बुधवार, 12 नवंबर 2025

भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की 137वीं जयंती

 पटना.भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की 137वीं जयंती आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में मनाई गई.इस अवसर पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा ने कहा कि स्वतंत्रता आन्दोलन में मौलाना अबुल कलाम आजाद ने पंडित नेहरू के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष किया. मौलाना अबुल कलाम आजाद स्वतंत्रता के बाद 12 वर्षों तक देश के शिक्षा मंत्री रहे। मौलाना अबुल कलाम आजाद ने देश में नई शिक्षा नीति की आधारशिला रखी. वे देश में साम्प्रदायिक सौहार्द के प्रबल समर्थक थे. आज कृतज्ञ राष्ट्र मौलाना अबुल कलाम आजाद के योगदान को स्मरण कर उनकी स्मृति को बार-बार नमन करती है.इसके पूर्व पार्टी के नेताओं के द्वारा मौलाना अबुल कलाम आजाद के तैल चित्र पर माल्यार्पण किया गया.

    इस अवसर पर कोषाध्यक्ष जितेन्द्र गुप्ता, जमाल अहमद भल्लू, ,अम्बुज किशोर झा, अरविन्द लाल रजक, चन्द्रभूषण राजपूत, संजय कुमार पाण्डेय, वैद्यनाथ शर्मा, रौशन कुमार सिंह, सुधीर शर्मा, फिरोज हसन, सत्येन्द्र प्रसाद, किशोर कुमार, मो0 शाहनवाज, अभिषेक कुमार, राकेश कुमार, पं0 अनोखे लाल तिवारी ने भी मौलाना अबुल कलाम आजाद के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किये.


आलोक कुमार

मंगलवार, 11 नवंबर 2025

बिहार विधान सभा आम निर्वाचन, 2025 के दृष्टिगत ए एन कॉलेज, पटना में


 मतगणना की तैयारियों की समीक्षा

पटना.जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी, पटना द्वारा बिहार विधान सभा आम निर्वाचन, 2025 के दृष्टिगत ए एन कॉलेज, पटना में पोल्ड ईवीएम वज्रगृह-सह-मतगणना केन्द्र का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया एवं मतगणना की तैयारियों की समीक्षा की गई.

पदाधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों का अक्षरशः

अनुपालन सुनिश्चित करने तथा मतगणना के दिन सुगम यातायात-प्रबंधन, अचूक विधि-व्यवस्था संधारण एवं उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.विदित हो कि सभी 14 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में 6 नवंबर को मतदान समाप्ति के पश्चात 5,677 मतदान केन्द्रों के पोल्ड ईवीएम एवं वीवीपैट का संग्रहण ए एन कॉलेज, पटना में किया गया है.दिनांक 14 नवम्बर, 2025 को यहाँ मतगणना होना है.

वज्रगृह की सुरक्षा के लिए 24*7 थ्री-टियर:

केंद्रीय अर्धसैनिक (सीएपीएफ), बिहार विशेष सशस्त्र बल (बीएसएपी) तथा जिला सशस्त्र पुलिस (डीएपी): व्यवस्था की गई है. सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है. 03 अपर पुलिस अधीक्षकों-पुलिस उपाधीक्षकों तथा 13 पुलिस पदाधिकारियों की 24*7 तैनाती है। नियंत्रण कक्ष क्रियाशील है. सीसीटीवी कैमरा नियंत्रण कक्ष में 03 पुलिस पदाधिकारी एवं 12 मजिस्ट्रेट  मुस्तैद हैं. प्रत्येक प्रवेश द्वार पर डीएफएमडी/एचएचएमडी स्थापित किया गया है. परिसर में किसी के भी अनधिकृत प्रवेश की अनुमति नहीं है. विधिवत अनुमति एवं प्रक्रिया अनुसार जिनका भी प्रवेश हो रहा है.उनका नाम एवं विवरण पंजी में दर्ज किया जाना अनिवार्य है. इसका अक्षरशः अनुपालन किया जा रहा है. तीन पारियों में 15 दंड अधिकारियों तथा पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है.

    प्रतिदिन निर्वाची पदाधिकारियों द्वारा दो बार एवं जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह- जिला पदाधिकारी, पटना द्वारा एक बार स्ट्रांग रूम का भ्रमण किया जा रहा है.अभ्यर्थियों/प्रतिनिधियों को भी एसओपी के अनुसार स्ट्रांग रूम का भ्रमण कराया जाता है.अभ्यर्थियों/प्रतिनिधियों द्वारा आयोग के निर्देशों के अनुरूप स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा व्यवस्था का सतत अवलोकन किया जा रहा है. जिलाधिकारी ने इन सभी से व्यवस्था के बारे में जानकारी ली. सभी सुरक्षा व्यवस्था एवं पारदर्शिता से संतुष्ट हैं. भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश तथा प्रोटोकॉल के अनुरूप वज्रगृह की सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है.


