शनिवार, 8 मार्च 2025

किसानों को मुआवजा देकर भूमि अधिग्रहण किया

पटना. पटना महानगर जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष शशि रंजन ने कहा कि बिहार सरकार के गलत नीति निर्धारण को अदालत के आदेश के माध्यम से उजागर कर रहा हूँ.  राकेश गुप्ता बनाम बिहार सरकार सीडब्ल्यूजेसी 2524 2018 पटना उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में एडवोकेट जनरल 12268 दिनांक 27 जुलाई 2022 के आलोक में बिहार सरकार के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने दिनांक 16 अगस्त 2022 के आदेश में राज्य के असर्वेक्षित / टोपो लैंड भूमि को अपने आदेश को रद्द कर दिए परन्तु पटना जिला प्रशासन पटना जिले के किसान/ रैयत की भूमि जबरदस्ती  कब्जा कर रहें हैं.

      सन् 1947 में एडिशनल सब जज पटना टाइटल सूट 27/ 1 व 29 / 3 व 41/47 बाबू विलास सिंह व अन्य बनाम प्रोभिनेन्स बिहार एवं अन्य में प्रतिवादीगण का टाइटल बरकरार हुआ. सन् 1958 में पटना उच्च न्यायालय ने किसानों / रैयत के पक्ष में फैसला दिए जिसमें पटना कलेक्टर रेस्पोंडेंट  नंबर 1 के साथ 227 किसान / रैयत रेस्पोंडेंट हैं. इस फैसला में पटना जिला के हजारों-हजार एकड़ असर्वेक्षित भूमि है. इसी प्रकार सन् 1940 से 1970 ई. के दरम्यान सदाकत आश्रम के सामने स्थित एल सी टी घाट के रैयत/  किसान के जमीन को गंगा नदी पर जहाज चलाने के लिए
किसानों को मुआवजा देकर भूमि अधिग्रहण किया था जिसे आज पटना जिला प्रशासन बलपूर्वक कब्जा करने के लिए प्रयासरत है.

इसी प्रकार प्रताड़ित रैयत /किसान / जमीन मालिक गोलघर (पटना) से दानापुर (पटना) के लाखों निवासी जो पीढ़ी दर पीढ़ी 1975 बाढ़ के बाद बने प्रोटेक्शन बांध के उत्तर निवास कर रहे हैं उन्हें नेशनल ग्रीन ट्रेबुनल का हवाला देकर स्थानीय निवासी से जमीन छीनने का प्रयास कर रही है.

     ज्ञातव्य है की दीघा थाना नं 01 राजीव नगर के 1024.52 एकड़ भूभि के किसान को बिना कोई मुआवजा दिए 21 एकड़ भूमि पर अधिग्रहण कर सरकारी भवन के निर्माण के 10 वर्ष  उपरान्त आज तक अधिग्रहित भूमि का मुआवजा नहीं दिए गए. यह पिछले बीस साल का जदयू-भाजपा सरकार का देश के सामने सरकारी काम में बाधा कानून के दुरुपयोग का सरलतम उदाहरण है जिसे कांग्रेस पार्टी को मजबूती के साथ उठाना चाहिए. पिछले 35 सालों में भाजपा ने इस मुद्दे पर राजनीति कर पटना के सांसद और विधायक बनते आ रहे हैं. 2005 एवं 2010 चुनाव में नीतीश कुमार ने इन इलाकों में कई कार्यक्रम पर इस मामले पर वोट हासिल किए. जब भी भाजपा विपक्ष में रहते हैं तो इन मुद्दों पर जोरदार विरोध प्रदर्शन आयोजित करता है. 15 फरवरी, 2025 को पटना उच्च न्यायालय द्वारा दीघा के किसानों एवं रैयतों के आग्रह पर बिहार सरकार के खिलाफ स्टेटस को लगाया गया लेकिन पटना जिला प्रशासन जबरन बिना अधिग्रहित भूमि का मुआवजा का प्रक्रिया किये बिना किसानों के भूमि कब्जा करने का काम कर रही है.


