बुधवार, 1 जून 2022

प्रधानमंत्री योजना के तहत के बारे में भी बताया कि लेबर कार्ड बना


सुगौली. आश्रम अधीक्षक राकेश रंजन के द्वारा सुगौली प्रखंड स्थित दक्षिण शुभम पंचायत में छपवा चौक   पर श्रम संसाधन विभाग की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया.जिसमें सैकड़ों की संख्या में असंगठित कामगार महिलाओं एवं पुरुषों ने भाग लिया. इस मौके पर श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुगौली रविंद्र भूषण प्रखंड जिला अध्यक्ष प्रदीप सर्राफ सीएससी अवधेश कुमार गुप्ता एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल थे आज इस विशेष शिविर में सैकड़ों महिला कामगारों एवं पुरुषों पुरुष कामगारों का आयुष्मान कार्ड बनवा कर वितरण किया गया साथ ही जिन निर्माण श्रमिकों का श्रम संसाधन विभाग से लेबर कार्ड बना हुआ है.

उनका आयुष्मान कार्ड बनवाया गया तथा उनके आसमान कार्ड का वितरण श्रम अधीक्षक के द्वारा किया गया श्रम अधीक्षक के द्वारा कैंप में उपस्थित सभी व्यक्तियों को श्रम पोर्टल पर निबंधन के फायदे के बारे में बताया गया श्रम अधीक्षक ने बताया श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा असंगठित कामगारों का डेटाबेस तैयार करने के लिए लॉन्च किया गया था.16 वर्ष की आयु के सभी अधिकारों का निबंधन कराया जाना है. पूर्वी चंपारण कराने का लक्ष्य दिया गया था.तेरह लाख 55 हजार से अधिक का निबंधन कराया जा चुका है. उन्हें विशेष के माध्यम से कराने की प्रक्रिया की जा रही.


प्रधानमंत्री योजना के तहत के बारे में भी बताया कि लेबर कार्ड बना हुआ  है.  इससे उन्हें प्रतिवर्ष के चिकित्सा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के बारे में बताया सभी लोगों से अपील की कि 40 वर्ष की आयु के कामगार योजना से जुड़ कर अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत किसी भी कामगार को मासिक राशि जमा करनी होती है. जो उनकी उम्र के हिसाब से निर्धारित की गई है. जबकि 18 वर्ष की आयु के कामगार के लिए यह राशि ₹55 प्रतिमाह है.जबकि 29 वर्ष के कामगार के लिए ₹100 प्रतिमाह तथा 40 वर्ष के कामगार के लिए ₹200 प्रति माह इस प्रकार उदाहरण स्वरूप यदि एक 40 वर्ष का व्यक्ति इस पेंशन योजना से जोड़ता है.


तो 1 साल में उसे लगभग ₹24 प्रीमियम के रूप में जमा कराने होंगे होंगे और यदि वह 20 साल तक जमा कर आता है. तो ₹48000 उसे पूरी राशि 60 वर्ष की आयु तक जमा करानी होगी.उसके पश्चात ₹3000 प्रति माह के दर से उसको पेंशन का लाभ मिलेगा और वह जब तक जीवित रहेंगे तब तक उनको यह पेंशन आजीवन मिलता रहेगा. यदि उनकी मृत्यु हो जाती है और उनके आगे भी जीवित हैं. उनके आश्रित फैमिली पेंशन के रूप में 50  प्रतिशत जब तक जीवित रहेंगे तब तक मिलेगा.

इसके अलावा बिहार शताब्दी असंगठित क्षेत्र कामगार एवं सामाजिक सुरक्षा योजना 2011 के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा बताया कि यदि असंगठित क्षेत्र के किसी कामगार या शिल्पकार की मृत्यु हो जाती है तो स्वाभाविक मृत्यु की दशा में उनके आश्रित को ₹30000 जबकि दुर्घटना मृत्यु की दशा में उनके आश्रित को ₹100000 की अनुदान राशि दी जाएगी. यदि किसी असंगठित कामगार या शिल्पकार के साथ दुर्घटना या बीमारी की वजह से स्थायी आंशिक अपंगता हो जाती है तो उन्हें ₹37500 जबकि स्थायी पूर्ण अपंगता की स्थिति में ₹75000 के अनुदान राशि दी जाएगी.

 उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से अपील की ऑन लोड किया कि विगत 1 वर्ष में यदि सुगौली प्रखंड के किसी पंचायत में किसी भी असंगठित कामगार या शिल्पकार की मृत्यु हुई है तो कृपया उसका आवेदन प्रखंड में प्रखंड विकास पदाधिकारी आश्रम पूर्व अधिकारी के पास या जिला में श्रम अधीक्षक कार्यालय में जमा करा दें. इसके अलावा बिहार प्रवासी मजदूर दुर्घटना योजना 2008 के बारे में विस्तार से जानकारी दी.बिहार राज्य के बाहर काम करने जाते हैं और वहां उनकी दुर्घटना के पश्चात मृत्यु हो जाती है तो उनके आश्रित को ₹100000 के अनुदान राशि दिए जाने का प्रावधान है साथ ही यदि दुर्घटना या बीमारी के पश्चात मानसिकता हो जाती है.स्थिति में बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया कि निर्माण श्रमिक हैं और अभी तक नहीं बन पाया है. कृपया अपना आवेदन और पीके जमा करा दें ताकि उनकी कार्रवाई की जा सके और योजनाओं का लाभ मिल सके.

आलोक कुमार 

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला में पुरस्कृत किया जाएगा

 

चकिया. चकिया अनुमंडल पदाधिकारी शंभू शरण पांडेय की अध्यक्षता में अनुमंडल क्षेत्र के सभी विकास मित्रों की बैठक आयोजित की गई.इस बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी श्री पाण्डेय ने कहा कि अनुमंडल क्षेत्र में जो  विकास मित्र बेहतर काम कर रहे हैं जिनका प्रदर्शन अच्छा है.जिन्होंने बाल विवाह व दहेज प्रथा को रोकने में भूमिका निभाया है उनको 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के  अवसर पर जिला में पुरस्कृत किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि बाल विवाह इस अनुमंडल में नहीं होना चाहिए इसके लिए विकास मित्रों को सजग रहने की हिदायत दी. उन्होंने कहा कि बाल विवाह और दहेज की घटना रोकने के लिए आप लोग तत्पर रहें.  राशन और किरासन वितरण में गड़बड़ी हो रही हो उसको भी आपको देखना है.इस अवसर पर सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा सुरक्षा  कोषांग धीरज कुमार ने कहा कि सभी बैठकों में  प्रेम प्रसंग में पलायन होने की घटना और दुष्परिणाम को बताने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि किशोरी समूह की बैठक, विद्यालयों में बाल संसद और मीना मंच की बैठक में खासकर लड़को को बताना जरूरी है कि लड़की तो बाल गृह जाकर छूट जाती है,  मगर लड़का को जेल जाना पड़ता है.जिस पर पोक्सो एक्ट भी लग जाता है जिसके कारण उसकी जीवन बर्बाद हो जाता है.

धीरज कुमार ने कहा कि सभी लोगों को जीवन प्रमाणीकरण कराना जरूरी है तभी उनका पेंशन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि 1 जून से वृद्ध लोगों के लिए 30 जून तक जीवन  प्रमाणीकरण के लिए  भौतिक सत्यापन की व्यवस्था शुरू की गई है विकास मित्र, सेविका कार्यपालक सहायक के द्वारा पहचान की जरूरत है.इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग , महिला एवं बाल विकास निगम, यूनिसेफ के सहयोग से सेव द चिल्ड्रेन द्वारा संचालित उड़ान प्रोजेक्ट के जिला समन्वयक हामिद रजा ने कहा कि राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस 30 अप्रैल से 12 जून 2022 अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस बाल श्रम निषेध दिवस तक लगातार अपने क्षेत्र में बाल श्रम ,बाल विवाह और दहेज प्रथा  को रोकने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.इसी क्रम में मेहसी प्रखंड में 4 जून को और चकिया प्रखंड में 6 जून को किशोरी सशक्तिकरण सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा.जिसमें बच्चों के प्रतिभा को निखारने का अवसर प्रदान किया जाएगा.

