🔴 ताजा खबर
खबरें लोड हो रही हैं...

अपने अधिकारों और बराबरी की दावेदारी की

 


पटना .हर साल की तरह अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस आठ मार्च को है.इस साल का मोटो इस बार की थीम इस साल इंटरनेशनल विमेंस डे की थीम ‘ ‘एम्ब्रेसइक्विटी‘ रखी गई है. अंगीकार करना हिस्सेदारी.अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम का आयोजन महिलाओं के लिए समान अवसर, आजादी और बराबरी की दावेदारी करना है.
      
अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) की पटना इकाई ने आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम आयोजित किया. बुद्ध स्मृति पार्क के पास आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुई. यहां अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिलाओं ने महिला आजादी के गीत गाए, नृत्य किया और अपने अधिकारों और बराबरी की दावेदारी की.
    इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऐपवा की राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं का अपना दिन है जो उन्हें याद दिलाता है कि महिलाओं की आज जो भी उपलब्धियां मिली हैं, उसके पीछे अतीत में हमारी पुरखों का कठिन संघर्ष  है. यह लड़ाई आज भी जारी रखनी होगी. शशि यादव ने स्कीम वर्कर्स को सरकारी कर्मचारी के दर्जे की मांग की. 
     अनुराधा देवी और माधुरी गुप्ता ने रसोई गैस की कीमत कम करने, वृद्धा और विधवा पेंशन को बढ़ाकर ₹5000 करने  की मांग की. अन्य वक्ताओं ने भी श्रमिक महिलाओं को सम्मानजनक और न्यूनतम वेतन देने,नेहा सिंह राठौर को नोटिस देने का विरोध समेत कई मुद्दों पर अपनी बातें रखीं.
     कार्यक्रम को महासचिव मीना तिवारी, राज्य सचिव शशि यादव, अनुराधा देवी, माधुरी गुप्ता, विभा गुप्ता, अफशा जबीं, जूही महबूबा, राखी मेहता समेत कई महिलाओं और छात्राओं ने संबोधित किया.  
         8 मार्च को होली होने की वजह से महिलाओं ने आज ही अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया था. कार्यक्रम के अंत में सभी महिलाओं ने एक दूसरे को गुलाल लगाया, गले मिलीं और कहा कि जिस तरह आज सभी धर्म की महिलाएं अबीर-गुलाल लगा कर होली का त्यौहार मना रही हैं उसी तरह हमें सभी धर्मों के त्योहारों को भी सेलिब्रेट करना चाहिए.

आलोक कुमार


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

welcome your comment on https://chingariprimenews.blogspot.com/

Bihar : सुरक्षित परिवहन लड़कियों की शिक्षा जारी रखने में कितना महत्वपूर्ण है?

  क्या केवल इसलिए किसी लड़की की पढ़ाई छूट जानी चाहिए, क्योंकि उसके गांव से स्कूल या कॉलेज तक जाने का सुरक्षित साधन उपलब्ध नहीं है? ग्रामीण क...