बुधवार, 15 मार्च 2023

पूरे बिहार में दलित गरीबों भूमिहीनों को दस डिसमिल जमीन देने की बात कही

  


पटना.आज बिहार विधानसभा के बजट सत्र में विधानसभा विधायक दल उप नेता सत्यदेव राम ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग पर सदन में अपनी बात रखी.

        उन्होंने सदन में बिहार सरकार से  भूमि सुधार आयोग के अध्यक्ष डी बंधोपाधाय की रिपोर्ट को लागू करने की मांग की है. पूरे बिहार में दलित गरीबों भूमिहीनों को दस डिसमिल जमीन देने की बात कही.

    बताते चले कि 60 के दशक में कांग्रेस सरकार ने बिहार में भूमि सुधार का प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन ज़मींदारों के विरोध के कारण यह ठंडे बस्ते में चली गई. 90 के दशक में लालू प्रसाद यादव ने भी भूमि सुधार को चुनावी मुद्दा बनाया, लेकिन चुनाव जीतने के बाद उन्होंने भी इस दिशा में कोई क़दम नहीं उठाया.

डेढ़ दशक बाद वर्ष 2005 में नीतीश कुमार जब पहली बार सीएम की कुर्सी पर काबिज़ हुए, तो उन्होंने भूमि सुधार के लिए डी. बंद्योपाध्याय की अध्यक्षता में भूमि सुधार आयोग का गठन किया था.बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 16 जून 2006 को गठित किया था.आयोग ने अगस्त 2006 से काम करना शुरू किया था.

    यहां यह भी सनद रहे कि सन 1977 में पश्चिम बंगाल में जब वाममोर्चा की सरकार बनी थी, तो वहां के वर्गादार (बटाईदार) किसानों को समुचित अधिकार देने के लिए ‘ऑपरेशन वर्गा’ चलाकर भूमि सुधार किया था, जिसे अब तक का सबसे सफलतम भूमि सुधार माना जाता है.इस ऑपरेशन का नेतृत्व डी. बंद्योपाध्याय ने ही किया था.

        दो वर्षों तक माथापच्ची करने के बाद डी. बंद्योपाध्याय ने अप्रैल 2008 में नीतीश सरकार को रिपोर्ट सौंपी थी. इस रिपोर्ट में बटाईदारों को अधिकार देने की बात कही गई थी और इसके लिए एक क़ानून बनाने का प्रस्ताव दिया गया था. रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि हर बटाईदार को उस ज़मीन का पर्चा देना चाहिए, जिस ज़मीन पर वह खेती कर रहा है.

इस पर्चे में भू-स्वामी का नाम व खेत का नंबर रहेगा. पर्चे की एक प्रमाणित प्रति ज़मीन मालिक को भी देने की भी बात कही गई थी.इन सबके अलावा भी कई तरह की सिफारिशें थीं. लेकिन, ज़मींदार वोट बैंक को बचाने की राजनीतिक मजबूरियों के चलते नीतीश कुमार ने भी पूर्ववर्ती मुख्यमंत्रियों की लीक पर ही चलने का फैसला लिया और सिफ़ारिशों को धूल फांकने के लिए छोड़ दिया.

     बताते चले कि अपने लिए निर्धारित एक साल की समय सीमा को एक बार बढ़वाने के बाद आयोग ने 2008 में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी.लेकिन 15 साल बाद भी नीतीश कुमार ने आयोग के सुझावों पर अमल की कोई पहल करते नहीं दिख रहे है.आयोग ने अपनी रिपोर्ट में 1990 के दशक के दौरान भूमिहीनता का आंकड़ा रखा. इन आंकड़ों के अनुसार इस दौरान राज्य में भूमिहीनता की दर चिंताजनक हद तक बढ़ी है.

     जगजाहिर है कि जन संगठन एकता परिषद के संस्थापक पी व्ही राजगोपाल ने राष्ट्रीय स्तर पर और प्रदेश स्तर पर एकता परिषद के प्रांतीय संयोजक प्रदीप प्रियदर्शी ने मिलकर डी. बंद्योपाध्याय की अध्यक्षता वाली भूमि सुधार आयोग की रिपोर्ट को लागू करने के लिए अहिंसात्मक आंदोलन चलाया.

