मंगलवार, 17 जनवरी 2023

21 जनवरी को आयोजित होने वाले जॉब कैम्प की तैयारी प्रारंभ

  

* 21 जनवरी को डीआरसीसी में जॉब  कैंप  का आयोजन

* स्थानीय स्तर पर 50 अभ्यर्थियों को दी जानी है नौकरी



बेतिया.श्रम संसाधन विभाग जिला नियोजनालय के तत्वावधान में दिनांक-21.01.2023 को स्थानीय डीआरसीसी (जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र) के प्रांगण में जॉब कैम्प का आयोजन किया जा रहा है. इस दिन पूर्वाह्न 11.00 बजे से अपराह्न 04.00 बजे तक इच्छुक अभ्यर्थी जॉब कैंप में नियोजक से जॉब के विषय में जानकारी प्राप्त कर अपना आवेदन/बायोडाटा जमा कर सकते हैं.

  पश्चिम चंपारण जिले के जिला नियोजन पदाधिकारी, श्री अंकित राज द्वारा बताया गया कि प्रभारी जिलाधिकारी, श्री अनिल कुमार के दिशा-निर्देश के आलोक में 21 जनवरी को आयोजित होने वाले जॉब कैम्प की तैयारी प्रारंभ कर दी गयी है तथा ससमय सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जायेगी. उन्होंने बताया कि निजी नियोजक, पद, योग्यता, उम्र, मानदेय, रिक्ति, कार्यस्थल आदि की विस्तृत जानकारी का प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है ताकि लक्ष्य के अनुरूप बेरोजगार युवक-युवतियों को नौकरी दिलाई जा सके.

     उन्होंने बताया कि निती राज मोटर्स (टाटा मोटर्स) द्वारा बेतिया एवं बगहा में सेल्स एग्जीक्यूटिव, सेल्स टीम लीडर, रिसेप्शनिस्ट पद के लिए 10 अभ्यर्थियों का चयन किया जायेगा. वहीं नव भारत फर्टिलाइजर्स लिमिटेड द्वारा पश्चिम चम्पारण एवं पूर्वी चंपारण जिले में सेल्स रिप्रेजेंटेटिव के 40 अभ्यर्थियों को नौकरी दी जाएगी.


आलोक कुमार

सभी दिव्यांगजन काफी प्रसन्न

  * 28 दिव्यांगजनों को सम्बल योजना के तहत निःशुल्क उपलब्ध करायी गयी बैटरी चलित ट्राई साइकिल

* बैटरी चलित ट्राई साइकिल प्राप्त कर काफी प्रसन्न दिखे दिव्यांगजन


बेतिया. मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजना (संबल) के तहत 28 दिव्यांगजनों को बैटरी चलित ट्राई साइकिल का वितरण प्रखण्ड परिसर गौनाहा में स्थित बुनियाद केंद्र में किया गया. इस वितरण कार्यक्रम में गौनाहा प्रखण्ड के 02, मैनाटाड़ के 3, सिकटा के 5 नरकटियागंज के 7 एवं लौरिया के 11 दिव्यांगजनों के बीच निःशुल्क बैट्री चालित ट्राई साइकिल का वितरण किया गया. बैटरी चलित ट्राई साइकिल प्राप्त कर सभी दिव्यांगजन काफी प्रसन्न थे.

     सहायक निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, बेतिया द्वारा बताया गया कि योजना अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए दिव्यांगजनों द्वारा बिहार सरकार की ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन किया गया, जिसका सत्यापन जिला पदाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में गठित जिलास्तरीय स्क्रीनिंग समिति द्वारा किया गया. समिति द्वारा नरकटियागंज अनुमंडल में स्थित पांच प्रखंडों के 35 आवेदनों की स्वीकृति प्रदान की गई. वर्तमान में उपलब्ध 28 बैटरी चलित ट्राई साइकिल को प्रथम आओ प्रथम पाओ के आधार पर वितरित किया गया है. शेष लाभुकों को बैटरी चालित ट्राई साइकिल आते ही उपलब्ध करा दी जाएगी.

   


इस वितरण कार्यक्रम में प्रखण्ड प्रमुख, उप प्रमुख, मुखिया एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ प्रखण्ड विकास पदाधिकारी तथा सहायक निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, बेतिया आदि उपस्थित रहे.