आलोक कुमार

दिल्ली में फादर अरुल जोसेफ का निधन

 झांसी.आगरा महाधर्मप्रांत में झांसी धर्मप्रांत पड़ता है. झांसी के बिशप विल्फ्रेड ग्रेगरी मोरास है.बिशप ने कहा है कि गहरी दुख की भावना के साथ, मैं आपको सूचित कर रहा हूं कि आज शाम, 08 मार्च, 2025 को 4.20 बजे होली फैमिली अस्पताल, दिल्ली में फादर अरुल जोसेफ (आयु 51) का निधन हो गया.

बिशप ने कहा कि फादर अरुल जोसेफ को शनिवार, 1 मार्च, 2025 को होली फैमिली अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी एंजियोप्लास्टी की गई थी, और दो स्टेंट लगाए गए थे.स्टेंट एक छोटी धातु की नली होती है, जिसे धमनी के अंदर लगाया जाता है. यह धमनी को खुला रखता है और रक्त के प्रवाह को बेहतर बनाता है. स्टेंट लगाने की प्रक्रिया को एंजियोप्लास्टी कहते है.शुरुआत में, इसमें सुधार के संकेत दिखाई दिए और उन्हें एक निजी कमरे में स्थानांतरित कर दिया गया.

4 मार्च, 2025 को उनकी हालत गंभीर हो गई, और उन्हें आईसीयू में ले जाया गया. चिकित्सा हस्तक्षेप और जीवन रक्षक प्रणाली के बावजूद, उन्हें आज उनके शाश्वत घर में बुलाया गया.

हम झांसी और ग्वालियर में चर्च के लिए उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट मिशनरी योगदान को कृतज्ञतापूर्वक याद करते हैं.अब हम उन्हें हमारे स्वर्गीय पिता के दयालु हाथों में सौंपते हैं, प्रार्थना करते हैं कि वे शाश्वत विश्राम की पूर्णता में प्रवेश करें.फादर अरुल की दिवंगत आत्मा पर सदैव प्रकाश रहे। ईश्वर उन्हें शांति प्रदान करे.अंतिम संस्कार की जानकारी जल्द ही साझा की जाएगी.

डेविड जॉर्ज ने कहा कि फादर अरुल जोसेफ 2005-2006 में विकासपुरी पल्ली के सहायक पैरिश प्रीस्ट के रूप में सेवा की थी.


आलोक कुमार

शुक्रवार, 7 मार्च 2025

हर दिन मिलने वाले लोगों का हर्षपूर्वक अभिवादन करना

 

पटना. ईसाई समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले समय-समय चालीसा काल (लेंट) में लचीलापन घोषित करते रहते हैं. अब नया फरमान जारी किया गया है कि आप मांस के उपवास के बजाय 15 सरल दया के कार्य करें.यह संत पिता फ्रांसिस ने यह सुझाव दिया है.देखिए, यह कितनी सुंदर बात है.