आलोक कुमार


सोमवार, 10 नवंबर 2025

विधानसभा चुनाव के लिए मतदान दलों को ई०वी० एम०/वीवी-पैट वितरण कार्य सम्पन्न


विधानसभा चुनाव  के लिए  मतदान दलों को ई०वी० एम०/वीवी-पैट वितरण कार्य सम्पन्न

बेतिया, (आलोक कुमार).मतदान दलों को ई०वी० एम० वितरण (Dispersal) का कार्य मतदान की तिथि से एक दिन पूर्व किया जाता है.ई०वी० एम० वितरण के लिए  स्ट्रांग रूम खोले जाने एवं वितरण कार्य के दौरान उपस्थित रहने  के लिए अभ्यर्थियों/निर्वाचन अभिकर्ताओं को पूर्व से लिखित रूप से सूचित किया जाता है.साथ ही इस दौरान मतदान दलों को रेण्डमाईजेशन के माध्यम से टैग किये गये मतदान केन्द्रों के लिए ई०वी० एम० एवं वी० वी० पेट उपलब्ध कराया जाता है.मतदान दलों द्वारा ई०वी०एम० प्राप्ति के समय जाँच पड़ताल कर यह सुनिश्चित किया जाता है कि उपलब्ध कराये गये BU, CU, VVPAT उनके मतदान केन्द्र से संबंधित है.साथ ही सुरक्षित रखी गयी मशीनें आवश्यकतानुसार Replacement के लिए (यदि मतदान केन्द्र पर मशीनें खराब हो जाती है) सेक्टर पदाधिकारियों को उपलब्ध करा दिया जाता है. आयोग द्वारा प्रतिनियुक्त प्रेक्षक भी इस प्रक्रिया की निगरानी करते है. इससे संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश आयोग के Manual on Electronic Voting Machine में वर्णित है। जो आयोग के वेबसाईट https://www.eci.gov.in/evm-vvpat पर उपलब्ध है.

        बिहार विधानसभा आम निर्वाचन, 2025 के दौरान पश्चिम चम्पारण जिला में कल दिनांक 11.11. 2025 को होने वाले मतदान  के लिए  आज दिनांक 10.11.2025 को सभी मतदान दलों एवं सेक्टर पदाधिकारियों को अभ्यर्थियों/निर्वाचन अभिकर्ताओं एवं प्रेक्षक की उपस्थिति में निर्वाची पदाधिकारी द्वारा स्ट्रांग रूम खोलते हुए ई०वी० एम० एवं वी०वी०पैट का वितरण का कार्य किया गया. यह कार्य जिले के संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के डिस्पैच सेंटर से किया गया है, जिसका विवरण निम्नवत है-

विधानसभा क्षेत्र सं० एवं नाम डिस्पैच सेंटर का पता

01- वाल्मीकिनगर- बाबा भूतनाथ महाविद्यालय, मंगलपुर, बगहा-2

02- रामनगर (ST)- राजकीय कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय, हरिनगर

03- नरकटियागंज- कृषि बाजार समिति, नरकटियागंज

04- बगहा- बाबा भूतनाथ महाविद्यालय, मंगलपुर, बगहा-2

05- लौरिया- एम.जे.के. कॉलेज, बेतिया

06- नौतन- एम.जे.के. कॉलेज, बेतिया

07- चनपटिया- एम.जे. के. कॉलेज, बेतिया

08- बेतिया- एम.जे.के. कॉलेज, बेतिया

09-सिकटा- कृषि बाजार समिति, नरकटियागंज

मतदान दलों/सेक्टर पदाधिकारियों द्वारा जिन वाहनों के माध्यम से ई०वी० एम० एवं वी०वी०पैट का परिवहन किया जा रहा है, उनके वाहनों में लगाए गए GPS उपकरण अथवा Ele Traces मोबाइल ऐप के माध्यम से उनके मूवमेंट ट्रैकिंग की व्यवस्था की गयी है.मतदान के उपरांत उक्त ई०वी० एम० में से मतदान में उपयोग किये गये मशीनों को जिले के Polled EVM Strong Room में भंडारित किया जाएगा. साथ ही जो मशीनें खराब पायी जाएगी उन्हें Polled EVM Strong Room से अलग स्थित चिन्हित वेयर हाउस में भंडारित किया जाएगा.

