मंगलवार, 28 जून 2022

विरोध सभा में माले के कई विधायक व नागरिक समाज के लोग शामिल रहे

 

* मोदी के ‘नए भारत’ में न्याय मांगना सबसे बड़ा अपराध

* मानवाधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और आरबी श्रीकुमार की गिरफ्तारी के खिलाफ पटना में प्रतिवाद

* अल्ट न्यूज के सह संस्थापक मो. जुबैर की गिरफ्तारी का भी किया विरोध

पटना. 2002 गुजरात जनसंहार के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कई अभियान चला चुके तीस्ता सीतलवाड़ व आरबी श्रीकुमार, तथा 2018 में किए गए एक ट्वीट के लिए अल्ट न्यूज के सह संस्थापक मो. जुबैर की दिल्ली पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी के खिलाफ आज पटना में एआइपीएफ, माले व इंसाफ मंच के बैनर से विरोध कार्यक्रम का आयोजन किया गया तथा उनकी अविलंब रिहाई की मांग की गई. बुद्ध स्मृति पार्क के पास आयोजित विरोध सभा में माले के कई विधायक व नागरिक समाज के लोग शामिल रहे.

कार्यक्रम में मुख्य रूप से एआइपीएफ से जुड़े व शहर के चर्चित शिक्षाविद गालिब, अभय पांडेय, अखिल भारतीय किसान महासभा के महासचिव राजाराम सिंह, माले विधायक दल के नेता महबूब आलम, इनौस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व विधायक मनोज मंजिल, अरवल से पार्टी विधायक महानंद सिंह, ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी, राज्य सचिव शशि यादव, पटना नगर के सचिव अभ्युदय, पार्टी के वरिष्ठ नेता राजाराम, इंसाफ मंच के नसीम अंसारी, आफशा जबीं, आसमां खां, कोरस की समता राय आदि शामिल थे. जबकि कार्यक्रम का संचालन एआइपीएफ के संयोजक कमलेश शर्मा ने किया.

नेताओं ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के तथाकथित नए भारत में न्याय मांगना सबसे बड़ा अपराध है. मानवाधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलबाड़ और आर.बी. श्रीकुमार के बाद अब अल्ट न्यूज से जुड़े मो. जुबैर को गिरफ्तार कर लिया गया है. नफरत, झूठ व अन्याय के इस दौर में अब प्यार, सच और न्याय की मांग करना सबसे बड़े अपराध बन गए हैं. जहां पूरे देश में नफरत व झूठ  को पूरा छूट हासिल है, वहीं सच और न्याय को जेल की सलाखों में डाल दिया जा रहा है. 

आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जिन जजों ने गुजरात जनसंहार में नरेन्द्र मोदी को निचली अदालत द्वारा मिली क्लीन चिट के खिलाफ तीस्ता सीतलवाड़ की अपील को खारिज करते हुए कहा कि ‘‘न्याय के हिमायती’’ लोगों ने जकिया जाफरी के दर्द का फायदा उठाया और उसके महज 24 घंटे के अंदर ही मुकदमा दायर करके तीस्ता सीतलबाड व आर बी श्रीकुमार की गिरफ्तारी हुई, उन जजों की बहाली प्रक्रिया देखने लायक है. इस बहाली प्रक्रिया से यह स्पष्ट हो जाता है कि सुप्रीम कोर्ट जैसी संस्था आज प्रधानमंत्री मोदी के पूरे दबाव में काम कर रही है. तीन जजों में दिनेश महेश्वरी के लिए उनसे 32 वरिष्ठ जजों को साइडलाइन किया गया. अन्य दोनों जजों की नियुक्ति प्रक्रिया भी नियम-कानूनों का घोर उल्लंघन है. जाहिर सी बात है कि ऐसी स्थिति में न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती. सुप्रीम कोर्ट द्वारा न्याय की तलाश का अपराधीकरण कर देना व न्याय मांगने वालों को कठघरे में खड़ा कर देना लोकतंत्र के हित में बिलकुल ठीक नहीं है.

