* मणिपुर में जारी अमानवीय घटनाओं के विरोध में प्रदर्शन
भोपाल. मणिपुर में जारी हिंसक घटनाओं और महिलाओं के साथ किये गये शर्मनाक बर्ताव के विरोध में आज दिनांक 21 जुलाई को दोपहर 3 बजे से प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों, महिला आंदोलनों और जनांदोलनों की तरफ़ से संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन का आयोजन रौशनपुरा चौराहे पर किया गया . उक्त आयोजन में लगभग 300 लोगों ने भागीदारी की.
उल्लेखनीय है कि भारत के पूर्वोत्तर प्रांत मणिपुर में विगत लगभग 03 माह से विभिन्न समुदायों के बीच हिंसक घटनाएं जारी हैं जिनके चलते कई लोगों की मृत्यु हो गई और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं. हाल ही में उजागर हुई सर्वाधिक शर्मनाक घटना महिलाओं के उत्पीड़न की है जिसको सुनकर पूरा देश स्तब्ध है . इन घटनाओं में जहां आम लोगों के जीवन और उनकी सुरक्षा के संदर्भ में कई प्रश्न खड़े हुए हैं वहीं सत्तारूढ़ राजनैतिक दलों और प्रधानमंत्री की बेशर्म चुप्पी हम सभी को शर्मिंदा और परेशान करती है.इन हालातों पर अपना विरोध दर्ज कराते हुए वहां के आम लोगों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के इस प्रदर्शन का आयोजन किया गया था.
आज के इस विरोध प्रदर्शन में वरिष्ठ पत्रकार लज्जा शंकर हरदेनिया, सुप्रसिद्ध कवि राजेश जोशी, सामाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र कोठारी, जन आंदोलनकर्मी प्रमोद प्रधान,आशा मिश्र, चितरूपा पालित, रचना ढींगरा, एस.रामचंद्रन, पूषण भट्टाचार्य,लेखक रामप्रकाश त्रिपाठी, ईश्वर सिंह दोस्त, मनोज कुलकर्णी, प्रतिभा, आरती, संध्या कुलकर्णी, रेखा कस्तवार, शम्पा शाह, वीरेंद्र जैन, अनवारे इस्लाम, कार्टूनिस्ट बालेंद्र परसाई, वरिष्ठ पत्रकार राकेश दीक्षित,राकेश दीवान, शैलेंद्र कुमार शैली, सुधीर सक्सेना, महिला संगठनों से नीना शर्मा, खुशबू केवट, कुमुद सिंह,सामाजिक संगठनों से दयाराम नामदेव, अरुण दनायक, अनीश थिल्कनेरी, इरफान जाफरी,प्रार्थना मिश्रा, सीमा कुरूप, पवन पवार, जावेद अनीस, सत्यम, सपना सहित कई लोग शामिल रहे.
भोपाल के सभी सामाजिक, महिला और सांस्कृतिक संगठनों ने प्रदर्शन करते हुए मणिपुर में जारी हिंसक घटनाओं को रोकने के राज्य और केंद्र सरकार की तरफ़ से उचित कार्यवाही और महिलाओं के ऊपर अमानवीय घटनाओं को अंजाम देने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्यवाही किये जाने की मांग की है.
आलोक कुमार




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