बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्तीय निगम के द्वारा संचालित मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना के अंतर्गत पारदर्शिता लाने एवं सामूहिक रूप से ऋण प्रदान के उद्देश्य से योजना वर्ष 2019-20 एवं पूर्व के वर्षो के लिए जिला चयन समिति द्वारा चयनित आवेदकों का विशेष शिविर लगाकर कागजी करण/दस्तावेजीकरण करने के लिए जिला मुख्यालय, बेतिया स्थित जिला अल्पसंख्यक कार्यालय के समीप विशेष शिविर का आयोजन दिनांक-23.05.2022 से दिनांक-25.05.2022 तक निर्धारित है.
सहायक निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण, पश्चिम चम्पारण, श्री बैद्यनाथ प्रसाद द्वारा बताया गया कि 23-25 मई तक लगने वाले कागजी करण/दस्तावेजीकरण के लिए विशेष शिविर की तैयारी अंतिम चरण में है.शिविर को हर हाल में सफल बनाने के लिए अल्पसंख्यक कल्याण के कर्मी तैयारी में जुटे हैं. उन्होंने बताया कि चयनित आवेदकों को एसएमएस के माध्यम से निर्धारित अवधि में विशेष शिविर कार्यक्रम में भाग लेते हुए कागजीकरण एवं दस्तावेजीकरण कार्य को जानकारी दी जा रही है.
आकांक्षा पौल
बेतिया.पश्चिम चंपारण जिले से सकारात्मक खबर आ रही है.खबर यह है कि स्टार्टअप जोन, चनपटिया के प्रोडक्ट्स की मांग मलेशिया, इंडोनेशिया, कतर और दुबई से होने लगी है.लाख में नहीं करोड़ों में स्टार्टअप जोन को ऑर्डर मिला.स्थिति यह है कि विदेशों के व्यापारियों ने कह दिया है कि स्टार्टअप जोन में जितना भी प्रोडक्शन होगा, वह सभी ले लेंगे.इस तरह से ऑर्डर मिलने के बाद स्टार्टअप जोन के उद्यमी खासे उत्साहित हैं.वहीं दिल्ली टेक्सटाईल एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट ने भी मार्केटिंग करने की रुचि दिखाई है.इस बीच पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने उद्यमियों से बातचीत कर उत्पादन अधिक से अधिक करने पर बल दिया.
यूट्यूब पर स्टार्टअप जोन, चनपटिया के प्रोडक्ट्स की जानकारी मिलने के बाद मलेशिया, इंडोनेशिया, कतर और दुबई के टेक्सटाईल क्षेत्र के बड़े व्यापारियों ने स्टार्टअप जोन के उद्यमियों से संपर्क साधा और करोड़ों रुपये के साड़ी, लहंगा, शर्ट, टी-शर्ट, जैकेट, ट्रैक सूट आदि का ऑर्डर दे दिया है. उन्होंने यहाँ तक कहा है कि स्टार्टअप जोन में जितना भी प्रोडक्शन होगा, हम सभी ले लेंगे.
ऑर्डर मिलने के बाद स्टार्टअप जोन के उद्यमी खासे उत्साहित हैं और उक्त बातों की जानकारी देने के लिए आज जिलाधिकारी, पश्चिमी चंपारण से मिलने पहुंचे.उद्यमियों ने जिलाधिकारी को धन्यवाद देते हुए कहा कि आपके ही प्रयास से चनपटिया स्टार्टअप जोन की ख्याति विदेशों तक में पहुँच गयी है.
उद्यमियों ने बताया कि विदेशों से जितना ऑर्डर मिला है उतना प्रोडक्शन करने में और मशीन लगानी होगी. जिलाधिकारी ने कहा कि यह स्टार्टअप जोन के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है. मलेशिया, इंडोनेशिया, कतर और दुबई से इतने बड़े पैमाने पर ऑर्डर मिलना प्रशंसनीय है.सभी उद्यमी खूब मेहनत करें, भरपूर प्रयास करें और डिमांड को पूरा करें.
