बुधवार, 29 जून 2022

टीएचआर/पोषाहार से संबंधित वाउचर महीने के अंतिम सप्ताह में निर्धारित

 


नालंदा। मंगलवार को देर शाम जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने हरदेव भवन सभागार में आईसीडीएस की समीक्षा बैठक की।

जिला प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए 85250 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से प्रथम त्रैमास के लिए 6820 का लक्ष्य निर्धारित है। योजना के प्रारंभ से अब तक इस योजना से संबंधित एक लाख एक हजार 496 फॉर्म अपलोड किए गए हैं।

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत अब तक 39 हजार 110 लाभुकों का निबंधन  किया गया है।वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए 20 हजार 460 लाभुकों के निबंधन का लक्ष्य निर्धारित है।

विभिन्न विभागीय पदाधिकारियों द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के संदर्भ में बताया गया कि मई माह में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के स्तर से 432, महिला पर्यवेक्षिका द्वारा 2111 तथा परियोजना सहायक द्वारा 138 आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के क्रम में 359 सेविका को चेतावनी तथा 207 से स्पष्टीकरण पूछा गया है। विभिन्न केंद्रों में पाई गई कमियों को लेकर ₹57415 आर्थिक दंड के रूप में वसूली की गई है।

जिलाधिकारी ने शत प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण प्रतिमाह सुनिश्चित करने का निदेश दिया।

सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर सभी प्रकार की पंजियों एवं दस्तावेजों का विधिवत संधारण सुनिश्चित रखने का निर्देश दिया गया। इस संबंध में सभी सेविका, सहायिका, महिला पर्यवेक्षिका को आवश्यक प्रशिक्षण/दिशा निर्देश देने को कहा गया।


टीएचआर/पोषाहार से संबंधित वाउचर महीने के अंतिम सप्ताह में निर्धारित तिथि को ही संबंधित कार्यालय में प्राप्त करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी को इस आशय का आदेश निर्गत करने को कहा गया। सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अपने पर्यवेक्षण में वाउचर जमा करवाने की कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

मनरेगा के कन्वर्जंस से जिला में 200 आंगनवाड़ी केंद्र भवन का तत्काल निर्माण कराए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 100 आंगनवाड़ी केंद्र भवन के निर्माण के लिए कार्रवाई की जा रही है जो निर्माण के विभिन्न चरणों में है। अन्य 100 आंगनवाड़ी केंद्र भवन के निर्माण के लिए जमीन चिन्हित करने की कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी एवं सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी उपस्थित थे।

आलोक कुमार

ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं के बारे में उप विकास आयुक्त श्री वैभव श्रीवास्तव द्वारा विस्तार से जानकारी दी

 


नालंदा। जमीनी स्तर की योजनाओं को लेकर पंचायती राज संस्थाओं के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ किया गया संवाद।सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को मिले, इस उद्देश्य के लिए सभी जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील।लघु जल संसाधन विभाग द्वारा क्रियान्वित राजकीय नलकूप योजना एवं अन्य योजनाओं के संदर्भ में विभाग के अपर मुख्य सचिव ने जनप्रतिनिधियों से किया संवाद तथा लिया फीडबैक.परिवहन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग,सामाजिक सुरक्षा,कृषि विभाग,स्वास्थ्य विभाग एवं पंचायती राज विभाग द्वारा पीपीटी के माध्यम से सभी जन प्रतिनिधियों को दी गई योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी।


त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्था के नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ जमीनी स्तर पर क्रियान्वित की जा रही योजनाओं के संदर्भ में आज आरआईसीसी सभागार में संवाद किया गया।

लघु जल संसाधन विभाग द्वारा क्रियान्वित राजकीय नलकूप योजना एवं अन्य योजनाओं के बारे में विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री रवि मनुभाई परमार द्वारा स्वयं जानकारी दी गई तथा उनके द्वारा जनप्रतिनिधियों से फीडबैक भी लिया गया।

