शुक्रवार, 21 अप्रैल 2023

सड़कों के किनारे लोगों के कूड़ा-करकट जहां तहां फेकने की आदत नहीं छोड़ने से समस्या और गंभीर होती गई है

 बेतिया. केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी के प्रति जागरूकता को लेकर शुक्रवार को साइकिल रैली का आयोजन किया गया. नगर निगम कार्यालय परिसर से निकली इस रैली को जिलाधिकारी दिनेश कुमार राय और नगर निगम महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने झंडी दिखाकर रवाना किया.

    इससे पूर्व महापौर ने सिकारिया ने स्वच्छता को स्वयं के व्यवहार में शामिल करने के ‘शपथ पत्र‘ का वाचन किया. जिसको डीएम दिनेश कुमार राय, नगर आयुक्त शंभू कुमार, के अतिरिक्त दर्जनों पदाधिकारी व निगम कर्मियों के साथ रामकृष्ण विवेकानंद स्कूल, संत माइकल एकेडमी, एमजेके कॉलेज, विपिन प्लस टू स्कूल, मारवाड़ी युवा मंच के सभी सदस्य, रोटी बैंक परिवार, मारवाड़ी सम्मेलन, रोटरी इंटरनेशनल, रोटरी क्लब जैसी सहभागी संस्थानों के अतिरिक्त सैकड़ों उत्साही महिला पुरुष भी एक स्वर में दुहराते देखे गए.

    इसके बाद रवाना हुई साइकिल रैली में भी सबसे आगे महापौर गरिमा देवी सिकारिया, नगर आयुक्त शंभू कुमार सहित नगर पार्षदगण और नगर निगम कर्मी, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, स्कूल से आये विद्यार्थी, आमजन इत्यादि शामिल हुए.नगर निगम कार्यालय रैली को रवाना करने से पहले सिकारिया ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में अपने नगर निगम को अव्वल बनाना हम सबके साथ एक एक नागरिक की जिम्मेदारी है. क्योंकि हमारे विकास में बाधा पहुंचाने वाली परिस्थितियों में एक मुख्य कारण गंदगी भी है. साधारण और गरीब परिवार की कुल आय का एक बड़ा हिस्सा दवाई और इलाज में खर्च हो जाता है. जिसके मूल में संपूर्ण स्वच्छता के जरूरत की अनदेखी ही है. उन्होंने लोगों को समस्या की गंभीरता के प्रति आगाह करते हुए कहा कि नाले के गंदे पानी में लोगों के कूड़ा कचरा डालने के उसका सही निस्तारण नहीं हो पाता है. 

   इसके कारण भी प्रदूषण और सघन बस्ती में सड़ांध की समस्या दिनोदिन गंभीर होती जा रही है. घरेलू कूड़ा-कचरा में से सुखा और गीला कचरा अलग नहीं करने से भी सड़ांध और प्रदूषण की समस्या बढ़ी है. हमारे नगर निगम क्षेत्र की प्रायः सभी सड़कों के किनारे लोगों के कूड़ा-करकट जहां तहां फेकने की आदत नहीं छोड़ने से समस्या और गंभीर होती गई है.

     इसके बाद रवाना हुई साइकिल रैली तीन लालटेन, उत्तरवारी पोखरा, छावनी से स्टेशन चौक होकर कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंच कर बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ समाप्त हुई. मौके पर बेतिया बीडीओ शिवजन्म कुमार, इमैन्युअल शर्मा, राजू तोदी, अशोक अग्रवाल, सुरेश सिंघानिया, गणेश काजरिया, सिटी मैनेजर अरविंद कुमार, सिटी मैनेजर रवि अमरनाथ, कनिया अभियंता सुजय सुमन, कनिया अभियंता मनीष कुमार, पार्षद इंद्रजीत यादव, सोनेलाल गुप्ता, अरुण कुमार के साथ मिथिँगा कंपनी से मोनालिसा, अतुल्य गुंजन, रोहिणी पोद्दार, आशीष कुमार, अभिषेक आनंद, साहिल कुमार, सन्नी कुमार, रोहित कुमार, उत्कर्ष कुमार इत्यादि का भरपूर सहयोग रहा.