इस अवसर पर अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी शशांक चौबे  उड़ान प्रोजेक्ट के  कृष्णा कुमार, जितेंद्र कुमार सिंह, प्रखंड रामकुमार रंजन, संदीप कुमार, उपेंद्र राम, बिपिन कुमार, ध्रुप बैठा, सुमित्रा कुमारी सहित अनुमंडल क्षेत्र के सभी विकास मित्र बैठक में शामिल हुए.

आलोक कुमार

सुरक्षात्मक कार्य की प्रगति की लगातार समीक्षा जिलाधिकारी द्वारा

 


बेतिया. जिलाधिकारी द्वारा महनवा, डुमरी, बथना आदि जगहों पर कटाव/बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों का किया गया निरीक्षण.पीओ, मनरेगा को तटबंध के किनारे सघन वृक्षारोपण कराने का दिया निर्देश.जिला प्रशासन द्वारा संभावित बाढ़/कटाव के मद्देनजर सुरक्षात्मक कार्य कराया जा रहा है ताकि जान-माल की क्षति नहीं होने पाए. इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विभिन्न जगहों पर कराये जा रहे सुरक्षात्मक कार्य की प्रगति की लगातार समीक्षा भी की जाती रही है.

 

इसी परिप्रेक्ष्य में आज जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा मझौलिया प्रखंड अंतर्गत सिकरहना नदी से प्रभावित होने वाले महनवा, डुमरी, बथना आदि जगहों का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि महनवा एवं डुमरी में सुरक्षात्मक कार्य पूर्ण करा लिया गया है.परसा टोला, डुमरी में ललन यादव का घर एवं कुआं कटने को लेकर वहां पर सुरक्षात्मक कार्य पूर्ण करा लिया गया है. महनवा में कटाव निरोधी कार्य के निरीक्षण के क्रम में ग्रामीण खादिर के द्वारा बताया गया कि 60 फीट में बांस गिरा हुआ है. जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता को तुरंत ठीक कराने का निर्देश दिया गया.

 कार्यपालक अभियंता, सिकरहना तटबंध, मोतिहारी द्वारा बताया गया कि गुदरा बिन टोली, महनवा में सुरक्षात्मक कार्य पूर्ण करा लिया गया है. तुलाराम घाट पर सुरक्षात्मक कार्य दो दिनों के अंदर पूर्ण करा लिया जायेगा.बथना गांव के निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि वहां मनरेगा से बांध का निर्माण कराया गया है. जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि यहां फ्लड फाइटिंग कार्य करना अत्यंत ही जरूरी है.  मनरेगा पीओ को निर्देश दिया गया कि नदी के किनारे सघन वृक्षारोपण का कार्य कराना सुनिश्चित किया जाए.

 जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सिकटा रेलवे स्टेशन के समीप कटाव निरोधी कार्य अविलंब शुरू कराना सुनिश्चित करें. साथ ही झारमहुई में दो दिनों के अंदर सुरक्षात्मक कार्य प्रारंभ किया जाए.इस अवसर पर जिला आपदा प्रभारी पदाधिकारी, श्री अनिल राय, एसडीएम, बेतिया, श्री विनोद कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी, मझौलिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.