राजकीय नलकूप योजना के बारे में बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा लिये गए निर्णय के अनुसार वर्ष 2019 से सभी राजकीय नलकूपों के संचालन की जिम्मेदारी पंचायतों को दी गई है। इसकी मोनिटरिंग के लिए जिलास्तर पर उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ इस संदर्भ में संवाद किया जा रहा है।                                  

उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से विभाग की योजनाओं के बारे में फ़ीडबैक तथा सुझाव प्राप्त किया।

इस उन्मुखीकरण कार्यक्रम में सभी जनप्रतिनिधियों को विभिन्न विभागों द्वारा जमीनी स्तर पर क्रियान्वित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।

मुख्य रूप से ग्रामीण विकास विभाग,परिवहन विभाग,सामाजिक सुरक्षा, कृषि विभाग,स्वास्थ्य विभाग एवं पंचायती राज विभाग के पदाधिकारियों द्वारा विभाग से संबंधित सीधे तौर पर जनसरोकार/जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं के बारे में बताया गया।इन योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को मिले, इसके लिए सभी जनप्रतिनिधियों को उनके दायित्व के बारे में बताया गया तथा इनके लिए सहयोग की अपील की गई।

जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा बिहार मोटरयान (संशोधित) नियमावली के तहत वाहन दुर्घटना में मृत्यु की स्थिति में निकटतम आश्रितों को देय मुआवजे तथा दुर्घटना में घायलों को देय मुआवजे की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई।बताया गया कि मुआवजे की राशि के लिए मृतकों/ घायलों के निकटम  आश्रितों द्वारा परिवहन विभाग के वेबसाइट पर ष्रोड एक्सीडेंट कंपनसेशनष् पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जाना होगा। इसके साथ आवश्यक दस्तावेजों को संलग्न करना होगा। लोगों के बीच जानकारी के अभाव के कारण मुआवजे का आवेदन करने में अनावश्यक विलंब होता है।इसमें सभी जनप्रतिनिधियों से सक्रिय भूमिका निभाने का अनुरोध किया गया।


ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं के बारे में उप विकास आयुक्त श्री वैभव श्रीवास्तव द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई।

जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत किये जा रहे विभिन्न कार्यों/योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया एवं अद्यतन स्थिति के बारे में बताया गया। 

 मनरेगा,  प्रधानमंत्री आवास

 योजना(ग्रामीण) एवं लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के द्वितीय चरण के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस/तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत किये जा रहे कार्यों के बारे में बताया गया। इन सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों से अपेक्षित सहयोग की अपील की गई।

जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। CFMS/PFMS/DBT  माध्यम से किसानों के बीच अनुदान वितरण के संबंध में जानकारी दी गई। बताया गया कि कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों का पंजीकरण अनिवार्य है। सभी प्रखण्डों में ई-किसान भवन में किसानों के निःशुल्क पंजीकरण की व्यवस्था की गई है।जिन किसानों ने अपना पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें पंजीकरण के लिए प्रेरित करने का अनुरोध सभी जनप्रतिनिधियों से किया गया।

सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग द्वारा समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न पेंशन एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया गया। कबीर अंत्येष्टि योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, मुख्यमंत्री पारिवारिक लाभ योजना,विभिन्न पेंशन योजना, मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना, मुख्यमंत्री निः शक्तजन विवाह योजना, अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना, मुख्यमंत्री सामर्थ्य योजना(संबल) आदि की पात्रता तथा आवेदन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। सभी जनप्रतिनिधियों से इन सभी योजनाओं का लाभ सभी पात्र व्यक्ति को मिले, इसके लिए सहयोग की अपील की गई।

सिविल सर्जन द्वारा विभिन्न विभागीय योजनाओं- मिशन परिवार विकास के तहत योग्य दम्पत्ति को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के बारे में बताया गया। ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस कार्यक्रम के बारे में  भी विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, नियमित टीकाकरण, कोविड टीकाकरण आदि की व्यवस्था के बारे विशेष रूप से बताया गया तथा जनप्रतिनिधियों से अपेक्षित सक्रिय सहयोग की अपील की गई।



