सोमवार, 20 मार्च 2023

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित करें कि बिना खनन परमिट के कोई भी खनन नहीं हो

  *जिला खनन टास्क फोर्स की की गई बैठक.राजस्व संग्रहण में तेजी लाएं. अवैध खनन /परिवहन को लेकर लगातार छापामारी करते हुए दोषियों के विरुद्ध विधि सम्मत कठोर कार्रवाई की जाए...

सीतामढ़ी। यहां के जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित विमर्श हॉल में खनन टास्क फोर्स की बैठक शनिवार शाम को की गई।

बैठक में अवैध खनन एवं परिवहन,खनन परमिट,ईंट भट्टा,जब्त वाहनों को रखने, चेक पोस्ट बनाने ,विभाग में प्रतिनियुक्त सुरक्षाबलों, राजस्व प्राप्ति की गति बढ़ाने आदि से संबंधित कई विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गई।

      जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित करें कि बिना खनन परमिट के कोई भी खनन नहीं हो। उन्होंने कहा कि अवैध खनन को लेकर लगातार अभियान चलाकर करवाई करें।राजस्व प्राप्ति को लेकर अभियान में तेजी लाकर तीव्र गति से लक्ष्य की प्राप्ति करें। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि खनन विभाग ,परिवहन विभाग एवं अनुमंडल पदाधिकारी संयुक्त रूप से टीम बनाकर अवैध खनन/ परिवहन को लेकर औचक छापेमारी करें। पर्यावरण क्लीयरेंस के बगैर चल रहे ईंट भट्ठोंe पर कार्रवाई करने की बात कही। जिला खनन अधिकारी को निर्देशित किया कि नियमित रूप से वाहनों की जांच कर आवश्यक करवाई करना सुनिश्चित करें साथ ही सदर एसडीओ,परिवहन पदाधिकारी एवं सभी सीईओ एवं थानाध्यक्ष अपने अपने स्तर से अपने अपने क्षेत्र अंतर्गत नदी और नहरों पर नजर रखें । 

   अवैध खनन और परिवहन में संलिप्त वाहनों को जप्त  करने की कार्रवाई करें ताकि अवैध खनन और परिवहन पर रोक लग सके। निर्देश दिया कि जिला परिवहन पदाधिकारी से समन्वय स्थापित कर नियमित रूप से ओवरलोडिंग बालू गिट्टी लदे वाहनों पर नियमानुसार कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे। अवैध मिट्टी और बालू खनन पर नियंत्रण के लिए लगातार छापामारी करने और पकड़े जाने पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

    वहीं खनन पदाधिकारी  ने बैठक में जानकारी दी कि 2022 -23 में सीतामढ़ी जिला में 3124.69 लाख रुपये का लक्ष्य निर्धारित है जिसके विरुद्ध अब तक 2560.92 लाख की जो कि लक्ष्य का 81.95 प्रतिशत है। बैठक में पुलिस अधीक्षक हर किशोर राय, सिविल सर्जन, जिला परिवहन पदाधिकारी, डीसीएलआर पुपरी, सदर एसडीओ राकेश कुमार, जिला जनसंपर्क अधिकारी कमल सिंह के साथ अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।



आलोक कुमार

डाटा एंट्री ऑपरेटर को प्रशिक्षण मास्टर ट्रेनर के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया

 

सीतामढ़ी। बिहार जाति आधारित गणना- 2022 के अंतर्गत द्वितीय चरण का प्रशिक्षण का आरंभ जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा, अपर समाहर्ता राजस्व मनीष कुमार शर्मा ,जिला सांख्यिकी पदाधिकारी तथा मास्टर ट्रेनर के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। जाति आधारित गणना के द्वितीय चरण वास्तविक गणना 15 अप्रैल से 15 मई 2023 तक होगी। परिचर्चा भवन में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला स्तरीय पदाधिकारी ,फील्ड ट्रेनरों, सहायको एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर को प्रशिक्षण मास्टर ट्रेनर के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। जिला स्तरीय प्रशिक्षण प्रशिक्षण 20 से 25 मार्च 2023 तक अलग-अलग बैच में किया जाएगा।

आज के प्रशिक्षण में बैरगनिया ,सुप्पी, सोनबरसा, सुरसंड, नगर परिषद सुरसंड से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मियों को ट्रेनिंग दी गई। प्रशिक्षण में द्वितीय चरण से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं के विस्तृत जानकारी ट्रेनर के द्वारा दी गई।