आलोक कुमार


बेतिया. निर्माणाधीन सड़क में गड़बड़ी की शिकायत को लेकर 48 घंटे के अंदर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.अधीक्षण, अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अंचल, बेतिया को सड़क, पुल-पुलिया आदि के निर्माण में प्राक्कलन का शत-प्रतिशत अनुपालन कराने का निर्देश.बैरिया प्रखंड अंतर्गत कादिर चौक से दीवान तकिया तक 765 मीटर लंबी निर्माणाधीन पथ में गड़बड़ी की सूचना स्थानीय ग्रामीणों द्वारा जिला प्रशासन को दी गयी.ग्रामीणों द्वारा उक्त सड़क में गड़बड़ी को लेकर फोटोग्राफ आदि साक्ष्य भी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराये हैं. प्रथम दृष्टया सड़क निर्माण में गड़बड़ी परिलक्षित हो रही है.

 

जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण द्वारा इसे अत्यंत ही गंभीरता से लेते हुए समीक्षात्मक बैठक में अधीक्षण अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अंचल, बेतिया को निर्माणाधीन उक्त सड़क की विधिवत जांच कर जांच प्रतिवेदन 48 घंटे के अंदर उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है. साथ ही दोषियों को चिन्हित करते हुए कार्रवाई की अनुशंसा करने को भी निर्देशित किया गया है.जिलाधिकारी ने अधीक्षण अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अंचल, बेतिया निर्देश दिया कि सड़क, पुल-पुलियां आदि के निर्माण में प्राक्कलन का शत-प्रतिशत अनुपालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाय. किसी भी सूरत में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों, कर्मियों एवं संवेदकों को बख्शा नहीं जायेगा.


आलोक कुमार

मंगलवार, 31 मई 2022

राजद की ओर से एकतरफा प्रत्याशियों के नाम की घोषणा को दुर्भाग्यपूर्ण

पटना.भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने बिहार विधान परिषद की 3 सीटों के लिए राजद की ओर से एकतरफा प्रत्याशियों के नाम की घोषणा को दुर्भाग्यपूर्ण तथा गठबंधन की मर्यादा के प्रतिकूल बताया है.कहा कि बातचीत की प्रक्रिया जारी ही थी, लेकिन इसी बीच राजद की ओर से एकतरफा प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी गई, जबकि 1 सीट पर हमारा लंबे समय से दावा रहा है और राजद भी इसे स्वीकार करता रहा है.

राजद के नेतृत्व से हमारा पुनः आग्रह है कि इस फैसले पर पुनर्विचार करे और विधान परिषद सीट पर माले की चिरलंबित दावेदारी के प्रति सकारात्मक फैसला ले. राजद अपने वादे को याद करे और विधानपरिषद की एक सीट हमारी पार्टी के लिए छोड़ें.इस सिलसिले में पार्टी कल फिर एक बार राजद नेतृत्व को पत्र लिखा है.

राजद की ओर से तीन उम्मीदवारों की घोषणा के बाद सीपीआई एमएल ने राजद को पत्र लिखा है. जिसमें कहा गया है कि तीन सीटों के लिए राजद की तरफ से जिन प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की गई है, वह गठबंधन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है. बातचीत की प्रक्रिया के बीच में ही राजद के द्वारा अपनी तरफ से एक प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी गई. जबकि एक सीट पर उनका लंबे समय से दावा रहा है और राजद भी इस बात को स्वीकार करता रहा है.वामदलों ने राजद के नेतृत्व से आग्रह किया है कि वह इस फैसले पर पुनर्विचार करें और विधान परिषद सीट पर माले की दावेदारी के प्रति सकारात्मक रुख अपनाएं. मिली जानकारी के बाद वाम दलों के इस पत्र के बाद राजद में सोच विचार का दौर शुरू हो गया है. क्योंकि अगर मार्ले अपनी जिद पर अड़ गया तो राजद के लिए विधान परिषद की तीसरी सीट पर उम्मीदवार का जीतना मुश्किल हो जाएगा.