जिला पंचायत राज पदाधिकारी द्वारा विभाग द्वारा क्रियान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे बताया गया।बताया गया कि विभाग द्वारा जिला में 73 पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया गया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 89 पंचायत सरकार भवन के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पंचायत सरकार भवन के निर्माण के लिए उपयुक्त स्थल का चयन कर प्रस्ताव भेजने में सक्रिय सहयोग की अपील की गई। सभी वार्डों में नए WIMC का गठन तथा नवगठित WIMC को प्रभार सौंपने के कार्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने का अनुरोध किया गया।नल जल योजना के उपभोक्ताओं से उपभोक्ता शुल्क संग्रहण के लिए भी लोगों को जागरूक करने को कहा गया।

आज के उन्मुखीकरण कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों को संबोधित किया तथा इस आयोजन के उद्देश्य एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर विशेष रूप से प्रकाश डाला।आज के कार्यक्रम में ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अन्य पदाधिकारियों/कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। 

इससे पूर्व आज के उन्मुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ अपर मुख्य सचिव लघु जल संसाधन विभाग, जिलाधिकारी, उप विकास आयुक्त, जिला परिषद अध्यक्ष/उपाध्यक्ष द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, जिलापार्षदगण, प्रमुखगण, मुखियागण, प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।


आलोक कुमार

डोभी में बड़े और मध्यम दर्जे के उद्योग लगाने की योजना

 

गया। ’नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के वरीय अधिकारी श्री अभिषेक चौधरी द्वारा ’डोभी चतरा रोड पर 1670 एकड़ में प्रस्तवित इंडस्ट्रियल पार्क का स्थल निरीक्षण किया गया। अनुमंडल पदाधिकारी शेरघाटी एवं अंचलाधिकारी डोभी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारियों द्वारा नक्शे के माध्यम से पूरे औद्योगिक क्षेत्र के बारे में अवगत कराया।

निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम में अपर समाहर्ता श्री मनोज कुमार तथा अंचलाधिकारी डोभी को निर्देश दिए कि उक्त इंडस्ट्रियल एरिया प्रोजेक्ट में कितने लिंक रोड है तथा कितने संख्या में और अतिरिक्त लिंक रोड बनाने की आवश्यकता है, संबंधित बिंदुओं पर विस्तार से एक कनेक्टिविटी मैप तैयार करें। बिहार में उद्योगों का तेजी से वातावरण बन रहा है।अमृतसर - दिल्ली - कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के तहत गया के डोभी में बनने वाले इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग कलस्टर  परियोजना ज़िले के लिय काफी प्रभावशाली वरदान साबित होगा। इस प्रोजेक्ट के तहत डोभी में बड़े और मध्यम दर्जे के उद्योग लगाने की योजना है।


अमृतसर - दिल्ली - कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर से नजदीकी की वजह से यह क्षेत्र इकोनॉमिक ज़ोन के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में इतनी बड़ी पैमाने पर इंडस्ट्रियल हब बनने से गया की तकदीर बदल देगा। इस इंडस्ट्रियल पार्क को विकसित करने हेतु जीटी रोड से चौड़ी सड़के जुड़ेगी, रेलवे कनेक्टिविटी होगी तथा एयर कनेक्टिविटी भी होगी। उन्होंने बताया कि देश का बेहतरीन इंडस्ट्रियल पार्क गया में बनने जा रहा है। केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार दोनों का सहयोग इस इंडस्ट्रियल पार्क के निर्माण में प्राप्त है।

