मंगलवार, 24 जनवरी 2023

ऑनलाइन म्यूटेशन के लगभग 93 प्रतिशत मामले निष्पादित पाए गए

* जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राजस्व की समीक्षा बैठक.म्यूटेशन एवं परिमार्जन के लंबित मामलों का निर्धारित प्रावधान एवं प्रक्रिया के अनुरूप करें निष्पादन.सभी भूमि सुधार उप समाहर्त्ता अंचल के कार्यों की करेंगे नियमित समीक्षा तथा म्यूटेशन एवं परिमार्जन से संबंधित अभिलेखों का करेंगे रैंडम निरीक्षण

नालंदा. इस जिले के जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज हरदेव भवन सभागार में राजस्व से संबंधित कार्यों की समीक्षा की.ऑनलाइन म्यूटेशन के लगभग 93 प्रतिशत मामले निष्पादित पाए गए. इनमें से 59 प्रतिशत स्वीकृत तथा 41 प्रतिशत मामले स्वीकृत करते हुए निष्पादित किए गए.निर्धारित समय अवधि पार कर चुके 2730 मामले विभिन्न कारणों से लंबित पाए गए.

  बताया गया कि राजगीर, अस्थावां, बेन, सिलाव, बिहार शरीफ, इस्लामपुर एवं थरथरी अंचल में 100 से अधिक मामले लंबित हैं. जिलाधिकारी ने इस पर काफी अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी अंचलाधिकारियों को इन मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता से निष्पादित करने का निर्देश दिया.

   सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता को अंचल के कार्यों की नियमित रूप से समीक्षा तथा म्यूटेशन के मामलों, विशेष रुप से अस्वीकृत किए गए मामलों के अभिलेख की रैंडम जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.

    जिला स्तर से भी अंचल कार्यालयों की नियमित रूप से जांच कराई जाएगी.परिमार्जन से संबंधित लगभग 93 प्रतिशत मामले अद्यतन निष्पादित किये गए हैं.निर्धारित समय सीमा के अंदर सभी लंबित मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। हिलसा अंचल में परिमार्जन के 50 प्रतिशत से अधिक मामले अस्वीकृत कर निष्पादित किया गया है. परिमार्जन के आवेदन के साथ वांछित आवश्यक दस्तावेजों में से जो भी दस्तावेज संलग्न नहीं किये गए हों, उन दस्तावेजों को जमा करने के लिए आवेदक को नोटिस करने का निर्देश सभी अंचलाधिकारियों को दिया गया. कोई आवश्यक दस्तावेज संलग्न नहीं किये जाने के कारण प्रथम बार ही आवेदन को अस्वीकृत नहीं किया जाय, आवेदक को नोटिस कर निर्धारित समय के अंतर्गत दस्तावेज जमा करने को कहा जाय।नोटिस के बाद भी अगर वांछित दस्तावेज आवेदक द्वारा जमा नहीं किया जाता है तो उसके आवेदन को अस्वीकृत किया जाना चाहिए.

सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता को म्युटेशन एवं परिमार्जन के अस्वीकृत किए गए मामलों से संबंधित अभिलेख की रेंडम जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। आवेदनों के निष्पादन में निर्धारित प्रावधान एवं प्रक्रिया के अनुरूप गुणवत्ता का विशेष रूप से ध्यान रखने को कहा गया.

    अभियान बसेरा के तहत चिन्हित लोगों के लिए वास भूमि उपलब्ध कराने के लिए लंबित मामलों में एक सप्ताह के अंतर्गत कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता को इसका अनुश्रवण सुनिश्चित करने को कहा गया.

    विभिन्न विभागों से संबंधित भवन संरचनाओं- कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, विद्यालय, पंचायत सरकार भवन आदि के निर्माण के लिए प्राथमिकता से जमीन चिन्हित कर अभिलेख के साथ प्रस्ताव भेजने का निर्देश सभी अंचल अधिकारियों को दिया गया.

   जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि अंचलों का समस्त कार्य विभाग द्वारा निर्धारित प्रावधान एवं प्रक्रिया के तहत किया जाय. इसका अनुपालन नहीं करने वाले पदाधिकारी/कर्मी कठोर दंड के भागी होंगे.बैठक में अपर समाहर्त्ता, सभी भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, अंचलाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी आदि उपस्थित थे.


