शनिवार, 18 मार्च 2023

जिले का पहला मामला है जब जिलाधिकारी के स्तर से दत्तक ग्रहण का अंतिम आदेश पारित किया

  





मोतिहारी। प्रभारी जिला पदाधिकारी द्वारा विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान, मोतिहारी के दो बालकों को उनके भावी माता-पिता को सौंपा गया। बालक सोहन कुमार  (काल्पनिक नाम), उम्र-05 माह को देवघर के एक दम्पत्ति को प्री-एडॉप्शन में दिया गया। बालक के भावी पिता श्री अनिर्बान सेन गुप्ता एक इंस्योरेंस कम्पनी में कार्य करते हैं, वही भावी माता श्रीमती अनन्या सेन गुप्ता गृहिणी है।

   दूसरा बालक शुभम कुमार (काल्पनिक नाम) माह जून-2022 में ही प्री-एडॉप्शन में नैनीताल जा चुका था। आज प्रभारी जिला पदाधिकारी द्वारा उसके एडॉप्शन का अंतिम आदेश पारित करते हुए उसे उसके माता-पिता श्रीमती गीता राणा निगम एवं श्री दिलीप निगम को सौंपा गया।


 विदित हो कि यह जिले का पहला मामला है जब जिलाधिकारी के स्तर से दत्तक ग्रहण का अंतिम आदेश पारित किया गया है।

विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान, मोतिहारी में वर्तमान में 0-6 वर्ष के आयु वर्ग के अभी 12 शिशु आवासित है।


आलोक कुमार

शुक्रवार, 17 मार्च 2023

श्रीमती पुष्पा जी ने एवं श्रीमती पूजा जी के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया

  


पटना. गैर सरकारी संस्था प्रगति ग्रामीण विकास समिति ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को महिला दिवस पखवारा के रूप में मनाया. इस अवसर पर प्रगति ग्रामीण विकास समिति की ओर से महिला अधिकार सम्मेलन आयोजित किया गया.

  पश्चिम बेली रोड दानापुर में है प्रगति भवन.यहां पर महिला अधिकार सम्मेलन आयोजित किया गया. इस सम्मेलन का उद्घाटन समाज सेविका श्रीमती पुष्पा जी ने एवं श्रीमती पूजा जी के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया  गया.

मौके पर समाजसेवी एवं महिलाओं का नेतृत्व करने वाली श्रीमती पुष्पा ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं के ऊपर कई प्रकार के अन्याय और शोषण हो रहा है.उन्होंने विस्तार से अन्याय और शोषण पर अपना विचार व्यक्त किया.उन्होंने कहा कि आम लेकर खास लोगों ने यह महसूस किया कि आज घर के अंदर महिलाओं पर काम के दबाव के साथ-साथ भेदभाव भी बढ़ा है. उन्होंने किशोरियों के स्वास्थ्य एवं सरकार के द्वारा दी जा रही सुविधाओं पर भी चर्चा की.

इस अवसर पर मोनिका कुमारी. गायत्री कुमारी और माधुरी देवी ने मिलकर महिला दिवस पर आधारित गीत प्रस्तुत करते हुए सबका स्वागत किया. मौके पर एकता परिषद के उपाध्यक्ष प्रदीप  प्रियदर्शी ने महिला दिवस के अवसर पर सभी महिलाओं को बधाई दी एवं महिलाओं के सम्मान एवं अधिकार के लिए भूमि संघर्ष को तेज करने का आह्वान किया और सरकार से मांग किया कि सरकार की ओर से दी जाने वाली आवास भूमि  महिलाओं के नाम से दी जाए. 

   

सम्मेलन में सामाजिक कार्यकर्ता नरेश मांझी गायत्री कुमारी मोनिका कुमारी माधुरी देवी ने अपने विचार व्यक्त किए. विभिन्न गांव से आई महिलाओं ने अपने अपने गांव की समस्याओं और महिलाओं की तकलीफों को रखा अंत में सोनी कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया.


