बुधवार, 10 मई 2023

ददन विश्वकर्मा ने अपने ठेले का नाम ‘पत्रकार पोहा वाला’ रखा

 पटना.पटना में 'ग्रेजुएट चायवाली' और  ‘पत्रकार पोहा वाला’ की खबर सुर्खियों में है. ग्रेजुएट चायवाली प्रियंका की चाय की दुकान पर विभिन्न किस्म की चाय मिल सकती है जैसे कि कुल्हड़ चाय, मसाला चाय, पान चाय और चॉकलेट चाय.उसी तरह  ‘पत्रकार पोहा वाला’ ददन विश्वकर्मा के पास कुल दो तरह के पोहा हैं, एक रिपोर्टर स्पेशल और एक एडिटर स्पेशल.

ग्रेजुएट चायवाली के नाम से मशहूर प्रियंका गुप्ता

ग्रेजुएट चायवाली के नाम से मशहूर प्रियंका गुप्ता बिहार के पूर्णिया जिले की रहने वाली है. प्रियंका ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक किया है. पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने सामान्य प्रतियोगिता के क्षेत्र में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में भी भाग लिया था. 

     पटना की ग्रेजुएट चायवाली प्रियंका गुप्ता आज किसी परिचय की मोहताज नहीं है. प्रियंका बताती हैं कि उसे पहचान दिलाने में मीडिया का अहम योगदान है. वे बताती है कि जब उन्होंने चाय का स्टॉल लगाया तो मीडिया ने उसे जमकर कवर किया. इसका परिणाम यह हुआ कि उसे दूर-दूर तक के लोग जानने लगे. लेकिन उसकी चाय के कार्ट को अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत निगम ने कई बार उठा लिया. इसके बाद वह सोशल मीडिया पर रोती हुई भी नजर आई थी. लेकिन एक बार फिर वह नए क्लेवर में वापस आ गई है.

       पटना के वीमेंस कॉलेज के सामने कभी चाय का स्टॉल लगाती थी. बाद में उसने अपना स्टॉल बोरिंग रोड में लगाया. अब ग्रेजुएट चाय वाली सिर्फ चाय ही नहीं बल्कि स्वादिष्ट पकवान भी खिला रही है. ग्रेजुएट चाय वाली ने कार्ट छोड़कर अब अपना एक रेस्त्रा खोल लिया है. इस नई जगह पर सिर्फ फ्लेवर्ड चाय ही नहीं, बल्कि खाने-पीने की कई और लजीज चीजें भी मिलती है.

       प्रियंका ने पटना के बोरिंग रोड में हरिहर चैंबर के सामने पंडूई पैलेस के बेसमेंट में अपना रेस्त्रा खोला है. शेफ बैजू कुमार की माने तो इस रेस्त्रा में फ्लैवर्ड चाय के अलावा मोमोज, बर्गर, रोल और बिरयानी जैसे तमाम फूड आइटम्स भी खिलाए जा रहे हैं. इस बार तिजोरी भी रखी गई है. दावा किया जा रहा है कि अगर किसी ग्राहक को खाना पसंद नहीं आया तो शत प्रतिशत पैसा वापस कर दिया जाएगा. शेफ बैजू कुमार इस रेस्त्रा के पार्टनर भी हैं. वे बताते हैं कि वे अपने फूड आइटम्स में विदेशी वेजिटेबल्स मिलाते हैं, जिससे स्वाद बढ़ जाता है.

पत्रकार ददन विश्वकर्मा ने नोएडा फिल्म सिटी में पोहे का ठेला लगा


ज़ी न्यूज़ से नौकरी से निकाले जाने के बाद पत्रकार ददन विश्वकर्मा ने नोएडा फिल्म सिटी में पोहे का ठेला लगा लिया है. तीन महीने पहले तक इसी फिल्म सिटी में ददन विश्वकर्मा ज़ी न्यूज़ में बतौर असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर कार्यरत थे. फिलहाल उन्होंने फिल्म सिटी में आज तक के ऑफिस के ठीक सामने ठेले पर पोहा-जलेबी बेचने का नया व्यवसाय शुरू किया है.

        ददन विश्वकर्मा ने बताया, "दिसंबर 2022 में छटनी और ऑफिस पॉलिटिक्स की वजह से नौकरी से निकाल दिया गया. तीन महीने तक नौकरी ढूंढने के बावजूद जब नौकरी नहीं मिली तो आर्थिक मजबूरियों के कारण मैंने यह ठेला लगाया है."

