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आलोक कुमार हूं। ग्रामीण प्रबंधन एवं कल्याण प्रशासन में डिप्लोमाधारी हूं। कई दशकों से पत्रकारिता में जुड़ा हूं। मैं समाज के किनारे रह गये लोगों के बारे में लिखता और पढ़ता हूं। इसमें आप लोग मेरी मदद कर सकते हैं। https://adsense.google.com/adsense/u/0/pub-4394035046473735/myads/sites/preview?url=chingariprimenews.blogspot.com chingariprimenews.com
गुरुवार, 23 फ़रवरी 2023
बुधवार, 22 फ़रवरी 2023
3 A अडाणी, अम्बानी और अहमदाबाद- आखिर यह रिश्ता क्या कहलाता है?
पटना. पटना महानगर जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष शशि रंजन ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि 25 फरवरी को गृह मंत्री अमित शाह जी पटना आ रहे हैं. हम बिहारियों को उनसे सवाल करना चाहिए कि 3 A अडाणी, अम्बानी और अहमदाबाद- आखिर यह रिश्ता क्या कहलाता है? उन्होंने कहा कि टाटा, बिरला और डालमिया ये भी तो भारत के नामचीन उद्योगपति हैं, लेकिन मोदी सरकार सिर्फ अम्बानी, अडानी की ही सेवा करती रही है ताकि स्वतंत्र रूप से खुलकर भ्रष्टाचार कर सके और जो उन्होंने किया. उन्हें रिश्ता नहीं व्यापार ईमानदारी के साथ करना था. मोदी जी ने वादा किया किया था कि देशवासियों के खाते में पैसे डालेंगे , काला धन वापस लाएंगे कहीं हमलोग उल्टा तो नहीं समझ बैठे.....देशवासियों के खाते एस.बी.आई को लुटा देंगे.
उन्होंने कहा कि क्या देशवासियों को इतना भी अधिकार नहीं है कि वो जान जाएँ कि उनकी बर्बादी में पीछे बैठा इंसान का सही चरित्र क्या है ? वित्तमंत्री साहिबा से उम्मीद करें तो ऐसा जवाब देती है कि रेगुलर काम कर रहा है. मतलब क्या ये प्लान तो नहीं किया है कि सारा ठीकरा रेगुलेटर पर फोड़ देना है. रेगुलेटर अब क्यों जाग रहे, उस वक्त क्यों सो रहे थे घ् 2012 में एस.एफ.आई.यू0 अडानी के खिलाफ चार्जशीट दायर किया था, अदानी सहित 12 लोगों पर शेयर के मामले पर जांच की बात की गयी थी. वर्ष 2012 में यू0पी0ए0 सरकार के पर्यावरण विभाग के द्वारा अदानी पोटस के खिलाफ 200 करोड़ का आर्थिक दंड दिया गया था,जिसे भाजपा सरकार ने बिना कोई फाईन किये जुर्माना माफ कर दिया.
16 जनवरी, 2020 को सी.बी.आई. ने अपराधिक मुकदमा कोयले के आपूर्ति के संदर्भ में आन्ध्र प्रदेश पावर जनरेशन कॉरपोरेशन मामले में अदानी पर जांच की थी जिसकी आज तक कोई सूचना प्राप्त नहीं है.
कहा था सेबी जब इसे शेयर रात-दिन बेहिसाब ऊपर की ओर भाग रहा था, एक बार भी इन्वेस्टीगेशन करना जरूरी नहीं समझा ? सेबी का प्रमुख उद्देश्य भारतीय स्टॉक निवेशकों के हितों का उत्तम संरक्षण प्रदान करना और प्रतिभूति बाजार के विकास तथा नियमन को परिवर्तित करना है. मेहनत की कमाई से बेचारा स्मॉल इन्वेस्ट /ट्रेडर लूट चुका है,क्या जवाब है सेबी के पास? एल.आई.सी. कितनों की जिन्दगी का भरोसा देता है और शायद खुद की जिन्दगी का भरोसा नहीं?
एक आदमी छोटा सा गुनाह कर दे तो बेल लेने में इतनी कंडीशन होती मगर इतना गुनाह कर लेने के बाद भी भारत सरकार का अडाणी पर भरोसा क्या कहते हैं इसकी और भी उपलब्धियां हैं जिस पर काफी भरोसा किया गया. 2002 अडाणी को दिल्ली पुलिस ने नान वेलेवल वारंट इशू किया था. ए.सी.सी सीमेंट ,अम्बुजा सीमेंट का अदानी द्वारा टेकओवर तो महज एक शुरुआत है. आगे भी सिमेंट कम्पनी का टेकओवर हो सकता है. कम्पटीशन कमीशन ऑफ इंडिया को ध्यान देना होगा कि कंस्टेशन ऑफ इकोनॉमिक पावर एक हाथ में बहुत खतरनाक है आने वाले समय में सीमेंट सेक्टर में अडानी की मोनोपॉली हो जाए तो इसमें भारत सरकार को आश्चर्य नहीं करना चाहिए.
इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पटना महानगर जिला कांग्रेस के प्रभारी सुबोध कुमार,आई.टी.सेल के चेयरमैन सौरभ सिन्हा, प्रवक्ता निशांत करपटने, कोषाध्यक्ष राजीव मेहता, महासचिव जावेद इकबाल, सचिव पवन कुमार केसरी,रवि कुमार उपस्थित थे.
प्रेस विज्ञप्ति के मुख्य बिंदु
आपको ज्ञात है कि हिंडेनबर्ग के हालिया रिपोर्ट ने पीएम मोदी और भाजपा सरकार के क्रोनी कैपिटलिज्म की पोल खोल दिया है.
इस मित्रकाल में भाजपा सरकार ने न केवल देश के बुनियादी ढांचे को औने पौने एवं अनीतिपूर्वक अडानी समूह को बेचने का काम किया है ब्लकि देश के गरीब और मध्यम वर्ग की करोड़ों की बचत को सार्वजनिक उपक्रम एस बी आई , एल आई सी को मजबूर कर अडानी समूह में निवेश करवाकर खतरे में डाल दिया है.
भाजपा सरकार ने प्रजातांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं की भारी अनदेखी करते हुए, राहुल गांधी जी के सारगर्भित सवालों और कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी के भाषण के अंशों को संसदीय कार्यवाही से हटाने का काम किया है , आगे प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं अप्रासंगिक बातों के जरिये सवालों से भागने की कोशिश किया , परन्तु देश की प्रबुद्ध जनता के सामने भाजपा सरकार की पोल पट्टी खुल चुकी है.
इस संदर्भ में कई तथ्य और आंकड़े काबिल गौर है और चीख़ चीख़ कर स्पष्टीकरण मांग रहे
1. मोदी सरकार इस मुद्दे पर संयुक्त संसदीय समिति के गठन करने से क़्यों डर रही, यानि दाल में काला है.
2. प्रधानमंत्री मोदी ने सत्ता में आने के पहले काला धन देश में वापस लाने और हर नागरिक के खाते में 15 /20 लाख डालने का वादा किया था, जबकि सच्चाई बिल्कुल विपरीत है स्विट्जरलैंड के बैंक में पिछले वार्षिक डेटा के मुताबिक 2021 में भारतीय व्यक्तियों और कंपनियों का जमा पैसा 14 वर्षों के उच्चतम स्तर पर
30500 करोड़ पहुँच गया है.
टैक्स हैवन देशों से संचालित होने वाली विदेशी शेल कंपनियों से आने वाले काले धन के मालिक कौन है , ये सवाल जनता पूछ रही, मोदी सरकार जवाब दे.
3. ये बात जगजाहिर हो चुकी है कि प्रधानमंत्री मोदी ने ईडी सीबीआई , खुफिया राजस्व निदेशालय जैसी एजेंसी का दुरुपयोग राजनैतिक और सैद्धांतिक प्रतिद्वंद्वियों को डराने धमकाने के लिए किया है और उन व्यापारिक घरानों को दंडित करने के लिए किया है जो पूंजीपति मित्रों के अनुरूप नहीं हैं.
4. शेयर बाजार की नियामक संस्था सेबी अडानी शेयरों की धोखाधड़ी के समय क़्या कर रही थी, ? अहम सवाल है.
5. अडानी द्वारा स्टाक के हेरफेर करने के आरोपों के कारण लाखों निवेशकों को जो भारी नुकसान हुआ है , बिना भाजपा के मिलीभगत के संभव नहीं प्रतीत होता है.
6. घोर चिंतनीय विषय है कि एल आई सी ने जो अडानी के शेयर खरीदे थे उसका मूल्य 30 दिसम्बर 2022 को 83000 करोड़ था जो 15 फरवरी को घटकर 39000 करोड़ रह गया, यानि पालसी धारकों के बचत मूल्य में 44000 हजार करोड़ की कमी आई,
7.1 फरवरी के मित्रकाल बजट में वित्त मंत्री निर्मला सितारमण ने धोषणा किया कि अगले चरण में 50 और हवाईअड्डे हेलीपोर्ट और वाटर एयरोडर्म को पुनर्जीवित किया जाएगा, जनता के मन में सवाल है कि इनमें से कितने अडानी को लाभ पहुंचाएंगे.
8. गौर तलब ये है कि कांग्रेस किसी व्यक्ति के दुनिया के अमीरों की 609 वें स्थान से 2 पोजीशन पर पहुंचने के खिलाफ नहीं है लेकिन कांग्रेस निस्संदेह सरकार द्वारा प्रायोजित निजी एकाधिकारों के खिलाफ है क़्योकी वे जनता के हित के विरुद्ध हैं .
9. मोदीजी ने देश हित की अनदेखी करते हुए,अडानी समूह को एकाधिकार स्थापित करने में जो परोक्ष और प्रत्यक्ष सहायता पहुंचाता है कांग्रेस इसके खिलाफ है.
इस संदर्भ में हवाई अड्डे, बंदरगाहों, रक्षा क्षेत्र, विद्युत क्षेत्र आदि में मोदी सरकार ने अडानी समूह को आधिपत्य स्थापित करने में मदद पहुंचाया है जिसका हम विरोध करते हैं
अडानी समूह अल्प समय में भारत के हवाई अड्डों का सबसे बड़ा संचालक बन गया
अडानी समूह 13 बंदरगाहों और टर्मिनल को नियंत्रित करता है जो भारत के बंदरगाहों की क्षमता का 30रू और कुल कंटेनर की आवाजाही का 40रू है.
रक्षा क्षेत्र - भाजपा सरकार ने 4- 6 जुलाई 2017 की इजराइल यात्रा के बाद अडानी समूह को भारत इजराइल रक्षा संबंधों के संदर्भ में लाभ वाली भूमिका सौप दिया है, अडानी समूह ने कोई पूर्व अनुभव न होते हुए भी ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक, छोटे हथियारों विमान मेंटेनेंस के क्षेत्रों में संयुक्त उपक्रम स्थापित किया है जबकि कई स्टार्ट अप, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां इन सेक़्टर में कई वर्षों से हैं यह भी मोदी सरकार के क्रोनी कैपिटलिज्म के पोषक होने का जीवंत उदाहरण है
विद्युत क्षेत्र - यूपिए की सरकार ने 2010 में सार्वजनिक कंपनी एन टी पी सी द्वारा बगेरहाट बांग्लादेश में 1320 मेगावाट का थर्मल पावर प्लांट लगाने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था, प्रधानमंत्री मोदी जी ने अपने मित्रों की मदद करने का निर्णय लिया और 6 जुन 2015 के ढाका यात्रा के दौरान घोषणा किया कि अडानी पावर बंगलादेश को बिजली आपूर्ति करने के लिए झारखंड के गोडडा में थर्मल पावर प्लांट का निर्माण करेगी.
