बुधवार, 9 नवंबर 2022

दस माह के जगह 12 माह का वेतन दिया जाए

  

मोतिहारी. बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ गोप गुट/ऐक्टू की पूर्वी चंपारण की जिला स्तरीय बैठक मोतिहारी में आयोजित की गई. जिसमें 12 पीएचसी की नेता आई थी.जिसमें महासंघ के राज्य सम्मेलन जो 18 से 20 नवम्बर को मोतिहारी में आयोजित है उसकी तैयारी पर बात हुई.साथ ही दिल्ली में 21 नवम्बर को हो रही  स्कीम वर्कर्स की रैली में भाग लेने की योजना बनी.सदस्यता व संघ को मजबूती के लिए योजना बनी हैं.

आन्दर में रसोइया संघ का हुआ बैठक


आन्दर बीआरसी के प्रांगण में रसोइया संघ का बैठक किया गया. बैठक की अध्यक्षता रसोइया संघ के जिलाध्यक्ष सुदर्शन यादव ने की.अपने पांच सूत्री मांगों को लेकर बैठक में बातचीत किया गया. वही बैठक के बाद रसोइयों ने अपने मांग पत्र को हमें  सौंपा.

 मांग पत्र में रसोइयों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए,दस माह के जगह 12 माह का वेतन दिया जाए, न्यूनतम वेतन दिया जाए,रसोइया कार्य को निजीकरण पर रोक लगाया जाए, बकाया वेतन अविलम्ब भुगतान किया जाए.


वही बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा-माले प्रखण्ड सचिव का.युगल किशोर ठाकुर ने कहा रसोइयों के सवाल पर एक मात्र भाकपा-माले ही पार्टी है जो आपके लिए आवाज उठाती है. हम लोगों ही आप लोग के मदद के लिए हर समय खड़ा रहते है जररूत है आप एकजुट होकर होकर अपनी लड़ाई लड़े हम आपके साथ खड़ा रहेंगे.

वही मांग पत्र लेते हुए हमने कहा रसोइयों के मांग हम हमेशा सड़क से सदन तक आवाज उठाया है हमने आपके कुछ मांगों को दिलाने का काम किया है आपके मांगों को हम अगले सदन में मजबूती से उठाने का कार्य करेंगे.

हम सरकार से आपके मांगों को दिलाने का हर संभव प्रयास करेंगे और दिलाएंगे.

मौके पर पूर्व जिला पार्षद योगेन्द्र यादव,बीडीसी मुन्ना साह, विनोद यादव,रामनाथ खरवार,जयराम यादव,रतन साह, उर्मिला देवी,सुगि देवी ,सुगान्ति देवी आदि मौजूद थे.


आलोक कुमार


सरकार कभी गरम तो कभी नरम कानून बनाकर कुर्सी बचाने में कामयाब

 पटना.बिहार में सबसे पहले कर्पूरी ठाकुर ने 1977 39 में बिहार में शराबबंदी कानून लागू कर तहलका मचा दिया था. बिहार में गरीब शराब के नशे से जिस कदर बर्बाद हो रहे थे उसे देखते हुए कर्पूरी ठाकुर ने ऐतिहासिक फैसला लिया और बिहार में शराब की बिक्री बंद कर दी गई, पर यह कर्पूरी ठाकुर को भी नहीं पता था कि दो सालों में ही उनकी सरकार गिर जाएगी और शराबबंदी कानून खत्म कर दिया जाएगा.वहीं 39 साल के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम के तहत अप्रैल 2016 में राज्य में शराबबंदी लागू कर दी है.बिहार सरकार कभी गरम तो कभी नरम कानून बनाकर कुर्सी बचाने  में  कामयाब है.इस समय बिहार के साथ गुजरात, लक्षद्वीप, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड में शराब निषेध अधिनियम लागू है. इन राज्यों में शराब की बिक्री एवं सेवन पर प्रतिबंध है.