   मौके पर उपस्थित जिलाधिकारी ने कहा  कि द्वितीय चरण की ट्रेनिंग प्राप्त करने के पश्चात सभी अधिकारी /कर्मी अपने अपने क्षेत्र अंतर्गत पूरी मुस्तैदी से कार्य करना सुनिश्चित करेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला स्तरीय गणना महत्व एवं बारीकियों को देखते हुए प्रशिक्षण का कार्य तीन स्तरों:-राज्य , जिला तथा चार्ज स्तर पर किया जाना है। उन्होंने बताया कि तृतीय चरण का कार्य मोबाइल ऐप, गणना प्रपत्रों एवं पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है।

अतः गणना कर्मियों को सभी पहलुओं, तथ्यों एवं तरीकों की विस्तृत,सारगर्भित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के लिए प्रत्येक चार्ज स्तर पर एक बैच में प्रगणकों एवं प्रेक्षकों की संख्या 40 से 50 के बीच रहेगी। बताया  कि द्वितीय चरण में मोबाइल एप्प और पोर्टल पर कार्य किया जाना है।इसलिए आई टी सहायको की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।

 प्रशिक्षण में जानकारी दी गई कि प्रतिदिन 1 प्रगणक न्यूनतम 5 परिवारों के गणना प्रपत्र पर संधारित करते हुए पर्यवेक्षक के मोबाइल एप्प पर भेजना सुनिश्चित करेंगे। प्रगणक प्रतिदिन के गणना का रिपोर्ट हार्ड कॉपी में(17 बिंदु प्रपत्र) एवं सॉफ्ट कॉपी में संधारित कर पर्यवेक्षक को मोबाइल ऐप पर समर्पित करना सुनिश्चित करेंगे।जिसे पर्यवेक्षक के द्वारा गहनता के साथ जांच कर सूचना का मिलान करते हुए सभी सूचना सही पाए जाने पर चार्ज अधिकारी के वेब पोर्टल पर सबमिट करते हुए प्रगणक प्रपत्र चार्ज पदाधिकारी को हस्तगत करना सुनिश्चित करेंगे। एक प्रपत्र में एक ही परिवार के सभी सदस्यों की गणना की जाएगी। जानकारी दी गई कि कुल चार्ज पदाधिकारी की संख्या 22 है जबकि 1410 पर्यवेक्षक हैं। 7759 प्रगणक की संख्या है। जिला स्तरीय पदाधिकारी, फील्ड ट्रेनरों , सहायक एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर की कुल संख्या 248 है।चार्ज स्तर पर प्रशिक्षण 26 मार्च से 11 अप्रैल 2023 तक की जाएगी।

आलोक कुमार

बिहार के लोक गायन की समृद्ध विरासत के साथ सूफी एवं ग़ज़ल गायकी की धूम मचेगी

  * बिहार दिवस-2023 के अवसर पर होगा भव्य कार्यक्रमों का आयोजन

* सीतामढ़ी सांस्कृतिक विमर्श कार्यक्रम के साथ सांस्कृतिक संध्या के आयोजन में बिहार के लोक गायन की समृद्ध विरासत के साथ सूफी एवं ग़ज़ल गायकी की धूम मचेगी

 * स्थानीय कलाकारों के साथ कई प्रसिद्ध कलाकार की होगी सहभागिता


सीतामढ़ी। बिहार दिवस -2023 के अवसर पर जिले में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। 22 मार्च को प्रातः 7ः 00 बजे कमला बालिका विद्यालय से प्रभात फेरी निकाली जाएगी। वही 10ः 00 पूर्वाह्न से 2ः 00 अपराहन तक स्थानीय परिचर्चा भवन में सीतामढ़ी ’सांस्कृतिक विमर्श’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उक्त कार्यक्रम में सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत पर उपस्थित अतिथियों के द्वारा चर्चा की जाएगी।

     संध्या 5ः 00 बजे डुमरा हवाई अड्डा मैदान में सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम का आयोजन होगा।  स्थानीय कलाकारों(कमला नेहरू के छात्राओ) के द्वारा बिहार गौरव गान से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आगाज होगा। साथ ही श्री उमाशंकर द्वारा सितार वादन तथा सुश्री  सुदीपा बोस द्वारा भरतनाट्यम की प्रस्तुति की जाएगी।इसके अतिरिक्त मध निषेध पर आधारित नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन किया जाएगा। सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में स्थानीय कलाकार एवं आमंत्रित कलाकारों के द्वारा भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा की प्रस्तुति विभिन्न विधाओं के माध्यम से की जाएगी। उक्त कार्यक्रम 22 दिसंबर को होगा।