           ददन विश्वकर्मा ने हमें बताया कि उन्हें 13 सालों का पत्रकारिता का अनुभव है. भारतीय जनसंचार संस्थान से वर्ष 2010-11 में हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद वह दैनिक भास्कर के साथ जुड़े. 2011 से लेकर 2014 तक दैनिक भास्कर में काम करने के बाद उन्होंने नवभारत टाइम्स के साथ काम किया. यहां 2014 से 2016 तक काम करने के बाद वे आज तक चले गए. यहां उन्होंने चार सालों तक काम किया. इसके बाद 2020 में उन्होंने ज़ी न्यूज़ ज्वाइन कर लिया. हालांकि दिसंबर 2022 में ऑफिस पॉलिटिक्स और छंटनी का शिकार होने के कारण उन्हें अपनी नौकरी गंवानी पड़ी.

         ददन बताते हैं कि उन्होंने पत्रकारिता के जरिए समाज को कुछ देने के मकसद से बीएससी छोड़कर पत्रकारिता की पढ़ाई की थी. लेकिन आज आर्थिक मजबूरियों के चलते उन्हें ठेला लगाना पड़ रहा है. वह कहते हैं यह मत सोचिए कि पत्रकार ठेला लगा रहा है. ये ठेला कोई पत्रकार नहीं लगा रहा है बल्कि मजबूरियों और परिस्थितियों में जकड़ा हुआ इंसान ठेला लगा रहा है.

       पत्रकारिता छोड़ने के सवाल पर ददन कहते हैं कि एक पत्रकार हमेशा पत्रकार होता है, चाहे वह किसी संस्थान से जुड़ा हो या न जुड़ा हो. उन्होंने बताया कि ठेला इसलिए शुरू किया है ताकि परिवार गुजारा का हो सके. वे सोशल मीडिया के जरिए पत्रकारिता जारी रखने की बात कहते हैं. वह कहते हैं कि जब उन्हें जरूरत महसूस होगी कि तो मुद्दों पर बोलेंगे भी और लिखेंगे भी. 

       ददन विश्वकर्मा ने अपने ठेले का नाम ‘पत्रकार पोहा वाला’ रखा है. उनके पास कुल दो तरह के पोहा हैं, एक रिपोर्टर स्पेशल और एक एडिटर स्पेशल.


आलोक कुमार

मंगलवार, 9 मई 2023

भाजपा नेता मणिकांता राठौड़ के खिलाफ पटना के पाटलिपुत्र थाने में प्राथमिकी दर्ज

 पटना.बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह के नेतृत्व में, पार्टी के शीर्ष नेताओं ने कर्नाटक भाजपा नेता मणिकांता राठौड़ के खिलाफ पटना के पाटलिपुत्र थाने में प्राथमिकी दर्ज करवायी एवं शीघ्र उचित कारवाई की मांग की.

        एक वायरल ओडियो में चित्तापुर विधान सभा से भाजपा प्रत्याशी मणिकांता राठौड अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष एवं सांसद श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी को परिवार समेत जान से मारने की धमकी देते सुनाई दे रहे हैं. ऑडियो सुनने के बाद व्यथित बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह अपने वरिष्ठ नेताओं के साथ भाजपा नेता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवायी.

       डा0 सिंह ने कहा कि बिहार के सभी कांग्रेसजन भयभीत हैं उन्हें डर है कि हमारे नेता के साथ कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है क्योंकि भाजपा नेता स्वयं अथवा किसी और से भी इस घटना को अंजाम दिलवा सकते हैं. कांग्रेस अध्यक्ष डा0 सिंह ने कहा कि भाजपा के राज्य एवं केन्द्रीय नेतृत्व को यह बात पच नहीं रही कि श्री खड़गे एक दलित फैक्ट्री श्रमिक के घर में पैदा होकर अखिल भारतीय कांग्रेस की अध्यक्ष के मुकाम तक पहुंच गये. उन्होंने कहा कि दरअसल कर्नाटक के धरती पुत्र खड़गे जी को वहां की जनता से जो अपार स्नेह मिल रहा है उससे भाजपा बौखला गयी है. भाजपा डर रही है कि कर्नाटक विधान सभा चुनाव में कहीं उसका सुपड़ा साफ न हो जाय.

