शुक्रवार, 18 अक्टूबर 2013

क्या गेंदबाज करिश्मा दिखा पाएंगे ?



इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के दरम्यान एक दिवसीय मैच की सीरिज मेंगेंदबाज कमजोर नजर रहे हैं। इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों के द्वारा बल्लेबाजों को काफी रन बनाने का मौका देते जा रहे है। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान जौर्ज बेली को समझ से बाहर की बात है कि कितना रन बनाए ताकि भारतीय बल्लेबाज बनाने में नाकामयाब हो जाए। टी-20 में 200 से ऊपर और एक दिवसीय में 360 रन बना दिये तब भी भारतीय बल्लेबाजों को रोक नहीं पाये। रन उड़ाने की यह बीमारी दोनों टीम में समान रूप से है। अब देखना है कि तृतीय एक दिवसीय मैच में क्या गेंदबाज करिश्मा दिखा पा रहे है?

आलोक कुमार

बुधवार, 16 अक्टूबर 2013

बकरीद के अवसर पर बड़ी जीत




दीवाली के अवसर पर धमाका
फैलिन के तुफान से कम नहीं रहा आज मैदान में रनों का तुफान
रोहित ने सरदार को कर दिया मोहित
भारत 9 विकेट से ऑस्ट्रेलिया को धराशाही कर दिया।
रोहित ने नाबाद 141 रन
विराट कोहली ने 52 गेंद में शतक जमाया।
शिखर धवन ने 95 रन
प्रथम शतकीय पारी धवन और रोहित के संग 176
द्वितीय शतकीय पारी रोहित और कोहली के संग 186
भारत ने 362 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को धो डाला
इसके पहले 60 गेंद पर शतक सहवाग ने बनाए, न्यूजीलैंड के विरूद्ध
52 गेंद पर शतक विराट कोहली ने बनाए, ऑस्ट्रेलिया के विरूद्ध
दक्षिण अफ्रीका ने 438 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को पराजित किया

भारत ने 362 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को हरा दिया

बुधवार, 27 मार्च 2013

अब मनरेगा में विकलांग मेट बनेंगे

अब मनरेगा में विकलांग मेट बनेंगे

पटना। बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव मिथिलेश कुमार सिंह ने कहा कि हालांकि महात्मा गांधी नरेगा में प्रावधान बनाया गया है कि समाज के सभी श्रमिकों को सम्मानपूर्ण ढंग से रोजगार दिया जाए। मात्र विकलांग और महिला होने के कारण मनरेगा में हाशिए पर रखा नहीं जा सकता है। इसके आलोक में कहा कि अब विकलांगों को मनरेगा में मेट बनाया जाएगा। इसी तरह जिलाधिकारियों के द्वारा भी प्रयास किया जा रहा है कि महिला मेट का पुल निर्माण किया जाए ताकि कार्यक्रम पदाधिकारी बाध्य होकर महिलाओं को मेट बनायें।

  उन्होंने कहा अभी तक मुखिया जी की मनमर्जी के कारण एक ही मेट कई योजनाओं पर नजर रखा करते थे। यह मुखिया जी के खास व्यक्ति अथवा रिश्तेदार हुआ करता था। अब उनकी मनोपॉली पर लगाम लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

 स्थानीय .एन.सिन्हा समाज अध्ययन संस्थान,पटना में पैक्स के द्वारा मनरेगा अभियान के तहत सामाजिक अंकेक्षण के अनुभवों को साझा करने हेतु राज्यस्तरीय सम्मेलन में पैक्स के स्टेट मैंनेजर राजपाल ने कहा कि यू.के.सरकार के सहयोग से पैक्स 2 के द्वारा इंडिया के 7 राज्यों के 90 जिलों में वहिश्कृत समाज के बीच में कार्य किया जा रहा है। पैक्स के अनुसार दलित,आदिवासी,मुस्लिम,महिलाएं और विकलांग वहिश्कृत ग्रुप हैं। अभी बिहार में 32 गैर सरकारी संस्थाओं के द्वारा सिर्फ 16 जिलों में कार्य किया जा रहा है। इनके आजीविका अधिकार महात्मा गांधी नरेगा, वनाधिकार,भूमि अधिकार,कौशल अधिकार को राइटवेस अप्रोच के साथ प्रभावशाली ढंग से कार्य किया जा रहा है।

  मनरेगा अभियान के तहत सामाजिक अंकेक्षण के अनुभवों को साझा करने हेतु  राज्यस्तरीय सम्मेलन किया गया। इसमें डेवलपमेंट एजुकेशन एण्ड एन्वायरमेंट प्रोग्राम,समग्र शिक्षण एवं विकास संस्थान, ईजाद, बिहार विकलांग कल्याण परिषद,मुजफ्फरपुर विकास मंडल, सेंटर फोर ऑल्टरनेटिव दलित मीडिया, दलित एसोसिएशन फोर सोशल एण्ड ह्मुमन राइटस अवेंरनेस, प्रगति ग्रामीण विकास समिति और प्रयास ग्रामीण विकास समिति के द्वारा मनरेगा अभियान में योगदान दिया जा रहा है। हांलाकि इनका मुख्य मुद्दा अलग से है। इनके द्वारा महिला दलान, मनरेगा मजदूर संघ, मुसहर विकास मंच, मौलिक अधिकार लोकमंच, दलित सामाजिक,दलित अधिकार, आजीविका सहायता केन्द्र आदि जन भागीदारीयुक्त संगठन बना रखा है। इसी के सहारे मनरेगा का कार्य अंजाम दिया जाता है।

 इस अवसर पर व्हीलचेयर पर आये बिहार विकलांग कल्याण परिषद के डा. मोहन चौधरी ने कहा कि हम लोग 20 वर्षों से विकलांगों को हक दिलवाने की जंग में मुस्तैदी से लगे हुए हैं। इस संदर्भ में वर्ष 2007 में योजना आयोग के अध्यक्ष से और 2009 में कल्याण विभाग और वल्ड बैंक के अधिकारियों के साथ वार्ता की गयी। इसके बाद एक कार्यशाला करने वस्तुस्थिति से विकलांगों को अवगत कराया गया। इस अवसर पर 23 सूत्री मांग पत्र तैयार करके सरकार को सौंपा गया है। आश्चर्य है कि सरकार ने उक्त 23 सूत्री मांग पर ध्यान ही नहीं दिया। हम लोग भीख नहीं मांगते हैं बल्कि राष्ट्र के नवनिर्माण में योगदान देना चाहते हैं।

 इस अवसर पर पैक्स के स्टेट मैंनेजर राजपाल, झारखंड के स्टेट मैंनेजर जोनसन टोपनों, प्रोग्राम ऑफिसर आरती वर्मा, गुरूजीत ,प्रमोद गांधी, प्रदीप प्रियदर्शी, धर्मराज, गणेश गौतम, अशोक कुमार सिन्हा आदि उपस्थित रहे।

वर्षों से इस मुद्दे को लेकर लगातार आंदोलन किया

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस (1 मई) की पूर्व संध्या पर देशभर के करोड़ों श्रमिकों, पेंशनभोगियों और विशेष रूप से ईपीएस-95 (Employees’ Pension Sche...