ये सारी गिरफ्तारियां प्रधानमंत्री मोदी व गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर हुई हैं, जिसमें बदले की भावना काम कर रही है. आज पूरा देश तीस्ता सीतलबाड़, आर.बी. श्रीकुमार व मो. जुबैर की रिहाई की मांग पर सड़क पर है. 

कार्यक्रम में उपर्युक्त नेताओं के अलावा प्रकाश कुमार, अनय मेहता, जितेन्द्र कुमार, डॉ. प्रकाश, अनिल अंशुमन, संजय यादव, विनय कुमार आदि भी उपस्थित थे.


आलोक कुमार

सर्वेक्षण में कुल 2682 कुआं चिन्हित किए


नालंदा. इस जिले के जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज पंचायती राज विभाग द्वारा जिला स्तर पर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की.कुआँ के जीर्णोद्धार एवं सोख्ता  निर्माण के संदर्भ में बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कराये गये सर्वेक्षण में कुल 2682 कुआं चिन्हित किए गये, जिनमें से 2267 कुओं के जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ किया गया. अब तक 1611 कुओं का जीर्णोद्धार कार्य पूरा किया गया है. सभी कुओं के समीप, जहां भी जमीन उपलब्ध है, वहां सोख्ता का निर्माण किया जाना है. अब तक 1202 सोख्ता का निर्माण पूरा किया गया है.

जिलाधिकारी ने सभी सर्वेक्षित कुओं की संबंधित पोर्टल पर एंट्री सुनिश्चित करते हुए उनके जीर्णोद्धार का कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया. जिन कुओं के जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ हुआ है किंतु पूरा नहीं हुआ है, उसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया.हर घर नल का जल की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जिला में पंचायती राज विभाग द्वारा 2146 वार्डों में कुल 2388 योजनाओं का क्रियान्वयन कराया गया है.इनमें से 1864 योजनाओं में जल मीनार का निर्माण कराया गया है, शेष 524 योजनाओं में जल मीनार का कार्य नहीं हुआ है.

सभी बीपीआरओ को जल मीनार विहीन इन सभी 524 योजनाओं की विस्तृत जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.जांच के क्रम में बीपीआरओ यह देखेंगे कि योजना की संपूर्ण राशि वार्ड क्रियान्वयन समिति को हस्तांतरित हुई या नहीं. अगर संपूर्ण राशि हस्तांतरित हुई है तो संपूर्ण राशि की निकासी की गई है या नहीं. जहां भी संपूर्ण राशि की निकासी की गई है वहां तत्कालीन संबंधित वार्ड क्रियान्वयन समिति को नोटिस निर्गत कर जल मीनार का निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा अन्यथा संबंधित डब्लू आईएमसी के विरुद्ध राशि के गबन के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी.

समीक्षा के क्रम में पाया गया कि नल जल की 445 योजनाओं में विधिवत विद्युत कनेक्शन नहीं लिया गया है. सभी बीपीआरओ को संबंधित  डब्लू आईएमसी  को नोटिस निर्गत करके विधिवत विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया.

जिला में क्रियान्वित 1246 योजनाओं में एक बार भी उपभोक्ता शुल्क (₹30 प्रतिमाह) की वसूली डब्ल्यू आईएमसी द्वारा नहीं की गई है. संबंधित  डब्लू आईएमसी   को नोटिस निर्गत कर इसका अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया. योजनावार उपभोक्ता शुल्क पंजी का अलग से संधारण सुनिश्चित करने को कहा गया.