       उत्तर बिहार एकता परिषद के नेता विजय गोरैया ने महागठबंधन सरकार के  राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री आलोक मेहता को बाजीगर करार दिया है.उन्होंने कहा कि मंत्री जी ने सभी आवासीय भूमिहीन परिवारों की गिनती कराने के वादा से पीछे हटने के बाद, बिहार के भूमि सुधार मंत्री जी अब गरीबों की आँखों में धूल झोंक रहे हैं.  गिनती कराई नहीं, कोई नया आँकड़ा डाला नहीं और 'डाटा अपडेट' करायेंगे ?   अंचल कार्यालय के कंप्यूटर में वर्षों से पड़े सौ-दो सौ आवासीय भूमिहीन परिवार के आँकड़ों को जिला स्तर पर जोड़वाकर प्रकाशित करा देंगे. किसी जिला में पाँच सौ तो किसी में हजार-बारह सौ की संख्या  ...हो गया अपडेट.  जबकि, आवासीय भूमिहीन परिवारों की एक प्रखंड की संख्या औसतन पाँच से पच्चीस हजार तक संभावित है./   कायदे से, जबतक गाँव के हर दरवाजे तक पहुँचकर सर्वेक्षण टीम द्वारा पुछताछ करने के बाद ही आवासीय भूमिहीनों की सही जानकारी प्राप्त होगी. अगर सरकार की नियत ठीक हो तो पूरे बिहार में, यह काम एक सप्ताह में पूरा किया जा सकता है. लेकिन अखबार की इस घोषणा से लगता है मानो, मंत्री जी बिहार के आवासीय भूमिहीनों को उकसा ही नहीं चिढ़ा भी रहे हों कि 'दम है तो हमारे खिलाफ बड़ी लड़ाई शुरु करो ; अगर नहीं, तो जो टुकड़ा हम फेंकते हैं उसे हमारी कृपा समझ कर स्वीकार करो'.

आलोक कुमार


मंगलवार, 14 मार्च 2023

निजी नियोजकों द्वारा 130 विभिन्न पदों के लिए अभ्यर्थियों का किया जायेगा चयन

  * 16 मार्च को डीआरसीसी में जॉब कैम्प का आयोजन

* निजी नियोजकों द्वारा 130 विभिन्न पदों के लिए अभ्यर्थियों का किया जायेगा चयन

* कार्यक्षेत्र होगा स्थानीय, मानदेय भी बेहतर


बेतिया।श्रम संसाधन विभाग जिला नियोजनालय के तत्वावधान में 16.03.2023 को स्थानीय डीआरसीसी (जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र) के प्रांगण में जॉब कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। इस दिन पूर्वाह्न 11.00 बजे से अपराह्न 04.00 बजे तक इच्छुक अभ्यर्थी जॉब कैम्प में नियोजक से जॉब के विषय में जानकारी प्राप्त कर अपना आवेदन/बायोडाटा जमा कर सकते हैं।

  जिला नियोजन पदाधिकारी, श्री अंकित राज द्वारा बताया गया कि जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार के दिशा-निर्देश के आलोक में लगातार जिले में जॉब कैम्प का आयोजन कर बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार मुहैया कराने का कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में 16 मार्च 2023 को भी जॉब कैम्प का आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पैरामाउंट एकेडमी, श्री साई ऑर्गेनिक फुड्स प्रा0 लि0 तथा चौतन्य इंडिया फीन क्रेडिट प्रा0 लि0 द्वारा पश्चिमी चम्पारण जिले में पीजीटी/टीजीटी टीचर, फ्रांट डेस्क, पियून, ड्राईवर, हेल्पर, स्वीपर, नाईट गार्ड, सुपरवाईजर, कस्टमर रिलेशनशीप एक्जक्यूटिव पद पर कार्य करने के इच्छुक कुल-130 अभ्यर्थियों का चयन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि निजी नियोजक, पद, योग्यता, उम्र, मानदेय, रिक्ति, कार्यस्थल आदि की विस्तृत जानकारी का प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है ताकि लक्ष्य के अनुरूप बेरोजगार युवक-युवतियों को नौकरी दिलाई जा सके।


आलोक कुमार

ग्राम कचहरियों एवं वार्डों का लंबित अंकेक्षण जिलास्तर पर मिशन मोड में कराने के लिए रोस्टर जारी