आलोक कुमार

सीएम नीतीश कुमार ने शोक जताया

  * त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल प्रोफेसर सिद्धेश्वर प्रसाद का सोमवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न

पटना. त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल प्रोफेसर सिद्धेश्वर प्रसाद का पटना में निधन हो गया. केंद्र और राज्य में मंत्री भी रहे सिद्धेश्वर बाबू पिछले कुछ समय से बीमार थे.पटना एम्स में उन्हें भर्ती कराया गया था. उन्हें रविवार को ही अस्पताल से कंकड़बाग स्थित आवास पर लाया गया, जहां उन्होंने आखिरी सांस ली.वे 94 साल के थे.  

   उनका जन्म 19 जनवरी 1929 को नालंदा स्थित अस्थावां थाना इलाके के बिन्द गांव में हुआ था. वे नालंदा कॉलेज में हिन्दी के प्रोफेसर थे.नालंदा लोकसभा सीट से तीन बार सांसद भी रहे. 1962, 1967, 1971 में नालंदा लोकसभा से सांसद चुने गए थे. इंदिरा गांधी सरकार में वो मंत्री रहे. सिद्धेश्वर प्रसाद हिन्दी साहित्य जगत के महान शिक्षाविद थे. वे एक लेखक भी हैं, उनकी हिंदी भाषा में 22 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं.बताया जाता है कि उन्होंने इंदिरा गांधी के कहने पर राजीव गांधी और सोनिया को गांधी को हिंदी सिखाई थी.सिद्धेश्वर प्रसाद, 16 जून 1995 से 22 जून 2000 तक त्रिपुरा के राज्यपाल रहे. बिहार सरकार में मंत्री रहे. उन्होंने अहम जिम्मेदारियों को निभाया.  

    त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल सिद्धेश्वर प्रसाद के निधन पर सीएम नीतीश कुमार ने शोक जताया है. उन्होंने कहा कि सिद्धेश्वर प्रसाद का निधन दुःखद.उन्होंने केंद्र और बिहार में मंत्री और त्रिपुरा के राज्यपाल के रूप में अपनी जिम्मेदारी का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया था. वे हमेशा संसदीय लोकतंत्र की मजबूती की बात करते थे. उनसे हमारा पुराना और व्यक्तिगत संबंध रहा है.उनके निधन से राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है. मुख्यमंत्री ने बताया कि सिद्धेश्वर प्रसाद का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें.

इस बीच त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रो0 सिद्धेश्वर प्रसाद जी का पार्थिव शरीर आज अपराह्न 3.15 बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम लाया गया जहां उपस्थित कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने उन्हें पुष्पगुच्छ एवं फूल माला अर्पित कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी.

प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह, सांसद की तरफ से विधान पार्षद डा0 समीर कुमार सिंह ने प्रो0 सिद्धेश्वर प्रसाद जी के पार्थिव शरीर पर पुष्पगुछ चढ़ाया.

सदाकत आश्रम में श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में विधान पार्षद डा0 समीर कुमार सिंह, प्रदेश कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष श्री राज कुमार राजन, सदस्यता प्रभारी श्री ब्रजेश प्रसाद मुनन, पूर्व प्रवक्ता श्री प्रभात कुमार सिंह, प्रदेश इंटक अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश सिंह, श्री मृणाल अनामय, श्री उदय शंकर पटेल, नालंदा जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष श्री दिलीप कुमार सिंह, सोशल मीडिया के अध्यक्ष श्री सौरभ कुमार, श्री हैदर अली, श्री किशोर कुमार, श्री दिलीप पासवान, श्री मदन प्रसाद, श्री नन्दन महतो, श्री सत्यनारायण चौपाल, श्रीमती आशा देवी आदि प्रमुख हैं.

सिद्धेश्वर बाबू के निधन पर बिहार विधान मंडल कांग्रेस दल के नेता श्री अजीत शर्मा, पूर्व मंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष श्री कृपानाथ पाठक एवं पूर्व मंत्री श्री अवधेश कुमार सिंह ने गहरी संवेदना के साथ शोक व्यक्त की है.

