सोमवार, 8 जनवरी 2024

विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक


 मतदाता सूची के जारी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्य किया जा रहा है

नालंदा। नालंदा जिला में भी इस अभियान के तहत नये मतदाताओं का नाम जोड़ने, मृत एवं स्थानांतरित मतदाताओं का नाम हटाने की कार्रवाई जारी है। 22 जनवरी 2024 को फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन किया जायेगा।

इस अभियान के तहत किये जा रहे कार्यों को लेकर आज जिला निर्वाचन पदाधिकारी -सह- जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक किया।

उन्होंने सभी दलों को इस अभियान के तहत की जा रही कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी दिया। नये नाम जोड़ने, मृत एवं शिफ्टेड का नाम हटाने आदि के बारे में बताया गया।

      आगामी आम चुनाव में प्रयुक्त होने वाले ई वी एम के बारे में भी जानकारी दी गई। जिले में अद्यतन उपलब्ध एम-3 मॉडल के ई वी एम एवं प्रशिक्षण में प्रयुक्त होने वाले ई वी एम के बारे में सभी दलों के उपस्थित प्रतिनिधियों को जानकारी दी गई।

            इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिगण, उप विकास आयुक्त एवं अपर समाहर्त्ता उपस्थित थे।


आलोक कुमार

मुआवजा भुगतान के लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष कैंप


 जिला में निर्माणाधीन विभिन्न परियोजनाओं के तहत किये जा रहे भू-अर्जन कार्य को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक

मुआवजा भुगतान के लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष कैंप लगाकर भू-धारकों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने का निर्देश

नालंदा। जिला में विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए किए जा रहे भू-अर्जन को लेकर जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने आज समीक्षा बैठक की।विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं- हिलसा बाईपास (पूर्वी), इस्लामपुर बाईपास, नूरसराय बाईपास, नूरसराय-सिलाव पथ, तेलमर नरसंडा सालेपुर पथ, राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (बख्तियारपुर- रजौली खंड) के फोरलेन निर्माण, भारतमाला परियोजना के तहत एनएच-119 डी (आमस-रामनगर) पथ,पावापुरी-विलारी (घोसरावां से छाछू बिगहा)पथ,दरियापुर वीयर आदि परियोजनाओं से संबंधित भू-अर्जन कार्य की एक-एक कर समीक्षा की गई।

    हिलसा पूर्वी बाईपास के लिए 6 मौजे के 579 अवार्डी से लगभग 47 एकड़ भूमि अर्जित की गई है।इनमें से 521 अवॉर्डी द्वारा मुआवजे की राशि प्राप्त की गई है। शेष लोगों से भी आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर मुआवजे का त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया।इसलामपुर बाईपास के लिए 5 मौजे के 556 अवार्डी से लगभग 55 एकड़ भूमि अर्जित की गई है।इनमें से 381 अवॉर्डी द्वारा मुआवजे की राशि प्राप्त  की गई है।शेष अवार्डी को भुगतान में तेजी लाने के लिए विशेष शिविर लगाकर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने को कहा गया।

     नूरसराय बाईपास के लिए 3 मौजे के 169 अवार्डी से लगभग 23 एकड़ भूमि अर्जित की गई है, अबतक 161 अवार्डी द्वारा भुगतान प्राप्त किया गया है। नूरसराय-सिलाव पथ के लिए 16 मौजे के 1269 अवॉर्डी से लगभग 124 एकड़ भूमि अर्जित की गई है।इनमें से अबतक 919 अवार्डी द्वारा मुआवजे की राशि प्राप्त की गई है।शेष को भी त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने के लिये  विशेष शिविर लगाने का निदेश भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता बिहारशरीफ को दिया गया। इस पथ के दूसरे खण्ड के बेगमपुर से सिलाव तक की निविदा निकाली गई है।

