शनिवार, 2 सितंबर 2023

दारोगा बाबू कांग्रेस के सम्मानित नेता

 पटना । प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, सदाकत आश्रम में आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्व0 दारोगा प्रसाद राय की
101वीं जयंती एवं प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लहटन चौधरी की 20वीं पुण्यतिथि मनाई गयी। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधान परिषद में कांग्रेस दल के नेता डॉ. मदन मोहन झा ने किया ।

इस अवसर पर डॉ. मदन मोहन झा ने कहा कि दारोगा बाबू कांग्रेस के सम्मानित नेता थे और राज्य सरकार के लम्बे समय तक मंत्री एवं बाद में मुख्यमंत्री के रूप में राज्य में पिछड़ो दलितों एवं अल्पसंख्यक समुदाय के विकास के लिए कई योजनायें चलाई ।

       डॉ. झा ने कहा कि स्व0 लहटन चौधरी लम्बे समय तक राज्य सरकार में कृषि, राजस्व एवं स्वास्थ विभाग के मंत्री रहे। उन्होंने कहा कि वे जिस जिस विभाग के मंत्री रहे वहाँ उन्होंने अपनी गहरी छाप छोड़ी। लहटन चौधरी, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे तथा सभी दायित्वों को उन्होंने ईमानदारी से निभाया।

       इस अवसर पर श्रद्धाँजलि अर्पित करने वालों में पूर्व विधायक प्रमोद कुमार सिंह, ब्रजेश पाण्डेय, मीडिया चेयरमैन राजेश राठौड़, प्रदेश महिला अध्यक्ष डॉ. सर्वत जहाँ फातिमा, नागेन्द्र विकल, अरविन्द लाल रजक, असफर अहमद, सुधा मिश्र, निधि पाण्डेय, डॉ. विनोद शर्मा, सुमन कुमार मल्लिक, सत्येन्द्र पासवान, मिथिलेश शर्मा मधुकर, प्रदुमन यादव, मिर्नाल अनामय, मोहम्मद शाहनवाज़, राहुल पासवान, फ़िरोज़ हसन, मो. अब्दुल बांकी, नीतू सिंह निषाद, संतोष उपाध्याय, मृत्युंजय कुमार सिंह, लाल बाबू केशरी आदि प्रमुख हैं।


आलोक कुमार

पूर्व सांसद को ' सबूत के अभाव में ' बरी करने के ट्रायल कोर्ट

 



* सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला पलट कर बढाया न्यायपालिका में भरोसा

* सत्ता संरक्षण से शहाबुदीन, पप्पू यादव, राजबल्लभ यादव, अनंत सिंह बने बाहुबली

* जो लोग कानून को रौंद कर राज करते थे, वे ही आज संविधान बचाने की बात कर रहे

* छपरा के दोहरे हत्याकांड ने ताजा की डरावने दौर की याद

पटना। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि दोहरे हत्याकंड में सुप्रीम कोर्ट से उम्र कैद की सजा पाने वाले पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को लालू प्रसाद और नीतीश कुमार का संरक्षण प्राप्त था। श्री मोदी ने कहा कि 28साल पहले 1995में प्रभुनाथ सिंह ने छपरा के एक पोलिंग बूथ के पास दो व्यक्तियों को सिर्फ इसलिए गोली मार दी थी कि उन दोनों ने उन्हें वोट नहीं दिया था। उस समय बिहार में बाहुबली लोकतंत्र की नरेटी पकड़े हुए थे। 

      उन्होंने कहा कि उस भयावह हत्याकांड के समय लालू प्रसाद मुख्यमंत्री थे और सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में अभियुक्त प्रभुनाथ सिंह को सत्ता का संरक्षण प्राप्त होने का उल्लेख भी किया है। श्री मोदी ने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सांसद को ' सबूत के अभाव में ' बरी करने के ट्रायल कोर्ट और हाई कोर्ट के फैसलों को पलटते हुए जो टिप्पणी की है, वह याद दिलाती है कि लालू-राबड़ी राज में सत्ता ने पुलिस, गवाह, सरकारी वकील (पीपी) और अदालत तक को कैसे बेमानी कर दिया गया था। 

