बेतहर मौका है.


आलोक कुमार

गुरुवार, 26 जून 2025

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम के हाथों ली कांग्रेस की सदस्यता


 सामाजिक कार्यकर्ता कमला कुमारी मांझी और बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ मोहम्मद  यूनुस  हुसैन हकीम ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम के हाथों ली कांग्रेस की सदस्यता


पटना . बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित मिलन समारोह में मुसहर समाज के झुग्गी झोपड़ी में विगत 15 वर्षों से नालंदा, खगड़िया और गया जिले में शिक्षा एवं स्वास्थ्य जागरूकता के लिए कार्यरत सामाजिक कार्यकर्ता कमला कुमारी मांझी और बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग एवं अन्य कई संगठनों के अध्यक्ष रह चुके समस्तीपुर निवासी डॉ० मोहम्मद यूनुस हुसैन हकीम ने आज अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम के हाथों कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की.

           सदस्यता ग्रहण कराने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष  राजेश राम ने दोनों नेताओं और उनके समर्थकों का कांग्रेस पार्टी की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि कमला कुमारी मांझी और डॉ मोहम्मद  यूनुस  हुसैन हकीम ने लगातार समाज के सबसे निचले वर्ग के बेहतरी के लिए काम किया है.उन्होंने दोनों के पार्टी से जुड़ने को कांग्रेस के सामाजिक न्याय की लड़ाई को बल देने वाला बताया और कहा कि प्रदेश में हमारे शीर्ष नेता राहुल गांधी के प्रयासों के कारण समाज के अंतिम वर्ग तक सामाजिक न्याय की लड़ाई का उद्देश्य प्रसारित हुआ है जिसके कारण कांग्रेस के प्रति वंचित समाज में लोकप्रियता बढ़ी है। कांग्रेस ने हमेशा वंचित समाज की लड़ाई लड़ी है और आगे भी हम उनके हक हुकूक को लेकर गंभीर हैं और उनकी हिस्सेदारी के लिए प्रतिबद्ध हैं.

       सदस्यता ग्रहण करने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता कमला कुमारी मांझी ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस ही एकमात्र ऐसा दल है जो सामाजिक न्याय की लड़ाई को जीवंत और हकीकत में लेकर चल रहा है.राहुल गांधी के बिहार में दौरों ने मुझे प्रभावित किया और कांग्रेस के सामाजिक न्याय के संघर्ष को मैंने अपनाते हुए अपने समाज के बेहतरी के लिए कांग्रेस का हाथ थाम क्योंकि कांग्रेस ही एकमात्र ऐसा संगठन है जो वंचित समाज को मुख्यधारा में जोड़ने का काम कर सकती है.मुसहर समाज की स्थिति सुधर सके उसके लिए कांग्रेस के प्रति हमारा समाज आशा भरी निगाहों से देख रहा है.

  सदस्यता ग्रहण करने के बाद डॉ० मोहम्मद यूनुस हुसैन हकीम ने कहा कि अल्पसंख्यक नीतीश भाजपा राज में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. प्रदेश की सरकार ने अल्पसंख्यक वर्ग को भयाक्रांत कर रखा है और हमें कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी के साथ ही सुरक्षित महसूस होता है क्योंकि वें सबको साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं.मंच का संचालन कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता ब्रजेश प्रसाद  मुनन  ने किया .

        मिलन समारोह में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव  सह प्रभारी देवेंद्र यादव, विधान परिषद में कांग्रेस दल के नेता डॉ मदन मोहन झा, कोषाध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता, मीडिया चेयरमैन राजेश राठौड़, ब्रजेश प्रसाद मुनन, नागेंद्र कुमार विकल, मोतीलाल शर्मा, जमाल अहमद भल्लू, अजय चौधरी,  सौरभ सिन्हा, मंजीत आनंद साहू, राजीव मेहता, अरविंद लाल रजक, ज्ञान रंजन, असित नाथ तिवारी, शिशिर कौंडिल्य, राहुल पासवान, कमल कमलेश, आशुतोष शर्मा, मनोज शर्मा, गुरुदयाल सिंह, अश्वनी कुमार, मो शाहनवाज , विश्वनाथ बैठा सहित अन्य नेतागण मौजूद रहें।

आलोक कुमार

बुधवार, 25 जून 2025

खराब प्रदर्शन ने भारत से जीता हुआ मैच छीन लिया

 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के पहले मैच में इंडियाको मुंह की खानी पड़ी



पटना.आजकल विश्व टेस्ट चैंपियनशिप खेला जा रहा है.विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में इंडिया दो बार पहुंची और दोनों बार पराजित हो गई.इस बार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की शुरूआती मैच में भी इंडिया को मुंह की खानी पड़ी.इंग्लैंड ने वाली इंडिया को पांच विकेट से पराजित कर दिया.इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में भले ही टीम इंडिया ने इंग्लैंड की पारी को 465 पर रोककर 6 रनों की बढ़त ली हो. लेकिन इस मुकाबले में भारत की कमियां खुलकर सामने आई हैं. 

            खासतौर पर टीम इंडिया की फील्डिंग सवालों के घेरे में है. कप्तानी पर भी सवाल उठ रहे हैं.इंग्लैंड ने भारत को लीड्स के हेडिंग्ले में खेले गए पहले टेस्ट मैच में 5 विकेट से हरा दिया है. इस मैच में भारत ने पहली पारी 471 रन बनाए और इंग्लैंड को पहली पारी में 465 रन पर रोक दिया और 6 रनों की मामूली बढ़त हासिल की. भारत ने दूसरी पारी में 364 रन बनाकर इंग्लैंड को जीत के लिए 371 का लक्ष्य दिया और इंग्लैंड ने बेन डकेट के शतक, जैक क्रॉली और जो रूट के शानदार अर्धशतकों के चलते 82 ओवर में 5 विकेट खोकर 373 रन बनाकर 5 विकेट से जीत हासिल कर ली. इस हार के साथ भारत पांच मैचों की सीरीज में 1-0 से पिछड़ गया है.

