रविवार, 2 अक्टूबर 2022

महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो का धर्माध्यक्षीय अभिषेक की रजत जयंती

 रांची. रांची महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो येसु समाजी हैं.उनका जन्म 21 नवम्बर 1947 को गुमला जिला में हुआ था.इस जिले के टोंगो पल्ली के एक ख्रीस्तीय परिवार में हुआ था. उनकी माता का नाम कैथरिन टोप्पो और पिता का नाम लियोस टोप्पो था. अपने माता-पिता के 9 बच्चों में उनका स्थान आठवाँ था. उन्होंने 7 सितम्बर 1968 ई. को येसु समाजी पुरोहित बनने के लिए येसु समाज के धर्म संघ में प्रवेश किया और 14 अप्रैल 1982 को उनका पुरोहिताभिषेक हुआ. उसके बाद 1997 तक विभिन्न रूपों में कलीसिया की सेवा की.

18 जुलाई 1997 को वे जमशेदपुर धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष नियुक्त किये गये.उस समय वे जमशेदपुर के येसु भवन मानगो में नोविस मास्टर के रूप में सेवा दे रहे थे. 27 सितम्बर 1997 को रांची के महाधर्माध्यक्ष तेलेस्फोर पी. टोप्पो ने उनका धर्माध्यक्षीय पावन अभिषेक सम्पन्न किया. तब से 6 अगस्त 2018 तक उन्होंने जमशेदपुर धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष के रूप में कार्य किया.

संत पापा फ्राँसिस ने 22 जून 2018 को उन्हें राँची महाधर्मप्रांत का महाधर्माध्यक्ष नियुक्त किया. 6 अगस्त 2018 को संत मरिया महागिरजाघर में महाधर्माध्यक्ष के रूप में उनका प्रतिस्थापन हुआ.तब से वे राँची महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष के रूप में कार्यरत है.

रांची महाधर्मप्रांत के कार्डिनल तेलेस्फोर प्लासिडस टोप्पो (78) का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है.वहीं रोम में रहने वाले पोप फ्रांसिस ने जमशेदपुर धर्मप्रांत के बिशप     रेव. फेलिक्स टोप्पो (70), एसजे, को रांची के नए आर्कबिशप के रूप में नियुक्त कर दिया है. यह उपशास्त्रीय प्रावधान रविवार को 24 जून, 2018 को दोपहर में 15:30 स्थानीय समय पर भारतीय मानक समय के अनुरूप रोम में सार्वजनिक किया गया था. महामहिम रेव. फेलिक्स टोप्पो, एसजे का जन्म 21 नवंबर,1947 को झारखंड, गुमला के डायसिस में हुआ था.उन्होंने 1 9 68 में सोसाइटी ऑफ जीसस में प्रवेश किया.उनका पुरोहिताभिषेक 14 अप्रैल,1982 में हुआ.उन्होंने     1990 में ग्रेगोरियन यूनिवर्सिटी, रोम से मनोविज्ञान में परास्नातक प्राप्त किए. प्री-नोवाइसेस के निदेशक के रूप में विभिन्न क्षमताओं में जेसुइट मंडली की सेवा करने के बाद, नोविश मास्टर और सुपीरियर रहे. वे 14 जून,1997 को जमशेदपुर के बिशप चुने गए. विधिवत बिशप 27 सितंबर, 1997 को बने. बिशप के रूप में वे क्षेत्रीय बिशप परिषद (झारखंड) और दो क्षेत्रीय आयोगों के अध्यक्ष थे. सेंट अल्बर्ट्स कॉलेज, रांची के कुलगुरू. वे पुरोहित के रूप में 36 साल और एक बिशप के रूप में 20 साल शानदार कार्य किए. बताते चले कि रांची के आर्कबिशप तेलेस्फोर पी टोप्पो ने 75 साल के होने पर नियमानुसार पोप को इस्तीफा भेज दिया था.तब पोप ने आर्क बिशप बने रहने को कहा था.अंतत:3 साल के बाद 78 बसंत देख लेने वाले को आर्क बिशप का आवेदन स्वीकार कर इस्तीफा लिया गया. वे कार्डिनल बने रहेंगे.


आलोक कुमार

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