इसी दरम्यान वाइस प्रेसिडेंट, दिल्ली टेक्सटाइल एसोसिएशन, श्री टंडन से भी दूरभाष पर जिलाधिकारी एवं उद्यमियों से वार्ता हुई. श्री टंडन ने चनपटिया स्टार्टअप जोन के प्रोडक्शन की मार्केटिंग के लिए रुचि दिखाई है. उन्होंने चनपटिया स्टार्टअप जोन के उद्यमी, श्री ओमप्रकाश पटेल से विभिन्न प्रोडक्ट की रॉ-मटेरियल, प्रोडक्शन, रेट, क्वालिटी, ट्रांसपोर्ट आदि की विस्तृत जानकारी ली. उनके द्वारा प्रोडक्शन से संबंधित डिजिटल कैटलॉग की मांग भी की गई है. इसी क्रम में जिलाधिकारी ने वरीय उप समाहर्त्ता, श्री रवि प्रकाश को निर्देश दिया कि एक्सपोर्ट की बेहतर व्यवस्था एवं निगरानी के लिए अविलंब एक एक्सपोर्ट सेल का गठन कराना सुनिश्चित किया जाय. इस सेल में ऊर्जावान अधिकारियों एवं कर्मियों को शामिल किया जाए जो बेहतर तरीके से स्टार्टअप जोन चनपटिया से एक्सपोर्ट आदि का क्रियान्वयन कर सकें.
आकांक्षा पौल
जमुई. आमजन की समस्याओं के प्रति जमुई स्वास्थ्य विभाग के विभागीय अधिकारी इस कदर उदासीन है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शिकायत के बाद भी ब्लड बैंक जमुई का रिकॉर्ड अब तक ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है. सामाजिक कार्यकर्ता सुमन सौरभ ने बताया कि इसकी शिकायत विभाग से 30 अप्रैल को ही की गई थी.वैसे इस गंभीर परेशानी से सम्बंधित खबर 7 मई को विभिन्न अखबारों ने प्रमुखता से भी प्रकाशित किया उसके बाद भी विभाग अब तक लापरवाह और उदासीन बना हुआ है.ई-रक्तकोष की स्थापना पर जहां आम लोग खुश थे यह सोचकर कि अब हमें ब्लड उपलब्धता को लेकर कोई गुमराह नहीं कर सकता.हम ब्लड उपलब्धता का खुद ऑनलाइन रिकॉर्ड देख लेंगे और जरुरत के मुताबिक हम इसका लाभ लेंगे. लेकिन इस समस्या को हल करना तो दूर अभी तक शिकायत के 25 दिन पश्चात विभागीय अधिकारी ने इसे गंभीरता से भी नहीं लिया. अब तो समस्या यह हो गई है कि स्वैच्छिक रक्तदान करने वाले जमुई के युवा रक्तदान तो कर रहे है पर उन्हें स्वैच्छिक रक्तदान स्मार्ट डोनर कार्ड नहीं मिल पा रहा जिस कारण यदि भविष्य में खुद के लिए भी उन्हें ब्लड की जरूरत होगी तो उन्हें ब्लड नहीं मिल पायेगा.
आकांक्षा पौल
* जिला में आज 44 अमृत सरोवर के निर्माण कार्य का किया गया शिलान्यास
आलोक कुमार
इस जिले के जिला पदाधिकारी मनेश कुमार मीणा के आदेशानुसार जिला अंतर्गत सभी प्रखंडों में पेयजल समस्या से निजात दिलाने के लिए चलंत मरम्मती दलों द्वारा प्रतिदिन 20 से 30 चापाकलों की मरम्मती कराया जा रहा है.अब तक जिला के कुल 1603 चापाकलो की मरम्मती कराकर चालू करा दिया गया है.किसी भी सरकारी चापाकल के बंद होने अथवा पेयजल समस्या की सूचना सीतामढ़ी जिला के पी0एच0ई0डी0 कंट्रोल रूम के नंबर 06226-251818 पर सुबह 10ः00 बजे से शाम 5ः00 बजे तक फोन कर सूचना दिया जा सकता है. पेयजल से संबंधित किसी प्रकार की समस्या होने पर विभाग के कंट्रोल रूम अथवा टोल फ्री नंबर 18001231121 पर फोन कर जानकारी दी जा सकती है.