आलोक कुमार


विश्व पृथ्वी दिवस के लिए 22 अप्रैल की तारीख हमेशा के लिए तय

 पटना. विश्व पृथ्वी दिवस हर साल 22 अप्रैल को मनाया जाता है. कल यानी शनिवार को विश्व पृथ्वी दिवस का 53वां आयोजन होगा. इसको मनाने का उद्देश्य यह है कि लोग पृथ्वी के महत्‍व को समझें और पर्यावरण को बेहतर बनाए रखने के प्रति जागरूक हों. 

पृथ्वी दिवस मनाने के पीछे का उद्देश्य लोगों में जागरूकता फैलाना है ताकि लोग पर्यावरण के महत्व को सही तरीके से समझ सकें और इसका बचाव कर सके. इस दिन कई जगहों पर पौधे लगाए जाते हैं. स्कूल, कॉलेज और विभिन्न संस्थान में इसको लेकर बच्चों को जागरूक किया जाता है. आज के समय में क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल वार्मिंग की वजह से हमारे पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंच रहा है.  इसलिए धरती को बचाने के लिए कई तरह के संकल्प लिए जाते हैं.

इस दिन को मनाने की शुरुआत अमेरिका से की गई थी. अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने सबसे पहला प्रयास किया था. वे चाहते थे कि कोई ऐसा दिन तय किया जाए जिस दिन लोगों को एक जगह इकट्ठा कर पर्यावरण के महत्व को समझाया जा सके. उनको विचार आया कि इस दिन को मनाने का सबसे बेहतर समय  19 अप्रैल से 25 अप्रैल के बीच का समय होगा. अप्रैल चुनने के पीछे सबसे बड़ा कारण था कि इस समय न कोई पर्व-त्योहार होते हैं न ही बच्चों के स्कूल की परीक्षाएं. इसलिए उन्हें ये सबसे सही समय लगा इस दिन को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए. इसके बाद से विश्व पृथ्वी दिवस के लिए 22 अप्रैल की तारीख हमेशा के लिए तय हो गई.

  1970 में जब विस्कॉन्सिन के सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने फैसला किया कि वह वायु और जल प्रदूषण के खतरों के बारे में लोगों में जागरूकता लाना चाहते हैं उसी दिन से यह दिन मनाया जाने लगा. उसके बाद वह कांग्रेसी पीट मैकक्लोस्की और कार्यकर्ता डेनिस हेस के साथ शामिल हो गए.  वैश्विक स्तर पर लोगों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए 22 अप्रैल 1970 को पहली बार पृथ्वी दिवस वृहद स्तर पर मनाया गया था.

  बात 1969 की है उस वक्त कैलिफोर्निया के सांता बारबरा में तेल रिसाव हो गया था, जो उस वक्त की सबसे बड़ी त्रासदी थी. इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई. इस घटना ने अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन को काफी परेशान किया. इसके बाद से ही उन्होंने फैसला किया कि अब वे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम करेंगे. इसके बाद नेल्सन के आह्वान पर अमेरिकियों ने पृथ्वी दिवस के पहले आयोजन में हिस्सा लिया था.


आलोक कुमार

गुरुवार, 20 अप्रैल 2023

कार्य प्रगति एवं उपलब्धि की समीक्षा प्रतिदिन

 पूर्णिया.बिहार जाति आधारित गणना के द्वितीय चरण का कार्य दिनांक 15 अप्रैल 2023 से प्रारंभ है‌.जो दिनांक 15 मई 2023 तक पूरा कर लिया जाना है.जिसके कार्य प्रगति एवं उपलब्धि की समीक्षा प्रतिदिन नियमित रूप से किया जा रहा है.सभी प्रगणक एवं पर्यवेक्षक का शत प्रतिशत मोबाइल ऐप इंस्टॉल करने एवं गणना कार्य गुणवत्तापूर्ण ससमय पूरा करें.