ये सारे उदाहरण मोदी जी के सरकार के देश प्रेम के उपर मित्र प्रेम का है
प्रेस बंधुओं , आपको ज्ञात है कि अमेरिका की प्रतिष्ठित हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट ने अडानी समूह पर इस देश के अब तक के सबसे बडे कार्पाेरेट फ्राड का इलज़ाम लगाया है, जिसमें 42 गुना ओवरवैल्युड शेयर, डेब्ट फ़्लुएलड बिजनेस, अडानी फैमिली के कथित तौर पर मारीशस, यू ए ई और कैरेबियन द्वीप समूह जैसे टैक्स हैवन में बेनामी शेल कंपनियों के एक विशाल मायाजाल के जरिये अरबों रुपयों के काले धन का खुलासा किया गया है और स्टाक मैनिपुलेशन के गंभीर आरोप लगाए है.
कांग्रेस इस मसले पर दूध का दूध, पानी का पानी करना चाहती है , मोदी सरकार इसकी जाँच से क़्यों भाग रही, यह दर्शाता है कि भाजपा की इस पुरे प्रकरण में संलिप्तता है जेपीसी जांच के जरिये जनता के सामने सरकार के करतूत खुल न जाएं इससे डर कर भाजपा संयुक्त संसदीय जांच से भाग रही है.
आलोक कुमार
मंगलवार, 21 फ़रवरी 2023
सार्वजनिक संस्थानों को निवेश करने के लिए मजबूर कर रहे हैं
पटना. हिंडनबर्ग की हालिया रिपोर्ट ने प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा सरकार की अडानी के पक्ष में क्रोनी कैपिटलिज्म की नीति की पोल खोल दी है. गहरी आर्थिक संकट के समय में पीएम मोदी देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को अडानी समूह को बेच रहे हैं, देश की विदेश नीति को झुका रहे हैं और एसबीआई और एलआईसी जैसे सार्वजनिक संस्थानों को निवेश करने के लिए मजबूर कर रहे हैं. इन्हीं मुद्दों को लेकर कल दिनांक 22 फरवरी, 2023 को अपराह्न 2.00 बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय,सदाकत आश्रम,पटना में पटना महानगर जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष शशि रंजन जी प्रेस प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे. अतः आपसे आग्रह है कि अपने प्रेस प्रतिनिधि, कैमरा टीम एवं छायाकार को कल दिनांक 22 फरवरी,2023 को अपराह्न 2.00 बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, सदाकत आश्रम,पटना में भेजने का कष्ट करेंगे.
आलोक कुमार
बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक
पटना. बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम पटना में सम्पन्न हुई. बैठक की अध्यक्षता बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष शिव प्रकाश गरीब दास ने किया और संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी ने किया.
बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित भारतीय युवा कांग्रेस के सचिव एवं बिहार प्रभारी राजेश सिन्हा सन्नी ने कहा कि युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कार्यक्रम “यूथ जोड़ो,वूथ जोड़ो”पूरे देश में युवा कांगग्रेस के द्वारा चलाया जा रहा है जिसको बिहार में मजबूती के साथ हम सभी साथियों को मिलकर करना होगा और हमारा हर हमें बूथ तक पहुंचने के लक्ष्य को पूरा करना होगा. युवा कांग्रेस के प्रभारी ने सभी प्रदेश पदाधिकारियों को निर्देश दिया.
बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष शिव प्रकाश गरीब दास ने कहा कि हाथ से हाथ जोड़ो कार्यक्रम जो पूरे बिहार में चलाया जा रहा है उसमें स्थानीय स्तर पर कई कार्यक्रम का आयोजन करेगा जैसे युवा महापंचायत, बाईक रैली तथा पुराने कांग्रेसी एवं स्वतंत्रता आन्दोलन में भाग लिए हुए परिवार तथा देश रक्षा में सेवा दे रहे परिवार से भी मिलेंगे.साथ ही हर बूथ पर डिजिटल योद्धा का भी चुनाव किया जाएगा जो जन समस्याओं को लेकर क्षेत्र में रह रहे लोगों के बीच जाएंगे और उसे निपटारा करने का हर संभव प्रयास करेंगे. युवा कांग्रेस प्रखंड एवं पंचायत स्तर स्तर पर भी बनाने का प्रस्ताव रखा गया, प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के द्वारा युवा कांग्रेस के प्रभारी एवं अध्यक्ष के सामने रखा साथ ही पंचायत में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए गांधी से गांधी (पंचायती राज के सपने) प्रस्ताव को भी लाया जिसका मुख्य उद्देश्य पंचायती राज को मजबूत करना एवं गांधी के सपनों का भारत बनाने में राजीव गांधी जी के योगदान और दूरदर्शिता बताना होगा.बैठक में भारत यात्री पूर्व विधायक अमित कुमार टुन्ना को युवा कांग्रेसजनों ने अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया.
इस अवसर पर युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष आशुतोष कुमार त्रिपाठी, मुदस्सिर शम्स, शरीकुज्जमा फारूकी उर्फ खुर्रम, खुशबू कुमारी, ईशा भारती, महासचिव चित्तरंजन कुमार, विजय कृष्ण, प्रवक्ता मनीष कुमार चौबे, सैयद एजाज अनवर, सौरभ यादव,तन्नू कुमारी, मुकुल यादव. विनोद कुमार,राहुल पासवान के अलावे बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस पदाधिकारीगण उपस्थित थे.
आलोक कुमार
रविवार, 19 फ़रवरी 2023
20 फरवरी को 03:00 बजे अंतिम संस्कार
ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर करने का आरोपी बनाया जा रहा है
नई दिल्ली.देश के विभिन्न हिस्सों में गिरजाघरों पर कथित हमले, हिंसा और गिरफ्तारी के खिलाफ दिल्ली के जंतर मंतर पर एकत्र होकर ईसाई समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया.
उत्तर प्रदेश से आये स्टीवन ने कहा कि हमें लोगों को जबरन ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर करने का आरोपी बनाया जा रहा है.गिरजाघरों पर हमले किये जा रहे हैं, हमारे लोगों की पिटाई करके उन्हें गिरफ्तार किया गया.समुदाय के लोग लगातार डर के माहौल में जी रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि देशभर में समुदाय के सदस्यों के खिलाफ वर्ष 2021 में उत्पीड़न के 525 मामले सामने आए जो बढ़कर 2022 में 600 हो गये.उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में ये मामले वर्ष 2020 में 70 थे जो बढ़कर वर्ष 2022 में 183 हो गये.उत्तर प्रदेश के फतेहपुर निवासी शिवपाल ने आरोप लगाया कि राज्य पुलिस लोगों को जबरन धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में गिरफ्तार कर रही है.
स्टीवन ने आरोप लगाया कि समुदाय के सदस्यों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में एक 11 वर्षीय और एक व्यक्ति का नाम है जिसकी 2010 में मौत हो गई थी.वहीं दिल्ली के पंजाबी बाग आई पूनम ने कहा कि छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और कई अन्य राज्यों में चर्चों पर हमला किया जा रहा है और हमारे समुदाय के सदस्यों को परेशान किया जा रहा है. उनके खिलाफ झूठे आरोपों के आधार पर मामले दर्ज किए जा रहे हैं.हम यहां अपने भाइयों और बहनों के साथ एकजुटता व्यक्त करने आए हैं.
धर्मपरायण महिला सुजाना माइकल साह का निधन हो गया
धर्मपरायण महिला सुजाना माइकल साह
बेतिया में शोक व्याप्त है.बेतिया पल्ली परिषद के पार्षद जेम्स माइकल की मां सुजाना माइकल साह का निधन हो गया. के. आर. हाई स्कूल के वरिष्ठ शिक्षक जेम्स माइकल चर्च में गए थे.चर्च में प्रभु से मां की जिंदगी लंबी करने का गुहार लगा रहे थे.चर्च में दुआ करके गुरूजी घर आए तो देखा प्रभु की इच्छानुसार मां अंतिम सांस ले रही थी.वह आज सुबह 7:30 बजे प्रभु की प्यारी हो गयी.
शनिवार, 18 फ़रवरी 2023
टाइम्स एसेंट स्किल डेवलपमेंट लीडरशिप अवार्ड से पटना वीमेंस कॉलेज सम्मानित
पटना वीमेंस कॉलेज बिहार समेत झारखंड, बंगाल व समस्त पूर्वी भारत में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक सम्मानित स्थान
शुक्रवार, 17 फ़रवरी 2023
उनका साथ नहीं छोडूंगा:जीतन राम मांझी
जहानाबाद.बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी हैं. आज जहानाबाद पहुंचे थे. यहां कोल्ड स्टोर का उद्घाटन करने के लिए पहुंचे थे. जहां उन्होंने एक बड़ा बयान दिया है और इस बार ये बयान उन्होंने अपने बेटे को लेकर दिया है. उन्होंने कहा दिया है कि उनके बेटे में मुख्यमंत्री बनने की काबलियत है. अगर उसे मुख्यमंत्री बनाया गया तो विकास की गति तेज हो जाएगी.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुझ पर विश्वास कर मुझे सीएम की कुर्सी सौंपी थी. अपने 9 महीने के कार्यकाल में मैंने पूरी ईमानदारी से काम किया था. मेरे शासनकाल में किसी को भी किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं मिल सकती है. वहीं, उन्होंने कहा कि मैं नीतीश कुमार के साथ हूं, मुझे अगर नीतीश कुमार किसी भी तरह का धक्का देंगे तब भी मैं उनका साथ नहीं छोडूंगा. मैं हमेशा उनके साथ ही रहूंगा.
इस बीच जीतनराम मांझी अपनी गरीब संपर्क यात्रा के दौरान अक्सर सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को निशाना बनाते रहे हैं. साथ ही जीतनराम मांझी ने गुटबाजी से प्रभावित महागठबंधन की लंबी उम्र पर भी प्रश्न उठाए हैं. गुरुवार को यात्रा के दौरान मांझी ने नीतीश के नेतृत्व वाली गवर्नमेंट की कार्यशैली पर प्रश्न उठाए.
जहानाबाद में पत्रकारों से वार्ता में बेटे को बिहार का सीएम बनाने के प्रश्न पर जीतन राम मांझी ने बोला कि संतोष पढ़ा-लिखा है और उसे सीएम बना देना चाहिए. उन्होंने बोला कि ऐसा नहीं है कि वह सिर्फ भुइया जाति से आते हैं, वह एक प्रोफेसर भी हैं. पूर्व सीएम ने बोला कि गरीबों में दलितों की जनसंख्या 90 प्रतिशत है, इसलिए हम संतोष को सीएम बनते देखना चाहते हैं.
बिना किसी का नाम लिए उन्होंने बोला कि मेरा बेटा सीएम बनने के योग्य है. कई लोग बिहार का सीएम बनने की प्रयास कर रहे हैं और मेरा बेटा उन्हें पढ़ना सिखा सकता है. बोला जा रहा है कि उनका इशारा डिप्टी मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की ओर था. उधर, बिहार गवर्नमेंट में मंत्री और जीतनराम मांझी के बेटे संतोष ने बिहार का मुख्यमंत्री बनने की ख़्वाहिश को मन में रखने से इनकार कर दिया.