     उन्होंने कहा कि दोहरे हत्याकांड का मुकदमा चलने पर मुख्य गवाह और मृतक की माँ लालमुनी देवी को अगवा कर लिया गया था। दूसरे गवाहों को डरा कर प्रभुनाथ सिंह ने अपने पक्ष में कर लिया था और सरकारी वकील अभियुक्त की सहायता कर रहा था। श्री मोदी ने कहा कि इसी मामले की सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट में जज के सामने गवाहों पर हमला हुआ, लेकिन जज साहब ने मामला दर्ज करने की हिम्मत नहीं की। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद के संरक्षण से शहाबुदीन, पप्पू यादव, राजबल्लभ यादव, अनंत सिंह, आनंद मोहन, मुन्ना शुक्ला जैसे कई लोग बाहुबली बने और बिहार की छवि धूमिल हुई। श्री मोदी ने कहा कि जो लोग कानून को रौंद कर चुनाव जीतते और राज करते थे, वे ही आज लोकतंत्र और संविधान बचाने की बात कर रहे हैं।


आलोक कुमार

शुक्रवार, 1 सितंबर 2023

आजकल मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत सुर्खियों में

 

मुजफ्फरपुर.आजकल मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत सुर्खियों में है.उत्तर प्रदेश में सिरो-मालाबार कैथोलिक गोरखपुर धर्मप्रांत मेंं धाक जमाने के बाद बिहार प्रदेश मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत में प्रवेश कर गया है.मालूम हो कि रोमन कैथोलिकों में 3 उपश्रेणियाँ है.लैटिन कैथोलिक, सिरो-मालाबार कैथोलिक और सिरो- मलंकारा कैथोलिक रीते है.

सिरो-मालाबार चर्च भारत के दो पूर्वी कैथोलिक चर्चों में से एक है, दूसरा सिरो-मलंकारा कैथोलिक चर्च है जो पुथेनकूर के गुट का प्रतिनिधित्व करता है जो 1930 में रोम के होली सी के साथ पूर्ण सहभागिता में लौट आया था.सिरो-मालाबार चर्च दूसरा सबसे बड़ा पूर्वी कैथोलिक चर्च है, जिसके दुनिया भर में चार मिलियन से अधिक सदस्य हैं. इसकी उत्पत्ति 52 ईस्वी में भारत के केरल में सेंट थॉमस के आगमन से मानी जाती है. भारत, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में सिरो-मालाबार अधिवेशन हैं.

कहा जाता है कि सिरो-मालाबार परिवारों का मानना ​​है कि वे उच्च जाति के ब्राह्मण परिवारों के वंशज हैं जिन्हें स्वयं सेंट थॉमस ने परिवर्तित किया था.ईसाई आमतौर पर अल्पसंख्यक समुदाय से हैं.अब केरल रोमन कैथोलिकों की 3 उपश्रेणियाँ हैं: लैटिन कैथोलिक, सिरो मालाबार कैथोलिक और सिरो मलंकारा कैथोलिक. इनमें से केवल लैटिन कैथोलिकों को अल्पसंख्यक लाभ मिलता है जबकि बाकी ओबीसी श्रेणी के हैं.

मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत में गोरखपुर धर्मप्रांत का प्रवेश हो गया है.इसका मतलब है कि यहां पर दो बिशपों का राज्य स्थापित हो गया है.फिलवक्त गोरखपुर धर्मप्रांत का बिशप का राज्य दरभंगा पल्ली में हो गया है.चर्चा है कि कुछ दिनों के बाद सिवान पल्ली में राज्य स्थापित होगा.

