शुक्रवार, 26 अगस्त 2022

उनके बताये रास्ते पर चलने का लिया शपथ

  

पटना :कांग्रेस सेवादल के संस्थापक, स्वतंत्रता सेनानी एवं विचारक पूर्व राज्यसभा सदस्य डा0 नारायण राव सुब्बाराव हार्डिकर जी की 86 वीं पुण्यतिथि आज कांग्रेस सेवादल मुख्यालय, सदाकत आश्रम पटना में मनायी गयी.

कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ताओं ने हार्डिकर जी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बताये रास्ते पर चलने का शपथ लिया गया.

इस अवसर पर उपस्थित कांग्रेस सेवादल के स्वंय सेवकों में कांग्रेस सेवादल के मुख्य संगठक मो0 शोऐब, कार्यालय प्रभारी विपिन झा, राजीव पांडे, डा0 गौतम कुमार, राज कुमार पूर्वे, मो0 इजहार, सकलदीप प्रसाद, मो0 शमीम, सुनील कुमार ओझा, दिनेश शंकर दास, अम्बिका प्रसाद चैपाल, नवल किशोर प्रसाद सिन्हा, शोभा शर्मा, बबीता देवी प्रमुख हैं. 


गुरुवार, 25 अगस्त 2022

अब कौन कहेगा हैप्पी बर्थ डे!

  पार्थिव शरीर के साथ एक्सटीटीआई में मिस्सा 04: 00 बजे से 25 अगस्त को

जन्म 14.12.1932- निधन 24.08.2022

  


पटनाः विख्यात येसु समाज के पटना प्रोविंश के पूर्व प्रोविंशिएल फादर जौन एफ डिमेलो का निधन हो गया.जबतक जिंदा रहे तबतक आने वाले लोगों को गुड मोर्निंग कहकर अभिवादन करते थे.कुर्जी होली फैमिली से जुड़े लोग फादर का व्यवहार के मुरीद थे.अब एक दूसरे से केवल यही कह रहे हैं कि 'कइसे इनके भुलावा जइहे.'

पटना प्रोविंश के पूर्व प्रोविंशिएल फादर जौन एफ डिमेलो का निधन

आज फादर बुधवार को सुबह साढ़े सात बजे अंतिम सांस जेवियर भवन में ली.इसी के साथ उनका सांसारिक जीवन समाप्त हो गया.अब बस उनकी यादें ही शेष है.

जाने फादर के बारे में

जौन एफ डिमेलो का जन्म 14.12.1932 को हुआ था.जब 25 वर्ष के थे,तब 20.06.1957 में 'येसु समाज' में प्रवेश किए.विख्यात 'येसु समाज' में प्रवेश करने के 9 साल के बाद 34 वर्ष में 09.06.1966 को विधिवत पुरोहित बने.उनका अंतिम मन्नत 45 साल में 26.01.1977 में पूरा किए.येसु समाजी बनकर 65 साल कार्य किए.इसमें 56 साल पुरोहित का जीवन था.89 वर्ष के थे.

एसके लौरेंस कहते हैं किसी से मुलाकात होने के बाद फादर सबको हैप्पी बर्थडे कहते थे.अब हैप्पी बर्थडे कहने वाला हमलोगों के बीच नहीं रहे. परमेश्वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करे.आमीन.


आलोक कुमार  


 

ईसाई समुदाय के लोग राजनीति क्षेत्र में पैर पसारने लगे

  


पटना: ईसाई समुदाय के लोग राजनीति क्षेत्र में पैर पसारने लगे हैं.आज जनता दल यूनाइटेड के कार्यालय कर्पूरी भवन में जनता दल यूनाइटेड अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की विशेष बैठक में जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों तथा जिला पदाधिकारियों को मनोनयन से सम्बन्धित पत्र प्रदान किया गया.






इस सन्दर्भ में कई अल्पसंख्यक महिला एवं पुरुषों के साथ-साथ शिवाजी नगर,दीघा,पटना की उच्च शिक्षा प्राप्त,समाज सेवी, गरीबों को मदद करने वाली,नोट्रेडेम अकादमी की वरिष्ठ शिक्षिका,कर्मठ तथा जुझारु ईसाई समुदाय की महिला श्रीमती स्टेला पॉल को जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष माननीय सलीम परवेज़ के द्वारा जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव के पद पर मनोनयन का पत्र प्रदान किया गया.


