शुक्रवार, 21 अक्टूबर 2022

लोक आस्था का महापर्व छठ की तैयारी शुरू

 पटना.लोक आस्था का महापर्व छठ की तैयारी शुरू हो गई है.भगवान सूर्य और छठी माता को समर्पित महापर्व छठ पूजा हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है.लोक आस्था का पर्व चार दिन तक चलता है.देश भर में छठ पूजा की शुरुआत 28 अक्टूबर से होगी. छठ महापर्व के दूसरे दिन को खरना कहा जाता है. इस बार खरना 29 अक्टूबर को पड़ रहा है.छठ पूजा के तीसरे दिन 30 अक्टूबर को पहला अर्घ्य सूर्यास्त के समय डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा. चौथे दिन 31 अक्टूबर को व्रती पानी में खड़े होकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है.

   

लोक आस्था का छठ महापर्व चार दिन तक चलता है. इस साल ये 28 अक्टूबर 2022 से शुरू होगा और 31 अक्टूबर तक चलेगा. छठ पूजा में संतान के स्वास्थ्य, सफलता और दीर्घायु के लिए पूरे 36 घंटे का निर्जला उपवास किया जाता है जिसे महिलाओं के साथ ही पुरुष भी रखते हैं.                             

छठ महापर्व के दूसरे दिन को खरना कहा जाता है. इस बार खरना 29 अक्टूबर को पड़ रहा है. इस दिन व्रती महिलाएं गुड़ की खीर का प्रसाद बनाती हैं. उसे रात में ग्रहण करती हैं जिसके बाद इसे प्रसाद के रूप में बांटा जाता है. इसके बाद से 36 घंटे का व्रत शुरू हो जाता है.

  छठ पूजा के तीसरे दिन 30 अक्टूबर को सूर्यास्त के समय डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हैं. व्रती महिला और पुरुष नदी, तालाब या फिर घर में ही पानी में खड़े होकर अर्घ्य देते हैं. सूर्यास्त का समय - शाम 5 बजकर 37 मिनट.

    चौथे दिन 31 अक्टूबर को सुबह वाला अर्घ्य व्रती पानी में खड़े होकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. इसके बाद छठ पूजा का समापन होता है. फिर व्रत का पारण किया जाता है.

     इस बीच कुर्जी घाट का मुआयना करने पटना जिले के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह आने वाले थे.पटना नगर निगम के कर्मी मार्ग की सफाई करने में जुट गये.इनके अलावे जिला प्रशासन द्वारा लगातार छठ घाटों की साफ-सफाई कराया जा रहा है. वहीं, गुरुवार को जिलाधिकारी ने छठ घाटों का निरीक्षण किया, जिसके बाद पटना के 14 घाटों को खतरनाक घोषित किया गया. 

   बिहार इस बार 28 अक्टूबर को नहाय-खाए अनुष्ठान के साथ छठ महापर्व आरंभ होगा. लेकिन राजधानी पटना में गंगा के घटते-बढ़ते जलस्तर ने टेंशन बढ़ा रखी है. जिले के गंगा घाट पर अब धीरे-धीरे गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे हो रहा है. लेकिन घाट पूरा कीचड़मय है. ऐसे में घाटों को समय रहते दुरुस्त करना जिला प्रशासन के लिए एक चुनौती से कम नहीं है.        

    पटना डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि अभी फिलहाल छठ घाटों की प्रारंभिक सूची पटना जिला प्रशासन की ओर से बनाई गई है. इसी कड़ी में फिलहाल 2 दिनों में गंगा घाटों पर गंगा के जलस्तर में कमी आने के बाद इस सूची में काफी परिवर्तन किया जाएगा. वर्तमान की स्थिति को देखते हुए पटना जिले के 14 घाटों को खतरनाक घोषित किया गया है.                  

पटना जिला अधिकारी ने खतरनाक घाटों की सूची को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि कुर्जी घाट, राजापुर पुल घाट, बांस घाट, पहलवान घाट के साथ-साथ अन्य 14 घाटों की हालिया स्थिति को देखते हुए उसे खतरनाक घोषित किया गया है. डीएम ने बताया कि 2 दिनों के अंदर पटना जिला के गंगा घाटों की स्थिति को देखते हुए खतरनाक घाटों की सूची में परिवर्तन किए जाएंगे.

आलोक कुमार 


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

welcome your comment on https://chingariprimenews.blogspot.com/

The Configure Featured Post option in Blogger allows you to highlight a selected post prominently on

How to Configure Popular Posts in Blogger The Popular Posts widget highlights your most viewed post