  इसी क्रम में आज गुरुवार को प्रभारी जिला पदाधिकारी सह अपर समाहर्ता श्री केडी प्रोज्ज्वल की अध्यक्षता में नोडल पदाधिकारी एवं चार्ज पदाधिकारी तथा संबंधित पदाधिकारी के साथ समीक्षात्मक बैठक का आयोजन समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में आहूत की गई.

      इस बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी सदर पूर्णिया सभी प्रखंडों एवं नगर निकायों के नोडल पदाधिकारीऔर सभी अनुमंडल पदाधिकारी प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा संबंधित पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े हुए थे.मुख्यालय स्तर पर समीक्षा के दौरान पूर्णिया जिले में गणना कार्य की प्रगति एवं उपलब्धि काफी संतोषजनक पाया गया है.प्रखंड वार चार्ज पदाधिकारी एवं नगर निकाय वार गणना कार्य की अद्यतन प्रगति की गहन समीक्षा की गई.

समीक्षा के दौरान अमौर बायसी बनमनखी धमदाहा के नगर के चार्ज पदाधिकारी को सभी प्रगणक एवं पर्यवेक्षक का कार्य शत-प्रतिशत मोबाइल ऐप इंस्टॉल करने एवं गणना कार्य गुणवत्तापूर्ण समय पूरा करने का निर्देश दिया गया.

     सभी चार्ज पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि डेटा संग्रह एवं विभागीय पोर्टल पर प्रविष्टि गुणवत्तापूर्ण अपलोड करें किसी प्रकार की त्रुटि ना हो इसका पूरा पूरा ध्यान दें एवं लगातार मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया. एप अपलोडिंग में उत्पन्न हो रहे तकनीकी समस्या के निराकरण के लिए आईटी मैनेजर को शीघ्र दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया.

   बैठक में प्रभारी पदाधिकारी स्थापना जिला शिक्षा पदाधिकारी अनुमंडल पदाधिकारी सदर पूर्णिया सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा वरीय उप समाहर्ता श्वेताम दीक्षित जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस जिला जनसंपर्क पदाधिकारी एवं संबंधित पदाधिकारी गण मौजूद थे.



आलोक कुमार

जिला में धार्मिक जुलूस के आयोजनों के स्वरूप को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिया

  ईद उल फितर के अवसर पर विधि व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में नवगठित जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक

नालंदा. ईद उल फितर के अवसर पर विधि व्यवस्था बनाये रखने को लेकर आज जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में नवगठित जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आहूत की गई.

समिति के विभिन्न सदस्यों द्वारा एक-एक कर जिला में स्थाई सामाजिक सौहार्द बनाए रखने तथा आने वाले समय में जिला में धार्मिक जुलूस के आयोजनों के स्वरूप को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिया गया.सभी सदस्यों द्वारा सभी पर्व त्योहारों को आपसी भाईचारे एवं सांप्रदायिक सौहार्द से मनाए जाने पर बल दिया गया. बिहार शरीफ में दुकानों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पूर्व की भांति सामान्य रूप से खोलने की अनुमति का भी अनुरोध किया गया.

      किसी भी तरह के धार्मिक जुलूस को सीमित संख्या एवं सीमित क्षेत्र में निकालने को लेकर भी सदस्यों द्वारा सुझाव दिया गया. जुलूस में किसी भी तरह के हथियारों के प्रदर्शन पर पूर्णतया रोक लगाने का भी सुझाव सदस्यों द्वारा दिया गया.

          शांति समिति की बैठक समय समय पर सामान्य रूप से भी किये जाने की आवश्यकता बताई गई. शांति समिति के सदस्यों द्वारा सामाजिक स्तर पर भी सक्रियता के साथ कार्य करने की बात कही गई.

        जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि सदस्यों द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं. इन सुझावों के आधार पर आगे के लिए और भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे. शांति समिति में युवाओं एवं छात्रों के प्रतिनिधित्व के सुझाव पर अमल किया जाएगा. शांति समिति के सभी सदस्यों का एक अलग व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा जिसमें महत्वपूर्ण सूचनाओं का आदान प्रदान किया जाएगा. समय-समय पर शांति समिति की बैठक नियमित रूप से की जाएगी.

  पुलिस अधीक्षक ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर जो भी निर्णय लिया जाय उससे सख्ती से अनुपालन में शांति समिति के सदस्यों की भी सक्रिय भूमिका होनी चाहिए.किसी भी तरह के वृहद आयोजन के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है. ऐसे आयोजनों के लिए कम से कम 20 आयोजकों का नाम पहचान सहित अनिवार्य रूप से देना होगा. किसी भी आयोजन में शस्त्रों का प्रदर्शन वर्जित है, इसका सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा. डीजे के संचालन के लिए निर्धारित प्रावधान एवं लाउडस्पीकर एक्ट के प्रावधानों का सख्ती से अनुपालन कराना सबों की जिम्मेदारी है. इसका उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्ती से कार्रवाई होगी.

    आयोजन के लिए निर्धारित लाइसेंस की शर्तों का अनुपालन कराना आयोजकों की भी जिम्मेदारी होगी.शस्त्रों के प्रदर्शन पर रोक,भड़काऊ नारे पर रोक आदि शर्तों के उल्लंघन किये जाने पर संबंधित आयोजकों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी.

         बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री अशोक मिश्रा, इसलामपुर विधायक श्री राकेश रोशन, पूर्व विधायक श्री राजीव रंजन, पूर्व विधायक श्री शक्ति सिंह यादव, पूर्व विधायक श्री रवि ज्योति,विभिन्न विधायक के प्रतिनिधिगण, विभिन्न राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष, सभी नगर निकायों के मुख्य पार्षद, नगर आयुक्त श्री तरणजोत सिंह, अपर समाहर्त्ता श्री मंजीत कुमार,सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी, चैम्बर ऑफ कॉमर्स, रोटरी क्लब नालंदा, रोटरी क्लब बिहार शरीफ, आईएमए, इनर व्हील, लायंस क्लब के प्रतिनिधिगण,सभी अनुमंडल से मनोनीत सदस्यगण एवं समिति के अन्य सदस्यगण उपस्थित थे.


आलोक कुमार

बाजार एवं व्यवसाय को सामान्य रूप से खोलने की अनुमति का अनुरोध किया

  टाउन हॉल में बिहारशरीफ शहर के लिए नवगठित शांति समिति की बैठक

नालंदा. आज टाउन हॉल में बिहारशरीफ शहर के लिए नवगठित शांति समिति की बैठक आहूत की गई. सदस्यों द्वारा एक-एक कर शहर में स्थाई रूप से शांति एवं सद्भाव का वातावरण बनाये रखने को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिया गया.

       कुछ सदस्यों द्वारा बाजार एवं व्यवसाय को सामान्य रूप से खोलने की अनुमति का अनुरोध किया गया. पुलिस एवं दंडाधिकारियों द्वारा नियमित पेट्रोलिंग की व्यवस्था को जारी रखने तथा ईद के अवसर पर सभी नमाज स्थलों पर समय पुलिस बल एवं दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने, कुछ महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, कारगिल चौक स्थित हाई मास्ट लाइट को ठीक कराने आदि का अनुरोध किया गया.

    पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिला में फिलहाल किसी भी तरह का जुलूस प्रतिबंधित है. इस संबंध में उचित समय पर उचित निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के  आयोजनों के लिए लाइसेंस की शर्तों का अनुपालन अनिवार्य होगा. इसकी जिम्मेदारी आयोजकों की भी होगी.