नेहा का 'यूपी में का बा' काफी फेमस हुआ
कानपुर।बिहार के कैमूर जिले की रहने वाली नेहा सिंह राठौर का जन्म 1997 में हुआ था।यूपी चुनाव के दौरान नेहा का 'यूपी में का बा' काफी फेमस हुआ था।विधानसभा चुनाव में यूपी में का बा गाकर चर्चा में आई नेहा सिंह राठौर की शादी यूपी में हुई है। शादी के बाद एक बार नेहा सिंह चर्चा में आ गई हैं। लखनऊ से 21 जून को यूपी के अंबेडकर नगर के हिमांशू सिंह की पत्नी बनकर यूपी की बहू बन गईं हैं।
"यूपी में का बा" फेम भोजपुरी लोक गायिका नेहा सिंह राठौर ने एक बार फिर अपने गीत से सरकार को घेरा है। कानपुर देहात में अतिक्रमण हटाने के दौरान मां-बेटी की मौत को लेकर यूपी सरकार से लेकर बाबा के बुलडोजर, रामराज और कानपुर देहात की डीएम की कार्यशैली को सवाल उठाए हैं। कलेक्टर को रंगबाज और ठुमकेबाज कहा है। आइए हम आपको नेहा सिंह राठौर के गीत से अक्षरश: रूबरू कराते हैं…।
बाबा के दरबार बा ढहत घर बार बा माई बेटी का आग मा झोंकत यूपी सरकार बा…। का बा, यूपी में का बा, बाबा के डीएम तो बड़ी रंगबाज बा, कानपुर देहात में ले आइल राम राज बा, बुलडोजर से रौंदत दीक्षित के घरवा आज बा, यही बुलडोजरवा पे बाबा के नाज बा, यूपी में का बा, यूपी में का बा…। कलक्टर ठुमकेबाज बा, सटकल ओकर मिजाज बा, अधिकारी भइले बेलगाम मनमानी के रिवाज बा…। यूपी में का बा, यूपी में का बा…। गरीबन के मडही फुंकवा दा, गुरबन के इलाज बा, लोकतंत्र के नाम पर भइया भइल कोढ़ में खाज बा…। यूपी में का बा, यूपी में का बा…। आग लगी तो हिंदु जरिहैं, जरिहैं मुसलमान बा, ये बाबा यह जाना खाली अब्दुल के मकान बा… यूपी में का बा, यूपी में का बा…।
लोक गीत गायिका नेहा सिंह राठौर ने अपने महज 1 मिनट 9 सेकेंड के गीत में सरकार को जमकर कोसा और उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। यह कोई पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी लगातार वह सरकार के खिलाफ अपने गीत के माध्यम से सरकार की कार्यशैली को कटघर में खड़ा करती आई हैं।
नेहा दरअसल यूपी विधान सभा चुनाव 2022 के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में आई थी। जब उन्होंने यूपी की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया था और अपना एक भोजपूरी गाने की वीडियो रिलीज किया था। इसमें योगी आदित्यनाथ पर भी व्यंग स्टाइल में उन्होंने तीखा हमला किया था। उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था से लेकर यहां की रोजगार व्यवस्था पर उन्होंने सवाल उठाया था।
बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर हो गए
पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के द्वारा शपथ लेते ही बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर हो गए
पटना।बिहार के 41वें राज्यपाल के रूप में राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने शपथ ले ली है। उन्हें हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश ने शुक्रवार को दोपहर बाद करीब साढ़े 12 बजे शपथ दिलाई।इसके पहले बिहार के नवनियुक्त राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर के पटना पहुँचने पर जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका भव्य स्वागत किया गया। स्टेट हैंगर में बिहार के नवनियुक्त राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। गार्ड ऑफ ऑनर के पहले बिहार के नवनियुक्त राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर की अगवानी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की तथा फूलों का गुलदस्ता भेंटकर उनका अभिनंदन किया।
हवाई अड्डे पर उनके स्वागत में बिहार विधान परिषद् के सभापति देवेशचन्द्र ठाकुर, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी, उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, शिक्षा मंत्री चन्द्रशेखर, खान एवं भूतत्व मंत्री रामानंद यादव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री ललित कुमार यादव, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री सुनील कुमार, पिछड़ा वर्ग एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अनिता देवी, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री जितेन्द्र कुमार राय, विधि मंत्री शमीम अहमद, सूचना प्रावैधिकी मंत्री मो0 इसराईल मंसूरी, श्रम संसाधन मंत्री सुरेन्द्र राम, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा, बिहार विधान परिषद् में नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।
मूलत गोवा के रहने वाले हैं बिहार का राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर
बिहार के महामहिम राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर पणजी , गोवा , पुर्तगाली भारत,सिटिज़नशिप भारत का है।उनका जन्म 23 अप्रैल 1954 (आयु 68) को हुआ है।उनका जीवनसाथी अनघा अर्लेकर है।दोनों के 2 बच्चे है।अर्लेकर बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं। वह 1989 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। वह 1980 के दशक से गोवा भाजपा के सक्रिय सदस्य रहे हैं। उन्होंने विभिन्न पदों पर कार्य किया है जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं: महासचिव, भारतीय जनता पार्टी, गोवा प्रदेश। अध्यक्ष, गोवा औद्योगिक विकास निगम। अध्यक्ष, गोवा राज्य अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग वित्तीय विकास निगम। महासचिव, भारतीय जनता पार्टी, गोवा। दक्षिण गोवा अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी।
बिहार के 41 वां राज्यपाल होंगे
हिमाचल प्रदेश के 21 वां राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर को बिहार का राज्यपाल बनाया है।बिहार के 41 वां राज्यपाल होंगे.बिहार के वर्तमान राज्यपाल फागू चौहान को मेघालय का राज्पाल बनाया गया है।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राजेंद्र विश्वनाथ को बिहार का नया राज्यपाल बनाने की स्वीकृति दे दी गई है। वहीं मौजूदा राज्यपाल फागू चौहान को मेघालय का राज्यपाल बनाया गया है। बिहार के साथ देश के कई अन्य राज्यों के भी राज्यपाल बदले गए हैं। राष्ट्रपति की ओर से नए राज्यपालों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी गई है।
गोवा विधान सभा को कागज रहित बनाने का श्रेय
जब मनोहर पर्रिकर को 2014 में केंद्रीय रक्षा मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था, तो अर्लेकर को अगले मुख्यमंत्री के लिए माना गया था, लेकिन पार्टी ने इसके बजाय लक्ष्मीकांत पारसेकर को अगले मुख्यमंत्री के रूप में चुना।उन्हें गोवा विधान सभा को कागज रहित बनाने का श्रेय दिया जाता है, ऐसा करने वाली वह पहली राज्य विधानसभा है।2015 में कैबिनेट में फेरबदल के दौरान उन्हें पर्यावरण और वन मंत्री नियुक्त किया गया था।6 जुलाई 2021 को उन्हें हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया, जब बंडारू दत्तात्रेय को हरियाणा का राज्यपाल बनाया गया। राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने 13 जुलाई, 2021 को हिमाचल के नए राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी। राजेंद्र अर्लेकर गोवा की राजनीति का अहम चेहरा हैं।भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में राजनीतिक सफर शुरू करने वाले अर्लेकर गोवा के विधायक और फिर मंत्री भी रहे हैं।अर्लेकर ने पार्टी को धन्यवाद दिया और कहा कि बीजेपी एक ऐसी पार्टी है जहां प्रत्येक सदस्य के काम को मान्यता दी जाती है।
फागु चौहान अब मेघालय के राज्यपाल
फागु चौहान अब मेघालय के राज्यपाल होंगे।फागू चौहान का कार्यकाल काफी लंबा रहा है।उन्होंने 2019 में राज्य के राज्यपाल के रुप में शपथ लिया था।इस बीच राज्य की राजनीति में बड़ी उठा पटक देखने को मिली।नीतीश कुमार ने भाजपा का साथ छोड़कर महागठबंधन से हाथ मिलाया। इसके साथ ही, विधानसभा चुनाव भी हुए। बता दें कि फागू चौहान बिहार के 40वें राज्यपाल थे।उनका जन्म आजमगढ़ के शेखपुरा में एक जनवरी, 1948 को हुआ था।उनके पिता का नाम खरपत्तु चौहान था। पिछड़ी जाति से आनेवाले फागू चौहान वर्ष 1985 में पहली बार दलित किसान मजदूर पार्टी से घोसी विधानसभा से विधायक बने और यहीं से शुरू हुई उनकी राजनीतिक यात्रा।वो घोसी से लगातार छह बार विधायक रहे। उन्हें उत्तर प्रदेश में पिछड़ी जाती का बड़ा चेहरा माना जाता है।
किसी परिवार के खुशहाली के लिए महिलाओं का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है:डॉ गौतम कुमार
डॉक्टरों पर कठोर कार्रवाई की जरूरत
चिकित्सा नैतिकता को भूल, गलत तरीके से गर्भाशय निकाल रहे, राज्य के प्राइवेट अस्पतालों पर कार्रवाई की जरूरत : डॉ गौतम कुमार
पटना .बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी,पिछड़ा एवं अति पिछड़ा, मीडिया विभाग के प्रदेश अध्यक्ष डॉ गौतम कुमार ने बताया कि राज्य के हर कोने में छोटे बड़े प्राइवेट अस्पताल खुले हैं. पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण सहित राज्य के तमाम सीमाई इलाकों में 20-25 वर्ष की अवस्था में ही महिलाओं को उल्टा सीधा समझाकर ,ऑपरेशन कर उनका गर्भाशय प्राइवेट अस्पतालों द्वारा निकाल दिया जाता है.
जैसा कि सभी जानते हैं कि ग्रामीण इलाकों में कम उम्र में ही शादी हो जाती है. 20-25 वर्ष की अवस्था में ही उनके कई बाल बच्चे हो जाते हैं. इस दौरान इन इलाकों की महिलाएं सामान्य मासिक गड़बड़ी, ल्यूकोरिया की समस्या को लेकर डॉक्टर के पास जाते हैं, तो वे लोग रुपया के लालच में उल्टा सीधा समझा कर सीधा महिलाओं का ऑपरेशन कर गर्भाशय ही निकाल देते हैं. जबकि सभी डॉक्टर इस बात को जानते हैं कि गर्भाशय और अंडाशय का शरीर में कितना महत्व है. गर्भाशय और अंडाशय से निकलने वाले हार्मोन शरीर को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. और जिन महिलाओं का कम उम्र में गर्भाशय निकल जाता है ,उन्हे किन किन समस्याओं से जूझना पड़ता है.किसी परिवार के खुशहाली के लिए महिलाओं का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है.
सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेने की जरूरत है. और चिकित्सा नैतिकता को भूल चुके ऐसे डॉक्टर, मेडिकल संस्थान ,और डॉक्टरों पर कठोर कार्रवाई की जरूरत है.
गुरुवार, 16 फ़रवरी 2023
2023 का निवानो पीस पुरस्कार एकता परिषद जनसंगठन के संस्थापक रह चुके श्री राजगोपाल पी.व्ही. को
प्रस्तुति समारोह टोक्यो, जापान में गुरुवार, 11 मई, 2023 को होगा। एक पुरस्कार प्रमाण पत्र के अलावा, श्री राजगोपाल पी. वी. को एक पदक और बीस मिलियन येन प्राप्त होंगे.....
