पुरूष प्रधान देश में पुरूष प्रधान खेत भी है
पटना। सर्वविदित है कि भारत पुरूष प्रधान देश है। वहीं पुरूष प्रधान खेत भी हो गया है। वहां पर कार्यरत व्यक्ति को किसान कहते हैं। राजा के बदले रानी है। मगर किसान के बदले में क्या शब्द है ? इसी लिए हम लोग खेत की आड़ी से भोजन की थाली तक अहम किरदार अदा करने वाली वीरांगनाओं को महिला किसान कहते हैं। इन महिलाओं का उत्पादन से वितरण में योगदान रहता है। वहीं 200 से 400 वर्ष पहले तक घर के तमाम सम्पति को पारिवारिक सम्पति कहा जाता था। इस लिए जमीन पर महिलाओं का अधिकार ही नहीं रहा। मगर महिलाओं की मजबूत कंधे पर पूजा पाठ और नेतृत्व की जिम्मेवारी रख दिया गया। इस तरह की अवधारणाओं को कल्याणकारी राज्य की सरकार के द्वारा बदलाव किया जा रहा है। अब महिलाओं को मान - सम्मान , पहचान और अधिकार दिये जा रहे हैं। इंदिरा आवास योजना के तहत मकान बनाते समय और जमीन का पर्चा देते समय महिला और पुरूष के नाम से संयुक्त नाम से वितरण किया जा रहा है। योजना ...