      तेलमर-नरसंडा- सालेपुर- पथ के लिए 11 मौजे के 946 अवार्डी से लगभग 113 एकड़ भूमि अर्जित की जा रही है। इनमें से 667 अवार्डी द्वारा भुगतान प्राप्त किया गया है। यहाँ भी विशेष शिविर लगाकर शेष अवार्डी को भी तेजी से भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया। पावापुरी-विलारी (घोसरावां से छाछु विगहा) पथ के लिये भू अर्जन में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।

        अन्य सभी परियोजनाओं के लिए भी भू-अर्जन से संबंधित लंबित मुआवजे के भुगतान में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। इसके लिए नियमित रूप से विशेष शिविर लगाकर भू धारकों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने तथा जरूरतमंद को एलपीसी निर्गत करने को कहा गया।

बैठक में अपर समाहर्त्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी,भूमि सुधार उप समाहर्त्ता,संबंधित कार्यकारी विभागों के कार्यपालक अभियंता एवं अंचलाधिकारी उपस्थित थे।


आलोक कुमार

गांधी को गांव गांव में ले जाएंगे

 एकता परिषद के संस्थापक श्री राजगोपाल जी ने गांव के गांधी अभियान की घोषणा की

गांव के गांधी अभियान का शुभारंभ सर्वाेदय प्रेस के प्रमुख एवं समाजसेवी श्री राकेश दीवान द्वारा युवाओं को अभियान का नाम सौंप कर घोषणा की

गांधी को गांव गांव में ले जाएंगे, जब मन में गांधी घर घर में गांधी

कटनी.सर्वाेदय प्रेस सर्विस (सप्रेस) फीचर एजेंसी के रूप में अपनी स्थापना के 61 वें वर्ष में प्रवेश किया है.सप्रेस का 60 वर्षों का सफर अखबारों, पत्र-पत्रिकाओं, गांधीवादी संस्थाओं, जनसंगठनों, स्वैच्छिक संगठनों, स्नेहीजनों आदि के भावपूर्ण स्नेह एवं सहयोग से ही संभव हो सका है. सप्रेस का हमेशा प्रयास रहा है कि मीडिया में सामाजिक सरोकारों से संबंधित विषयों पर लिखी सामग्री नियमित रूप से पहुंचे तथा समाज से जुड़े मुद्दों को आम जनता के बीच मुखरता से उभारा जाए और वे विमर्श का हिस्सा बन सके. ‘सप्रेस’ ने अब तब अपने पूरे कलेवर में एक तटस्थ संस्थान बनने का प्रयास किया है, जो कि रचनात्मक समाज, विकास संबंधी विचारों एवं समाचारों को जनमानस के सम्मुख लाने के लिए समर्पित है.‘सप्रेस’के संपादक राकेश दीवान ने गांव के गांधी अभियान का शुभारंभ किया.

    आज, एकता परिषद के संस्थापक श्री राजगोपाल जी ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. उन्होंने गांव-गांव में गांधी अभियान की घोषणा की, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है. इस अभियान के माध्यम से विभिन्न समुदायों को एक साथ आने की प्रेरणा दी जाएगी ताकि हम सभी मिलकर एक सशक्त और समृद्ध भारत की ओर बढ़ सकें. 

            इस घोषणा के साथ ही एकता परिषद की राष्ट्रीय समिति ने भी इस अभियान का समर्थन किया है.यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो हमारे देश की एकता और अखंडता को बढ़ावा देने में मदद करेगा.

   अतः हम सभी लोगों से यह आग्रह करते हैं कि हम एक साथ मिलकर राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में योगदान करें. यह हम सभी की जिम्मेदारी है और हम सभी को इसमें सहयोग करना चाहिए.