     वहीं 23 मार्च को 1ः 00 अपराहन में जानकी आउटडोर स्टेडियम में फैंसी कबड्डी मैच का आयोजन किया जाएगा। 23 मार्च को ही सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम डुमरा हवाई अड्डा मैदान में आयोजित होगा. जिसमें स्थानीय कलाकारों के द्वारा प्रस्तुति करने के साथ ही श्री राजीव सिन्हा द्वारा सूफी एवं गजल गायन और श्री अमर आनंद द्वारा बिहार गौरव गान एवं सुगम संगीत की प्रस्तुति की जाएगी।

      वहीं 24 मार्च को शिक्षा बिहार दिवस के अवसर पर विभिन्न गतिविधियां की जाएंगी। शिक्षा विभाग के द्वारा 24 मार्च को ’हेरिटेज वॉक’ पुनौरा धाम से जानकी स्थान तक निकाली जाएगी।


आलोक कुमार

रविवार, 19 मार्च 2023

अब बहुत मेहनत करके कार्यक्रम में चार चांद लगाना है

  

पटना। आज रविवार ( 19 मार्च) को गुड फ्राइडे की झांकी की तैयारी करने में समय बिताने के बाद भी सलीब ढोते को कलाकार को खोज निकालने में असफल होने के बाद बेस्ट कलाकार के रूप में विक्टर फ्रांसिस का ही चयन कर लिया गया है। अब बहुत कम समय बच गया है।  
   अब बहुत मेहनत करके कार्यक्रम में चार चांद लगाना है। हमारे पल्ली में कलाकारों की बहुत कमी है इसलिए

बिल्कुल नए लोगों से अभिनय करना थोड़ा मुश्किल है लेकिन मैं मानता हूँ कि यदि कोई किसी भी काम में दिल से कोशिश करे तो वह जरूर सफ़ल होता ही है और आज झांकी  के रिहर्सल कराते समय इसे महसूस किया क्योंकि बिल्कुल नए कलाकारों से काम करने में मुझे व्यक्तिगत रूप से बहुत आनंद का अनुभव होता है क्योंकि नए कलाकारों से काम कराते समय मुझे भी बहुत कुछ सीखने का मौका मिलता है। हाँ यह बहुत सही है कि मेरा खून कुछ ज्यादा ही जलता है।

आज जिन कलाकारों ने भी इस झांकी  में काम करने की इच्छा लेकर चर्च के प्रांगण में आए वे जल्दी सीखने की कोशिश कर रहे हैं यह देखकर मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि इस बार की भी झांकी  बहुत सुन्दर, प्रभावपूर्ण और पूरी भक्तिपूर्ण निकाली जाएगी।

  यह झांकी  7 अप्रैल 2023 को गुड़ फ्राइडे के पवन बेला में फेयर फिल्ड ( आशा दीप) से सुबह सात बजे सुबह निकलेगी और मुख्य सड़क से होती हुई Kurji Church के प्रांगण में आकर एक विशेष प्रार्थना के साथ संपन्न होगी।इस झांकी  को तैयार कर रहे हैं विक्टर फ्रांसिस ( जो इस बार भी) जिसकी भूमिका में नज़र आएँगे।



आलोक कुमार

अपहरणकर्ता मुकेश कुमार का तुषार राज से पूर्व से परिचय था वह पूर्व में छात्र का शिक्षक रह चुका है


बिहटा.पटना के बिहटा से गुरुवार 16 मार्च को बिहटा थानान्तर्गत ग्राम कन्हौली से छठी कक्षा के एक किशोर छात्र तुषार राज का अपहरण किया गया था.पुलिस का मानना है कि अपहृत छठी के छात्र तुषार को अपहरण के तुरंत बाद ही शाम में हत्या कर दी गई थी.अपहरणकर्ता मुकेश कुमार का तुषार राज से पूर्व से परिचय था वह पूर्व में छात्र का शिक्षक रह चुका है.

    शनिवार को बिहटा में ESIC अस्पताल के पीछे अधजली लाश बरामद हुई थी.शव बरामद होने के तुरंत बाद ही FSL की टीम को बुलाकर महत्वपूर्ण साक्ष्यों को इकट्ठा किया गया ताकि त्वरित अनुसंधान किया जा सके.अग्रतर अनुसंधान में भी FSL की टीम की मदद ली जा रही है.

मृतक की पहचान स्थापित करने के लिए शव के पास से बरामद हुये खून लगे चाकू व अन्य वस्तुओं से प्राप्त सैंपल का DNA मिलान कराया जाएगा.अब खुलासा हुआ है कि लाश उसी की थी. पुलिस ने इस मामले में साजिशकर्ता, अपहर्ता और हत्यारा को गिरफ्तार किया है.अभियुक्त को सजा दिलाने के लिए स्पीडी ट्रायल चलाया जाएगा.