   गया जिले में उद्योगों तथा इंडस्ट्रीज का जाल बिछाने के लिए सरकार तथा उद्योग विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों के संबंध में ज़िला पदाधिकारी गया ने बताया कि डोभी प्रखंड अंतर्गत डोभी चतरा रोड पर स्थित 1670 एकड़ जमीन भू अर्जन प्रक्रिया में है। उन्होंने बताया कि 1297.74 एकड़ जमीन सरकारी है तथा 372.47 एकड़ जमीन रैयाति है। जिला पदाधिकारी ने कहा कि इस से संबंधित आने वाले दावा आपत्तियों को भू अर्जन विभाग द्वारा अच्छे से समीक्षा की जाएगी। भू अर्जन विभाग की समीक्षा एवं कागजातों की जांच उपरांत मुआवजा देकर अर्जित की जाएगी। इस जमीन को उद्योगों इंडस्ट्रीज के लिए आवंटन करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमृतसर कोलकाता कॉरिडोर इंडस्ट्रियल पार्क में उद्योग संबंधी सभी आवश्यक सुविधाएं कॉमन फैसिलिटी सेंटर सहित अन्य सुविधाएं दी जाएगी। ’उन्होंने बताया कि यह अपने आप में एक शानदार इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनेगा।’


एहतियातन सभी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया

 * नदियों के जलस्तर, तटबंधों एवं निचले इलाकों में बसावटों की सतत निगरानी करने का निर्देश।

लगातार माइकिंग कराकर लोगों को करें सतर्क

* आश्रय स्थलों पर सभी व्यवस्थाएं अपडेट रखने का निर्देश

* 29 जून को मध्याह्न 12 बजे तक गंडक बराज से छोड़ा गया दो लाख तीन हजार क्यूसेक पानी


बेतिया। आपदा प्रबंधन विभाग, भारत मौसम विज्ञान विभाग, पटना द्वारा जारी अत्यधिक भारी वर्षा एवं वज्रपात अलर्ट तथा बरसात मौसम के मद्देनजर जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा अत्यधिक भारी वर्षा, मेघ गर्जन, वज्रपात के प्रभाव से निपटने हेतु प्रभारी पदाधिकारी, जिला आपदा कोषांग, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ को अलर्ट मोड में रहकर एहतियातन सभी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

उन्होंने कहा कि सभी अनुमंडल पदाधिकारी अपने सूचना तंत्र को पूर्णतः क्रियाशील रखें ताकि आपदा से संबंधित सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान हो सके। एसडीएम, बगहा वाल्मीकिनगर गंडक बराज के जलस्तर की प्रॉपर निगरानी एवं प्रत्येक दो घंटे के अंतराल पर पानी डिस्चार्ज से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने निर्देश दिया कि जरूरतमंदों के बीच पॉलीथिन शीट्स का वितरण अविलंब कराना सुनिश्चित किया जाय।

उन्होंने अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगर किसी गांव/पंचायत में ठनका गिरने से किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो इसकी सूचना अविलंब आपदा प्रबंधन शाखा को दें और निर्देशानुसार मृत व्यक्ति के आश्रित को 24 घंटे के अंदर मुआवजा राशि का भुगतान करना सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही वज्रपात (ठनका) की सूचना तुरंत पाने के लिए बिहार सरकार द्वारा डेवलप किये गये इन्द्रवज्र एप के बारे में आम जनों को अवगत करायें।

जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि आपदा प्रबंधन विभाग, मौसम विज्ञान केन्द्र द्वारा जारी मौसम चेतावनी का प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सहित सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से जिलेवासियों को अवगत कराना सुनिश्चित किया जाए ताकि आमजन सजग और सतर्क रहते हुए अत्यधिक भारी वर्षा एवं वज्रपात आदि से सुरक्षित रह सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अंचलाधिकारी, संबंधित कार्यपालक अभियंता को स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखेंगे तथा तटबंधों की नियमित निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा कि आंधी-तूफान के दौरान सड़कों पर पेड़ आदि गिर जाते हैं, जिससे आवागमन में बाधा पहुंचती है। सभी अंचलाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि पेड़ गिरने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जाय तथा त्वरित गति से यातायात व्यवस्था सुचारू करने की कार्रवाई करेंगे।

