गुरुवार, 15 सितंबर 2022

पिंडदानियों से बात कर उनका फीडबैक लिया

 

गया. ऐतिहासिक स्थल गया में पितृपक्ष मेला 2022 जारी है.तीर्थ यात्रियों का विष्णुपद, देवघाट तथा सीता कुंड क्षेत्र में एकाएक बढ़ते सैलाब तथा मेला के व्यवस्था का जायजा जिला पदाधिकारी द्वारा स्वयं लिया गया.पितृपक्ष मेला में हजारों हजार की संख्या में तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं. हर प्रकार की व्यवस्था की गई है. व्यवस्था में कहीं कोई चूक न जाए इसको लेकर डीएम ने खुद कमान संभाली हुई है. घाटों पर गए और पिंडदानियों से बात कर उनका फीडबैक लिया.

 

डीएम ने बताया कि बाहर से आने वाले श्रद्धालु यहां किए गए इंतजाम से बेहद खुश हैं.इसके बाद जहां-जहां वेदियों के लिए महत्वपूर्ण तिथियां हैं वहां विशेष इंतजाम भी किए जा रहे हैं.नदी के किनारे भीड़ को देखकर जिला पदाधिकारी एवं नगर पुलिस अधीक्षक स्वयं एसडीआरएफ की बोट/ नाव पर बैठकर फल्गु नदी के सभी घाटों तथा सीता कुंड के क्षेत्र का घूम घूम कर जायजा लिया. जिला पदाधिकारी ने सरोवर में स्नान कर रहे तीर्थयात्रियों से अनुरोध किया कि बैरिकेडिंग के अंदर ही स्नान करे, बैरिकेडिंग के बाहर कोई भी तीर्थयात्री ना जाए. बैरिकेडिंग के बाहर गहरा पानी का संकेत फ्लेक्स बोर्ड के माध्यम से दर्शाया गया है.


उन्होंने सीताकुंड पहुंच कर स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया. उन्होंने एक एक कर अनेक दवाओं का एक्सपायरी डेट तथा दवा की विवरणी के बारे में जाना. उन्होंने कहा कि वैसी इंजेक्शन जिसे न्यूनतम तापमान की आवश्यकता है वैसे संबंधित इंजेक्शन को सुरक्षित रखने के लिए आइस बॉक्स का इस्तेमाल करने का निर्देश दिए. उन्होंने स्वास्थ्य शिविर में उपस्थित चिकित्सक तथा नर्स को निर्देश दिया कि यदि किसी मरीज की तबीयत खराब होने पर त्वरित गति से एंबुलेंस के माध्यम से उसे अस्पताल पहुंचावे. एंबुलेंस की सेवा देने में कोई कोताही न बरतें. उन्होंने कहा कि हर स्वास्थ्य शिविर में कम से कम 2 बेड तीर्थ यात्रियों के लिए सुरक्षित रखा गया है इसे ध्यान में रखते हुए प्रत्येक स्वास्थ्य शिविर में स्टैंड फैन की व्यवस्था रखें.

निरीक्षण के पश्चात तीर्थयात्री श्री ललित कुमार जो करवा पूर्णिया के रहने वाले हैं। उन्होंने जिला पदाधिकारी को देखकर उन्हें धन्यवाद दिया और कहा कि इस वर्ष फल्गु नदी में पानी के साथ-साथ कई आवश्यक सुविधाएं हम सभी तीर्थ यात्रियों के लिए कराया गया है, जिससे काफी सहूलियत हो रही है. निरंतर साफ सफाई की व्यवस्था रखी गई है. पेयजल के लिए जगह जगह पर आरो पॉइंट भी लगाए गए हैं. पदाधिकारियों तथा पुलिस पदाधिकारियों का व्यवहार भी काफी कुशल है हर व्यक्ति कुशल भावना से हम सभी तीर्थ यात्रियों की सेवा दे रहे हैं.

 इसके उपरांत देव घाट,  गजाधर घाट, श्मशान घाट इत्यादि सभी घाटों का घूम घूम कर निरीक्षण किया एवं अनेक तीर्थयात्रियों से फ़ीडबैक लिया.यात्रियों को कोई असुविधा ना हो इसके लिए विभिन्न पदाधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए.विभिन्न रास्तों से देवघाट से बाहर निकालने के लिए देवघाट पर बने नियंत्रण कक्ष के माध्यम से लगातार अनाउंसमेंट करवाने का भी निर्देश दिए.


