बुधवार, 26 अक्टूबर 2022

उत्तरप्रदेश के एन0एच0 730 के सेवराही में मिलेगी 727 एए फोर लेन सड़क.

 


बेतिया.03 हजार करोड़ की लागत से बनेगी एन0एच0 727 एए फोर लेन सड़क.29.22 किमी लंबी सड़क में 11.2 किमी ब्रिज का भी होगा निर्माण.बेतिया के पटजिरवा, पखनाहा होते हुए पिपरा घाट और उत्तरप्रदेश  के एन0एच0 730 के सेवराही में मिलेगी 727 एए फोर लेन सड़क.

जिलाधिकारी कार्यालय प्रकोष्ठ में माननीय जनप्रतिनिधियों की सम्पन्न हुयी बैठक में सड़क निर्माण के लिए अनुमोदित मार्गरेखन हुआ स्वीकृत.

पश्चिम चम्पारण जिला में पटजिरवा, पखनाहा को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-727 पर बेतिया से पिपराघाट और उतरप्रदेश में एन0एच0 730 के साथ सेवराही को जोड़ने वाली राष्ट्रीय उच्च पथ 727 एए (फोर लेन सड़क) का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. उक्त सड़क की कुल लंबाई 29.22 किलोमीटर है तथा इसकी लागत 03 हजार करोड़ रूपये है। इस पथ में 11.2 किलोमीटर लंबा ब्रिज भी बनना है.

राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-727 एए के विस्तृत परियोजना परामर्शी के अनुशंसित  मार्गरेखन    पर लोक सहमति प्राप्त करने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय प्रकोष्ठ में बैठक सम्पन्न हुयी. इस बैठक में माननीय विधायक, नौतन, श्री नारायण प्रसाद, माननीय विधायक, चनपटिया, श्री उमाकांत सिंह, माननीय विधान पार्षद, श्री भीष्म साहनी सहित उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, वरीय उप समाहर्ता, श्री रवि प्रकाश, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के वरीय परियोजना अभियंता, श्री राजमोहन सिंह, परियोजना अभियंता, श्री नवनीत कुमार एवं साकेत राज आदि उपस्थित रहे.

बैठक में वरीय परियोजना अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम द्वारा प्रस्तावित फोरलेन सड़क एन0एच0 727 एए के मार्गरेखन की विस्तृत जानकारी दी गयी. जिला प्रशासन एवं माननीय जनप्रतिनिधियों द्वारा विचार-विमर्श के उपरांत एन0एच0 727 ए ए के अनुशंसित  मार्गरेखन पर सहमति प्रदान की गयी.

   इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि उक्त सड़क का निर्माण हो जाने से पटजिरवा, पखनाहा आदि क्षेत्रों के लोगों के लिए आवागमन काफी सुगम हो जायेगा. बिहार एवं उतरप्रदेश को जोड़ने के लिए यह एक महत्वपूर्ण फोर लेन सड़क होगी. इससे संबंधित क्षेत्रों में विकास की गति तेजी के साथ आगे बढ़ेगी. उन्होंने परियोजना अभियंता से कहा कि सड़क निर्माण के लिए अग्रतर कार्रवाई प्रारंभ की जाय.

 बैठक में माननीय विधायक द्वारा धनहा-रतवल सड़क पुल की मरम्मति कराने का अनुरोध किया गया. जिलाधिकारी द्वारा कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग को निर्देश दिया गया कि उक्त सड़क पुल का स्थलीय निरीक्षण किया जाय तथा विभाग से वार्ता कर अविलंब क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मति कराना सुनिश्चित किया जाय.


आलोक कुमार 

क्रांतिकारी कम्युनिस्ट की नई मिसाल कायम की रामनरेश राम ने

  * जनांदोलनों से संसदीय मोर्चे तक एक क्रांतिकारी कम्युनिस्ट की नई मिसाल कायम की रामनरेश राम ने



पटना.भोजपुर आंदोलन और बिहार में सामाजिक बदलाव के संघर्ष के किंवदती बन चुके भाकपा-माले के दिवंगत नेता काॅ. रामनरेश राम के 12 वें स्मृति दिवस पर आज पार्टी राज्य कार्यालय सहित पूरे बिहार में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई.

