शनिवार को बिहटा में ESIC अस्पताल के पीछे अधजली लाश बरामद हुई थी.शव बरामद होने के तुरंत बाद ही FSL की टीम को बुलाकर महत्वपूर्ण साक्ष्यों को इकट्ठा किया गया ताकि त्वरित अनुसंधान किया जा सके.अग्रतर अनुसंधान में भी FSL की टीम की मदद ली जा रही है.
मृतक की पहचान स्थापित करने के लिए शव के पास से बरामद हुये खून लगे चाकू व अन्य वस्तुओं से प्राप्त सैंपल का DNA मिलान कराया जाएगा.अब खुलासा हुआ है कि लाश उसी की थी. पुलिस ने इस मामले में साजिशकर्ता, अपहर्ता और हत्यारा को गिरफ्तार किया है.अभियुक्त को सजा दिलाने के लिए स्पीडी ट्रायल चलाया जाएगा.अपहरण के बाद से पुलिस इस एंगल पर ज्यादा विश्वास कर रही थी कि छात्र का मोबाइल ज्ञान अच्छा था और उसने खुद अपहरण का ड्रामा रचा हो. 12 साल के तुषार के अपहरण के बाद परिजनों के पास कॉल कर 40 लाख की फिरौती मांगी गई थी.धमकी दी गई थी कि अगर पुलिस के पास गए तो बच्चे को मार डालूंगा. अपराधियों ने वॉयस मैसेज भेजा था, जिसके बारे में पुलिस यह भी अंदेशा जता रही थी कि किसी एप के जरिए तुषार और उसके साथियों ने आवाज बदलकर यह सब किया हो.
बिहटा प्रखंड के श्रीरामपुर निवासी शिक्षक राज किशोर पंडित का इकलौता बेटा तुषार कुमार गुरुवार की शाम 6 बजे घर से बाहर निकला था. बिहटा के जिस विवेकानंद कोचिंग में उसने दो साल पढ़ाई की थी, उसी के मुकेश कुमार ने तुषार को व्हाट्सएप कॉल कर बुलाया था. बुलाने के बाद उसे मुकेश ने अगवा कर लिया और डेढ़ घंटे के अंदर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद तुषार के मोबाइल से ही वॉइस मैसेज के जरिए 40 लाख रुपये की मांग की जा रही थी.पुलिस ने सिर्फ मुकेश को पेश किया, हालांकि बिहटा में उसके साथ और चार लोगों के शामिल होने की जानकारी मिल रही थी.
अपहरण और हत्या की साजिश के मुख्य आरोपी मुकेश पर करीब 20 लाख रुपये का कर्ज था.कर्ज चुकाने का उपाय ढूढ़ते हुए उसने तुषार के अपहरण की साजिश रची. चूंकि तुषार उसे अच्छी तरह से जानता था, इसलिए आसानी से फंसाने की सोच रखते हुए उसने यह साजिश रची.इसके लिए उसने कॉल की जगह व्हाट्सएप कॉल का सहारा लिया.
इकलौते बेटे की वापसी के लिए अगर शिक्षक परिवार जैसे-तैसे 40 लाख रुपये फिरौती में देने के लिए जुटा भी लेता तो भी उनकी जिंदगी में रोशनी लौटने की संभावना नहीं थी.तुषार चूंकि मुकेश को ठीक से पहचानता था, इसलिए उसने अपहरण के साथ ही हत्या की प्लानिंग कर रखी थी.चाकू और पेट्रोल का इंतजाम रखने का मतलब ही है कि हत्या के बाद लाश को जलाना भी था.
पटना के SSP राजीव मिश्रा ने अपराधियों को मीडिया के सामने पेश करते हुए बताया कि मुकेश ने पहले तुषार का गला दबाया, फिर चाकू से मार डाला.तुषार की लाश को बिहटा थाना क्षेत्र के ही खेदलपुरा गांव के जंगल में जला डाला था. इधर, तुषार के परिजनों से उसे वापस करने के लिए रुपयों की मांग जारी रखी गई थी.पुलिस काफी दूर तक मोबाइल लोकेशन के आधार पर ही पहुंची, फिर जली लाश मिलने के साथ मुकेश की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर उसके पीछे लगी.
अभियुक्त मुकेश कुमार द्वारा स्वीकारोक्ति बयान में बताया गया है कि उसके उपर करीब 20 लाख रूपये का कर्ज है जिसे चुकाने के लिए उसने अपने पूर्व छात्र तुषार राज का अपहरण कर हत्या कर उसके परिजन से 40 लाख रुपये की फिरौती मांगने की साजिश रची थी.
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