आलोक कुमार

शारदा प्रसाद मिश्रा के निधन पर शोक

  दुर्गापूजा समिति डाक बंगला के पूर्व आचार्य पंडित शारदा प्रसाद मिश्र शास्त्री का निधन


पटना.कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता पुरुषोत्तम मिश्रा के पिता आचार्य शारदा प्रसाद मिश्रा के निधन पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है. 

स्व0 शारदा प्रसाद मिश्र कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे तथा उनका उपचार पटना के एम्स में चल रहा था.आज दिनांक 17 जनवरी,23 को उनका देहांत हो गया.उनका पार्थिव शरीर 4-30 बजे उनके पटना के निवास स्थान श्रीकृष्ण नगर आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लाया जायेगा.उनका अंतिम संस्कार कल दिनांक 18 जनवरी को मारकंडिका घाट बनारस में किया जायेगा.

अपने शोक संदेश में डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि शारदा प्रसाद मिश्रा जी एक अच्छे समाजसेवी एवं नेकदिल इंसान थे.उनको धार्मिक कार्याे में विशेष रूचि थी तथा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे.उनके निधन से मैं काफी मर्माहत हूं तथा ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दुःख की इस घड़ी में परिवार के सदस्यों को धैर्य प्रदान करें.

कांग्रेस विधायक दल के नेता अजित शर्मा, प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा,पूर्व मंत्री संजीव प्रसाद टोनी एवं मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने भी शारदा प्रसाद मिश्रा के निधन पर शोक व्यक्त किया है.

आलोक कुमार

सोमवार, 16 जनवरी 2023

ध्रुवीकरण की राजनीति का देश की सामाजिक समरसता पर विपरीत प्रभाव

  * छत्तीसगढ़ राज्य में चुनाव 2023 में है.राज्य में 90 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होगा.अभी से ही धर्म के नाम पर गोलबंदी शुरू है.

* धर्म दिलों को जोड़ता है, तोड़ता नहीं. जो धर्म का दुरुपयोग कर तोड़ने का प्रयास करता है, वह धार्मिक नहीं है.इस समय

* देश में धर्म के नाम पर नफरती दीवार खड़ी करने की कोशिश नववर्ष के दिन 01 और 02 जनवरी को नारायणपुर  में की गयी.

पटना. भारत के छत्तीसगढ़ राज्य का एक ज़िला नारायणपुर है.नारायणपुर आदिवासियों की एक बड़ी संख्या अभी भी गहरे जंगलों में रह रही है और अपने स्वयं के अनूठे संस्कृति को सुरक्षित रखने के लिए बाहरी लोगों के साथ मिलकर न मिलें. 

नारायणपुर, जनजातियों की भूमि और नारायणपुर की कुल आबादी का लगभग 70% आदिवासियों में शामिल है, जो छत्तीसगढ़ की कुल आदिवासी आबादी का 26.76% है. नारायणपुर क्षेत्र के प्रमुख जनजाति हैं गोंड, अजूज मारिया, भटरा भत्ता को उप-कास्ट सान भटरा, पिट भात्रा, अनीत भात्रा अम्निट हाईस्ट हास्ट स्टेटस, हल्बा, धूर्वा, मुरिया और बाइसन हॉर्न मारिया में विभाजित हैं. नारायणपुर के गोंड भारत में सबसे प्रसिद्ध जनजातियों में से एक है, जो विवाहों की उनकी अद्वितीय घोटुल व्यवस्था के लिए जाना जाता है.आबादी के मामले में गोंड भी मध्य भारत का सबसे बड़ा आदिवासी समूह है.


सर्वविदित है कि दिनांक 01 और 02 जनवरी 2023 को छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिला में वहाँ के ईसाई समुदाय 

पर हुए उन्मादी भीड़ की हिंसक हमले के विरुद्ध पटना के ईसाई समुदाय के साथ कई समाजसेवी और बुद्धिजीवियों ने कुर्जी चर्च  के प्रांगण में नारायणपुर के हिंसा प्रभावित लोगों के साथ अपनी एकजुटता दिखाते हुए प्रार्थना सभा का आयोजन किया.