आलोक कुमार

तालाब का जीर्णाेद्धार एवं सौंदर्यीकरण कराया जाएगा

 

हिलसा। नालंदा जिले के नगर परिषद हिलसा के वार्ड नम्बर 16 स्थित तालाब का जीर्णोद्धार किया जाएगा। जिलाधिकारी ने तालाब का स्थल निरीक्षण किया।तालाब की उड़ाही एवं किनारे में रिंग नाला तथा पाथवे के निर्माण को लेकर प्राक्कलन बनाने का निर्देश दिया गया।

     

 तालाब का जीर्णाेद्धार एवं सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। वर्त्तमान में इस तालाब की स्थिति दयनीय है, जिसमें आस पास के घरों की नालियों का पानी संग्रहित होता है।जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज इस तालाब का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने तालाब की उड़ाही एवं चारो तरफ रिंग नाला तथा पाथवे के निर्माण के लिए प्राक्कलन तैयार करने का निदेश कार्यपालक अभियंता बुडको को दिया।

    उड़ाही के क्रम में निकाले जाने वाले गाद को अन्यत्र ले जाकर जमा करने का प्रावधान प्राक्कलन में सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही उच्च क्षमता के बोरिंग एवं पंप की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी ताकि तालाब में  पर्याप्त जलस्तर सुनिश्चित रखा जा सके।

योजना का क्रियान्वयन नगर परिषद हिलसा/नगर विकास एवं आवास विभाग की निधि से कराया जाएगा। इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी हिलसा, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता हिलसा, कार्यपालक अभियंता बुडको,प्रखण्ड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी/नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सहित अन्य स्थानीय पदाधिकारी मौजूद थे।


आलोक कुमार

जिला पदाधिकारी द्वारा जिला परिषद को क्रियान्वयन एजेंसी बनाने के लिए स्वीकृति दी गयी

 जिला परिषद के माध्यम से भी किया जायेगा मनरेगा की योजनाओं का क्रियान्वयन



नालंदा। आज हरदेव भवन में सभी  जिला परिषद सदस्यों को मनरेगा योजना के क्रियान्वयन के बारे में आयोजित एकदिवसीय कार्यशाला में विस्तृत जानकारी दी गयी।

           विदित हो कि अभी तक जिले में ग्राम पंचायत एवं पंचायत समिति के माध्यम से ही मनरेगा की योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा था।विभागीय निर्देश के आलोक में जिला पदाधिकारी द्वारा जिला परिषद को क्रियान्वयन एजेंसी बनाने के लिए स्वीकृति दी गयी है।

  मुख्य रूप से सभी जिला परिषद सदस्यों एवं जिला परिषद के कर्मियों को इस संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में सर्वप्रथम उप विकास आयुक्त ,


अपर समाहर्ता ,  जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष द्वारा कार्यक्रम का दीप प्रज्वलन कर विधिवत शुभारंभ किया गया।

          निदेशक डीआरडीए द्वारा सभी माननीय सदस्यों एवं पदाधिकारियों का स्वागत किया गया। प्रशिक्षण में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के सभी कर्मियों द्वारा क्रमबद्ध ढंग से  क्रियान्वयन के बारे में जानकारी दी गयी।


आलोक कुमार

जीविका द्वारा तार के पत्तों से तैयार किए जा रहे टोकरी का प्रयोग करें

 गया।ज़िला पदाधिकारी, गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने समाहरणालय सभा कक्ष में जिले के जीविका के पदाधिकारियों, जीविका नीरा उत्पादक समूह, तिलकुट उत्पादक समूह, जिला उद्योग पदाधिकारी, नगर निगम क्षेत्र में प्लास्टिक बैन इंफोर्समेंट टीम के सदस्यों तथा फूड इंस्पेक्टर के साथ बैठक करते हुए कहा कि पिछले वर्ष जीविका द्वारा नीरा उत्पादन तथा बिक्री के क्षेत्र में काफी बेहतर कार्य किया है। दो हजार से ऊपर नीरा उत्पादकों को फायदा पहुंचा है। इस वर्ष और अधिक लोगों को फायदा पहुंचे इस पर विशेष कार्य योजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि बिहार में प्लास्टिक को प्रतिबंध रखा गया है। इसलिए एनवोर्न्मेंट फ्रेंडली बनने में बेहतर कार्य करे।

      बैठक में उन्होंने सभी जीविका के बीपीएम को निर्देश दिया कि नीरा उत्पादन तथा नीरा की बिक्री का प्रतिवेदन निर्धारित समय अवधि में प्रस्तुत करें। नीरा उत्पादन तथा नीरा से बनने वाले खाद्य पदार्थों का दायरा और प्रभावी बने इसके लिए अभी से ही प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ करायें। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में छोटे-छोटे दुकानों तथा कोल्ड ड्रिंक से संबंधित दुकानों को भी नीरा के साथ टैग करें ताकि बड़े पैमाने पर नीरा की बिक्री हो सके तथा नीरा उत्पादक समूह को और बेहतर लाभ मिल सके।

