मंगलवार, 6 दिसंबर 2022

नव-निर्वाचित राष्ट्रीय परिषद 10 दिसंबर को पटना में ललन सिंह के चुने जाने की पुष्टि करने के लिए बैठक

  

नई दिल्ली.जदयू के अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को पार्टी के नए अध्यक्ष के रूप में तीन साल के नए कार्यकाल के लिए निर्विरोध चुन लिया गया. जदयू के महासचिव आफाक अहमद खान ने कहा कि लोकसभा सदस्य और पार्टी के प्रमुख नेता सिंह मुकाबले में एकमात्र व्यक्ति थे और सोमवार को नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि के बाद निर्विरोध चुने गए.

  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विश्वासपात्र माने जाने वाले राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने जुलाई, 2021 में पार्टी के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला था, जब तत्कालीन अध्यक्ष आर सी पी सिंह ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद इस्तीफा दे दिया था. उस समय जदयू) का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन था. बाद में नीतीश कुमार के साथ आर सी पी सिंह के रिश्ते खराब हो गए क्योंकि उन्हें भाजपा नेतृत्व के करीब माना जाता था.

       बाद में कुमार के साथ आर सी पी सिंह के रिश्ते खराब हो गए क्योंकि उन्हें भाजपा नेतृत्व के करीब माना जाता था. जद (यू) ने बाद में भाजपा से नाता तोड़ लिया और राष्ट्रीय जनता दल-कांग्रेस-वाम गठबंधन से हाथ मिला लिया. जद (यू) नेताओं ने कहा कि पार्टी की नव-निर्वाचित राष्ट्रीय परिषद 10 दिसंबर को पटना में ललन सिंह के चुने जाने की पुष्टि करने के लिए बैठक करेगी, और फिर पार्टी राज्य की राजधानी में अगले दिन अपना पूर्ण सत्र आयोजित करेगी.

      कौन बनेगा जदयू राष्ट्रीय अध्यक्ष? नीतीश के पास ललन के अलावा कोई विकल्प नहीं! ऐसा समझा जा रहा था कि क्या सीएम नीतीश के लिए ‘मजबूरी और जरूरी‘ बन गए हैं ललन सिंह? यह सवाल इसलिए क्योंकि जेडीयू का नया बॉस कौन होगा, इसका फैसला लेने में मुश्किल हो रहा था.हालांकि राज्य परिषद की बैठक में नीतीश कुमार ने संकेत दे दिए थे कि फिलहाल टीम में कोई बदलाव नहीं होगा.

जनता दल (यूनाइटेड) के संगठन को नई धार और ऊर्जा प्रदान करने वाले हम सबके आदरणीय श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह जी को निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित होने पर एब्रोस पैट्कि,अभिषेक पैट्रिक,पूजा आन शर्मा आदि ने ढेरों बधाई दी है.


आलोक कुमार

सोमवार, 5 दिसंबर 2022

भारतीय राजनेता अखिलेश प्रसाद सिंह बिहार प्रदेश कांग्रेस के नए अध्यक्ष

 

पटना.आज 05 दिसंबर है.अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी ने भारतीय राजनेता अखिलेश प्रसाद सिंह को बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के नए अध्यक्ष बनाए हैं.इस तरह कांग्रेस आलाकमान ने श्री सिंह को अध्यक्ष बनाकर अग्रिम बर्थ डे गिफ्ट दिया है.उनका 05 जनवरी को बर्थडे है.उनका जन्म 5 जनवरी 1962 (आयु 60) को जहानाबाद, बिहार में हुआ है.

     अखिलेश प्रसाद सिंह बिहार विधान सभा के पूर्व सदस्य एवं बिहार राज्य के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री है. श्री सिंह 2004 में भारत के चौदहवीं लोकसभा के सदस्य थे एवं भारत के कृषि, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण के मंत्री भी थे.अखिलेश प्रसाद सिंह एक भारतीय राजनेता हैं जो भारतीय संसद में राज्यसभा के सदस्य हैं और अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सदस्य भी हैं. 15 मार्च 2018 को, वह बिहार राज्य से राज्य सभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए थे.जीवन संगी वीना सिंह है.दोनों के बच्चे 1 पुत्र और 1 पुत्री हैं. निवास स्थान अरवल, बिहार है. 

        कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य  डा.अखिलेश प्रसाद सिंह बिहार कांग्रेस के नए अध्यक्ष बनाए गए हैं.कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं.डा. मदन मोहन झा के स्थान पर डा. अखिलेश को यह जिम्मा दिया गया है.

            डा. मदन मोहन झा को तकरीबन चार वर्ष पहले 18 सितंबर 2018 को बिहार कांग्रेस की कमान सौंपी गई थी. डा. झा को उस समय अध्यक्ष बनाया गया जब बिहार कांग्रेस की कमान कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कौकब कादरी के पास थी.        डा. झा के कार्यकाल में 2019 का लोकसभा चुनाव, 2020 का विधानसभा चुनाव और आधा दर्जन से अधिक उप चुनाव हुए, लेकिन कांग्रेस बिहार में कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ सकी. 2020 के चुनाव में 70 सीटों पर चुनाव लड़कर कांग्रेस महज 19 सीटों पर ही विजय प्राप्त कर सकी थी.

इसके बाद डा. झा ने पार्टी आलाकमान को अपना इस्तीफा सौंप दिया था.पार्टी ने उनका इस्तीफा लेकर उन्हें पद पर रहने का निर्देश दिया था. अब उन्हें कार्य मुक्त करते हुए पार्टी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह को बिहार कांग्रेस अध्यक्ष पद की कमान सौंपी है.


आलोक कुमार


जिलाधिकारी द्वारा खेल अवसंरचनाओं के निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता के लिए समीक्षा

 बेतिया. खेलो इंडिया योजना के तहत जिले में सिन्थेटिक एथलेटिक्स ट्रैक होेगा, सिन्थेटिक हॉकी मैदान, सिन्थेटिक फुटबॉल मैदान, तरणताल तथा मल्टीपरपस हॉल का निर्माण होगा.खेल तथा खिलाड़ियों के विकास को बल मिलेगा.राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में परचम जिले के खिलाड़ी लहरा सकेंगे.

            जिलाधिकारी द्वारा खेल अवसंरचनाओं के निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता के लिए समीक्षा की गई.अंचलाधिकारियों को अविलंब भूमि चिन्हित करते हुए प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश.युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार की खेलो इंडिया के तहत जिले में खेल अवसंरचना का निर्माण तथा उन्नयन किया जाता है. इसके तहत सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, सिंथेटिक हॉकी मैदान, सिन्थेटिक फुटबॉल मैदान, तरणताल तथा मल्टीपरपज हॉल का निर्माण कराया जाना है.

इसी परिप्रेक्ष्य में पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न हुयी.जिलाधिकारी ने कहा कि खेलो इंडिया भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है. इसके तहत विभिन्न खेल अवसंरचना का निर्माण तथा उन्नयन कार्य का क्रियान्वयन तीव्र गति से किया जाना आवश्यक है ताकि जिले के खिलाड़ियों को इसका लाभ मिल सके तथा वे राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपना परचम लहरा सके.

            समीक्षा के क्रम में जिला खेल पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक के निर्माण के लिए 250 मी0×175 मी0 भूमि, सिंथेटिक हॉकी मैदान के लिए 150 मी0×100 मी0 भूमि, सिंथेटिक फुटबॉल मैदान के लिए 160 मी0×140 मी0, तरणताल के लिए 80 मी0×50 मी0 तथा मल्टीपरपज हॉल के लिए 80 मी0×60 मी0 भूमि की आवश्यकता है.

       जिलाधिकारी द्वारा सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जिले में खेल तथा खिलाड़ियों के विकास के मद्देनजर उपरोक्त मानक के अनुरूप भूमि को चिन्हित किया जाय तथा प्रतिवेदन अविलंब कार्यकारी विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाय.