 * ग्राम कचहरियों एवं वार्डों का लंबित अंकेक्षण जिलास्तर पर मिशन मोड में कराने के लिए रोस्टर जारी

* तिथि को ऑडिट कार्य नहीं कराने पर संबंधित पंचायत/प्रखंड के वित्तीय लेन-देन पर लगा दी जाएगी रोक

*जिलाधिकारी द्वारा की गयी अंकेक्षण कार्य प्रगति की समीक्षा


बेतिया। जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार ने कहा कि ग्राम कचहरियों एवं वार्डों का अंकेक्षण कार्य अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। पूर्व में भी मिशन मोड में जिलास्तर पर कैंप लगाकर अंकेक्षण कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद बगहा-02 एवं नरकटियागंज पंचायत समिति एवं अधिकांश प्रखंडों में ग्राम कचहरियों एवं वार्डों का अंकेक्षण निर्धारित अवधि में नहीं हो सका है, जो अत्यंत ही खेदजनक है।  

उन्होंने कहा कि अंकेक्षण कार्य की लगातार उच्च स्तरीय समीक्षा की जा रही है। इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूर्ण कराना अति आवश्यक है। इस कार्य में तनिक भी लापरवाही, शिथिलता एवं कोताही बरतने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि लंबित अंकेक्षण कार्यों को ससमय पूरा करने के उद्देश्य से जिलास्तर पर रोस्टर वाइज कैम्प का संचालन किया जा रहा है। इसके माध्यम से शत-प्रतिशत अंकेक्षण मामलों को अविलंब निष्पादित करना सुनिश्चित किया जाय।

समीक्षा के क्रम में बताया गया कि निर्धारित कार्यक्रमानुसार जिलास्तर पर जिला परिषद सभागार में अंकेक्षण दल की उपस्थिति में अंकेक्षण कार्य कराया जा रहा है। इस हेतु तिथि का निर्धारण कर दिया गया है। 13 एवं 14 मार्च 2023 को लौरिया, नौतन, मधुबनी प्रखंड अंतर्गत विभिन्न ग्राम कचहरियों तथा वार्ड के लंबित मामलों का अंकेक्षण कार्य पूर्ण कराया जायेगा। इसी तरह 15 एवं 16 मार्च 2023 को सिकटा, बैरिया, रामनगर, 17 एवं 18 मार्च 2023 को योगापट्टी, बगहा-01, 20 एवं 21 मार्च 2023 को चनपटिया, बगहा-02 (समिति), 23 एवं 24 मार्च 2023 को मझौलिया, नरकटियागंज (समिति) प्रखंडों के लंबित अंकेक्षण का कार्य पूर्ण कराया जायेगा।

अंकेक्षण कार्य में पंचायत सचिव एवं लेखापाल-सह-आईटी सहायक भाग लेंगे। साथ ही प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी/प्रभारी प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी पर्यवेक्षण पदाधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं।

जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि प्रखंड नाजिर/पंचायत सचिव/ लेखापाल-सह-आईटी सहायक प्रातः 09.00 बजे पूर्वाह्न निर्धारित तिथि को अंकेक्षण से संबंधित पंजी/अभिलेखों के साथ उपस्थित रहकर अंकेक्षण कार्य सम्पन्न करायेंगे। शाम में पंचायत कार्यालय को सूचित करेंगे कि उनके द्वारा ऑडिट करा लिया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि निर्धारित तिथि को ऑडिट समापन का कार्य नहीं कराने पर संबंधित पंचायत/प्रखंड के वित्तीय लेन-देन पर रोक दिया जायेगा। साथ ही संबंधित नाजिर/पंचायत सचिव/लेखापाल-सह-आईटी सहायक से कारण पृच्छा करते हुए उक्त तिथि का वेतन/मानदेय अवरुद्ध कर उनके सेवापुस्त में एंट्री कर दिया जायेगा।

समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, अपर समाहर्ता, श्री राजीव कुमार सिंह, श्री अनिल राय, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, श्री मनीष कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


आलोक कुमार

उत्तर भारत में आरामदायक दुख भोग यात्रा


नई दिल्ली.आजकल ईसाई समुदाय का दुख भोग चल रहा है. 22 फरवरी को शुरू हुआ था. मंगलवार 14 मार्च चालीसे का तीसरा सप्ताह में है.ईसाई समुदाय अपनी सहुलियत से दुख भोग को कष्टकर और आरामदायक बनाते हैं.दक्षिण भारत में कष्टकर दुख भोग यात्रा करते हैं तो उत्तर भारत में आरामदायक दुख भोग यात्रा करने का कार्यक्रम तय किया गया है.