इस सन्दर्भ में मंच से दो शब्द कहने के लिये श्रीमती स्टेला पॉल को आमन्त्रित किया गया.स्टेला पॉल ने मंच से अपने सम्बोधन के जरिये अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सलीम परवेज़ साहब का आभर व्यक्त करते हुए उन्हें तथा माननीय मुख्य मन्त्री नीतीश कुमार,राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय राजीव रंजन सिंह,प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा,जदयू की प्रवक्ता माननिया अंजूम आरा को धन्यवाद दिया.साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार राज्य तथा अल्पसंख्यक समुदाय के उत्थान के लिये माननीय मुख्यमंत्री जी ने अब तक जो सकारात्मक एवं सराहनीय कार्य किया है,महिलाओं को भागीदारी प्रदान की है तथा अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिये जो भी योजनाएं लागू की है,वह सराहनीय है.उसे बिहार के अपने अल्पसंख्यक समुदाय तक पहुँचाने तथा बताने का कार्य करेंगे.


स्टेला पॉल के सचिव के पद पर मनोनयन की जानकारी मिलने पर महासचिव एस.के.लॉरेंस तथा ईसाई समुदाय के लोगों,विशेषकर ईसाई महिलाओं ने प्रसन्नता व्यक्त कर उन्हें बधाई दी तथा यह उम्मीद जताई कि उनके मनोनयन से उन्हें जरूर फायदा पहुंचेगा.


आलोक कुमार  





प्रत्येक साल की तरह आठ सितंबर को माता मरियम का पर्व

 

बेतियाः पश्चिम चंपारण जिले में है बेतिया.यह ईसाइयों का गढ़ रहा है.इसे इतिहास का एक महत्वपूर्ण धरोहर कहा जाए तो गलत नहीं होगा, हकीकत में बेतिया में कई ऐतिहासिक धरोहर मौजूद है, जो सदियों पुरानी है. इन्ही एक धरोहर में बेतिया का गिरजाघर भी है.

 प्रत्येक साल की तरह आठ सितंबर को माता मरियम का पर्व है.इस दिन बेतिया में पल्ली दिवस मनाया जाता है.पल्ली में धार्मिक माहौल बनाने के लिए नौ दिवसीय नोवेना का आयोजन किया गया है.महागिरजाघर नेटिविटी ऑफ दी ब्लेस्ड विर्जिन मेरी,बेतिया कैथेड्रल में पांच बजे शाम से मिस्सा और नोवेना प्रार्थना की जाएगी.इसकी शुरुआत बेतिया धर्मप्रांत के विकर जनरल फादर फिंटन साह के मिस्सा के साथ होगी.

बेतिया धर्मप्रांत के सबसे बड़ी बेतिया पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर हेनरी फर्नांडो ने यह बताया कि 30 अगस्त का थीम 'मां मरियम, परिवारों के लिए आदर्श है'. इस दिन का आशय 'सभी परिवारों के लिए है.' फादर फिंटन साह, विकर जनरल के द्वारा उपदेश दिया जाएगा.बेतिया चर्च 1 की गीतमंडली द्वारा प्रस्तुति.

 31 अगस्त का थीम 'मां मरियम,रोगियों का स्वास्थ्य है'.इस दिन का आशय 'सभी बीमारों के लिए है.'फादर एंटोनी सामी,ओपी के द्वारा उपदेश दिया जाएगा. बेतिया यूथ गीतमंडली द्वारा प्रस्तुति.

1 सितंबर का थीम 'मां मरियम,पापियों की शरण है.' इस दिन का आशय 'पापियों के मन परिवर्तन है.' फादर ख्रिस्तोफर,येसु समाजी के द्वारा उपदेश दिया जाएगा. संत तेरेसा की सिस्टर गीतमंडली द्वारा प्रस्तुति.

  2 सितंबर का थीम ' मां मरियम, ख्रीस्तियों की सहायता है.' इस दिन का आशय 'संसार में शांति के लिए है.' फादर क्लाउडी कोर्डा,ओपी द्वारा उपदेश दिया जाएगा.महिला संघ और वान हुक सिस्टर गीतमंडली द्वारा प्रस्तुति.

 3 सितंबर का थीम ' मां तेरी दया अपार है.'  इस दिन का आशय' सभी उपस्थित लोगों के लिए है.'फादर तेलेस्फोर टोप्पो के द्वारा उपदेश दिया जाएगा. संत जोसेफ स्कूल गीतमंडली द्वारा प्रस्तुति.

 4 सितंबर का थीम 'मां मरियम, कलीसिया की माता है.' इस दिन का आशय 'संत पापा और कलीसिया के लिए है.'फादर अनूप मिंज के द्वारा उपदेश दिया जाएगा. चर्च के सेकंड गीतमंडली द्वारा प्रस्तुति.