    राज्य कार्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पार्टी के राज्य सचिव कुणाल, किसान महासभा के महासचिव राजाराम सिंह, केडी यादव, , अभ्युदय, कमलेश शर्मा, उमेश सिंह, राजाराम, गोपाल रविदास, संदीप सौरभ, संजय यादव, प्रकाश कुमार सहित कई लोग उपस्थित हुए. श्रद्धांजलि सभा का संचालन पोलित ब्यूरा के सदस्य काॅ. अमर ने की. 

       
इस मौके पर राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि काॅ. रामनरेश राम भोजपुर में गरीब-भूमिहीन किसानों व समाज के कमजोर वर्गों के क्रांतिकारी उभार के मुख्य शिल्पीकार थे. भोजपुर में रणवीर सेना के नेतृत्व में सांप्रदायिक-सामंती ताकतों के गठजोड़ के खिलाफ जनता के सफल प्रतिरोध आंदोलन से लेकर ग्रामीण व खेत मजदूरों को राष्ट्रीय स्तर पर एक क्रांतिकारी ताकत के रूप में संगठित करने तक, उन्होंने एक के बाद एक चुनौतीपूर्ण दौर में क्रांतिकारी आंदोलन का नेतृत्व किया.

       

अपनी जिंदगी के अंतिम 15 वर्षों में उन्होंने लगातार सहार विधानसभा से जनता को प्रतिनिधित्व किया और भाकपा-माले विधायक दल के नेता बने. एक पार्टी नेता व विधायक के बतौर उन्होंने व्यापक ख्याति अर्जित की. यहां तक कि विरोधी पक्ष भी उनकी ईमानदारी व सादगी का सम्मान करता था. उनकी ऐतिहासिक विरासत न्याय, लोकतंत्र और समाज के क्रांतिकारी बदलाव के लिए चल रहे संघर्ष में हमारी राह रौशन करता रहेगा.

आलोक कुमार 

मंगलवार, 25 अक्टूबर 2022

बिहार में डेंगू लगातार अपने पांव पसार रहा है

  


जमुई. बिहार में डेंगू लगातार अपने पांव पसार रहा है.बचाव के लिए सरकारी स्तर पर किए जा रहे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं.मरीजों की संख्या बिहार में दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है.इस बार का डेंगू पिछले कई सालों के डेंगू से अधिक पैनिक है. उसने लोगों के बीच कोरोना वायरस की तरह डर का माहौल बना दिया है. बहुत से मरीजों का प्लेटलेट्स काउंट सामान्य से काफी कम है. 

         डेंगू के बढ़ते मामलों के कारण स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की चिंता बढ़ती जा रही है.पहले कोरोना से निपटना मुश्किल हो रहा था. अब डेंगू पैर पसारने लगा है.वहीं इन दिनों रक्तदान के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही ‘प्रबोध जन सेवा संस्थान‘ की इकाई मानव रक्षक रक्तदाता परिवार के कई सेवा भावी रक्तवीर लगातार गंभीर डेंगू मरीजों की जिंदगी बचाने को लेकर एसडीपी डोनेशन उपलब्ध करवाने को सार्थक प्रयास कर रहे है. जिसमें जमुई इकाई से महादेव सिमरिया निवासी पूर्व मुखिया देवेंद्र सिंह के छोटे पुत्र सूरज सिंह रेयर रक्त समूह ओ-निगेटिव के पहले एसडीपी (सिंगल डोनर प्लेटलेट्स) रक्तदाता बनें.जिन्होंने गत रविवार को स्लम एरिया अदालतगंज,पटना निवासी आईजीआईएमएस में इलाजरत सुनीता देवी के लिए रेयर रक्त समूह ओ-नेगेटिव का एसडीपी डोनेट किया.

           

संस्थान सचिव व सामाजिक कार्यकर्त्ता सुमन सौरभ ने सर्वप्रथम एसडीपी डोनेशन को लेकर रक्तदाता को बधाई दी व कहाँ मरीज को दो तरह से प्लेटलेट्स चढ़ाई जाती हैं.एक एसडीपी (सिंगल डोनर प्लेटलेट्स) होता है. इसमें एक मशीन के माध्यम से व्यक्ति का रक्त लिया जाता है और उसमें से प्लेटलेट्स निकाल ली जाती है.दूसरा आरडीपी होता है इसे प्लेटलेट्स का छोटा पाउच कहा जाता है जो ब्लड बैंक में मिल जाता है. वैसे एसडीपी डोनेशन कई मायनों में रक्तदान जितना आसान नहीं होता.

