शनिवार, 19 अप्रैल 2025

अब उन परिवारों के लिए नीतू दीदी बन गई

 मैं अकेला ही चला था ज़ानिब- ए- मंजिल मगर लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया...कोई हमलोगों को पूछने वाला नहीं था, घृणा की दृष्टि से लोग हमलोगों को देखते थे। कोई हमलोगों को काम नहीं देता था, लेकिन जब से आप यहां आना शुरू की तब से कई लोग, कई संस्था के सदस्य हमलोगों के बीच आते है, हमारी समस्या पूछते है और हमारी सहायता करते है.यह सब आपके कारण हुआ है, यह सब आपकी देन है....  चनपटिया .पश्चिम चंपारण जिले में चनपटिया प्रखंड है.यह चनपटिया प्रखंड के कुमारबाग में अवस्थित है.यहां पर कुष्ठ कॉलोनी है.यहां पर करीब 14-15 कुष्ठ परिवार अपने बाल- बच्चे के साथ रहते है.कुल मिलाकर उनका 43- 44 सदस्यों की  बस्ती है. जिसमें कुछ परिवार के सदस्य कुष्ठ रोग से ग्रसित है और कुछ बिल्कुल सामान्य स्थिति में है.

    समाजसेवी शिक्षिका मेरी आडलिन (नीतू सिंह) कहती हैं कि मैं विगत 14-15 वर्षों से इस बस्ती में जाकर लोगों से मिलती रहती हूं. मेरा प्रयास रहता है उन्हें समाज के मुख्य धारा से जोड़ें, उनके परिवार के बच्चे शिक्षित हों.ये सभी बच्चे व लोग शिक्षा और स्वच्छता को अपनाकर आगे बढ़ें.उनके परिवारों के बच्चे पढ़े और साफ- सुथरा रहें. 

       आज भी जब याद करती हूं कि वर्षों पहले जब पहली बार इस बस्ती में गई थी, तो यहां की स्थिति देखकर मानसिक रूप से काफी परेशान हुई थी.इस बस्ती में सफाई नाम की चीज नहीं थी, चारों तरफ गंदगी का अंबार,  घर के पास जल - जमाव, बदबू, गंदगी भरा नाली, कुष्ठ रोग से ग्रसित रोगी वृद्ध- वृद्धा और बदन पर बिना कपड़ें के छोटे- छोटे बच्चे.तीन पहिये के लकड़ी पर बैठकर भीख मांगने जाते कुष्ठ परिवार के कुछ सदस्य.

    मेरे लिए यह दृश्य मन को बेचैन, परेशान करने वाली थी. मैं इनके दुःख को देखकर जितनी दुखी थी, उससे ज्यादा यहां की कुष्ठ रोगियों की दशा, अशिक्षा और गंदगी को देखकर आहत थी.बस यही तो वह समय था, जब दिल ने, मन से कहा -इक छोटी सी शुरुआत करते है, उन लोगों के लिए कुछ करते है.

         उस दिन से जब भी समय मिलता, मैं इस बस्ती में जाने लगी. मेरे बार- बार यहां जाने से अब उनलोगों के लिए अपरिचित नहीं थी, धीरे- धीरे ये लोग मेरी बात सुनने लगें और मेरा कहना मानने लगे. पहले उनलोगों के लिए मिस, मैडम थी, लेकिन अब उन परिवारों के लिए नीतू दीदी बन गई हूं. ये मुझे नीतू दीदी कहकर बुलाने लगे. मुझसे जो भी सहायता बन पड़ती है, उसमें मेरे परिवार के सदस्य, उनके लिए किया करते हैं. अक्सर अपने घर के बच्चों का जन्मदिन, पर्व त्यौहार के अवसर पर उनके बीच परिवार के साथ पहुँच जाती और खुशियां इनके साथ सांझा करती.मेरे घर के बच्चे भी इनके साथ केक काटकर जन्मदिन मनाते, मिठाईयां, खिलौने बांटते और एक पौधा जरूर लगाते, अपनी खुशियां बस्ती के बच्चों के साथ सांझा करते, कविता कहानी सुनाते और समय बिताते.

        एक तरफ वहां के बच्चों को पढ़ाई की सामग्री उपलब्ध कराती, समय देकर उन्हें पढ़ाती, कविता आदि सिखाती, साफ- सफाई के बारे में बताती, वही दूसरी तरफ सभी परिवारों को समय- समय पर खाद्य सामग्री,  कपड़ें, कम्बल के साथ आर्थिक मदद देती रहती.स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए जल- जमाव, नाली आदि की सफाई करवाती.

      नीतू सिंह कहती कि  मुझे खुशी हो रही है कि इस बस्ती के लोगों में खूब जागरूकता आई है और वे अपनी बस्ती को साफ रखने लगे है.अपने बच्चों को पढ़ाने लगे है और स्वयं काम-काज करने लगे है. यहां की महिलाएं बच्चों को, घरों आस पास के जगह को स्वच्छ रखने लगी है.

       कुमारबाग निवासी एक युवा है- विक्रम कुमार.उस विक्रम की जितनी भी तारीफ करूँ कम है.विक्रम इस बस्ती के बच्चों को प्रतिदिन पढ़ाने का काम करते है. गर्व है ऐसे युवा पर, जो निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा करते है. नीतू कहती है कि मैं अक्सर विक्रम से उनलोगों के बारे में पूछती रहती हूँ और जब भी यहां जाती हूँ विक्रम के साथ बस्ती के लोगों की समस्याओं, परेशानियों को पता करती हूं और उसका हल निकालने का प्रयास करती हूं.