आलोक कुमार


शुक्रवार, 20 जनवरी 2023

भूकम्प से बचाव के लिए मॉक ड्रिल का किया गया आयोजन

  भूकम्प सुरक्षा सप्ताह अंतर्गत समाहरणालय के अधिकारियों, कर्मियों को भूकम्प से बचाव के लिए दी गयी जानकारी

भूकम्प से बचाव के लिए मॉक ड्रिल का किया गया आयोजन

15 से 21 जनवरी तक मनाया जा रहा है भूकम्प सुरक्षा सप्ताह

जिले के विभिन्न स्थलों पर जाकर भूकम्प से बचाव हेतु दी जा रही है जानकारी 



बेतिया। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार द्वारा भूकम्प सुरक्षा सप्ताह 15 से 21 जनवरी 2023 तक मनाया जा रहा है। इस दौरान जिले के विभिन्न स्थलों पर जाकर अधिकारियों, कर्मियों, छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, आमजनों को भूकम्प से बचाव के लिए क्या करें, क्या न करें के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा रही है तथा मॉक ड्रिल भी कराया जा रहा है।

इसी कड़ी में आज समाहरणालय के सभी अधिकारियों, कर्मियों को भूकम्प सुरक्षा सप्ताह अंतर्गत भूकम्प से बचाव के लिए क्या करें, क्या न करें के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी तथा मॉक ड्रिल भी कराया गया। इसके साथ ही अग्निशमन कार्यालय द्वारा आग से बचाव हेतु किये जाने वाले उपायों के बारे में जानकारी प्रदान की गयी।

मॉक ड्रिल के दौरान जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार, उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, अपर समाहर्ता, श्री राजीव कुमार सिंह, श्री अनिल राय सहित समाहरणालय के सभी कार्यालय के कार्यालय प्रधान, कर्मी एसडीआरएफ के अधिकारी, जवान आदि उपस्थित रहे।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि भूकम्प सुरक्षा सप्ताह के तहत सभी को जागरूक करने का कार्य महत्वपूर्ण है। भूकम्प आपदा के समय किन-किन बातों का ख्याल रखना चाहिए, इसकी जानकारी सभी को होनी चाहिए। आपदा प्रबंधन विभाग भूकम्प सुरक्षा सप्ताह के तहत बेहतर तरीके से प्रशिक्षण, मॉक ड्रिल कराएं। मॉक ड्रिल के समय आपदा प्रबंधन विभाग तथा अग्निशमन अधिकारी द्वारा पूरी सावधानी बरती जाय ताकि किसी भी प्रकार की हताहत ही स्थिति नहीं बनें।


उन्होंने निर्देश दिया कि समाहरणालय, ऑफिसर्स कॉलोनी सहित जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में फॉयर सेफ्टी की समुचित व्यवस्था की जाय ताकि विषम परिस्थिति में जान-माल की क्षति नहीं होने पाए। 

एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचन बल) के अधिकारियों द्वारा भूकम्प से बचाव के लिए क्या करे, क्या न करें के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी। उनके द्वारा बताया गया कि पश्चिम चम्पारण जिला भूकंपीय क्षेत्र 04 के अंतर्गत आता है। इसलिए यहां भी भूकम्प से बचाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति को क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए, की जानकारी होनी चाहिए। 

उनके द्वारा बताया गया कि भूकम्प से पहले झुको, ढ़को और पकड़ो, भूकम्प के समय मजबूत टेबुल या ऊंचे पलंग के नीचे छिप जाएं, गिरने वाले चीजों से दूर रहें, कमरे के अंदरूनी कोने के पास रहें, यदि सिनेमा घर/मॉल/अपार्टमेंट/कार्यालय में हों, तो अपनी जगह पर शांत रहें, झटका रूकने पर, क्रम से बाहर निकलें। उनके द्वारा बताया गया कि भूकम्प के बाद गैस सिलिन्डर बन्द करें, विद्युत मेन स्वीच ऑफ करें, बिजली पोल, विज्ञपन बोर्ड, पेड़ से दूर रहें, लिफ्ट का उपयोग न करें।