1. हमेशा और हर जगह ‘नमस्ते‘ या ‘हैलो‘कहना।

2. 'धन्यवाद ;कहना, भले ही इसकी कोई आवश्यकता न हो।

3. दूसरों को याद दिलाना कि आप उनसे प्रेम करते हैं।

4. हर दिन मिलने वाले लोगों का हर्षपूर्वक अभिवादन करना।

5. बिना किसी पूर्वाग्रह के प्रेमपूर्वक दूसरों की कहानी सुनना।

6. रुक कर किसी की सहायता करना और जरूरतमंदों के प्रति सचेत रहना।

7. किसी के मनोबल को ऊँचा उठाना।

8. दूसरों की योग्यताओं या सफलता का उत्सव मनाना।

9. जो चीजें आप उपयोग नहीं करते, उन्हें जरूरतमंदों को देना।

10. जब जरूरत हो, तब किसी की मदद करना ताकि वे आराम कर सकें।

11. प्रेमपूर्वक सुधार करना, डर के कारण चुप न रहना।

12. अपने करीबियों के लिए अच्छे कार्य करना।

13. घर में जो चीजें उपयोग करते हैं, उन्हें साफ करना।

14. दूसरों को उनकी कठिनाइयां दूर करने में सहायता करना।

15. यदि माता-पिता जीवित हैं, तो उन्हें कॉल करना।

इन चीजों का उपवास करें और अपने जीवन को भरेंगे

 कठोर शब्दों से उपवास करें और दयालु शब्द बोलें।

 असंतोष से उपवास करें और कृतज्ञता से भरें।

 क्रोध से उपवास करें और धैर्य व विनम्रता को अपनाएँ।

 निराशा से उपवास करें और आशा व सकारात्मकता को अपनाएँ।

 चिंताओं से उपवास करें और परमेश्वर पर भरोसा करें।

 शिकायतों से उपवास करें और जीवन की सरल चीजों में संतोष पाएं।

 दबाव से उपवास करें और प्रार्थना से जुड़ें।

 दुख और कड़वाहट से उपवास करें और अपने हृदय को आनंद से भरें।

 स्वार्थ से उपवास करें और दूसरों के प्रति करुणा रखें।

 अक्षम्य भाव से उपवास करें और मेल-मिलाप की भावना से भरें।

 अत्यधिक बातों से उपवास करें और मौन में दूसरों की सुनें।


 यदि हम सभी इस उपवास को अपनाएं, तो हमारा दैनिक जीवन आशीषों से भर जाएगा.


 शांति से

 विश्वास से

 आनंद से

  और जीवन से!


आलोक कुमार

माता कलीसिया ने उपवास और परहेज का दिन ठहराया है


पटना.ईसाई समुदाय का दुखभोग राख बुधवार 5 मार्च से शुरू हो गया.उस दिन ईसाई समुदाय निकटवर्ती चर्च गए. चर्च के पुरोहित ने ईसाई धर्मावलंबियों की ललाट पर पवित्र राख से क्रूस का चिन्ह बनाकर कहा कि हे! मानव तुम मिट्टी हो और मिट्टी में मिल जाओंगे.राख बुधवार के दिन ने माता कलीसिया ने उपवास और परहेज का दिन ठहराया है.इसके आलोक में सयाने उपवास और बच्चे परहेज करते हैं.राख बुधवार को सुबह में मिस्सा और पवित्र राख ललाट में लगाने के बाद एक बार फिर शाम को क्रूस रास्ता में भाग लेने चर्च गए. वहां पर ईसा मसीह के दुखों से संबंधित 14 झांकियों से सामने प्रार्थना किए.इसे क्रूस का रास्ता कहा जाता है। इसमें भाग लेकर घर लौटने पर सयानों ने उपवास और बच्चों ने परहेज तोड़ा गया.

 बताते चले कि पश्चिम चंपारण के लोग राख बुधवार के पहले ईसाई समुदाय ने 4 मार्च को गोश्त और भूंजा का पर्व मनाया. बिहार के पश्चिमी चम्पारण के ईसाई समुदाय ने गोश्त और भूंजा का पर्व का लुफ्त उठाया.अब पश्चिमी चम्पारण से निकलकर गोश्त और भूंजा का पर्व का प्रसार देश-प्रदेश-विदेश में हो गया है.इसके साथ ही ईसाई समुदाय 4 मार्च (रम) को छोड़ दिए और ईसा मसीह के दुखभोग के गम में समा गए हैं.दुखभोग की अवधि में प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को दोपहर में क्रूस का रास्ता होता है.

 समाजसेवी एस.के.लॉरेंस ने ईसा मसीह के दुखभोग पर आधारित मुसीबत गाना शुरू कर दिया है.इनके साथ एक टीम है जो प्रत्येक साल कुर्जी पल्ली में मुसीबत गान और प्रार्थना करने का कार्यक्रम करते हैं.