          इस कुष्ठ बस्ती के प्रधान है- भोला गिरी हैं. बस्ती के लोग उनकी इज्जत करते है, उनकी बातों को मानते है,  साथ ही कोई भी निर्णय हो ये लोग एक साथ मिलकर करते है. भोला जी इस बस्ती की लोगों की अगुवाई करते है.यहाँ के लोगों के लिए जब भी कोई जरूरत होती है, भोला जी मुझसे संपर्क करते है, मुझे बताते है और हमलोग मिलकर इसे हरसंभव पूरा करने का प्रयास करते है. हमलोगों ने मिलकर अपनी प्रयास से यहां पर बस्ती में बिजली की व्यवस्था, चापाकल की व्यवस्था किया.

           जो कुष्ठ बस्ती समाज से बिल्कुल अलग-थलक, अभिवंचित था,  दूसरे लोग इस कुष्ठ बस्ती में कभी जाते नहीं थे, यहां के रोगियों के दुःख दर्द से अनभिज्ञ थे, इनसे मिलते, बोलते नहीं थे. उनकी बीमारी की वजह से इनसे दूर रहते थे.अब यहां बहुत सारे लोग, बहुत संस्था आकर इनकी सहायता करते है.

      नीतू कहती है कि मैं आभार व्यक्त करती हूं उन सभी मीडिया का जिन्होंने कुष्ठ बस्ती में मेरे द्वारा किये जा रहे कार्यों को काफी प्रमुखता से कई बार प्रकाशित किया है.साथ ही सोशल मीडिया पर डाले गए मेरे पोस्ट को देखकर कई संस्था, कई लोग मुझे फोन करके पूछते है नीतू जी यह कुष्ठ बस्ती कहाँ है, हमलोग वहाँ के लिए कुछ करना चाहते है.कुछ लोग, कुछ संस्था मेरे माध्यम से और कुछ लोग स्वयं आकर बस्ती के लोगों की सहायता करने लगे.

          इनर व्हील क्लब, मारवाड़ी महिला समिति, यूथ क्लब जैसी कई संस्था के सदस्य एवं अन्य कई संस्था के सदस्य यहां आकर लोगों की मदद करते है. बच्चों की पढ़ाई, शादी ब्याह, बस्ती के लिए आवश्यक सामग्री आदि देते है.

         विगत कुछ महीनों से मैं व्यक्तिगत कारण, अस्वस्थता की वजह से बस्ती में नहीं जा सकी थी. लेकिन आज जब मैं वहां गई तो लोगों का वही प्यार और सम्मान मेरे प्रति था.थोड़ा दुःख हुआ यह देखकर कि 15 परिवारों में से आज मात्र 6 ही परिवार और उनके बच्चे है.कुछ लोग ईश्वर की शरण में चले गए है.कुछ कमाने बाहर चले गए है.

     आज मेरे साथ चुहड़ी कैथोलिक युवा संघ (Youth club chuhari) के सदस्य इस बस्ती में गए और और गुड फ्राइडे के अवसर पर बच्चों के बीच कॉपी, पेंसिल, रबर, कटर, बिस्किट, केक, मिठाई आदि बांटे और बस्ती के सभी परिवारों को सुखा खाद्य सामग्री चावल, आटा, दाल, दूध आदि दिये  साथ ही सभी परिवारों को कपड़ें आदि प्रदान किये.अच्छा लगा कि आज के युवा पढ़ाई- लिखाई के साथ समाजसेवा में भी रुचि ले रहे है.

        दिल को छू गई बस्ती के प्रधान भोला गिरी और युवा विक्रम की बातें - दीदी हमलोगों के कुष्ठ बस्ती में पहले कोई नहीं आता था, कोई हमलोगों को पूछने वाला नहीं था, घृणा की दृष्टि से लोग हमलोगों को देखते थे.कोई हमलोगों को काम नहीं देता था, लेकिन जब से आप यहां आना शुरू की तब से कई लोग, कई संस्था के सदस्य हमलोगों के बीच आते है, हमारी समस्या पूछते है और हमारी सहायता करते है.यह सब आपके कारण हुआ है, यह सब आपकी देन है.

        वह कहती है की मैं नहीं जानती कि मेरी वजह से समाज के तमाम लोगों को इस बस्ती की जानकारी हुई, आज इनकी सहायता के लिए दूर-दूर से कई लोग आते है। मैं इन लोगों की सहायता के लिए कारण बनी कि नहीं, यह मुझे पता नहीं.मैं तो सिर्फ इतना जानती हूं आज 14-15 साल पहले अगर मैं इनलोगों से नहीं मिलती, इनकी स्थिति देखकर अपनी दिल की आवाज को नहीं सुनती, तो शायद कुष्ठ बस्ती के इन लोगों की सेवा से वंचित रह जाती.