   महात्मा गांधी  के ग्राम स्वराज की अवधारणा अत्यंत व्यापक है. उनका मानना था कि भारत की  स्वतंत्रता की शुरुआत नीचे से होनी चाहिए. तभी प्रत्येक गांव एक गणतंत्र बनेगा, अतः इसके अनुसार प्रत्येक गांव को आत्मनिर्भर और सक्षम होना चाहिए. गांधी जी ने ग्राम के गणतंत्र के रूप की कल्पना की है जो कि आत्मनिर्भरता का पर्याय होगा, उन्होंने गांव को स्वतंत्र राजनीतिक और आर्थिक इकाइयों के रूप में देखने की चाह की थी.

         गांधी जी के विचार गांवों की आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के बारे में थे. उनका मानना था कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और गांधी जी ने ग्राम के गणतंत्र रूप की कल्पना की है जो कि आत्मनिर्भरता का पर्याय होगा. उन्होंने गांव को स्वतंत्र राजनीतिक और आर्थिक इकाइयों के रूप में देखने की चाह की थी.

       गांधी जी की दृष्टि में गांव और किसान का महत्व बहुत अधिक था. उन्होंने गांव के विकास के लिए अपने विचार रखे और उन्होंने गांव को स्वतंत्र राजनीतिक और आर्थिक इकाइयों के रूप में देखने की चाह की थी. गांधी जी के अनुसार गांव को आत्मनिर्भर और सक्षम होना चाहिए ताकि हर गांववासी की सुख सुविधा के लिए आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हों.

       गांव के गांधी अभियान का शुभारंभ सर्वाेदय प्रेस के प्रमुख एवं समाजसेवी श्री राकेश दीवान द्वारा एकता परिषद एवं समाजसेवा के लिए समर्पित युवाओं को अभियान का नाम सौंप कर घोषणा की यह अभियान गांव गांव जायेगा और गांधी के मूल्यों पर आधारित गांव एवं समाज की रचना के लिए जमीन तैयार करेगा.

इस अवसर पर एकता परिषद के साथी श्री प्रदीप प्रियदर्शी बिहार, नयन तारा एवं दीम्बेश्वर नाथ असम,ऋषि शर्मा मणिपुर, विजय कुमार एवं डॉली ओडिसा, रामस्वरूप एवम चुन्नुलाल झारखंड, मुरली संत,प्रशांत एवम निर्मला कुजूर छत्तीसगढ़,बीजू तमिलनाडु,सियाराम   एवं   मेवा उत्तरप्रदेश,डोंगर भाई एवम सरस्वती मध्य प्रदेश उपस्थिति थे.

इस अभियान को एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रन सिंह परमार ,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सीताराम सोनवानी,श्रद्धा एवं प्रदीप प्रियदर्शी,राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष निर्भय सिंह ,राष्ट्रीय महासचिव रमेश शर्मा एवं अनीश भाई,राष्ट्रीय सचिव  सचिव संतोष सिंह ने अपने साथियों के साथ गांव के गांधी का दायित्व लिया.

आलोक कुमार

शनिवार, 6 जनवरी 2024

भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के 1 अध्यक्ष

पटना. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी और संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया के सहमति से भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के 1 अध्यक्ष, 8 उपाध्यक्ष 3 महामंत्री, 8 मंत्री, 1 महिला संयोजक और 1 सहसंयोजक की घोषणा की है.

       भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा,बिहार प्रदेश के प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष कमरुज्जमा अंसारी,भागलपुर के अध्यक्ष हैं. उन्होंने 8 उपाध्यक्ष में प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ० खुर्शीद अनवर,मुजफ्फरपुर, प्रदेश उपाध्यक्ष मो० जुबैर आलम,अररिया, प्रदेश उपाध्यक्ष मो० शफीक अंसारी,अररिया, प्रदेश उपाध्यक्ष फैयाज अली काजमी,पटना,प्रदेश उपाध्यक्ष राजन शाह क्लेमेंट,पटना, प्रदेश उपाध्यक्ष खुर्शीद आलग उर्फ मोति बाबू,भागलपुर, प्रदेश उपाध्यक्ष नूर आलम हवाड़ी, महुआ, और प्रदेश उपाध्यक्ष कोतैबा कैसर,बेतिया को नियुक्त किया है.