   इस डोनेशन में परीक्षण के दौरान ही लगभग 90 प्रतिशत रक्त दाताओं को किसी ना किसी कारण अस्वीकृत कर दिया जाता है. आलम यह है कि एक यूनिट एसडीपी के लिए पांच से छह रक्तदाता ब्लड बैंक पहुंचते हैं लेकिन उनमें एक या कभी-कभी एक भी रक्तवीर इस काबिल नहीं माने जा रहे है. हालांकि जो डोनर परीक्षण में सफल हो जा रहे हैं वह एसडीपी डोनेट कर पा रहे है.सुमन ने आगे बताया एसडीपी डोनेशन उन्हीं डेंगू मरीजों को चढ़ाया जाता है जिनका प्लेटलेट्स स्तर काफी नीचे चला गया हो.वैसे एसडीपी डोनेशन की व्यवस्था बिहार के गिने-चुने अस्पताल व ब्लड बैंक में ही है. 


इन वजहों से अस्वीकृत हो रहे रक्तदाता-


1) नसों का पतला या तिरछा होना.


2) पिछले 15 दिनों में किसी तरह के संक्रमण का शिकार होना.


3) हीमोग्लोबिन का स्तर कम होना.


4) किसी तरह की संक्रामक या असाध्य बीमारी से ग्रसित होना.


5) मधुमेह या अन्य रक्त से जुड़ी बीमारियों से ग्रसित होना.


6) पिछले दो-तीन दिनों में शराब का सेवन करना.


सुमन ने बताया जिस तरह से सीरियस केस इन दिनों सामने आ रहे हैं उसको देखकर लगता है कि इस बार डेंगू के लक्षण अधिक घातक हैं.जिस कारण लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है.


डेंगू के लक्षण

डेंगू की शुरुआत तेज बुखार,सिर दर्द,आंखों में दर्द,जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द,थकान, मितली,उल्टी,त्वचा पर लाल चकत्ते और भूख ना लगने जैसे लक्षणों से होती है.


ऐसे करें बचाव-

1) घर के आसपास या घर के अंदर पानी नहीं जमने दें.


2) फुल शर्ट और फुल पैंट यानी शरीर को पूरी तरह से कवर करने वाले कपड़े ही पहनें.


3) मच्छरदानी में सोने का विकल्प अपनाएं.


4) उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचें.


5) गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और बुजुर्गों का विशेष रूप से ध्यान रखें.


आलोक कुमार

 

शनिवार, 22 अक्टूबर 2022

जिला मुख्यालय में बास्केटबॉल कोर्ट एवं वालीबॉल कोर्ट का निर्माण किया जाना है

 मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत जिला मुख्यालय में शीघ्र होगा बास्केटबॉल एवं वालीबॉल कोर्ट का निर्माण.जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न..


बेतिया.कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के छात्र एवं युवा निदेशालय द्वारा खेल संस्कृति को विकसित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री खेल विकास योजना अंतर्गत जिला मुख्यालय में बास्केटबॉल कोर्ट एवं वालीबॉल कोर्ट का निर्माण किया जाना है. इसके लिए कार्रवाई प्रारंभ कर दी गयी है. बास्केटबॉल कोर्ट एवं वालीबॉल कोर्ट निर्माण करने के लिए की जा रही कार्रवाई की समीक्षा आज जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा की गयी.

जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता, भवन निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि बास्केबॉल एवं वालीबॉल कोर्ट निर्माण के लिए प्राक्कलन तैयार कर तकनीकी स्वीकृति के पश्चात प्रशासनिक स्वीकृति के लिए प्रस्ताव अविलंब उपलब्ध करायें.अंचलाधिकारी, बेतिया को निर्देश दिया गया कि बास्केटबॉल कोर्ट के लिए 37मी0×25मी0 तथा वालीबॉल कोर्ट के लिए 35मी0×25मी0 भूमि अविलंब चिन्हित करें ताकि कोर्ट निर्माण की कार्रवाई आगे बढ़ सके.