आलोक कुमार

सोमवार, 3 मार्च 2025

नीतीश के सात निश्चय का कतरा भी बजट से गायब

 महंगाई कम करने के बजाय तरकारी बेचने में लग गई नीतीश सरकार - डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह


पटना. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने वित्त मंत्री सम्राट चौधरी द्वारा सोमवार को पेश बिहार के बजट को बेजान, बेअसरदार और उम्मीद के प्रतिकूल करार दिया. उन्होंने कहा कि चुनावी साल के बजट में उम्मीद थी कि इसमें रोजगार की बात होगी, महंगाई को कम करने की कम से कम तात्कालिक कोशिश होगी, युवाओं के लिए रोजगार युक्त प्रशिक्षण की बात होगी, महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेंडर मुहैया कराने की बात होगी, डीजल-पेट्रोल पर वैट घटाकर महंगाई पर नकेल कसने की बात होगी, किसान के लिए एमएसपी की बात होगी लेकिन सब के सब ढाक के तीन पात. चूंकि डबल इंजन की सरकार का यह आखिरी बजट है इसलिए बड़ी उम्मीद थी कि बिहार वासियों को कम से कम मंहगाई और बेरोजगारी की मार से कुछ राहत मिलेगी.लेकिन मंहगाई को कम करने के बजाय सरकार तरकारी आउटलेट के जरिए मुनाफा कमाने की कोशिश में लग गई है.यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके अलावा नीतीश के सात निश्चय का कतरा भी बजट से गायब है. मेरी समझ में एक बात नहीं आती कि करीब 3 लाख 17 हजार करोड़ का बजट पेश किया गया है और 3 लाख 32 हजार करोड़ का ऋण है तो ये पैसे कहाँ से आयेंगे और कैसे चुकाये जाएंगे। हकीकत यह है कि बजट को बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया गया है. यह सब हवाबाजी है और कुछ नहीं है.


आलोक कुमार

रविवार, 2 मार्च 2025

किशोरी रिंकी डेविड का बुलावा प्रभु येसु ख्रीस्त के दरबार में हो गया

 ओ जाने वाले हो सके तो लौट के आना मैं तुम्हारे आंसुओं की बूंदें गिरते हुए देखता हूँ.मैं तुम्हें मेरा नाम पुकारते हुए सुनता हूँ.मैं जानता हूँ कि तुम मुझे नहीं देख सकते,लेकिन मैं तुम्हें वैसे ही थामे रहता हूँ.


ओ जाने वाले हो सके तो लौट के आना मैं तुम्हारे आंसुओं की बूंदें गिरते हुए देखता हूँ.मैं तुम्हें मेरा नाम पुकारते हुए सुनता हूँ.मैं जानता हूँ कि तुम मुझे नहीं देख सकते,लेकिन मैं तुम्हें वैसे ही थामे रहता हूँ.दिल्ली महाधर्मप्रांत की सक्रिय पल्ली विकासपुरी में मातम छा गया है.यहां पर रहने वाली किशोरी रिंकी डेविड का बुलावा प्रभु येसु ख्रीस्त के दरबार में हो गया है.उनके दरबार में जाने के पूर्व परिजनों और पल्ली निवासियों को न चिट्ठी न संदेश देकर चली गई. मां सुचित्रा डेविड और पिता डेविड जौर्ज कहते हैं कि बड़े दु:ख के साथ सूचित कर रहे है कि मेरी बेटी रिंकी को परम पिता परमेश्वर ने अपने चरणों में बुला लिया है. अब उसका अंतिम संस्कार उसके पैत्रिक निवास गाँव खोरिया,पोस्ट जरैला,थाना त्रिवेणीगंज, जिला सुपौल बिहार मे किया जायेगा.दिल्ली महाधर्मप्रांत की सक्रिय पल्ली विकासपुरी में मातम छा गया है.यहां पर रहने वाली किशोरी रिंकी डेविड का बुलावा प्रभु येसु ख्रीस्त के दरबार में हो गया है.उनके दरबार में जाने के पूर्व परिजनों और पल्ली निवासियों को न चिट्ठी न संदेश देकर चली गई. मां सुचित्रा डेविड और पिता डेविड जौर्ज कहते हैं कि बड़े दु:ख के साथ सूचित कर रहे है कि मेरी बेटी रिंकी को परम पिता परमेश्वर ने अपने चरणों में बुला लिया है. अब उसका अंतिम संस्कार उसके पैत्रिक निवास गाँव खोरिया,पोस्ट जरैला,थाना त्रिवेणीगंज, जिला सुपौल बिहार मे किया जायेगा.