आलोक कुमार

शुक्रवार, 18 अप्रैल 2025

मैंने प्रभु और गुरु होकर भी धोए पैर तुम्हारे , तू ने भी धोना सब की जो है भाई तुम्हारे

पटना. ईसाई समुदाय पवित्र गुरुवार को विशेष दिन मानते हैं. आज गिरजाघरों में बारंबार यह गीत प्रस्तुत की जाती है. मैंने प्रभु और गुरु होकर भी धोए पैर तुम्हारे , तू ने भी धोना सब की जो है भाई तुम्हारे.प्रभु येसु ख्रीस्त बर्तन में पानी लेकर अपने शिष्य के पैर धोने लगे. पैर को धोने के बाद कपड़े से पोछकर पैर में चुम्बन लिए. इसी तरह तू ने भी करना है जो भाई तुम्हारे हैं.हम अपने प्रभु येसु ख्रीस्त के क्रूस पर गौरव करते हैं.

    हां , बेशक संसार के सभी ईसाई धर्मावलम्बी प्रभु येसु ख्रीस्त के क्रूस पर गौरव करते हैं. आज के ही दिन येसु ख्रीस्त ने पुरोहिताई और परमप्रसाद की स्थापना की थी. येसु ने अपने 12  शिष्यों के साथ अंतिम बार भोजन किए. 12 शिष्य पुरोहित बने और जो अंतिम बार भोजन किए. वह परमप्रसाद के रूप में विकसित हुआ.इसके पहले येसु ने अपने शिष्य के पैर धोएं.प्रेम धोने के साथ शिष्यों के साथ प्रगाढ़ प्रेम प्रदर्शित किए. यूदस नामक शिष्य के द्वारा विरोध करने पर येसु ने कहा कि यदि पैर न धो दूं तो तेरे साथ कोई संबंध नहीं रह जाएगा.यह न भूले कि जो स्नान कर चुका है. उसे स्नान करने की जरूरत नहीं है.केवल पैर ही धोने से कर्तव्य पूरा हो सकता है. इस बीच येसु ने स्पष्ट कर दिए कि तुम सबके सब शुद्ध नहीं हो.अगर आप लोग प्रभु और गुरु कहते हो , तुम्हारे पैर धोएं हैं.तो तुम्हें भी दूसरे का पैर धोना चाहिए। जैसा मैंने तुम्हारे साथ किया हूं। तुम भी किया करो.

     कुर्जी गिरजाघर के प्रधान पुरोहित ने कहा कि प्रभु येसु ख्रीस्त विनम्र के स्त्रोत हैं.संसार के राजाओं के राजा होने के बाद भी पवित्र खजुर इतवार के दिन महाराजा की तरह हाथी और घोड़ा पर बैठकर शहर में प्रवेश नहीं किए. वरण विनम्र की मूर्ति येसु ने गदहा पर बैठकर शहर में आए.इसी अवस्था में लोगों ने शानदार स्वागत किए. हरियाली टहनियों को हिला हिला कर स्वागत किए.जो कुछ था लोगों ने राह में बिछा दिए। इससे एक कदम बढ़ाकर अपने शिष्य के पैर धो दिए। उस समय महिलाएं ही अतिथियों के पैर धोते थे। अगर महिला नहीं तो दास लोग पैर धोते थे.इसके बावजूद प्रभु और गुरु होकर शिष्यों के पैर धोएं. फिर पवित्र शुक्रवार के दिन येसु ने सलीब पर चढ़ाने वालों को क्षमादान कर देते हैं. हे ! प्रभु माफ कर देना कि यह नहीं जानते कि क्या कर रहे हैं ?

आगे फादर ने कहा कि उस समय मेमना की बलि देकर ही बलिदान चढ़ाया जाता था. अब नूतन विधान के तहत व्यक्ति के चतुर्दिक विकास के लिए प्रभु येसु ख्रीस्त ने प्राण त्याग दिए.रक्त और शरीर ही दे दिया है। जो प्रत्येक दिन चर्च के अंदर जाने पर मिल सकता है. जब स्नान ग्रहण करने के बाद ईशायत धर्म स्वीकार कर लेते हैं.यह खुला ऑफर है.संसार के मुक्तिदाता के द्वारा दिए गए आहार को ग्रहण किया जाए.

  बेतिया में पुरोहितों द्वारा जिन बारह लोगों के पांव धोये गये, उनमें सरोज डेनिस, राजेश डिक्रूज, राजेश फ्रांसिस, चार्ली पौल, जौर्ज पीटर, समीर कुमार, रोबेन अन्तुनी, संजय लियो, संजय ई बेनेडिक्ट, रंजीत इग्नासिउस, अनिल केविन सोलोमन, हर्षित ओस्ता के नाम शामिल है.


आलोक कुमार

बुधवार, 16 अप्रैल 2025

वागी समर्पण दिवस के अवसर पर एक संगोष्ठी

 


जौरा. महात्मा गांधी सेवाश्रम जौरा चंबल घाटी में वागी समर्पण दिवस के अवसर पर एक संगोष्ठी  का आयोजित शान्ति एवं अहिंसा पर हुआ. जिसमें गांधीवादी पी व्ही राजगोपाल, जलपुरुष राजेन्द्र सिंह,तरुण भारत संघ राजस्थान, पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा,गौतम सागर राड़ा,पूर्व मंत्री झारखंड,दशरथ कुमार,मंत्री सर्व सेवा संघ राजस्थान, जिल बहन पंकज,उपाध्याय विधायक जौरा, अखिल महेश्वरी जी अध्यक्ष नगर पालिका वरिस्ठ पत्रकार जयंत तोमर व 12 राज्यों से आये राष्ट्रीय युवा योजना के प्रतिनिधियों सहित चम्बल घाटी के प्रबुद्धजनों सहित आत्मसमर्पण कारी वागी भाइयों ने भाग लिया तथा सभी अतिथियों ने इस अवसर पर प्रेरक उद्बोधन दिया और आज के दौर में कैसे आगे बढ़ा जाए उस पर मार्गदर्शन दिया.