आलोक कुमार


बुधवार, 14 सितंबर 2022

सत्ता से बेदखली के बाद बौखलाई भाजपा की भी हो सकती है साजिश, इसकी भी जांच हो

 * बेगूसराय घटना की उच्चस्तरीय जांच कराए सरकार, घायलों का सरकारी खर्च पर इलाज कराए

* सत्ता से बेदखली के बाद बौखलाई भाजपा की भी हो सकती है साजिश, इसकी भी जांच हो



पटना. भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने बेगूसराय जिले में अपराधियों द्वारा 10 लोगों को सरेआम गोली मारने, जिसमें एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है, की घटना की कड़ी निंदा की है. उन्होंने घटना के चरित्र को देखते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.

यह भी कहा कि जांच में भाजपाई साजिश के भी बिंदुओं की जांच होनी चाहिए क्योंकि बिहार की सत्ता से बेदखली के बाद भाजपा पूरी तरह बौखलाई हुई है और इस बात से कत्तई इंकार नहीं किया जा सकता कि ऐसी कार्रवाइयां उसकी साजिश का भी नतीजा हो सकती हैं. अभी हाल में बिहार में गरीबों की झोपड़ियां उजाड़ने की जितनी कार्रवाइयां हुई हैं, उसमें भाजपा किसी न किसी रूप में शामिल पाई गई है. सिवान के बड़हरिया में भी सांप्रदायिक उन्माद फैलाने में वह शामिल थी.

उधर, गोलीबारी की घटना में घायलों से मिलने माले के बेगूसराय जिला सचिव दिवाकर प्रसाद, आरवाइए के राष्ट्रीय महासचिव नीरज कुमार, पार्टी नेता नवल किशोर, किसान नेता बैजू सिंह, पार्टी नगर सचिव राजेश श्रीवास्तव आदि बेगूसराय सदर अस्पताल पहुंचे. नेताओं ने इलाज करा रहे जीतो पासवान व गौतम कुमार पाठक से मुलाकात की. दस में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है. दो लोग बेगूसराय सदर अस्पताल में, चार प्राइवेट नर्सिंग होम में और बाकी तीन को पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया गया है.

भाकपा-माले सभी अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी, घायलों का सरकारी इलाज पर समुचित इलाज व 5-5 लाख रुपया तथा मृतक परिजन के लिए 20 लाख मुआवजा व सरकारी नौकरी की मांग करती है.

आलोक कुमार


 

ब अपने दूसरे कार्यकाल में योगी जी उस स्क्वाड का नाम भी नहीं लेते:राष्ट्रीय महासचिव

 


पटना.बिहार भाजपा के  राज्य अध्यक्ष द्वारा बिहार में एंटी रोमियो स्क्वायड बनाने की मांग का ऐपवा ने विरोध किया है.भाजपा द्वारा बिहार में एंटी रोमियो स्क्वायड बनाने की मांग का विरोध करते हुए ऐपवा की राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी ने कहा है कि जायसवाल जी को पता होना चाहिए कि उत्तर प्रदेश में अपने पहले कार्यकाल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एंटी रोमियो स्क्वायड बनाया था लेकिन यह महिलाओं के उत्पीड़न का ही स्क्वायड बन गया था जिसकी भारी आलोचना हुई और अब अपने दूसरे कार्यकाल में योगी जी उस स्क्वाड का नाम भी नहीं लेते.

 मीना तिवारी ने कहा कि बिहार में महिला उत्पीड़न पर अंकुश लगाने के लिए जरूरी है कि वर्तमान पुलिस प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त किया जाए. साथ ही ऐसे अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलना बंद हो और समाज में  महिला विरोधी मानसिकता को बदलने के लिए माहौल बनाया जाए. लेकिन यह काम भाजपा से नहीं होने वाला है. भाजपा द्वारा ऐसे अपराधियों को संरक्षण मिलता रहा है. बिहार की महिलाएं भूली नहीं हैं कि अपने विधायक बलात्कारी राजकिशोर केसरी का भाजपा ने महिमामंडन किया था. बलात्कारी आसाराम बापू और रामरहीम का इनके राष्ट्रीय नेता न केवल पैर छूते रहे हैं बल्कि उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास करते रहे हैं.

 बिहार में 2020 से भाजपा सरकार में थी लेकिन दो वर्षो में यहां महिला आयोग का पुनर्गठन करने की कोशिश नहीं की गई और आयोग के अध्यक्ष का पद रिक्त रहा. महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराध को रोकने के लिए जरूरी है कि महिलाओं के संविधान प्रदत्त अधिकारों का सम्मान किया जाए इसलिए मनुस्मृति के अनुसार देश चलाने की मंशा रखने वाले भाजपा  आरएसएस के लोगों द्वारा महिलाओं के सम्मान और अधिकार की बात हास्यास्पद है.

 बता दें, उत्तर प्रदेश में इस समय सीएम योगी के निर्देश पर पुलिस जगह-जगह एंटी रोमियो अभियान चला कर छेड़छाड़ करने वाले मनचलों पर शिकंजा कस रही है. इस अभियान के तहत एंटी रोमियो दस्ते की महिला सिपाही सादे कपड़ों में घूमकर भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर मनचलों की पहचान करके उन पर एक्शन लेती हैं.