भोपाल। बौद्ध संगठन रिशो कोसी काई के पहले अध्यक्ष थे निक्यो निवानो। उनको सम्मान देने लिए निवानों पीस फाउंडेशन में रखा गया है।फाउंडेशन की संपत्ति करीब 4.4 अरब येन है।फाउंडेशन ने अपने प्रथम अध्यक्ष निक्यो निवानो के नाम पर निवानो शांति पुरस्कार शुरू किया है।अबतक 39 लोगों को निवानो शांति पुरस्कार दिया जा चुका है। 2023 का निवानो पीस पुरस्कार एकता परिषद जनसंगठन के संस्थापक रह चुके श्री राजगोपाल पी.व्ही. को दिया जा रहा है।
बताया गया कि निवानों पीस फाउंडेशन के द्वारा किसी विशेष धर्म या क्षेत्र पर अनुचित जोर देने से बचने के लिए पीस फाउंडेशन हर साल दुनिया भर में मान्यता प्राप्त बौद्धिक और धार्मिक कद के लोगों से नामांकन मांगता है। नामांकन प्रक्रिया में, 125 देशों और कई धर्मों का प्रतिनिधित्व करने वाले करीब 600 लोगों और संगठनों से उम्मीदवारों का प्रस्ताव करने के लिए कहा जाता है। निवानो शांति पुरस्कार समिति द्वारा जांच की गई, जिसे मई 2003 में निवानो शांति पुरस्कार की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर स्थापित किया गया था।
दुनिया के विभिन्न हिस्सों से नौ धार्मिक नेताओं में से, जिनमें से सभी शांति और अंतर-धार्मिक सहयोग के लिए आंदोलनों में शामिल हैं।
अबतक निवानो पीस पुरस्कार पाने वाले हैं-
1. आर्चबिशप हेल्डर पी. कैमरा (1983)
2. डॉ. होमर ए. जैक (1984)
3. श्री झाओ पुचु (1985)
4. डॉ. फिलिप ए. पॉटर (1986)
5. विश्व मुस्लिम कांग्रेस (1987)
6. रेव एताई यामादा (1989)
7. मिस्टर नॉर्मन कजिन्स (1990)
8. डॉ हिल्डेगार्ड गॉस-मेयर (1991)
9. डॉ. ए.टी. अरियारत्ने (1992)
10. नेवे शालोम/वहात अल-सलाम (1993)
11. पाउलो एवरिस्टो कार्डिनल आर्न्स (1994)
12. डॉ. एम. अराम (1995)
13. सुश्री मारी के हसेगावा (1996)
14. कोरीमीला समुदाय (1997)
15. वेनमहा घोसानंद (1998)
16. द कम्युनिटी ऑफ़ सेंटश्एगिडियो (1999)
17. डॉ. कांग वोन योंग (2000)
18. रेव.अबुना एलियास चकोर (2001)
19. रेव.सैमुअल रुइज़ गार्सिया (2002)
20. डॉ. प्रिस्किला एलवर्थी (2003)
21. अकोली धार्मिक नेताओं की शांति पहल (2004)
22. डॉ. हंस कुंग (2005)
23. मानव अधिकारों के लिए रब्बी (2006)
24. धर्म गुरु चेंग येन (2007)
25. हिज रॉयल हाईनेस प्रिंस अल हसन बिन तलाल (2008)
26. रेव कैनन गिदोन बगुमा ब्यामुगिशा (2009)
27. सुश्री इला रमेश भट्ट (2010)
28. श्री सुलक शिवराक्ष (2011)
29. सुश्री रोज़ालिना तुयुक वेलास्केज़ (2012)
30. आर.टी. रेव. डॉ. गुन्नार स्टालसेट (2013)
31. सुश्री देना मरियम (2014)
32. पादरी एस्तेर अबिमिकु इबांगा (2015)
33. शांति निर्माण और सुलह केंद्र (2016)
34. बिशप डॉ मुनीब ए युनान (2017)
35. अदयान फाउंडेशन (2018)
36. डॉ. जॉन पॉल लेडेराच (2019)
37. आदरणीय पोमन्युन (2020)
38. आदरणीय शिह चाओ-ह्वेई (2021)
39. फादर माइकल लैपस्ली, एसएसएम (2022) और
40. में श्री राजगोपाल पी.व्ही. हैं,जिनको 11 मई 2023 को जापान के टोक्यो शहर में एक समारोह में दिया जायेगा।
इस बीच निवानो शांति पुरस्कार समिति की ओर से कहा गया कि 40वीं निवानो शांति की घोषणा करते हुए सम्मानित महसूस हो रहा है। सेवा में उनके असाधारण कार्य के लिए भारत के श्री राजगोपाल पी. वी. को न्याय और शांति का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। अपने देश के सबसे गरीब और सबसे हाशिए पर पड़े लोगों के पक्ष में उनके कार्यों को अंजाम दिया गया। शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीकों के माध्यम से, और समान मानवीय गरिमा की मान्यता के लिए उनका संघर्ष और जाति या लिंग की परवाह किए बिना, हर पुरुष और महिला के समान अधिकार, महान प्रशंसा को प्रेरित करते हैं। उनका विशेष उच्चतम सम्मान हासिल करने वाली उपलब्धियों में समर्पण पर बातचीत करना और इसे सुविधाजनक बनाना शामिल है। गिरोहों का पुनर्वास, गरीबों की सेवा में युवाओं की शिक्षा, और अच्छी तरह से जानते हैं कि गरीबों की प्राथमिक जरूरतें जल, जमीन और जंगल हैं, पर्यावरण की देखभाल के लिए उनकी प्रतिबद्धता। श्री।
न्याय के लिए राजगोपाल के कार्य को संस्थानों के साथ संवाद के माध्यम से भी आगे बढ़ाया जाता है।भूमि हड़पने की घटना का प्रतिकार करना और उचित भूमि सुधार के माध्यम से प्राप्त करनाभूमि का पुनर्वितरण और भूमि के स्वामित्व का असाइनमेंट। आध्यात्मिकता के साधन और अर्थ श्री राजगोपाल की सभी गतिविधियों में गहराई से निहित हैं। होने के नाते सोच और कार्य में गांधीवादी, वे दृढ़ता से सामाजिक क्रिया की यात्रा में विश्वास करते हैं जो एक ष्आंतरिकष् से शुरू होती है।परिवर्तन ”और बाहरी दुनिया तक फैलता है। यह आध्यात्मिकता श्री राजगोपाल के बहुत से मेल खाती है।
उल्लेखनीय संगठनात्मक कौशल, जैसा कि छोटे समूहों में की गई कार्रवाई से संक्रमण से पता चलता है और एकता परिषद जैसे बड़े आंदोलनों के निर्माण के लिए स्वयं सहायता संगठन, जिसमें एक सक्रिय है। 250,000 भूमिहीन गरीबों की सदस्यता और राष्ट्रीय और में हजारों प्रतिभागियों को संगठित करने में सक्षम है।हमारे समय की महत्वपूर्ण समस्याओं पर ध्यान देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मार्च।
श्री राजगोपाल की जीवनी और बायोडाटा इतना समृद्ध है कि इसकी केवल रूपरेखा ही देखी जा सकती है। एक गांधीवादी परिवार के बच्चे, उनका जन्म 6 जून 1948 को केरल राज्य, दक्षिण भारत में हुआ था। वह केवल अपना पहला उपयोग करता हैसार्वजनिक रूप से नाम जाति की घटना से जुड़े होने से बचने के लिए, जो उनकी दृष्टि का एक स्पष्ट संकेत है मानव समानता। उन्होंने सबसे पहले केरल के एक प्रतिष्ठित संगठन से पारंपरिक कला और संगीत में डिप्लोमा प्राप्त किया।और बाद में शिक्षा की नई तालीम प्रणाली, गांधीवादी पद्धति में कृषि इंजीनियरिंग में डिप्लोमा ‘जीवन के लिए शिक्षा।‘ जैसा कि श्री राजगोपाल ने स्वयं कहा था, “क्या खोजने की कोशिश के संदर्भ में यह एक लंबी यात्रा थी। मैं वास्तव में करना चाहता था।वह क्या करना चाहते थे यह 1970 के दशक की शुरुआत में स्पष्ट हो गया जब वे चंबल चले गए ।
मध्य प्रदेश के जिले। वहां उन्होंने स्थानिक हिंसा, अन्याय और गलत का परिणाम पाया जनसंख्या से पीड़ित थे जिसके परिणामस्वरूप गिरोहों (डकैतों) का विकास हुआ था। साथ में श्री राजगोपाल अन्य वरिष्ठ गांधीवादी नेता, एक शांतिदूत बन गए, आत्मसमर्पण और यहां तक कि पुनर्वास भी प्राप्त किया। इस साहसी पहल ने एक और महान महत्व का मार्ग प्रशस्त किया जो इस दौरान विकसित हुआ।
1980 के दशक सामाजिक परिवर्तन के लिए अहिंसक कार्रवाई की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय और राष्ट्रीय युवा प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संगठन।
इस 20 साल की अवधि में न्याय और शांति के लिए श्री राजगोपाल की प्रतिबद्धता की परिणति हुई।
हजारों लोगों की भागीदारी के साथ सफल भूमि अधिकार मार्च। कुल मिलाकर आंदोलन के साथ अन्य समूहों के सहयोग से, लगभग 500,000 परिवारों के लिए भूमि अधिकार सुरक्षित किए, ‘वन अधिकार अधिनियम‘पर बातचीत की।2006-2007 में, 2007 और 2012 में अत्यधिक भाग लेने वाले मार्च आयोजित किए, और एक नई भूमि सुधार नीति पर सहमति हुई ।
केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राज्य सरकारों द्वारा। आखिरी और दिल्ली से जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय तक दस देशों के माध्यम से अधिक दूरदर्शी मार्च (स्विट्जरलैंड), पूरे एक साल (अक्टूबर 2019 से अक्टूबर 2020) चलने की योजना है, पूरा नहीं किया जा सका क्योंकि कोविद-19 महामारी का। एकता परिषद के कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों, जिनकी संख्या 2,000 से अधिक थी, ने प्रतिक्रिया व्यक्त की । कई भारतीय ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू देखभाल और स्वास्थ्य हस्तक्षेप प्रदान करके कोविद -19 की चुनौती महामारी से लड़ो।गांधीवादी आध्यात्मिकता और दर्शन में श्री राजगोपाल की जड़ों ने उनके भीतर सेवा करना स्वाभाविक बना दिया। संस्थान जो महात्मा के सिद्धांतों को लागू करके उनकी स्मृति को बनाए रखते हैं। 1972 में वे इसके सचिव थे।
महात्मा गांधी सेवा आश्रम, 2005 में उन्हें गांधी पीस फाउंडेशन का उपाध्यक्ष चुना गया, और आज भी वे अहिंसा के लिए अंतर्राष्ट्रीय गांधीवादी पहल के प्रबंध न्यासी बने हुए हैं। शांति (आईजीआईएनपी)। श्री राजगोपाल की अहिंसक सामाजिक क्रिया ने भी उन्हें संवाद का आदमी बना दिया है।
निवानों पीस फाउंडेशन के द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीकों के माध्यम से श्री राजगोपाल पी.व्ही. ने देश के सबसे गरीब और हाशिए पर पड़े लोगों के लिए बिना किसी जाति व लैगिंक भेदभाव के समान मानवीय गरिमा और प्रत्येक महिला व पुरूष के समान अधिकारों की मान्यता के लिए कार्य किया है। यह पुरस्कार जल, जंगल और जमीन पर गरीबों के प्राथमिक अधिकार, पर्यावरणीय सुरक्षा, आत्मसमर्पित बागियों के पुनर्वास, युवाओं में शांति व अहिंसा की शिक्षा के लिए दिया गया है। श्री राजगोपाल पी.व्ही को यह पुरस्कार 11 मई 2023 को जापान के टोक्यो शहर में एक समारोह में दिया जायेगा। इसमें एक पुरस्कार प्रमाणपत्र के अलावा श्री राजगोपाल पी.व्ही को एक पदक और बीस मिलियन येन प्राप्त होंगे। भारतीय रूपए में 1,23,28,024.67 मूल्य है।
निवानों शांति पुरस्कार श्री राजगोपाल पी.व्ही को दिये जाने की घोषणा होने पर एकता परिषद के अध्यक्ष श्री रनसिंह परमार, राष्ट्रीय संयोजक रमेश शर्मा, अनीस कुमार, श्रद्वा कश्यप , उपाध्यक्ष प्रदीप प्रियदर्शी , वरिष्ठ कार्यकर्ता संतोष सिंह, निर्भय सिंह, प्रांतीय संयोजक डोंगर शर्मा, सर्वाेदय के मनीष राजपूत, एकता महिला मंच की कस्तूरी पटेल, निर्मला कुजूर उत्तरप्रदेश के राकेश दीक्षित, द्विजेन्द्र विश्वात्मा छत्तीसगढ के प्रशांत भाई, अरूण कुमार, उड़ीसा के भरत भूषण मणिपुर के रिशि, तमिलनाडू के बीजू, विनोद टीके, केरल के पवित्रन इत्यादि ने श्री राजगोपाल जी को शुभकामनाएं दी।
एकता परिषद के वरिष्ठ सदस्य वियज गोरैया ने सम्माननीय राजा जी को जापान की प्रतिष्ठित संस्था निवानो पीस फाउंडेशन के द्वारा निवानो शांति पुरस्कार से नवाजे जाने पर मेरी हार्दिक बधाई स्वीकार करेंगे !! कुढ़नी सहित एकता परिषद्, मुजफ्फरपुर के साथियों की ओर से सादर जय जगत !