आलोक कुमार

शुक्रवार, 28 फ़रवरी 2025

जमीनी नेताओं से मिलकर कांग्रेस प्रभारी ने किया चुनावी रणनीति पर मंथन

 जमीनी नेताओं से मिलकर कांग्रेस प्रभारी ने किया चुनावी रणनीति पर मंथन


पटना.बिहार के नवनियुक्त प्रभारी कृष्णा अल्लावारू अपने चार दिवसीय बिहार दौरे पर पटना पहुंचे. पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में पटना जिला के तमाम नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ घण्टो बैठक की.बैठक का दो एजेंडा था- जनसंपर्क एवं जनसंवाद को दुरूस्त करने के लिए उठाये जाने वाले कदमों पर परिचर्चा एवं संगठन को सुदृढ़ करने के तरीकों पर विचार। बैठक में इस दिशा में अपनाये जाने वाले भविष्य के कार्यक्रमों की रूपरेखा पर सविस्तर चर्चा हुई.

बिहार के राष्ट्रीय प्रभारी ने जमीनी स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं को सेतू बनाकर संगठन को जनमानस से जोड़कर लड़ने का आह्वान किया और  चुनावी जीत का फार्मूला दिया, ’लड़ेंगे और जीतेंगे’.

प्रभारी अल्लावारू ने जमीनी स्तर के कांग्रेसजनों के साथ ग्रामीण स्तर पर जन-अभियान की रूपरेखा तैयार करने के लिए प्रखंड अध्यक्ष से लेकर जिलाध्यक्ष, विधायक, पूर्व प्रत्याशी आदि से सुझाव मांगे एवं संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण पर विचार मंथन किया.इसके बाद इन नेताओं से मिले फीडबैक के आधार पर प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग से विचार मंथन किया गया. इसके अलावा पटना में उपलब्ध पार्टी विधायकों एवं पूर्व विधायकों के साथ अलग से विचार-विमर्श कर चुनावी जंग के लिए रणनीति के निर्धारण की दिशा विश्लेषण किया गया.

आज के इस बैठक में पटना महानगर ए पटना ग्रामीण-1 एवं पटना ग्रामीण-2 के अधीन आने वाले वर्तमान एवं पूर्व के सभी जनप्रतिनिधि के अलावा जिलाध्यक्ष, एआईसीसी सदस्य, प्रदेश डेलीगेट, प्रत्याशी गण, प्रखंड अध्यक्ष आदि लोगों के साथ मैराथन मीटिंग का दौर शुरू हुआ. जमीनी हकीकत जानने के बाद प्रदेश प्रभारी ने प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ उसका विश्लेषण और उसपर मंथन किया.

आज की बैठक का संचालन पटना महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष शशि रंजन ने किया.बैठक में श्याम सुन्दर सिंह धीरज, प्रेमचन्द्र मिश्र, लाल बाबू लाल, संजीव प्रसाद टोनी, ब्रजेश प्रसाद मुनन, कपिलदेव यादव, अनिल कुमार, प्रवीण कुशवाहा, राजकुमार राजन, सुमित कुमार सन्नी, रघुनंदन पासवान, कुमार आशीष, राजेश कुमार सिन्हा, गुरजीत सिंह, चंदन सिंह, आशुतोष शर्मा, रामायण यादव, सत्येन्द्र बहादुर, कुमार कुमार रोहित, असफर अहमद, मनोज मेहता, अशोक गगन, सुधीर शर्मा, सत्येंद्र यादव, राजनन्दन कुमार, वरुण शर्मा,मुकुल यादव, परवेज अहमद, राजीव मेहता, दुर्गा प्रसाद, वसी अख्तर, कुमार संजीत सहित सभी प्रखंड अध्यक्ष, एआईसीसी डेलीगेट, प्रदेश डेलीगेट मौजूद रहे.