दक्षिण भारत के केरल राज्य

में तीर्थ स्थल विकसित किया गया है. राज्य के तीर्थ स्थलों में सबसे प्रमुख सेंट थॉमस सिरो-मालाबार कैथोलिक चर्च है, जहां हर साल हजारों ईसाई और अन्य पर्यटक आते हैं. यहां पर मलयात्तूर तीर्थ स्थल है. जहां पर संत थॉमस  आए थे.उन्होंने मलयातूर के पहाड़ पर चढ़े थे.वहां पर यानी पहाड़ पर उनके पैर का निशान है.वहां पर भक्तगण भक्ति से प्रार्थना करते हैं.पहाड़ पर सेंट थॉमस के नाम से चर्च बनाया गया है. लोग बहुत ही मुश्किल से पहाड़ के ऊपर चढ़ते हैं.यहां पर लोग दुख भोग के समय मिलकर कूस का रास्ता तय करते हैं.अपने हाथों में क्रूस को लेकर पहाड़ पर चढ़ते हैं.यह रहा कष्टकर दुख भोग का वर्णन.अब आपको आरामदायक दुख भोग यात्रा के बारे में बता रहे हैं.

उत्तर भारत में नई दिल्ली में विकास नगर है.यहां पर चर्च ऑफ आवर लेड़ी ऑफ ग्रेस, आनंद कुंज, विकासपुरी, न्यू दिल्ली में चर्च है.इस चर्च के रक्षक फादर इवान है.उन्होंने अपने बल पर चालीसा कालीन यात्रा कार्यक्रम तय किये हैं. विकासपुरा पल्ली के भक्तगण आराम से बस पर चढ़ेंगे और प्रभु येसु ख्रीस्त के दुख भोग में शामिल हो जाएंगे.इस दौरान 7 चर्चों का मुआयना भी करने जाएंगे. तो इस प्रकार दुख भोग के 14 मुकाम पूरा करेंगे.शनिवार 18 मार्च 2023 को विकासपुरी चर्च से 9 बजे बस खुलेगी.विकासपुरी चर्च से ही चौदह मुकाम शुरू होगा.

1.विकासपुरी चर्च से पालम चर्च की दूरी 12 किलोमीटर है.इसके बाद 2. पालम चर्च से जनकपुरी चर्च की दूरी 7 किलोमीटर है. 3. जनकपुरी चर्च से मायापुरी चर्च की दूरी 8 किलोमीटर है. 4. मायापुरी चर्च से पंजाबी बाग की दूरी 10 किलोमीटर है. 5. पंजाबी बाग चर्च से रोहिणी चर्च की दूरी 12 किलोमीटर है. 6. रोहिणी चर्च से पीतमपुरा चर्च की दूरी 10 किलोमीटर है. 7. पीतमपुरा के बाद भक्तों को घर पहुंचा दिया जाएगा.

यह बताया कि चर्च ऑफ़ अवर लेडी ऑफ़ ग्रेस, विकासपुरी,नई दिल्ली के फादर इवान के द्वारा बस की व्यवस्था की गयी है.पहले आओ पहले पाओ पर की तर्ज पर सुविधा प्रदान की जाएगी.भक्तों से आग्रह किया गया है कि कृपया अपना भोजन और पानी स्वयं लाएं. क्रूस रास्ता विकास नगर चर्च से शुरू होगा और पीतमपुरा चर्च में समाप्त होगा.