      डीजे से संबंधित प्रावधानों एवं लाउडस्पीकर एक्ट के प्रावधानों का अनुपालन अनिवार्य होगा. रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे की अवधि में लाउडस्पीकर बजाना प्रतिबंधित है. इसका उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों/मैरेज हॉल संचालकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी.

जिलाधिकारी ने कहा कि शहर में ड्रोन कैमरा के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था की गई है. किसी तरह की सूचना हो तो जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष में दूरभाष संख्या 06112 232626 पर सूचित कर सकते हैं. बताया गया कि बिहार शरीफ में तत्काल 20 जगहों पर अस्थाई रूप से अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, इनमें से अधिकांश आज लगाए जा चुके हैं. इसके साथ ही सभी महत्वपूर्ण स्थलों पर नगर निगम द्वारा स्थाई सीसीटीवी कैमरा भी लगाया जाएगा.



आलोक कुमार


बुधवार, 19 अप्रैल 2023

मनरेगा के तहत कार्य करने वाले कामगारों/ मजदूरों को भीषण गर्मी को देखते हुए सुबह एवं शाम में कार्य करवाएं

  मुख्य बिन्दु-’

* सभी तैयारियां समय पूरी कर ली जाय। आपदा प्रबंधन विभाग सतत इसका अनुश्रवण करते रहे कि और क्या-क्या करने की जरूरत है ताकि लोगों को कोई दिक्कत नहीं हो 

* हर चीज पर नजर रखता है और पूरी तरह से सतर्क रहना है. मुस्तैदी के साथ सभी लोग लगे रहेंगे तो आपदा की स्थिति में लोगों को राहत मिलेगी

* हर घर नल का जल से लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, इसे पूरी तरह मेंटेन रखें

* नदियों के गाद की उड़ाही एवं शिल्ट हटाने को लेकर तेजी से कार्य करें। इससे बाढ़ का खतरा भी कम रहेगा और नदियों की जल संग्रहण क्षमता भी बढ़ेगी, जिससे सिंचाई कार्य में और सुविधा होगी

* जल - जीवन - हरियाली अभियान के तहत जल संरक्षण कार्य की सतत् निगरानी करें। वृक्षारोपण के कार्य को और बढ़ाया जाय

* नगर विकास एवं आवास विभाग नगर निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को जल्द से जल्द प्रशिक्षण करा दें ताकि उन्हें सभी दायित्वों की जानकारी हो और बेहतर समन्वय स्थापित हो सके. जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों की स्थिति का आकलन करें, क्षेत्रों में जाकर वस्तु स्थिति की जानकारी दें, उसके अनुसार सभी प्रकार की तैयारियां पूर्ण रखें* राज्य सरकार बाढ़ और सुखाड़ की स्थिति में प्रभावितों को हरसंभव मदद करती है, इसे ध्यान में रखते हुये सभी संबद्ध विभाग और अधिकारी सतर्क रहे


पटना. मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने 01 अणे मार्ग स्थित ‘लोक संवाद‘ में संभावित बाढ़, सुखाड़ एवं अन्य आपदाओं की पूर्व तैयारियों की समीक्षा की.

बैठक में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक ने इस वर्ष मानसून सत्र के दौरान वर्षापात के पूर्वानुमान की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अप्रैल-मई महीने में देश के अधिकांश हिस्सों, जिसमें बिहार राज्य भी शामिल है, जहां अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर / औसत से अधिक रहने की संभावना है. इस अवधि में लू चलने की संभावना बताई गई है. मानसून ऋतु में 96 प्रतिशत औसत वर्षा होने तथा बिहार में 952 मिलीमीटर वर्षा होने का पूर्वानुमान है.