 आलोक कुमार


छात्रों को हिंदी भाषा के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए वाक प्रतियोगिता

  


पटना.संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, पटना में हिंदी दिवस के अवसर पर वाक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. वाक प्रतियोगिता का विषय था. “समृद्ध भारत, सफल भारत”. इस प्रतियोगिता में विभिन्न विभागों बीबीए, बीसीए, बीबीए (इंटरनेशनल बिजनेस), बीएजेएमसी और बीसीपी के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया. 

प्रतियोगिता में अनिशा भारती (बीसीपी 2) और स्वाति मिश्रा (बीएजेएमसी 2) ने प्रथम मनन चंद्रा (बीएजेएमसी 2) ने दूसरा और प्रीति कुमारी (बीसीए 3) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया.


निर्णायक कमिटी में फादर पुलीकल एसजे और डॉ. माला कुमारी उपाध्याय, डीन एकेडमिक थे. कार्यक्रम का संचालन बीएजेएमसी द्वितीय वर्ष की छात्रा उपासना ने किया. बीएजेएमसी तृतीय वर्ष के छात्र विकास ने राष्ट्रकवि दिनकर जी की रचना रश्मिरथी से उद्धत काव्य-पाठ किया. बीबीई की प्रांजल प्रिया ने धन्यवाद ज्ञापन किया. कार्यक्रम के अंत में कॉलेज के प्राचार्य फादर डॉ. मार्टिन पोरस एसजे ने प्रतियोगिता के परिणाम की घोषणा करते हुए छात्रों को हिंदी भाषा के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए प्रेरित किया. वाक प्रतियोगिता का

आयोजन कॉलेज की एकेडमिक एक्टिविटी कमिटी के सदस्यों द्वारा डॉ. कल्पना कुमारी की अध्यक्षता और फादर डॉ. शेरी जॉर्ज एसजे के निर्देशन में किया गया. प्रतियोगिता में तृतीय वर्ष के छात्र, शिक्षकगण और कॉलेज के प्राचार्य और उप-प्राचार्य उपस्थित थे.

आलोक कुमार

मंगलवार, 13 सितंबर 2022

गरीब बच्चों के बीच शिक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कॉपी,कलम और पेंसिल का वितरण

  



सोनो. मंगलवार को उत्क्रमित मध्य विद्यालय लखनकयारी में अवधेश कुमार निराला के सहयोग से सैकड़ों गरीब बच्चों के बीच शिक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कॉपी,कलम और पेंसिल का वितरण किया गया जिसमें प्रबोध जन सेवा संस्थान के संस्थापक सदस्य सुमन सौरभ, जिला सचिव सह कार्यक्रम समन्वयक रक्तवीर विनोद कुमार, संस्थान सहयोगी रक्तवीर हरेराम सिंह, रक्तवीर विकास कुमार, रक्तवीर ललन रावत, रक्तवीर संजीत कुमार, उमेश मण्डल आदि उपस्थित रहे।


 आलोक कुमार

वार्ड 22 ए में मेयर प्रत्याशी रजनी देवी के लिए मतदान करने के लिए स्थानीय जनता से संवाद

 पटना.राज्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर डॉ दीपक प्रसाद है.उन्होंने 27 जुलाई 2021 को योगदान दिये.नये निर्वाचन आयुक्त के आने के बाद 18 मार्च को पंचायत उप चुनाव संपन्न करा लिए हैं और अब नगर निकायों के चुनाव करा रहे हैं.राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ दीपक प्रसाद ने नगर निकाय के शंखनाद कर दिये हैं.इसके साथ ही चुनाव आचार संहिता लागू हो गया है.बिहार में नगर निकाय चुनाव दो चरणों में मतदान होंगे. 10 अक्टूबर और 20 अक्टूबर को मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. पहले चरण की मतगणना 12 अक्टूबर को होगी, जबकि दूसरे चरण की मतगणना 22 अक्टूबर को होगी. 

प्रदेश के सभी 38 जिलों के सभी निकायों में होने वाले चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग की तरफ से नए वार्ड और आरक्षण रोस्टर की लिस्ट भी जारी कर दी गई है. बिहार निर्वाचन आयोग के द्वारा चुनाव के तारीखों का ऐलान करने के बाद चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है.प्रथम चरण का नामांकन प्रक्रिया 10 सितंबर से जारी है, जो 19 सितंबर तक चलेगा . बिहार में नगर निकाय चुनाव की घोषणा हो गई है. दो चरणों में मतदान होंगे. 10 अक्टूबर और 20 अक्टूबर को मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. पहले चरण की मतगणना 12 अक्टूबर को होगी, जबकि दूसरे चरण की मतगणना 22 अक्टूबर को होगी. पहले चरण में 37 जिलों में चुनाव होगा. कुल 156 नगर पालिका के मतदाता पहले चरण में प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे.