सोमवार, 13 मार्च 2023

पहली बार सार्वजनिक रूप से 2022 में व्हीलचेयर का उपयोग शुरू

  ऐतिहासिक दिन है 13 मार्च 2013

* पोप बनने का दस साल पूरा किए पोप फ्रांसिस

रोम.सर्वविदित है कि विश्व के सभी कार्डिनल मिलकर रोम में रहने वाले पोप को 2013 में फ्रांसिस को पोप के रूप में चुने.पोप फ्रांसिस ने पोप चुने के तुरंत बाद ही उन्होंने इस्तीफा पत्र पर हस्ताक्षर कर लिए थे.उन्होंने कहा कि मैं जब महसूस करता कि गंभीर और स्थायी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण मैं अपने कर्तव्यों को पूरा करने में असमर्थ हूं, उस दिन के लिए यह इस्तीफा पत्र अपने पास रखा था.
आज 86 वर्षीय पोप फ्रांसिस लगातार घुटने की बीमारी के कारण बेंत और व्हीलचेयर का उपयोग कर रहे हैं और वेटिकन में एक अधिक गतिहीन जीवन शैली के कारण उनकी कमर काफ़ी बढ़ गई है जो उनके पैर की समस्या से पहले ही शुरू हो गई थी.
बता दें कि 05 मई, 2022 को पहली बार सार्वजनिक रूप से व्हीलचेयर का उपयोग शुरू करने के बाद उन्होंने कथित तौर पर एक सहयोगी से कहा, "आप चर्च को घुटने से नहीं बल्कि सिर से चलाते हैं."
मालूम हो कि एक गंभीर बीमारी से उबरने के बाद, उन्हें 1958 में जेसुइट्स में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया था.उन्हें 1969 में एक कैथोलिक पुरोहित (फादर) नियुक्त किया गया था, और 1973 से 1979 तक अर्जेंटीना में जेसुइट प्रांतीय श्रेष्ठ (प्रोविंशियल) थे. वह 1998 में ब्यूनस आयर्स के आर्चबिशप बने और 2001 में पोप जॉन पॉल II द्वारा कार्डिनल बनाए गए. उन्होंने अर्जेंटीना में दिसंबर 2001 के दंगों के दौरान अर्जेंटीना चर्च का नेतृत्व किया. नेस्टर कर्चनर और क्रिस्टीना फर्नांडीज डी किरचनर के प्रशासन ने उन्हें एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माना. 28 फरवरी 2013 को पोप बेनेडिक्ट XVI के इस्तीफे के बाद , एक पोप सम्मेलन ने 13 मार्च को बर्गोग्लियो को उनके उत्तराधिकारी के रूप में चुना.

प्राप्त परिवादों के निष्पादन को लेकर जिलाधिकारी ने की बैठक

  मुख्यमंत्री के समाधान यात्रा, जनता के दरबार में मुख्यमंत्री एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त परिवादों के निष्पादन को लेकर जिलाधिकारी ने की बैठक....


नालंदा.बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समाधान यात्रा, जनता के दरबार में मुख्यमंत्री, विधान सभा/विधान परिषद प्रश्नोत्तरी, जिलाधिकारी के स्तर से विभिन्न पदाधिकारियों को भेजे गए आवेदनों के निष्पादन तथा विभिन्न न्यायालय में लंबित वादों में अपेक्षित कार्रवाई को लेकर जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज हरदेव भवन सभागार में समीक्षा बैठक की.

       समाधान यात्रा के क्रम में 282 परिवाद/मांग पत्र आवेदन प्राप्त हुए थे. जिनमें से 155 आवेदनों के संबंध में संबंधित विभाग द्वारा करवाई प्रतिवेदन जमा किया जा चुका है. बैठक में सभी संबंधित पदाधिकारियों से एक-एक कर उनके विभाग से संबंधित आवेदनों के निष्पादन संदर्भ में जानकारी ली गई.अधिकांश मामलों में आवेदनों का निष्पादन किया गया है. सभी पदाधिकारियों को शेष लंबित आवेदनों में भी निष्पादन योग्य मामलों का निष्पादन करते हुए प्रतिवेदन समर्पित करने को कहा गया.

     जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम से संबंधित 106 मामले में से 73 का निष्पादन किया गया है. अद्यतन 33 मामले लंबित पाए गए. जिसको लेकर सभी संबंधित पदाधिकारियों को कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह के अंतर्गत कार्रवाई प्रतिवेदन उपलब्ध कराने एवं संबंधित पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया.

   जिलाधिकारी के स्तर से भी विभिन्न विभाग के पदाधिकारियों को 177 मामले कार्रवाई भेजे गए हैं. इन सभी मामलों के संदर्भ में कार्रवाई प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया.