ठण्ड के बावज़ूद इसमें सैकड़ों की संख्या में अमन-.चैन के पक्षधर लोगों ने भाग लिया.सब अपने हाथ में जलती हुयी मोमबत्ती लिए सभी प्रभावित लोगों की सुरक्षा और दंगाग्रस्त क्षेत्रों में शांति बहाली के लिए दुआ कर रहे थे.

   


प्रार्थना सभा में उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए, कुर्जी पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर पायस प्रशांत, ये.स. ने कहा - ‘‘यहाँ गिरजाघर के परिसर में, इस ठण्ड के मौसम में हम सब नारायणपुर के लोगाें के लिए प्रार्थना करने के लिए एकत्रित हुए हैं.हम इस प्रकार के हमलों से प्रभावित हर व्यक्ति के साथ एकजुटता में खड़े हैं. हमारी उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि हम जिंदा लाेग हैं जो मौत की शक्तियों से कह रहे हैं कि मानवता आज भी जीवित है’’.

   इस विरोध सभा की अर्गुआइ  करते  हुए पटना महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष सेबास्टियन कल्लूपुरा ने धर्म के नाम पर आमलोगों पर किये जा रहे हिंसक और भावनात्मक हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इस प्रकार के हमले मूलतः मानवता और जन विरोधी हैं. हम आहत और प्रभावित लोगाें की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं.उन्होंने कहा कि देश भर में हो रहे इस प्रकार के  हमलों, चाहे वे जिनपर भी किये जा रहे हों, हम निंदा करते हैं. जिस प्रकार नारायणपुर में गिरजाघर और आदिवासी समाज के लिए संचालित विद्यालय पर हमले किये गये उसे देखकर स्पष्ट हो जाता है कि इस प्रकार के हमले सुनियोजित रूप योजनाबद्ध तरीके से किये जाते हैं.हम इन हमलों में प्रभावित हर व्यक्ति के साथ एकजुटता में खड़े हैं.उनके लिए और उनको उत्पीड़ित करने वालों के लिए भी हम प्रार्थना करते हैं. प्रभु प्रभावित लोगों को इस कठिन दौर में बल दें, जीवन के पक्ष में खड़े लोगों की मध्यस्थता से उन्हें सांत्वना दें तथा आम जनों पर जुल्म करने वालों को समझ दें कि वे अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर दूसरों के साथ दुर्भावना नहीं बल्कि  सद्भावना से व्यवहार करें.


इस प्रार्थना सभा को संबोधित करते हुए बिहार विधानसभा के पूर्व सभाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, समाजसेवी निवेदिता, रेवरेन्ड मोसेस आदि ने भी अपने विचार रखे और इस प्रकार के सुनियोजित, सांगठनिक और योजनाबद्ध तरीके से दलिताें, आदिवासियों, महिलाओं और बच्चों पर किये जा हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की जन 

विरोधी गतिविधियाँ देश की की परंपरा पर कुठाराघात करते हैं और इसका केवल एक ही मकसद समाज और देश को विखण्डित करना है.हमारे पास आवाज़ है और इसका 

भरपूर उपयोग करते हुए हमने हमेशा से इन बर्बर कृत्यों पर हमला किया है और करते रहेंगे.

   वहीं समाजसेवी रूपेश ने आह्वान किया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की 75 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 30 जनवरी  को देश में धर्म की राजनीति करने वालों को दरकिनार कर सद्भावना कायम करने के लिए कार्यकर्म तय करें. आज भी राष्ट्रपिता की शहादत का यह दिन गांधी जी को दुनिया में सर्वाधिक प्रासंगिक बना हुआ है.बापू के देह से तो संसार में नहीं रहे लेकिन उनके विचारों ने पूरे विश्व को एक बार फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या हिंसा का रास्ता दुनिया की सारी समस्यासओं का समाधान है.देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की  सुश्री संध्या ओस्ता ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ सभा की कार्रवाई  समाप्त की गयी.