 5 सितंबर का थीम 'मां मरियम, विश्वास का आदर्श है.' इस दिन का आशय ' सभी अविश्वासियों के लिए है.'फादर किशोर और फादर राज शेखर के द्वारा उपदेश दिया जाएगा. संत विंसेंट डी पौल सोसाइटी गीतमंडली द्वारा प्रस्तुति.

6 सितंबर का थीम 'मैं प्रभु की दासी हूं है'.इस दिन का आशय '  ईश्वरीय बुलाहट के लिए है.' फादर आनंद पास्काल के द्वारा उपदेश दिया जाएगा.पैरिस काउंसिल गीतमंडली द्वारा प्रस्तुति.

7 सितंबर का थीम 'मां मरियम,दुखियों का दिलासा है.' इस दिन का आशय ' मां मरियम के सभी भक्तों के लिए है.' फादर बासिल,ओएफएम,केप,के द्वारा उपदेश दिया जाएगा.बेतिया चर्च 1 की गीतमंडली द्वारा प्रस्तुति.

आलोक कुमार  

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ही आशीर्वाद से उपचुनाव जीत पाये

  



पटना. जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दिल की बात जुबां पर आ गयी.अपने विधानसभा के संबोधन के दौरान सदन में मुख्यमंत्री ने व्यक्त कर ही दिया.यह हम नहीं कह रहे हैं.बल्कि बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष राणा अजय सिंह ने एक प्रेस बयान जारी कर कहा है.

युवा कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष राणा अजय सिंह ने कहा कि वर्ष 2006 के उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी ने मुझे पटना पश्चिम से विधानसभा का उम्मीदवार बनाया था.मेरे खिलाफ पूर्व मंत्री नितिन नवीन भाजपा से उम्मीदवार थे. इस उपचुनाव में मात्र 18 प्रतिशत वोट पोल हुआ था. मुख्यमंत्री जी को भाजपा उम्मीदवार नितिन नवीन को जिताने के लिए सड़क पर उतरना पड़ा था.

उन्होंने कहा कि कल मुख्यमंत्री सदन में अपने दिल की बात और भावना को व्यक्त किये.नितिन नवीन इनके ही आशीर्वाद से उपचुनाव जीत पाये थे. इसका खुलासा कल मुख्यमंत्री जी ने कर दिया, लेकिन नितिन नवीन मुख्यमंत्री जी के प्रति कैसी भावना रखते हैं और कितना इज्जत करते है कल की घटना से यह साबित हो गया कि केवल वे मतलबी और स्वार्थी व्यक्ति हैं.


आलोक कुमार                          

बिलकिस के बलात्कारियों एवं जनसंहार के दोषियों की रिहाई के खिलाफ विरोध मार्च

  * बिलकिस बानो के बलात्कारियों और नरसंहार के दोषियों की सजा माफी रद्द करो

* बिलकिस को इंसाफ दो


पटना: अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) पटना नगर इकाई ने छज्जूबाग  स्थित ऑफिस से बिलकिस के बलात्कारियों एवं जनसंहार के दोषियों की रिहाई के खिलाफ विरोध मार्च निकाला. विरोध मार्च में शामिल होने वालों ने अपने हाथों में नारा लिखित पोस्टर लेकर चल रहे थे.इस पोस्टरों में बिलकिस बानो को इंसाफ दो, बिलकिस के दोषियों की रिहाई पर प्रधानमंत्री मुंह खोलो,15 अगस्त को बलात्कारियों के हत्यारों को सजा माफी ये कैसा महिला सम्मान है प्रधानमंत्री जवाब दो, बिलकिस बानो के बलात्कारियों और नरसंहार के दोषियों की सजा माफी रद्द करो, बिलकिस बानो को न्याय दो, नारी सम्मान का ढोग बंद करो,पीएम मोदी जवाब दो आदि नारा लिखा हुआ था.

अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) पटना नगर इकाई ने छज्जूबाग  स्थित आफिस से बिलकिस के बलात्कारियों एवं जनसंहार के दोषियों की रिहाई के खिलाफ विरोध मार्च निकाला. यह मार्च  छज्जूबाग   से निकलकर फ्रेजर रोड ( रेडियो स्टेशन) पहुंचा. वहां एक सभा आयोजित की गई.

 सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि देश की आजादी की 75वीं सालगिरह के दिन प्रधानमंत्री मोदी लाल किले की प्राचीर से महिलाओं को सम्मान की बात करते हैं.और उसी दिन गुजरात सरकार बिलकिस बानो के बलात्कारियों और उसकी तीन साल की बच्ची समेत उसके परिवार के सात लोगों की हत्या करने वालों की जेल से रिहाई की घोषणा होती है.जेल से रिहा होने पर गैंगरेप एवं हत्या के दोषियों को आरती और फूल मालाओं से स्वागत हुआ.