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में खेल सुविधाओं का विस्तार करने एवं खिलाड़ियों की प्रतिभाओं को निखारने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कई कदम लगातार उठाये जा रहे हैं. जिला प्रशासन का उदेश्य है कि खेल के विभिन्न विधाओं में जिले के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहरा सके.उन्होंने कहा कि बास्केटबॉल एवं वालीबॉल कोर्ट का निर्माण हो जाने से जिले के खिलाड़ियों को प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा, उन्हें बास्केटबॉल एवं वालीबॉल खेलने के लिए बेहतर कोर्ट उपलब्ध हो सकेगा. बास्केटबॉल कोर्ट निर्माण की प्रक्रिया तीव्र गति से क्रियान्वित किया जाए.

बैठक में उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, अपर समाहर्ता, श्री राजीव कुमार सिंह, वरीय उप समाहर्ता, श्री रवि प्रकाश, जिला खेल पदाधिकारी, श्री विजय कुमार पंडित सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.


आलोक कुमार

योजनाओं का शिलान्यास

 


पटना.माननीय मुख्यमंत्री, बिहार सरकार के कर कमलों द्वारा बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड ,पटना ( स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार का एक उपक्रम) माननीय मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना एवं सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह ,अन्य योजनाओं का शिलान्यास /उद्घाटन कार्यक्रम का सीधा प्रसारण का आयोजन किया गया.

बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना अंतर्गत मोतिहारी जिला में एएनएम प्रशिक्षण संस्थान- सह-छात्रावास भवन, रक्सौल,अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जिहुली, प्रखंड पताही, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र , भेड़ीहारी ,प्रखंड सुगौली का उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री के कर कमलों द्वारा संपन्न किया गया.

   इस अवसर पर जिलाधिकारी, सिविल सर्जन, डीपीएम ,डीआईओ, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ें थें.


आलोक कुमार

ग्रामीण क्षेत्र में लोहिया स्वच्छता अभियान

  विशम्भरपुर.बेतिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विशम्भरपुर पंचायत में निर्मित लोहिया स्वच्छता अभियान,अपशिष्ट  प्रसंस्करण इकाई का उद्घाटन हो गया है. इस अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई का उद्घाटन बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी मिलकर किया.


मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में लोहिया स्वच्छता अभियान के माध्यम से देश के हर गांव में रहने वालों घरों में शौचालय निर्माण किया जा रहा है.ऐसा करने से गांवघर के लोग खुले में शौच नहीं करेंगे.इससे गांव में स्वच्छता कायम होगा.इसके लिए सरकार कृतसंकल्पित है.

 

इस उद्घाटन कार्यक्रम में विधायक उमाकांत सिंह, स्थानीय मुखिया संतोष कुमार कुशवाहा, संदीप कुमार श्रीवास्तव,  मानुबाबू कुशवाहा, अमित चौबे, कमल मुखिया, चंद्रमा सिंह, चंद्रशेखर सिंह, दीपू कुशवाहा आदि लोग उपस्थित रहे.

        सामाजिक कार्यकर्ता राहुल कुमार ने कहा कि लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 में जिले के 40 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है. इन सभी चयनित 40 ग्राम पंचायतों के मुखिया तथा पंचायत सचिव के लिए पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान के प्रशिक्षण हॉल में एक दिवसीय उन्मुखीकरण सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजित किया गया था. जिसका उद्घाटन डीडीसी संजय कुमार ने दीप प्रज्जवलित कर किया था.मौके पर निदेशक डीआरडीए सह प्रभारी जिला पंचायती राज पदाधिकारी विवेक सुगंध, एलएसबीए के जिला समन्वयक सुजित कुमार एवं जिला सलाहकार असीम आनंद मौजूद थे.   

