गुरुवार, 30 मार्च 2023

बिशप बनने के पांच दिनों के बाद बिशप जेम्स शेखर ने क्रिज्मा तेल को किया पवित्र

  बक्सर धर्मप्रांत के बिशप बनने के पांच दिनों के बाद बिशप जेम्स शेखर ने क्रिज्मा तेल को किया पवित्र


बक्सर. बक्सर धर्मप्रांत नए धर्माध्यक्ष के रूप में ताजपोशी की धर्मविधि में शामिल होने वाले पुरोहित एक बार फिर “क्रिज्मा मिस्सा”  के नाम पर ‘मेरी मदर ऑफ़ पर्पेचुअल हेल्प‘ कैथेड्रल में उपस्थित हुए. मौके पद एमेरिटस आर्चबिशप विलियम डिसूजा भी उपस्थित रहे.उनके मार्गदर्शन में तीन प्रकार के तेलों को आशीष देकर पवित्र किया गया.पवित्र तेल की आशीष “क्रिज्मा मिस्सा” दौरान पवित्र तेलों को विभिन्न संस्कारों में उपयोग किया जाता है.

बक्सर धर्मप्रांत के ग्रामीण और शहरी चर्च के धर्मप्रांतीय एवं धर्मसमाजी पुरोहित “क्रिज्मा मिस्सा” में भाग लिए.बक्सर धर्मप्रांत के बिशप जेम्स शेखर के नेतृत्व में “क्रिज्मा मिस्सा”  अर्पित किया गया. इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान तीन तरह के तेल को पवित्र तेल करने के लिए आशीष दी गई. एक बीमारों के तेल ,द्वितीय केटक्यूमेन तेल और तीसरा क्रिसम तेल है.इसमें गुल मेहँदी ठंसेंउ डाला जाता है. बिशप स्वामी के द्वारा आशीष दी गई.क्रिसम मास में पवित्र किये गए तेलों को ग्रामीण और शहरी चर्च के पुरोहितों को दिया गया.

 बताया गया कि मुख्य याजक बिशप स्वामी के सामने धर्मप्रांतीय एवं धर्मसमाजी सभी पुरोहित अपनी मन्नतों को दोहराया और बिशप के प्रति अपनी आज्ञाकारिता का वादा किया.यह सभी पुरोहितों का एक महापर्व ही है.इस दिन येसु ख्रीस्त पुरोहिताई संस्कार को ठहराया था.इसलिए इसे एक बड़े समारोह के रूप में मनाते हैं .

    बता दें कि “क्रिज्मा मिस्सा”  के दौरान हर पल्ली पुरोहितों को देने के लिए पर्याप्त नए तेल का आशीर्वाद दिया जाता है. पुरोहित पवित्र तेलों को अलग-अलग पैरिशों में ले जाते है, जहाँ वे वर्ष भर के दौरान व्यवहार में लाया जाता है.यद्यपि बिशप प्रत्येक बपतिस्मा या अपने धर्मप्रांत में पुष्टिकरण पर शारीरिक रूप से उपस्थित नहीं हो सकते है, वह अपने द्वारा आशीर्वादित पवित्र तेलों के माध्यम से प्रतीकात्मक रूप से उपस्थित हो जाते हैं.बीमार व्यक्तियों के चंगाई के तेल, नए दीक्षार्थियों और बपतिस्मा के लिए तेल और तीसरा पवित्र विलेपन का या पवित्र अभिषेक के लिए तेल की बिशप और अन्य पुरोहितों द्वारा आशीष किया गया.

     वचन की आराधना के बाद, तेलों का आशीर्वाद होता है. एक औपचारिक जुलूस में, जैतून का तेल विशेष कलशों में आगे लाया जाता है.बीमारों का तेल पहले पेश किया जाता है, फिर कैटेचुमेन्स का तेल, और अंत में पवित्र  क्रिसम  के लिए तेल. बिशप व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक तेल पर प्रार्थना करता है और आशीर्वाद देता बिशप जैतून के तेल के साथ बालसम के पौधे से तेल मिलाया जाता है, पवित्र आत्मा की उपस्थिति को दर्शाने के लिए मिश्रित तेल पर सांस लेता है, और फिर इसे पवित्र करने के लिए प्रार्थना करता है.एक बार इस तरह से आशीर्वाद देने के बाद, “क्रिज्मा ”  और अन्य तेल अब साधारण मलहम नहीं रह गए हैं.इसके बजाय, वे चर्च के लिए भगवान से एक पवित्र, कीमती उपहार है, जो शुद्धिकरण और मजबूती, उपचार और आराम, और पवित्र आत्मा की जीवन देने वाली कृपा को दर्शाता है.    


आलोक कुमार


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