बैठक में आपदा प्रबंधन सह जल संसाधन विभाग के सचिव श्री संजय कुमार अग्रवाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से संभावित बाढ़, सुखाड़ एवं अन्य आपदाओं की पूर्व तैयारियों से संबंधित मुख्य बातों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मानक संचालन प्रक्रिया (एस0ओ0पी0) के अनुसार बाढ़ पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं. सभी जिलों एवं सम्बद्ध विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिये गये हैं. उन्होंने नाव संचालन, पॉलिथिन शीट, राहत सामग्री की उपलब्धता, दवा, पशुचारा, बाढ़ आश्रय स्थल, सामुदायिक रसोई, ड्राई राशन पैकेट्स / फूड पैकेट्स, जिला आपातकालीन संचालन केंद्र आदि के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी.उन्होंने बताया कि बाढ़ के दौरान बाढ़ राहत शिविरों में बाढ़ पीड़ितों को सभी प्रकार की सुविधायें उपलब्ध करायी जाती है. सामुदायिक रसोई का संचालन बेहतर ढंग से किया जाता है और लोगों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाता है.

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के प्रधान सचिव श्री संजीव हंस, कृषि सह पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के प्रधान सचिव डॉ० बी० राजेन्दर, नगर विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अरूनीश चावला, पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मिहिर कुमार सिंह, लघु जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री रवि मनु भाई परमार, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री संजय कुमार अग्रवाल, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री उदयकांत मिश्रा ने अपने-अपने विभागों द्वारा संभावित बाढ़, सुखाड़ एवं अन्य आपदाओं की स्थिति से निपटने को लेकर की गई तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी .

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के आगमन के पूर्व सभी तैयारियां ससमय पूरी कर लें.अभी से इसको लेकर एक-एक चीज पर नजर रखें. आपदा प्रबंधन विभाग सतत् इसका अनुश्रवण करते रहे कि और क्या-क्या करने की जरूरत है ताकि लोगों को कोई दिक्कत नहीं हो.जिन जिलों में बाढ़ आश्रय स्थल का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ है, वहाँ तेजी से इस पर कार्य करें. पिछले वर्ष सामुदायिक रसोई का संचालन बेहतर ढंग से किया गया था. इस वर्ष भी बाढ़ की स्थिति में सामुदायिक रसोई का संचालन बेहतर ढंग से किया जाय.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से सुरक्षा के लिए बचे हुए सभी कटाव निरोधक कार्य एवं बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य को मॉनसून के पहले पूर्ण करें. नदियों के गाद की उड़ाही एवं शिल्ट हटाने को लेकर तेजी से कार्य करें. इससे बाढ़ का खतरा भी कम रहेगा और नदियों की जल संग्रहण क्षमता भी बढ़ेगी, जिससे सिंचाई कार्य में और सुविधा होगी. जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत सात अवयवों में जल संरक्षण को लेकर कार्य किए जा रहे हैं, उसी भी सतत निगरानी करें. 

   वृक्षारोपण के कार्य को और बढ़ाया जाय। नगर विकास एवं आवास विभाग नगर निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को जल्द से जल्द प्रशिक्षण करा दें ताकि उन्हें सभी दायित्वों की जानकारी हो और बेहतर समन्वय स्थापित हो सके. उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष गर्मी ज्यादा है. इसे ध्यान में रखते हुए सभी प्रकार की तैयारी रखें और लोगों को सचेत करें.

   मुख्यमंत्री ने कहा कि हर चीज पर नजर रखता है और पूरी तरह से सतर्क रहना है. मुस्तैदी के साथ सभी लोग लगे रहेंगे तो आपदा की स्थिति में लोगों को राहत मिलेगी. सभी संबद्ध विभाग जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर वस्तु स्थिति की जानकारी ले और उसके आधार पर कार्य करे. उन्होंने कहा कि भू-जलस्तर पर नजर रखें और पेयजल का इंतजाम रखें. हर घर नल का जल से लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, इसे पूरी तरह मेंटेन रखें.जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों की स्थिति का आकलन करें, क्षेत्रों में जाकर वस्तुस्थिति की जानकारी लें, उसके अनुसार सभी प्रकार की तैयारियां पूर्ण रखें. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ और सुखाड़ की स्थिति में प्रभावितों को हरसंभव मदद करती है, इसे ध्यान में रखते हुये सभी संबद्ध विभाग और अधिकारी सतर्क रहें.

बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री तेजस्वी प्रसाद यादव, आपदा प्रबंधन मंत्री श्री शाहनवाज, वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, जल संसाधन मंत्री श्री संजय कुमार झा, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री श्री ललित कुमार यादव, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्रीमती लेशी सिंह, ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार, लघु जल संसाधन मंत्री श्री जयंत राज, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री मो० आफाक आलम, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री उदयकांत मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य श्री पी0एन0 राय, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य सह मुख्यमंत्री के अतिरिक्त परामर्शी श्री मनीष कुमार वर्मा, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक श्री आर०एस० भट्ठी, विकास आयुक्त श्री विवेक कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, संबद्ध विभाग के अपर मुख्य सचिव / प्रधान सचिव / सचिव, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह अन्य वरीय पदाधिकारीगण एवं एन०डी०आर०एफ० और एस०डी०आर०एफ० के पदाधिकारी उपस्थित थे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रमंडलीय आयुक्त, सभी रेंज के पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक, सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक / पुलिस अधीक्षक जुड़े हुए थे.

   ’गया ज़िला के समीक्षा के दौरान’

गया जिला के समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी गया डॉक्टर त्यागराजन एसएम ने बताया कि हर घर नल का जल ग्रामीण क्षेत्र योजना के तहत पंचायती राज विभाग द्वारा कुल 188 पंचायत के 2602 वार्ड में 2589 वार्ड में कार्य पूर्ण किया गया है तथा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा कुल 144 पंचायतों में 1970 वार्ड में से 1941 वार्ड में कार्य पूर्ण किया है.

          छुटे हुए बसावट जो 1624 है बसावट वाले क्षेत्रों में तेजी से पानी उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है.

          किसी भी टोली में पानी सप्लाई बंद ना रहे इससे निगरानी के लिए प्रखंड टेक्निकल असिस्टेंट द्वारा लगातार क्षेत्र भ्रमण कर इसका प्रतिवेदन लिया जाता है जहां भी नल जल योजना बंद पाई जाती है तुरंत मरम्मत करते हुए पानी सप्लाई शुरू करवा दी जाती है.

          बैठक में निर्देश दिया गया कि हर पंचायत के हर वार्ड में नल जल योजना के तहत पानी सप्लाई चालू रहे, इसका पूरा निगरानी रखना सुनिश्चित कराएं ताकि एक भी घर को पानी ना मिलने की शिकायत ना मिले.

          पीएचईडी विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्तमान समय में भूगर्भ जल स्तर 33.24 फीट नीचे है.

          अत्यधिक गर्मी पड़ने पर आवश्यकतानुसार टैंकर के माध्यम से भी जलापूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी. पीएचडी के पास 54 टैंकर, नगर निगम के पास 33 टैंकर, नगर पंचायत बोधगया के पास 4, नगर पंचायत टिकारी 2, नगर पंचायत शेरघाटी 2 टैंकर, इस प्रकार जिले में कुल 95 टैंकर पूरी तरह चालू अवस्था में है.

          जिले में सार्वजनिक चापाकल मरम्मत हेतु 55 गैंग द्वारा कुल 3530 चापाकल को मरम्मत कराया गया है, शेष चापाकलों को युद्ध स्तर पर मरम्मत करवाने का कार्य किया जा रहा है.

          जिले में पशुओं को पानी पिलाने हेतु 27 कैटल ट्रफ में से 24 कैटल ट्रफ चालू है. पशुओं के लिए चारा की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं. बीमार पशुओं को उपचार तथा सभी जिलों में पशु दवा की प्रचुर मात्रा में उपलब्ध करवाने का निर्देश दिए हैं.

          समीक्षा बैठक में हीटवेव को लेकर निर्देश दिया गया कि सभी अस्पतालों पर विशेष नजर रखें सभी सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ की व्यवस्था सुनिश्चित करावे.