पहले चरण का नामांकन प्रक्रिया 37 जिलों के अनुमंडल कार्यालय में चल रहा है. पहले चरण का मतदान 10 अक्टूबर को होगा .बिहार निर्वाचन आयोग ने नॉमिनेशन फीस इसमें नॉमिनेशन के लिए नगर पंचायत में अनारक्षित (सामान्य) वर्ग के पार्षद को 400 रुपए, उप मुख्य पार्षद को 800 रुपए और मुख्य पार्षद को 800 रुपए देने होंगे. तो वहीं नगर परिषद में पार्षद का 1000, उप मुख्य पार्षद और मुख्य पार्षद का 2 हजार रुपए फीस तय किया गया है. जबकि नगर निगम में पार्षद का दो हजार, उप मुख्य पार्षद और मुख्य पार्षद का 4 हजार रुपए देने होंगे.           

दूसरे चरण का मतदान 20 अक्टूबर को होगा. जबकि मतगणना 22 अक्टूबर को की जाएगी. 23 जिलों में दूसरे चरण में चुनाव होगा. दूसरे चरण में 23 जिले के 17 नगर निगम के लिए मतदान होगा. मुख्य पार्षद, उप मुख्य पार्षद, वार्ड का चुनाव होना है. पहले चरण के लिए 10 सितंबर से प्रत्याशी नामांकन करेंगे. वहीं, नाम वापसी के अंतिम तिथि 22 सितंबर से 24 सितंबर तक है. मतदान सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक होगा. दूसरे चरण का चुनाव 20 अक्टूबर को होगा, जिसके लिए नामांकन 16 सितंबर से 24 सितंबर तक चलेगा. जबकि, 27 से 29 सितंबर तक उम्मीदवार के नाम वापसी की अंतिम तिथि रखी गई है.

नगर पालिका चुनाव में पहली बार तीन पदों पार्षद, उप मुख्य पार्षद और मुख्य पार्षद के पदों के चुनाव के लिए ईवीएम से वोटिंग होगी. चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे. निर्वाचन आयोग ने पटना सहित 19 नगर निगमों के साथ सभी 38 जिलों में क्षेत्र विस्तारित, उत्क्रमित और नवगठित शहरी निकायों के वार्ड पार्षदों सहित पुराने शहरी निकायों में मुख्य और उप मुख्य पार्षद का आरक्षण जारी कर दिया है.

प्रथम चरण में होने वाले नगर निकाय चुनाव को लेकर दूसरे दिन सोमवार को दूसरे दिन भी एक भी नामांकन नहीं हुआ. सुगौली नगर पंचायत चुनाव को लेकर दूसरे दिन सोमवार को एक भी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया.नामांकन 19 सितंबर तक चलेगा. सदर एसडीएम कार्यालय में नामांकन प्राप्त किया जा रहा गई. इसके आर ओ सदर एसडीएम सौरभ सुमन यादव बनाए गए हैं.

चकिया नगर परिषद के सभापति, उप सभापति व वार्ड पार्षद के चुनाव के नामांकन प्रक्रिया के दूसरे दिन सोमवार को नामांकन शून्य रहा. प्रशासन ने नामांकन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण संपन्न कराने को लेकर व्यापक तैयारी की है.एसडीओ सह निर्वाची पदाधिकारी शंभू शरण पाण्डेय ने बताया कि अनुमंडल कार्यालय रोड, अनुमंडल कार्यालय के मुख्य गेट व निर्वाची पदाधिकारी के कार्यालय के मुख्य गेट पर सुरक्षा को लेकर दंडाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी तैनात किया गया है. नामांकन प्रक्रिया को सफल बनाने को लेकर सभापति पद के नामांकन के लिए 1, उपसभापति पद के नामांकन के लिए 1 व वार्ड पार्षद पद के नामांकन के लिए तीन काउंटर बनाया गया है.सभी काउंटर पर पदाधिकारी व कर्मी तैनात किया गया है. एसडीएम ने बताया कि नगर परिषद क्षेत्र के 25 वार्ड के वार्ड पार्षद, सभापति व उपसभापति के चुनाव को शांतिपूर्ण व भयमुक्त वातावरण में सम्पन्न कराने के लिए व्यापक तैयारी की गई है. पदाधिकारियों को आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से अनुपालन करने का निर्देश दिया गया.

 एसडीओ ने बताया कि नामांकन पत्र 10 से 19 सितंबर तक दाखिल किया जाएगा. 20 व 21 सितंबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा की जाएगी. 22 से 24 सितंबर तक अभ्यर्थी अपना नाम वापस ले सकेंगे. 25 सितंबर को अभ्यर्थियों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिया जाएगा.पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन पत्र भरने का कार्य हो रहा है.

