मंगलवार, 7 फ़रवरी 2023

फर्जी केस करवाने में गांव के जमींदार

  अररिया.जन जागरण शक्ति संगठन के संचालन समिति के सदस्य दीपनारायण पासवान हैं.कई वर्षों से सिकटी प्रखंड में सामाजिक कार्य कर रहे है.बेहतर काम करने वाले समाजसेवी के कार्य समाज विरोधी लोगों को नागुजार लगी.पुलिस से सांठगांठ करने से मनरेगा में भ्रष्टाचार करने वाले भ्रष्टाचारी लोग ही जेल भेजने में सफल हो गए.                                                       

अररिया के रहने वाले सुनील सागर लिखते हैं कि उसे ये फ़िक्र है कि हरदम नया तर्ज ए जफ़ा क्या है।। हमें ये शौक़ है देखें सितम की इंतिहा क्या है.सुनील सागर कोई शायर नहीं हैं. अकारण अपने पिता दीपनारायण पासवान की गिरफ्तारी के बाद दिल से उद्गार निकला है.  

 बिहार के अररिया जिला में सिकटी प्रखंड है.इस प्रखंड के अमगाछी पंचयात में स्थित उफ़रेल चौक वार्ड नं 9  के निवासी हैं. अपने पापा के बारे में सुनील सागर कहते हैं कि वे जन जागरण शक्ति संगठन में करीब 12 साल से काम कर रहे हैं.यहां पर राष्ट्र के मुख्यधारा से वंचित समाज के बीच बेहतर ढंग मजदूर- किसानों के हक़ अधिकार दिलवाने का कार्य दिल लगाकर कर रहे थे. उन्होंने कहा कि मेरे पापा जब मनरेगा में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए मुहिम चलाये, तब जाकर इस मुहिम में गांव के करीब 10 महिला और मेरी माँ भी पापा के इस मुहिम के साथ-साथ  चलने लगे.मेरे पापा के द्वारा चालू मुहिम को बिचौलिया और गांव के जमींदारों के साथ कुछ अफसरों कुछ-कुछ नहीं बहुत कुछ होने लगा.उन लोगों ने मिलकर मुहिम चलाने लगे कि दीपनारायण पासवान खुद के द्वारा संचालित इस मुहिम को बंद कर दे. परंतु दीपानारायण पासवान ने मुहिम को फॉरवर्ड चला लेने के बाद बैकफुट पर आकर इस मुहिम को रोका नहीं और इस मुहिम में उनको जीत मिली.इस जीत से गांव के बिचौलिया और जमींदार लोग नाराज़ हो गए.फिर उन लोगों ने छल-बल करने करने ठान ली.चार बीघा जमीन पर साजिश रची गयी.कुछ साल पहले करीब चार बीघा सरकारी जमीन सरकारी खतियान में निकली, जो गांव के जमींदार ने कुंडली मार कर कब्जा किए थे.  सुनील सागर ने कहा कि पापा ने चार बीघा सरकारी जमीन  पर 25 - 30 महादलितों को उक्त जमीन बसाया.इस समय गांव में बहुत सारे लोग भूमिहीन हैं.जो रोज मजदूरी करके अपना घर चलाते हैं ऐसे लोगों को पापा ने जमीन दिलवाने का अभियान चल रहे हैं.समाजसेवी पापा के कारनामा के कारण कारवां बढ़कर करीब 100 महिला व पुरुष जुड़ गए हैं.हम साथ-साथ हैं और साथ में रहेंगे का नारा बुलंद करते हैं, इसलिए लोगों ने कई बार संघर्ष कर जीत हासिल कर पाएं हैं. लोगों का मानना है सदाचारी के धनी है दीपनारायण जी.तो उनको अपना नेता मान रखा हैं.वे न किसी का शोषण-दमन करते हैं और न ही किसी को शोषण -दमन करने नहीं देते हैं.