                     बिहार में शराबबंदी को ठीक तरीके से लागू करने में आ रही दिक्कतों के बीच सरकार लगातार अपनी रणनीति को बदलते आ रही है और इसी कड़ी में अब शराबियों को पकड़ने के बजाय शराब तस्कर, शराब का भंडारण और इसकी बिक्री करने वालों पर नकेल कसने की नई रणनीति बनाई गई है. राज्य के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने प्रेस कांफ्रेंस में  कहा कि बिहार में शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए राज्य सरकार अब पीने वालों से अधिक शराब के धंधेबाजों की गिरफ्तारी व उनको सजा दिलाने पर अधिक फोकस करेगी. शराब की आपूर्ति व बिक्री करने वालों की पकड़ने को लेकर पहले से चल रहे अभियान को तेज किया जायेगा.

                    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को प्रदेश में लागू शराबबंदी की समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह भविष्य में शराब तस्करों पर कसेगी नकेल .बिहार में शराबबंदी को सख्त से लागू कराने की तमाम कोशिशों के बावजूद नीतीश सरकार विफल साबित हो रही है. राज्य में शराबबंदी के बाद भी जहरीली शराब से मौत हो जा रही है.

                      सीएम ने बैठक में कहा कि पुलिस का ज्यादा फोकस अब शराब पीने वालों की जगह व्यवसायियों पर रहेगा. इसके अलावा सीएम ने अधिकारियों से अन्य राज्यों से बिहार में शराब की तस्करी में शामिल सभी लोगों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को भी कहा. उन्होंने कहा कि पुलिस विशेष रूप से शराब सप्लायर पर ध्यान देते हुए उन्हें पकड़ने, जेल भेजने और सजा दिलाने का काम करेगी.

                 मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मद्य निषेध और निबंधन विभाग की समीक्षा बैठक के बाद मुख्य सचिव अमीर सुभानी ने कहा कि सीएम ने बैठक में स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस, शराबबंदी और आबकारी विभागों के अधिकारियों का ध्यान प्रदेश में शराब आपूर्ति और वितरण श्रृंखलाओं को तोड़ने पर होना चाहिए. इसलिए संबंधित अधिकारियों की प्राथमिकता के आधार पर पहले उन रास्तों की पहचान करनी होगी जिनके जरिए बिहार में दूसरे राज्यों से शराब की तस्करी की जा रही है और इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाए. उन्होंने कहा कि इसका मतलब ऐसा नहीं है कि पीनेवालों को नहीं पकड़ा जाएगा, पहली बार शराब पीनेवालों को जुर्माना लेकर छोड़ा जाएगा, लेकिन दुबारा कोई पीते हुए पकड़ा जाएगा, तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

                              मद्य निषेध विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बिहार पुलिस शराब की सप्लाइ चेन को तोड़ने का पूरा प्रयास कर रही है. इसके तहत बाहर से शराब मंगाने वाले बिहार के धंधेबाजों से संबंधित कई लोगों की पहचान की गई है. पुलिस ने पिछले एक साल में बिहार के अंदर दूसरे राज्यों से शराब आपूर्ति करने वाले 90 शराब माफियाओं को पकड़ा है.

  आपूर्ति करने वाले और स्थानीय स्तर पर विक्रेता (रिसीवर) से जुड़े 60 हजार लोग पकड़े गए हैं. उन्होंने कहा कि होम डिलिवरी करने वालों को लेकर भी अभियान चलाया जा रहा है. कई बड़े माफियाओं को सजा दिलाने के लिए स्पीडी ट्रायल चलाया जा रहा है.

                       सरकार का मानना है कि दूसरे राज्यों से शराब की हो रही आपूर्ति के कारण ही शराब बिहार में बिक रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पीने वालों की अपेक्षा ऐसे लोगों को न सिर्फ पकड़ा जाये, बल्कि उनको कोर्ट से सजा दिलाने का काम भी हो. एक अधिकारी ने बताया कि शराबबंदी को बेहतर ढंग से लागू करने के लिए बीते त्योहारी महीने अक्टूबर में ही 20 हजार से अधिक लोग गिरफ्तार किए गए हैं. इनमें आम से लेकर खास लोग शामिल रहे.