आरजेडी द्वारा प्रत्याशी घोषित किये जाने के बाद कांग्रेस ने तो खुलेआम चेतावनी दी है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उनकी पार्टी के समर्थन के बगैर आरजेडी के तीनों प्रत्याशी नहीं जीत सकते हैं. साथ ही आरोप लगाया कि बिना बातचीत के ही मनमाने तरीके से उम्मीदवार उतार दिये गये. इसका खामियाजा आरजेडी को भुगतना पड़ेगा. बता दें कि 21 जुलाई को बिहार विधान परिषद की 7 सीटें खाली हो रही हैं. इसके लिए अगले महीने चुनाव है.

लालू यादव की पार्टी की ओर से प्रत्याशी उतारने के बाद कांग्रेस विधायक शकील अहमद ने कहा कि आरजेडी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. प्रत्याशियों को लेकर राजद ने कांग्रेस और भाकपा माले से कोई बातचीत नहीं की. शकील अहमद ने स्‍पष्‍ट शब्‍दों में कहा कि बिना उनकी पार्टी के समर्थन के आरजेडी के उम्मीदवार विधान परिषद का चुनाव नहीं जीत सकते हैं. उन्होंने बताया कि एमएलसी उम्मीदवार को लेकर कांग्रेस और माले एक साथ हैं. दोनों पार्टियां साथ में मिलकर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में हैं.

कांग्रेस विधायक दल के नेता अजित शर्मा ने कहा है कि राजद ने तीन उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है जबकि वोट के हिसाब से उसके 2 उम्मीदवार ही जीत सकते हैं. बाकी सहयोगी दलों पर सब कुछ निर्भर है. विडंबना यह है कि उम्मीदवारों की सूची जारी करने से पहले राजद ने किसी के साथ बैठक नहीं की. अजीत शर्मा ने कहा कि हम लालू प्रसाद यादव से मिलकर एमएलसी चुनाव को लेकर बातचीत की थी. अब सब कुछ उलट गया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी और जदयू में इस मामले में सब कुछ साफ है लेकिन महागठबंधन में ऐसा नहीं दिख रहा है.

अजीत शर्मा ने कहा कि हम लोग सोचते थे कि लोकसभा चुनाव से पहले बिहार में विपक्षी एकता और मजबूत हो. सोनिया गांधी और लालू प्रसाद बीच भी इन सब मुद्दे पर बातचीत हुई है. इस बार लोकसभा चुनाव से पहले बिहार में भी ऐसा दिखना चाहिए था कि विपक्ष एकजुट है, लेकिन जिस तरह एमएलसी चुनाव में राजद ने 3 उम्मीदवार खड़े किये हैं, उससे महागठबंधन में किचकिच हो रहा है.

बता दें कि विधान परिषद में राजद के कोटे से जाने वाले दो उम्मीदवारों के नाम की घोषणा के वक्त यह तय किया गया था कि उन उम्मीदवारों के समर्थन में जरूरी संख्या को वामदलों के विधायकों से पूरा किया जाएगा. लेकिन राजद ने 3 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी. इसमें वामदलों को कोई स्थान नहीं दिया गया है. इस बात को लेकर वामदलों ने अपनी नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि राजद ने गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया है, जबकि उन्हें एक सीट मिलनी चाहिए थी.

वामदलों का कहना है कि विधानसभा में वाम दलों के 16 विधायक होने के बावजूद राजद ने उम्मीदवार उतारने से पहले उनसे सलाह-मशविरा नहीं किया. गौरतलब है कि विधानसभा में सीपीआई माले के पास 12 और सीपीआईएम के दो और सीपीएम के दो विधायक हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि राजद को विधान परिषद चुनाव में तीसरे उम्मीदवार के लिए वामदलों के वोट पर ही रहना होगा.