         वहीं 3 महामंत्री में प्रदेश महामंत्री मोहिबुल हक,मोतिहारी,प्रदेश महामंत्री सूचित सिंह,सासाराम और प्रदेश महामंत्री मो० नौशाद अहमद,पटना बने है.8 मंत्री में प्रदेश मंत्री मो० तलहा युसुफ, किशनगंज,प्रदेश मंत्रीडॉ० शमशाद अलीसिद्धिकी, कटिहार, प्रदेश मंत्री मजहरूलबारी उर्फ जौली एडवोकेट,पूर्णियांप्रदेश मंत्री सैयद इमरान,गया, प्रदेश मंत्री सरदार उपकार सिंह,पटना, प्रदेश मंत्री तनवीर हसन एडवोकेट,दरभंगा,प्रदेश मंत्री मो० फिरोज आलम उर्फ हीरा,मधेपुरा और प्रदेश मंत्री मो० इकबाल अंसारी,भागलपुर नियुक्त किया गया है.प्रदेश महिला संयोजक शकीला बानो,पटना और सह संयोजक मुन्नी खातुन, सीतामढ़ी बने हैं.

राजन क्लेमेंट साह ने कहा है कि भाइयों एवं बहनों मुझे यह बताते हुए अत्यंत ख़ुशी हो रही है कि मुझे पुनः भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है.

     मैं भाजपा के एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में विगत कई वर्षों से अल्पसंख्यकों, खासकर ईसाई समुदाय के हितों की लड़ाई लड़ते आ रहा हूँ.

मुझे मेरी नियुक्ति का पत्र कल आयोजित एक बैठक के दौरान भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री कमरुज्जमा अंसारी द्वारा सौंपा गया.

     मैं  अपनी नियुक्ति के लिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी, संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया, प्रदेश अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष कमरुज्जमा अंसारी तथा आप सभी शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त करता हूँ तथा आप सभी को यह विश्वास दिलाता हूँ कि मैं अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करता रहूँगा और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का हाथ मजबूत करने में कोई कसर नहीं छोडूंगा.

      मैं अपने ईसाई परिवार को विशेष रूप से धन्यवाद देना चाहता हूँ जिनके निरंतर सहयोग एवं शुभकामनाओं के चलते मैं इस मुकाम पर पहुँच सका हूँ.


आलोक कुमार

शुक्रवार, 5 जनवरी 2024

जिलाधिकारी द्वारा प्रखंडवार इसकी समीक्षा

 इस्लामपुर प्रखंड में जनसंवाद कार्यक्रम में प्राप्त सुझावों

सुझाव के आधार पर विभिन्न योजना के क्रियान्वयन को लेकर त्वरित अग्रेतर कार्रवाई का दिया गया निर्देश

नालंदा। नालंदा जिला के सभी प्रखंडों में जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जा चुका है।जनसंवाद कार्यक्रम में योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधिगण से फीडबैक लिया गया है। सभी जगहों पर संबंधित प्रखंड के विकास से संबंधित कुछ आवश्यकताओं/परिवादों के बारे में बताया गया है।प्राप्त सुझावों/परिवादों के आधार पर इनके क्रियान्वन के लिए जिलाधिकारी द्वारा प्रखंडवार इसकी समीक्षा की जा रही है।

   इसी कड़ी में आज जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने इसलामपुर प्रखंड में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में प्राप्त सुझावों/परिवादों के आलोक में  अग्रेतर क्रियान्वयन/निष्पादन की एक एक कर समीक्षा की।जनसंवाद कार्यक्रम के क्रम में इसलामपुर प्रखंड में 44 सुझाव/परिवाद प्राप्त हुये थे। इनमें से अधिकांश सुझाव/परिवाद पइन की उड़ाही,जल निकासी, पथ निर्माण,कृषि कार्य के लिए ट्रांसफर्मर लगाने, स्वास्थ्य संबंधित सेवाओं आदि से संबंधित थे।