आलोक कुमार
बुधवार, 15 फ़रवरी 2023
कार्यशाला का उद्घाटन जिला पदाधिकारी गया डॉक्टर त्यागराजन एसएम द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया
आलोक कुमार
निक्की यादव के पिता सुनील यादव ने कानून से हत्यारे के लिए मौत की सजा की मांग की
हमें घटना के बारे में कल सुबह पता चला. मेरी बेटी से साथ अन्याय हुआ है. मैं चाहता हूं कि उसे मौत की सजा मिले. सुनील यादव, निक्की यादव के पिता, झज्जर, हरियाणा.....
आलोक कुमार
नई दिल्ली. सभी लोग जानते हैं कि दिल्ली में श्रद्धा वॉल्कर की हत्या किस तरह से बेरहमी के साथ कर दी गयी थी.श्रद्धा वॉल्कर मर्डर केस के बाद अब निक्की मर्डर केस सुर्खियों में है. यह धोखे की ऐसी कहानी है, जिसे सुनकर दिल दहल जाएगा. साहिल गहलोत नाम के एक शख्स ने अपनी लिव-इन पार्टनर निक्की यादव की हत्या की और उसकी लाश एक ढाबे के फ्रिज में छिपा दी. यह ढाबा, नजफगढ़ के मित्राऊं गांव में था. प्यार, हवस और धोखे की ये कहानी, सुनकर खुद पुलिस भी हैरान है.
दिल्ली में अब एक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. जहां 5 साल तक रिलेशन में रहने के बाद साहिल गहलोत नामक युवक ने अपनी गर्लफ्रेंड निक्की यादव का कार में ही मोबाइल के चार्जर से गला घोंट दिया और उसके शव को अपने ढाबे के फ्रिज में छिपा दिया.
साहिल गहलोत की उम्र अभी महज 24 साल है लेकिन उसके तेवर बेहद खतरनाक निकले. वह अपने लिव-इन पार्टनर के साथ यह उम्मीद दिलाकर रह रहा था कि दोनों शादी कर लेंगे. ऐसा हुआ नहीं. साहिल ने निक्की की हत्या कर दी और लाश को अपने परिवार के ढाबे में फ्रिज के अंदर रख दिया. उसी दिन उसने एक दूसरी लड़की से शादी रचा ली. प्यार और धोखे की इस कहानी पर दुनिया सन्न है.
पुलिस के मुताबिक उसके परिवार ने एक लड़की से उसकी शादी 9 या 10 फरवरी को तय की थी. साहिल ने निक्की यादव को इस शादी के बारे में कुछ भी नहीं बताया था. जब निक्की को अपने पार्टनर की शादी के बारे में पता चला तो वह हैरान रह गई. उसने साहिल गहलोत के साथ झगड़ा किया. जब मामला बढ़ा तो साहिल ने उसे मौत के घाट उतार दिया.
साहिल और निक्की के प्यार की कहानी साल 2018 में दिल्ली के उत्तम नगर से शुरू हुई. साहिल यहां एसएससी एग्जाम की तैयारी करने पहुंचा था. वहीं, हरियाणा के झज्जर की रहने वाली निक्की यादव डॉक्टर बनना चाहती थी और मेडिकल की तैयारी करने उत्तम नगर पहुंची थी. एक ही रोजाना एक ही जगह कोचिंग जाने की वजह से दोनों में फ्रेंडशिप हो गई और मुलाकातें प्यार में बदल गई. कुछ दिन बाद साहिल को ग्रेटर नोएडा के एक कॉलेज में दाखिला मिल गया. निक्की ने भी उसकी कॉलेज में एडमिशन ले लिया. जिसके बाद दोनों की मोहब्बत परवान चढ़ती गई और दोनों कई बार पहाड़ों की ट्रिप पर गए. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया है कि साहिल गहलोत फॉर्मेसी में ग्रेजुएशन कर रहा है. उसका एक फैमिली ढाबा मित्राऊं गांव में है. वह निक्की यादव के साथ 2018 से ही रिलेशनशिप में था. दोनों द्वारका में साथ में ही रह रहे थे. निक्की यादव की बहन भी कभी-कभी उसके साथ रहने आती थी.
जब निक्की यादव लापता हुई तो एक स्थानीय शख्स ने पुलिस से कहा कि निक्की को उसने कई दिनों से नहीं देखा है. न ही उसका फोन लग रहा है. उसे शक था कि निक्की के साथ कुछ हुआ है क्योंकि साहिल ने किसी और से शादी कर ली है.
निक्की का परिवार हरियाणा के झज्जर में रहता है. उन्हें नहीं पता था कि वह साहिल के साथ रिलेशनशिप में थी. डीसीपी सतीश कुमार की अगुवाई में एक टीम बनी और मितराऊं गांव में साहिल गहलोत के घर पुलिस ने दस्तक दी. पूछताछ हुई तो पता चला कि वहां कोई नहीं है. सबका फोन स्विच ऑफ था. परिवार से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था. कई जगह रेड डाली गई और आखिर कैर गांव से उनकी गिरफ्तारी हुई.
दिल्ली पुलिस ने जब आरोपी साहिल गहलोत से कड़ाई से पूछताछ की तो पता चला कि उसने ही हत्या कर दी है. खुद साहिल ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने बताया कि 9 से 10 फरवरी के बीच उसने निक्की यादव की हत्या कर दी. साहिल का परिवार उस पर शादी का दबाव बना रहा था. उसने निक्की यादव को इस शादी के बारे में कुछ भी नहीं बताया था. वह उसके साथ रह रहा था. जब निक्की को उसकी शादी के बारे में किसी और से खबर लगी तब जाकर सारे राज खुले.
जिसके साथ निक्की शादी करने के सपने देख रही थी, वही कातिल बन गया. जब उसे खबर लगी कि साहिल किसी और लड़की से शादी कर रहा है, तभी उसने मिलने का प्रेशर बनाया. दोनों के बीच झगड़ा हुआ और रूम से बाहर कपल निकल गया.
दोनों करीब 11 बजे फ्लैट से निकले और कश्मीरी गेट पहुंच गए. उनके बीच एक घंटे तक लड़ाई हुई. बहस इस हद तक बढ़ गई कि उसने डेटा केबल से गला घोंटकर निक्की को मार डाला. हत्या के बाद साहिल घबरा गया. उसे समझ में नहीं आ रहा था कि वह कहां जाए. सुबह करीब 5 बजे वह अपने ढाबे पर पहुंचा और लाश को फ्रिज के अंदर छिपा दिया. वह घर चला गया और शादी के फंक्शन की तैयारी करने लगा.
पुलिस से उसने कहा कि वह शादी की तैयारी कर रहा था. ढाबा बंद था और फ्रिज काम नहीं कर रहा था. उसने पुलिस को शव तक पहुंचा भी दिया. लाश पुलिस के कब्जे में है. पोस्टमार्टम के लिए उसे भेज दिया गया है. पुलिस ने एक हुंडई कार जब्त की है, जिसमें रखकर वह लाश लाया था.
बहन को भनक भी नहीं लगी कि निक्की यादव की हत्या हो चुकी थी. वह सोच रही थी दोनों गोवा गए हैं. पुलिस ने यह भी कहा है कि दोनों ने खुदकुशी का प्लान भी बनाया था. गोवा जाकर दोनों खुदकुशी करने वाले थे. साहिल आखिरी वक्त पर गोवा जाने से इनकार कर दिया. 9 फरवरी को गोवा का टिकट बुक था. 9 फरवरी को साहिल की इंगेजमेंट हुई और यह निक्की यादव की जिंदगी का आखिरी दिन साबित हुआ. फ्लैट पर मुलाकात के बाद उसकी कार में हत्या कर दी गई. पुलिस केस की छानबीन में जुटी है.
निक्की यादव के पिता सुनील यादव ने कानून से हत्यारे के लिए मौत की सजा की मांग की है. उन्होंने कहा कि हमें घटना के बारे में कल सुबह पता चला। मेरी बेटी से साथ अन्याय हुआ है। मैं चाहता हूं कि उसे मौत की सजा मिले. वहीं, पुलिस आरोपी को आज कोर्ट में पेश करेगी. माना जा रहा है पुलिस कोर्ट से आरोपी साहिल की रिमांड बढ़ाने की मांग कर सकती है. पुलिस इस मामले की पूरी तह में जाना चाहती है. जिसके लिए आरोपी से अभी और पूछताछ किया जाना जरूरी है.
मंगलवार, 14 फ़रवरी 2023
वेरीफाई करके ट्यूटर के द्वारा राजन क्लेमेंट साह को ब्लू टिक मिला
*वेरीफाई करके ट्यूटर के द्वारा राजन क्लेमेंट साह को ब्लू टिक मिला
* नाउ राजन क्लेमेंट साह इज वेरीफाई
पटना.पटना नगर निगम के वार्ड नम्बर-22 बी के मगध कॉलोनी में रहते हैं बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष राजन क्लेमेंट साह.सोशल मीडिया ट्यटर से वर्ष 2017 से जुड़े हैं. गत 6 साल से बीजेपी और अल्पसंख्यक मोर्चा से संबंधित खबर को ट्वीट करते रहे हैं.इसके अलावे सामाजिक सरोकार को भी उठाते हैं.
बताया गया कि बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष राजन क्लेमेंट साह ने सोशल मीडिया ट्यूटर में 6 साल से काफी मेहनत कर रहे हैं.जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है. उनका अकाउंट को ट्विटर ने वेरीफाई करके ब्लू टिक कर दिया है.यह दिन राजन क्लेमेंट साह के लिए ऐतिहासिक रहा.वहीं राजन क्लेमेंट साह ट्विटर पर पोस्ट करके ब्लू टिक प्राप्त करने वाले प्रथम बिहारी क्रिश्चियन हो गए हैं.वे 2017 में ट्यूटर में प्रवेश किए.सामाजिक सरोकार को उठाते रहे हैं.1857 Following & 1122 followers हैं.
आलोक कुमार
गुरुवार, 9 फ़रवरी 2023
2014 में गौतम अडाणी दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 609वें नंबर पर थे
आलोक कुमार
नई दिल्ली. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा मंगलवार को हुई.कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने 45 मिनट तक भाषण दिए.राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान एक बात बार-बार कहते थे कि वो पुराना राहुल अब मर चुका है. हालांकि, उनकी इस बात भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लोग मजाक बनाते थे.
लोकसभा में मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गौतम अडाणी और हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछे. राहुल ने 45 मिनट की स्पीच की शुरुआत भारत जोड़ो यात्रा के दौरान पूछे गए लोगों के सवालों से की.फिर इन्हीं सवालों का हवाला देते हुए गौतम अडाणी के मुद्दे पर आ गए.
राहुल ने कहा, "2014 में गौतम अडाणी दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 609वें नंबर पर थे. कुछ ही साल में न जाने क्या जादू हो गया, अडाणी इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर आ गए." इस पर कांग्रेस सांसदों ने नारा लगाया ‘मोदी है तो मुमकिन है.’
इस स्पीच के दौरान NDA मेंबर्स ने ऐतराज भी जाहिर किया कि आप प्रधानमंत्री पर बिना आधार के आरोप लगा रहे हैं. आपको इसका सबूत देना चाहिए और अगर नहीं है तो देश से माफी मांगनी चाहिए.हालांकि राहुल की स्पीच इन छोटे-मोटे हंगामों के बीच भी चलती रही और ये अडाणी पर बयानों, सवालों और दावों पर ही फोकस थी.
लेकिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने जिस तरह से सत्ता पक्ष के खिलाफ आरोपों की झड़ी लगाई और उनके आरोपों से बीजेपी के सदस्य जिस तरह से तिलमिला रहे थे, वो उनके बदले रूप की तस्दीक तो कर ही रही थी.दिलचस्प ये था कि उनके आरोपों की जद में केवल दो ही शख्स थे.एक पीएम नरेंद्र मोदी और दूसरे गौतम अडानी. राहुल के हमलों से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सहमी-सहमी और बैकफुट पर दिखी. उनकी रणनीति छितराई नजर आई.
जब आप सत्ता पक्ष के सदस्यों की बॉडी लैंग्वेज देखेंगे तो समझ जाएंगे कि राहुल के आरोपों ने उन्हें हिलाकर रख दिया. अपने भाषण के दौरान राहुल ने जो साबित करना चाहते थे उसमें वो बहुत हद तक सफल भी रहे.राहुल ने सदन में तथ्यों के बातें रखी और उसे कोरिलेट कर सीधे-सीधे पीएम मोदी को घेर लिया. खास बात ये भी रही कि अपने भाषण के दौरान राहुल लोगों से कनेक्ट भी कर पा रहे थे.ऐसा पहली बार था कि कांग्रेस के आक्रामक हमले से सत्ता पक्ष का विश्वास डिगा दिख रहा था.
बजट सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्लास्टिक की बोतलों को ‘रिसाइकिल’ करके बनायी गयी सामग्री से निर्मित सदरी (जैकेट) पहनकर बुधवार को संसद पहुंचे.वह जब सुबह सदन में हल्के नीले रंग की सदरी पहने नजर आए. अधिकारियों ने बताया कि मोदी की सदरी प्लास्टिक की बोतलों का पुनर्चक्रण (रिसाइकिल) करके बनी सामग्री से तैयार की गई है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) ने सोमवार को बेंगलुरु में भारत ऊर्जा सप्ताह के दौरान प्रधानमंत्री को यह जैकेट भेंट की थी.उन्होंने इस कार्यक्रम में इंडियन ऑयल की 'अनबॉटल्ड' पहल के तहत विभिन्न पोशाक ‘लॉन्च’ की.बीजेपी ने अपने ट्विटर हैंडल से जानकारी देते हुए बताया कि नरेंद्र मोदी ने जो जैकेट पहना है वह 28 सिंगल यूज प्लास्टिक की बोतलों से बनाया गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब 88 मिनटों तक देते हुए विपक्ष को आड़े हाथ लिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की जनता नकारात्मकता स्वीकार नहीं कर सकती और उनके ऊपर लगाये गये ‘झूठे आरोपों’ पर कभी भरोसा नहीं करेगी.उन्होंने कहा कि उनके पास 140 करोड़ देशवासियों के आशीर्वाद का सुरक्षा कवच है जिसे कोई भेद नहीं सकता.बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अडानी ग्रुप के मुद्दे पर मोदी सराकर पर कई गंभीर आरोप लगाए थे.
प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर बरसते हुए कहा कि देशवासियों का जो मोदी पर भरोसा है वो इनकी समझ से बाहर है, इनकी समझ से ऊपर की बात है.
अडानी ग्रुप से जुड़े मुद्दे पर कांग्रेस सहित विपक्ष के आरोपों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन पर लोगों का भरोसा अखबार की सुर्खियों और टेलीविजन पर चमकते चेहरों से नहीं हुआ है.उन्होंने कहा, ‘हमने देश के लिए पूरा जीवन खपा दिया है, पल-पल खपा दिया है.देश के लोग झूठे आरोपों पर भरोसा नहीं करने वाले हैं.देशवासियों का जो मोदी पर भरोसा है वो इनकी समझ से बाहर है, इनकी समझ से ऊपर की बात है.’ पीएम के इतना कहते ही सदन में ‘मोदी-मोदी’ का नारा गूंज उठा.
प्रधानमंत्री ने राहुल का नाम लिए बिना कहा कि जो अहंकार में डूबे रहते हैं, उनको लगता है कि मोदी को गाली देकर ही हमारा रास्ता निकलेगा और गलत आरोप लगा कर ही आगे बढ़ पाएंगे.कांग्रेस का नाम लिये बिना उसके घटते जनाधार पर तंज कसते हुए पीएम ने प्रसिद्ध कवि दुष्यंत की पंक्तियां पढ़ीं, ‘तुम्हारे पांव के नीचे कोई जमीन नहीं, कमाल यह है कि फिर भी तुम्हें यकीन नहीं.’ मोदी ने कहा कि इनकी गालियां और इनके आरोपों को उन कोटि-कोटि भारतीयों से होकर गुजरना पड़ेगा, जिनको दशकों तक मुसीबत में जिंदगी जीने के लिए इन्होंने मजबूर किया.
बता दें कि वर्ष 2019 में शिवसेना सांसद संजय राउत के नए ट्वीट ने पार्टी के रुख़ को फिर से स्पष्ट कर दिया है. दरअसल संजय राउत ने बीजेपी पर हमला करते हुए महाकवि दुष्यंत कुमार की एक कविता पोस्ट की है- तुम्हारे पांव के नीचे कोई ज़मीन नहीं, कमाल ये है कि फिर भी तुम्हें यक़ीन नहीं..चार साल के बाद पीएम मोदी ने भी विपक्ष पर निशाना साधने के लिए महाकवि दुष्यंत कुमार की एक कविता का सहारा लिया.
खैर, आगे पीएम मोदी ने कहा कि जो कभी यहां बैठते थे, वह वहां जाने के बाद भी फेल हुए और देश पास होता गया. मैं भी यात्रा लेकर कश्मीर तक गया था. लाल चौक पर तिरंगा लहराने का संकल्प लिया था.तब आतंकियों ने पोस्टर लगाए थे कि देखते हैं कि किसमें हिम्मत है और किसने अपनी मां का दूध पिया है, जो यहां आकर तिरंगा लहराता है.तब मैंने कहा था- आतंकी कान खोलकर सुन लें. 26 जनवरी को ठीक 11 बजे मैं लाल चौक पहुंचूंगा, बिना सुरक्षा, बिना बुलेट प्रूफ जैकेट आऊंगा और फैसला लाल चौक पर होगा कि किसने अपनी मां का दूध पिया है? जब श्रीनगर के लाल चौक में तिरंगा फहराया, तब मीडिया के लोग सवाल करने लगे कि पहले यहां ऐसे नहीं होता था.आज वहां ऐसी शांति है कि वहां चैन से जा सकते हैं. अखबारों में खबर आई थी, जिस पर ध्यान नहीं गया होगा. लोग टीवी में चमकने की कोशिश में लगे थे. उसी समय श्रीनगर के अंदर दशकों बाद थिएटर हाउसफुल हो गए और अलगाववादी दूर-दूर तक नहीं दिख रहे थे.
पीएम मोदी ने कहा कि देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए खपा दिया है। देशवासियों का जो मोदी पर भरोसा है, वह इनकी समझ के दायरे से बाहर ही नहीं, समझ के दायरे से काफी ऊपर है। क्या ये झूठे आरोप लगाने वालों पर मुफ्त राशन प्राप्त करने वाले देश के 80 करोड़ लोग भरोसा करेंगे? एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड के जरिए जब गरीब को राशन मिल जाता है तो वह आपकी झूठी बातों और गलिच्छ आरोपों पर कैसे भरोसा करेगा? जब 11 करोड़ किसानों के खाते में साल में तीन बार सम्मान निधि का पैसा जमा होता हो, वह आप पर भरोसा कैसे करेगा.मुसीबत के समय मोदी उनके काम आया है, आपके आरोपों पर वह कैसे भरोसा करेगा. आपके इन आरोपों को कोटी-कोटी भारतीयों से होकर गुजरना पड़ेगा.कुछ लोग अपने लिए और अपने परिवार के लिए जी रहे हैं. मोदी तो करोड़ों देशवासियों के परिवार का सदस्य है.140 करोड़ देशवासियों का आशीर्वाद मेरा सबसे बड़ा कवच है. झूठ और गालियों के शस्त्रों से तुम इस कवच को भेद नहीं सकते.
इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मंगलवार को लोकसभा में दिए गए भाषण को डिलीट कर दिया गया है. काग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट कर इसका दावा किया है. रमेश ने ट्वीट कर कहा कि राहुल गांधी ने अडानी के महामेगा स्कैम में पीएम मोदी के लिंक का जिक्र किया था. आज लोकसभा में लोकतंत्र की हत्या कर दी गई.ओम शांति! गौरतलब है कि बीजेपी ने राहुल के अडानी पर दिए गए बयानों का काफी विरोध किया था.हालांकि बीजेपी ने इसे बिना सबूत के लगाए गए आरोप बताए थे और उनकी बातों को सदन की कार्यवाही से हटाने की निंदा की है.
संसद के बजट सत्र में दो नेताओं के ड्रेस की चर्चा खूब हो रही है. एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिसाइकिल प्लास्टिक से बनी जैकेट पहनी थी, तो कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 56 हजार का मफलर लपेटे संसद में पहुंचे थे. खास बात ये है कि लोगों का ध्यान खड़गे की ड्रेस पर गया ही तब, जब वो गरीबों की कम आय को लेकर सरकार पर हमला बोल रहे थे. बस फिर क्या था, देखते ही देखते ट्विटर पर उन्हें ट्रोल किया जाने लगा. खासकर बीजेपी नेताओं ने उन्हें निशाना बनाया.
मोदी वर्सेज खड़गे हो गया मामला
बीजेपी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने अपने ट्विटर हैंडल पर दो तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें एक तस्वीर में पीएम मोदी प्लास्टिक की बोतलों को रिसाइकल कर बनाए गए खास जैकेट को पहने नजर आ रहे हैं तो दूसरी तस्वीर में खड़गे मफलर लगाए नजर आ रहे हैं, जिसमें मफलर की कीमत 56,332 रुपये बताई गई है.
विमेंस आईपीएल का आक्शन 13 फरवरी को
पटना.राजधानी पटना के एक निजी स्कूल की दसवीं क्लास की छात्रा है.उसको क्रिकेट के गुर उसके पिता ने ही सिखाया है.बिहार क्रिकेट संघ ने बीसीसीआई को बिहार की 15 महिला क्रिकेटरों के नाम भी भेजे गए थे. जिनमें से सिर्फ यशिता सिंह के नाम पर मुहर लगी है.
विमेंस आईपीएल का आक्शन 13 फरवरी को होने जा रहा है.इसके लिए दुनिया भर से 350 महिला क्रिकेटरों का चयन किया गया है.इसमें राजधानी पटना के आशियाना नगर की रहने वाली 16 वर्षीय यशिता सिंह भी शामिल है.वह अपने प्रदर्शन की बदौलत सेलेक्टरों का ध्यान आकर्षित कर यह मुकाम हासिल किया है.
बिहार की बेटियां हर क्षेत्र में अपना नाम बना रही हैं. पूरी दुनिया भर में अपने हुनर का डंका बजा रही हैं. राजधानी पटना के आशियाना नगर की रहने वाली 16 वर्षीय यशिता ने क्रिकेट की दुनिया में कुछ ऐसी ही उपलब्धि हासिल की है. उनका चयन पहली बार होने जा रहे वीमेंस आईपीएल के ऑक्शन के लिये हुआ है. दुनिया भर से चुनी गई 350 महिला क्रिकेटरों में से यशिता सिंह ने भी अपने प्रदर्शन की बदौलत सेलेक्टरों का ध्यान आकर्षित कर यह मुकाम हासिल किया है.