       डा0 सिंह ने कहा कि पहले से ही भाजपा के नेता श्री खड़गे जी के बारे में अपमानजनक टिका-टिप्पणी करते रहे हैं. यहां तक कि प्रदेश भाजपा के महासचिव एवं विधायक मदन दिलावर ने पिछले 2 मई को खड़गे साहब की मृत्यु की कामना तक कर डाली. डा0 सिंह ने अफसोस जाहिर की कि इतनी बड़ी बात हो जाने के बाद भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा का शीर्ष नेतृत्व चुप्पी साध रखी है यह शर्मनाक है.

      प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह के साथ जाने वालों में कांग्रेस विधायक दल के नेता अजित शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक, विधायक विजेन्द्र चौधरी, इंटक के प्रदेश अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश सिंह,मीडिया चेयरमैन राजेश राठौड़,आनन्द माधव,राज कुमार राजन, प्रभात कुमार सिंह,ब्रजेश प्रसाद मुनन, संजय पाण्डेय,अजय कुमार चौधरी, ज्ञान रंजन,चुन्नू सिंह,मृणाल अनामय सहित अन्य वरिष्ठ कांग्रेसजन शामिल थे.


आलोक कुमार

रविवार, 7 मई 2023

भारत को क्वीन ऑफ़ इंटरनेशनल टूरिज्म अवार्ड

  

नामकुम. फ़िलीपींस दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थित एक देश है. इसका आधिकारिक नाम ‘ फ़िलीपींस गणतंत्र‘  है और राजधानी मनीला है. पश्चिमी प्रशांत महासागर में स्थित 7107 द्वीपों से मिलकर यह देश बना है. फ़िलीपींस द्वीप-समूह पूर्व में फ़िलीपींस  महासागर से, पश्चिम में दक्षिण चीन सागर से और दक्षिण में सेलेबस सागर से घिरा हुआ है.इस द्वीप-समूह से दक्षिण पश्चिम में देश बोर्नियो द्वीप के करीबन सौ क़िलोमीटर की दूरी पर बोर्नियो द्वीप और सीधे उत्तर की ओर ताइवान है. फ़िलीपींस  महासागर के पूर्वी हिस्से पर पलाऊ है.
        फ़िलीपींस के मनीला में चोटी के 22 देशों की मॉडल्स का जमावाड़ा. इसमें यूएसए, मेक्सिको,  मलेसिया,साउथ अफ्रीका, कोरिया,बुल्गारिया आदि देश शामिल हुआ.दस दिनों तक चले क्वीन ऑफ़ इंटरनेशनल टूरिज्म प्रतिभागिता में भारत की ओर से झारखंड की बेटी एंजेल   मेरीना तिर्की ने पहली बार भाग ली और पहली बार ही भारत को पहला स्थान दिलाने में कामयाब हो गई.मॉडल में इंडिया को बेस्ट घोषित की गई.विनर इज इंडिया को ताज मिला और रनरअप मलेशिया हुआ.सेकंड इज बुल्गारिया और थर्ड इज साउथ अफ्रीका. अभी तक इस आदिवासी बेटी एंजेल  मेरीना  तिर्की ने दो-दो ख़िताब जीतकर झारखंड का नाम शिखर तक पहुंचाने में कामयाब हो गई है.उसका एयरपोर्ट पर शानदार स्वागत किया गया. मां-बाप और बहन के साथ पूरा गांव के लोग एंजेल  मेरीना तिर्की का गर्मजोशी से स्वागत किए.मौके पर फिलीपींस के मनीला में 22 देशों के प्रतिभागियों को मात देकर लौटी एंजेल   मेरीना  तिर्की ने कहा कि गर्व है कि भारत को क्वीन ऑफ़ इंटरनेशनल टूरिज्म अवार्ड दिलवाने में सफल हो गई. अब आदिवासी किसी भी फील्ड में पीछे नहीं है.
     अनुसूचित जातियाँ भारतीय समाज की वे जातियाँ है, जिन्हें परंपरागत रुप में अस्पृश्य समझा जाता रहा है और अस्पृश्यता के आधार पर ये जातियाँ अनेक सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक और राजनैतिक अयोग्यताओं की शिकार या पीड़ित रहीं है और इसलिए अनेक समस्याओं से घिरी रहती है और आज भी स्थिति काफी गंभीर है.इन परिस्थितियों के बीच आल्फ्रेड तिर्की और मगदली तिर्की की सुपुत्री एंजेल   मेरीना  तिर्की साबित कर रही हैं कि आदिवासी अब किसी भी फील्ड में पीछे नहीं है.          
     झारखंड राज्य के नामकुम के विकासनगर में आल्फ्रेड तिर्की और मगदली तिर्की रहते हैं.दोनों की सुपुत्री एंजेल मेरीना तिर्की अपने परिवार के साथ झारखंड का नाम रोशन कर रही हैं.अब तो वह झारखंड की बेटी बन गई हैं.एंजेल मेरीना तिर्की ने राज्य का मान बढ़ाया है.मेरीना तिर्की को मिस इंडिया नार्थ ईस्ट आइकॉन चुना गया.      
        बता दें कि राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित नॉर्थ ईस्ट आइकॉन सीजन-6 के ग्रैंड फिनाले में उन्होंने यह खिताब अपने नाम किया.इस प्रतियोगिता में जयपुर की मॉडल रनरअप रही.मेरीना तिर्की ने देशभर की 60 मॉडल को पछाड़ते हुए यह खिताब अपने नाम किया है. उन्होंने इसके लिए अपने परिवार सहित मॉडल अलीशा रावत को श्रेय दिया है. कहा कि उनके इस जुनून को उनके परिवार वालों ने पूरी तरह से सपोर्ट किया है. यही वजह से कि उन्होंने इस मुकाम को पाया है.        
     मेरीना तिर्की नामकुम के विकासनगर में अपने परिवार के साथ रहती हैं.इनके पिता का नाम आल्फ्रेड तिर्की और माता का नाम मगदली तिर्की हैं. मुंबई की टॉप मॉडल अलीशा रावत को अपना रोल मॉडल मानने वाली मेरीना तिर्की 8वीं कक्षा से ही मॉडलिंग शुरू कर दी थी.इसके बाद मुंबई जाकर उन्होंने अलीशा रावत से मॉडलिंग की विधिवत ट्रेनिंग भी लिया है.                      उन्होंने कहा कि मॉडलिंग क्षेत्र ही वो अपना करियर बनाना चाहती हैं और विश्व में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने की ख्वाहिश रखती हैं. इधर, मिस इंडिया चुने जाने के बाद से उनके माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं है.