मंगलवार, 8 नवंबर 2022

134 सालों से यूख्रीस्तीय यात्रा जारी

  


चुहड़ी.इन दिनों ईसाई समुदाय यूख्रीस्तीय यात्रा की तैयारी को लेकर व्यस्त हैं.कहा जाता है कि यूख्रीस्तीय यात्रा की शुरूआत फ्रांस से की गयी है.इसे फ्रांस के कुछ पुरोहितों ने मिलकर 1888 में प्रारंभ किया था.इसके आलोक में 134 सालों से यूख्रीस्तीय यात्रा जारी है.इसको आगे बढ़ाते हुए 06 नवंबर को बेतिया में यूख्रीस्तीय यात्रा निकाली गयी.अब चुहड़ी पल्ली, बेतिया धर्मप्रांत में 13 नवंबर को यात्रा को लेकर तैयारी चरम पर है.

      बताया जाता है कि चनपटिया जिला परिषद 31 की विजयी जिला पार्षद आरजू परवीन हैं.उनके चुनाव के समय में पटना और बेतिया के सामाजिक कार्यकर्ता चुहड़ी पल्ली के गांव में जाकर जनसर्म्पक अभियान चलाया था.उस दौरान यहां के लोगों का कहना था कि यहां पर अल्प शक्ति के ट्रांसफार्मर लगा है.उसे उच्च शक्ति वाला ट्रांसफार्मर लगाने पर बल दिया था.इसके साथ ही ‘माता मरियम के ग्रोटो‘के सामने सौंदर्यीकरण का कार्य करने को कहा गया.

       यहां के लोगों के बल पर चनपटिया जिला परिषद 31 से जिला पार्षद आरजू परवीन विजयी हो सकी.अपना फर्ज निभाते हुए जिला परिषद आरजू परवीन ने ‘माता मरियम के ग्रोटो‘के सामने सौंदर्यीकरण का कार्य करने के लिए राशि आवंटित की जा रही है.यहां होने वाले कार्यों का निरीक्षण करने जिला पार्षद के पति सह पार्षद प्रतिनिधि नसीम अहमद गये.उन्होंने कहा कि यहां पर मिट्टी भराई और पेपर ब्लॉक का कार्य होने वाला है.जो 11 नवंबर तक कर दिया जाएगा.निरीक्षण क्रम में राजन क्लेमेंट साह और रवि माइकल भी साथ थे.

       यहां के लोगों ने बताया कि सर्वविदित है कि 13 नवंबर को चुहड़ी पल्ली में यूख्रीस्तीय यात्रा है. जिसके लिए तैयारी करीब 2 दिन पहले से की जाती है.यहां पर मिट्टी भराई और पेपर ब्लॉक लगाने का कार्य किया जा रहा है. जो 11 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा.यात्रा के दिन 13 तारीख को ग्रोटो चकाचक हो जाएगा.इस यात्रा में शामिल होने बहुत जगहों से लोग आते हैं.


आलोक कुमार

कार्याे को तेजी से पूर्ण करने का निर्देश दिया

  * गंगा जल आपूर्ति योजना के शेष बचे कार्याे को तेजी से करें पूर्ण

 * 8 नवंबर को संध्या तथा 9 नवंबर को सुबह में कुछ इलाकों में आंशिक रूप से पानी सप्लाई रहेगा बंद

 


गया. बिहार की पहली एवं अति महत्वाकांक्षी ‘गंगा जल आपूर्ति योजना‘ का कार्य लगभग फाइनल टच की ओर है. जिला पदाधिकारी गया डॉक्टर त्यागराजन एसएम ने शेष कार्याे को तेजी से पूर्ण करने का निर्देश दिया ताकि कोशिश रहे कि इसी महीने से गया एवं बोधगया के एक एक घरों तक पानी उपलब्ध करवाया जा सके. उन्होंने में कार्यपालक अभियंता जल संसाधन विभाग , बुडको  और कार्यकारी एजेंसी के साथ बैठक कर योजना की अद्यतन प्रगति की विस्तृत समीक्षा किया.

        उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य गंगा नदी के अधिशेष जल को लिफ्ट कर जल की कमी वाले शहरों में सालों भर शुद्ध पेयजल के रूप में आपूर्ति करना है. इस योजना का कार्य अब लगभग कम्पलीट की ओर है. उन्होंने कार्यों की अद्यतन प्रगति की समीक्षा कर शेष कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिये हैं.