          इस अवसर पर श्योपुर के वरिष्ठ समाजसेवी जयसिंह जादौन ने कहा चंबल घाटी में हुआ बागियों का आत्मसमर्पण हिंसा से अहिंसा की और मुड़ने तथा गांधी जी के आदर्शों को स्वीकार कर संत बिनोवा भावे, लोकनायक जयप्रकाश नारायण व मानवता के अग्रदूत डॉ एस एन सुब्बाराव जी की प्रेरणा से अपराधी जीवन का त्याग एक ऐसा उदाहरण है जो विश्व में दूसरा नहीं मिलता है.एक समय था जब चंबल घाटी में शाम के बाद सड़कें सूनी हो जाती थी. बागियों के भय से लोगों का सामान्य जीवन जीना कठिन हो गया था.

           संविधान द्वारा प्रदत्त शांति से जीवन यापन करने,का अधिकार,छिन गया था.गरिमा के साथ जीना स्वप्न हो गया था.भय के इस माहौल का खात्मा बागियों के इस आत्मसमर्पण से संभव हुआ.यह भी एक संयोग है कि यह समर्पण उस दिन हुआ जो संविधान के निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर का जन्म दिवस था जिन्होंने संविधान के माध्यम से सांवेधानिक मूल्यों व मौलिक अधिकारों का  तोहफा दिया परन्तु बागी समस्या के दौर में ये अधिकार सपना हो गये.

         आज जब हम उस आत्मसमर्पण को याद करने हम एकत्रित हुए हैं तब हमें यह विचार करना है कि किस तरह खतरों से खेलते हुए अपनी जान की परवाह न कर बागियों को अहिंसा का मार्ग दिखाया गया तथा संविधान द्वारा प्रदत्त मूल्यों की रक्षा की गई.

            इस अवसर पर हमें भी यह संकल्प लेना है कि जहां भी सांवेधानिक मूल्यों कि हनन हो, मौलिक अधिकारों पर चोट की जाये तब हम चुप नहीं रहें स्वयं तो इसमें अग्रणी रहे ही दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें ताकि समाज में न्याय,समानता,बंधुता का भाव बढ़े।सबको गरिमा पूर्ण जीवन का अधिकार मिले.

         यह आत्म समर्पण को स्मरण करने का दिवस तो है ही साथ ही उन मूल्यों की पुनर्स्थापना का अवसर भी है जो हमें हमारे मार्गदर्शक डॉ एस एन सुब्बाराव जी व अन्य गांधीवादी विचारकों ने हमें दिए हैं.

इस कार्यक्रम में श्योपुर से जयसिंह जादौन रामदत तोमर श्रीमती अनामिका पाराशर दौलत राम गोड़ राधावल्लभ जागिड़ वीरमदेव बैरवा हर्षवर्धन सिंह ओम नायक ने भाग लिया.


आलोक कुमार


मंगलवार, 15 अप्रैल 2025

सीबीसीआई लोकल पुरोहितों पर ध्यान दें

सीबीसीआई लोकल पुरोहितों पर ध्यान दें

पटना.संत पिता के द्वारा धर्मप्रांत के विकर जेनरल अथवा सामाजिक विकास केंद्र के निदेशक को ही भावी बिशप नियुक्त किया जाता है.धर्मप्रांत के बिशप का कार्य अधिकार है कि धर्मप्रांत के फादर को विकर जेनरल का पद दें.उसी तरह किसी फादर को सामाजिक विकास केंद्र के निदेशक का पद दें.

     पटना महाधर्मप्रांत में देखा गया कि पटना धर्मप्रांत के विकर जेनरल बीजे ओस्ता थे.उनको बिशप पद पर पदोन्नत किया गया.मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के विकर जेनरल विलियम डिसूजा थे.उनको पदोन्नत कर बक्सर धर्मप्रांत का बिशप बनाया गया.

     अब देखे पटना महाधर्मप्रांत के सामाजिक विकास केंद्र के निदेशक पद पर बैठे भाग्यशाली फादर सेबेस्टियन कल्लुपुरा को ही उनको पदोन्नत कर बक्सर धर्मप्रांत का बिशप बनाया गया.उसके बाद सामाजिक विकास केंद्र के निदेशक पद पर बैठे दूसरे भाग्यशाली फादर डॉ.जेम्स शेखर बने.उनको भी पदोन्नत कर बक्सर धर्मप्रांत का बिशप बनाया गया.

   यह भी पटना महाधर्मप्रांत में देखा गया कि बक्सर धर्मप्रांत का बिशप को पटना महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष बना दिया जाता है.यह भी देखा जाता है कि पटना महाधर्मप्रांत में किसी को सहायक धर्माध्यक्ष या मोंसिनियर नहीं बनाया जाता है.समझा जाता है कि यह सब सीबीसीआई का करतब है.सीबीसीआई लोकल पुरोहितों पर ध्यान दें.