पटना नगर परिषद फुलवारी शरीफ का नामांकन अनुमंडल कार्यालय सदर में किया जा रहा है. यहां सुबह से ही लोगों का आवागमन जारी है. आज मंगलवार को 13 वार्ड पार्षद उम्मीदवार ने नामांकन किया है.वहीं दूसरी तरफ, नगर परिषद मसौढ़ी के नामांकन के तीसरे दिन एक उम्मीदवार ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है. वहीं नगर पंचायत पुनपुन में भी एक उम्मीदवार ने आज अपना नामांकन पर्चा दाखिल करवाया है. नामांकन के तीसरे दिन अभी तक महज दो ही उम्मीदवारों ने अपना नामांकन कराया है. अब तक कुल 59 उम्मीदवार अपना नामांकन पर्चा के लिए रसीद कटवा चुके हैं.

दूसरे चरण का चुनाव 20 अक्टूबर को होगा, जिसके लिए नामांकन 16 सितंबर से 24 सितंबर तक चलेगा. जबकि, 27 से 29 सितंबर तक उम्मीदवार के नाम वापसी की अंतिम तिथि रखी गई है.इसके आलोक में मेयर प्रत्याशी,डिप्टी मेयर प्रत्याशी,वार्ड पार्षद प्रत्याशी और उनके प्रतिनिधि प्रजातंत्र के राजाओं यानी मतदाताओं के पास जाकर मनभावन बातों से रिझाने लगे हैं.इस बार निवर्तमान डिप्टी मेयर सह वार्ड पार्षद (22 सी) श्रीमती रजनी देवी मेयर प्रत्याशी हैं.उनके समर्थन में पटना नगर निगम के प्रतिनिधि समाजसेवी पप्पू राय जी वार्ड 22 ए में मेयर प्रत्याशी रजनी देवी के लिए मतदान करने के लिए स्थानीय जनता  से  संवाद  करते रहे.

समाजसेवी पप्पू राय लोकल प्रतिनिधि को समर्थन करने पर बल दिए.उनका कहना है कि दीघा में लोकल प्रतिनिधि के तौर पर सांसद,विधायक और मेयर नहीं हैं.सभी दूर से दूर रहते हैं.किसी तरह का कार्य करवाने में समय और धन बर्बाद होता है.इस बार मौका है कि लोकल मेयर को प्रतिनिधि बनाने का.उन्होंने कहा कि वार्ड सी के सुधि मतदाता दूसरी बार रजनी देवी जी को विजयी माला पहनाने को बेताब है.आपलोगों यानी वार्ड ए के मतदाताओं का भी कर्तव्य है कि मेयर प्रत्याशी रजनी देवी जी को समर्थन करके विजयी बना दें.

आलोक कुमार

मिजोरम के 27 सदस्यीय दल पांच दिवसीय ‘बिहार भ्रमण‘

 


पटना. ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत‘ कार्यक्रम के तहत मिजोरम के 27 सदस्यीय दल पांच दिवसीय ‘बिहार भ्रमण‘ पर सोमवार 12 सितंबर को पटना पहुंचा.यह दल 16 सितंबर तक बिहार के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेगा. भ्रमण के दौरान ऐतिहासिक विरासत, स्थानीय व्यंजनों, एकता के लिए खेल, शहरी विकास, ग्रामीण जीवन, स्मृति निर्माण और कला रूपों का आदान-प्रदान करेंगे.

भ्रमण के पहले दिन मिजोरम के विभिन्न कॉलेजों के 24 छात्र-छात्राएं और तीन संकाय के शिक्षकों के दल ने पटना महिला कॉलेज (स्वायत्त) का दौरा किया. पटना महिला कॉलेज की प्राचार्या डॉ. सिस्टर एम. रश्मि ए.सी. ने दल का स्वागत करते हुए कहा, कि भारत विविधता में एकता की भूमि है. एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के बीच सांस्कृतिक विशेषताओं को आत्मसात् करना है. मौके पर मिजोरम से आयी टीम ने भी मिजोरम की संस्कृति, इतिहास, विरासत, सहित अन्य विशेषताओं को साझा किया.

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (एआईसीटीई), भारत सरकार द्वारा संचालित एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के तहत बिहार, मिजोरम और त्रिपुरा राज्यों का युग्म है. ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत (ईबीएसबी)‘ कार्यक्रम, विभिन्न क्षेत्रों के नागरिकों के बीच एक सतत और नियोजित सांस्कृतिक संबंध का एक विचार है, जिसका सुझाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर पर 31 अक्टूबर, 2015 को आयोजित ‘राष्ट्रीय एकता दिवस‘ के दौरान दिया था.

यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री द्वारा विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लोगों के बीच पारस्परिक बातचीत और पारस्परिकता के माध्यम से सांस्कृतिक विविधता का जश्न मनाने के लिए प्रस्तावित किया गया था. ताकि, पूरे देश में समझ की एक समान भावना प्रतिध्वनित हो. पटना महिला कॉलेज को बिहार में नोडल संस्था के रूप में नामित किया गया है. यह कार्यक्रम राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और परामर्श सेवा (एनआईसीसीएस) के डीन और नोडल अधिकारी, एकेएएम-ईबीएसबी आलोक जॉन और पटना महिला कॉलेज की ईबीएसबी कोर कमेटी के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है.

एकेएएम-ईबीएसबी आलोक जॉन ने कहा कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के तहत मिजोरम से 24 विद्यार्थियों की टीम सोमवार को पटना वीमेंस कॉलेज पहुंची.16 सितंबर तक यह टीम यहां रहेगी. पांच दिवसीय कार्यक्रम के दौरान के दौरान बिहार की संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत, स्थानीय व्यंजन, खेल, शहरी विकास, ग्रामीण जीवन, कला आदि का आदान-प्रदान होगा.

पहले दिन एक भारत, श्रेष्ठ भारत (ईबीएसबी) कार्यक्रम का आयोजन किया गया. साथ ही बिहार की खेल हस्ती चांदनी सिंह, अनन्या आनंद के साथ संवाद भी हुआ.कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य सिस्टर रश्मि एसी ने की.उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के बीच सांस्कृतिक विशेषताओं का आदान-प्रदान करना है. ज्ञात हो कि एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत बिहार को दो राज्यों मिजोरम और त्रिपुरा से जोड़ा गया है. कार्यक्रम का संचालन अंतरराष्ट्रीय सहयोग और परामर्श सेवा के डीन आलोक जॉन ने किया. मौके पर डॉ. अमृता चौधरी, डॉ. अपराजिता कृष्णा, सिस्टर जिन्सी एसी, डॉ. मंजुला सुशीला, श्वेता सिंह, समीक्षा सिन्हा, तानिया बनर्जी आदि के साथ कॉलेज की छात्राएं मौजूद रहीं.

आलोक कुमार

सोमवार, 12 सितंबर 2022

विश्वकर्मा पूजा एवं चेहल्लुम के मद्देनजर सजग एवं सतर्क रहें प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी: जिलाधिकारी

  * विश्वकर्मा पूजा एवं चेहल्लुम के मद्देनजर सजग एवं सतर्क रहें प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी: जिलाधिकारी

*असामाजिक तत्वों के विरूद्ध करें निरोधात्मक कार्रवाई



बेतिया. पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार की अध्यक्षता में आज आगामी विश्वकर्मा पूजा एवं चेहल्लुम के मद्देनजर विधि-व्यवस्था संधारण के लिए समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न हुयी.जिलाधिकारी ने कहा कि 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा एवं 18 सितंबर को चेहल्लुम संभावित है. उक्त पर्व पर विधि-व्यवस्था बनाये रखने के लिए सभी प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को सजग एवं सतर्क रहना है.

उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा पूजा को लेकर मूर्ति अधिष्ठापन के लिए अनुज्ञप्ति लेना आवश्यक है. यह सुनिश्चित किया जायेगा कि बिना अनुज्ञप्ति के किसी भी सूरत में मूर्ति अधिष्ठापन नहीं होने पाए. मूर्ति अधिष्ठापित करने वाले व्यक्तियों, समितियों को निर्धारित शर्तों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करना होगा, इस बात की जानकारी उन्हें पूर्व में ही दे दें.



जिलाधिकारी ने कहा कि मूर्ति विसर्जन अथवा चेहल्लुम को लेकर निकलने वाले जुलूस का रूट वेरिफिकेशन अनिवार्य है. रूट वेरिफिकेशन कार्य ससमय करा लिया जाय तथा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि निर्धारित रूट से ही जुलूस आदि निकाला जाय। उन्होंने कहा कि डीजे संचालन पर रोक रहेगी.

उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहारों पर शांति-व्यवस्था बनाये रखने के लिए असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखते हुए निरोधात्मक कार्रवाई की जाय. धारा-107 के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाए. संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थलों पर लगातार पेट्रोलिंग करायी जाय। मूर्ति अधिष्ठापन स्थल सहित संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थलों पर मजिस्ट्रेट, पुलिस दंडाधिकारी सहित पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाए ताकि किसी भी विषम परिस्थिति में असामाजिक तत्वों से निपटा जा सके.

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, सहायक समाहर्ता, सुश्री शिवाक्षी दीक्षित, अपर समाहर्ता, श्री राजीव कुमार सिंह, श्री अनिल राय, सभी जिलास्तरीय पदाधिकारी आदि उपस्थित रहे तथा एसडीएम, एसडीपीओ, बीडीओ, सीओ, एसएचओ आदि वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्मय से जुड़े रहे.