विगत महीनों में जिलाधिकारी द्वारा प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों एवं पंचायत स्तरीय जनप्रतिनिधियों से नल जल योजना के क्रियान्वयन की स्थिति के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया गया था. प्राप्त फीडबैक के आधार पर 41 वार्ड में निकटतम वर्तमान योजना से वंचित/छूटे हुए घरों को नल जल का कनेक्शन देने के लिए चिन्हित किया गया था. इनमें से 14 वार्ड में कार्य पूरा किया गया तथा 14 अन्य वार्ड में कार्य प्रगति पर बताया गया. प्राप्त फीडबैक के आधार पर 132 वार्डों में अतिरिक्त योजना का क्रियान्वयन कर छूटे हुए घर/ टोलों को नल जल का कनेक्शन दिया जाना था.इनमें से 14 अतिरिक्त योजनाओं का कार्य पूरा किया गया तथा 63 अन्य अतिरिक्त योजनाओं का कार्य प्रगति पर है.जिलाधिकारी ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी को अविलंब सभी योजनाओं का कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया.

 हरनौत बीपीआरओ द्वारा अतिरिक्त योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में किसी तरह का स्पष्ट प्रतिवेदन नहीं दिया गया.जिलाधिकारी ने उनसे स्पष्टीकरण पूछते हुए उनका वेतन निकासी स्थगित करने का निर्देश दिया. सभी बीपीआरओ को स्पष्ट रूप से कहा गया कि इन सभी अतिरिक्त योजनाओं का कार्य उच्च प्राथमिकता  से पूर्ण करें अन्यथा संबंधित के विरुद्ध प्रपत्र ' क ' गठित कर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी. इन सभी वार्डों की अद्यतन स्थिति की जांच प्रखंड के वरीय पदाधिकारियों से सुनिश्चित कराया जाएगा.

बैठक में बगैर किसी पूर्व अनुमति के अनुपस्थित रहने के कारण बीपीआरओ परवलपुर से स्पष्टीकरण पूछते हुए उनका वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया गया.विगत पंचायत चुनाव के बाद जिला के 3105 वार्डों में से 2867 वार्डों में वार्ड क्रियान्वयन समिति का नया स्तर से गठन हुआ है. इनमें से 1468 वार्डों में पुरानी समिति द्वारा नई समिति को अभिलेख हस्तांतरित किया जा चुका है. जिलाधिकारी ने शेष वार्डाें में शीघ्र से शीघ्र वार्ड क्रियान्वयन समिति का नवगठन सुनिश्चित कराने तथा शत प्रतिशत वार्डों में अभिलेख का हस्तांतरण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया.अभिलेख के हस्तांतरण के लिए सभी बीपीआरओ को संबंधित पुराने वार्ड क्रियान्वयन समिति को 24 घंटे के अंदर नए वार्ड क्रियान्वयन समिति को अभिलेख हस्तांतरण कराने के आशय का नोटिस निर्गत करने का निर्देश दिया गया. इसका अनुपालन नहीं करने वाले वार्ड क्रियान्वयन समिति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा गया.

बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला पंचायती राज पदाधिकारी एवं विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी उपस्थित थे.

आलोक कुमार

जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं जिलास्तरीय समीक्षा समिति की बैठक सम्पन्न

 *जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक हुई सम्पन्न

*सीडी रेसियो बढ़ाने के लिए, बैंकर्स को तत्परतापूर्वक कार्य करने की नसीहत


बेतिया.पश्चिम चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं जिलास्तरीय समीक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुयी. इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार सहित सभी संबंधित अधिकारी, बैंकर्स आदि उपस्थित रहे.

सीडी रेशियो (ऋण जमा अनुपात) की समीक्षा के दौरान एलडीएम द्वारा बताया गया कि एसबीआई, सीबीआई, पीएनबी, केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक का सीडी रेशियो अपेक्षाकृत काफी कम है. वहीं यूको बैंक, यूनियन बैंक, आईओबी, एचडीएफसी बैंक, बंधन बैंक, उत्कर्ष बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र आदि का सीडी रेशियो बेहतर है.