आलोक कुमार

 

सोमवार, 14 अप्रैल 2025

आगामी दो माह में बिहार के सभी जिला में लीगल सेल संगठन का विस्तार

 पटना. बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस लीगल सेल के अध्यक्ष विकास कुमार झा की अध्यक्षता में ‘‘ न्याय पथ’’ एक दिवसीय बैठक की गयी. जिसमें बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावारू , भारतीय युवा कांग्रेस , लीगल सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रूपेश भदोड़िया एवं कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता डा0 शकील अहमद खान भी उपस्थिति थे.

     बैठक में बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावारू ने कहा कि हर घर कांग्रेस का झंडा, सोशल मीडिया , संविधान की चर्चा, लीगल विज्ञापन जैसे कार्यक्रम पर विशेष रूप से ध्यान देने की बात कहीं. आगे उन्होंने संगठन विस्तार करने की बात की.

भारतीय युवा कांग्रेस लीगल सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रूपेश भदौरिया ने कहा कि आगामी दो माह में बिहार के सभी जिला में लीगल सेल संगठन का विस्तार करने तथा चुनाव से सम्बन्धित कांग्रेस पार्टी के कार्यकत्र्ताओं को हो रहे परेशानी को दूर करने के लिए लीगल सेल वार रूम की व्यवस्था की जाएगी.

विधान मंडल कांग्रेस दल के नेता डा0 शकील अहमद खान ने कहा कि समाज में फैले कुरीति को दूर करने के लिए वकीलों की अहम भूमिका हमेशा रही है. कांग्रेस पार्टी लीगल सेल संगठन को मजबूत करने की आवश्यकता है.

बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस लीगल सेल के अध्यक्ष विकास कुमार झा ने कहा कि लीगल सेल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवारों एवं आम लोगों को होने वाले परेशानी को लेकर लीगल से वार रूम के माध्यम से एक-एक समस्या का समाधान करने का कार्य करेगी एवं बिहार के तमाम जिला में जल्द से जल्द कमिटी बनाने की बात कहीं.

बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं अधिवक्ता मुदस्सीर शम्स ने कहा कि लीगल सेल गांव-गांव तक पहुंचकर गरीब लोगों को मदद करेगी.

     इस अवसर पर लीगल सेल के संजय पाण्डेय, हरिमोहन मिश्रा, विनयकांत त्रिपाठी, जियाउल होदा, नीतीश पटेल, शाहरूख सिद्धिकी, गौहर अली, प्रियांशु कुमार, सुन्दरम पाठक, उज्जवल कुमार, मृगेन्द्र सिंह,राकेश कुमार मिश्रा, अजहर हुसैन, अंशु कुमार, राजदेव, नन्दसागर पासवान, अनिता कुमारी, मुराद अशरफ, अभय कुमार, धीरज कुमार सहगल, रवि परमार, शिखा राय, बालगोविन्द शर्मा के अलावे सैकड़ों अधिवक्ता उपस्थित थे.


आलोक कुमार

शुक्रवार, 11 अप्रैल 2025

पूर्व विधान पार्षद लालबाबू लाल का निधन

 पूर्व विधान पार्षद लालबाबू लाल का निधन

प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार सहित वरिष्ठ नेताओं ने जताया शोक

 पटना.बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधान पार्षद लाल बाबू लाल का आज सुबह 70 वर्ष की आयु में निधन हो गया.उनके निधन पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार ने गहरा शोक व्यक्त किया है और कहा कि आजीवन दलित वर्ग के उत्थान के लिए उन्होंने कार्य किया और लगातार विभिन्न मंचों पर और पार्टी फोरम में उनके हक की आवाज उठाते रहें. उनके निधन से हमने क्रांतिकारी अभिभावक खो दिया है.पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों में बढ़ चढकर उन्होंने सदैव हिस्सा लिया और किडनी की बीमारी से ग्रस्त होने के बावजूद सदाकत आश्रम इस उम्र में भी लगातार आते रहें.पूर्व एमएलसी लालबाबू लाल बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुंगेरी लाल के पुत्र हैं और बेहद कम उम्र में एमएलसी बनें थे. कल उनका पार्थिव शरीर बिहार कांग्रेस के मुख्यालय सदाकत आश्रम में पुष्पांजलि को लाया जाएगा.

     बिहार  कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावारू, सांसद तारिक अनवर, डा0 शकील अहमद खान, डा0 मदन मोहन झा, सुशील पासी, शाहनवाज आलम, देवेन्द्र यादव,मोती लाल शर्मा, कृपानाथ पाठक, प्रेमचन्द्र मिश्रा, राजेश राठौड़, अजय चौधरी , ब्रजेश प्रसाद मुनन, जमाल अहमद भल्लू, डा0 हरखू झा, आनन्द माधव, ज्ञान रंजन,डा0 स्नेहाशीष वर्द्धन पाण्डेय, शिशिर कौंडिल्य, निधि पाण्डेय,सत्येन्द्र कुमार सिंह, प्रदुम्न यादव, ई. संजीव सिंह, राज छविराज,अरविन्द लाल रजक ने भी पूर्व विधान पार्षद लाल बाबू लाल के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की.