            जिला खेल पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि अंचलाधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए खेल अवसंरचनाओं के लिए उपर्युक्त भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय.साथ ही भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित होते ही अग्रतर कार्रवाई की जाए ताकि सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, सिंथेटिक हॉकी मैदान, सिन्थेटिक फुटबॉल मैदान, तरणताल तथा मल्टीपरपज हॉल का निर्माण कराया जा सके.इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे.


आलोक कुमार


आज ट्रेड मार्क ऑफिस, कोलकाता में मरचा धान/चूड़ा से संबंधित प्रजेंटेशन दिया

 


बेतिया. मरचा धान/चूड़ा को जीआई टैग के लिए कोलकाता के ट्रेड मार्क ऑफिस में बेतिया टीम द्वारा फाइनल प्रजेंटेशन दिया गया.जीआई, रजिस्ट्री, चेन्नई के विशेषज्ञों द्वारा सूक्ष्मता से सभी बिन्दुओं का मूल्यांकन किया गया .जीआई टैग मिलने के और करीब जिला पहुँचा.

       पश्चिमी चम्पारण जिले के मरचा धान/चूड़ा को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए जीआई टैग के लिए जिला प्रशासन द्वारा हरसंभव प्रयास किया जा रहा है.जीआई टैग मिलना एक जटिल प्रक्रिया है.बावजूद इसके जिलाधिकारी, पश्चिमी चम्पारण, श्री कुंदन कुमार के दिशा-निर्देश के आलोक में अधिकारियों की एक पूरी टीम मरचा चूड़ा को जीआई टैग दिलाने के लिए करीब डेढ़ साल से कार्य कर रही है. यह प्रयास अब अंतिम चरण में है, शीघ्र ही जिले के मरचा चूड़ा को जीआई टैग मिलने की प्रबल संभावना है.

जिला प्रशासन की टीम द्वारा जीआई, रजिस्ट्री, चेन्नई के विशेषज्ञो के समक्ष आज ट्रेड मार्क ऑफिस, कोलकाता में मरचा धान/चूड़ा से संबंधित प्रजेंटेशन दिया गया. इस दौरान जीआई रजिस्ट्री, चेन्नई के विशेषज्ञों द्वारा अत्यंत सूक्ष्मता से सभी बिन्दुओं का मूल्यांकन किया गया। प्रजेंटेशन एवं मूल्यांकन के फलस्वरूप पश्चिम चम्पारण जिले के विश्व विख्यात मरचा धान/चूड़ा को जीआई टैग मिलने की प्रबल संभावना है. इसके लिए जीआई रजिस्ट्री, चेन्नई के विशेषज्ञों द्वारा जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया गया है.

         प्रेजेंटेशन संबंधी बैठक में वरीय उप समाहर्ता डॉ0 राज कुमार सिन्हा, निदेशक अनुसंधान, डॉक्टर पी0 एस0 ब्रह्मानंद, वरीय प्लांट ब्रीडर, डॉ एन0 के0 सिंह, सहायक निदेशक उद्यान श्री विवेक भारती एवं कृषक लक्ष्मी कुशवाहा, आनंद सिंह ने भाग लिया.

          इस कार्य में डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विद्यालय, पूसा के निदेशक अनुसंधान डॉ0 पी0एस0 ब्रह्मानंद, वैज्ञानिक डॉ एन के सिंह एवं  वरीय उप समाहर्ता डॉ राज कुमार सिन्हा,  सहायक निदेशक, उद्यान, श्री विवेक भारती सहित कृषक प्रतिनिधियों द्वारा सराहनीय भूमिका निभाई गयी.