आलोक कुमार

कई पहलुओं पर विचार-विमर्श किया

  

पटना.आज सी.पी.आई. सी.पी.एम. एवं सी.पी.आई माले का राज्य इकाई के शीर्ष नेता बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह से मुलाकात की. मुलाकात कांग्रेस मुख्यालय, सदाकत आश्रम में की गई. इसमें साम्प्रदायिक ताकतों से निपटने के लिए कई पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया. मुलाकात करने वाली वाम नेताओं की टीम में भाकपा-माले के राज्य सचिव कुणाल, वरिष्ठ नेता के0डी0 यादव,

सी.पी.एम. के राज्य सचिव मंडल के अरुण कुमार मिश्रा व सी.पी.आई. के राज्य सचिव राम नरेश पांडेय तथा जानकी पासवान शामिल थे.

बातचीत में साम्प्रदायिक सोच को कुंठित करने की रणनीति के अलावा कई अन्य मामलों पर भी विचार-विमर्श किया गया.

आलोक कुमार

सरदार पटेल 1948 में आर.एस.एस पर प्रतिबंध लगा चुके हैं

  

पटना.बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने आज भारतीय जनता पार्टी और बजरंग दल पर करारा हमला बोला.उन्होंने कहा कि भाजपा बेहद शातिराना तरीके से बजरंग दल को बजरंगबली से जोड़ रही है और महाबली हनुमान का घोर अपमान कर रही है. बजरंग दल गलत हरकत के लिए जाना जाता है इसलिए उस पर प्रतिबंध लगाना जरूरी है, और केवल कांग्रेस ही बजरंग दल को रोक सकती है और रोकेगी भी. सरदार पटेल 1948 में आर.एस.एस पर प्रतिबंध लगा चुके हैं.    

डा0 सिंह आज पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित कांग्रेस सेवादल के संस्थापक स्व0 एन.एस.हार्डिकर की 134 वीं जयंती कार्यक्रम में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि आज का दिन कांग्रेस सेवादल के लिए ऐतिहासिक गौरव का दिन है क्योंकि आज कांग्रेस सेवादल के संस्थापक एन0 एस0 हार्डिकर साहब की जयंती है.

             आज ही के दिन सन 1923 में उन्होंने कांग्रेस सेवादल की स्थापना की थी. सेवादल का क्या महत्व है इसका एहसास इस बात से होती है कि महान स्वतंत्रता सेनानी और स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री जवाहर लाल नेहरू को इसका अध्यक्ष बनाया गया.सेवादल निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है जिसके सदस्य खामोशी से तप,त्याग और बलिदान की गाथा लिखते रहे हैं.उनकी तपस्या हमारी पूंजी है.