आलोक कुमार


बुधवार, 2 अप्रैल 2025

2 अप्रैल से 10 अप्रैल तक कामकाज छोड़कर टीम के इंतजार में

 पटना.अमूल बटर खरीदा.उसका व्यवहार करते समय सफेद रंग का तरल पदार्थ निकलने लगा.तो डर से उजला तरल डिब्बे से निकलने से उपयोग करना बंद कर दिया.शरीर पर को दुष्परिणाम सामने न आए.उसकी जानकारी दुकानदार अरविंद वर्मा,मखदुमपुर मोहल्ला,दीघा घाट,पटना- 800011,बिहार को दी गयी.उसने लोकल एजेंट को जानकारी दी.लोकल एजेंट के द्वारा कोई कदम नहीं उठाया.उसने कहा कि जो दे दिए तो दे दिए.

          आपसे आग्रह है कि समुचित जांच हो.उपभोक्ता को 100 प्रतिशत शुद्ध वाला बटर उपलब्ध करायं,जो रंग में पीला हो.संदर्भ आईडी - 25023084 के संदर्भ में कहना है कि आपने 2 अप्रैल को कहा है कि हमारी पूछताछ टीम 3 कार्य दिवसों के भीतर आपसे संपर्क करेगी.आखिर आपकी पूछताछ टीम का 3 कार्य दिवस शुरू और अंत होगा.2 अप्रैल से 10 अप्रैल तक कामकाज छोड़कर टीम के इंतजार में है.जो अनिश्चिता बरकरार है.आप निश्चित दिन और समय निर्धारित करें ताकि आपकी पूछताछ टीम के सामने साक्ष्य प्रस्तुत किया जा सके.


आलोक कुमार



सोमवार, 31 मार्च 2025

टोले में सामुदायिक भवन निर्माण करने की मांग की है

  टोले में सामुदायिक भवन निर्माण करने की मांग की है

अरवल. इस जिले में बेलखरा पंचायत है.इस पंचायत में महादलित टोला है.इस टोले के महादलित अरवल जिले के जिलाधिकारी वर्षा सिंह को पत्र लिखकर टोले में सामुदायिक भवन निर्माण करने की मांग की है. 

        अरवल जिले के करपी प्रखंड के बेलखरा पंचायत में महादलित टोले के महादलित (चमार) समुदाय लगभग 150 साल से रविदास टोला में स्थायी रूप से गुजर-बसर कर रहे हैं.यहां के सभी महादलित आवासीय भूमिहीन एवं गरीब परिवार के हैं.भूमिहीनों के टोले में सामुदायिक भवन नहीं रहने के कारण शादी-विवाह अथवा अन्य सामाजिक कार्य निपटाने में काफी कठिनाई महसूस व सामना कर रहे है. 

       अजय कुमार दुःख के साथ कहते हैं कि हमलोगों के पास निजी जमीन नहीं रहने के कारण टोले में सामुदायिक भवन नहीं है.वहीं श्री कुमार कहते हैं कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में बिहार सरकार के बहुआंकाक्षी जल जीवन हरियाली योजना के तहत खाता संख्या-261 खेसरा संख्या-2673 में आहर की उड़ाही का निर्माण किया गया है.उसके बाद आहर की परती जमीन है.जिसका खेसरा संख्या-2556 तथा खेसरा संख्यी 2502 है.वह महादलितों के कब्जे में है.वे अपने पूर्वजों की तरह ही जमीन का व्यवहार आज भी करते है. 

     इसके आलोक में श्रीमान जिलाधिकारी महोदय  से आग्रह किया गया कि आप अपने स्तर से स्थल का निरीक्षण कर आहर की परती जमीन में सामुदायिक भवन निर्माण करने की स्वीकृति प्रदान  करें.ताकि हम महादलितों को  सामुदायिक भवन मिल सके. 


आलोक कुमार


रविवार, 30 मार्च 2025

एक दिवसीय महिला अधिकार सम्मेलन संपन्न

 एक दिवसीय महिला अधिकार सम्मेलन संपन्न


पटना .अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रगति ग्रामीण विकास समिति की ओर से पटना जिले के नौबतपुर प्रखंड में महिला भूमि अधिकार एवं हर महिला को मासिक 3000 मांग को लेकर एक दिवसीय महिला अधिकार सम्मेलन आयोजित की गई.

          इसमें प्रखंड के 40 गांव से हजारों महिलाओं ने अपनी भागीदारी निभाई. मौक पर एकता परिषद राष्ट्रीय समिति के सलाहकार प्रदीप प्रियदर्शी ने कहा कि देश और प्रदेश की महिलाएं जाग उठी हैं और अपने अधिकारों को भलीभांति समझ रही हैं.उन्होंने कहा कि महिलाओं में आई जागरूकता से बिहार की तस्वीर और तकदीर बदलने लगी है.खास बात यह है कि हिंसात्मक राह को छोड़कर शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं.

       उन्होंने आगे कहा कि बच्चे शिक्षा की ओर बढ़ रहे हैं गांव का वातावरण बदला है.सामाजिक कटुता कम हुआ है और भेदभाव के बहुत सारे आयाम खत्म हुए है.बावजूद,इसके अभी तक महिलाओं के नाम भूमि का अधिकार देने का काम नहीं किया जा सका है.और 

तो और दो तिहाई कामगार महिलाएं प्रदेश के विकास व कल्याण  का काम करने में लगी हैं.मगर उनको काम का फल और उसका उचित सम्मान नहीं मिल पा रहा है.    