        जिलाधिकारी द्वारा इस पर प्रसन्नता व्यक्त की गयी और लगभग डेढ़ साल से लगातार अथक परिश्रम कर रही पूरी टीम की सराहना की गयी है. उन्होंने कहा कि कृषि विभाग की पूरी टीम, कृषक गण, एसडीसी, श्री राज कुमार सिन्हा, डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विद्यालय, पूसा के डॉ0 ब्रह्मानंद सहित उनकी पूरी टीम ने अत्यंत ही सराहनीय कार्य किया है, जो अब फलीभूत होने वाला है। उन्होंने कहा कि मरचा धान का डीएनए फिंगर प्रिंटिंग, बायोकेमिकल एनालिसिस आदि कार्यों के सफल निष्पादन में उनके सराहनीय भूमिका रही है.

            उन्होंने कहा कि मरचा धान/चूड़ा का निबंधन (जीआई टैग) हो जाने के बाद मरचा धान के चूड़ा की मांग देश-विदेशों में पूरी की जा सकेगी. इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी तथा रोजगार भी वृद्धि होगी.पश्चिमी चम्पारण जिले के विकास में मरचा चूड़ा को जीआई टैग मिलना अत्यंत ही कारगर साबित होगा.

          उन्होंने कहा कि मरचा चूड़ा को जीआई टैग मिलना पश्चिम चम्पारण जिले के लिए एक बेहतरीन उपलब्धि होगी. पूरी दुनिया यह जान सकेगी कि मरचा चूड़ा/धान का उत्पादन सिर्फ और सिर्फ पश्चिम चम्पारण जिले में ही होता है.


आलोक कुमार


इस बैठक के माध्यम से समन्वय स्थापित कराया जाएगा

 नालंदा.इस जिले के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण मामलों के निष्पादन एवं अंतर विभागीय समन्वय को लेकर गैर तकनीकी जिला स्तरीय पदाधिकारियों की बैठक की गई.

विभिन्न विभागों से प्राप्त महत्वपूर्ण निर्देशों के अनुपालन, विभिन्न स्रोतों से प्राप्त परिवाद पत्रों के निष्पादन तथा अंतर विभागीय समन्वय को लेकर आज जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने सभी गैर तकनीकी जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक की.

जिलाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को कहा कि अब से यह बैठक प्रत्येक सोमवार को आहूत की जाएगी. संबंधित विभाग के जिला स्तरीय पदाधिकारी अपने विभाग से प्राप्त महत्वपूर्ण निर्देशों के बारे में इस बैठक में जानकारी देते हुए इसके अनुपालन के लिए कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे. आवश्यकतानुसार अन्य संबंधित विभागों के साथ इस बैठक के माध्यम से समन्वय स्थापित कराया जाएगा.

जनता के दरबार में मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री के भ्रमण एवं डैशबोर्ड के माध्यम से प्राप्त परिवाद, जिलाधिकारी के जनता दरबार में प्राप्त परिवाद का प्राथमिकता से निष्पादन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही न्यायालय वाद से संबंधित मामलों में समय अपेक्षित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को दिया गया.

 महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए भूमि की उपलब्धता से संबंधित मामलों की भी इस बैठक में नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी.इसके साथ ही सूचना का अधिकार, मानवाधिकार, लोकायुक्त एवं अन्य वैधानिक संस्थाओं में संचालित मामले के ससमय निष्पादन को भी नियमित समीक्षा इस बैठक में की जाएगी.

जिलाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि उच्च प्राथमिकता वाले मामलों के निष्पादन में किसी भी तरह का अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों का ससमय निष्पादन संबंधित विभाग के पदाधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही होगी.

बैठक में नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, निदेशक डीआरडीए, सभी वरीय उप समाहर्ता, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, डीपीओ आईसीडीएस, जिला पशुपालन पदाधिकारी सहित अन्य विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.उप समाहर्ता, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, डीपीओ आईसीडीएस, जिला पशुपालन पदाधिकारी सहित अन्य विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.

आलोक कुमार


नीलाम पत्र वाद दायर करने का आदेश दिया

  


नालंदा.बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत  द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के रूप में जिलाधिकारी ने आज 13 मामलों की की सुनवाई.कई मामलों में शिकायतों का निवारण हुआ.

लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के रूप में जिलाधिकारी द्वारा आज 13 मामले की सुनवाई की गई.इनमें से कुछ मामलों का निवारण सुनवाई से पूर्व ही संबंधित लोक प्राधिकार द्वारा किया गया तथा कुछ मामलों में निवारण के लिए संबंधित लोक प्राधिकार के पदाधिकारियों को आदेश दिया गया.

गोनावा पंचायत के छतियाना में पंचायती राज विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता से संबंधित परिवाद में जिला पंचायत राज पदाधिकारी से जांच प्रतिवेदन प्राप्त किया गया। सुनवाई के उपरांत पंचायत के तत्कालीन मुखिया एवं पंचायत सचिव से स्पष्टीकरण प्राप्त कर उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने  का आदेश दिया गया.तत्कालीन पंचायत सचिव, वर्तमान में सेवानिवृत्ति, के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई संचालित करने को कहा गया. तत्कालीन पंचायत तकनीकी सहायक को संविदा मुक्त करने के लिए  जिला पंचायत राज पदाधिकारी को नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया.

तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी से भी स्पष्टीकरण पूछते हुए विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा का आदेश दिया गया.पंचायत के वार्ड संख्या 13 में मापी पुस्तक से अधिक राशि की निकासी को लेकर तत्कालीन वार्ड क्रियान्वयन समिति के विरुद्ध नीलाम पत्र वाद दायर करने का आदेश दिया गया.

हरनौत की परिवादी रेणु सिंह द्वारा बगैर म्यूटेशन वाद के ही पूर्व में उनके पति के भाई का नाम भी जमाबंदी पंजी में दर्ज किए जाने से संबंधित परिवाद में अंचलाधिकारी हरनौत को मूल जमाबंदी पंजी के साथ अगली तिथि को तलब किया गया. उन्होंने एक दूसरे भूखंड का म्युटेशन संदिग्ध एफिडेविट के आधार पर गलत ढंग से उनके पति के भाई द्वारा कराए जाने से संबंधित मामले में अपर समाहर्त्ता को जांच करने का आदेश दिया गया.कुछ अन्य मामलों से संबंधित लोक प्राधिकार के पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया गया.


आलोक कुमार


डा0 राजेन्द्र प्रसाद 14 वर्षों से अधिक समय तक बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष पद को सुशोभित किये

 पटना.देशरत्न डा0 राजेन्द्र प्रसाद की 138 वीं जयंती आज सदाकत आश्रम में मनाई गयी .सर्वप्रथम सदाकत आश्रम के उद्यान में स्थित डा0 राजेन्द्र प्रसाद की प्रतिमा पर  कांग्रेसजनों ने माल्यार्पण किया.

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा ने कहा कि डा0 राजेन्द्र प्रसाद विलक्षण प्रतिभा के धनी थे तथा वे अजातशत्रु थे. देश के प्रथम राष्ट्रपति का पद ग्रहण करने वाले राजेंद्र बाबू सामान्य जीवन जीने में विश्वास रखते थे.सादा जीवन उच्च विचार के वे सच्चे प्रतीक थे.उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के लिये यह बड़े गर्व की बात है कि डा0 राजेन्द्र प्रसाद 14 वर्षों से अधिक समय तक बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष पद को सुशोभित किये.

इस अवसर पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी अनुशासन समिति के अध्यक्ष कृपानाथ पाठक, सदस्यता अभियान प्रभारी बृजेश प्रसाद मुनन पूर्व विधायक लाल बाबू लाल, डॉ. हरखू झा, डॉ. अजय कुमार सिंह, ब्रजेश पाण्डेय, अरविन्द लाल रजक, केशर कुमार सिंह, उमा कान्त सिंह, कपिलदेव प्रसाद यादव,उदय शंकर पटेल, मृणाल अनामय, प्रदुमन कुमार यादव, रिपुदमन शर्मा, सुनील कुमार सिंह, निधि पांडे, मोह. शाहनवाज सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजनों ने भी राजेन्द्र बाबू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया.


आलोक कुमार 

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