   संबंधित विभाग के पदाधिकारियों द्वारा सुझाव/परिवाद के आधार पर फिजिबिलिटी रिपोर्ट के अनुरूप आवश्यक योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु अपने अपने विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। जिन पदाधिकारियों द्वारा संबंधित योजना का प्रस्ताव नहीं भेजा गया है, उन्हें अविलंब प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया।

   जिलाधिकारी ने कहा कि विभागीय स्तर से कार्रवाई योग्य सभी योजनाओं से संबंधित समेकित प्रस्ताव उनके स्तर से संबंधित विभाग को भेजा जायेगा।छोटी मोटी समस्याओं/आवश्यकताओं का निष्पादन संबंधित विभाग द्वारा किया गया है।अन्य योजनाओं/परिवादों के क्रियान्वयन/निष्पादन को लेकर त्वरित अग्रेतर कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।

    बैठक में उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी हिलसा,इस्लामपुर प्रखंड के वरीय पदाधिकारी सह भूमि सुधार उप समाहर्त्ता हिलसा, विभिन्न संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के तकनीकी पदाधिकारी उपस्थित थे।


आलोक कुमार

सेविकाओं को 25000 और सहायिकाओं को 18,000 प्रतिमाह मानदेय राशि दी जाए

 




चयन मुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बहाल करने की मांग


अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि 10 हजार रुपए सुनिश्चित की मांग


पटना.बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन का आह्वान पर आंगनबाड़ी सेविकाएं 29 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली गयी थी.इनकी मांग है कि सरकारी कर्मचारी के दर्जा और मानदेय में बढ़ोत्तरी किया जाए. बिहार में महागठबंधन ने घोषणा-पत्र में सरकार बनने पर आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के मानदेय को दुगना करने का वादा किया था. तेजस्वी यादव ने लगभग अधिकांश चुनावी सभाओं में आश्वासन दिया था.

               बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन (ऐक्टू-गोप गुट) की संयोजक रंजना यादव ने कहा कि हमलोग सत्ता नहीं मांग रहे थे.हम तो आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका को बिहार सरकार की ओर से अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि 10 हजार रुपए सुनिश्चित की मांग कर रहे थे.बिहार सरकार भी सुप्रीम कोर्ट का आदेश के आलोक में बिहार में भी ग्रेच्युटी भुगतान करना सुनिश्चित करें.केंद्र सरकार की तरह ही सरकारी कर्मचारी का दर्जा देते हुए ग्रेड सी और ग्रेड डी में समायोजित किया जाए.जब तक सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त नहीं हो जाता है, तब तक सेविकाओं को 25000 और सहायिकाओं को 18,000 प्रतिमाह मानदेय राशि दी जाए.

योग्य सहायिका और सेविका की बहाली के लिए अतिरिक्त 10 बोनस अंक देने के प्रावधान को लागू किया जाए. सेविका से पर्यवेक्षिका और सेविका सहायिका के रिक्त सभी पदों पर अविलंब बहाली सुनिश्चित की जाए. 16 मई 2017 और 20 जुलाई 2022 के समझौते के आलोक में लंबित मांगों को लागू किया जाए.

             बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन (ऐक्टू-गोप गुट) की संयोजक रंजना यादव ने कहा कि हमलोग लंबित मांगों को लागू पूरा करने की मांग कर रहे थे,तो सरकार के द्वारा चयनमुक्त कर दी गयी.13 दिसंबर,2023 से सेविका 10204 और सहायिका 8016 को चयन मुक्त  कर दी गयी.कुल 18,220 आंगनबाड़ी सेविका सहायिका के चयन मुक्त हैं.