इस बीच गोरखपुर धर्मप्रांत में रहने वालों ने जानकारी दी है.बताया कि बेतिया धर्मप्रांत के बेतियान्वी गोरखपुर में रहते है.गोरखपुर उत्तर प्रदेश में है. यहां पर बेतिया के दर्जनों परिवार रहते हैं. उनमें इग्नासियुस माइकल भी रहते हैं,जो अपने आपको फादर अरुण और श्री पास्कल पीटर (बिशप काजिटन के बड़े भाई), सन्नू सर का करीबी रिश्तेदार कहते है.

उन्होंने कहा कि पटना सिटी में इन्फेंट जीसस स्कूल के डायरेक्टर पास्कल पीटर (सन्नू सर) है. जो कुर्जी क्रिश्चियन कॉलोनी में रहते हैं. वह मेरे समधि हैं.फादर अरुण अब्राहम मेरे अपने मौसेरे भाई हैं.स्व.फादर सुशील साह, मेरे मामा थे.यहां पर बेतिया वाले बहुत ज्यादा है.

आगे इग्नासियुस माइकल कहते है कि एक बड़े भू-भाग में सीएनआई (क्रिश्चियन)रहते हैं.ये है धर्मपुर, पादरी, चारगांव, गोलघर. रोमन कैथोलिकों का 95 घर होगा.कुल मिलाकर यहां दो सौ से अधिक घर है.

उन्होंने कहा कि गोरखपुर धर्मप्रांत है.यहां अधिकतर सीएनआई ईसाई रहते हैं.रोमन कैथोलिक भी आपस में जुड़े हुए हैं.हालांकि बिहार के लोग कम ही जानते हैं कि गोरखपुर धर्मप्रांत सीएसटी (केरल) के अंतर्गत है.इस समय भारत का कैथोलिक चर्च तीन धार्मिक चर्चों से बना है. लैटिन संस्कार (सीसीबीआई) और दो पूर्वी संस्कार - सिरो-मालाबार और सिरो-मलंकारा चर्च - मिलकर सीबीसीआई बनाते हैं, जो भारत में कैथोलिक चर्च की सर्वोच्च संस्था है.

बता दे कि सिरो-मालाबार की बुनियाद केरल में है.यहां से सिरो-मालाबार का प्रसार गुजरात,मध्य प्रदेश,उत्तर प्रदेश के बाद बिहार में धड़ल्ले से हुआ है.इस समय गोरखपुर धर्मप्रांत का प्रसार मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के दरभंगा पल्ली में हो गया है.


आलोक कुमार


हत्यारों की गिरफ्तारी को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से कैंडल मार्च निकाला

पटना.दीघा विधानसभा अंतर्गत पश्चिमी मैनपुरा ग्राम पंचायत के पूर्व मुखिया, सामाजिक कार्यकर्ता नीलेश मुखिया जी के हत्यारों की गिरफ्तारी को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से कैंडल मार्च निकाला गया. 

        राजधानी पटना में नीलेश मुखिया हत्याकांड के खिलाफ आज कैंडल मार्च निकाला गया.पत्नी सुचित्रा देवी के साथ सैकड़ों की संख्या में उनके समर्थक कैंडल मार्च में शामिल रहे. इस मार्च में दीघा के बीजेपी विधायक संजीव चौरसिया भी मौजूद रहे.वार्ड नं.22ए की वार्ड पार्षद सुशीला कुमारी भी मौजूद थी.अधिकांश समर्थकों के हाथों में तख्ती थी, जिस पर लिखा हुआ था. वी-वांट-जस्टिस.पप्पू, धप्पू, और गोरख को गिरफ्तार करो.नीलेश के समर्थकों और पत्नी की मांग है कि आरोपियों की गिरफ्तारी हो.

     नीलेश कैंडल मार्च पार्षद कार्यालय से शुरू होकर टेलीफोन एक्सचेंज होते हुए पॉलीटेक्निक मोड़ से होकर,कुर्जी मोड़, कुर्जी पुल, बालूपर तक जाकर पार्षद कार्यालय पहुंचा.वार्ड नं०  22 बी की वार्ड पार्षद सुचित्रा देवी और तमाम आम जनमानस के साथ कैंडल मार्च में शामिल हुआ.और सरकार से जल्द से जल्द दोषियों को पकड़ने का आदेश निर्गत करने को कहा गया. RJD से दोषियों की मिलीभगत होने के कारण दोषियों को संरक्षण देना कतई सही नहीं है.सरकार को जल्द से जल्द नीलेश मुखिया को इंसाफ दिलाना ही पड़ेगा.