सभी अंचलाधिकारियों को निदेश दिया गया कि माईकिंग के माध्यम से आमजन को अत्यधिक भारी बारिश, तेज आँधी, वज्रपात से बचाव हेतु जागरूक करेंगे। किसानों एवं तटवर्ती इलाकों में निवास करने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निवास करने, घरों में रहने आदि के संबंध में माइकिंग के माध्यम से जागरूक करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही सभी आश्रय स्थलों पर सभी व्यवस्थाएं अपडेट रखने के लिए निर्देशित किया गया है।

उन्होंने कहा कि फ्लड फाइटिंग कार्य से संबंधित सभी कार्यपालक अभियंता पूरी मुस्तैदी के साथ अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्वहन करें। गत वर्ष आयी बाढ़ आपदा के समय सभी ने अच्छा कार्य किया है। ऐसे ही संभावित बाढ़ एवं कटाव से निपटने के लिए अपना बेस्ट दें। फ्लड फाइटिंग टीम सभी आवश्यक संसाधनों के साथ हमेशा अलर्ट रहेगी तथा आवश्यकतानुसार फ्लड फाइटिंग कार्य सम्पन्न करायेगी।

जिला आपदा प्रभारी को निदेशित किया गया कि मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी निदेश तथा संभावित बाढ़ के मद्देनजर एसडीआरएफ की टीम को सभी आवश्यक संसाधनों के साथ पूरी तरह अलर्ट मोड में रखना सुनिश्चित करेंगे ताकि विषम परिस्थिति में जान-माल की सुरक्षा की जा सके। साथ ही सभी अंचलाधिकारियों को नाव, नाविकों आदि की समुचित व्यवस्था करने का निदेश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया है।

कार्यपालक पदाधिकारी, विद्युत विभाग को आंधी-तूफान के दौरान बिजली पोलों, तारों पर पैनी नजर बनायें रखने को कहा गया है। अगर कोई बिजली पोल या तार क्षतिग्रस्त होता है तो अविलंब उसकी मरम्मति कर बिजली आपूर्ति सुचारू करें। साथ ही टीम का गठन कर जिले के सभी बिजली तारों एवं पोलों का मुआयना करने का भी निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया है।  

जिले वासियों से अपील करते हुए जिलाधिकारी ने कहा है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा अत्यधिक भारी बारिश, मेघ गर्जन, वज्रपात को लेकर जारी अलर्ट को अत्यंत ही गंभीरता से लें। जिलेवासी उचित सावधानी एवं सुरक्षा के उपाय बरतें। बिजली चमकने या गड़गड़ाहट की आवाज सुनाई देने के बाद किसान तथा नागरिक पक्के घर में शरण लें। तटवर्ती इलाकों में निवास करने वाले व्यक्ति इस दौरान सुरक्षित स्थलों पर चले जाएं। नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने पर सभी ऊँचे स्थानों पर आ जाएं। घरों में रहें, अपने तथा अपने परिवार के बचाव हेतु सतर्क रहें। बारिश-तूफान के दौरान अपने बच्चों को घरों में रखें, उन्हें बाहर नहीं जाने दें। किसान अपने मवेशियों को खुले में नहीं बांधे, सुरक्षित स्थानों पर रखें।

बेतिया नगर निगम के नगर आयुक्त सहित सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि भारी बारिश, तेज आंधी, वज्रपात के मद्देनजर शहरी क्षेत्रों में सभी संसाधनों के साथ टीम तैयार रखेंगे। साथ ही भारी बारिश के आलोक में जल निकासी की समुचित व्यवस्था करेंगे।