 उन्होंने बताया कि पश्चिमी चंपारण जिले का सीडी रेशियो राज्य के औसत से ऊपर है और सोशल सिक्योरिटी के तहत पेंशन प्रदान करने में पश्चिमी चम्पारण जिला प्रथम है.जिलाधिकारी द्वारा बारी-बारी से सीडी  रेशियो   में अच्छा प्रदर्शन करने वाले बैंकर्स से फीडबैक लिया गया कि कैसे उनके बैंक का सीडी रेशियो बेहतर है. साथ ही अपेक्षाकृत कम उपलब्धि वाले बैंकर्स से भी पृच्छा की गयी.केनरा बैंक प्रबंधक द्वारा बताया गया कि जुलाई माह के अंत तक 28.45 से 40 प्रतिशत सीडी रेशियो करा लिया जायेगा. वहीं पीएनबी ने 40.84 से 60 प्रतिशत करने, एसबीआई ने 45.08 से 60 प्रतिशत करने की बात कही.


जिलाधिकारी ने कहा कि जिले का एवरेज सीडी रेशियो लगभग 60 प्रतिशत है. उन्होंने निर्देश दिया कि जुलाई माह के अंत तक संबंधित बैंकर्स हर हाल में 60 प्रतिशत सीडी रेशियो के लक्ष्य को पूर्ण करेंगे. उन्होंने कहा कि किसी भी बैंक का सीडी रेशियो डिस्ट्रिक्ट एवरेज से कम नहीं रहना चाहिए.

 पीएमईजीपी की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 21-22 में 90 के विरूद्ध 139 व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया है.वित्तीय वर्ष 22-23 में 303 योग्य व्यक्तियों को पीएमईजीपी के तहत लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी बैंकर्स कार्रवाई कर रहे हैं.

जिलाधिकारी ने कहा कि जिन 139 लोगों को पीएमईजीपी के तहत लाभान्वित किया गया है, सभी की विस्तृत जानकारी समेकित की जाए.उन्होंने कहा कि यह पता लगाये कि पीएमईजीपी से लाभान्वित व्यक्ति ग्राउंड लेवल पर क्या कर रहे हैं. अगर वे लड़खड़ा रहे हैं तो उनको आगे बढ़ाने के लिए प्रयास किया जायेगा. 

उन्होंने कहा कि आसमान में उड़ने की चाह रखने वाले अर्थात अपना उद्यम स्टार्ट करने के इच्छुक व्यक्तियों को जिला प्रशासन द्वारा पंख उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि पश्चिम चम्पारण जिला का आर्थिक विकास और तेजी के साथ हो सके.इस कार्य में बैंकर्स की भूमिका महत्वपूर्ण है। उद्यम स्टार्ट करने के इच्छुक योग्य व्यक्तियों को आर्थिक सहायता मुहैया कराने में बैंकर्स अपना महती भूमिका अदा करें. बैंकर्स सकारात्मक भावना के साथ कार्य करें तथा योग्य इच्छुक व्यक्तियों को ऋण उपलब्ध करायें.

जिलाधिकारी द्वारा एसीपी, केसीसी, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, जेएलजी, पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई, एपीवाई, सुकन्या समृद्धि योजना, पीएम स्वनिधि योजना, समग्र गव्य विकास योजना आदि योजनाओं के कार्य प्रगति की समीक्षा की गयी.

उन्होंने कहा कि उक्त सभी जन कल्याणकारी योजनाओं से योग्य व्यक्तियों को लाभान्वित करने में बैंकर्स पूरी दिलचस्पी दिखाये तथा लंबित मामलों का त्वरित गति से निष्पादन कराना सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस कारण के उक्त योजनाओं के आवेदनकर्ताओं को परेशान किये जाने और ससमय ऋण मुहैया नहीं कराने को जिला प्रशासन द्वारा अत्यंत ही गंभीरता से लिया जायेगा.ऐसे बैंकर्स के विरूद्ध ठोस कार्रवाई की जायेगी.