 


मालूम हो कि 08 जनवरी को छतीसगढ के आदिवासी ईसाइयों के साथ दुर्व्यवहार तथा वहाँ के चर्च में तोड़-फोड़ की अमानवीय घटना से आहत हो दिनांक 08 जनवरी 2023 को नयी दिल्ली के सेक्रेड हार्ट कैथेड्रल  में कैंडल लाईट प्रेयर का आयोजन किया गया था.जिसमें भारी संख्या में समुदाय के लोगों के साथ लगभग सभी धर्मों के धर्मगुरु तथा लोग शामिल हो नफरत की भावना त्याग आपसी सद्भाव की कामना करते हुए आदिवासी ईसाईयों की सुरक्षा तथा उनकी धार्मिक स्वतन्त्रता कज कामना की गई थी.

उसी तरह बेत्तिया ईसाई समुदाय की तरफ से छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में गिरजाघर को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त करने और वहां की ईसाई समुदायों को धर्म परिवर्तन के नाम पर झूठा आरोप लगाकर भारतवर्ष की संपूर्ण ईसाई समुदाय पर घोर अत्याचार के विरोध में नारायणपुर की कलीसिया के साथ  सद्भावना एवं सांत्वना व्यक्त  करने के लिए शाम को कैंडल लाइट के साथ शांति जुलूस निकाला


गया. इसमें हमारे पल्ली पुरोहित हेनरी फर्नांडो अन्य पुरोहित , सिस्टरगण,  प्रकाश ऑगस्टीन , अनिल डिक्रूज  , रिचर्ड फ्रांसिस, सुनील डिक्रूज, रंजीत केरोबिम, संजय फ्रांसिस, एवं अन्य गणमान्य लोगों ने भाग लिया.इस सन्दर्भ में अल्पसंख्यक ईसाई कल्याण संघ के महा सचिव एस.के. लॉरेन्स की भूमिका अहम रही.

एसके लौरेंस ने कहा कि सामाजिक सौहार्द को खतरा

ध्रुवीकरण की राजनीति का देश की सामाजिक समरसता पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है.जो हम वर्तमान में यह देख रहे हैं. ध्रुवीकरण चाहे धार्मिक हो, साम्प्रदायिक, भाषाई या क्षेत्रीय, सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ कर कट्टरपंथी एवं विघटनकारी ताकतों को ही खाद-पानी देता है. यह देशहित में नहीं है.


आलोक कुमार 

आचार्य द्वारा खुल्लमखुल्ला हिंसा का आह्वान किया जा रहा है:शशि यादव

* बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर रामचरितमानस को लेकर दिए विवादित बयान पर कायम हैं. उन्होंने कहा कि जो गलत है उस पर आवाज उठाता रहूंगा और जो लोग मेरी जीभ काटना चाहते हैं उन्हें इस मुद्दे पर मुझसे तर्क करना चाहिए. वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

*बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर की जीभ काट कर लाएगा उसे 10 करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि ऐसे मंत्री को तत्काल बर्खास्त कर देना चाहिए. अगर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो साधु संत चुप नहीं बैठेंगे.                                        

पटना. बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर सिंह वैसे तो काफी पढ़े लिखे हैं. साइंस में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है. रामचरितमानस को उन्होंने सीधे-सीधे समाज में नफरत फैलाने वाला बता दिया.नालंदा ओपेन यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में जिस पीली पगड़ी को धारण कर रामचरितमानस के बारे में शिक्षा मंत्री भला-बुरा कह रहे थे.शिक्षा मंत्री को पता नहीं कि पीले रंग के वस्त्र भी रामचरित मानस से जुड़े हुए हैं.तुलसीदास कहते हैं कि पीत बसन परिकर कटि भाथा. चारु चाप सर सोहत हाथा.तन अनुहरत सुचंदन खोरी. स्यामल गौर मनोहर जोरी.भावार्थ ये है कि राम-लक्ष्मण पीले रंग के वस्त्र पहने हैं.कमर में पीले दुपट्टों में तरकस बंधे हैं.हाथों में सुंदर धनुष-बाण सुशोभित है. श्याम और गौर वर्ण के शरीरों के अनुकूल सुंदर चंदन की खौर लगी है.सांवरे और गोरे रंग की मनोहर जोड़ी है.विवादित टिप्पणी कर बैकफुट पर आये चंद्रशेखर सिंह अपनी गलती मानने की जगह कुतर्क कर रहे हैं.चंद्रशेखर सिंह ने बयान पर बवाल के बाद जो जवाब दिया है.उस जवाब का उत्तर भी रामचरितमानस में है और शिक्षा मंत्री पर सटीक बैठता है.                               