   अपहरण के बाद से पुलिस इस एंगल पर ज्यादा विश्वास कर रही थी कि छात्र का मोबाइल ज्ञान अच्छा था और उसने खुद अपहरण का ड्रामा रचा हो. 12 साल के तुषार के अपहरण के बाद परिजनों के पास कॉल कर 40 लाख की फिरौती मांगी गई थी.धमकी दी गई थी कि अगर पुलिस के पास गए तो बच्चे को मार डालूंगा. अपराधियों ने वॉयस मैसेज भेजा था, जिसके बारे में पुलिस यह भी अंदेशा जता रही थी कि किसी एप के जरिए तुषार और उसके साथियों ने आवाज बदलकर यह सब किया हो.

     बिहटा प्रखंड के श्रीरामपुर निवासी शिक्षक राज किशोर पंडित का इकलौता बेटा तुषार कुमार गुरुवार की शाम 6 बजे घर से बाहर निकला था. बिहटा के जिस विवेकानंद कोचिंग में उसने दो साल पढ़ाई की थी, उसी के मुकेश कुमार ने तुषार को व्हाट्सएप कॉल कर बुलाया था. बुलाने के बाद उसे मुकेश ने अगवा कर लिया और डेढ़ घंटे के अंदर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद तुषार के मोबाइल से ही वॉइस मैसेज के जरिए 40 लाख रुपये की मांग की जा रही थी.पुलिस ने सिर्फ मुकेश को पेश किया, हालांकि बिहटा में उसके साथ और चार लोगों के शामिल होने की जानकारी मिल रही थी.

अपहरण और हत्या की साजिश के मुख्य आरोपी मुकेश पर करीब 20 लाख रुपये का कर्ज था.कर्ज चुकाने का उपाय ढूढ़ते हुए उसने तुषार के अपहरण की साजिश रची. चूंकि तुषार उसे अच्छी तरह से जानता था, इसलिए आसानी से फंसाने की सोच रखते हुए उसने यह साजिश रची.इसके लिए उसने कॉल की जगह व्हाट्सएप कॉल का सहारा लिया.

    इकलौते बेटे की वापसी के लिए अगर शिक्षक परिवार जैसे-तैसे 40 लाख रुपये फिरौती में देने के लिए जुटा भी लेता तो भी उनकी जिंदगी में रोशनी लौटने की संभावना नहीं थी.तुषार चूंकि मुकेश को ठीक से पहचानता था, इसलिए उसने अपहरण के साथ ही हत्या की प्लानिंग कर रखी थी.चाकू और पेट्रोल का इंतजाम रखने का मतलब ही है कि हत्या के बाद लाश को जलाना भी था.

    पटना के SSP राजीव मिश्रा ने अपराधियों को मीडिया के सामने पेश करते हुए बताया कि मुकेश ने पहले तुषार का गला दबाया, फिर चाकू से मार डाला.तुषार की लाश को बिहटा थाना क्षेत्र के ही खेदलपुरा गांव के जंगल में जला डाला था. इधर, तुषार के परिजनों से उसे वापस करने के लिए रुपयों की मांग जारी रखी गई थी.पुलिस काफी दूर तक मोबाइल लोकेशन के आधार पर ही पहुंची, फिर जली लाश मिलने के साथ मुकेश की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर उसके पीछे लगी.

   अभियुक्त मुकेश कुमार द्वारा स्वीकारोक्ति बयान में बताया गया है कि उसके उपर करीब 20 लाख रूपये का कर्ज है जिसे चुकाने के लिए उसने अपने पूर्व छात्र तुषार राज का अपहरण कर हत्या कर उसके परिजन से 40 लाख रुपये की फिरौती मांगने की साजिश रची थी.


शनिवार, 18 मार्च 2023

एक भी व्यक्ति/घर छूटना नहीं चाहिए, इसके लिए करें नियमित मॉनिटरिंग

  *एक भी व्यक्ति/घर छूटना नहीं चाहिए, इसके लिए करें नियमित मॉनिटरिंग

*लाभुकों के हुनर को निखारते हुए उनके उत्पादों के लिए मार्केट लिंकेज की करें व्यवस्था ताकि इनकम बढ़ सके

*बेहतर कार्य करने वाले विकास मित्रों को जिलास्तर पर किया जाएगा सम्मानित



बेतिया। जिले के सभी विकास मित्रों एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों का क्षमतावर्धन करने के लिए एक दिवसीय उन्नयन कार्यक्रम का सफलतापूर्वक किया गया आयोजन।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के कल्याण के लिए विभिन्न विभागों द्वारा चलाये जा रहे सभी विकासात्मक योजनाओं एवं इसमें विकास रजिस्टर वर्जन-2.0 की भूमिका से सभी विकास मित्रों एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को अवगत कराने के लिए आज स्थानीय डीआरसीसी सभागार में एक दिवसीय उन्नयन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।


जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा विधिवत दीप प्रज्जवलित कर उन्नयन कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, सहायक समाहर्ता, सुश्री शिवाक्षी दीक्षित, अपर समाहर्ता, श्री अनिल राय सहित अन्य जिलास्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि आज का यह उन्नयन कार्यक्रम अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। अंतिम पायदान के व्यक्ति तक विकास की धारा को पहुंचाना है। इस कार्य में विकास मित्रों की अहम भूमिका है। सभी विकास मित्र अच्छे तरीके से प्रशिक्षण प्राप्त करें और शत-प्रतिशत पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित करें।

उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के कार्य में एक भी व्यक्ति/घर छूटना नहीं चाहिए। शत-प्रतिशत व्यक्तियों को लाभान्वित किया जाय। प्रत्येक पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का सम्पूर्ण लाभ मिले, इसके लिए प्रयास करें। आवश्कतानुसार महादलित टोलों में विशेष कैम्प का अधिष्ठापन कर विभिन्न समस्याओं का त्वरित गति से निराकरण कराया जाय।


जिलाधिकारी ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के लोगों की आर्थिक स्थिति को और कैसे बढ़ायें, इस पर फोकस करें। रोजगार के अवसर बढ़ायें। लाभुकों के हुनर के अनुरूप उनको रोजगार दिलाने की व्यवस्था की जाय। स्थानीय उत्पादों की मार्केट लिंकेज की व्यवस्था की जाय। स्कील को निखारने की व्यवस्था करें ताकि अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के लोगों का इनकम बढ़ सके।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के लोगों को मुख्यधारा में लाना है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग एवं बिहार महादलित विकास मिशन की योजनाओं के साथ-साथ अन्य विभागों के योजनाओं/कार्यक्रमों की सूची अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के लोगों तक पहुंचाने में विकास मित्रों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि विकास की धारा अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सभी को समन्वित प्रयास करना होगा। इनकी जिंदगी को बेहतर बनाने तथा इनके समग्र विकास के लिए एक-एक व्यक्ति को आगे बढ़ाना होगा, तभी जिले का सही मायने में विकास हो सकेगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि योजनाओं/कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में कहीं गड़बड़ी की सूचना मिलने पर तुरंत सूचित करें, सूचना गोपनीय रखी जायेगी। सूचना के आधार पर जांचोपरांत संबंधित व्यक्ति के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए विकास मित्रों से संबंधित एक व्हाट्सएप ग्रुप का निर्माण भी कराया जाय।

उन्नयन कार्यक्रम में विकास मित्र विकास कुमार, वसंत कुमार, अशोक कुमार, राजू राम, राजेश राम, रिंकु कुमारी, ममता कुमारी, अनिता कुमारी, आदित्य कुमार, माधव राम, दशरथ मांझी, नागेश्वर राम, संगीता कुमारी, अनिता देवी, नरसिंह राम, योगेन्द्र राम सहित अन्य विकास मित्रों द्वारा क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न विषयों से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया।

जिलाधिकारी द्वारा विकास मित्रों से कहा गया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के लोगों द्वारा कई तरह के बांस से बने उत्पाद जैसे-दउरा, सुपली, डाला, झाड़ू आदि का निर्माण किया जाता है। इनके उत्पादों को और अधिक बेहतर कैसे बनाया जाए, इस पर कार्य करें। प्रोजेक्ट तैयार करें, विस्तृत रिपोर्ट दें तथा इनका आर्थिक विकास करें। ऐसे विकास मित्रों को जिलास्तर पर सम्मानित किया जायेगा।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, पश्चिम चम्पारण, श्री अनिल कुमार द्वारा ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी विकास मित्रों को दी गयी। उन्होंने विकास मित्रों से कहा कि जरूरतमंद लोगों को विभिन्न कल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं/कार्यक्रमों से लाभान्वित करें। सहायक समाहर्ता, सुश्री शिवाक्षी दीक्षित ने कहा कि सभी विकास मित्र अच्छे तरीके से प्रशिक्षण प्राप्त करें तथा लोगों को लाभान्वित करें।