महिला आईपीएल की नीलामी 13 फरवरी को होने वाली है. इस नीलामी में बिहार की 15 महिला क्रिकेटरों के नाम भी भेजे गए थे. जिनमें से सिर्फ यशिता के नाम पर मुहर लगी है.बिहार क्रिकेट संघ ने बीसीसीआई को मिले पत्र के आधार पर यह जानकारी दी. बीसीसीआई की महिला अंडर-19 टी20 चैलेंजर ट्रॉफी में खेलने वाली यशिता की कहानी साल 2016 में रिलीज हुई आमिर खान की फिल्म दंगल से मिलती-जुलती है. यशिता पटना के एक निजी स्कूल की 10वीं कक्षा की छात्रा हैं. यशिता की बचपन से ही क्रिकेट में रुचि थी.
यशिता के पटना से बीसीसीआई तक के सफर की कहानी जानकर आप दंग रह जाएंगे. यशिता को क्रिकेट सिखाने वाला कोई प्रोफेशनल कोच नहीं बल्कि उनके पिता शैलेंद्र सिंह हैं. शैलेंद्र सिंह ने अपनी बेटी को स्कूल भेजने के साथ-साथ क्रिकेट का अभ्यास कराने पर जोर दिया.यही वजह है कि यशिता ने 50 से ज्यादा बोर्ड मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया.यशिता ने इस साल जुलाई में हुई सीरीज में छह मैच खेले, जिसमें कुल 222 रन बनाए.मैच में नागालैंड के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने 138 रन बनाए.इसके बाद यशिता टॉप फाइव में आईं और बीसीसीआई में सेलेक्ट हो गईं.
बताते है कि यशिता सिंह बचपन से ही क्रिकेट में दिलचस्पी रखती थीं.खुद यशिता ने खुलासा करते हुए कहा कि मैं और मेरे भाई अपार्टमेंट में लोगों के साथ क्रिकेट खेलते थे, लेकिन मैं टेनिस ज्यादा खेलता था.पापा हमेशा मेरे खेल पर ध्यान देते थे और वह मुझे क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित करते थे. उन्होंने 2019 में पटना के मोइनुल हक स्टेडियम में होने वाले टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए कहा. मैंने भाग लिया और मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा.यशिता ने आगे कहा कि इसके बाद खेलों में मेरी दिलचस्पी और बढ़ गई.मैंने क्रिकेट पर विशेष ध्यान देना शुरू किया.दो साल की मेहनत से चैलेंजर ट्रॉफी में अपनी जगह बनाई.
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय पिता शैलेंद्र सिंह को दिया. यशिता के पिता शैलेंद्र सिंह पटना यूनिवर्सिटी के छात्र रहे हैं. वह विश्वविद्यालय में क्रिकेट चैंपियन थे.हालांकि उन्हें कभी बोर्ड में खेलने का मौका नहीं मिला. उनका सपना था कि उनके बच्चे वह करें जो मैं नहीं कर सका.वे अपनी बेटी को क्रिकेट में बीसीसीआई में ले गए. उसने जीवन यापन के लिए टाइल्स, मार्बल का कारोबार शुरू किया, लेकिन कोरोना में कारोबार पूरी तरह ठप हो गया. इसके बाद शैलेंद्र सिंह अपने दोस्त की एक एकेडमी में बतौर क्रिकेट कोच काम करने लगे.बच्चों को क्रिकेट पढ़ाना शुरू किया.अभी वह करीब 30 बच्चों को क्रिकेट की ट्रेनिंग देते हैं.
बता दें कि यह साल क्रिकेट के लिए काफी खास रहने वाला है. 2023 में क्रिकेट के कई बड़े टूर्नामेंट्स होने हैं. इसमें वनडे वर्ल्ड कप 2023 (World Cup 2023) से लेकर पहली बार आयोजित होने वाला महिला आईपीएल (Women's IPL) भी शामिल हैं. बीसीसीआई (BCCI) की तरफ से इस साल पहली बारी महिला आईपीएल का आयोजन होगा.
महिला आईपीएल की टीमों का एलान हो गया है.पांच टीमों को खरीदने में 4669.99 करोड़ रुपये की बोली लगी है. अहमदाबाद फ्रेंचाइजी सबसे महंगी बिकी है.अदाणी की मालिकाना हक वाली अदाणी स्पोर्ट्स लाइन प्राइवेट लिमिटेड ने अहमदाबाद फ्रेंचाइजी अपने नाम की है. उन्होंने इसे 1289 करोड़ रुपये में खरीदा है.यह महिला आईपीएल की सबसे महंगी टीम बन गई है.इसके बाद इंडियाविन स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड,मुंबई, 912.99 करोड़ में.रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, बेंगलुरु, 901 करोड़ में. जेएसडब्ल्यू जीएमआर क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली, 810 करोड़ में और कैपरी ग्लोबल होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड,लखनऊ, 757 करोड़ में खरीदा है.
महिला आईपीएल का पहला सीजन 4 से 26 मार्च के बीच खेला जा सकता है.इसके बाद पुरुष खिलाड़ियों का आईपीएल खेला जाएगा.टूर्नामेंट के पहले सीजन के लिए मीडिया राइट्स की बिक्री हो चुकी है.वायाकॉम 18 ने 951 करोड़ रुपये में पांच साल के लिए प्रसारण अधिकार खरीदे थे. अब इस टूर्नामेंट को लेकर ताजा जानकारी यह सामने आ रही है कि चार मार्च को टूर्नामेंट का आगाज हो सकता है और उसी महीने की 26 तारीख को फाइनल मुकाबला खेला जा सकता है.
आलोक कुमार
गांधी मूर्ति पर माल्यापर्ण कर तृतीय चरण के यात्रा को विराम दिया जायेगा
पटना। भारत जोड़ो यात्रा,बिहार वैशाली जिला से चलकर पटना में प्रवेश कर कल दिनांक 10 फरवरी को पूर्वाह्न 9-00 बजे धनकी मोड़ (गांधी सेतु के समीप) पटना से प्रारंभ होगी जो अगमकुंआ पुल, गुलजारबाग चौराहा, नून का चौराहा, पटना साहिब स्टेशन, पूरब दरवाजा मारूफगंज होते हुए पटना साहिब गुरूद्वारा में मत्था टेककर दोपहर का विश्राम होगा। अपराह्न से चौक खाजेकला, पश्चिम दरवाजा, बड़ी पटनदेवी में दर्शन, आलमगंज, त्रिपोलिया, पत्थर की मस्जिद होते हुए दरगाह रोड में चादरपोशी, मुसल्लहपुर हाट, भीखना पहाड़ी, हथुआ मार्केट होते हुए गांधी मैदान गेट नं0-1 में संध्या के समय गांधी मूर्ति पर माल्यापर्ण कर तृतीय चरण के यात्रा को विराम दिया जायेगा।
इस यात्रा में बिहार कांग्रेस के प्रभारी भक्त चरण दास, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह, सांसद, कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा, विधान परिषद में कांग्रेस दल के नेता डा0 मदन मोहन झा, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा, पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार सहित विधायक, विधान पार्षद, पूर्व विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता गण भारी संख्या में भाग लेंगे।
आलोक कुमार
मंगलवार, 7 फ़रवरी 2023
राजगीर में मलमास मेला के आयोजन पूर्व तैयारी को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक
राजगीर में मलमास मेला के आयोजन पूर्व तैयारी को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक। श्रद्धालुओं के लिए की जाएगी समुचित व्यवस्था । माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सरस्वती नदी की साफ-सफाई, सरस्वती कुंड/घाट के जीर्णोद्धार करने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा निर्गत। निविदा प्रक्रियाधीन कुण्ड क्षेत्र में प्रतीक्षा हॉल एवं श्रद्धालुओं के लिए शेड के निर्माण के लिए भवन निर्माण विभाग द्वारा कवायद शुरू.......
राजगीर। राजगीर में मलमास मेला का आयोजन जुलाई-अगस्त 2023 में निर्धारित किया गया है। इस मेला का शुभारंभ 18 जुलाई 2023 को होगा।मलमास मेला की पूर्व तैयारी को लेकर नालंदा जिले के जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (आरआईसीसी) के सभागार में सभी संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक किया।
मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार द्वारा दिये गए निर्देश के आलोक में सरस्वती नदी की साफ सफाई एवं सरस्वती कुंड तथा घाट के जीर्णोद्धार के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा निविदा की कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी ने मई माह तक सभी कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार कुण्ड क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए प्रतीक्षालय हॉल तथा शेड के निर्माण के लिए भी भवन निर्माण विभाग द्वारा कार्रवाई शुरू की गई है। मेला आयोजन के अवसर पर विभिन्न कार्यों के लिए निविदा के माध्यम से एजेंसी का चयन किया जाएगा। इसके लिए विस्तृत कार्य योजना के साथ पूर्व तैयारी की जा रही है। उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति को सभी कराए जाने वाले कार्यों को समाहित करते हुए शर्तों एवं विशिष्टियों का निर्धारण कर सम्पूर्ण निविदा प्रक्रिया का ब्लूप्रिंट आगामी 7 दिनों में तैयार करने को कहा गया।
श्रद्धालुओं एवं संतों के आवासन के लिए अलग-अलग व्यवस्था की जाएगी। आवासन स्थलों को अलग-अलग जोन के रूप में तैयार किया जाएगा। प्रत्येक आवासन जोन में हेल्प डेस्क, नियंत्रण कक्ष, स्वास्थ्य केंद्र, पेयजल, शौचालय आदि की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। इन सभी बातों को समाहित करते हुए निविदा का ब्लूप्रिंट तैयार करने को कहा गया। ब्लू प्रिंट तैयार होने के बाद पुनः स्थानीय पंडा समिति/ आयोजन समिति एवं गणमान्य लोगों से इस पर विचार विमर्श कर आवश्यक संशोधन करते हुए अंतिम रूप दिया जाएगा।
मेला अवधि में मेला सैरात मैदान की बंदोबस्ती का कार्य अपर समाहर्ता अपने पर्यवेक्षण में सुनिश्चित कराएंगे। इसके लिए सोनपुर मेला आदि जैसे महत्वपूर्ण मेला की तर्ज़ पर पारदर्शी, व्यवस्थित एवं सुगम प्रक्रिया का ब्लूप्रिंट 15 दिनों में तैयार करने को कहा गया।
मेला के अवसर पर विभिन्न विभागों के माध्यम से किए जाने वाले कार्यों के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन/अन्य संसाधनों की आवश्यकता होगी। इसके लिए सभी संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को अतिरिक्त आवश्यकताओं का आकलन सुनिश्चित करने को कहा गया।
पुलिस अधीक्षक को अतिरिक्त पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल, सिविल सर्जन को अतिरिक्त विशेषज्ञ चिकित्सक,सामान्य चिकित्सक एवं चिकित्सा कर्मी, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद राजगीर को अतिरिक्त सफाई मजदूर, पर्यवेक्षक, उपकरण एवं अन्य संसाधन, पीएचईडी को अतिरिक्त टैंकर एवं अन्य संसाधन, अग्निशमन पदाधिकारी को अतिरिक्त फायर ब्रिगेड वाहन आदि की आवश्यकताओं का आकलन सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य स्तर पर सभी संबंधित विभाग के पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर अतिरिक्त आवश्यकताओं की ससमय उपलब्धता के लिए प्रयास किया जाएगा।
राजगीर में पाइप लाइन बिछाने के क्रम में क्षतिग्रस्त सड़कों- गलियों की मरम्मती पीएचइडी एवं पथ निर्माण विभाग द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी राजगीर एवं कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद राजगीर को सभी सड़कों एवं गलियों का त्वरित सर्वे सुनिश्चित करते हुए अभी भी मरम्मती के लिए से शेष सड़कों-गलियों को सूचीबद्ध करने को कहा।संपूर्ण मेला अवधि के लिए राजगीर क्षेत्र के लिए ट्रैफिक प्लान एवं पार्किंग प्लान तैयार करने का निर्देश दिया गया।