पार्षद पति नीलेश मुखिया हत्या मामले को लेकर दीघा 22बी की पार्षद सुचित्रा सिंह और उनके हजारों समर्थकों ने शुक्रवार को प्रशासन और सरकार पर नामजद आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए कैंडल मार्च निकाला.इस मौके पर मृतक मुखिया के इंसाफ और न्याय की मांग को लेकर महिलाओं और पुरुषों ने दीघा पार्षद पति के आवास से कुर्जी स्थित कार्यालय तक हाथों में कैंडल और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग के तख्ती को हाथो में लेकर समर्थक नजर आए .

     परिजनों ने कहना था कि  यूपी में यदि ऐसा होता तो आरोपियों के घर पर बुलडोजर चल जाता ,दरअसल नामजद आरोपी पप्पू राय, धप्पू राय और गोरख राय नामजद अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. घटना को एक महीना का वक्त बीत गया है,वही पुलिस इस मामले में एक  लाइनर ,एक शूटर को गिरफ्तार कर अपना पीठ थप थपा रही है.

       बता दें बीते 31 जुलाई को पार्षद पति सह बीजेपी नेता नीलेश मुखिया को अपराधियों ने ताबड़तोड़ 7 गालियां मार घायल किया था.1 अगस्त को उन्हें बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से दिल्ली एम्स ले जाया गया था.जिनका पटना सहित दिल्ली के एम्स में लगभग 23 दिनों तक इलाज चला . 23 अगस्त को उन्होंने अंतिम सांस ली थी.उन्हें हार्ट अटैक भी आया था.24 अगस्त को पंचतत्व में विलीन हो गए.31सितंबर को डुगडुगी बजाकर नामजद पप्पू,धप्पू और गोरख के नाम से अलग इश्तेहार नामजद अभियुक्तों के मकान पर चस्पा किया.तीनों सहोदय भाई है.तीनों स्व.महेंद्र राय के पुत्र हैं.आज 1 सितंबर को कैंडल मार्च निकाला गया.

       पटना एसएसपी राजीव मिश्रा ने बताया है कि कोई भी अपराधी बच नहीं सकेगा. उन्होंने बताया कि इस मामले के नामजद आरोपियों को आत्मसमर्पण करने को लेकर पटना पुलिस ने न्यायालय से कुर्की जब्ती का वारंट लिया है, यदि आरोपी समर्पण नही करते उनके घरों पर कुर्की जब्ती की कार्रवाई की जाएगी.


आलोक कुमार

गुरुवार, 31 अगस्त 2023

ग्राम पंचायत को प्रदत सभी 29 अधिकार वापस किए जाएं

*ग्राम पंचायत के अधिकारों में कटौती लोकतंत्र की बुनियादी अवधारणा के खिलाफ : माले


*19 सूत्री मांगों को लेकर बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ का प्रतिनिधिमंडल माले नेताओं से मिला


पटना.भाकपा - माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि केंद्र और यहां तक कि राज्य सरकार द्वारा ग्राम पंचायत के अधिकारों में लगातार कटौती हो रही है. यह लोकतंत्र की बुनियादी अवधारणा के खिलाफ है. गांधी जी ने जिस ग्राम स्वराज की बात की थी, उसके केंद्र में पंचायत को प्रदत अधिकार ही हैं, लेकिन हाल फिलहाल में देखा जा रहा है कि पंचायत के अधिकारों में कटौती हो रही है. यह कहीं से उचित नहीं है. 