उनके द्वारा बताया गया कि भूकम्प के समय अपने आसपास सुरक्षित स्थानों की पहचान कर लें एवं कमरे के अंदरूनी किनारे के पास रहें। गिरने वाली चीजों से दूरी बनाए रखें, सिर को पहले बचाएं। बिजली पोल, निर्माणाधीन मकान, पेड़, टेलीफोन खंभे के पास न जाएं एवं भगदड़ की स्थिति में बिल्कुल न आएं। 

इस क्रम में बताया गया कि भूकम्प के दौरान कमजोर मकानों के ढ़हने से जान-माल की क्षति होती है, इसलिए भूकम्परोधी मकान बनायें। इस दौरान कुछ बातों का अनुपालन करना आवश्यक है। निर्माण हेतु बालू एवं गिट्टी को पॉलिथीन शीट से ढ़क कर रखें। ईंट को जोड़ने से पहले 04 से 06 घंटे तक साफ पानी में डुबा कर रखें। दीवारों के जोड़ पर, बैंड में छड़ को सही तरीका से बांधें। दो ईंटों के बीच 10 से 12 एमएम का गैप रखें, गैप में पूरा-पूरा मसाला भरें। स्टील छड़ों को कंक्रीट के अंदर छुपाने के लिए, छड़ों के नीचे कभर ब्लॉक लगायें। कंक्रीट में पानी की उचित मात्रा को गोला बनाकर जांच लें।  

मॉक ड्रिल के दौरान स्टेप 01 से लेकर स्टेप 08 तक की विस्तृत जानकारी यथा-अलार्म, ड्रॉप, कभर, होल्ड, निकास, एकत्रित होने के लिए सुरक्षित स्थल, गिनती, खोज, बचाव, फर्स्ट एड, अंतिम गिनती, पीड़ित व्यक्ति को एंबुलेंस/अस्पताल तक पहुंचाना आदि से अवगत कराया गया।


आलोक कुमार

मंगलवार, 17 जनवरी 2023

21 जनवरी को आयोजित होने वाले जॉब कैम्प की तैयारी प्रारंभ

  

* 21 जनवरी को डीआरसीसी में जॉब  कैंप  का आयोजन

* स्थानीय स्तर पर 50 अभ्यर्थियों को दी जानी है नौकरी



बेतिया.श्रम संसाधन विभाग जिला नियोजनालय के तत्वावधान में दिनांक-21.01.2023 को स्थानीय डीआरसीसी (जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र) के प्रांगण में जॉब कैम्प का आयोजन किया जा रहा है. इस दिन पूर्वाह्न 11.00 बजे से अपराह्न 04.00 बजे तक इच्छुक अभ्यर्थी जॉब कैंप में नियोजक से जॉब के विषय में जानकारी प्राप्त कर अपना आवेदन/बायोडाटा जमा कर सकते हैं.

  पश्चिम चंपारण जिले के जिला नियोजन पदाधिकारी, श्री अंकित राज द्वारा बताया गया कि प्रभारी जिलाधिकारी, श्री अनिल कुमार के दिशा-निर्देश के आलोक में 21 जनवरी को आयोजित होने वाले जॉब कैम्प की तैयारी प्रारंभ कर दी गयी है तथा ससमय सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जायेगी. उन्होंने बताया कि निजी नियोजक, पद, योग्यता, उम्र, मानदेय, रिक्ति, कार्यस्थल आदि की विस्तृत जानकारी का प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है ताकि लक्ष्य के अनुरूप बेरोजगार युवक-युवतियों को नौकरी दिलाई जा सके.

     उन्होंने बताया कि निती राज मोटर्स (टाटा मोटर्स) द्वारा बेतिया एवं बगहा में सेल्स एग्जीक्यूटिव, सेल्स टीम लीडर, रिसेप्शनिस्ट पद के लिए 10 अभ्यर्थियों का चयन किया जायेगा. वहीं नव भारत फर्टिलाइजर्स लिमिटेड द्वारा पश्चिम चम्पारण एवं पूर्वी चंपारण जिले में सेल्स रिप्रेजेंटेटिव के 40 अभ्यर्थियों को नौकरी दी जाएगी.