समीक्षा के क्रम में नगर आयुक्त के द्वारा बताया गया कि नगर निगम, बेतिया द्वारा शहर के विभिन्न नालों की बड़े मशीनों के माध्यम से सफाई/उड़ाही कर जल निकासी करायी जा रही है। साथ ही अंधेरी-चुनरी, चन्द्रावत सहित अन्य नदी जहाँ शहर का पानी निकलता है, वहाँ भी अच्छे तरीके से सफाई की जा रही है ताकि शहर में जमा पानी को जल्द से जल्द निकाला जा सके।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, अपर समाहर्ता, श्री नदंकिशोर साह, अपर समाहर्ता-सह-जिला आपदा प्रभारी पदाधिकारी, श्री अनिल राय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


आलोक कुमार

पूर्व मंत्री मुंगेरी लाल की 21वीं पुण्यतिथि

 पटना.प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व मंत्री मुंगेरी लाल की 21वीं पुण्यतिथि आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में मनाई गयी.समारोह की अध्यक्षता बिहार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा ने की.

इस अवसर पर डा0 मदन मोहन झा ने कहा कि स्व0 मुंगेरी लाल उच्च कोटि के स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक थे. राज्य सरकार के मंत्री के रूप में उन्होंने दलितों के विकास की कई योजनाएँ चलायीं.पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने जो रिपोर्ट पेश की उसी के आधार पर आज तक बिहार में पिछड़ों एवं अति पिछड़ों के लिये आरक्षण की व्यवस्था है.

डा0 झा ने कहा कि स्व0 मुंगेरी लाल बड़े ईमानदार थे तथा सादा जीवन उच्च विचार के वे प्रतीक थे. आज कृतज्ञ राज्य उनके योगदान को स्मरण कर उनकी स्मृति को शत-शत नमन करती है.इसके पूर्व मुंगेरी लाल के चित्र पर माल्यार्पण किया गया.

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमेन राजेश राठौड़, पूर्व विधायक प्रमोद कुमार सिंह, लाल बाबू लाल, कुमार आशीष, अरविन्द लाल रजक, चुन्नू सिंह, अनोखा सिंह,  प्रदुम्न कुमार यादव, मंजीत आनन्द साहू, मृणाल अनामय, निधि पाण्डेय, ई0 कमलेश, निरंजन कुमार, राणा अजय सिंह, रीना देवी रागिनी, आयुष भगत, हसीब खान सहित कांग्रेसजनों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धाँजलि अर्पित की.

बताते चले कि पिछड़ा आयोग का अध्यक्ष मुंगेरी लाल थे.राजनीतिज्ञों ने मुंगेरी बाबू को पूर्ण रूप से सम्मान नहीं दिया. आजतक मुंगेरी बाबू के जन्म स्थल कुर्जी ग्राम का नाम परिवर्तन कर मुंगेरी ग्राम नहीं कर सके. इसे परिवार वाले मुंगेरी लाल का हसीन सपना करार देते हैं. स्थानीय कुर्जी मोहल्ला को अब मुंगेरी ग्राम कहलाएगा. पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने 2014 में (दिसम्बर माह) विधान परिषद में इसकी घोषणा की थी. विधान पार्षद दिलीप जायसवाल ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से यह मांग सदन में उठाई थी.उस वक्त पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी सदन में मौजूद थे. श्री जायसवाल ने कहा था कि मुंगेरी लाल प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी और राज्य के मंत्री रहे. वे कुर्जी के निवासी थे. स्वतंत्रता आंदोलन में वे जेल भी गए। जिसकी अकाल मौत हो गयी.उसे क्रियान्वित नहीं किया गया.


आलोक कुमार

मंगलवार, 28 जून 2022

चनपटिया स्टार्टअप जोन की सफलता की चहुं ओर तारीफ़

 * निवेशक अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए डी०आर०सी०सी० में फंक्शनल हुआ सिंगल विंडो सिस्टम

* सिंगल विंडो सिस्टम में उद्यमियों की समस्याओं को सिर्फ सुना ही नहीं जाएगा बल्कि सभी प्रकार के आवश्यक अनुज्ञप्ति एक समय सीमा के अंतर्गत दिलाने का प्रयास भी किया जाएगा


बेतिया. राज्य सरकार औद्योगिक विकास के माध्यम से राज्य के चारों ओर औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक उपक्रमों की स्थापना के लिए आवश्यक मंजूरी को बढ़ावा देने और सुविधा प्रदान करने के लिए “प्रभावी“ और “कार्यात्मक“ सिंगल विंडो सिस्टम के लिए प्रतिबद्ध है और एक निवेशक अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए भी प्रतिबद्ध है.