उन्होंने जिले में बड़े पैमाने पर तिलकुल उत्पादन करने वाले समूहों से राय लेते हुए उन्हें बताया कि जिस तरह गया जिला तिलकुट के लिए प्रसिद्ध माना जाता है। उसी में नीरा का तिलकुट को और बढ़ावा दे। नीरा पूरी तरह पौष्टिक आहार है नीरा में काफी स्वास्थवर्धक मिनिरल पाए जाते हैं। तिलकुट उत्पादक को कहा कि तिलकुट के बिक्री में जो पैकेजिंग दिया जाता है उसे और बेहतर बनाएं। प्लास्टिक को कम प्रयोग करते हुए ताड़ के पत्तों से (गुथ कर) बनाए जाने वाले टोंगा ( टोकरी)  को और आकर्षक बनाकर उसी में तिलकुट तथा अनरसा को पैकेजिंग करें।

       तिलकुट तथा अनरसा विक्रेता समूहों को बताया कि तिलकुट तथा अनरसा को राज्य के साथ-साथ विदेशों में गया का तिलकुट और प्रसिद्ध हो इसके लिए पैकेजिंग तथा मार्केटिंग पर और अधिक प्लान तैयार करना होगा। उन्होंने जिला उद्योग पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले के बड़े तिलकुट विक्रेता के साथ बैठक कर पैकेजिंग तथा मार्केटिंग को और कैसे डेवलप किया जाए, इसके लिए बैठक कर कार्य योजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि बेहतर पैकेजिंग तैयार करने के लिए उधमी योजना के तहत लोन उपलब्ध कराते हुए जिले में पैकेजिंग यूनिट मशीन संस्थापन करवाएं।

तिलकुट विक्रेता ने बताया कि वर्तमान समय में चीन एवं गुड़ से निर्मित तिलकुट की बिक्री अधिक होती है। नीरा उत्पादन नीरा से तैयार तिलकुट भी बड़े पैमाने पर बिक्री होंगे। जिला पदाधिकारी ने कहा कि नीरा से तिलकुट निर्माण को और बढ़ावा दें। उन्होंने यह भी कहा कि जीविका के माध्यम से नीरा से तिलकुट निर्माण तथा नीरा से अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण हेतु प्रशिक्षण करवाया जाएगा।

       उन्होंने फूड इंस्पेक्टर तथा नगर निगम के अधीनस्थ प्लास्टिक बैन इंफोर्समेंट टीम के सदस्यों को कहा कि जिस क्षेत्र में आप छापेमारी के लिए जाते हैं, तो दुकानदारों को प्रेरित करें कि जीविका द्वारा तार के पत्तों से तैयार किए जा रहे टोकरी का प्रयोग करें, जिससे जीविका समूह को प्रोत्साहन भी मिलेगा तथा गया जिला इको फ्रेंडली रहेगा।

       उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नालंदा जिले में सिलाव का खाजा काफी प्रसिद्ध है। सिलाव का खाजा भी पेपर से बने थैले तथा तार के पत्तों से गुथे हुए टोकरी में दिया जाता है। उसी तरह गया जिले में भी ताड़ के पत्तों से बनी टोकरी का प्रयोग करें।

     पिछले वर्ष जिले में नीरा उत्पादन को बढ़ावा देते हुए पारंपरिक रूप से ताड़ी के उत्पादन में लगे परिवारों को वैकल्पिक रोजगार से जुड़ने का अवसर दिया गया। जीविका सामुदायिक संगठनों के माध्यम से सर्वेक्षण कर जिले में जिले में 91 नीरा उत्पादक समूह का गठन किया गया। इन उत्पादक समूहों के माध्यम से लगभग 2500 से अधिक नीरा टैपर को जोड़ा गया। जिले में 400 अस्थाई एवं स्थाई नीरा बिक्री केंद्रों के माध्यम से 11 लाख लीटर नीरा का उत्पादन एवं बिक्री की गई। इससे ताड़ी के विकल्प के रूप एक पोषक प्राकृतिक पेय नीरा के उत्पादन को बढ़ावा मिला। नीरा उत्पादन एवं बिक्री में जिला का स्थान राज्य में प्रथम रहा है। साथ ही सतत् जीविकोपार्जन योजना के माध्यम से पारंपरिक रूप से ताड़ी के उत्पादन एवं बिक्री में जुड़े अत्यंत निर्धन परिवारों को वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराया गया।