आलोक कुमार

सभी दिव्यांगजन काफी प्रसन्न

  * 28 दिव्यांगजनों को सम्बल योजना के तहत निःशुल्क उपलब्ध करायी गयी बैटरी चलित ट्राई साइकिल

* बैटरी चलित ट्राई साइकिल प्राप्त कर काफी प्रसन्न दिखे दिव्यांगजन


बेतिया. मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजना (संबल) के तहत 28 दिव्यांगजनों को बैटरी चलित ट्राई साइकिल का वितरण प्रखण्ड परिसर गौनाहा में स्थित बुनियाद केंद्र में किया गया. इस वितरण कार्यक्रम में गौनाहा प्रखण्ड के 02, मैनाटाड़ के 3, सिकटा के 5 नरकटियागंज के 7 एवं लौरिया के 11 दिव्यांगजनों के बीच निःशुल्क बैट्री चालित ट्राई साइकिल का वितरण किया गया. बैटरी चलित ट्राई साइकिल प्राप्त कर सभी दिव्यांगजन काफी प्रसन्न थे.

     सहायक निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, बेतिया द्वारा बताया गया कि योजना अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए दिव्यांगजनों द्वारा बिहार सरकार की ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन किया गया, जिसका सत्यापन जिला पदाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में गठित जिलास्तरीय स्क्रीनिंग समिति द्वारा किया गया. समिति द्वारा नरकटियागंज अनुमंडल में स्थित पांच प्रखंडों के 35 आवेदनों की स्वीकृति प्रदान की गई. वर्तमान में उपलब्ध 28 बैटरी चलित ट्राई साइकिल को प्रथम आओ प्रथम पाओ के आधार पर वितरित किया गया है. शेष लाभुकों को बैटरी चालित ट्राई साइकिल आते ही उपलब्ध करा दी जाएगी.

   


इस वितरण कार्यक्रम में प्रखण्ड प्रमुख, उप प्रमुख, मुखिया एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ प्रखण्ड विकास पदाधिकारी तथा सहायक निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, बेतिया आदि उपस्थित रहे.


आलोक कुमार

शारदा प्रसाद मिश्रा के निधन पर शोक

  दुर्गापूजा समिति डाक बंगला के पूर्व आचार्य पंडित शारदा प्रसाद मिश्र शास्त्री का निधन


पटना.कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता पुरुषोत्तम मिश्रा के पिता आचार्य शारदा प्रसाद मिश्रा के निधन पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है. 

स्व0 शारदा प्रसाद मिश्र कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे तथा उनका उपचार पटना के एम्स में चल रहा था.आज दिनांक 17 जनवरी,23 को उनका देहांत हो गया.उनका पार्थिव शरीर 4-30 बजे उनके पटना के निवास स्थान श्रीकृष्ण नगर आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लाया जायेगा.उनका अंतिम संस्कार कल दिनांक 18 जनवरी को मारकंडिका घाट बनारस में किया जायेगा.

अपने शोक संदेश में डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि शारदा प्रसाद मिश्रा जी एक अच्छे समाजसेवी एवं नेकदिल इंसान थे.उनको धार्मिक कार्याे में विशेष रूचि थी तथा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे.उनके निधन से मैं काफी मर्माहत हूं तथा ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दुःख की इस घड़ी में परिवार के सदस्यों को धैर्य प्रदान करें.

कांग्रेस विधायक दल के नेता अजित शर्मा, प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा,पूर्व मंत्री संजीव प्रसाद टोनी एवं मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने भी शारदा प्रसाद मिश्रा के निधन पर शोक व्यक्त किया है.

आलोक कुमार

सोमवार, 16 जनवरी 2023

ध्रुवीकरण की राजनीति का देश की सामाजिक समरसता पर विपरीत प्रभाव

  * छत्तीसगढ़ राज्य में चुनाव 2023 में है.राज्य में 90 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होगा.अभी से ही धर्म के नाम पर गोलबंदी शुरू है.

* धर्म दिलों को जोड़ता है, तोड़ता नहीं. जो धर्म का दुरुपयोग कर तोड़ने का प्रयास करता है, वह धार्मिक नहीं है.इस समय

* देश में धर्म के नाम पर नफरती दीवार खड़ी करने की कोशिश नववर्ष के दिन 01 और 02 जनवरी को नारायणपुर  में की गयी.