विधान परिषद की तीन सीटों पर राजद की ओर से एकतरफा उम्मीदवार की घोषणा से नाराज भाकपा माले (CPI ML) को मनाने की कोशिश शुरू हो गई है.राजद (RJD) ने कहा कि दो साल बाद 2024 के चुनाव में परिषद की पहली सीट माले को दी जाएगी. हालांकि माले इस पेशकश से सहमत नहीं है. वह इसी चुनाव में अपना हिस्सा चाह रही है.दोनों दलों के बीच बातचीत जारी है. माले इस चुनाव में उम्मीदवार देने और अपनी जीत की संभावना तलाश रही है. माले की बातचीत राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद से हुई है.


आलोक कुमार

निशाने पर हैं बीजेपी के पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के रिश्तेदार

 

पटना. अपराधियों के निशाने पर हैं बीजेपी के पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के रिश्तेदार. वर्तमान कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाकर एक साथ दो लोगों को गोली मार दे रहे हैं. अपराधियों ने अपने बुलंद हौसले के बल पर 26 अप्रैल को बिहार के जहानाबाद शहर के होटल कारोबारी अभिराम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी.उसी दिन जहानाबाद से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर दूसरे अपराधियों ने पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के चचेरे भाई दिनेश शर्मा की दुकान पर भी हमला बोला था. जिस वक्त हत्यारों ने घात लगाकर हमला किया वो दुकान खोलकर बैठे ही थे. तभी बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोली मारकर निढाल कर दिया. वो काउंटर की कुर्सी पर बैठे बैठे ही उनकी मौत हो गयी थी.आज मंगलवार को अपराधियों ने राजधानी के पत्रकार नगर में भीड़भाड़ वाले इलाके में दिनदहाड़े पूर्व विधायक के दो भाइयों को गोलियों से भून दिया. एक भाई की मौत गयी है जबकि दूसरे की हालत नाजुक बताई जा रही है.

पत्रकार नगर थाने के पास ही बदमाशों ने बीजेपी के पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के दोनों भाइयों पर ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार शुरू कर दी. इस दौरान अपराधियों द्वारा चलायी जा रही गोली के शिकार हुए चितरंजन के भाई बीच सड़क पर गिरकर काफी देर तक छटपटाते रहे. हालांकि घटना की सूचना मिलते ही आनन-फानन में घटनास्थल पर पहुंचे पत्रकार नगर थाना प्रभारी ने दोनों युवकों को नजदीकी अस्पताल भेजा जहां शंभू नाम के युवक की मौत हो गई. गंभीर रूप से जख्मी गौतम कुमार इलाज निजी अस्पताल में जारी है.बताया जाता है कि आरोपी जिस बाइक से आए थे, उस पर प्रेस लिखा हुआ था.

इससे पहले 26 अप्रैल को बिहार के जहानाबाद शहर के होटल कारोबारी अभिराम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. कुछ अज्ञात लोगों ने पटना-गया मुख्य सड़क मार्ग-83 पर डीएम आवास के समीप स्थित कारोबारी को घर में घुसकर गोली मारी गयी थी. व्यवसाय की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी थी. मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात अपराधियों ने इस घटना को अंजाम दिया था. 26 अप्रैल को ही करीब-करीब इसी वक्त पर जहानाबाद से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर दूसरे अपराधियों ने पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के चचेरे भाई दिनेश शर्मा की दुकान पर भी हमला बोला था. जिस वक्त हत्यारों ने घात लगाकर हमला किया वो दुकान खोलकर बैठे ही थे. तभी बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोली मारकर निढाल कर दिया. वो काउंटर की कुर्सी पर बैठे बैठे ही उनकी मौत हो गयी थी.

घटनास्थल पर पहुंचे पटना के एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया है कि 7 एमएम और 9 एमएम के हथियार से अपराधियों ने फायरिंग की है. घटनास्थल से चार खोखे बरामद किए गए हैं. फिलहाल प्रारंभिक रूप में छानबीन करने के दौरान पांडव गिरोह का नाम सामने आ रहा है. फिलहाल इस बिंदु पर भी जांच शुरू कर दी गई है. घायल और मृतक सहोदर भाई थे. मोटरसाइकिल से आ रहे थे. हत्यारे दूसरी मोटरसाइकिल से उनका पीछा कर रहे थे. घटनास्थल पर पहुंचते ही इंटरसेप्ट कर दोनों पर गोलियों की बौछार कर दी.

पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के हनुमान नगर मे आज शाम सात बजे के करीब बाइक सवार दो अपराधियों ने गौतम और शंभू नाम के दो युवकों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी. अचानक हुए हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. जिन दो युवकों को गोली लगी थी उनमें से एक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि दूसरे की हालत गंभीर है. मरने वाले बीजेपी के पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के भाई हैं. शम्भू शर्मा दिल्ली मे चार्टेड अकाउंटेंट था जबकि दूसरा पटना मे रहकर पढ़ाई करता था.घटनास्थल पर पहुंचे पटना एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि देर शाम इस घटना की जानकारी मिली. धनरूआ थाना क्षेत्र के नीमा गांव के रहने वाले दो सहोदर भाइयों का अपराधियों ने काफी देर तक पीछा करने के बाद गोली मार दी. वहीं, एसएसपी ने बताया कि एक ही गांव दो परिवारों की पुरानी अदावत चलती आई है. फिलहाल प्रारंभिक जांच के दौरान पांडव गिरोह के सरगना की भूमिका मामले पर भी जांच शुरू कर दी गई है. गौरतलब हो कि एक महीने पहले ही पूर्व विधायक के चाचा और भतीजे की भी हत्या कर दी गई थी.

राज्यसभा की सदस्यता समाप्त होने के बाद बंगला खाली करने को कहा था:शरद यादव

 


  *22 साल के बाद 7 तुगलक आवास से बेदखल


दिल्ली.पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ने मंगलवार को 7 तुगलक रोड बंगला खाली कर दिया. अब वह छतरपुर शिफ्ट हो रहे हैं. लुटियंस जोन में करीब 50 साल बिताने वाले शरद यादव को राज्यसभा की सदस्यता समाप्त होने के बाद बंगला खाली करने को कहा गया था. हालांकि, वह इसके लिए सुप्रीम कोर्ट भी गए लेकिन वहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिली. अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में मंत्री रहे शरद यादव कभी जेडीयू के साथ भी रहे. उनके नीतीश के साथ एक वक्त तक रिश्ते काफी अच्छे थे. वह बिहार जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष भी रहे.


भारी मन से पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ने कहा कि मैं अपनी राजनीति का एक लंबा वक्त लोकसभा और राज्यसभा दोनों का प्रतिनिधित्व करते हैं.50 साल से लुटियंस जोन में हूं. 22 साल से 7 तुगलक रोड पर स्थित बंगला में रहते रहे.लेकिन राज्यसभा की सदस्यता समाप्त होने के बाद उन्हें कई बार बंगले को खाली करने के लिए कहा गया. लेकिन बंगले की खाली करने से बचने के लिए वह कोशिश में लगे रहे. इस बीच बंगले को खाली कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया. जहां से कोर्ट ने शरद यादव के खिलाफ में फैसला सुनाया और उन्हें 31 मई तक बंगले को खाली करने के आदेश दिए थे.मंगलवार को 7 तुगलक रोड बंगला 22 साल बाद केंद्रीय मंत्री और संसद सदस्य के रूप में खाली कर दिया, जो श्री यादव ने कहा कि वह अब छतरपुर जा रहे हैं.


उन्होंने कहा “मैंने जीवन भर संघर्ष किया है. मैंने नैतिक कारणों से तीन बार संसद से इस्तीफा दिया है.कितने नेताओं ने अपने राजनीतिक जीवन में ऐसा किया है?” उसने पूछा.पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि वह 1974 में दिल्ली आए थे और आपातकाल के दौरान दो साल तक जेल में रहे थे.“मैंने आंतरिक सुरक्षा अधिनियम (मीसा) के तहत दो बार जेल में समय दिया है.राजनीतिक लड़ाई के लिए कितने जेल गए?“मैंने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. मैंने एक नहीं, बल्कि कई चुनाव देखे हैं.मैं इस लुटियंस में 50 साल से हूं, लुटियंस दिल्ली में आज मेरा आखिरी दिन है.समय बदलने पर मैं यहां वापस आऊंगा “श्री यादव ने कहा.केंद्र की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री रहने के दौरान शरद यादव वर्ष 2000 से 7 तुगलक रोड स्थित एक बंगले में रह रहे हैं.