जिलाधिकारी ने जीएम डीआईसी सहित कृषि, जीविका, पशुपालन आदि के अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण लेने के इच्छुक योग्य व्यक्तियों को बैंक से लिंक कराना सुनिश्चित करें. एक-एक आवेदन की पुनः समीक्षा करें तथा बैंकर्स और ऐसे व्यक्तियों की मीटिंग कराकर ऋण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें.

उन्होंने कहा कि पोल्ट्री, गोट्री,  फिशरीज के क्षेत्र में भी संबंधित विभाग और बैंकर्स को तत्परतापूर्वक कार्य करने की आवश्यकता है. ऐसे क्षेत्रों में कार्य करने के इच्छुक योग्य व्यक्तियों को आर्थिक सहायता मुहैया कराने की समुचित व्यवस्था की जाय.

उक्त महत्वपूर्ण बैठक में अनुपस्थित रहे बैंक ऑफ इंडिया तथा इंडियन बैंक के प्रबंधकों को शोकॉज करने का निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया.

आलोक कुमार


सोमवार, 27 जून 2022

प्रिंसिपल डॉ. सिस्टर एम. रश्मी ए.सी. के मार्गदर्शन में किया गया

 

पटनाः देश की सबसे प्रतिष्ठित और सबसे बड़ी प्रसारित पत्रिका इंडिया टुडे द्वारा इंडिया टुडे एमडीआरए बेस्ट कॉलेज ऑफ इंडिया सर्वे 2022 में पटना वीमेंस  कॉलेज (स्वायत्त) ने कला और विज्ञान श्रेणियों में उच्च रैंकिंग हासिल की है.कला में इसकी राष्ट्रीय रैंकिंग 30 है, जो कि पूर्वी क्षेत्र में पहली है. पटना वीमेंस कॉलेज की यह रैंकिंग विज्ञान में 43 की राष्ट्रीय रैंकिंग के साथ पूर्वी क्षेत्र में तीसरे स्थान पर हैं. रैंकिंग प्रक्रिया में चयनित गुणवत्ता मानदंडों के आधार पर शैक्षणिक संस्थानों का मूल्यांकन शामिल है.संपूर्ण रैंकिंग अभ्यास आईक्यूएसी समन्वयक डॉ अमृता चौधरी और आलोक जॉन द्वारा हमारी प्रिंसिपल डॉ. सिस्टर एम. रश्मी ए.सी. के मार्गदर्शन में किया गया था.

इंडिया टुडे एमडीआरए, 2022 सर्वेक्षण में देश के अव्वल शिक्षण संस्थानों का डेटा तैयार किया गया है. इसके अंतर्गत कला की श्रेणी में शहर के पटना वीमेंस कॉलेज को पूर्वी क्षेत्र में फर्स्ट रैंक मिला है. वहीं, विज्ञान की श्रेणी में कॉलेज को पूर्वी क्षेत्र में तीसरा रैंक दिया गया है. कला की श्रेणी में कॉलेज की राष्ट्रीय रैंकिंग 30 है. वहीं, विज्ञान की श्रेणी में कॉलेज की राष्ट्रीय रैंकिंग 43 है.

रैंकिंग प्रक्रिया में गुणवत्ता मानदंडों के आधार पर शैक्षणिक संस्थानों का चयन किया गया है. इसमें कॉलेज की प्राचार्य डॉ सिस्टर एम रश्मि एसी, आइक्यूएसी समन्वयक डॉ अमृता चौधरी और आलोक जॉन ने अपना मार्गदर्शन किया. प्राचार्य डॉ सिस्टर एम रश्मि एसी ने कॉलेज के सभी शिक्षकों और कर्मियों को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि कॉलेज आगे भी बेहतर करने का प्रयास करेगा.

इंडिया टुडे ग्रुप तथा एमडीआर के बेस्ट कॉलेज सर्वेक्षण 2022 में एएन कॉलेज ने साइंस में देश में 42 वां स्थान प्राप्त किया है, जबकि बिहार में प्रथम स्थान प्राप्त किया है. गौरतलब है कि इस श्रेणी में एएन कॉलेज बिहार के अलावा झारखंड, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि प्रदेशों के काॅलेजों में भी पहले स्थान पर है. वहीं, आर्ट्स में कॉलेज ने देश में 70 वां स्थान प्राप्त किया है.