पश्चिम चंपारण जिले में कोरोना की महामारी के दौरान स्थापित चनपटिया स्टार्टअप जोन की सफलता की चहुं ओर तारीफ़ की जा रही है. इसकी सफलता से अभिभूत होकर जिले के अन्य क्षेत्रों में भी स्टार्टअप के स्थापना के लिए अनुकूल इको सिस्टम तैयार हो गया है. प्रतिदिन कई लोग स्टार्टअप की स्थापना के लिए जिला प्रशासन से मिलते हैं और अपने-अपने आइडिया को शेयर करते हैं. जिलाधिकारी के निर्देश के आलोक में उनकी समस्याओं को सुनने और निराकरण के लिए पश्चिम चंपारण जिले में डी०आर०सी०सी० में उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में सिंगल विंडो सिस्टम स्थापित कर दिया गया है.

सिंगल विंडो सिस्टम में उद्यमियों की समस्याओं को सुना जाएगा, ना केवल उन्हें सुना जायेगा बल्कि सभी प्रकार के आवश्यक अनुज्ञप्ति एक समय सीमा के अंतर्गत दिलाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे उद्योग के स्थापना में सहयोग मिलेगा और कम से कम समय में अपना उत्पादन प्रारम्भ किया जाएगा. साथ ही उन्हें हरेक आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाता है.

इस सिस्टम के तहत फायर, श्रम, फैक्ट्री लाइसेंस, प्रदूषण नियंत्रण, बिजली विभाग, जी०एस०टी, माप एवं तौल विभाग एवं बैंकों के अधिकारी रहेंगे. पश्चिम चंपारण में औद्योगिक और अन्य परियोजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन के लिए, प्रमोटरों को एकल बिंदु मंजूरी प्रदान करके और ऐसी परियोजनाओं के प्रारंभिक वाणिज्यिक उत्पादन को सुनिश्चित कराया जाएगा.


आलोक कुमार

सहारा इंडिया में जमा पैसों के भुगतान की मांग पर हजारों जमाकर्ताओं का आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन

 ● गर्दनीबाग धरना स्थल पर उनके आंदोलन के समर्थन में पहुंचे माले विधायक

● बिहार सरकार जमाकर्ताओं के अविलंब भुगतान के मसले पर विधानसभा से प्रस्ताव ले



पटना.1980 से ही सहारा इंडिया हाउसिंग फाइनेंस और रियल इस्टेट में राज्य के करोड़ों गरीब परिवार अपना पेट काटकर अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए पैसा जमा करते आए हैं, लेकिन वर्ष 2013 के बाद से पैसे की परिपक्वता पूरी होने के बाद भी जमाकर्ताओं को भुगतान नहीं किया जा रहा है. इसके खिलाफ आज बिहार के कोने-कोने से भाकपा-माले के बैनर तले हजारों की संख्या में जमाकर्ता पटना पहुंचे और बिहार सरकार से हजारों करोड़ की जमा पानी ही राशि के अविलंब भुगतान के मसले पर विधानसभा से प्रस्ताव पारित करने की मांग की.

गेट पब्लिक लाइब्रेरी से माले की केंद्रीय कमिटी सदस्य मीना तिवारी, राज्य कमिटी के सदस्य सूरज कुमार सिंह, पार्टी नेता कमलेश शर्मा, कुमार परवेज़ आदि के नेतृत्व में हाथों में तख्तियां लिए जमाकर्ताओं ने मार्च शुरू किया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं. गर्दनीबाग धरना स्थल पर उनके प्रदर्शन को उक्त नेताओं के अलावा बिहार विधानसभा में पुस्तकालय समिति के सभापति सुदामा प्रसाद, माले विधायक दल के नेता महबूब आलम, महानंद सिंह, ऐपवा की बिहार राज्य सचिव शशि यादव आदि ने संबोधित किया.

