Patna Dharmprantiy prayer meeting
Kuerjee church in the event

 आजकल ईसाईयों का दुःखभोग चल रहा है। ईसाई धर्मावलम्बियों ने 13 फरवरी को राख बुधवार मनाया। इस दिन चर्च के पुरोहितों के द्वारा विश्वासियों की ललाट पर पवित्र राख से क्रूस का चिन्ह बनाकर स्मरण दिलवाते हैं कि हे ! मनुष्य तुम मिट्टी हो और मिट्टी में मिल जाओंगे। इस दिन उपवास और परहेज का दिन होता है। शाम के समय उपवास तोड़ा जाता है।

    पवित्र दुःखभोग की अवधि में ईसाई समुदाय उपवास और परहेज रखते हैं। हालांकि इसमें माता कलीसिया ने 18 साल से नीचे और 60 साल से ऊपर वालों को छूट दे रखी है। बहरहाल ईसाई समुदाय शिद्ददत से ईसा मसीह के दुःखभोग में स्वयं को शामिल कर रहे हैं। उपवास और परहेज रखते हैं। बुधवार और शुक्रवार के दिन में चर्च जाते हैं और ईसा मसीह के दुःखों पर आधारित 14 मुकाम में बड़ी भक्ति से शामिल होते हैं। इसके बाद पवित्र धार्मिक अनुष्ठान में सशरीर उपस्थित होकर परमप्रसाद ग्रहण करते हैं।

  इस बीच चालीस अवधि को गमगीन और प्रार्थनामय बनाने के उद्देश्य से प्रेरितों की रानी ईश मंदिर , कुर्जी चर्च में दो दिवसीय पटना धर्मप्रांतीय प्रार्थना सभा 14 और 15 मार्च को आयोजित की गयी है। 14 मार्च को सुबह 8 बजे से प्रार्थना सभा शुरू कर दी जाएगी। पंजीयन शुल्क 30 रूपये रखा गया है। इस शुल्क से भोजनादि उपलब्ध कराया जाएगा। आगामी 24 मार्च को खजूर रविवार है। इसके बाद पवित्र सप्ताह शुरू हो जाएगा। पवित्र सप्ताह के दौरान चर्च में भीड़ उभरनी शुरू हो जाएगी।


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