   न्यायालय में लंबित सीडब्ल्यूजेसी एवं एमजेसी के मामलों में अपेक्षित कार्रवाई करते हुए ससमय तथ्य विवरण दायर करने का निर्देश सभी संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को दिया गया.

    विधानसभा एवं विधान परिषद से संबंधित प्रश्नों का उत्तर निर्धारित समय पर एवं निर्धारित माध्यम से भेजने का निर्देश सभी पदाधिकारियों को दिया गया.बैठक में नगर आयुक्त,उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी बिहार शरीफ सहित अन्य विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.


आलोक कुमार

लोक प्राधिकार के पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया

  बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत  द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के रूप में जिलाधिकारी ने आज 15 मामलों की की सुनवाई. कई मामलों में शिकायतों का हुआ निवारण...


नालंदा. लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के रूप में जिलाधिकारी द्वारा आज 15 मामले की सुनवाई की गई.इनमें से कुछ मामलों का निवारण सुनवाई से पूर्व ही संबंधित लोक प्राधिकार द्वारा किया गया तथा कुछ मामलों में निवारण के लिए संबंधित लोक प्राधिकार के पदाधिकारियों को आदेश दिया गया.

       परिवादी रंजीत सिन्हा द्वारा 15वें वित्त आयोग की योजना में कराए जा रहे कार्य में अनियमितता बरते जाने को लेकर दायर परिवाद के संदर्भ में जिला पंचायत राज पदाधिकारी द्वारा जांच की गई. उनके द्वारा बताया गया कि कार्य करने में प्रक्रियात्मक त्रुटि पाई गई है. इसको लेकर संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी एवं पंचायत तकनीकी सहायक से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया गया.साथ ही कार्य का कुछ अंश शेष है, जिसे पंचायत समिति के माध्यम से पूरा करने का निर्देश प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिया गया.

       नूरसराय के बैकुंठ व्यास द्वारा निजी जमीन पर जिला परिषद के माध्यम से निर्मित सामुदायिक भवन के रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराने से संबंधित दायर परिवाद के संदर्भ में मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद को मामले की जांच कर जांच प्रतिवेदन समर्पित करने को कहा गया.

        बिहार शरीफ अनुमंडल क्षेत्र की बॉबी कुमारी द्वारा गलत तरीके से निजी व्यक्ति द्वारा ऋण देने का व्यवसाय कर  प्रताड़ित किए जाने से संबंधित परिवाद के संदर्भ में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बिहार शरीफ द्वारा जांच की गई. उनके द्वारा बताया गया कि आरोपी व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान की कार्रवाई की जा रही है.

        चंडी के केदारनाथ गुप्ता द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभ से वंचित रखने से संबंधित परिवाद के संदर्भ में प्रखंड विकास पदाधिकारी चंडी द्वारा बताया गया कि आवेदक पात्र श्रेणी के हैं. वर्त्तमान में आवाससॉफ्ट पर नए लाभुकों का नाम जोड़ने का कार्य बंद है.आवास सॉफ्ट में नए लाभुकों का नाम जोड़े जाने की प्रक्रिया शुरू होते ही आवेदक का नाम सूची में जोड़कर उन्हें लाभ दिलाया जाएगा.

         हिलसा की बच्ची देवी द्वारा नल जल योजना से कराए गए कार्य की पूर्ण राशि का भुगतान नहीं किए जाने से संबंधित परिवाद की जांच प्रखंड विकास पदाधिकारी हिलसा द्वारा की गई. उनके द्वारा बताया गया कि लंबित राशि के भुगतान के लिए प्रक्रिया पूरी की जा रही है. आगामी 15 दिनों के अंदर आवेदक को बकाया राशि का भुगतान करा दिया जाएगा.

       हिलसा की एक अन्य परिवादी सुषमा देवी द्वारा सात निश्चय अंतर्गत किए गए कार्य से संबंधित राशि का भुगतान नहीं किए जाने के संदर्भ में परिवाद दिया गया था. प्रखंड विकास पदाधिकारी हिलसा को नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया.कुछ अन्य मामलों से संबंधित लोक प्राधिकार के पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया गया.



आलोक कुमार

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