आलोक कुमार

जल स्रोत के भूमि को अतिक्रमण मुक्त करावे

  गया। ज़िला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने जनता दरबार में आये हुए लगभग 400 व्यक्तियों के मामले को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित पदाधिकारियों को प्राप्त आवेदनों को जांच यथाशीघ्र कराते हुए जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। आवेदकों के कई मामलों में जिला पदाधिकारी द्वारा जिले के वरीय पदाधिकारी यथा उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी संबंधित प्रखंड के नामित जिला स्तरीय पदाधिकारी आदि द्वारा मामले को जांच करने का भी जिम्मा दिया गया है।

     


जनता दरबार में प्रधानमंत्री आवास / मुख्यमंत्री आवास योजना से संबंधित आए मामलों को जिला पदाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को संबंधित आवेदनों को यथाशीघ्र जांच करते हुए पात्रता रखने वाले व्यक्तियों को प्रधानमंत्री/ मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ देने के लिए अग्रेतर कार्य करने का निर्देश दिया।

       जनता दरबार में कई व्यक्तियों ने भूमि विवाद, आपसी बटवारा, अतिक्रमण, जमीन संबंधी दिक्कते आदि से संबंधित आवेदन दिए। उन सभी आवेदन के आलोक में जिला पदाधिकारी ने संबंधित अंचलाधिकारी तथा थानाध्यक्ष एवं अनुमंडल पदाधिकारी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के अध्यक्षता में थाना स्तर एवं अनुमंडल स्तर पर हर शनिवार को आयोजित होने वाले जनता दरबार में दोनों पक्षों के व्यक्तियों को बुलाकर संबंधित मामलों को प्राथमिकता देते हुए निराकरण कराने का निर्देश दिए।

     

जनता दरबार में जमीन से संबंधित अत्यधिक मामले को देखते हुए जिला पदाधिकारी ने आए आवेदनों को सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता को निर्देश दिया कि अच्छे तरीके से आए आवेदनों को जांच करते हुए संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमानुसार उचित कार्रवाई करने के लिए आदेशित करें। इसके साथ ही प्राप्त कई आवेदनों के विरुद्ध वरीय पदाधिकारी नामित कर जांच के लिए निर्देशित किया है। साथ ही जांच पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि प्राप्त आवेदन को अधिकतम 7 दिनों में जांच करते हुए दोषी कर्मी/ पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई हेतु प्रेषित करे।

             जनता दरबार में कई व्यक्ति परिमार्जन के संबंध में आवेदन दिए वजीरगंज, मोहरा, खिजरसराय, नगर, बोधगया, फतेहपुर, बथानी, आमस, शेरघाटी सहित अन्य अंचल के व्यक्ति ने परिमार्जन के संबंध में आवेदन देने पर जिला पदाधिकारी ने संबंधित अंचलाधिकारी एवं राजस्व पदाधिकारी को सख्त निर्देश दिया कि परिमार्जन के लिए लंबित आवेदनों को तेजी से निष्पादन करें। जनता दरबार के सुनवाई में आपदा विभाग के तहत विभिन्न लंबित आवेदन के विरुद्ध जांच करते हुए जिला आपदा पदाधिकारी उसे तेजी से अनुपालन करवाये।

             जनता दरबार में बिजली विभाग के बिजली बिल ज्यादा आने, घर का बिजली कनेक्शन जोड़ने सहित अन्य मामले पर जिला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता बिजली पदाधिकारी को प्राप्त आवेदनों को जांच करते हुए अग्रेतर कार्रवाई करने का निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली बिल ज्यादा आना तथा एवरेज बिल आना इत्यादि के मामले ज्यादा आ रहे हैं, ज़िला पदाधिकारी ने कहा कि उस एरिया के संबंधित जे०ई० से जांच करवाएं तथा खराब बिजली मीटर को बदलवाने का कार्य करे। जहां भी ज्यादा बिल आने की शिकायत है उसे जांच करवाकर मीटर बदले।