खलनायक की भूमिका में अमरेंद्र  पासवान

 समाजसेवी के पुत्र सुनील सागर का कहना है कि हम लोग संक्रीण गली से होकर घर जाते हैं.गली को चौड़ीकरण करने में लिए प्रशासनिक सहयोग करने के लिए अंचल पदाधिकारी को एक आवेदन दिया गया था. उक्त गली में 10 लोगों का घर हैं.उन लोगों को आवाजाही करने लिए रास्ते की जरूरत है. उसी गली में एक घर अमरेन्द्र पासवान का भी घर पड़ता हैं,जो गली के मुंह के पहला घर हैं.संक्रीण गली वर्षाकाल में दुखदायी बन जाती है.बारिश के समय में अमरेंद्र   पासवान रास्ते को बांस से घेर देता हैं.जिससे गली में कीचड़ उत्पन्न होने के कारण आवाजाही करने में दिकत होती हैं.जब दुखित लोग अमरेन्द्र पासवान को रास्ते में बांस लगाने के लिए मना किया गया, तो वे माने नहीं. तब प्रभावित लोग दीपनारायण नेता से कहे कि आप हस्तक्षेप करें.नेता जी और कुछ लोगों के बोलने व निवेदन करने के बाद भी अमरेंद्र  पासवान नहीं माना, तब जाकर गली में रहने वाले लोग ही बांस को हटा दिया. जिसमें दीपनारायण भी शामिल थे.

तब कपोलकल्पित आरोप अमरेन्द्र  पासवान लगाने लगे

 सुनील सागर ने कहा कि सबसे पहले अमरेंद्र  पासवान ने अपनी बेटी सपना कुमारी को बांस हटाने वालों को नंगा कर देने का आरोप लगाकर केस कर दिया गया.जिसमें मेरे पापा और गली का कुछ आदमी का नाम दिया गया.इस केस में नामजद  सभी लोगों ने बेल करवाएं.यही से अमरेन्द्र  रुका नहीं.वह कुछ दिनों के बाद गली में जाते समय आम का पेड़ हैं.उसने कहा कि मेरे बड़ा पापा के लड़के आम के पेड़ से आम तौड़ रहे थे,तब उस समय अमरेन्द्र  पासवान ने आम तोड़ने से माना किया. वह आम तोड़ने से नहीं रुका तो अमरेन्द्र  गाली गलौज करने पर उतर गया. दोनों के में झगड़ा हुआ. जिसमें अमरेंद्र  पासवान के पूरी फैमिली मारपीट किया. उस समय सिर्फ बड़ी मम्मी और बड़े पापा का लड़का था.गाली गल्लोज करने व फुल फैमिली के साथ लड़ाई करने वाले अमरेन्द्र  पासवान ने फिर चुपके से जाकर केस कर दिया. जिस लड़ाई में मेरे पापा नहीं थे, इस केस में फिर यही आरोप लगाया कि अमरेन्द्र  पासवान की बहन को नंगा किया और अमरेन्द्र  पासवान के ऊपर धारदार हथियार से वार किया. जब पता चला कि पापा के  ऊपर झूठे केस हुआ है.

फर्जी केस करवाने में गांव के जमींदार 

सिकटी थानाध्यक्ष महोदय से मिलने पर सुनील सागर से थानाध्यक्ष ने कहा कि अमरेंद्र पासवान के द्वारा फर्जी केस किया गया है, निष्पक्ष जांच होनी चाहिये. बातचीत के दरमियान थानाध्यक्ष बोले कि इस केस को करवाने में दबाव था, इसलिए केस किया गया.यह केस अमरेंद्र  पासवान ने बीजेपी से मिलकर किया गया हैं.वह बीजेपी का काम करता हैं. अभी वर्तमान बीजेपी विधायक विजय कुमार मंडल के संपर्क में हैं.

 सुनील सागर ने कि मुझे शक हैं कि इस फर्जी केस करवाने में गांव के जमींदार और बिचौलियों, बीजेपी विधायक विजय कुमार मंडल का हाथ हैं? यह सब षंडयत्र हैं सिकटी ब्लॉक के प्रशासन लोगों का. पुलिस के द्वारा किए गये इस फर्जी केस से हम लोग डरने वाले नहीं हैं. झूठा आरोप लगाने से मेरे पापा जेल में हैं.पति के जेल चले जाने के बाद मेरी मम्मी कमान संभाल ली है. आलोक कुमार


आलोक कुमार

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