इस क्रम में जिला सलाहकार असीम आनंद ने मुखिया एवं पंचायत सचिव को बताया कि लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत विगत वित्तीय वर्ष 2021-22 में जिले के कुल 38 पंचायत का चयन किया गया था.जहां ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्यक्रम के तहत हर घर से कचड़ा का उठाव आरंभ कर दिया गया है अथवा वहां कार्य प्रगति पर है.इसी प्रकार इस वित्तीय वर्ष में कुल 40 पंचायतों में कार्य आरंभ होना है.इसमें 15 वें वित्त के टाइड मद से 30 प्रतिशत राशि खर्च की जानी है. जबकि शेष 70 प्रतिशत राशि लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत खर्च किया जाना है.जिसके माध्यम से पंचायत में एक स्थान पर वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट तैयार किया जाना है. इसके लिए जमीन चिह्नित कर सीओ के माध्यम से एनओसी प्राप्त कर कार्य आरंभ किया जाना है. जिस पर मनरेगा योजना के माध्यम से कार्य किया जाना है. जहां स्वच्छता कर्मी प्रत्येक दिन हर घर से कचड़ा का उठाव कर संग्रह करेंगे तथा वहां से ठोस अपशिष्ट को अलग किया जाएगा. इसके अलावा तरल अपशिष्ट के निष्पादन के लिए तरल जंक्शन चैंबर, सामुदायिक सोख्ता आदि का निर्माण कराया जाएगा.




शुक्रवार, 21 अक्टूबर 2022

लड़ी सीरिज वाले पटाखों के निर्माण व उपयोग प्रतिबंधित

 गया. आज अनुमंडल पदाधिकारी गया सदर इंद्रवीर कुमार एवं पुलिस उपाधीक्षक नगर पारसनाथ साहू के द्वारा गया शहर के सभी थानाध्यक्षों के साथ बैठक की गई तथा दीपावली के अवसर पर पटाखों के संबंध में सरकार द्वारा दिया दिए गए दिशा निर्देश की जानकारी दी गई. सभी थाना अध्यक्ष को निर्देश दिया गया की सरकार द्वारा दिए गए निर्देश का पालन करें एवं कोई भी अवैध पटाखे की दुकान यदि है तो उस पर कार्रवाई करते हुए उसपर कार्रवाई की जाए.

   

सरकार से प्राप्त दिशा निर्देश के अनुसार अधिक शोर वाले, वायु प्रदूषण वाले लड़ी सीरिज वाले पटाखों के निर्माण व उपयोग प्रतिबंधित है.पटाखों की बिक्री केवल लाइसेंस धारी दुकानदारों के द्वारा ही की जा सकती है एवं ऐसे दुकानदार यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके द्वारा मात्र वैसे ही पटाखों की बिक्री की जाएगी जो माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के आदेश के अंतर्गत मान्य है.

   125 डेसीबल से कम आवाज एवं धुआं उत्सर्जित करने वाले पटाखों (हरित पटाखों) के ही निर्माण एवं बिक्री की अनुमति दी गई है. मान्य पटाखों का उपयोग रात्रि 8: 00 से 10: 00 के बीच में किया जा सकता है.शांत क्षेत्र यथा अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, न्यायालय, जैविक उद्यान आदि के 100 मीटर के दायरे में शोर करने वाले किसी भी प्रकार के पटाखों का उपयोग वर्जित रहेगा.

    सभी थाना प्रभारियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जाना है कि पटाखों का प्रयोग केवल निर्धारित स्थल एवं समय के दौरान ही हो. गया शहर में दो लाइसेंसधारी पटाखे के विक्रेता हैं उन्हें भी बैठक में बुलाकर सरकार द्वारा निर्धारित किए गए दिशा निर्देश की जानकारी दी गई. किसी भी परिस्थिति में यदि लाइसेंसी दुकानदार के द्वारा भी पटाखों के संबंध में सरकार के दिशा निर्देश का उल्लंघन किया जाएगा तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. बैठक में सभी थाना अध्यक्ष एवं उपस्थित थे.


आलोक कुमार

बिहार केसरी श्रीकृष्ण सिंह की 135 वीं जयंती

  पटना. आधुनिक बिहार के निर्माता और बिहार के पहले मुख्यमंत्री बिहार केसरी स्व. श्रीकृष्ण सिंह की 135 वीं जयंती प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में मनाई गई। स्व. श्रीकृष्ण सिंह के तैल चित्र पर कांग्रेसजन ने पुष्पांजलि अर्पित की.