             जिले के कई जल स्रोतों यथा आहार, पइन,  पोखर इत्यादि के जमीन को भरकर अतिक्रमण करने की लगातार शिकायत प्राप्त हो रही है। ज़िला पदाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारी को सख्त निर्देश दिया कि यदि आपके क्षेत्र से जल स्रोत में अतिक्रमण होने की सूचना मिलती है तो उसे तुरंत जांच कराएं इसके अलावा जिला पदाधिकारी तथा अन्य माध्यम से जो आवेदन प्राप्त हो रहे हैं उसके आलोक में निश्चित तौर पर भौतिक रूप से निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि जल स्रोत के जमीन में कहीं अतिक्रमण पाया जाता है तो निरीक्षण के पश्चात तुरंत प्राथमिकी दर्ज करते हुए संबंधित जल स्रोत के भूमि को अतिक्रमण मुक्त करावे। इस कार्य में थोड़ी सी भी शिथिलता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


आलोक कुमार

गुरुवार, 16 मार्च 2023

12056 रूपए मासिक मानदेय से समाज में मान-सम्मान नहीं बढ़ रहा है

 

पटना.विकास मित्रों का समय और जिंदगी बर्बाद हो गया है.यह सोच विकास मित्रों में विकसित हो गयी है.आखिर हो क्यों नहीं?12056 रूपए मासिक मानदेय से समाज में मान-सम्मान नहीं बढ़ रहा है.उल्टे सामाजिक- आर्थिक  स्थिति दिन प्रति दिन बहुत ही खराब होती जा रही है. 

   


विकास मित्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साल 2010 में विकास मित्रों का नियोजन किया था.प्रारंभिक दौर में विकास मित्र का मानदेय मात्र: तीन हजार रुपये था.मानदेय में मंथरगति से वृद्धि कर 13 साल के बाद मात्र:12056 रुपये कर दिया है.यह राशि महंगाई डायन खात जात में ऊंट के मुंह में जीरा की तरह है.फिर भी हमलोग कमरतोड़ महंगाई में कम मानदेय में ही अधिकाधिक कार्य निष्पादन कर सरकार के अधिकारियों को खुश कर रहे हैं.

    महादलित विकास मिशन की तहत पंचायत के 21 विकास मित्रों को विकास रजिस्टर वर्जन 2.0 को अपडेट करने को लेकर प्रशिक्षण दिया गया. विकास मित्रों को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न प्रकार की विकास योजनाओं में महादलित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की भागीदारी की स्थिति वर्तमान में क्या है, इसको महादलित विकास मिशन के पोर्टल पर विकास रजिस्टर 2.0 वर्जन में अपडेट करने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई. मास्टर ट्रेनर प्रखंड कल्याण पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि सरकार की सभी प्रकार की योजनाएं जैसे कौशल प्रशिक्षण, शौचालय, जलापूर्ति, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आईसीडीएस, बास भूमि, स्वास्थ्य दहेज प्रथा एवं बाल विवाह जैसी योजना से संबंधित डाटा संकलन कर उसे अपडेट किया जाना है.

      इस बीच जापानी इंसेफिलाइटिस (जेई) व (एईएस) चमकी बुखार को लेकर अब विकास मित्र महादलित टोलों के लोगों को जागरूक करेंगे. इसके लिए इन सभी को बैठक के माध्यम से निर्देशित किया गया है. विकास मित्रों के साथ बैठक में प्रखंड कल्याण कार्यालय में कल्याण पदाधिकारी रवि कुमार ने कहा कि इस कार्य में सभी जुट जाएं. उपस्थित विकास मित्रों को इस रोग से संबंधित जागरूकता के लिए पोस्टर भी उपलब्ध कराया गया.अधिकारी ने कहा कि इन्हें महादलित टोलों के सार्वजनिक स्थलों पर लगाना सुनिश्चित करें.लोगों को इस रोग के लक्षण, पहचान करने के तरीके व इससे बचाव के बारे में जानकारी दें। लोगों को समझाना है कि ओझा गुनी के चक्कर में नहीं पड़ कर ऐसे मरीजों को पीएचसी में लेकर जाएं.इसका उपचार संभव है. बस समय से इसकी पहचान व इलाज जरूरी है.

    इसके बाद राज्य में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद शराब निर्माण, बिक्री या इसके सेवन को लेकर चौकीदार एवं दफादारों को सूचना का मुख्य माध्यम बनाया गया था. पिछले दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समीक्षा के बाद कानून को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए नई रणनीति बनी है.अब विकास मित्र, आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका एवं सहायिका, आशा एवं एएनएम की भी मदद ली जाएगी. उनसे शराब निर्माण, बिक्री और सेवन की जानकारी ली जाएगी.

आलोक कुमार

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