हिंदू धार्मिक ग्रंथ रामचरितमानस पर विवादित बयान देने के बाद बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर की चौतरफा आलोचना हो रही है.यहां तक महागठबंधन में विचार भिन्नता है.जदयू और कांग्रेज ने शिक्षा मंत्री को साथ नहीं दे रहे है.दोनों दलों के नेताओं ने राजद को कारगर कदम उठाने को कहा है.     

         शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के बयान के बाद अयोध्या के साधु संतों में आक्रोश देखा जा रहा है. रामजन्म भूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने इस बयान पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है. वहीं, तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने बिहार के शिक्षा मंत्री पर 10 करोड़ का इनाम घोषित किया है. उन्होंने कहा कि जो भी बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर की जीभ काट कर लाएगा उसे 10 करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि ऐसे मंत्री को तत्काल बर्खास्त कर देना चाहिए. अगर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो साधु संत चुप नहीं बैठेंगे.           अयोध्या के संत जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने मंत्री को उनके पद से बर्खास्त करने की मांग करते हुए कहा कि मंत्री के बयान से पूरा देश आहत है. उन्हें माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा कि रामचरितमानस लोगों को जोड़ने वाला ग्रंथ है. रामचरितमानस मानवता की स्थापना करने वाली किताब है.

बता दें कि बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने बुधवार को कहा था कि मनुस्मृति, रामचरितमानस, गुरु गोलवलकर की बंच ऑफ थॉट्स... ये किताबें नफरत फैलाने वाली किताबें हैं.नफरत से देश महान नहीं बनेगा, प्रेम देश को महान बनाएगा. मंत्री ने कहा था कि मनुस्मृति को क्यों जलाया गया, क्योंकि इसमें एक बड़े तबके के खिलाफ कई गालियां दी गई थीं. रामचरितमानस का विरोध क्यों किया गया और किस भाग का विरोध किया गया? निचली जाति के लोगों को शिक्षा प्राप्त करने की अनुमति नहीं थी और रामचरितमानस में कहा गया है कि निम्न जाति के लोग शिक्षा प्राप्त करने से वैसे ही जहरीले हो जाते हैं जैसे दूध पीने के बाद सांप बन जाता है. यह समाज में दलितों-पिछड़ों और महिलाओं को शिक्षा प्राप्त करने से रोकता है.                    

        अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा)की राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी ने कहा है कि बिहार के शिक्षा मंत्री के रामचरित मानस संबंधी बयान के पक्ष विपक्ष में बहस और तर्क हो सकते हैं लेकिन उनकी जीभ काटने वाले को 10 करोड़ का इनाम देने की घोषणा अयोध्या के एक आचार्य कर रहे हैं, ये क्या है? इस तथाकथित आचार्य द्वारा खुल्लमखुल्ला हिंसा का आह्वान किया जा रहा है. सरकार को इसके खिलाफ कारवाई करनी चाहिए.                  

         राज्य अध्यक्ष सरोज चौबे  ने कहा कि इस साधु के पास इतना पैसा कहां से आया है? आम लोग अपनी धार्मिक आस्था से मंदिरों को चढ़ावा देते हैं लेकिन उस पैसे का उपयोग धार्मिक या जनकल्याण के काम में करने के बदले उस पैसे से जीभ काटने या सिर कलम करने की आज बात की जा रही है.यह खुले आम हिंसा का आह्वान है. यह आपराधिक कृत्य है . राज्य सचिव शशि यादव व राज्य सहसचिव अनीता सिन्हा ने कहा कि श्री सुशील मोदी समेत भाजपा के जो नेता सड़कों पर आज आंदोलन कर रहे हैं उन्हें पहले इस हिंसक बयान पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.