आलोक कुमार

हमारा लक्ष्य डबल इंजन की सरकार का सफाया- डा0 अखिलेश

 चुनावी जंग के लिए कांग्रेस का शंखनाद

 

हमारा लक्ष्य डबल इंजन की सरकार का सफाया- डा0 अखिलेश

 

पटना.बिहार कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कमर कस चुकी है एवं पुरानी भूलों से सीख लेकर समय से पहले वार मोड में आ चुकी है.पिछले एक सप्ताह से चुनावी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के बाद आज उसके क्रियान्वयन का श्रीगणेश आज हो गया. इसके तहत प्रदेश अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह अपने समर्थकों के हुजूम के साथ चम्पारण का दौरा शुरू कर दिया.उधर महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा वैशाली पहुँच चुकी हैं.अगले दौर के कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा भी युद्ध स्तर पर तैयार की जा रही है.मीडिया, सोशल मीडिया के द्वारा पार्टी की विचारधारा के प्रचार-प्रसार की रणनीति तैयार करने में जुटी है. वहीँ वार रूम के पुनर्गठन का काम तेजी से जारी है.

   बिहार के नवनियुक्त प्रभारी कृष्णा अल्लावारू 24 फरवरी को बिहार के दौरे पर पटना पहुँचे. 24 फरवरी को यह सिलसिला पटना जिला से शुरू हुआ जिसके तहत पटना महानगर, पटना ग्रामीण-1 एवं पटना ग्रामीण-2 के अधीन आने वाले जिलाध्यक्ष, एआईसीसी सदस्य, प्रदेश डेलीगेट, प्रत्याशी गण, प्रखंड अध्यक्ष आदि लोगों के साथ मैराथन मीटिंग का दौर शुरू हुआ. जमीनी हकीकत जानने के बाद प्रभारी प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ उसका विश्लेषण और उसपर मंथन किया गया.

इसी तरह अगले दिन यानी 25 फरवरी को प्रभारी एवं प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में वरिष्ठ नेताओं का दल बेगूसराय पहुँचें. इस बैठक में बेगूसराय, खगड़िया और समस्तीपुर के सभी जमीनी स्तर नेता एवं कार्यकर्ता भाग लिए. इसी तरह 26 फरवरी को यह कारवां भोजपुर पहुँचे. जहाँ भोजपुर, बक्सर, रोहतास एवं कैमूर जिलों के प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा हुई. फिर यही सिलसिला 27 फरवरी को मुजफ्फरपुर में दोहराया जाएगा जहाँ मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा एवं सीतामढ़ी के प्रतिनिधियों के साथ विचार मंथन किया गया.

           प्रदेश अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने चंपारण दौरा से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य डबल इंजन की सरकार का सफाया है. हमने 50 सीट जीतने का लक्ष्य रखा है.लक्ष्य आसान नहीं है मगर नामुमकिन नहीं. हम इसे हासिल कर के रहेंगे. इस बार बिहार कांग्रेस के पक्ष में चौंकाने वाला परिणाम देगा.हम इसी लक्ष्य के साथ चुनावी जंग में निकल रहे हैं.

आलोक कुमार

पूर्व राज्यसभा सांसद अली अनवर अंसारी जदयू छोड़ हुए कांग्रेस में शामिल

 