पटना. भारत के छत्तीसगढ़ राज्य का एक ज़िला नारायणपुर है.नारायणपुर आदिवासियों की एक बड़ी संख्या अभी भी गहरे जंगलों में रह रही है और अपने स्वयं के अनूठे संस्कृति को सुरक्षित रखने के लिए बाहरी लोगों के साथ मिलकर न मिलें. 

नारायणपुर, जनजातियों की भूमि और नारायणपुर की कुल आबादी का लगभग 70% आदिवासियों में शामिल है, जो छत्तीसगढ़ की कुल आदिवासी आबादी का 26.76% है. नारायणपुर क्षेत्र के प्रमुख जनजाति हैं गोंड, अजूज मारिया, भटरा भत्ता को उप-कास्ट सान भटरा, पिट भात्रा, अनीत भात्रा अम्निट हाईस्ट हास्ट स्टेटस, हल्बा, धूर्वा, मुरिया और बाइसन हॉर्न मारिया में विभाजित हैं. नारायणपुर के गोंड भारत में सबसे प्रसिद्ध जनजातियों में से एक है, जो विवाहों की उनकी अद्वितीय घोटुल व्यवस्था के लिए जाना जाता है.आबादी के मामले में गोंड भी मध्य भारत का सबसे बड़ा आदिवासी समूह है.


सर्वविदित है कि दिनांक 01 और 02 जनवरी 2023 को छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिला में वहाँ के ईसाई समुदाय 

पर हुए उन्मादी भीड़ की हिंसक हमले के विरुद्ध पटना के ईसाई समुदाय के साथ कई समाजसेवी और बुद्धिजीवियों ने कुर्जी चर्च  के प्रांगण में नारायणपुर के हिंसा प्रभावित लोगों के साथ अपनी एकजुटता दिखाते हुए प्रार्थना सभा का आयोजन किया.


ठण्ड के बावज़ूद इसमें सैकड़ों की संख्या में अमन-.चैन के पक्षधर लोगों ने भाग लिया.सब अपने हाथ में जलती हुयी मोमबत्ती लिए सभी प्रभावित लोगों की सुरक्षा और दंगाग्रस्त क्षेत्रों में शांति बहाली के लिए दुआ कर रहे थे.

   


प्रार्थना सभा में उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए, कुर्जी पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर पायस प्रशांत, ये.स. ने कहा - ‘‘यहाँ गिरजाघर के परिसर में, इस ठण्ड के मौसम में हम सब नारायणपुर के लोगाें के लिए प्रार्थना करने के लिए एकत्रित हुए हैं.हम इस प्रकार के हमलों से प्रभावित हर व्यक्ति के साथ एकजुटता में खड़े हैं. हमारी उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि हम जिंदा लाेग हैं जो मौत की शक्तियों से कह रहे हैं कि मानवता आज भी जीवित है’’.

   इस विरोध सभा की अर्गुआइ  करते  हुए पटना महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष सेबास्टियन कल्लूपुरा ने धर्म के नाम पर आमलोगों पर किये जा रहे हिंसक और भावनात्मक हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इस प्रकार के हमले मूलतः मानवता और जन विरोधी हैं. हम आहत और प्रभावित लोगाें की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं.उन्होंने कहा कि देश भर में हो रहे इस प्रकार के  हमलों, चाहे वे जिनपर भी किये जा रहे हों, हम निंदा करते हैं. जिस प्रकार नारायणपुर में गिरजाघर और आदिवासी समाज के लिए संचालित विद्यालय पर हमले किये गये उसे देखकर स्पष्ट हो जाता है कि इस प्रकार के हमले सुनियोजित रूप योजनाबद्ध तरीके से किये जाते हैं.हम इन हमलों में प्रभावित हर व्यक्ति के साथ एकजुटता में खड़े हैं.उनके लिए और उनको उत्पीड़ित करने वालों के लिए भी हम प्रार्थना करते हैं. प्रभु प्रभावित लोगों को इस कठिन दौर में बल दें, जीवन के पक्ष में खड़े लोगों की मध्यस्थता से उन्हें सांत्वना दें तथा आम जनों पर जुल्म करने वालों को समझ दें कि वे अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर दूसरों के साथ दुर्भावना नहीं बल्कि  सद्भावना से व्यवहार करें.