      उन्होंने कहा कि इसे पाइपलाइन के जरिये गया, बोधगया तक पहुंचा कर उसके विभिन्न नवनिर्मित जलाशयों में भंडारण किया जाना है और फिर आधुनिक संयंत्रों द्वारा शोधन कर शहर में साल भर शुद्ध पेयजल के रूप में आपूर्ति करना है.

          ’समीक्षा बैठक में कार्यपालक अभियंता  बुडको द्वारा बताया गया कि गंगा जलापूर्ति योजना के तहत अक्षयवट क्षेत्र में मेन पाइप लाइन बिछाए जाने के कारण आंशिक रूप से 8 नवंबर के संध्या से 9 नवंबर के सुबह तक पेयजल की समस्या हो सकती है.’

       उन्होंने कहा कि सिंगरा स्थान में बने पानी टंकी से संबंधित वाटर सप्लाई जिसमें मुख्य रूप से ए पी कॉलोनी, रामपुर, करीमगंज, ग्वाल बीघा, पुलिस लाइन इत्यादि शामिल है। इन सभी इलाकों में आंशिक रूप से जलापूर्ति प्रभावित होने की संभावना है.

          ’जिला पदाधिकारी ने अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि इन संबंधित इलाकों के लोगों को कठिनाई कम से कम हो इसके लिए कार्य योजना तैयार करते हुए पाइप लाइन बिछाने का कार्य करें. इसके साथ ही उन्होंने संबंधित क्षेत्र के लोगों से अपील किया है कि 8 नवंबर को संध्या में तथा 9 नवंबर को सुबह में पेयजल बाधित रहेगा इसके लिए जरूरत के अनुसार पानी को स्टोर करके रखें.’


आलोक कुमार

बुधवार, 2 नवंबर 2022

3 नवम्बर को चुनाव

 गोपालगंज.बिहार में गोपालगंज और मोकामा में उपचुनाव हो रहा है. मंगलवार को शाम 6 बजे से शोर थम गया.इसके बाद न तो कोई सभा की जा सकती है और न ही जुलूस निकाला जा सकता है.यहां 3 नवम्बर को चुनाव होगा.

    दरअसल बिहार में दो जगह गोपालगंज व मोकामा में उपचुनाव हो रहे है तीन नवम्बर को मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी.जिसको लेकर प्रचार की आज यानी 1 नवंबर को अंतिम तारीख निर्धारित की गई है.आज शाम 6 बजे के बाद किसी तरह के भी चुनावी प्रचार-प्रसार पर रोक लगाई गई है.चुनाव प्रचार के अंतिम दिन भाजपा-राजद समेत विभिन्न पार्टियों ने पूरी ताकत झोंक दी. अन्तिम दिन प्रचार प्रसार कर नेताओ द्वारा मतदाताओं से तीन नवम्बर को अपने पक्ष में वोट करने की अपील की जा रही है फिलहाल 6 नवंबर को होने वाले मतगणना में ही साफ हो पायेगा की जनता ने किसे अपना प्रतिनिधि चुनकर विधान सभा मे भेजा है.         

               इस बीच पूर्व उप मुख्यमंत्री व राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने यह तल्ख टिप्पणी की है कि राष्ट्रीय जनता दल का चरित्र कुत्ते की पूंछ की तरह है, जो कभी बदलेगा नहीं. बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद अपराध फिर बढ़ गया है. उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद का जेल जाना तय है.पुनः जंगलराज मत आने दिजिए. मंगलवार को शहर के बंजारी मोड़ पर स्थित एक होटल में प्रेसवार्ता और थावे जंक्शन के समीप गेस्ट हाउस में व्यवसायियों संग बैठक में बिहार के तल्ख टिप्पणी की गयी.

            पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने गोपालगंज में चुनाव प्रचार कर लौटने के बाद कहा कि जनता ने अपराधियों को संरक्षण देने वाली पार्टी राजद के उम्मीदवारों को हराने का मन बना लिया है. इसलिए गोपालगंज और मोकामा, दोनों जगह भाजपा भारी मतों से विजयी होगी. मोदी ने कहा कि गोपालगंज में राजद ने उस शराब माफिया को टिकट दिया, जिसकी गोवा में शराब की फैक्ट्री है और जिसकी शराब झारखंड में पकड़ी गई थी. उन्होंने कहा कि इस उपचुनाव में सत्तारूढ गठबंधन पैसा पानी की तरह बहा रहा है.                                हेलीकाप्टर उतारे जा रहे हैं और प्रशासन राजद की मदद कर रहा है. उन्होंने कहा कि अनंत सिंह के घर से एके-47 रायफल मिलने के कारण सजा हुई. विधानसभा की सदस्यता चली गई. इसी से मोकामा में उपचुनाव हो रहा है. वे अपनी पत्नी और राजद प्रत्याशी की जीत के लिए जेल से मतदाताओं को धमकी दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि गोपालगंज में राजद उम्मीदवार ने अपनी कंपनी की शराब जब्त होने के मामले की जानकारी चुनाव आयोग से छिपाई. इस पर आयोग को संज्ञान लेना चाहिए.

           आरजेडी प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनता दल ने हमेशा शोषित, वंचित, पिछड़ा, अति-पिछड़ा, दलित और समाज के सभी वर्गों ए-टू जेड को मान-सम्मान देने के प्रति सजग रही है. हमेशा हमारी पार्टी इन वर्गों को हर स्तर पर ऊंचा उठाने का कार्य किया है. शायद सुशील मोदी को इन वर्गों को दिए जा रहे सम्मान और उनके प्रति किए जा रहे कार्य पसंद नहीं आ रहे हैं. जिस कारण वो ऐसी तुलनात्मक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. जिसे किसी भी दृष्टिकोण से सही नहीं ठहराया जा सकता है. आगे कहा कि सुशील मोदी अविलंब इस तरह की अमर्यादित भाषा के लिए आरजेडी के नेता और कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम लोगों से माफी मांगे. क्योंकि इन्होंने भावनाओं को ठेस पहुंचाया है.

         आखिरी दिन डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव दोनों जगहों पर आरजेडी प्रत्याशियों के रैली किए. इस दौरान जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह, उपेंद्र कुशवाहा समेत महागठबंधन के अन्य नेता भी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रचार के लिए नहीं जा रहे हैं.केवल वीडियों के माध्यम से सीएम ने महागठबंधन प्रत्याशियों को विजयी बनाने की अपील की है.

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी सह डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने प्रचार खत्म होने के बाद प्रचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. मोकामा विधानसभा उपचुनाव के लिए 3 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। कुल 289 मतदान केंद्रों पर अर्ध सैनिक बल तैनात किए जाएंगे.बाढ़ अनुमंडल कार्यालय में नियंत्रण कक्ष बनाया जाएगा. इसके अलावा मोकामा प्रखंड कार्यालय में भी वरीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में सुरक्षित बल को रखा जाएगा ताकि जरूरत पड़ने पर वहां पुलिसबल को भेजा जा सके.


आलोक कुमार

विश्वविद्यालय शिक्षकों की बहाली में पारदर्शिता की गारंटी करे सरकार

                        विश्वविद्यालय शिक्षकों की बहाली में पारदर्शिता की गारंटी करे सरकार


पटना. भाकपा- माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि विश्वविद्यालय शिक्षकों की हो रही बहाली में बिहार सरकार को पारदर्शिता की गारंटी करनी चाहिए. हिंदी विषय के लिए साक्षात्कार की प्रकाशित सूची को लेकर अभ्यर्थियों में गहरा आक्रोश है क्योंकि किस अभ्यर्थी को कितना अंक प्राप्त हुआ यह सूचना सार्वजनिक नहीं की गई है. इसके कारण कई प्रकार के संदेह पैदा हो रहे हैं.

जिस तरह अतिथि शिक्षकों की बहाली में पारदर्शिता अपनाई गई, स्थायी बहाली में भी सरकार और आयोग पारदर्शिता की गारंटी करे और सभी अभ्यर्थियों के प्राप्तांक को सार्वजनिक करे. जिन अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए नहीं बुलाया जा रहा है उसके कारणों को स्पष्ट करे. अभ्यर्थी शिक्षण अनुभव और पब्लिकेशन को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं. इसका निदान होना चाहिए.हमारी मांग है कि तब तक इस इंटरव्यू को स्थगित किया जाना चाहिए.