आलोक कुमार
जिला पदाधिकारी द्वारा बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर सभी प्रखंडों के नोडल पदाधिकारी के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया...
बैठक में उन्होंने बाढ़ पूर्व तैयारी की स्थिति की जांच को लेकर सभी प्रखंडों के नोडल पदाधिकारी को निर्देश दिया कि दो दिनों के अंदर अपने प्रखंड में जांच करें कि पिछले वर्ष की बाढ़ में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मती की स्थिति, अंचल में उपलब्ध सरकारी नाव एवं उसकी मरम्मती की स्थिति, निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा की स्थिति, मानव शरण स्थल एवं पशु शरण स्थल की भौतिक जांच एवं आवश्यक व्यवस्था (पेयजल,शौचालय, बिजली आदि की उपलब्धता), बाढ़ आपदा से बचाव हेतु प्रखंड स्तरीय माइक्रोप्लानिंग (शरण स्थली, सामुदायिक किचेन आदि) में मानव बल की प्रतिनियुक्ति एवं उनके वैक्सीनेशन की स्थिति, तटबंध प्रहरी की उपलब्धता आदि का भौतिक सत्यापन कर दो दिनों के अंदर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराये.
उक्त बैठक में वरीय पदाधिकारी आपदा रविंद्र नाथ गुप्ता,प्रभारी पदाधिकारी आपदा शंभूनाथ, जिला शिक्षा पदाधिकारी अवधेश कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी अनिल कुमार, जिला भू अर्जन पदाधिकारी विश्वजीत हेनरी, वरीय उप समाहर्ता सोनी कुमारी, जिला योजना पदाधिकारी राकेश कुमार, ओएसडी प्रशांत कुमार के साथ सभी प्रखंड नोडल पदाधिकारी उपस्थित थे.
आलोक कुमार
जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज बिहार शरीफ नगर निगम क्षेत्र के नल जल योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की.वार्ड नंबर 15, 16, 19 एवं 20 में 25 मई तक सभी घरों में जलापूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश संवेदक को दिया गया. 25 मई के बाद इन सभी 4 वार्डों के सभी घरों का सर्वे नगर निगम द्वारा किया जाएगा.अगर कोई भी घर जलापूर्ति से वंचित पाया जाएगा तो विलंब अवधि के लिए प्रतिदिन प्रति वार्ड के आधार पर संवेदक के विरुद्ध आर्थिक पेनल्टी लगाई जाएगी, जिसकी कटौती संवेदक को भुगतेय राशि से की जाएगी.
अन्य सभी वार्डों में 2 जून तक सभी छूटे हुए घरों में जलापूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश संवेदक को दिया गया। निर्धारित तिथि के बाद विलंब की अवधि के लिए प्रतिदिन प्रतिवार्ड के आधार पर संवेदक के विरुद्ध आर्थिक पेनाल्टी लगाई जाएगी.नगर निगम क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़क किनारे की गई खुदाई को भी 2 जून तक दुरुस्त करने का स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया. अन्यथा बुडको के स्थानीय अभियंता एवं संवेदक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी.इसके कारण अगर किसी तरह की दुर्घटना होगी तो संवेदक के विरुद्ध सीधा प्राथमिकी दर्ज किया जाएगा.बैठक में नगर आयुक्त, उप नगर आयुक्त, बुडको के सहायक अभियंता, संवेदक प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे.
आलोक कुमार
गया. माननीय मुख्यमंत्री, बिहार, की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ के पूर्व तैयारियों की समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रमंडलीय आयुक्त, सभी पुलिस महानिरीक्षक, सभी जिला पदाधिकारी एवं सभी वरीय पुलिस अधीक्षक के साथ की गई.’समीक्षा के क्रम में आगामी बाढ़, अतिवृष्टि एवं सुखाड़ आपदा से बचाव की पूर्व तैयारी की समीक्षा संबंधित विभाग द्वारा कार्य योजना पर विस्तृत रूप से की गई एवं संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए.