19 सूत्री मांगों को लेकर बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ के नेतृत्व में विगत दिनों आंदोलन भी चला है. आज उस आंदोलन के नेताओं ने माले राज्य सचिव कुणाल और पोलित ब्यूरो सदस्य अमर से मुलाकात की और अपना  19 सूत्री मांग पत्र सौंपा. प्रतिनिधि मंडल में मुखिया महासंघ के अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय, अरुण सिंह, अजीत कुमार और विनय भूषण कुमार शामिल थे. 

मुखिया महासंघ ने मांग की है कि 73वें संविधान संशोधन के तहत ग्राम पंचायत को प्रदत सभी 29 अधिकार वापस किए जाएं, ग्राम सभा से पारित निर्णय के अनुपालन को सुनिश्चित किया जाए, ग्राम सभा द्वारा चयनित योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए, ग्राम सभा की कार्रवाई में अनावश्यक हस्तक्षेप न किया जाए, प्रतिनिधियों के वेतन भत्ता में बढ़ोतरी की जाए आदि. 

इन प्रमुख मांगों के अलावा कई और ऐसी मांगे हैं जिनका माले समर्थन करती है. पार्टी सरकार से अपील करती है कि इन मांगों पर गम्भीरता पूर्वक विचार किया जाए!

आलोक कुमार 

0 3 सितंबर को बिहार राज्य आशा संघ, बिहार राज्य आशा फैसिलिटेटर संघ एटक की संयुक्त बैठक

  पटना.बिहार राज्य आशा संघ व बिहार राज्य आशा फैसिलिटेटर संघ (एटक) के महासचिव कौशलेंद्र  कुमार वर्मा ने कहा है कि 0 3 सितंबर को बिहार राज्य आशा संघ, बिहार राज्य आशा फैसिलिटेटर संघ एटक की संयुक्त बैठक अमरनाथ रोड, अदालतगंज केदार भवन पटना में होगी. बैठक 10:00 बजे से शुरू हो जाएगी.

            इस बैठक में सभी जिला प्रखंड के अध्यक्ष सचिव एवं क्षेत्रीय कार्यकर्ता अवश्य भाग लेने का कष्ट करेंगे.सभी जिला के अध्यक्ष सचिव को भाग लेना अनिवार्य है. जो  जिला प्रखंड भाग नहीं लगे उन पर कार्रवाई की जाएगी. बहुत जिला राज्य की बैठक में नहीं आते हैं सिर्फ, मोबाइल पर नेतागिरी करते हैं,अब ऐसा नहीं चलेगा. 

महासचिव कौशलेंद्र  कुमार वर्मा ने कहा कि बिहार राज्य आशा संघ व बिहार राज्य आशा फैसिलिटेटर संघ (एटक) की बैठक के एजेंडा स्पष्ट है.हड़ताल एवं आंदोलन की समीक्षा, सदस्यता अभियान एवं आंदोलन कोष की समीक्षा,प्रखंड से लेकर राज्य सम्मेलन करने पर विचार होगी.आशा एवं आशा फैसिलिटेटर की मांग को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ पुनः संघर्ष तेज की जाएगी.

         उन्होंने कहा कि आशा एवं आशा फैसिलिटेटर की मांग को लेकर माननीय मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री से वार्ता जारी रहेगा.

जब तक ₹3000 का मानदेय का पत्र नहीं जारी हो जाता है,तब तक सरकार पर दबाव बनाए रखना है.अगर नहीं हुआ तो आंदोलन की घोषणा की जाएगी.आशा फैसिलिटेटर को 30 दिन का मानदेय  की भुगतान किया जाए.₹25000 के मानदेय,₹1200000 की बीमा, सभी प्रकार की छुट्टी, एवं अन्य मांगों को लेकर संघर्ष का ऐलान किया जाएगा. हमारा लड़ाई खत्म नहीं हुआ है.

जब तक आशा एवं आशा फैसिलिटेटर की मांग पूरा नहीं हो जाता है तब तक लड़ाई नहीं रुकेगा. चुनाव का वक्त है इसीलिए सभी जिला प्रखंड को सक्रिय रहना होगा.03 सितंबर को हर हालत में सभी जगह से नेतृत्व के साथी भाग लेने का कष्ट करेंगे.राज्य के तमाम जिला में संगठन को मजबूत किया जाएगा.राजव्यापी दौरा जारी रहेगा.सभी जिला प्रखंड के लोग राज्य की बैठक में भाग लेकर राज्य की बैठक को सफल बनाएंगे.