उन्नयन कार्यक्रम में विकास मित्रों का क्षमतावर्धन किया गया। उन्हें अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग, बिहार महादलित विकास मिशन की मुख्य योजनाओं सहित तमाम योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी। साथ ही विकास रजिस्टर वर्जन-2 के विभिन्न अवयव कौशल प्रशिक्षण, बिजली, जलापूर्ति, शौचालय, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, समेकित बाल विकास सेवाएं, वासभूमि, दिव्यांग कार्ड, बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मूलन, आरसीएच के संबंधित में अच्छे तरीके से जानकारी देते हुए उनका क्षमतावर्धन किया गया।



आलोक कुमार

जिले का पहला मामला है जब जिलाधिकारी के स्तर से दत्तक ग्रहण का अंतिम आदेश पारित किया

  





मोतिहारी। प्रभारी जिला पदाधिकारी द्वारा विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान, मोतिहारी के दो बालकों को उनके भावी माता-पिता को सौंपा गया। बालक सोहन कुमार  (काल्पनिक नाम), उम्र-05 माह को देवघर के एक दम्पत्ति को प्री-एडॉप्शन में दिया गया। बालक के भावी पिता श्री अनिर्बान सेन गुप्ता एक इंस्योरेंस कम्पनी में कार्य करते हैं, वही भावी माता श्रीमती अनन्या सेन गुप्ता गृहिणी है।

   दूसरा बालक शुभम कुमार (काल्पनिक नाम) माह जून-2022 में ही प्री-एडॉप्शन में नैनीताल जा चुका था। आज प्रभारी जिला पदाधिकारी द्वारा उसके एडॉप्शन का अंतिम आदेश पारित करते हुए उसे उसके माता-पिता श्रीमती गीता राणा निगम एवं श्री दिलीप निगम को सौंपा गया।


 विदित हो कि यह जिले का पहला मामला है जब जिलाधिकारी के स्तर से दत्तक ग्रहण का अंतिम आदेश पारित किया गया है।

विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान, मोतिहारी में वर्तमान में 0-6 वर्ष के आयु वर्ग के अभी 12 शिशु आवासित है।


आलोक कुमार

शुक्रवार, 17 मार्च 2023

श्रीमती पुष्पा जी ने एवं श्रीमती पूजा जी के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया

  


पटना. गैर सरकारी संस्था प्रगति ग्रामीण विकास समिति ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को महिला दिवस पखवारा के रूप में मनाया. इस अवसर पर प्रगति ग्रामीण विकास समिति की ओर से महिला अधिकार सम्मेलन आयोजित किया गया.

  पश्चिम बेली रोड दानापुर में है प्रगति भवन.यहां पर महिला अधिकार सम्मेलन आयोजित किया गया. इस सम्मेलन का उद्घाटन समाज सेविका श्रीमती पुष्पा जी ने एवं श्रीमती पूजा जी के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया  गया.

मौके पर समाजसेवी एवं महिलाओं का नेतृत्व करने वाली श्रीमती पुष्पा ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं के ऊपर कई प्रकार के अन्याय और शोषण हो रहा है.उन्होंने विस्तार से अन्याय और शोषण पर अपना विचार व्यक्त किया.उन्होंने कहा कि आम लेकर खास लोगों ने यह महसूस किया कि आज घर के अंदर महिलाओं पर काम के दबाव के साथ-साथ भेदभाव भी बढ़ा है. उन्होंने किशोरियों के स्वास्थ्य एवं सरकार के द्वारा दी जा रही सुविधाओं पर भी चर्चा की.

इस अवसर पर मोनिका कुमारी. गायत्री कुमारी और माधुरी देवी ने मिलकर महिला दिवस पर आधारित गीत प्रस्तुत करते हुए सबका स्वागत किया. मौके पर एकता परिषद के उपाध्यक्ष प्रदीप  प्रियदर्शी ने महिला दिवस के अवसर पर सभी महिलाओं को बधाई दी एवं महिलाओं के सम्मान एवं अधिकार के लिए भूमि संघर्ष को तेज करने का आह्वान किया और सरकार से मांग किया कि सरकार की ओर से दी जाने वाली आवास भूमि  महिलाओं के नाम से दी जाए. 

   

सम्मेलन में सामाजिक कार्यकर्ता नरेश मांझी गायत्री कुमारी मोनिका कुमारी माधुरी देवी ने अपने विचार व्यक्त किए. विभिन्न गांव से आई महिलाओं ने अपने अपने गांव की समस्याओं और महिलाओं की तकलीफों को रखा अंत में सोनी कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया.


