सोमवार, 15 दिसंबर 2025

जेल के दिनों ने उनके शरीर पर गहरी चोट

 


पटना.उत्तरी भारत के एक छोटे से गाँव में 45 वर्षीय शीला देवी की कहानी आज भी सवालों से भरे हमारे समय का आईना है. मसीही विश्वास का पालन करते हुए अपने घर में एक छोटी-सी मंडली चलाने की वजह से उन्हें लगभग तीन महीने जेल में रहना पड़ा.आरोप था—धर्म परिवर्तन कानून का उल्लंघन.बीमारी के चलते ज़मानत मिली, पर जेल के दिनों ने उनके शरीर पर गहरी चोट छोड़ी; बाद में कैंसर का पता चला.

पिछले दो वर्षों से शीला अपने घर में प्रार्थना सभाएँ आयोजित कर रही थीं. यह पहल उनके लिए सेवा थी, पर गाँव के कुछ लोगों के लिए असहजता. विरोध बढ़ा, शिकायत हुई और 20 जुलाई की रविवार आराधना के दौरान पुलिस ने घर में प्रवेश कर पूछताछ की. बाइबिल, क्रॉस, भजन की किताबें, दीवार पर टंगा दस आज्ञाओं का पोस्टर, एम्प्लीफायर—सब ज़ब्त कर लिया गया. यहाँ तक कि उनका मोबाइल फ़ोन भी, जो उनके लिए परमेश्वर के वचन से जुड़े रहने का माध्यम था.

शीला का कहना है कि वे सभाएँ बंद नहीं कर सकती थीं. उनका विश्वास था कि ये मुलाक़ातें लोगों को शांति और चंगाई देती हैं—बीमारी और अकेलेपन के बीच आशा का सहारा बनती हैं. इसी दृढ़ता की कीमत उन्हें कैद के रूप में चुकानी पड़ी, पर उनका संकल्प डगमगाया नहीं.

आज, रिहाई के बाद भी चुनौतियाँ कम नहीं हैं.स्वास्थ्य संघर्ष जारी है, सामाजिक दबाव भी। फिर भी उनकी गवाही उस मंडली के लिए प्रेरणा है—कि कठिनाइयों के बीच भी विश्वास पर अडिग रहा जा सकता है.

प्रार्थना

हे स्वर्गीय पिता, शीला की साहसी प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद. उनके शरीर को चंगा करें और उनके विश्वास को और दृढ़ करें। स्थानीय अधिकारियों को अनुग्रह दें कि इस समुदाय को शांतिपूर्वक मिलने की अनुमति मिले. यदि परिस्थितियाँ बदलें, तो नेताओं को सही निर्णय की बुद्धि प्रदान करें. भारत में—विशेषकर उत्तरी भाग में—यीशु का प्रकाश और प्रेम चमकता रहे.

वचन

“क्योंकि हम अपना प्रचार नहीं करते, बल्कि प्रभु यीशु मसीह का….” — 2 कुरिंथियों 4:3–5

यदि चाहें, मैं इसे संक्षिप्त समाचार रिपोर्ट, मानवाधिकार नोट, या प्रार्थना-पुस्तिका हेतु अनुकूलित संस्करण में भी ढाल सकता हूँ.

आलोक कुमार


Publisher ID: pub-4394035046473735
Site: chingariprimenews.blogspot.com

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

welcome your comment on https://chingariprimenews.blogspot.com/

भारतीय महिला क्रिकेट टीम पिछले कुछ वर्षों में निरंतर प्रगति

नजरें 2026 में होने वाले ICC Women's T20 World Cup पर टिकी हैं भारतीय महिला क्रिकेट टीम पिछले कुछ वर्षों में निरंतर प्रगति के नए आयाम छू...