आपदा प्रबंधन विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग , लघु जल संसाधन विभाग, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग , कृषि विभाग के द्वारा आगामी बाढ़, अतिवृष्टि एवं सूखाड़ आपदा से संबंधित कार्य योजना की विस्तार से जानकारी दी गयी.बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ राहत केंद्र , खाद्यान्न वितरण , नाव की व्यवस्था, एनडीआरएफ , एसडीआरफ की व्यवस्था , पशुचारा की व्यवस्था , पीने योग्य पानी की व्यवस्था , कटाव निरोधक कार्य , तटबंधों की निगरानी , बाढ़ प्रबंधन सूचना प्रणाली , कोविड-19 टेस्टिंग , वैक्सीनेशन , महामारी से बचाव के लिए कीटनाशक दवाओं का छिड़काव , सतत निगरानी के लिए सुरक्षा व्यवस्था , सड़क एवं पुल पुलिया की मरम्मती , ऊंचा शरणस्थल का चयन , पॉलिथीन शीट की समुचित व्यवस्था , आपातकालीन केंद्र , एंबुलेंस ,साफ सफाई, सूखा राशन वितरण , शरणार्थियों के लिए राहत केंद्र , सामुदायिक किचेन , स्वस्थ व्यवस्था आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई एवं संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए.गया जिले के समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी, गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने बताया कि अप्रैल माह में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक देखा गया है. मई माह में 45 डिग्री तापमान आंका गया है। अप्रैल माह में औसतन तापमान 41 डिग्री रहा है, मई में 38.2 रहा है। इस वर्ष पिछले वर्ष से 3.50 डिग्री तापमान ज्यादा है.
भूगर्भ जल स्तर के समीक्षा के दौरान बताया कि गया जिला में औसतन 30.44 फीट जल स्तर है. पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 1 फीट नीचे जलस्तर गया है तथा वर्ष 2019 में आज की तिथि में 43 फीट जलस्तर था.उन्होंने बताया कि गया जिले में 41 क्रिटिकल पंचायत चिन्हित किया गया है. संबंधित पंचायतों में विभिन्न पदाधिकारियों द्वारा भ्रमण करते हुए चापाकल मरम्मत एवं नल जल योजना को चालू कराया गया है. इसके साथ ही नगर निगम क्षेत्र में 19 वार्ड चिन्हित किए गए हैं, जहां जलापूर्ति सुचारू रहे उसके लिए लगातार नजर रखी जा रही है. इसके साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में 297 टोला चिन्हित किए गए हैं, जिनमें अतरी, नीमचक बथानी, वजीरगंज, बाराचट्टी एवं मोहनपुर प्रखंड शामिल है. इन सभी टोलो में पेयजल व्यवस्था के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है.
नल जल योजना के समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि पिछले दो-तीन महीनों में नल जल योजना का संपूर्ण सर्वेक्षण करवाया गया है. मार्च के प्रथम सप्ताह में 552 अक्रियाशील योजनाओं को चिन्हित किए गए हैं, जिसमें वर्तमान में 130 अक्रियाशील बचे हुए हैं, शेष सभी को मरम्मत करवाते हुए जलापूर्ति चालू करवा लिए गए हैं. उन्होंने बताया कि आज की तिथि में जो अक्रियाशील योजना का बंद रहने के कारण भूगर्भ जल स्तर काफी नीचे जाना, विभिन्न सड़क निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण के दौरान जलापूर्ति के पाइप लाइन को हानि/ टूटना शामिल है, जिसे संबंधित सड़क विभाग के एजेंसियों एवं पदाधिकारियों से संबंध स्थापित करते हुए तेजी से मरम्मत करवाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि पेयजल से संबंधित शिकायत के लिए नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जिसमें अब तक 584 शिकायतें आए हैं. सभी शिकायतों को निष्पादन किया जा रहा है. अप्रैल माह में प्रत्येक दिन औसतन 35 से 40 शिकायतें आते थे, जो अब घटकर करके प्रतिदिन दो से तीन शिकायतें आ रहे हैं.