इस प्रार्थना सभा को संबोधित करते हुए बिहार विधानसभा के पूर्व सभाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, समाजसेवी निवेदिता, रेवरेन्ड मोसेस आदि ने भी अपने विचार रखे और इस प्रकार के सुनियोजित, सांगठनिक और योजनाबद्ध तरीके से दलिताें, आदिवासियों, महिलाओं और बच्चों पर किये जा हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की जन 

विरोधी गतिविधियाँ देश की की परंपरा पर कुठाराघात करते हैं और इसका केवल एक ही मकसद समाज और देश को विखण्डित करना है.हमारे पास आवाज़ है और इसका 

भरपूर उपयोग करते हुए हमने हमेशा से इन बर्बर कृत्यों पर हमला किया है और करते रहेंगे.

   वहीं समाजसेवी रूपेश ने आह्वान किया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की 75 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 30 जनवरी  को देश में धर्म की राजनीति करने वालों को दरकिनार कर सद्भावना कायम करने के लिए कार्यकर्म तय करें. आज भी राष्ट्रपिता की शहादत का यह दिन गांधी जी को दुनिया में सर्वाधिक प्रासंगिक बना हुआ है.बापू के देह से तो संसार में नहीं रहे लेकिन उनके विचारों ने पूरे विश्व को एक बार फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या हिंसा का रास्ता दुनिया की सारी समस्यासओं का समाधान है.देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की  सुश्री संध्या ओस्ता ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ सभा की कार्रवाई  समाप्त की गयी.

 


मालूम हो कि 08 जनवरी को छतीसगढ के आदिवासी ईसाइयों के साथ दुर्व्यवहार तथा वहाँ के चर्च में तोड़-फोड़ की अमानवीय घटना से आहत हो दिनांक 08 जनवरी 2023 को नयी दिल्ली के सेक्रेड हार्ट कैथेड्रल  में कैंडल लाईट प्रेयर का आयोजन किया गया था.जिसमें भारी संख्या में समुदाय के लोगों के साथ लगभग सभी धर्मों के धर्मगुरु तथा लोग शामिल हो नफरत की भावना त्याग आपसी सद्भाव की कामना करते हुए आदिवासी ईसाईयों की सुरक्षा तथा उनकी धार्मिक स्वतन्त्रता कज कामना की गई थी.

उसी तरह बेत्तिया ईसाई समुदाय की तरफ से छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में गिरजाघर को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त करने और वहां की ईसाई समुदायों को धर्म परिवर्तन के नाम पर झूठा आरोप लगाकर भारतवर्ष की संपूर्ण ईसाई समुदाय पर घोर अत्याचार के विरोध में नारायणपुर की कलीसिया के साथ  सद्भावना एवं सांत्वना व्यक्त  करने के लिए शाम को कैंडल लाइट के साथ शांति जुलूस निकाला


गया. इसमें हमारे पल्ली पुरोहित हेनरी फर्नांडो अन्य पुरोहित , सिस्टरगण,  प्रकाश ऑगस्टीन , अनिल डिक्रूज  , रिचर्ड फ्रांसिस, सुनील डिक्रूज, रंजीत केरोबिम, संजय फ्रांसिस, एवं अन्य गणमान्य लोगों ने भाग लिया.इस सन्दर्भ में अल्पसंख्यक ईसाई कल्याण संघ के महा सचिव एस.के. लॉरेन्स की भूमिका अहम रही.

एसके लौरेंस ने कहा कि सामाजिक सौहार्द को खतरा

ध्रुवीकरण की राजनीति का देश की सामाजिक समरसता पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है.जो हम वर्तमान में यह देख रहे हैं. ध्रुवीकरण चाहे धार्मिक हो, साम्प्रदायिक, भाषाई या क्षेत्रीय, सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ कर कट्टरपंथी एवं विघटनकारी ताकतों को ही खाद-पानी देता है. यह देशहित में नहीं है.


आलोक कुमार 

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