आलोक कुमार

अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रभारी प्रतीक एडवीन शर्मा

प्रदेश अध्यक्ष श्री सम्राट चौधरी जी कोटि-कोटि धन्यवाद

पटना.अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रभारी प्रतीक एडवीन शर्मा है.बेतिया के निवासी प्रतीक एडवीन शर्मा पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने विश्वास व्यक्त किया है.मालूम हो कि नवनियुक्त प्रभारी बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय टीम के टीम के सदस्य है

      अल्पसंख्यक मोर्चा से जुड़े से एलेक्स लाजरूस ने भारतीय जनता पार्टी के माननीय प्रदेश अध्यक्ष को साधुवाद दिया है.आपने कर्त्तव्यनिष्ट हस्ति को प्रदेश प्रभारी बनाया है.वहीं बिहार अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रभारी श्री प्रतीक एडवीन शर्मा जी को बनाया गया है. उन्होंने आप सभी को हार्दिक बधाई और अशेष शुभकामनाएं दी है.श्री प्रतीक एडवीन शर्मा जी को बिहार अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश प्रभारी बनाए जाने हमारे यशस्वी प्रदेश अध्यक्ष श्री सम्राट चौधरी जी कोटि-कोटि धन्यवाद.

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी के निर्देशानुसार मोर्चा के अध्यक्ष एवं प्रभारी की नियुक्ति की गई है.युवा मोर्चा के अध्यक्ष भारतेंदु मिश्रा,उपाध्यक्ष पिंकु मेहता, महामंत्री शशि रंजन और महामंत्री शिमात शेखर है.युवा मोर्चा के प्रभारी दुर्गेश सिंह है. महिला मोर्चा के अध्यक्ष डॉ. धर्मशीला गुप्ता, उपाध्यक्ष शीला कुशवाहा और महामंत्री मीना झा है. महिला मोर्चा की प्रभारी सजल झा है. किसान मोर्चा के अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह,उपाध्यक्ष अशोक वर्मा,उपाध्यक्ष बाबू लाल शौर्या और महामंत्री नवीन कुमार है.किसान मोर्चा के ब्रजेश रमण है.ओ.बी.सी.मोर्चा के अध्यक्ष बलराम मंडल है.ओ.बी.सी.मोर्चा के प्रभारी अचल सिन्हा है. अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष लखेंद्र पासवान,उपाध्यक्ष मनोज चौधरी और महामंत्री संजय राम है.अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रवीण तांती हैं. अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष शैलेंद्र गढ़वाल है. अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रभारी शिव नारायण महतो है.अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष मो.कमरू जमां,महामंत्री सूचित सिंह और महामंत्री मोहिबुल हक है.अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रभारी प्रतीक एडवीन है.

   प्रदेश पदाधिकारी प्रभारी डॉ. भीम सिंह चंद्रवंशी हैं.मीडिया प्रभारी मनोज शर्मा और मो. दानिश इकबाल हैं. मीडिया सह-प्रभारी सुनील सेवक, अमित प्रकाश बबलू,प्रभात मालाकार, रणवीर कुमार और सूरज पाण्डेय हैं. मीडिया प्रवक्ता मनोज शर्मा, प्रेम रंजन पटेल,सुरेश रुंगटा,डॉ. उषा विद्यार्थी,योगेन्द्र पासवान,जयराम विप्लव,डॉ सुहेली मेहता, कुंतल कृष्णन, सुषमा साहू,रामसागर प्रसाद, अरविंद सिंह, प्रभाकर मिश्रा, राकेश सिंह श्रीमती अनामिका सिंह और  संजीव मिश्रा है.


आलोक कुमार


 

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