पूर्व राज्यसभा सांसद अली अनवर अंसारी जदयू छोड़ हुए कांग्रेस में शामिल


पटना. पूर्व राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ जदयू नेता अली अनवर अंसारी आज अपने पूरे लाव-लश्कर के साथ कांग्रेस में औपचारिक रूप से शामिल हो गए.अनवर 2017 तक नीतीश कुमार के सहयोगी रहे लेकिन नीतीश के भाजपा के साथ गठजोड़ करने से आहत होकर जदयू का दामन छोड़ा था. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने अली अनवर एवं उनके दर्जनों सहयोगियों को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता दिलाई, हालांकि इसकी घोषणा पहले दिल्ली में कर दी गई थी. इसके लिए पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया.प्रदेश अध्यक्ष डा0 सिंह ने पार्टी में अली अनवर का स्वागत करते हुए कहा कि अनवर साहब एक सामाजिक सरोकार वाले व्यक्ति रहे हैं लेकिन ये नीतीश के मिजाज को भाँप नहीं पाये.राजनीति में ऐसी भूलें हो जाया करती हैं.अली अनवर के कांग्रेस में आ जाने से बिहार कांग्रेस को मजबूती मिलेगी.

             अली अनवर ने कहा कि वे मोदी के नफरत के बाजार में राहुल जी की मोहब्बत की दुकान की ओर आकर्षित होने के कारण कांग्रेस का हाथ थामने का निर्णय लिया.अनवर ने शपथ ली कि अपनी बची हुई पुरी जिन्दगी कांग्रेस को मजबूत करने में लगायेंगे.मालूम हो कि अनवर आॅल इडिया पशमांदा मुस्लिम मुसलमानों का संगठन चलाते हैं और मुस्लिम समुदाय के अत्यंत पिछड़े समूहों के बीच काम करते रहे हैं. भाजपा मुसलमानों के इसी समुदाय को लुभाने की कोशिश करती रही है.जाहिर है कि अनवर के कांग्रेस में आने से भाजपा को झटका लगा है.  

                    इस मौके पर जो कृपानाथ पाठक, डा0 अजय कुमार सिंह, ब्रजेश प्रसाद मुनन, राजकुमार राजन, लाल बाबू लाल, रीता सिंह, सौरभ सिन्हा, मिरनाल अनामय, शशि भूषण राय, सतीश कुमार मंटन, शशि रंजन, राज छविराज, सुदय शर्मा, मो0 कामरान, अब्दुल बाकी सज्जन, राजेश मिश्रा आदि उपस्थित थे.


आलोक कुमार

    

शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2025

मेहनत करेगा उसको इतना सम्मान देने का काम करूंगा: कृष्णा अल्लवारू

 

’जमीन पर संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं को मिलेगा सम्मान : कृष्णा अल्लवारू’

पटना. कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में बिहार के नवनियुक्त प्रभारी कृष्णा अल्लावारू का भव्य स्वागत किया गया. इसके लिए खास तौर पर स्वागत समारोह का आयोजन किया गया जिसमें प्रदेश भर के जिलाध्यक्षों समेत तमाम पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया.मुख्यालय की ओर जाने वाली सड़कों पर बने बड़े-बड़े तोरणद्वार के अलावा घोड़ा, ऊँट, बैण्डबाजा एवं नारों की गूंज के साथ कांग्रेसियों ने अपने प्रभारी का स्वागत किया. पार्टी के सभी मोर्चा संगठनों, सभी विभागों एवं प्रकोष्ठों के सभी पदाधिकारी इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया.

   इस अवसर पर नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावारू ने मेहनत और क्षेत्र में पकड़ के आधार पर कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान देने की बात कही. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बिहार कांग्रेस में जो कार्यकर्ता हैं जो नेता हैं वे बेहद मजबूत हैं.जिस प्रदेश में सालों से हमारी सरकार नहीं है वहां भी अपने कंधे पर कांग्रेस का झंडा उठाया है और ये छोटी बात नहीं है. मैं बिहार कांग्रेस अध्यक्ष, सभी वरिष्ठ नेताओं, नेता और सभी कार्यकर्ताओं को दिल से सलाम करना चाहता हूं.

    उन्होंने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि जो जितनी मेहनत करेगा उसको इतना सम्मान देने का काम करूंगा.रेस के घोड़े को शादी में और शादी के घोड़ों को रेस में नहीं लगाया जाएगा और कार्यकताओं को एकजुट होकर क्षेत्र में चुनावों में उतरने का काम करना होगा. बिहार के बूथ, वार्ड, गांव, पंचायत और प्रखंड से सत्ता निकल कर आती है इसलिए पटना दिल्ली छोड़कर क्षेत्र में मेहनत करें.