कॉलेज के प्राचार्य प्रो एसपी शाही ने इस सफलता के लिए सभी शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मियों और विद्यार्थियों को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि कॉलेज की प्रगति के लिए हम सभी प्रयत्नशील हैं. इंडिया टुडे रैंकिंग में बेहतर स्थान प्राप्त करना गौरव की बात है और कॉलेज नैक, एनआईआरएफ आदि रैंकिंग में भी उच्च प्रदर्शन के लिए लगातार प्रयासरत है.



आलोक कुमार










जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक


सीतामढ़ी. उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई. जिसमें जिला स्तरीय सभी पदाधिकारी द्वारा भाग लिया गया. वहीं अनुमंडल एवं प्रखंड/ अंचल स्तरीय पदाधिकारी द्वारा इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया गया.

 जिले में चल रही मुख्य योजनाओं तथा क्रियाकलापों की समीक्षा एवं इससे संबंधित विभागों का दूसरे विभागों से समन्वय में हो रही कठिनाइयों का समीक्षा किया गया. तथा समन्वय स्थापित करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया. मुख्यतः स्वास्थ्य, शिक्षा, आईसीडीएस, पंचायती राज, पथ प्रमंडल, ग्रामीण कार्य विभाग, योजना, क्षेत्रीय अभियंत्रण संगठन के विकासात्मक कार्यों की एवं बाढ़ पूर्व तैयारी की समीक्षा की गई.

 


समीक्षा के क्रम में स्वास्थ विभाग को निर्देश दिया गया कि कोरोना तेजी से बढ़ रहा है. जिसे लेकर वैक्सीनेशन का कार्य प्रत्येक पंचायत में किया जाए साथ ही टीम बनाकर कोरोना की जांच करना करना सुनिश्चित करें.  साथ ही नल जल योजना में प्रखंडवार समीक्षा की गयी जिसमे  बिजली कनेक्शन , कार्य अपूर्ण, साथ ही पीएचडी से नल जल योजना में अनियमितता पाये जाने पर नल जल योजना से संबंधित सभी योजनाओं को कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया.

वहीं अमृत सरोवर योजना की समीक्षा की गई एवं मानव बल बढ़ाकर कार्यपूर्ण करने का निर्देश दिया गया. जिले के विभिन्न प्रखंडों में सरकार के योजनाओं से संबंधित भवन निर्माण के लिए  जमीन की उपलब्धता को लेकर समीक्षा की गयी एवं जल्द से जमीन की उपलब्धता कराने का निर्देश संबंधित अंचलाधिकारी को निर्देश दिया गया. 

वहीं कब्रिस्तान घेराबंदी, मंदिर की चारदीवारी, से संबंधित सभी मामलों का निष्पादन जल्द से जल्द करना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. आंगनबाड़ी केंद्रों में विरतण किये गये पोषाक राशि प्राप्ति की जाँच एवं बच्चों को पोषाक पहनकर कर ही आये. इसके लिये प्रेरित करना सुनिश्चित करें. आरटीपीएस माध्यम एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त पब्लिक पिटीशन को सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी ससमय निष्पादित करना सुनिश्चित करें.

 पंचायतों में कैंप लगाकर वहां के लोगों के लंबित कार्यों का निष्पादन करें.पंचायत स्तरीय पदाधिकारी व कर्मी के कार्य में लापरवाही बरते जाने पर कार्रवाई करते हुए मुख्यालय को सूचित करें. बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर  कार्यपालक अभियंता बागमती प्रमंडल को निदेश दिया गया कि तटबंधों के रख रखाव एवं मरम्मत के लिए बालू भरे बोरो की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें. तटबंधों की 24 घंटे  निगरानी के लिए जल निशरण के अभियंता को मानव बल प्रतिनियुक्ति करते हुए पेट्रोलिंग कराने का निर्देश दिया गया.