आलोक कुमार

15 सितंबर को उद्योग संवाद-सह-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

  



15 सितंबर को  बेतिया में होगा उद्योग संवाद.सह.जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन.13 सितंबर को बगहा एवं 14 सितंबर को नरकटियागंज में होगा कार्यक्रम..



बेतिया. पश्चिम चंपारण जिले के समाहरणालय सभाकक्ष में 15 सितंबर 2022 को  उद्योग संवाद-सह-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है. वहीं 13 सितंबर को बगहा के लव कुश मैरिज हॉल पारस नगर में तथा 14 सितंबर को नरकटियागंज के टीपी वर्मा कॉलेज में उद्योग संवाद-सह- जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. इस कार्यक्रम में नये एवं पुराने सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों को उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के उद्देश्य से जागरूक किया जाएगा. साथ ही उद्यम शुरू करने तथा संचालित करने में आने वाली समस्याओं का निपटारा भी किया जायेगा.

ज्ञातव्य हो कि सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों को उद्योग विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं यथा.प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजनाए प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजनाए मुख्यमंत्री उद्यमी योजनाए प्रधानमंत्री मुद्रा योजनाए स्टैण्डअप इंडियाए बिहार स्टार्टअप नीतिए मुख्यमंत्री मध्यमए लघु एवं सूक्ष्म उद्य़म कलस्टर विकास योजनाए बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति से तीव्र गति से लाभान्वित किया जाना है.


आलोक कुमार


आरसीपी को लेकर सवाल पूछा था तो नीतीश कुमार भड़क गए


आरा. जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार हैसियत पूछते हैं, तो वो ये जान लें कि उनकी हैसियत, मेरी हैसियत और देश के एक-एक नागरिक की हैसियत बराबर है. संविधान ने हम सबको बराबर का हक दिया है.आरसीपी ने कहा कि नीतीश कुमार के पैरवी से आईएएस नहीं बना. जिस वक्त मैं आईएएस बना, उस समय नीतीश कुमार सड़क पर घूम रहे थे.

कुछ दिन पहले विपक्ष को एक साथ लाने के सिलसिले में दिल्ली पहुंचने पर पत्रकारों ने नीतीश कुमार से आरसीपी को लेकर सवाल पूछा था तो नीतीश कुमार भड़क गए थे और तू-तड़ाक पर उतर गए. नीतीश कुमार ने कहा था ‘धत्त‘ उसका क्या नाम ले रहे हैं, उ कौंची है? अरे क्या बात करते हैं आप लोग, आप लोगों को इ भी पता नहीं है उसको बनाया कौन राजनीति में, लाया कौन राजनीति में... उ तो आईएएस था, कौन बनाया था उसको अपना प्राइवेट सेक्रेट्री. हम कहां से कहां बनाए, छोड़िये न, उसको पार्टी में हम इतना दिए, और राजनीति में भी उसको जगह दिया. उसको अपनी जगह पर अध्यक्ष बना दिए, उ पूरा का पूरा भाजपा के हाथ में चला गया, तो उसको हटा दिए.

बिहार के मुख्यमंत्री यहीं नहीं रुके. उन्होंने कहा उ क्या बोलता है, उसके बोलने का कोई मतलब है, उ कहां से राजनीति में आया, कौन लेकर आया. अब उ क्या-क्या बोलता रहता है. तरह-तरह की बात बोलता रहता है.उस आदमी के बारे में तो आपको लोगों को पूछना भी नहीं चाहिए.  उसकी हैसियत क्या है? अरे उ बोलता है तो बोलने न दीजिए उसको. अरे सुन लीजिए, वो बीजेपी के अंदर था। अब उ चला गया, जाने दीजिए उसको. उसका क्या वैल्यू है? आप लोग ई सब छोड़िए.उसके बारे में चर्चा भी मत करिए.

इसको लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने एक बार फिर हमला बोला है.भोजपुर पहुंचे आरसीपी सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार मेरी औकात क्या नापेंगे. उनकी खुद की औकात नहीं ही नहीं हैं, वो हमारा हैसियत पूछते हैं. आरा में पत्रकारों से बात करते हुए आरसीपी सिंह ने कहा कि एक समय बिहार में नीतीश कुमार की औकात कुछ नहीं थी, तब भी मेरी औकात ज्यादा थी और अब भी ज्यादा है. आरसीपी ने कहा कि कोई किसी को पहचान नहीं देता, लोकतंत्र के इस देश में सभी नागरिक एक समान है और सभी की पहचान है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने सीएम नीतीश कुमार  पर सोमवार को जमकर हमला बोला. आरसीपी सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार हैसियत पूछते हैं, वो ये जान लें कि उनकी हैसियत, मेरी हैसियत और देश के एक नागरिक की हैसियत बराबर है. इस संविधान ने सबको बराबर का हक दिया है. उन्होंने कहा कि मैं आपकी (नीतीश कुमार) पैरवी से आईएएस नहीं बना. जिस समय मैं आईएएस बना उस समय आप सड़क पर घूम रहे थे.