    इस अवसर पर अपने स्वागत भाषण में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि बिहार परिवर्तन की भूमि है और कृष्णा अल्लावारू जी के बारे में जो बातें मुझे बहुत प्रभावित किया वो है उनका आउट ऑफ बॉक्स सोच और बदलाव से लगाव. डॉ. सिंह ने कहा कि बिहार से भाजपा जदयू सरकार को बाहर करना इतनी बड़ी जंग नहीं जैसा मीडिया दर्शाता है. हकीकत यह है कि पिछले विधानसभा चुनाव में हमारे वोट केवल 12 हजार कम थे. इसी तरन गहराई से 2024 के लोक सभा चुनाव में हर क्षेत्र में एक लाख से अधिक मतों की बढ़ोतरी हुई. और मुझे विश्वास है कि 2025 में हमारी सिट 19 से बढ़कर 50 हो जाएगा. अल्लावारु के बारे में उन्होंने कहा कि चीजों को परखने की कला इन्हें अन्य लोगों से अलग करती है एवं उनका प्रबंधन कौशल बिहार कांग्रेस को धारदार बनाएगा.

   जिन लोगों ने स्वागत समारोह को संबोधित किया उनमे शामिल हैं डॉ. मदन मोहन झा, प्रो. राम जतन सिन्हा, डॉ. शकील अहमद, चन्दन बागची, पूनम पासवान, शाहनवाज आलम, कौकब कादरी, राजेश कुमार, लालबाबू लाल, शिव प्रकाश गरीब दास, शरवत जहां फातिमा, सूरज यादव,  चंद्र प्रकाश सिंह, उमेर खान.मंच का संचालन डॉ समीर कुमार सिंह ने किया और धन्यवाद ज्ञापन एआईसीसी के राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम ने किया.अभिनंदन समारोह के बाद बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लवारू ने वरिष्ठ नेताओं, युवा कांग्रेस, आईटी सेल सहित अन्य संगठनों के साथ बैठक की.

    इस अवसर पर कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व शामिल रहा जिनमे प्रमुख हैं कृपानाथ पाठक, वीणा शाही, संजीव प्रसाद टोनी, अवधेश कुमार सिंह, श्याम सुन्दर सिंह धीरज, विजय शंकर दुबे, नरेन्द्र कुमार, प्रेमचंद्र मिश्र, डॉ. अशोक कुमार के अलावा सभी विधायक, पूर्व विधायक एवं विधान पार्षद मौजूद रहे.


आलोक कुमार


सोमवार, 17 फ़रवरी 2025

चर्च ऑफ आवर लेडी ऑफ ग्रेसेस, विकासपुरी को तृतीय पुरस्कार के रूप में ट्रॉफी मिला

 पुरस्कार वितरण समारोह में प्रथम पुरस्कार नजफगढ़ पल्ली को मिला


दूसरा पुरस्कार फ़रीदाबाद पल्ली और तीसरा पुरस्कार विकासपुरी पल्ली को मिला


नई दिल्ली.बेसिक एक्लेशियल कम्युनिटी (बीईसी) ईसाइयों का एक छोटा समूह है जो बाइबल का अध्ययन करने, विश्वास साझा करने और समुदाय की सेवा करने के लिए मिलते हैं.बीईसी को बेस समुदाय या छोटे ईसाई समुदाय के रूप में भी जाना जाता है.  

बेसिक एक्लेशियल कम्युनिटी (बीईसी)के वार्षिक दिवस के अवसर पर चर्च ऑफ आवर लेडी ऑफ ग्रेसेस, विकासपुरी के बीईसी गॉस्पेल गायन प्रतियोगिता आयोजित की गई.चर्च ऑफ आवर लेडी ऑफ ग्रेसेस, विकासपुरी को तृतीय पुरस्कार के रूप में ट्रॉफी मिला और प्रतिभागियों को भागीदारी प्रमाण पत्र दिया गया.


आलोक कुमार

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