 

मोदी और अमित शाह इसी तरह का भारत बनाना चाहते हैं. यह राष्ट्रीय शर्म की बात है.बिलकिस ने इंसाफ के लिए लम्बी लड़ाई लड़ी है.उसको उस दौर में जान से मारने की धमकी मिलती रही .उस दौरान बिलकिस को बीस बार अपने रहने का ठिकाना बदलना पड़ा.और आज बिलकिस पूछ रही है- क्या एक औरत की न्याय की लड़ाई का ऐसा अंजाम होना चाहिए.

वक्ताओं ने कहा कि आज हर न्याय पसंद हिन्दुस्तानी को बिलकिस के इंसाफ के लिए आगे आना होगा.देश का लोकतंत्र, संविधान, न्यायिक व्यवस्था आदि को बचाने के लिए सड़कों पर उतरना होगा. सभा को ऐपवा की नगर सचिव अनीता सिन्हा, अध्यक्ष मधु, उपाध्यक्ष अफशा जबी,  आस्मां खान, विभा गुप्ता, अनुराधा सिंह, राखी मेहता आदि ने संबोधित किया.


आलोक कुमार                          

बुधवार, 24 अगस्त 2022

 


रोम: संत पापा फ्राँसिस ने छह महीने से युद्ध की भयावहता से पीड़ित यूक्रेनी लोगों के लिए शांति के लिए प्रार्थना की, युद्ध को ‘पागलपन‘ कहा. संत पापा ने कई यूक्रेनी और रूसी अनाथों को याद किया, पुतिन के विचारक की बेटी दरिया दुगीना पर हमले का उल्लेख किया, साथ ही दुनिया को सीरिया, यमन और म्यांमार के युद्ध पीड़ितों को याद करने का आह्वान किया.

रूस की यूक्रेन के खिलाफ शुरू की गई जंग को आज छह महीने का वक्त पूरा हो गया है. इस जंग में न केवल यूक्रेन और रूस ने अपना काफी कुछ खोया है बल्कि पूरी दुनिया को भी अच्छा खासा नुकसान उठाना पड़ा है. यूक्रेन इस वक्त लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर है, रूसी सैनिकों को भारी नुकसान हो रहा है और बाकी दुनिया खाने की कमी, बढ़ती महंगाई, परामणु युद्ध के खतरे की आशंका और इस युद्ध से उत्पन्न अन्य चुनौतियों से जूझ रही है. जिसके जल्दी खत्म होने के कोई आसार दिखाई नहीं दे रहे. रेड क्रॉस ने मंगलवार को चेतावनी जारी करते हुए बताया कि यूक्रेन संकट ने पूरी दुनिया की मानवीय व्यवसथा को झटका दिया है और दुनियाभर में आपात स्थितियों पर प्रतिक्रिया देने के लिए संगठन की क्षमता पर इसका दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है.

इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ द रेड क्रॉस एंड रेड क्रिसेंट सोसाइटीज के अध्यक्ष फ्रांसेस्को रोक्का ने कहा कि इस युद्ध को छह महीने हो गये हैं, इसने लोगों को मुश्किल वक्त में लाकर खड़ा कर दिया है. एक बयान में उन्होंने कहा कि जिस तरह से लड़ाई जारी है, ‘भोजन और ईंधन की बढ़ती कीमत और गहराते खाद्य संकट का प्रभाव केवल बढ़ रहा है.‘ तो चलिए अब जान लेते हैं कि इस युद्ध के क्या परिणाम रहे हैं.

मौत का असल आंकड़ा वास्तव में काफी अधिक होने की संभावना है, लेकिन जो आंकड़े उपलब्ध हैं, उनके अनुसार 24 फरवरी को जंग शुरू होने के बाद से 5587 आम नागरिकों की मौत हो गई है. जबकि 7890 लोग घायल हुए हैं.ओएचसीएचआर के अनुसार, अधिकतर नागरिकों की मौत रूस के हवाई, तोप और मिसाइल हमलों में हुई है. इसके अलावा 22 अगस्त को यूक्रेनी सशस्त्र बलों के कमांडर जनरल वैलेरी जालुज्नी ने बताया कि लड़ाई में करीब 9000 यूक्रेन के सैनिक मारे गए हैं. युद्ध शुरू होने के बाद ऐसा पहली बार है, जब सेना के किसी बड़े अधकारी ने मौत का आंकड़ा जारी किया है. हालांकि रूस के सैनिकों की मौत का आंकड़ा जारी नहीं हुआ है.