रविवार, 9 नवंबर 2025

धन्य माता एलिस्वा वाकायिल: भारतीय नारी शक्ति और समर्पण का अमर प्रतीक

 

धन्य माता एलिस्वा वाकायिल: भारतीय नारी शक्ति और समर्पण का अमर प्रतीक

कोच्चि.कोच्चि के वल्लारपदम महागिरजाघर में आयोजित ऐतिहासिक समारोह में जब  पोप लियो XIV के विशेष प्रतिनिधि और मलेशिया के पेनांग के बिशप कार्डिनल सेबेस्टियन फ्रांसिस ने आधिकारिक तौर पर मदर एलिस्वा को धन्य घोषित किया. कार्डिनल ने पोप द्वारा जारी घोषणा पत्र लैटिन भाषा में पढ़ा. वेरापोली आर्चडायसिस के मेट्रोपॉलिटन जोसेफ कलाथिपरम्बिल ने अपने प्रार्थना-प्रार्थना में कहा, "मदर एलिस्वा का पवित्र, साहसी और अटूट विश्वास और प्रेम का जीवन अनेक लोगों के लिए प्रेरणादायक रहेगा.

              पेनांग के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल सेबेस्टियन फ्रांसिस ने ईशसेविका मदर एलिस्वा वाकायिल को “धन्य” घोषित किया, तो यह केवल कैथोलिक समुदाय के लिए ही नहीं, बल्कि भारत के समग्र सामाजिक-शैक्षिक इतिहास के लिए भी एक गौरवपूर्ण क्षण बन गया। 1831 में जन्मी और 1913 में देह त्यागने वाली मदर एलिस्वा का जीवन सेवा, त्याग और महिला सशक्तिकरण की एक जीवंत मिसाल है।

               मदर एलिस्वा वाकायिल ने न केवल भारत में पहला आदिवासी धर्मबहनों का धर्मसमाज टीओसीडी (Teresian Carmelite Sisters of the Third Order Discalced) की स्थापना की, बल्कि केरल में लड़कियों के लिए पहला कॉन्वेंट स्कूल भी खोला — एक ऐसा कदम जिसने 19वीं सदी के केरल में शिक्षा की दिशा बदल दी। जब समाज में महिलाओं की शिक्षा को संकीर्ण दृष्टि से देखा जाता था, तब उन्होंने उस बंधन को तोड़ते हुए ज्ञान और आत्मनिर्भरता का दीप जलाया।

           उनकी पहल से शुरू हुआ यह आंदोलन आज भी “तेरेसियन कार्मेलाइट्स धर्मसमाज” के माध्यम से हजारों युवतियों के जीवन को दिशा दे रहा है। उनके दान और भक्तिमय जीवन की परिणति अब “धन्य” के रूप में हुई है — यह उस तप, समर्पण और करुणा का सम्मान है जो उन्होंने समाज के वंचितों के लिए दिखाया।

      इस ऐतिहासिक अवसर पर मुंबई आर्चडायसिस के एमेरिटस कार्डिनल ओसवाल्ड ग्रेसियस ने धन्य माता एलिस्वा की प्रतिमा का अनावरण किया और उनके अवशेषों को वेदी पर स्थापित किया गया। इस समारोह में भारतीय कैथोलिक बिशप सम्मेलन (CBCI) के अध्यक्ष मार एंड्रयूज थजाथ, केआरएलसीबीसी के अध्यक्ष आर्चडायसिस वर्गीज चक्कलकल और आर्चडायसिस जोसेफ कलाथिपरम्बिल सहित अनेक वरिष्ठ धर्मगुरुओं की उपस्थिति ने इस क्षण को ऐतिहासिक बना दिया।

      एलिस्वा के जीवन का हर अध्याय प्रेरणा देता है। 20 वर्ष की आयु में पति की असामयिक मृत्यु के बाद उन्होंने सांसारिक जीवन से विरक्त होकर प्रार्थना और सेवा को अपना जीवन-मार्ग बनाया। उन्होंने न केवल शिक्षा, बल्कि करुणा और समानता के मूल्य को समाज में स्थापित किया।

ईसाई परंपरा में संत घोषित किए जाने की प्रक्रिया चार चरणों से गुजरती है – ईश्वर की सेविका, आदरणीय, धन्य और अंततः संत। 2008 में उन्हें “ईश्वर की सेविका” घोषित किया गया, 2023 में “आदरणीय” और अब 2025 में “धन्य” का सम्मान प्राप्त हुआ है। अब यदि उनकी मध्यस्थता से एक और सत्यापित चमत्कार सिद्ध होता है, तो वह केरल की पांचवीं संत घोषित की जाएगी — एक ऐसी मील का पत्थर जो भारतीय नारी शक्ति की आध्यात्मिक ऊंचाई को विश्व के पटल पर और दृढ़ करेगा।

केरल में अब तक चार संत घोषित हो चुके हैं — सिस्टर अल्फोंसा, फादर कुरियाकोस चावरा, सिस्टर यूफ्रेसिया और मरियम थ्रेसिया। इस सूची में एलिस्वा वाकायिल का नाम जोड़ना, राज्य की धार्मिक विरासत और भारत की आध्यात्मिक चेतना दोनों के लिए सम्मान की बात है।