        इसके आलोक में एकता परिषद राष्ट्रीय समिति के सलाहकार प्रदीप प्रियदर्शी ने सरकार से हर महिला को घरेलू समस्या से निजात पाने के लिए वार्षिक ₹3000 देने की मांग की है,ताकि महिलाओं के स्वास्थ्य एवं बच्चों के शिक्षा में मदद मिल सके.

      इस अवसर पर एकता महिला मंच की नेता मंजुला डुंग डुंग ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकार के लिए आगे बढ़ना और हक मांगने की बजाय हक लेना है सम्मेलन में संघर्षशील पत्रकार नागेंद्र कुमार,प्रखंड के प्रमुख धर्मदेव पासवान,शिव कुमार ठाकुर, सिंधु सिन्हा आदि उपस्थित थे. उन लोगों ने अपने अपने विचार व्यक्त कर लोगों को विकास के कार्यों में शामिल होने के लिए प्रेरित किया.


आलोक कुमार

शुक्रवार, 28 मार्च 2025

हर घर कांग्रेस का झंडा कार्यक्रम का कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने किया ऐलान

 वक्फ संशोधन बिल का पुरजोर मुखालफत करती है कांग्रेस ;  प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार

वक्फ संशोधन बिल से वक्फ बोर्ड का गला घोंटना चाहती है केंद्र सरकार: डॉ शकील अहमद खान

हर घर कांग्रेस का झंडा कार्यक्रम का कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने किया ऐलान

पटना. भाजपा सरकार के द्वारा लाई गई वक्फ संशोधन बिल का कांग्रेस पार्टी पुरजोर मुखालफत करती है.इस कानून में वक्फ की संपत्तियों का दुरुपयोग करने और पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर भाजपा एनडीए सरकार अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से मुस्लिम समुदाय की खिलाफत कर रही है.कांग्रेस बिहार में हर घर कांग्रेस का झंडा कार्यक्रम का भी आज शुरुआत कर रही है.ये बातें बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश कुमार ने आज सदाकत आश्रम में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कही.

             संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि वक्फ संपत्ति को लेकर केंद्र की सरकार की मंशा पूर्वाग्रह से ग्रस्त है. उन्होंने कांग्रेस के हर घर कांग्रेस का झंडा कार्यक्रम की शुरुआत का विधिवत ऐलान किया और कहा कि प्रखंड से लेकर जिला और  प्रदेश के कांग्रेसजन अपने घरों, गाड़ियों और कार्यालयों पर झंडा लगाने का काम करेंगे.इससे कांग्रेस अपनी विरासत और संघर्ष को बयान करेगी. भाजपा के एजेंडे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि उनकी नीति रही है कि कमजोर और शोषित वर्ग को प्रताड़ित करने की.ये सरकार अनुसूचित जाति सहित अल्पसंख्यक वर्गों को प्रताड़ित करती है.

    संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बिहार कांग्रेस के विधायक दल के नेता डॉ शकील अहमद खान ने कहा कि संयुक्त संसदीय समिति में सरकार के ज्यादा भागीदार होने के कारण भाजपा ने अपने हिसाब से वक्फ बोर्ड का संशोधन बिल तैयार कर दिया. तमाम आपत्तियों और सुझावों को दरकिनार कर केवल वक्फ की संपत्तियों के प्रति पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर फैसला लिया गया.वक्फ के बारे में विस्तार से उन्होंने बताया और सभी अल्पसंख्यक संगठनों से जो सुझाव आए उसके खिलाफ केंद्र की सरकार ने अंतिम मसौदा तैयार कर दिया.बीजेपी द्वारा संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों की धज्जियां उड़ा रही है. एनडीए के घटक दल ये स्पष्ट करें कि जदयू, लोजपा रामविलास, हम सेक्यूलर के लोग भाजपा के एजेंडे के साथ खड़े हैं या नहीं.

      ये तमाम दल गोडसेवादी भाजपा के साथ रहना चाहते हैं तो फिर उन्हें अपना स्टैंड स्पष्ट करना चाहिए कि वक्फ के मामले पर वें वक्फ संशोधन बिल के पक्ष में खड़े हैं या नहीं. कांग्रेस गांधीवादी विचारधारा की पोषक है और लगातार सभी को साथ लेकर चलने का काम करती है.

    एक सवाल के जवाब में बिहार के प्रभारी सचिव सुशील पासी ने कहा कि हर घर कांग्रेस का झंडा कार्यक्रम को सभी कांग्रेसजन घर घर पहुंचाएं.उन्होंने अगले महीने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व देश के विपक्ष के नेता राहुल गांधी के पटना आगमन की संभावित आगमन की भी सूचना दी.

   संवाददाता सम्मेलन में विधान परिषद में दल के नेता व पूर्व  अध्यक्ष डॉ मदन मोहन झा, मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, अशोक गगन,  डॉ स्नेहाशीष वर्धन पाण्डेय, सौरभ सिंहा, निधि पांडेय, ज्ञान रंजन सहित अन्य नेतागण उपस्थित रहें.