            तुलसीदास जी ने जिस काल में रामचरित मानस लिखा था, वह सामंती समाज व्यवस्था का दौर था और सामंती व्यवस्था में स्त्रियों और दलितों की अधीनता को जायज ठहराया गया है, अनैतिक नहीं माना गया है इसलिए मानस में ऐसी कई चौपाइयां हैं जो स्त्रियों को दोयम दर्जे का दिखाती हैं. उस दौर में स्त्रियों और दलितों के लिए शिक्षा सहज उपलब्ध नहीं थी आज जब महिलाएं या समाज का वंचित हिस्सा जब शिक्षा ग्रहण कर रहा है तो इस पर चर्चा होगी.  इसे राम में किसी की आस्था का अपमान करना नहीं समझा जाना चाहिए.

     बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर रामचरितमानस को लेकर दिए विवादित बयान पर कायम हैं. उन्होंने कहा कि जो गलत है उस पर आवाज उठाता रहूंगा और जो लोग मेरी जीभ काटना चाहते हैं उन्हें इस मुद्दे पर मुझसे तर्क करना चाहिए. वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.


आलोक कुमार 

चार-पांच माह से लंबित वेतन मिलने की संभावना बढ़ी

 बिहार राज्य कर्मचारी महासंघ में दिखा दम

चार-पांच माह  से लंबित वेतन मिलने की संभावना बढ़ी

लंबित वेतन भुगतान के लिए चालीस करोड़ की राशि आवंटित



पटना.बिहार राज्य कर्मचारी महासंघ का एक शिष्टमंडल असैनिक शल्य चिकित्सक सह  मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर के.के.रॉय से शनिवार को मिलकर परिवार कल्याण क्षेत्रीय कार्यकर्ता ए.एन.एम. की लंबित वेतन भुगतान करने व उनके अन्य समस्याओं को उनके समक्ष रखा.

बिहार राज्य कर्मचारी महासंघ ने परिवार कल्याण क्षेत्रीय कार्यकर्ता ए.एन.एम. की परेशानी को देखकर सरकार के अधिकारियों से 10 जनवरी 2023 तक लंबित वेतन भुगतान कर देने का आग्रह किया था.वहीं बिहार राज्य कर्मचारी महासंघ ने अधिकारियों को अल्टीमेटम भी दिया था कि अगर लंबित वेतन का भुगतान नहीं किया गया,तो मजबूरी में 11 जनवरी को एक दिवसीय कार्य बहिष्कार किया जाएगा.बिहार राज्य कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर एक दिवसीय कार्य बहिष्कार सफल रहा.इसमें पुनपुन पीएचसी,दुल्हिन बाजार पीएचसी,धनरूआ पीएचसी.नौबतपुर पीएचसी,फुलवारीशरीफ पीएचसी,पटना सदर पीएचसी आदि के परिवार कल्याण क्षेत्रीय कार्यकर्ता ए.एन.एम. भाग लिया.

     परिवार कल्याण क्षेत्रीय कार्यकर्ता ए.एन.एम. ने लंबित वेतन भुगतान की मांग की थी.बदले में अति उत्साहित होकर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र,पुनपुन पटना के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने चालीस से अधिक ए.एन.एम. को कारण बताओं नोटिस थमा दिया.इससे एक दिवसीय कार्य बहिष्कार करने वाली ए.एन.एम.बौखला गयी.तब जाकर बिहार राज्य कर्मचारी महासंघ ने ए.एन.एम.का मार्गदर्शन स्पष्टीकरण लिखने में करने लगे.यहां  अतिशयोक्ति नहीं है कि सरकार व अधिकारियों की मिलीभगत व लापरवाही के चलते चार-पांच माह से वेतन नहीं मिल पा रहा था.वेतन भोगी ए.एन.एम.की तमाम खुशियां हवा में उड़ गयी.बैंक व महाजनों के ऋण चुकता करने में सोचते-सोचते ब्लड प्रेशर के शिकार हो गये.

     बता दें कि आजकल ब्लड प्रेशर की समस्या बहुत कॉमन है. युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक बीपी की समस्या देखने को मिल जाएगी. किसी का ब्लड प्रेशर काफी लो हो जाता है तो किसी को हाई बीपी की परेशानी होती है. सेहत के लिहाज से दोनों ही समस्याएं आपके जीवन के लिए बड़ी परेशानी हैं. लो बीपी में शरीर के अंगों में सही तरह से खून की सप्लाई नहीं होती है, जिसके कारण कई बार बेहोशी की स्थिति भी आ जाती है. वहीं हाई बीपी को तो साइलेंट किलर कहा जाता है. हाई बीपी को हार्ट अटैक के बड़े कारणों में से एक माना जाता है. इसके अलावा हाई बीपी की वजह से स्ट्रोक  और किडनी फेलियर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.