गया नगर निगम क्षेत्र में कुल 81 चापाकल मरम्मत करवाए गए हैं तथा पर्याप्त जगह स्टैंड पोस्ट तथा पियाऊ लगाए गए हैं. जरूरत के अनुसार पानी की शिकायत आने वाले वार्डो एवं टोलो में टैंकर के माध्यम से भी पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है.कैटल ट्रफ के समीक्षा के दौरान बताया गया कि 28 कैटल टर्फ के विरुद्ध 25 कैटल टर्फ कार्यरत है। तीन सोलर प्लेट खराब होने के कारण कैटल टर्फ बंद है. दो-तीन दिनों के अंदर उसे मरम्मत कराते हुए चालू करवा दिए जाएंगे.
आपदा विभाग के समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि अप्रैल माह में अत्यधिक गर्मी होने के कारण आगजनी की घटनाएं ज्यादा हुई है.पिछले वर्ष में कुल 22 घटना हुई थी, इस वर्ष 71 घटनाएं हुई हैं. साथ ही फसल क्षति 219 एकड़ हुए हैं तथा 22 पशु का मृत्यु हुई है तथा 70 झोपड़ी नष्ट हुए हैं. उन्होंने कहा कि सभी मामलों को बेहतर समन्वय करते हुए मुआवजा दिलवाने का कार्य कर लिया गया है.इसके साथ ही सुखाड़ को ध्यान में रखते हुए आकाशमिक फसल योजना से संबंधित प्रतिवेदन कृषि विभाग को उपलब्ध करा दिया गया है.
जलजमाव के समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि गया जिले में बड़े बड़े नालों को साफ सफाई तेजी से करवाए जा रहे हैं. मानसरव नाला को विशेष रूप से साफ सफाई की व्यवस्था रखी गई है.हीटवेव के समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि हीटवेव के लिए जिले में पूरी तैयारी रखी गई है. 32 जागरूकता वाहन द्वारा घूम घूम कर लोगों को हीटवेव से बचाव के लिए जागरूक करवाया जा रहा है. इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग तथा आपदा विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार की एडवाइजरी जारी किए गए हैं, जिस डिस्टिक एडमिनिस्ट्रेशन के सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है.ग्रामीण चिकित्सकों को भी ट्रेनिंग के माध्यम से जागरूक किया गया है ताकि हीटवेव के मरीज आने पर उन्हें किस तरह से उपचार किया जा सके. सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुमंडलीय अस्पताल, जिला अस्पताल तथा मगध मेडिकल अस्पताल में हीटवेव से पीड़ित मरीजों के लिए सभी पर्याप्त व्यवस्थाएं रखी गई है. सभी अस्पतालों में सेपरेट बेड रखे गए हैं. सभी प्रकार की दवाएं भी उपलब्ध है. सभी एंबुलेंस में आइस बैग रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर हीट वेब वाले मरीजो में प्रयोग किया जा सके.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में माननीय मुख्यमंत्री बिहार ने गंगाजल पानी को गया जिला में लाने के पश्चात डोर टू डोर सप्लाई के लिए बिछाया जा रहे पाइपलाइन के संबंध में जानकारी प्राप्त किया. उन्होंने संबंधित अभियंताओं को निर्देश दिया कि गंगाजल का पानी लोगों को डोर टू डोर पहुंचाने के लिए तेजी से कार्य करें. माननीय मुख्यमंत्री ने पाइप लाइन बिछाने के कार्य में मैन पावर बढ़ाकर अति शीघ्र कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिए. साथ ही उन्होंने जिला पदाधिकारी गया को लगातार उसका अनुश्रवण करने का निर्देश दिए.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में वरीय पुलिस अधीक्षक श्रीमती हरप्रीत कौर, नगर आयुक्त गया नगर निगम श्रीमती अभिलाषा शर्मा, अपर समाहर्ता , वरीय समाहर्ता आपदा , वरीय उप समाहर्ता अमित पटेल, जिला कृषि पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, कार्यपालक अभियंता जल संसाधन विभाग सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.
आलोक कुमार
शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए Patna Women’s College (स्वायत्त) ...