लेकिन अमेरिकी खुफिया जानकारी में बताया गया है कि यूक्रेन में रूस के 15000 सैनिकों की मौत हो गई है और तीन गुना ज्यादा घायल हो गए हैं. 1979 से 1989 तक अफगानिस्तान पर कब्जे के दौरान सोवियत संघ के जितने लोगों की मौत हुई, ये आंकड़ा उसी के बराबर है.

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी का कहना है कि 24 फरवरी के बाद एक तिहाई यूक्रेनियन, जिनकी संख्या 4.1 करोड़ से अधिक है, को अपने घरों को छोड़ना पड़ा है. जिसकी वजह से इस समय दुनिया की सबसे खराब मानव विस्थापन आपदा आ गई है. एजेंसी के आंकड़ों के मुताबिक, 66 लाख से अधिक यूक्रेनी शरणार्थी यूरोप के अलग-अलग देशों में चले गए हैं. सबसे अधिक आबादी पोलैंड गई है, इसके बाद रूस और जर्मनी का नंबर है, जहां बड़ी संख्या में यूक्रेनी लोग रहने के लिए गए हैं.

रॉयटर्स के मुताबिक 2014 में क्रीमिया पर रूसी कब्जे के बाद यूक्रेन ने अपनी जमीन के 22 फीसदी हिस्से पर से नियंत्रण खो दिया है.उसने अपनी तटरेखा का एक बड़ा हिस्सा खो दिया है, उसकी अर्थव्यवस्था बर्बाद हो गई है और रूसी बमबारी ने कुछ शहरों को वीरान कर दिया है. विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुमानों के अनुसार, 2022 में यूक्रेन की जीडीपी 45 फीसदी तक गिर जाएगी. प्रधानमंत्री डेनिस श्यामल के अनुसार, युद्ध के बाद के पुनर्निर्माण की पूरी लागत लगभग 750 अरब डॉलर होगी। यह बहुत अधिक भी हो सकती है.

यूक्रेन में युद्ध शुरू करने की वजह से रूस का काफी पैसा खर्च हुआ है, लेकिन कितना ये रूस ने नहीं बताया है. सेना और हथियारों पर आने वाले खर्च के अलावा रूस को पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का भी सामना करना पड़ रहा है.1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद रूस ने वर्तमान में अपनी अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ी गिरावट देखी है.रूस की 1.8 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के 2022 में 4-6 फीसदी तक गिरने की आशंका है, जो अप्रैल में सेंट्रल बैंक द्वारा बताई 8-10 फीसदी गिरावट की संभावना से कम है.

रूस पर आर्थिक प्रभाव अब भी पड़ रहा है और पूरी तरह उसे समझ पाना मुश्किल है. वह पश्चिमी वित्तीय बाजारों तक पहुंचने में असमर्थ है, उसके अधिकतर अमीर लोगों पर प्रतिबंध लग गए हैं और उसे माइक्रोचिप्स जैसे कुछ सामान को प्राप्त करने में परेशानी हो रही है.

संत पापा ने न केवल यूक्रेन में, बल्कि दुनिया के अन्य हिस्सों में भी हो रही त्रासदियों पर दुनिया का ध्यान आकर्षित कराया. ‘टुकड़ों में हो रहा तीसरा विश्व युद्ध,‘ वे ‘टुकड़े‘ जो धीरे-धीरे एक विश्व रसातल को चित्रित करने के लिए जुड़ रहे हैं.

संत पापा ने कहा, “हम उन अन्य देशों के बारे में नहीं सोचते जो कुछ समय से युद्ध में हैं. दस साल से अधिक समय से सीरिया में युद्ध है. आइए, हम यमन के बारे में सोचें, जहां इतने सारे बच्चे भूख से पीड़ित हैं.आइए, उन रोहिंग्या लोगों के बारे में सोचें जो अन्याय पूर्वक अपनी जमीन से बेदखल कर दिये गये हैं और दुनिया की यात्रा करते हैं.”


आज, हालांकि, कीव में आक्रमण शुरू होने के छह महीने बाद, संत पापा ने यूक्रेन और रूस पर भी विशेष ध्यान देते हुए कहा, ‘मैंने दोनों देशों को माता मरिया के निष्कलंक हृदय को समर्पित किया है. माँ आप इन दोनों देशों पर अपनी नजर बनाए रखें, यूक्रेन को देखें, रूस को देखें.माँ हमें शांति प्रदान करें। हमें शांति चाहिए.‘


आलोक कुमार

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