मेला अवधि में विभिन्न कार्यों के सफल क्रियान्वयन एवं पर्यवेक्षण के लिए जिला स्तर पर विभिन्न कोषांगों का गठन किया जाएगा। मेला आयोजन को लेकर पूर्व तैयारी के लिए दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा के लिए निरंतर अवधि पर बैठक की जाएगी।
बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी राजगीर, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजगीर, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता राजगीर, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, नजारत उप समाहर्ता, विभिन्न तकनीकी विभागों के अभियंता, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद राजगीर, अंचलाधिकारी राजगीर सहित अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
आलोक कुमार
* काटे गए सड़कों को तेजी से रिस्टोर करें कार्यपालक अभियंता आर० सी० डी०
* पाइप लाइन बिछाने के दौरान काटे जाने वाले सड़कों को पाइप लाइन बिछाने के साथ-साथ सड़को को भी करें रिस्टोर
*काटे गए सड़कें तथा बिछाए जा रहे पाइपलाइन की प्रतिदिन बुडको एवं आर० सी० डी० के अभियंता एवं टीम संयुक्त रूप से प्रतिदिन विजिट करे
गया। जिला पदाधिकारी गया डॉक्टर त्यागराजन एसएम के अध्यक्षता में गया शहरी क्षेत्र में जलापूर्ति के लिए बिछाया जा रहे पाइपलाइन के अद्यतन स्थिति के संबंध में समीक्षा बैठक की गई।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने सख्त हिदायत दिया कि बुडको द्वारा पाइपलाइन बिछाने के लिए जितने भी सड़के काटे गए हैं, उसे 13 फरवरी तक हर हाल में आरसीडी रिस्टोर करवाना सुनिश्चित कराएं। इसके उपरांत जिला पदाधिकारी ने यह भी कहा कि पाइप लाइन बिछाने के लिए जो भी सड़क के काटे जाएंगे उसे उसी समय साथ-साथ मरम्मत करवाने का निर्देश दिए। उन्होंने आरसीटी को कहा कि कम से कम मोरम डालते हुए सड़क को मोटरेबल बनावे। जिससे आवागमन सुचारू रह सके।
उन्होंने कहा कि बुडको को निर्देश दिया कि जैसे जैसे सड़के काटी जा रही, उसकी मरम्मत हेतु साथ साथ आरसीडी विभाग को एनओसी देते रहें ताकि आरसीडी विभाग काटी गई सड़कों को साथ साथ मोटरेबल बना सके। उन्होंने कहा कि वुडको के कार्यपालक अभियंता तथा आरसीडी के कार्यपालक अभियंता के आपस में समन्वय में कमी रहने के कारण सड़को की मरामति काफी धीमी है, जिसके कारण आम लोगो को ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
जिला पदाधिकारी ने सख्त हिदायत दिया कि पटना गया की मुख्य सड़क जो रामशिला रोड/ कर्बला के पास सड़क जर्जर होकर गढ़े में तब्दील है तथा पानी लीकेज भी है। उसे और अधिक मैन पावर लगाते हुए सड़क को मरम्मत करवाये। इसके साथ ही उन्होंने आरसीडी को निर्देश दिया कि जिन जिन पैच का कार्य पूर्ण होते जा रहा है, वहां मोरम बिछाते हुए मोटरेबल बनाते चले, ताकि यात्रियों को कम से कम कठिनाइयों का सामना करना पड़े।
इसके साथ ही उन्होंने चांद चौरा कोइरी बारी से चांद चौरा वाली सड़क, ज़िला स्कूल से चांद चौरा होते हुए मंगलागौरी जाने वाली सड़क, विष्णुपद थाना से बाईपास सड़क, रामसागर तालाब से डॉक्टर जयदेव पथ, माड़नपुर अक्षय वट से नैली रोड, चांद चौरा से आई डी एच हॉस्पिटल रोड, मंगला गौरी से चांद चौरा गोदावरी रोड सड़क आज की तिथि में काफी दयनीय स्थिति में है। आम जनता को इस सड़क पर चलना काफी मुश्किल हो रहा है जिसके कारण जाम/ यातायात की भी समस्या उत्पन्न हो रही है। उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि महाशिवरात्रि 18 फरवरी को प्रस्तावित है इसे लेकर हर हाल में 13 फरवरी तक संबंधित सड़कों को मरम्मत करवाएं तथा वर्तमान में नया अब कोई भी सड़क को काटने की अनुमति नही है।
जिला पदाधिकारी ने वुडको एवं आरसीटी के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि दोनों पदाधिकारी काटे जा रहे सड़को एवं मरम्मत किये जा रहे सड़को का प्रतिदिन जॉइंट विजिट करते हुए तेजी से सड़क को रिस्टोर कराने का कार्य करें। उन्होंने कार्यपालक अभियंता बुडको को निर्देश दिया कि यदि किसी स्थान से लीकेज की सूचना मिलती है, तो पूरी तत्परता से तुरंत लीकेज को ठीक करवाएं। अभियान चलाकर सड़कों को ठीक करावे।
आलोक कुमार
लतौना मिशन रोड घर के पास ही एक ट्रैक्टर ने धक्का मार के भाग गया
* सड़क दुर्घटना में प्रधानाध्यापक विक्रम जकरियास की मौत
* प्राथमिक विद्यालय गद्दी, लतौना उत्तर के प्रधानाध्यापक थे
* यातायात के नियम वाहन चालक मानते नहीं है
लतौना. मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के लतौना पल्ली के जोसेफ टोला में रहने वाले विक्रम जक्रियास का निधन हो गया है.वे 52 साल के थे.प्राथमिक विद्यालय गद्दी, लतौना उत्तर के प्रधानाध्यापक घर आ रहे थे.घर आते समय लतौना मिशन रोड घर के पास ही एक ट्रैक्टर ने धक्का मार के भाग गया.यह हादसा 01 फरवरी 2023 का है.एक्सीडेंट शाम 4.30 बजे हुई.सिर में जबरदस्त चोट लगी थी.तुरंत बेहतर इलाज के लिए पटना लाया गया.जहां आज 06 फरवरी को 5.00 बजे सुबह इलाज के दौरान दम तौड़ दिये. उनको लेकर परिजन पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र में स्थित फोर्टिस मेडी इमरजेंसी अस्पताल प्रा.लिमिटेड में विक्रम जकरियास को भर्ती कराया. उनके बचाने के लिए चिकित्सकों ने इमरजेंसी सिर का ऑपरेशन किए.जहां आज 5 बजे सुबह इलाज के दौरान दम तौड़ दिये.
परिजनों ने वाहन का नंबर प्लेट उखाड़कर फरार हो गया.पाटलिपुत्र थाना की पुलिस फोर्टिस मेडी इमरजेंसी अस्पताल में पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच ले गए.
विक्रम जकरियास के बारे में बताया कि वे प्राथमिक विद्यालय गद्दी लतौना उत्तर के प्रधानाध्यापक थे. स्कूल का दायित्व निभाने के बाद हर दिन की तरह जोसेफ टोला घर आ रहे.इस बीच हेड मास्टर साहब की एक्सिडेंट ट्रैक्टर से शाम 4.30 बजे हो गयी.अपने पीछे 4 बच्चे और उनकी मां को छोड़ गए.पत्नी का नाम- वीना विक्रम. -1 रोशन विक्रम, 18 उम्र ,2. रेमंड विक्रम,16 उम्र, 3. रितेश विक्रम, उम्र 13 साल और 4. ऋतिक विक्रम,उम्र 13 है.केवल मृतक ही कमाने वाले थे.
बिहार के सारण जिले (छपरा) में मांझी प्रखंड के मुबारकपुर गांव में मॉब लिंचिंग
बिहार के सारण जिले (छपरा) में मांझी प्रखंड के मुबारकपुर गांव में मॉब लिंचिंग
सारण में मुबारकपुर पंचायत की मुखिया आरती देवी के पति विजय यादव पर फायरिंग करने के आरोप में ग्रामीणों ने चार युवकों को पकड़ कर उनकी जमकर पिटाई कर दी जिसमें एक अमितेष कुमार सिंह की मौत हो गई जबकि तीन राहुल कुमार सिंह तथा आलोक कुमार सिंह का इलाज छपरा सदर अस्पताल में चल रहा है।हालत गंभीर बनी हुई है।
आलोक कुमार
मुबारकपुर पंचायत की मुखिया आरती देवी के पति विजय यादव पर चार युवकों ने फायरिंग किया लेकिन गनीमत रही कि इस फायरिंग में वो बाल बाल बच गए। फायरिंग होते ही ग्रामीण उन पर टूट पड़े और वहां मॉब लिंचिंग की स्थिति बन गई।
बिहार के छपरा जिले के मांझी प्रखंड के मुबारकपुर गांव में 2 फरवरी को हुई हिंसा के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। आपको बता दें, मुबारकपुर गांव में चोरी के आरोप में युवक की पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद हालात बिगड़ गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने मुखिया के घर पर हमला कर दिया और आगजनी की। पिछले दिनों एक युवक की भीड़ हिंसा में हुई मौत के बाद रविवार 5 फरवरी को करणी सेना ने गांव में बवाल कर दिया। तोड़फोड़, आगजनी और पथराव के बाद पुलिस ने इलाके में धारा 144 लागू कर दी।
फिर करणी सेना के एक गुट ने आंदोलन शुरू कर दिया। पुलिस ने बताया कि मोटरसाइकिल पर सवार 500 से ज्यादा लोग रविवार शाम सिधारिया टोला पहुंचे और उन्होंने उपद्रव शुरू कर दिया। उन्होंने जाति विशेष के लोगों की करीब 30 झोपड़ियों में आग लगा दी। साथ ही उनके ट्रक, ट्रैक्टर सहित तीन गाड़ियों को भी फूंक दिया। जब करणी सेना के सदस्य गांव में पहुंचे तो पुरुष अपने घरों से भाग गए।
छपरा में सोशल मीडिया को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। पूरे जिले में 6 तारीख से लेकर 8 तारीख की रात 11 बजे तक फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप समेत अन्य सोशल साइट्स को बंद कर दिया गया है। यह आदेश बिहार सरकार के गृह विभाग ने जारी किया है।
सोमवार को इलाके में हालात काबू में है। बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिस लाइन के अलावा एकमा, मांझी, दाउदपुर कोपा और आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर कैंप कर रही है। आईटीबीपी और बीएसएपी की टुकड़ियां भी तैनात की गई हैं। मांझी थाने के एसएचओ को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है।
रविवार को हुए बवाल के दौरान भीड़ को नियंत्रित न करने की वजह से मांझी थाने के एसएचओ को सस्पेंड कर दिया गया है। एसआईटी इस घटना की जांच कर रही है। साथ ही मुखिया पति विजय यादव फरार है, पुलिस कोर्ट से उसकी प्रॉपर्टी अटैच करने के लिए कोर्ट से वारंट निकलने का प्रयास करेगी।
पुलिस मुख्यालय ने सोमवार को बताया कि सारण के मांझी थाना में वर्तमान स्थिति को देखते हुए विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। इसका उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए वीडियोग्राफर भी रखा गया है। वहां गड़बड़ी फैलाने वालों का वीडियो बनाया जाएगा। इसके साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले के बाहर से भी अतिरिक्त सुरक्षा बल मंगाया गया है।
बताया जा रहा है कि हत्या और मारपीट में शामिल दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।हत्या में शामिल अन्य लोगों को पकड़ने के लिए पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया गया है। दोनों मामलों हत्या और उपद्रव के दोषियों के फरार होने की स्थिति में तुरंत उनकी संपत्ति कुर्क करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भड़काऊ एवं भ्रामक पोस्ट करने वालों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में मांझी थानाध्यक्ष को भी निलंबित कर दिया गया है।
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