आलोक कुमार

तालाब का जीर्णाेद्धार एवं सौंदर्यीकरण कराया जाएगा

 

हिलसा। नालंदा जिले के नगर परिषद हिलसा के वार्ड नम्बर 16 स्थित तालाब का जीर्णोद्धार किया जाएगा। जिलाधिकारी ने तालाब का स्थल निरीक्षण किया।तालाब की उड़ाही एवं किनारे में रिंग नाला तथा पाथवे के निर्माण को लेकर प्राक्कलन बनाने का निर्देश दिया गया।

     

 तालाब का जीर्णाेद्धार एवं सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। वर्त्तमान में इस तालाब की स्थिति दयनीय है, जिसमें आस पास के घरों की नालियों का पानी संग्रहित होता है।जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज इस तालाब का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने तालाब की उड़ाही एवं चारो तरफ रिंग नाला तथा पाथवे के निर्माण के लिए प्राक्कलन तैयार करने का निदेश कार्यपालक अभियंता बुडको को दिया।

    उड़ाही के क्रम में निकाले जाने वाले गाद को अन्यत्र ले जाकर जमा करने का प्रावधान प्राक्कलन में सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही उच्च क्षमता के बोरिंग एवं पंप की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी ताकि तालाब में  पर्याप्त जलस्तर सुनिश्चित रखा जा सके।

योजना का क्रियान्वयन नगर परिषद हिलसा/नगर विकास एवं आवास विभाग की निधि से कराया जाएगा। इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी हिलसा, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता हिलसा, कार्यपालक अभियंता बुडको,प्रखण्ड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी/नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सहित अन्य स्थानीय पदाधिकारी मौजूद थे।


आलोक कुमार

जिला पदाधिकारी द्वारा जिला परिषद को क्रियान्वयन एजेंसी बनाने के लिए स्वीकृति दी गयी

 जिला परिषद के माध्यम से भी किया जायेगा मनरेगा की योजनाओं का क्रियान्वयन



नालंदा। आज हरदेव भवन में सभी  जिला परिषद सदस्यों को मनरेगा योजना के क्रियान्वयन के बारे में आयोजित एकदिवसीय कार्यशाला में विस्तृत जानकारी दी गयी।

           विदित हो कि अभी तक जिले में ग्राम पंचायत एवं पंचायत समिति के माध्यम से ही मनरेगा की योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा था।विभागीय निर्देश के आलोक में जिला पदाधिकारी द्वारा जिला परिषद को क्रियान्वयन एजेंसी बनाने के लिए स्वीकृति दी गयी है।

  मुख्य रूप से सभी जिला परिषद सदस्यों एवं जिला परिषद के कर्मियों को इस संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में सर्वप्रथम उप विकास आयुक्त ,


अपर समाहर्ता ,  जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष द्वारा कार्यक्रम का दीप प्रज्वलन कर विधिवत शुभारंभ किया गया।

          निदेशक डीआरडीए द्वारा सभी माननीय सदस्यों एवं पदाधिकारियों का स्वागत किया गया। प्रशिक्षण में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के सभी कर्मियों द्वारा क्रमबद्ध ढंग से  क्रियान्वयन के बारे में जानकारी दी गयी।


आलोक कुमार

जीविका द्वारा तार के पत्तों से तैयार किए जा रहे टोकरी का प्रयोग करें

 गया।ज़िला पदाधिकारी, गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने समाहरणालय सभा कक्ष में जिले के जीविका के पदाधिकारियों, जीविका नीरा उत्पादक समूह, तिलकुट उत्पादक समूह, जिला उद्योग पदाधिकारी, नगर निगम क्षेत्र में प्लास्टिक बैन इंफोर्समेंट टीम के सदस्यों तथा फूड इंस्पेक्टर के साथ बैठक करते हुए कहा कि पिछले वर्ष जीविका द्वारा नीरा उत्पादन तथा बिक्री के क्षेत्र में काफी बेहतर कार्य किया है। दो हजार से ऊपर नीरा उत्पादकों को फायदा पहुंचा है। इस वर्ष और अधिक लोगों को फायदा पहुंचे इस पर विशेष कार्य योजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि बिहार में प्लास्टिक को प्रतिबंध रखा गया है। इसलिए एनवोर्न्मेंट फ्रेंडली बनने में बेहतर कार्य करे।

      बैठक में उन्होंने सभी जीविका के बीपीएम को निर्देश दिया कि नीरा उत्पादन तथा नीरा की बिक्री का प्रतिवेदन निर्धारित समय अवधि में प्रस्तुत करें। नीरा उत्पादन तथा नीरा से बनने वाले खाद्य पदार्थों का दायरा और प्रभावी बने इसके लिए अभी से ही प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ करायें। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में छोटे-छोटे दुकानों तथा कोल्ड ड्रिंक से संबंधित दुकानों को भी नीरा के साथ टैग करें ताकि बड़े पैमाने पर नीरा की बिक्री हो सके तथा नीरा उत्पादक समूह को और बेहतर लाभ मिल सके।