धन्य माता एलिस्वा वाकायिल का जीवन हमें याद दिलाता है कि सच्चा धर्म केवल प्रार्थना में नहीं, बल्कि सेवा, शिक्षा और समानता के प्रसार में निहित है। उनकी विरासत आज भी यह सिखाती है — “जहाँ प्रेम और सेवा है, वहीं ईश्वर का वास है।”

आलोक कुमार


शनिवार, 8 नवंबर 2025

भारतीय क्रिकेट का भविष्य अब नए और दृढ़ खिलाड़ियों के हाथों में

 ध्रुव जुरेल — भारतीय क्रिकेट का नया भरोसा

पटना.भारत ‘ए’ और दक्षिण अफ्रीका ‘ए’ के बीच जारी अनौपचारिक टेस्ट ने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को मिश्रित भावनाओं का अनुभव कराया. जहां एक ओर ध्रुव जुरेल के बल्ले से लगातार दो शतक निकलने ने उम्मीदों को नई उड़ान दी, वहीं अभिमन्यु ईश्वरन का दोनों पारियों में शून्य पर आउट होना निराशाजनक रहा. मगर इस मुकाबले ने एक बात साफ कर दी — भारतीय क्रिकेट का भविष्य अब नए और दृढ़ खिलाड़ियों के हाथों में है, और उस सूची में सबसे ऊपर नाम है ध्रुव जुरेल का.   ध्रुव जुरेल का यह प्रदर्शन किसी संयोग का परिणाम नहीं है.यह एक युवा क्रिकेटर के धैर्य, अनुशासन और निरंतर परिश्रम का प्रमाण है.उन्होंने पहली पारी में नाबाद 132 रन और दूसरी पारी में नाबाद 127 रन बनाकर न सिर्फ मैच को भारत ‘ए’ के पक्ष में मोड़ा, बल्कि यह भी साबित किया कि वह लंबे प्रारूप के लिए बने हैं. नमन ओझा के बाद वह भारत ‘ए’ के लिए दोनों पारियों में शतक जमाने वाले सिर्फ दूसरे खिलाड़ी बने हैं — यह उपलब्धि अपने आप में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है.

    साल 2001 में आगरा में जन्मे इस युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2020 में उप-कप्तान के रूप में अपनी नेतृत्व क्षमता दिखाई थी. घरेलू क्रिकेट में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने जल्द ही खुद को एक भरोसेमंद खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया.2022 में रणजी ट्रॉफी डेब्यू और नागालैंड के खिलाफ 249 रनों की पारी उनके प्रतिभा के शुरुआती संकेत थे.आज, उनके नाम 30 प्रथम श्रेणी मैचों में 51 से अधिक के औसत से लगभग 1,900 रन दर्ज हैं — एक शानदार उपलब्धि.

     इंडियन प्रीमियर लीग में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए भी उन्होंने सीमित ओवरों के खेल में अपनी उपयोगिता सिद्ध की. 2023 में आईपीएल डेब्यू के साथ ही 172.73 के स्ट्राइक रेट ने उन्हें चर्चा में ला दिया. इसके बाद 2024 में टेस्ट डेब्यू करते हुए इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट और रांची में शानदार पारियां खेलीं. रांची टेस्ट में 90 और 39 रनों की पारी ने भारत को जीत दिलाई और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का सम्मान भी मिला.जुरेल की बल्लेबाजी में सबसे उल्लेखनीय पहलू है उनकी परिस्थिति को समझने की परिपक्वता। वह न तो जल्दबाजी करते हैं और न ही रक्षात्मक रवैया अपनाते हैं — बल्कि ज़रूरत के अनुसार खेल की गति तय करते हैं.

     यह गुण उन्हें आने वाले समय में भारतीय टेस्ट टीम का स्थायी हिस्सा बना सकता है.आज जब भारतीय क्रिकेट टीम में बदलाव की नई लहर चल रही है, ध्रुव जुरेल जैसे खिलाड़ी ही उस स्थिरता और संतुलन के प्रतीक बन सकते हैं, जिसकी टेस्ट टीम को आवश्यकता है. उनकी ताज़ा उपलब्धि सिर्फ व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि यह संकेत है कि भारत के पास ऋषभ पंत के बाद भी विकेटकीपिंग विभाग में भविष्य सुरक्षित है.ध्रुव जुरेल की यह कहानी हमें याद दिलाती है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता — निरंतरता ही असली पूंजी है.आगरा से शुरू हुई यह यात्रा अब भारतीय क्रिकेट के भविष्य की रेखाओं को आकार दे रही है। और शायद यही वह क्षण है जब हम निश्चिंत होकर कह सकते हैं — भारतीय टेस्ट क्रिकेट को उसका अगला ध्रुव मिल गया है.


आलोक कुमार


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