एक सवाल पर बिहार में जाति समीकरण को देखा जाता है. इस वक्त नीतीश कुमार के साथ लालू यादव हैं, कांग्रेस और लेफ्ट भी साथ है तो लग रहा है कि 2024 में नीतीश कुमार मोदी को धूल चटा देंगे? इस पर आरसीपी सिंह ने कहा कि सवाल ही नहीं उठता है. इनके साथ कौन से जाति के लोग हैं? किस जाति के लोगों को उन्होंने ठगा नहीं है? किसको उन्होंने आज तक सम्मान दिया है? दिल्ली गए थे, घूम रहे थे. शरद पवार के बारे में क्या-क्या कहते थे? किनके बारे में इन्होंने नहीं कहा. इन पर कौन भरोसा करेगा.

आरसीपी सिंह ने बातचीत में आगे कहा, "नीतीश कुमार सूखे की बात कर रहे हैं, पूरे 17 साल होने जा रहा है दक्षिण बिहार में, सात निश्चय में नारा दिया था हर खेत को पानी. क्या आपने ब्लू प्रिंट बनाया? दक्षिण बिहार में हर खेत को स्थायी तौर पर नहर से सिंचाई की व्यवस्था होती. दक्षिण बिहार में सभी बरसाती नदियां हैं. कभी चर्चा की गई कि कितना पानी है या कैसे क्या किया जाएय़ लोग आपसे पूछे नहीं इसलिए दिल्ली की चर्चा कर रहे हैं. बिहार की जनता माफ करने वाली नहीं है."

आलोक कुमार

तारापुर के पूर्व विधायक पार्वती देवी के निधन पर शोक

 

पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी की धर्मपत्नी पार्वती देवी (78) नहीं रहीं. शनिवार की रात उन्होंने अपने आवास पर अंतिम सांस ली. रविवार को उनके पार्थिव शरीर का सुल्तानगंज स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया. मुखाग्नि उनके छोटे पुत्र धर्मेन्द्र चौधरी ने दी...

पटना. तारापुर के पूर्व विधायक एवं सम्राट चौधरी की माताजी पार्वती देवी के निधन पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है. 

तारापुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक पार्वती देवी का निधन लखनपुर गांव स्थित उनके आवास में शनिवार की देर रात्रि हो गई.इनके निधन की खबर मिलते ही इनके चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ गई.रविवार के अहले सुबह से ही स्व. पार्वती के पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन करने को लेकर नाते रिश्तेदार, गणमान्यों व इनके चाहने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी.पूर्व विधायक स्व. पार्वती देवी बिहार सरकार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शकुनी चौधरी की धर्मपत्नी ,पूर्व पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी की मां थी.राजनीति गलियारे में इनके परिवार का काफी अच्छा रसूख माना जाता है.

अपने शोक संदेश में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा ने कहा कि वह एक धर्मपरायण महिला थी. उन्होंने कहा कि पार्वती देवी बहुत ही नेकदिल एवं सरल हृदय की महिला थी तथा सामाजिक कार्याे में उनकी गहरी अभिरूची थी. अपने क्षेत्र में वे काफी लोकप्रिय थी.वर्ष 1998 से 2000 तक तारापुर विधान सभा से विधायक रही.वर्ष 1998 में ये तारापुर विधानसभा क्षेत्र से (एजीपी) से लड़ी थी. इन्होंने अपने विपक्षी राजद प्रत्याशी सुशील कुमार सिंह को चुनावी मैदान में शिकस्त देकर विधायक पद पर परचम लहराया था।मतदाता ने पार्वती के पक्ष में 41612 तो प्रतिद्वंद्वी सुशील कुमार सिंह के पक्ष में 39600 मत डाला था।इस प्रकार पार्वती देवी 2012 वोट से विजयी हुई थी. वे लगातार अपने विधान सभा क्षेत्र की समस्याओं को लेकर विधान सभा में मुखर रही.उनके निधन से सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है. 

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री श्री कृपानाथ पाठक, मीडिया विभाग के चेयरमेन श्री राजेश राठौड़, पूर्व विधायक श्री प्रमोद कुमार सिंह, कुमार आशीष ने भी पार्वती देवी के निधन पर शोक व्यक्त किया.


आलोक कुमार


बेहतर अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए तत्पर

          शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए  Patna Women’s College (स्वायत्त) ...