  इंग्लैंड ने हेडिंग्ले में भारत के खिलाफ 371 रनों का लक्ष्य हासिल कर इतिहास रच दिया. इंग्लैंड का ये इंग्लैंड में दूसरा सबसे हाईएस्ट सफल रन चेज है. ये इंग्लैंड का ओवरऑल टेस्ट क्रिकेट में दूसरा सबसे हाईएस्ट सफल रन चेज है. इंग्लैंड का भारत के खिलाफ भी ये दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज है.

              जिस मैच में भारत की ओर से 5 शतक लगे हों और एक गेंदबाज ने 5 विकेट लिए हों, अगर इसके बाद भी टीम हार जाए तो आप क्या कहेंगे. आसान जवाब तो यह है कि दूसरी टीम ने भारत से भी बेहतर खेल दिखाया. लेकिन एक जवाब और है. वह यह कि अगर भारत के कुछ खिलाड़ियों ने शानदार खिल दिखाया तो बाकी अपना औसत प्रदर्शन भी नहीं कर पाए. इस मैच में ऐसे 7 खिलाड़ी रहे, जिनके खराब प्रदर्शन ने भारत से जीता हुआ मैच छीन लिया. इन खिलाड़ियों की छवि जो भी हो लेकिन यह कहने में गुरेज नहीं कि वे लीड्स टेस्ट में भारत के ‘गुनहगार’ साबित हुए.


आलोक कुमार

मंगलवार, 24 जून 2025

कभी मिलन, कभी टकराव और कभी अवसर की राजनीति के प्रतीक के रूप में देखा जाता है

 


पटना . सन् 74 आंदोलन के छात्र नेता लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार राजनीति में आए.दोनों केवल राजनीति में नहीं बल्कि मुख्यमंत्री बने. मुख्यमंत्री के रूप में लालू प्रसाद यादव का दबदबा 1990 से 2005 तक रहा.उसके बाद मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार 2005 से 2025 तक बरकरार है.वहीं दोनों के बीच बिहार की राजनीति में ‘बड़े भाई - छोटे भाई‘ वाली सियासी शैली जारी है, जो वर्षों से चर्चा का विषय रही है.

     राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव हैं.बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री (1990-1995) ‘बड़े भाई‘की छवि -राजनीतिक चतुराई, जनाधार और सामाजिक न्याय के प्रतीक रहा है. फिलहाल स्वास्थ्य कारणों से सक्रिय राजनीति में सीमित, लेकिन संगठन और निर्णयों में असरदार भूमिका निभाते हैं

    जनता दल (यूनाइटेड) के नेता और बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 2005-2025 ‘छोटे भाई‘के रूप में पहचान तब बनी जब उन्होंने 1990  में लालू के साथ मिलकर राजनीति की. बाद में गठबंधन और अलगाव के कई दौर - 2024-25 में फिर साथ आना चलता रहा.

         ‘बड़े-छोटे भाई‘की राजनीति का मतलब बड़ा भाई (लालू यादव)और छोटा भाई (नीतीश कुमार) से है. विचारधारा और जनाधार के संरक्षक, प्रशासन और शासन संचालन के विशेषज्ञ, संगठन और जातीय समीकरणों में मजबूत पकड़, प्रशासनिक अनुभव और संतुलित छवि और भावनात्मक अपील के साथ व्यवहारिक निर्णयकर्ता के गुण है.गठबंधन की राजनीति में लालू और नीतीश फिर एक साथ आए.राजद-जदयू का गठबंधन भाजपा के खिलाफ विकल्प के रूप में उभरा.लालू यादव राष्ट्रीय अध्यक्ष बन रहे हैं-पार्टी की  विचारधारा संभालते हैं.नीतीश कुमार सीएम बने रहते हैं-सत्ता और प्रशासनिक गठबंधन चलाते हैं.दोनों दल ‘संघर्ष में साथ, सत्ता में साझीदार‘ की नीति पर चलते हैं.

    जनमानस में प्रतीकात्मक अर्थ “लालू यादव बड़े भाई हैं- सामाजिक न्याय की विचारधारा के वाहक.नीतीश कुमार छोटे भाई हैं-व्यवस्था और सुशासन की पहचान.”लेकिन समय-समय पर यह रिश्ता सत्तालोभ, अवसरवादिता और वैचारिक अस्थिरता के कारण कटु भी हुआ है.

         बिहार की राजनीति में ‘बड़े और छोटे भाई‘ का संदर्भ अब सिर्फ संबंध नहीं, बल्कि राजनीतिक शैली, रणनीति और गठबंधन की स्थायी बुनियाद बन चुका है. यह कभी मिलन, कभी टकराव और कभी अवसर की राजनीति के प्रतीक के रूप में देखा जाता है.


आलोक कुमार


शनिवार, 21 जून 2025

‘भाजपा-जेडीयू सरकार द्वारा बिहार को बर्बाद किए जाने की कहानी


 भाजपा-जेडीयू सरकार ने किया बिहार को बर्बाद : सीरीज - 1

बेहतर अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए तत्पर

          शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए  Patna Women’s College (स्वायत्त) ...