      जयंती कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कृपानाथ पाठक विशिष्ट अतिथि थे.इस अवसर पर कांग्रेस सेवादल बिहार के प्रभारी अफरोज खान, मुख्य संगठक संजय यादव, सेवादल यंग ब्रिगेड के अध्यक्ष आदित्य कुमार पासवान, नारायण कुमार,देवराज सुमन एवं विपिन झा उपस्थित थे.


आलोक कुमार

शनिवार, 6 मई 2023

लोकतांत्रिक प्रतिवादों का हनन

 पटना.पटना में स्मार्ट सिटी के नाम पर फुटपाथ दुकानदारों को उजाड़ने पर रोक लगे.यह मांग भाकपा-माले विधायक दल के नेता महबूब आलम ने 03 मई को किया.उनके नेतृत्व में पटना स्टेशन के पास सैकड़ों फुटपाथ दुकानदारों ने पाया नंबर -6 के पास धरना - प्रदर्शन किया.इसके बाद 04 मई को न्यू मार्केट के पास सभा किया गया.आज 06 मई को अहिंसात्मक आंदोलन करने वाले महागठबंधन के घटक भाकपा-माले विधायक दल के नेता महबूब आलम को ऐसे मामलों में मुकदमा थोप दिया गया.जो लोकतांत्रिक प्रतिवादों का हनन है.

पटना स्टेशन के न्यू मार्केट के फुटपाथ दुकानदारों पर बुलडोजर के खिलाफ भाकपा- माले का प्रदर्शन

   


स्मार्ट सिटी योजना के नाम पर राजधानी पटना में फुटपाथ दुकानदारों को उजाड़ने की प्रक्रिया के खिलाफ कल यानी 03 मई को भाकपा-माले विधायक दल के नेता महबूब आलम के नेतृत्व में स्टेशन के पास सैकड़ों फुटपाथ दुकानदारों ने पाया नंबर - 6 के पास धरना - प्रदर्शन किया. उसके बाद 04 मई को न्यू मार्केट के पास सभा किया गया.

       मौके पर महबूब आलम ने कहा कि बिहार में महागठबंधन की सरकार चल रही है, उसे हमारी पार्टी का समर्थन है, ऐसी स्थिति में एक भी फुटपाथ दुकानदार की दुकान नहीं उजड़ना चाहिए. लेकिन हम देख रहे हैं कि बिहार में भी स्ट्रीट वेंडर (प्रोटेक्शन ऑफ लाइवलीहुड एंड रेगुलेशन ऑफ वेडिंग 2014) केंद्रीय कानून का लगातार हनन हो रहा है और फुटपाथ दुकानदारों पर बुलडोजर चल रहे हैं.

        इस कानून के तहत सड़क किनारे बैठकर या चलायमान स्थिति में फुटपाथ दुकानदारों को अपनी दुकानें लगाने का अधिकार है. यह बड़ा अफसोस जनक है कि महागठबंधन सरकार में भी यह कानून लागू नहीं हो रहा है.

उन्होंने आगे कहा कि स्टेशन रोड स्थित फुटपाथ दुकानदारों को उजाड़ने के खिलाफ हम नगर विकास मंत्री और बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री तेजस्वी यादव से मुलाकात करेंगे.  दुकानदारों के मान - सम्मान और रोजगार के सवाल पर हमारी लड़ाई जारी रहेगी. यदि सरकार अपने बुलडोजर पर लगाम नहीं लगाती है और फुटपाथ दुकानदारों को उनका कानूनी हक नहीं देती है तो हम बड़े आंदोलन में जाएंगे.

      भाकपा- माले विधायक दल नेता महबूब आलम ने आंदोलन का नेतृत्व किया, नगर विकास मंत्री तेजस्वी से करेंगे मुलाकात

       भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि जनहित मुद्दों को लेकर विगत दिनों पटना के स्टेशन गोलबंर से जीपीओ गोलंबर तक नगर निगम की टीम द्वारा अतिक्रमण के नाम पर फुटपाथ दुकानदारों पर बुलडोजर चलाये जाने खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व कर रहे माले विधायक दल के नेता महबूब आलम पर पर मुकदमा कर दिया गया है.इसकी कड़ी निंदा की है. नगर निगम ने उनके ऊपर सरकरी कामकाज में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है.