                    जल्द ही राज्य में 18,220 आंगनबाड़ी सेविका सहायिका के चयन मुक्त का आदेश वापस होगा.यह आश्वासन बृहस्पतिवार को प्रतिनिधिमंडल के नेताओं को समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने दिया. वार्ता के दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को मंत्री ने कहा कि आप लोगों के अनुरोध को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सकारात्मक रूप से लिया है. सरकार आप लोगों के प्रस्ताव पर विचार कर रही है और जल्द ही खुशखबरी मिलेगी. चयन मुक्त के आदेश की वापसी को लेकर भाकपा (माले) विधायक दल के उप नेता सत्यदेव राम के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल मंत्री मदन सहनी से मिला था.

                  शिष्टमंडल में स्कीम वर्कर्स फेडरेशन की राष्ट्रीय महासचिव शशि यादव, बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन (ऐक्टू-गोप गुट) की संयोजक रंजना यादव, पूनम देवी आदि मौजूद थीं. इस अवसर पर एक स्मार पत्र समाज कल्याण मंत्री को दिया गया, जिसमें चयन मुक्ति आदेश वापस लेने और मानदेय बढ़ाने की मांग की गई. अगर जल्द ही चयनमुक्त के आदेश को वापस नहीं किया गया तो सात जनवरी को पटना समेत पूरे राज्य में चयन मुक्ति वापसी सत्याग्रह आंदोलन का आयोजन किया जाएगा.

आलोक कुमार

गुरुवार, 4 जनवरी 2024

रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप है बागडोगरा धर्मप्रांत के बिशप विंसेंट आईंद


रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप है बागडोगरा धर्मप्रांत के बिशप विंसेंट आईंद 

नवनियुक्त आर्चबिशप विंसेंट का आईंद पुरोहिताभिषेक 30 अप्रैल 1984 को

पटना.जब कभी भी बिशप और आर्चबिशप का चुनाव होने वाला होता है,तो स्थानीय लोग स्थानीय पुरोहित को ही बिशप और आर्चबिशप को चुनने पर बल देते है.यह परंपरा पटना धर्मप्रांत के अंतिम अंग्रेज बिशप अगस्टीन बिल्डर मुथ के साथ शुरू हुआ.वह सिलसिला जारी है.

अंग्रेज बिशप के द्वारा पटना धर्मप्रांत के बिशप पद से त्याग पत्र देने के बाद रोम में रहने वाले पोप ने पटना धर्मप्रांत को विभक्त कर दिया.उसके कारण मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत बना.इससे एक साथ दो धरती पुत्र को बिशप बने.पटना धर्मप्रांत के बिशप बेनेडिक्ट जौन ओस्ता और मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के बिशप जौन बापतिस्ट ठाकुर बने.बाद में बिशप बेनेडिक्ट जौन ओस्ता आर्चबिशप बने.उसके बाद बेतिया धर्मप्रांत,मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत और बक्सर धर्मप्रांत के बिशप बनते समय धरती पुत्रों को नजरअंदाज कर दिये गये.उसी तरह आर्चबिशप पद पर भी धरती पुत्रों को हाशिए पर रखा गया.जिसे जारी रखा जा रहा है.

           दूसरी ओर पोप व रोम के धार्मिक अधिकारी सचेत हैं.वे स्वयं ही धरती पुत्र व भाषाई पुरोहितों का चयन कर बिशप व आर्चबिशप बना देते है.इस बार रांची महाधर्मप्रांत में देखने को मिला.रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो के सहायक के रूप में 9 साल सेवा करने वाले बिशप थियोडोर मस्कारेन्हास को डाल्टनगंज का बिशप बना दिया गया.उनको पदोन्नत आर्चबिशप पद न करके बागडोगरा धर्मप्रांत के  बिशप विंसेंट आईंद को रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप घोषित कर दिया गया.

      बता दें कि रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो थे.पोप फ्रांसिस के द्वारा रांची के आर्चबिशप 24 जून, 2018 को नियुक्त किया.6 अगस्त, 2018 को विधिवत आर्चबिशप का कार्यभार संभाल लिए.उनका जन्म 21 नवंबर, 1947 को गुमला धर्मप्रांत के एक पैरिश टोंगो में हुआ था.उनका कार्यकाल 76 साल 9 दिन पर 30 दिसंबर,2023 को समाप्त हो गया.