उन्होंने जिले में बड़े पैमाने पर तिलकुल उत्पादन करने वाले समूहों से राय लेते हुए उन्हें बताया कि जिस तरह गया जिला तिलकुट के लिए प्रसिद्ध माना जाता है। उसी में नीरा का तिलकुट को और बढ़ावा दे। नीरा पूरी तरह पौष्टिक आहार है नीरा में काफी स्वास्थवर्धक मिनिरल पाए जाते हैं। तिलकुट उत्पादक को कहा कि तिलकुट के बिक्री में जो पैकेजिंग दिया जाता है उसे और बेहतर बनाएं। प्लास्टिक को कम प्रयोग करते हुए ताड़ के पत्तों से (गुथ कर) बनाए जाने वाले टोंगा ( टोकरी)  को और आकर्षक बनाकर उसी में तिलकुट तथा अनरसा को पैकेजिंग करें।

       तिलकुट तथा अनरसा विक्रेता समूहों को बताया कि तिलकुट तथा अनरसा को राज्य के साथ-साथ विदेशों में गया का तिलकुट और प्रसिद्ध हो इसके लिए पैकेजिंग तथा मार्केटिंग पर और अधिक प्लान तैयार करना होगा। उन्होंने जिला उद्योग पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले के बड़े तिलकुट विक्रेता के साथ बैठक कर पैकेजिंग तथा मार्केटिंग को और कैसे डेवलप किया जाए, इसके लिए बैठक कर कार्य योजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि बेहतर पैकेजिंग तैयार करने के लिए उधमी योजना के तहत लोन उपलब्ध कराते हुए जिले में पैकेजिंग यूनिट मशीन संस्थापन करवाएं।

तिलकुट विक्रेता ने बताया कि वर्तमान समय में चीन एवं गुड़ से निर्मित तिलकुट की बिक्री अधिक होती है। नीरा उत्पादन नीरा से तैयार तिलकुट भी बड़े पैमाने पर बिक्री होंगे। जिला पदाधिकारी ने कहा कि नीरा से तिलकुट निर्माण को और बढ़ावा दें। उन्होंने यह भी कहा कि जीविका के माध्यम से नीरा से तिलकुट निर्माण तथा नीरा से अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण हेतु प्रशिक्षण करवाया जाएगा।

       उन्होंने फूड इंस्पेक्टर तथा नगर निगम के अधीनस्थ प्लास्टिक बैन इंफोर्समेंट टीम के सदस्यों को कहा कि जिस क्षेत्र में आप छापेमारी के लिए जाते हैं, तो दुकानदारों को प्रेरित करें कि जीविका द्वारा तार के पत्तों से तैयार किए जा रहे टोकरी का प्रयोग करें, जिससे जीविका समूह को प्रोत्साहन भी मिलेगा तथा गया जिला इको फ्रेंडली रहेगा।

       उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नालंदा जिले में सिलाव का खाजा काफी प्रसिद्ध है। सिलाव का खाजा भी पेपर से बने थैले तथा तार के पत्तों से गुथे हुए टोकरी में दिया जाता है। उसी तरह गया जिले में भी ताड़ के पत्तों से बनी टोकरी का प्रयोग करें।

     पिछले वर्ष जिले में नीरा उत्पादन को बढ़ावा देते हुए पारंपरिक रूप से ताड़ी के उत्पादन में लगे परिवारों को वैकल्पिक रोजगार से जुड़ने का अवसर दिया गया। जीविका सामुदायिक संगठनों के माध्यम से सर्वेक्षण कर जिले में जिले में 91 नीरा उत्पादक समूह का गठन किया गया। इन उत्पादक समूहों के माध्यम से लगभग 2500 से अधिक नीरा टैपर को जोड़ा गया। जिले में 400 अस्थाई एवं स्थाई नीरा बिक्री केंद्रों के माध्यम से 11 लाख लीटर नीरा का उत्पादन एवं बिक्री की गई। इससे ताड़ी के विकल्प के रूप एक पोषक प्राकृतिक पेय नीरा के उत्पादन को बढ़ावा मिला। नीरा उत्पादन एवं बिक्री में जिला का स्थान राज्य में प्रथम रहा है। साथ ही सतत् जीविकोपार्जन योजना के माध्यम से पारंपरिक रूप से ताड़ी के उत्पादन एवं बिक्री में जुड़े अत्यंत निर्धन परिवारों को वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराया गया।

आलोक कुमार

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