   

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा  ने कहा कि श्रीकृष्ण बाबू आधुनिक बिहार के निर्माता रहें हैं और देश की आजादी के लड़ाई में अग्रिम पंक्ति के नेता रहें हैं.उन्होंने बिहार के विकास को राह प्रदान किया. बरौनी और पतरातू थर्मल पावर स्टेशन से लेकर बरौनी तेल शोधक कारखाना, बोकारो स्टील कारखाना, बरौनी व सिंदरी सीमेंट कारखाना, हेवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन आदि प्रमुख कारखानों को उन्होंने अविभाजित बिहार लगने का मार्ग प्रशस्त किया. श्रीकृष्ण बाबू आजादी के लड़ाई में देश को दिशा देने वाले नेताओं में से एक रहें हैं.

   सांसद डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि आधुनिक बिहार के निर्माण में श्रीकृष्ण बाबू का योगदान अविस्मरणीय है.बिहार को प्रगति पथ पर अग्रसर करने में उनकी अहम भूमिका रही है.

    जयंती कार्यक्रम में सांसद डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह, प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी, डॉ. समीर कुमार सिंह, मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़,  पूर्व मंत्री वीणा शाही, पूर्व विधायक नरेन्द्र कुमार, प्रमोद कुमार सिंह, लाल बाबु लाल, ज्ञान रंजन, संजीव कुमार कर्मवीर, नागेन्द्र कुमार विकल, अम्बुज किशोर झा,  मृणाल अनामय, अरविंद लाल रजक, शशिकांत तिवारी,धनञ्जय शर्मा, डॉ. आशुतोष शर्मा, उमेश राम, गुरुदयाल सिंह, अजय कुमार यादव, उदय शंकर पटेल,  राजेश मिश्रा, सुधा मिश्र, ललन यादव,निधि पाण्डेय, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, मिथिलेश शर्मा मधुकर, प्रदुमन यादव, मृगेंद्र कुमार सिंह, सुनील कुमार सिंह, तारिणी ऋषिदेव, रंजन कुमार यादव, रोहित कुमार पासवान, यशवंत कुमार चमन, आर्य अंचित, राकेश पटेल, निरंजन कुमार, विनय उपाध्याय, ताहिर अनीस खान समेत प्रमुख नेतागण मौजूद रहें.

बता दें कि बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती को लेकर राज्य में जमकर राजनीति हो रही है. कांग्रेस और बीजेपी दोनों श्रीकृष्ण सिंह के रास्ते पर चलने की बात कर रहे हैं और एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं. बताते चलें कि श्रीकृष्ण सिंह जब तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे तब तक बिहार देश के टॉप राज्यों में शामिल रहा है. लेकिन आज की स्थिति किसी से छिपी हुई नहीं हैं. इसके अलावे अगड़ी जाति से आने के बावजूद श्रीकृष्ण सिंह ने दलितों और वंचितों के लिए जो कुछ भी किया, शायद आज दलित नेता भी इस समाज के लिए उतना नहीं कर सके और यही वजह है कि श्री बाबू का नाम दलित नेता भी अदब के साथ लेते हैं.


आलोक कुमार


आपसी सद्भाव एवं श्रम शांति बनी रहे

  पटना.ऐसा दृष्टिगोचर हो रहा है कि कुर्जी होली फैमिली अस्पताल कर्मचारी यूनियन (इंटक) और कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल के बीच कर्मचारियों की समस्याओं एवं मांगों की सूची पत्र पर द्विपक्षीय समझौता संभव नहीं है.सात माह  के बाद भी मांगों पर एक कदम भी बढ़ा नहीं जा सका है.कल शनिवार को हॉस्पिटल के प्रबंधन और यूनियन के बीच द्विपक्षीय समझौता होगी.

   

बता दें कि मेडिकल मिशन सिस्टर्स सोसाइटी और सिस्टर ऑफ नाजरेथ सोसाइटी के सिस्टर मिलकर कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल को चलाते हैं.यहां पर कुर्जी होली फैमिली अस्पताल कर्मचारी यूनियन (इंटक) संचालित है.प्रत्येक तीन साल पर कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल के प्रबंधन और कुर्जी होली फैमिली अस्पताल कर्मचारी यूनियन (इंटक) के बीच त्रिवर्षीय समझौता कर कर्मचारियों की समस्या और मांग को पूर्ण की जाती है.अगर दोनों की बीच समझौता नहीं होने हो पाती है तो मामला उप श्रमायुक्त के पास अग्रसारित कर दिया है.यहां पर त्रिपक्षीय समझौता होती है.