      उन्होंने 1968 में सोसाइटी ऑफ जीसस में प्रवेश किया और 1982 में उन्हें पुरोहित अभिषेक किया गया.उन्हें 14 जून, 1997 को बिशप घोषित  किया गया और 27 सितंबर, 1997 को बिशष अभिषेक किया गया.इस बीच पोप फ्रांसिस ने जमशेदपुर के बिशप फेलिक्स टोप्पो को रांची का नया आर्चबिशप नियुक्त किया.आर्चबिशप सह कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो के उत्तराधिकारी बने.

    बता दें रांची महाधर्मप्रांत के सहायक आर्चबिशप के पद पर बिशप थियोडोर मस्कारेन्हास 09 साल सेवा किए.वर्ष 2014 में बिशप के पद पर निर्वाचित हुए थे. लंबे समय तक बिशप के पद पर अपनी सेवा देने को लेकर ईश्वर को धन्यवाद दिया. बिशप थियोडोर मस्कारेन्हास मूलतः गोवा के रहने वाले है. जन्म 9 नवंबर 1960 को मुंबई में हुआ था, उन्होंने पिलार धर्मसंघ में जून 1987 में शामिल हुए. पुरोहिताभिषेक 24 अप्रैल 1988 को हुआ.2014 से ही रांची महाधर्मप्रांत के सहायक आर्चबिशप पद पर कार्यरत थियोडोर मस्कारेन्हास को 1 दिसंबर को 2023 में डाल्टनगंज के बिशप बना दिया गया.बिशप थियोडोर मस्कारेन्हास एसएफएक्स को झारखंड के डाल्टनगंज का बिशप नियुक्त किया गया है.सवाल है कि गोवा के निवासी हैं और लोकल भाषा के ज्ञाता नहीं हैं तो डाल्टनगंज में किस तरह से सांमजस्य बैठा पाएंगे?शांति की महारानी चर्च, मेदिनीनगर के बिशप थियोडोर मस्कारेन्हास 2021 से प्रेरितिक प्रशासक थे.

      गौरतलब है कि बिशप थियोडोर मस्कारेन्हास बड़ौदा के बिशप सेबेस्टियाओ मस्कारेन्हास के भाई हैं. इस नवीनतम विकास की उनके गृह गांव और राज्य भर में सराहना की गई है.

   बता दें कि आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो के इस्तीफा देने के बाद बागडोगरा धर्मप्रांत के  बिशप विंसेंट आईंद को रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप घोषित कर दिया गया.रांची के नवनियुक्त आर्चबिशप विंसेंट आईंद रांची के नवनियुक्त आर्चबिशप विंसेंट आईंद संत पापा पोप फ्रांसिस ने किया.

 


30 दिसम्बर को नये धर्माध्यक्षों की घोषणा करते हुए संत पापा फ्रांसिस ने बिशप विंसेंट आईंद को रांची महाधर्मप्रांत का आर्चबिशप नियुक्त किया.वे इस समय बागडोगरा धर्मप्रांत के बिशप हैं. संत पापा ने उनकी नियुक्ति रांची के आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो येसु समाजी का इस्तीफा स्वीकार करते हुए की है.

             नवनियुक्त आर्चबिशप विंसेंट आईंद का जन्म 30 जनवरी 1955 को जलपाईगुड़ी धर्मप्रांत के कलचीनी में हुआ था. उनका पुरोहिताभिषेक 30 अप्रैल 1984 को उसी धर्मप्रांत के लिए हुआ. वे 7 अप्रैल 2015 को बागडोगरा के बिशप नियुक्त हुए थे और उनका धर्माध्यक्षीय अभिषेक 14 जून को सम्पन्न हुआ था.

आलोक कुमार

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