           दयानंद द्विवेदी का कहना है कि विश्वविद्यालय के किस किस भ्रष्टाचार को रोकेगी सरकार ? बगहा में एक बीबीएन कॉलेज है. विश्वविद्यालय ने पुरानी गर्वनिंग बॉडी से चुप चोरी बाहरी आदमी को लेकर गवर्निंग बॉडी बना दी . पुरानी गवर्निंग  बॉडी   ने हाईकोर्ट में रिट दायर किया. हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय के गवर्निंग बॉडी फंक्शन को स्टे कर दिया. इसपर विश्वविद्यालय की गवर्निंग  बॉडी  ने कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के फंक्शन को भी स्टे करने की मांग की तो स्टे मिल गया और डीएम पं० चम्पारण कॉलेज के प्रबंधक हो गये .

डीएम ने पुरानी गवर्निंग  बॉडी  सेक्रेटरी से , स्टाफ , बैंक एकाउंट सहित  कॉलेज   प्रबंधन का प्रभार स्वंय ले लिया. पुरानी गवर्निंग  बॉडी  का रिट एलाऊ हो गया. पर डीएम ने  कॉलेज   पुरानी गवर्निंग बाँडी को वापस नहीं किया.

डीएम के प्रबंधन काल में विश्वविद्यालय द्वारा डीएम की गैर जानकारी में फिर वही गवर्निंग  बॉडी   गठित कर दी. जिसका न  कॉलेज   में कोई लेक्चरर था न स्टाफ. जो थे उसे डीएम को पुरानी गवर्निंग  बॉडी   ने प्रभार में सौंप दिये थे.

विश्वविद्यालय की जालसाज गवर्निंग बाँडी आई और डीएम के काँलेज का ताला तोड़कर फर्जी स्टाफ के साथ काँलेज मे घुस गई. डीएम से काँलेज के प्रबंधन का प्रभार वापस भी नही लिया.डीएम के स्टाफ सड़क पर आ गये और जालसाज काँलेज मे घुस गये और घुसे हुए हैं.काँलेज वित्त सहित हो चुका है । सरकारी पैसा विश्वविद्यालय और उसकी जालसाज गवर्निंग  बॉडी   खा रही है तो मुख्यमंत्री क्या करेंगे.

आलोक कुमार

मंगलवार, 1 नवंबर 2022

मोकामा में शुरू से बाहुबलियों की धमक

 

पटना. इस बार मोकामा उपचुनाव में दो बाहुबलियों की पत्नी टकरा रही हैं.मोकामा में चार बार विधायक बनने वाले बाहुबली अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी आरजेडी की टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं.वहीं यहां पर बीजेपी से सोनम देवी उम्मीदवार हैं.वह बाहुबली ललन सिंह की पत्नी हैं.चार बार विधायक बनने वाले अनंत सिंह की विधायकी खत्म होने के बाद नवंबर में मोकामा सीट पर फिर से चुनाव हो रहा.तीन नवंबर को वोटिंग होनी है. छह नवंबर को नतीजे आएंगे.

   इस साल जून में अनंत सिंह को दस साल की सजा सुनाई गई.अभी बेउर जेल में हैं.इस सजा के बाद अपने आप उनकी विधायकी खत्म हो गई है और नवंबर में मोकामा सीट पर फिर से चुनाव हो रहा है. अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी इस सीट से आरजेडी की टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं.बीजेपी से सोनम देवी उम्मीदवार हैं.सर्वज्ञात है कि मोकामा में शुरू से बाहुबलियों की धमक रही है.यहां जीतता वही है जिसके पास धन बल और बाहुबल है. देखना होगा कि कौन किस पर भारी पड़ता है.

   मालुम हो कि बिहार में 2020 में चुनाव हुआ था.इस चुनाव में भी मोकामा विधानसभा से अनंत सिंह का जीत का सिलसिला कायम रहा. इससे पहले 2005 में अनंत सिंह,जदयू से, 2010 में भी अनंत सिंह,जदयू से, 2015 में अनंत सिंह, निर्दलीय से चुनाव जीते.इस बार 2000 में अनंत  सिंह आरजेडी से चुनाव लड़े और लगातार चौथी बार मोकामा में अपनी जीत दर्ज की, लेकिन अब अनंत सिंह की विधायकी खत्म हो चुकी है.