बैठक के अंत में जातिगत जनगणना को लेकर  सामान्य प्रशासन विभाग बिहार सरकार द्वारा निर्गत दिशा निर्देशों को पावर पॉइंट के माध्यम से परिचारित किया गया साथ साथ विभिन्न कोषांगों के गठन एवं संबंधित  पदाधिकारियों के कार्य एवं उत्तरदायित्व को भी साझा किया गया. उक्त बैठक में  जिला परिवहन पदाधिकारी रविंद्र नाथ गुप्ता, अनुमंडल पदाधिकारी सीतामढ़ी, सदर, जिला विकास प्रशाखा प्रभारी पदाधिकारी विजय कुमार पांडे, के साथ सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे.                                          

आलोक कुमार

अंतरजातीय विवाह करने वाली महिला को आर्थिक दृष्टि से सम्बल बनाने के लिए एक लाख रुपये

 * उप विकास आयुक्त ने मुख्यमंत्री अंतरजातीय विवाह योजना अंतर्गत छह विवाहित दम्पतियों को एक-एक लाख का दिया  प्रोत्साहन राशि


सीतामढ़ी.हेलन केलर दिवस के अवसर पर उप विकास आयुक्त विनय कुमार ने समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग सीतामढ़ी अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री अंतरजातीय विवाह योजना के तहत कुल छह विवाहित दम्पति को प्रोत्साहन राशि दिया. -1.आरती कुमारी पत्नी पिन्टू कुमार 2. कृति कुमारी पत्नी आदित्य राज 3. सुनैना कुमारी पत्नी शंकर कुमार 4. ऋतु कुमारी पत्नी निवास कुमार 5.संजू कुमारी पत्नी राजू कुमार 6. निभा कुमारी पत्नी अमित कुमार.

गौरतलब हो कि बिहार सरकार  द्वारा अंतरजातीय विवाह करने वाली महिला को आर्थिक दृष्टि से सम्बल बनाने के लिए एक लाख रुपये मात्र का अनुदान के रूप में प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दिया जाता है. स्वीकृत अनुदान राशि विवाह सम्पन्न होने के बाद तीन महीने के


भीतर सम्बंधित वधू को अधिकतम परीपक्कवता राशि देने वाले राष्ट्रीयकृत बैंक में सावधि जमा प्रमाण पत्र के माध्यम से भुगतान किया जाता है. जिसकी अवरुद्धता अवधि तीन वर्ष की होती है. हेलन केलर विश्व की पहली महिला थी जो मुख बधिर, तथा नेत्रहीन होने के बावजूद प्रथम स्नातक की उपाधि प्राप्त की थी.

उक्त अवसर पर  सहायक निदेशक निजु राम, जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी विजय कुमार पांडेय कुमार आदि उपस्थित थे.                                  

आलोक कुमार


मोतिहारी में जिला बाल संरक्षण समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक

 

मोतिहारी. माननीय अध्यक्ष, जिला परिषद, मोतिहारी की अध्यक्षता में डॉ राधाकृष्णन सभागार, मोतिहारी में जिला बाल संरक्षण समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई.जिला बाल संरक्षण समिति, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के द्वारा 22 एजेंडा पर विस्तृत चर्चा की गई.

1. चाइल्ड लाइन, मोतिहारी की गतिविधियों की समीक्षा तथा बालकों के संरक्षण से संबंधित सेवाओं के बेहतर संचालन एवं बालकों का फालो-अप की समीक्षा.

2. जिले में अवस्थित सभी विद्यालय एवं सभी आवासीय विद्यालयों में आवासित बच्चों के समस्याओं की समीक्षा.

3. 18 वर्ष से कम उम्र के बालक/बालिकाओं को कारखानों/ दुकानों तथा आर्केस्ट्रा में कार्य करने से रोकने की समीक्षा.