  उन्होंने नगर विकास मंत्री व बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री तेजस्वी प्रसाद यादव जी से इस मामले में हस्तक्षेप करने और फुटपाथ दुकानदारों के लिए पहले वेंडिंग जोन बनाने की मांग की है. सरकार से यह भी अपील की है कि माले विधायक दल के नेता महबूब आलम और अन्य आंदोलनकारियों पर से ऐसे फर्जी मुकदमे वापस लिए जाने चाहिए चाहिए. एक जनप्रतिनिधि जनता की मांग और उनके आंदोलन का नेतृत्व नहीं करेगा तो कौन करेगा? ऐसे मामलों में मुकदमा थोप देना लोकतांत्रिक प्रतिवादों का हनन है.

       आंदोलन के क्रम में माले विधायक दल के नेता महबूब आलम पर मुकदमा 

     महबूब आलम किसी राजनीति लाव-लश्कर के शिकार नहीं हैं.साधारण तरीके से रहते हैं. इलाके के लोगों के दुख-सुख में शामिल होते हैं. महबूब अपने विधानसभा क्षेत्र में स्थित गांव शिवानंदपुर में महज आठ सौ वर्ग फीट के मकान में रहते हैं. महबूब आलम 2020 के विधानसभा चुनाव में सुर्खियों में तब आये जब उन्होंने सबसे अधिक मार्जिन से सीट जीत ली. चार बार विधायक रहे महबूब आलम आज तक अपने परिवार के साथ कच्चे मकान में रहते हैं.उनके पास पक्का घर नहीं है.बौद्धिकता में परिपूर्ण महबूब आलम सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर हमेशा बेबाक टिप्पणी करते हैं.विधानसभा परिसर में राष्ट्रीय और राज्यहित के मुद्दों को लेकर हमेशा विरोध प्रदर्शन करते हैं.

 

आलोक कुमार

छात्राओं ने अनंत मंडी के साथ मिलकर नुक्कड़ नाटक तैयार किया

 


भोपाल. अनंत मंडी के साथ युवाओं की टोली ने भोपाल में विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जलवायु परिवर्तन और जैविक खेती पर संदेश दिया. बताया जैविक किसान बाजार अनंत मंडी प्रत्येक रविवार शाम 5 से 8 बजे तक गांधी भवन, भोपाल में लगाया जाता है.

संत हिरदाराम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की छात्राओं ने अनंत मंडी के साथ मिलकर नुक्कड़ नाटक तैयार किया, जो भोपाल के न्यू मार्केट, 10 नंबर मार्केट और 6 नंबर मार्केट में प्रस्तुत किया गया.नाटक का निर्देशन नीरू दिवाकर ने किया.

नाटक में बताया कि कैसे जलवायु परिवर्तन को देखा जा रहा है, कभी गर्मी तो कभी बारिश होती है और इसके कारण क्या है. समाज में दिखावा करने के लिए लोग कैसे पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं. सार्वजनिक परिवहन या कम वाहनों का उपयोग करके हम प्रदूषण को कैसे कम कर सकते हैं.


हमारे भोजन में डाले जाने वाले केमिकल का हमारे स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है और यह पर्यावरण को कैसे नुकसान पहुंचाता है, यह भी नाटक में दिखाया गया.खेत का एक दृश्य दिखाया और बताया कि कैसे किसान अधिक से अधिक रसायनों का प्रयोग कर रहे हैं, जिससे खेत, पर्यावरण, खुद किसानों और उपभोक्ताओं को नुकसान हो रहा है.

नाटक में बताया गया कि लोगों को लगता है कि जैविक उत्पाद महंगे हैं, जो एक प्रमुख कारण है कि बहुत कम लोग जैविक उत्पादों का उपयोग कर रहे हैं, यदि अधिक से अधिक लोग जैविक उत्पादों का उपयोग करेंगे, तो जैविक उत्पादों की कीमतों में कमी आएगी. इसके साथ ही सरकार को किसानों को जैविक को बढ़ावा देने में भी मदद करनी चाहिए.

नाटक देख रहे लोगों को बताया गया कि भोपाल शहर के पॉलिटेक्निक चौराहे के पास स्थित गांधी भवन में प्रत्येक रविवार शाम 5 बजे से 8 बजे तक जैविक किसानों का अनंत मंडी लगती है, जहां आप जैविक खेती करने वाले किसानों से सीधे उत्पाद खरीद सकते हैं.अनंत मंडी जैसे प्रयासों से हम जैविक खेती को बढ़ावा दे सकते हैं.


आलोक कुमार

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