     दरअसल 2019 में अनंत सिंह के पुश्तैनी घर में छापेमारी हुई थी. उनके घर से एके 47 राइफल, दो हैंड ग्रेनेड और जिंदा कारतूस बरामद हुए. इस मामले में इसी साल जून में अनंत सिंह को दस साल की सजा सुनाई गई.इस सजा के बाद अपने आप उनकी विधायकी खत्म हो गई है और अब नवंबर में मोकामा सीट पर फिर से चुनाव होना है. अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी इस सीट से आरजेडी की टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं.

  राजनीति में सिद्धांत से भी समझौता करना पड़ता है. जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह मोकामा में जाकर अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी के पक्ष में हवा बनाने का प्रयास करने लगे हैं.इसी को सियासत कहा जाता है.अभी बिहार की सियासत पल-पल बदलती चली जा रही है.यहां जातिगत समीकरण और सियासी समीकरण किस पल बदल जाए, कहा नहीं जा सकता.

   कभी अनंत सिंह को जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह फूटी आंखों से देखना पसंद नहीं करते थे.कुछ यही हाल बाहुबली अनंत सिंह का था. अनंत सिंह ललन सिंह को देखना पसंद नहीं करते थे. दोनों में 36 का आंकड़ा रहता था. दोनों एक दूसरे के कट्टर सियासी दुश्मन. अब बिहार में महागठबंधन की सरकार है.अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी राजद की टिकट पर मोकामा उपचुनाव में प्रत्याशी हैं. महागठबंधन और बीजेपी में 36 का आंकड़ा चल रहा है. इसलिए ललन सिंह अब नीलम देवी यानि बाहुबली अनंत सिंह की पत्नी के समर्थन में चुनाव प्रचार करने मैदान में उतर गये हैं.

  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को मोकामा विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं से राजद उम्मीदवार के पक्ष में वोट करने की अपील की. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मोकामा व गोपालगंज विधानसभा के लिए हो रहे उपचुनाव के लिए महागठबंधन प्रत्याशी के समर्थन में वीडियो के माध्यम से अपील की है. उन्होंने एक वीडियो के जरिए मोकामा विधानसभा क्षेत्र की जनता से कहा कि वे उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के साथ मोकामा आने वाले थे, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से वे ऐसा नहीं कर पाए जिससे उन्हें अफसोस है. डेढ़ मिनट के इस वीडियो में उन्होंने मोकामा क्षेत्र की जनता के साथ अपने पुराने जुड़ाव को भी याद किया. मोकामा और गोपालगंज के लिए उपचुनाव 3 नवंबर को होने हैं.राजद विधायक के रूप में अनंत सिंह की अयोग्यता के कारण मोकामा में उपचुनाव जरूरी हो गया. गोपालगंज सीट भाजपा विधायक सुभाष सिंह के निधन के बाद खाली हुई थी.

    अपने वीडियो संदेश में सीएम नीतीश कुमार ने मोकामा में उनकी सरकार द्वारा विशेष रूप से 'ताल' क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों पर भी बात की. गौरतलब है कि मोकामा के आर्द्रभूमि वाले इलाकों में पिछले कुछ वर्षों में सड़क संपर्क और बिजली आपूर्ति में सुधार हुआ है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में 1,600 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम चल रहा है. जल्द ही ये योजनाएं पूरी हो जाएंगी जो वहां के लोगों के लिए खुशी लेकर आएंगी.  

    गोपालगंज विधानसभा क्षेत्र के लिए चुनाव को ले अलग अपील के वीडियो में मुख्यमंत्री ने उक्त क्षेत्र में जनिहत में हुए कार्यों की चर्चा की। यह कहा कि गोपालगंज में सरकार ने मेडिकल कालेज व ट्रामा सेंटर बनवाएं हैं.इसके अतिरिक्त विकास के कई अन्य कार्य भी हुए हैं. समाज में भाईचारा रहे इसके लिए उनकी सरकार ने काफी काम किया है.

आलोक कुमार








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