पूर्व केन्द्रीय मंत्री शरद यादव को लालू-तेजस्वी यादव की पार्टी राज्यसभा भेज सकती है। शरद यादव इन दिनों गंभीर रूप से बीमार चल रहे हैं। इस साल जुलाई में बिहार में राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही हैं, जिसमें दो सीटें भाजपा, एक सीट जेडीयू और दो सीटें राजद के पास जाएगी। इसको लेकर कुछ दिनों पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की मुलाकात भी शरद यादव से दिल्ली में हुई है।


बताया जाता है कि तेजस्वी ने शरद यादव को राज्यसभा भेजने का आश्वासन भी दिया है। दूसरी तरफ शरद यादव अपनी पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल (LJD) का विलय 20 मार्च को औपचारिक रूप से राष्ट्रीय जनता दल के साथ करेंगे. जदयू से अलग होकर शरद यादव ने 2018 में अपनी पार्टी का गठन किया था। इस खबर को और आगे पढ़ने से पहले इस पोल में भाग लेकर अपने विचार बता दीजिए.


पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ने अपने लोकतांत्रिक जनता दल (एलजेडी) का लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में विलय कर दिया.पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ने कहा कि एलजेडी को राजद में विलय कर दिया.यह सोचा था कि राजद जून में होने वाले उच्च सदन के द्विवार्षिक चुनावों के दौरान राज्यसभा के लिए नामित कर सकती है.राजद द्वारा वादे के बावजूद उन्हें राज्यसभा का टिकट नहीं देने के लिए कहने पर, श्री यादव ने कहा कि कहानी को पीछे छोड़ना बेहतर है, अब हर जगह राज्यसभा के टिकटों को अंतिम रूप दिया गया है. दोनों दलों के विलय की घोषणा के बाद शरद यादव ने कहा कि यह कदम “विपक्षी दल के गठन की दिशा में पहला कदम” था.“राजद का हमारी पार्टी के साथ एकीकरण विपक्षी एकता के निर्माण की दिशा में पहला कदम है. भाजपा को हराने के लिए पूरे विपक्ष को एकजुट होना जरूरी है.अब तक, एकीकरण हमारी प्राथमिकता है. उसके बाद हम होंगे. हम इस बारे में सोचेंगे संयुक्त विपक्ष का नेतृत्व कौन करेगा.” उसने किया.शरद यादव ने भारतीय जनता पार्टी के साथ पार्टी के गठबंधन को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) से अलग होने के बाद 2018 में एलजेडी का गठन किया.


एलजेडी ने अपनी स्थापना के बाद से कभी भी चुनाव नहीं लड़ा है जब इसके प्रमुख शरद यादव 2019 के लोकसभा चुनाव में मधेपुरा से राजद के टिकट पर हार गए थे.शरद यादव केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में कैबिनेट मंत्री थे.संयोग से, दोनों नेता लगभग 25 वर्षों के बाद फिर से मिले हैं. 1997 में वे अलग हो गए जब लालू प्रसाद यादव ने राजद की स्थापना की और शरद यादव ने नीतीश कुमार के साथ जदयू) की स्थापना की.लालू प्रसाद यादव को बाद में पशु चारा घोटाले में दोषी ठहराया गया था.राष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के अलावा, उन्होंने बिहार की राजनीति पर हावी होने के लिए 1990 के दशक में “मंडल” राजनीति के बैंड-बाजे को अपनाया.


आलोक कुमार

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