4. सभी स्तर पर बच्चों को उनके परिवारों में वापस भेजने की प्रक्रिया की समीक्षा.

5. बच्चों के साथ दुर्व्यवहार/हिंसा/शोषण आदि पर विचार.

6. एन0जी0ओ0 द्वारा संचालित बाल गृहों की समीक्षा.

7. किशोर न्याय परिषद में बाल विवादित किशोरों से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा.

8. बाल कल्याण समिति में लंबित मामलों की समीक्षा.

9. पर्यवेक्षण गृह के भवन को मरम्मत कराने संबंधी चर्चा.

10. बच्चों के अन्य जिलों अथवा राज्यों में स्थानांतरण होने पर मार्ग रक्षा के लिए पुलिस बल उपलब्ध कराये जाने के संबंध में


11. पर्यवेक्षण गृह में गणित के शिक्षक की प्रतिनियुक्ति के संबंध में चर्चा.

12. चिकित्सा विभाग द्वारा बाल देखरेख संस्थानों में गृह में नियुक्त कर्मियों को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण देने के संबंध में चर्चा.

13. सभी बाल देखरेख संस्थानों में प्रतिनियुक्त डॉक्टर के द्वारा नियमित रूप से मेडिकल इलाज की सुविधा उपलब्ध कराये जाने की समीक्षा

14. बालिका गृह में आवासित बालिकाओं के आपातकालीन मेडिकल इलाज के लिए एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराये जाने के लिए चर्चा.

15. बालिका गृह में बाहरी सुरक्षा के लिए 1/4 का पुलिस बल एवं आंतरिक सुरक्षा गार्ड को अधीक्षक, बालिका गृह के अनुशंसा पर ही बदले जाने के लिए चर्चा.

16. बच्चों की मृत्यु उपरांत पोस्टमार्टम कराने में आ रही कठिनाइयों के संबंध में चर्चा.

17. परवरिश एवं स्पॉन्सरशिप योजना के लाभुकों का संयुक्त खाता खोलने में उत्पन्न कठिनाइयों पर चर्चा.

18. परवरिश योजना के आवेदनों का बाल विकास परियोजना कार्यालय एवं अनुमंडल कार्यालय से ससमय अग्रसारण एवं स्वीकृति पर चर्चा.

19. प्रखण्ड/पंचायत/वार्ड स्तरीय बाल संरक्षण समिति के गठन की प्रगति एवं अनुमंडल स्तर पर प्रशिक्षण की स्थिति के संबंध में चर्चा.

20. बालिका रखने संबंधी चर्चा.

21. बालिका गृह के लिये नये भवन की समस्या पर चर्चा.

22. जिला में कार्यरत स्वयंसेवी संस्था-डंकन अस्पताल, आईडिया, बचपन बचाओ आंदोलन इत्यादि का बाल संरक्षण प्रणाली में सहयोग लेने के लिए जिला बाल संरक्षण समिति में शामिल करने के संबंध में चर्चा.

सहायक निदेशक,जिला बाल संरक्षण इकाई, द्वारा बताया गया कि मोतिहारी बालिका गृह में 95, बाल गृह में 19 एवं विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में 0 से 6 वर्ष के 8 बच्चों का पालन पोषण किया जा रहा है.जनप्रतिनिधियों से अनुरोध करते हुए उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र में बाल श्रम के प्रति  प्रचार प्रसार कर जागरूकता अभियान सुनिश्चित करें.

इस अवसर पर सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, पुलिस उपाधीक्षक, सिविल सर्जन, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्रम अधीक्षक, सामान्य  विशेष किशोर पुलिस इकाई, जिला कल्याण पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता भवन, माननीय जिला परिषद सदस्य, मुखिया गण ,प्रयास प्रोजेक्ट मैनेजर ,अधीक्षक बाल गृह समन्वयक एस ए ए, समन्वय चाइल्ड लाइन कोलैब , आदि उपस्थित थे.


आलोक कुमार

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