सुदामा प्रसाद ने कहा कि इस मसले पर हमने बिहार विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाने की कोशिश की. कहा कि बिहार सरकार को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए. एक तरफ राज्य में कर्ज के दबाब में लोग आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं, तो दूसरी ओर करोड़ो जमाकर्ता अपने ही पैसे की वापसी के लिए लगातार आंदोलनरत हैं, लेकिन उनकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं है. यह बहुत ही दुखद है.

ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि समय पर पैसा नहीं मिलने के कारण जमाकर्ता कई प्रकार की समस्याओं का सामना कर रहे हैं और इनमें अधिकांश परिवार आज भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं. पैसों के अभाव में सैंकड़ों जमाकर्ता बिना इलाज के मर गए और कई परिवार आत्महत्या को मजबूर हैं. ऐसे समय में उनके रुपए का भुगतान नहीं होना एक गंभीर अपराध है. सहारा इंडिया सेबी से पैसे की वापसी का जिक्र करके कहता है कि सेबी से पैसा मिलने पर ही जमाकर्ताओं को पैसा मिलेगा, लेकिन वास्तविकता यह है कि सहारा इंडिया की तरफ से दिल्ली उच्च न्यायालय में पैसे की वापसी को लेकर कोई भी मुकदमा नहीं किया गया है. वह देश की जनता की आंखों में और धूल नहीं झोक सकती.

महबूब आलम ने कहा कि कॉरपोरेटों को मोदी सरकार ने लूट की खुली छूट दे रखी है. यदि सरकार चाहती तो अब तक जमाकर्ताओं के पैसे मिल गए होते. लेकिन यह सरकार तो सब कुछ बर्बाद करने पर तुली हुई है. जनता की गाढ़ी कमाई को लूटा जा रहा है. इसे हम स्वीकार नहीं करेंगे.

महानंद सिंह ने कहा कि सहारा इंडिया में जमा बिहार के एक करोड़ जमाकर्ताओं के अविलंब भुगतान संबंधित एक प्रस्ताव बिहार विधानसभा से पारित करने, सहारा इंडिया परिवार के जमाकर्ताओं के भुगतान के लिए  सरकार द्वारा अपने स्तर से कानूनी कार्रवाई करने, दिल्ली हाइकोर्ट के आदेश कि जबतक भुगतान नहीं तब तक कोई काम नहीं के आदेश की अवहेलना करते हुए सहारा की शाखाओं में सादे कागज पर लिए जा रहे पैसों पर अविलंब रोक लगाने तथा सहारा से जुड़े सभी मामलों का 6 महीने के अंदर फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए निपटारा करने की मांगों का समर्थन करते हैं. उन्होंने इसपर सदन के अंदर लड़ाई तेज करने का आश्वासन दिया.

शशि यादव ने कहा कि सरकार का असली चेहरा अब पूरी तरह साफ है. जनता की गाढ़ी कमाई को धोखेबाजी से लूट लेने वाला सहारा इंडिया की संपत्ति जब्त करके जमाकर्ताओं का पैसा सरकार उन्हें दिलाए.

मौके पर प्रदर्शनकारियों ने अपना स्मार पत्र मजिस्ट्रेट को सौंपा. कार्यक्रम के समन्वयक सूरज कुमार सिंह ने कहा कि यदि सरकार इस प्रदर्शन के बाद भी नहीं चेतती, तब हम धारावाहिक आंदोलन में उतरेंगे. कहा कि यह शर्मनाक है कि इतना कुछ होने के बाद भी सादे कागज पर सहारा आम लोगों से पैसा ले रहा है. सरकार इसे तो कम से कम रोके.


 आलोक कुमार

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