 इस बीच बिहार राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रधान महासचिव नरेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल असैनिक शल्य चिकित्सक सह  मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर के.के.रॉय से मिला.इस शिष्टमंडल में सर्वश्री देवकरण राय, राज्य अध्यक्ष, अशोक कुमार सिंह, महासचिव, श्री शंकर राम, महासचिव, प्रवीण कुमार, उपाध्यक्ष एवं ललन कुमार, जिला अध्यक्ष शामिल थे.

     असैनिक शल्य चिकित्सक सह  मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर के.के.रॉय से मिलकर आने के बाद महासंघ के महासचिव अशोक कुमार सिंह ने बताया कि मानवीय सेवा करने वाली परिवार कल्याण क्षेत्रीय कार्यकर्ता ए.एन.एम.पर अनुशासनिक कार्रवाई नहीं होगी.धनरूआ पीएचसी की 23 ए.एन.एम.का एक दिन का अवरूद्ध वेतन दिया जाएगा.जारी आदेश को देखकर आदेश को निरस्त कर दिया जाएगा.इस बीच डॉक्टर के.के.रॉय ने खुशखबरी दी कि लंबित वेतन भुगतान के लिए चालीस करोड़ की राशि आवंटित कर दी गयी है.सभी पीएचसी से कहा गया है कि जल्द से जल्द धनराशि का बँटवारा करने की मांग सूची पेश करें.

आलोक कुमार

कलम की ताकत के बदौलत कांग्रेस पार्टी के विचार जन जन तक पहुंच सके

                


 हम (से.) के राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट शिशिर कौंडिल्य  कांग्रेस में हुए शामिल

पटना. हम(से.) के राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट सह प्रवक्ता की जिम्मेदारी संभाल रहे शिशिर कौंडिल्य कांग्रेस में शामिल हो गए.पार्टी के बिहार प्रदेश कार्यालय सदाकत आश्रम में  प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई. इस दौरान शिशिर कौंडिल्य ने  पार्टी नेतृत्व पर अपना भरोसा जताते हुए कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य का विषय होगा कि माननीय प्रदेश अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह के नेतृत्व और सानिध्य में उन्हें काम करने का मौका मिलेगा.  

     इस अवसर पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि पार्टी में शिशिर जैसे पढ़े लिखे लोगों को शामिल होना चाहिए. ताकि कलम की ताकत के बदौलत कांग्रेस पार्टी के विचार जन जन तक पहुंच सके.

प्रदेश कांग्रेस मीडिया बिभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने बताया कि शिशिर कौण्डिल्य  एक अच्छे वक्ता और लेखक हैं, और लम्बे काल तक ये पत्रकारिता से जुड़े रहे.उन्होंने राजधानी दिल्ली में कई टीवी चौनलों एवं अखबारों में बतौर पत्रकार काम किया है, और अभी वर्तमान में पटना हाई कोर्ट में अधिवक्ता हैं.राजनीति में बिहार में इन्होंने अपनी पारी हम(से.) से शुरू की थी.पत्रकारिता जगत में अच्छी पहचान और अनुभव होने के कारण पार्टी ने इन्हें प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी थी.इनको कांग्रेस पार्टी  में  लाने के पीछे  कांग्रेस  दर्पण के संपादक  डॉ संजय यादव  की  भूमिका  रही.

    इस अवसर पर पूर्व विधायक बंटी चौधरी, लाल बाबू लाल, प्रवीण सिंह कुशवाहा, चन्द्र प्रकाश सिंह,डॉ. सुनील कुमार सिंह, अजय सिंह, मधुरेंद्र सिंह,  धर्मवीर शुक्ला, सत्येंद्र कुमार, मंटन सिंह, सहित सैकड़ों की संख्या में नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे.


आलोक कुमार

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