मंगलवार, 25 मार्च 2025

चास-वास-जीवन बचाओ बागमती संघर्ष मोर्चा के बैनर तले पटना में विरोध प्रदर्शन


 चास-वास-जीवन बचाओ बागमती संघर्ष मोर्चा के बैनर तले पटना में विरोध प्रदर्शन

रिव्यू कमिटी की रिपोर्ट आए बिना बागमती तटबंध निर्माण, जनता के साथ धोखा है

सिकरहना और महानंदा पर तटबंध निर्माण को लेकर भी तत्काल रोक की मांग

बागमती तटबंध निर्माण के रिव्यू कमिटी की अनुशंसा के आधार पर निर्णय लिया जाए

पटना.चास वास जीवन बचाओ बागमती संघर्ष मोर्चा ने आज पटना के गर्दनीबाग धरनास्थल पर जोरदार प्रदर्शन किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.इस प्रदर्शन में मोर्चा के नेता और स्थानीय लोग बागमती तटबंध निर्माण के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे थे.उनका कहना था कि रिव्यू कमिटी की रिपोर्ट आने से पहले इस निर्माण कार्य को फिर से शुरू करना जनता के साथ धोखा है.

  प्रदर्शन में मोर्चा के संयोजक जितेंद्र यादव के नेतृत्व में माले नेता धीरेंद्र झा, मीना तिवारी, सिकटा विधायक वीरेंद्र गुप्ता, सूरज कुमार सिंह, दीपक कुमार, ठाकुर देवेंद्र सिंह, रामलोचन सिंह, नवल किशोर सिंह, जगरनाथ पासवान, रंजीत सिंह, अशोक कुमार, विवेक कुमार, ललित राय, पतशुराम राय, मनोज कुमार यादव, सुनील यादव समेत अन्य नेताओं ने भाग लिया.

   इस विरोध प्रदर्शन के दौरान न केवल बागमती तटबंध बल्कि सिकरहना और महानंदा नदी पर प्रस्तावित तटबंध निर्माण की योजना पर भी तत्काल रोक लगाने की मांग की गई.प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह तटबंध निर्माण योजनाएं न केवल बेमानी हैं, बल्कि इनसे क्षेत्रीय किसानों, मजदूरों और स्थानीय लोगों की आजीविका पर भी गंभीर असर पड़ेगा.

बागमती तटबंध परियोजना, जो 50 साल से भी पुरानी है, पर कई बार सवाल उठ चुके हैं. बार-बार जन आंदोलनों के दबाव में बिहार सरकार ने 2018 में एक रिव्यू कमिटी का गठन किया था, जिसका उद्देश्य तटबंध के औचित्य का पुनः मूल्यांकन करना था. रिव्यू कमिटी को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देने का निर्देश था, लेकिन आज तक उसकी कोई बैठक नहीं हुई और रिपोर्ट भी जारी नहीं हो पाई.इसके बावजूद बागमती तटबंध निर्माण के काम को फिर से शुरू कर दिया गया है, जो स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी समस्या बन सकता है.

   सिकरहना नदी पर बांध बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण का काम लगभग पूरा हो चुका है, जिससे 250 से अधिक गांव जलमग्न हो सकते हैं. हालांकि, आंदोलन के दबाव में इस योजना को फिलहाल रोक दिया गया है. इसके अलावा, महानंदा नदी पर फेज 2 के तहत प्रस्तावित तटबंध योजना से पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज जिलों के लगभग 200 गांवों में तबाही मच सकती है और नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर नुकसान हो सकता है.

   प्रदर्शनकारियों का कहना है कि तटबंधों का निर्माण इस क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों और जीवन-यापन के तरीके पर गंभीर प्रभाव डालेगा. तटबंध के बजाय, उनका कहना है कि इस पैसे का उपयोग कटाव निरोधक कार्यों में किया जाना चाहिए, ताकि नदियों के कटाव से बचाव हो सके और बाढ़ की समस्या को भी नियंत्रित किया जा सके.

    नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार को रिव्यू कमिटी की रिपोर्ट को आधार बनाते हुए तटबंध निर्माण पर कोई भी निर्णय लेना चाहिए.उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि यह तटबंध परियोजनाएं न तो स्थानीय जनता की आवश्यकता को ध्यान में रखती हैं, न ही उनके हितों की रक्षा करती हैं.इसके पीछे इंजीनियरों, ठेकेदारों और सरकार कुछ अधिकारियों के व्यक्तिगत स्वार्थ हो सकते हैं, जो इस निर्माण कार्य से लाभ उठाना चाहते हैं.

   प्रदर्शनकारियों ने यह चेतावनी दी कि अगर सरकार ने बागमती और अन्य नदियों के तटबंधों को रोका नहीं, तो उनका आंदोलन और तेज होगा. तटबंधों का निर्माण इलाके की खेती, आवास, और अन्य आर्थिक गतिविधियों को नुकसान पहुंचाएगा. सरकार को चाहिए कि वह तटबंधों को रोककर जल निकासी के रास्तों का विस्तार करे, ताकि बाढ़ के दौरान जलभराव से राहत मिल सके.


आलोक कुमार


भारतीय महिला क्रिकेट टीम पिछले कुछ वर्षों में निरंतर प्रगति

नजरें 2026 में होने वाले ICC Women's T20 World Cup पर टिकी हैं भारतीय महिला क्रिकेट टीम पिछले कुछ वर्षों में निरंतर प्रगति के नए आयाम छू...