   बता दें कि त्रिवार्षिक समझौता का समापन 31.03.2022 को होने वाला था.इसके आलोक में कुर्जी होली फैमिली अस्पताल कर्मचारी यूनियन (इंटक) की आमसभा 25 मार्च 2022 को आयोजित की गयी थी.आमसभा में पारित प्रस्ताव के संबंधित मांगों की सूची 26.03.2022 को प्रेषित कर दी गयी. कर्मचारियों की समस्याओं एवं मांगों की सूची पत्र के साथ प्रेषित किया गया.पत्र में यह भी कहा गया कि आवश्यकतानुसार यूनियन की ओर से पूरक मांगों को भी प्रेषित किया जा सकता है.यह अनुरोध किया कि मांगों की सूची पर पत्र प्राप्ति के 15 दिनों के अंदर द्विपक्षीय वार्ता कर कर्मचारियों की समस्याओं एवं उनकी मांगों के संबंध में निराकरण करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे ताकि आपसी सद्भाव एवं श्रम शांति बनी रहे.


आलोक कुमार


फिलहाल छठ घाटों की प्रारंभिक सूची में 14 घाटों को खतरनाक घोषित किया



 पटना.पटना जिले के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह आने वाले थे. पटना नगर निगम के कर्मी मार्ग की सफाई करने में जुट गये. इनके अलावे जिला प्रशासन द्वारा लगातार छठ घाटों की साफ-सफाई कराया जा रहा है. वहीं, गुरुवार को जिलाधिकारी ने छठ घाटों का निरीक्षण किया, जिसके बाद पटना के 14 घाटों को खतरनाक घोषित किया गया.

   


बिहार इस बार 28 अक्टूबर को नहाय-खाए अनुष्ठान के साथ छठ महापर्व आरंभ होगा. लेकिन राजधानी पटना में गंगा के घटते-बढ़ते जलस्तर ने टेंशन बढ़ा रखी है. जिले के गंगा घाट पर अब धीरे-धीरे गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे हो रहा है. लेकिन घाट पूरा कीचड़मय है. ऐसे में घाटों को समय रहते दुरुस्त करना जिला प्रशासन के लिए एक चुनौती से कम नहीं है.        

    पटना डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि फिलहाल छठ घाटों की प्रारंभिक सूची पटना जिला प्रशासन की ओर से बनाई गई है. इसी कड़ी में फिलहाल 2 दिनों में गंगा घाटों पर गंगा के जलस्तर में कमी आने के बाद इस सूची में काफी परिवर्तन किया जाएगा. वर्तमान की स्थिति को देखते हुए पटना जिले के 14 घाटों को खतरनाक घोषित किया गया है.पटना जिला अधिकारी ने खतरनाक घाटों की सूची को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि कुर्जी घाट, राजापुर पुल घाट, बांस घाट, पहलवान घाट के साथ-साथ अन्य 14 घाटों की हालिया स्थिति को देखते हुए उसे खतरनाक घोषित किया गया है. डीएम ने बताया कि 2 दिनों के अंदर पटना जिला के गंगा घाटों की स्थिति को देखते हुए खतरनाक घाटों की सूची में परिवर्तन किए जाएंगे.

पटना नगर निगम के निवर्तमान डिप्टी मेयर रजनी देवी और वार्ड नं. 22 बी के मुख्य जनसंपर्क अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय ने कहा कि पटना जिले के जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह ने कुर्जी घाट को खतरनाक घाटों की प्रारंभिक सूची में डाल दिये है.उन्होंने कहा कि हम लोग मिलकर कुर्जी घाट को अर्घ्य देने लायक कुर्जी घाट को बना देंगे.

मालूम हो कि सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय के द्वारा प्रत्येक साल घाट तैयार किया जाता है तथा लोगों के बीच में अर्घ्य देने वाले सामग्री वितरित किया जाता है.