          नगर विकास एवं आवास विभाग के समीक्षा के दौरान निर्देश दिया गया कि नालों की सफाई तेजी से करवाएं.

          कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि गया ज़िले में 1201 हेक्टेयर ओलावृष्टि के कारण फसल बर्बाद हुए हैं. माननीय मुख्यमंत्री जी ने 15 दिनों के अंदर संबंधित किसानों को पैसा उपलब्ध करवाने का निर्देश दिए हैं.

          अंत में माननीय मुख्यमंत्री ने सभी जिला पदाधिकारी को निर्देश दिया कि इस वर्ष अप्रैल माह से ही दिन प्रतिदिन काफी तेजी से तापमान में बढ़ोतरी देखी जा रही है. इसलिए अपने जिले के क्षेत्रों में लगातार स्थिति का जानकारी एवं निगरानी रखें. हर हाल में अंतिम लोगों तक सहायता उपलब्ध कराने के लिए पूरी तैयारी रखें. मनरेगा के तहत कार्य करने वाले कामगारों/ मजदूरों को भीषण गर्मी को देखते हुए सुबह एवं शाम में कार्य करवाएं.



आलोक कुमार

चादर चढ़ाने के लिए नहीं निकाला जाएगा कोई जुलूस

 सादगी के साथ मनाया जाएगा हज़रत मख़दूम शेख सरफुद्दीन अहमद यहिया मनेरी का 662 वां सालाना उर्स

चादर चढ़ाने के लिए नहीं निकाला जाएगा कोई जुलूस

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सालाना उर्स के आयोजन को लेकर बैठक

नालंदा. बड़ी दरगाह स्थित हजरत मखदूम शेख सरफुद्दीन अहमद यहिया मनेरी के 662 वें सालाना उर्स का आयोजन सादगी के साथ किया जाएगा.हजरत मखदुम के आस्ताने पर चादर पोशी के लिए कोई जुलूस नहीं निकाला जाएगा. श्रद्धालु एवं जायरीन व्यक्तिगत रूप से श्रद्धा के साथ चादरपोशी करेंगे.

      सालाना उर्स के आयोजन को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी ने मखदूम ए जहां के गद्दीनशीन (पीर साहब) एवं अन्य प्रतिनिधि तथा संबंधित विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक किया.

       
पीर साहब ने बताया कि  इस बार के सालाना उर्स को सादगी के साथ मनाने का निर्णय लिया गया. मखदूम साहब के आस्ताने पर चादरपोशी के लिए किसी भी तरह का जुलूस नहीं निकाला जाएगा. लोग व्यक्तिगत श्रद्धा के साथ व्यक्तिगत रूप से चादर पोशी करेंगे.इस अवसर पर किसी मेला का आयोजन नहीं किया जाएगा.

     बाहर से आने वाले जायरीन के लिए सुरक्षा, पेयजल, शौचालय साफ-सफाई आदि  आवश्यक व्यवस्था संबंधित विभागों के माध्यम से सुनिश्चित कराई जाएगी. इसके लिए जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया.

 बड़ी दरगाह में मेडिकल टीम भी तैनात रहेगी. साथ ही नियंत्रण कक्ष भी आवश्यक सुविधाओं एवं पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति के साथ क्रियाशील रहेगा.

 मुख्य मार्ग से आने वाले वाहन का प्रवेश सोगरा कॉलेज तक ही अनुमान्य होगा. वहाँ से श्रद्धालुओं को पैदल बड़ी दरगाह तक जाना होगा.

      जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्था समय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

       बैठक में मख़दुम ए जहाँ के गद्दीनशीं सैय्यद शाह सैफ़ुद्दीन अहमद फिरदौसी (पीर साहब), बड़ी दरगाह के अन्य प्रतिनिधिगण, पुलिस अधीक्षक,अनुमंडल पदाधिकारी बिहारशरीफ सहित विभिन्न संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.


आलोक कुमार

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