आलोक कुमार

लोक आस्था का महापर्व छठ की तैयारी शुरू

 पटना.लोक आस्था का महापर्व छठ की तैयारी शुरू हो गई है.भगवान सूर्य और छठी माता को समर्पित महापर्व छठ पूजा हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है.लोक आस्था का पर्व चार दिन तक चलता है.देश भर में छठ पूजा की शुरुआत 28 अक्टूबर से होगी. छठ महापर्व के दूसरे दिन को खरना कहा जाता है. इस बार खरना 29 अक्टूबर को पड़ रहा है.छठ पूजा के तीसरे दिन 30 अक्टूबर को पहला अर्घ्य सूर्यास्त के समय डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा. चौथे दिन 31 अक्टूबर को व्रती पानी में खड़े होकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है.

   

लोक आस्था का छठ महापर्व चार दिन तक चलता है. इस साल ये 28 अक्टूबर 2022 से शुरू होगा और 31 अक्टूबर तक चलेगा. छठ पूजा में संतान के स्वास्थ्य, सफलता और दीर्घायु के लिए पूरे 36 घंटे का निर्जला उपवास किया जाता है जिसे महिलाओं के साथ ही पुरुष भी रखते हैं.                             

छठ महापर्व के दूसरे दिन को खरना कहा जाता है. इस बार खरना 29 अक्टूबर को पड़ रहा है. इस दिन व्रती महिलाएं गुड़ की खीर का प्रसाद बनाती हैं. उसे रात में ग्रहण करती हैं जिसके बाद इसे प्रसाद के रूप में बांटा जाता है. इसके बाद से 36 घंटे का व्रत शुरू हो जाता है.

  छठ पूजा के तीसरे दिन 30 अक्टूबर को सूर्यास्त के समय डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हैं. व्रती महिला और पुरुष नदी, तालाब या फिर घर में ही पानी में खड़े होकर अर्घ्य देते हैं. सूर्यास्त का समय - शाम 5 बजकर 37 मिनट.

    चौथे दिन 31 अक्टूबर को सुबह वाला अर्घ्य व्रती पानी में खड़े होकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. इसके बाद छठ पूजा का समापन होता है. फिर व्रत का पारण किया जाता है.

     इस बीच कुर्जी घाट का मुआयना करने पटना जिले के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह आने वाले थे.पटना नगर निगम के कर्मी मार्ग की सफाई करने में जुट गये.इनके अलावे जिला प्रशासन द्वारा लगातार छठ घाटों की साफ-सफाई कराया जा रहा है. वहीं, गुरुवार को जिलाधिकारी ने छठ घाटों का निरीक्षण किया, जिसके बाद पटना के 14 घाटों को खतरनाक घोषित किया गया. 

   बिहार इस बार 28 अक्टूबर को नहाय-खाए अनुष्ठान के साथ छठ महापर्व आरंभ होगा. लेकिन राजधानी पटना में गंगा के घटते-बढ़ते जलस्तर ने टेंशन बढ़ा रखी है. जिले के गंगा घाट पर अब धीरे-धीरे गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे हो रहा है. लेकिन घाट पूरा कीचड़मय है. ऐसे में घाटों को समय रहते दुरुस्त करना जिला प्रशासन के लिए एक चुनौती से कम नहीं है.        

    पटना डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि अभी फिलहाल छठ घाटों की प्रारंभिक सूची पटना जिला प्रशासन की ओर से बनाई गई है. इसी कड़ी में फिलहाल 2 दिनों में गंगा घाटों पर गंगा के जलस्तर में कमी आने के बाद इस सूची में काफी परिवर्तन किया जाएगा. वर्तमान की स्थिति को देखते हुए पटना जिले के 14 घाटों को खतरनाक घोषित किया गया है.                  

पटना जिला अधिकारी ने खतरनाक घाटों की सूची को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि कुर्जी घाट, राजापुर पुल घाट, बांस घाट, पहलवान घाट के साथ-साथ अन्य 14 घाटों की हालिया स्थिति को देखते हुए उसे खतरनाक घोषित किया गया है. डीएम ने बताया कि 2 दिनों के अंदर पटना जिला के गंगा घाटों की स्थिति को देखते हुए खतरनाक घाटों की सूची में परिवर्तन किए जाएंगे.

आलोक कुमार 


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