सोमवार, 14 मार्च 2022

डिप्टी मेयर रजनी देवी ने फीता काटकर एम्बुलेंस को जनता के हवाले कर दी

 पटना.आज रविवार का ऐतिहासिक दिवस है. कुर्जी पल्ली के कतिपय लोगों के प्रयास से और जनवकालत करने से सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय के द्वारा  कुर्जी पल्ली को एम्बुलेंस उपहार में मिला है. इसके साथ ही बेतिया धर्मप्रांत के बेतिया की तरह ही पटना धर्मप्रांत की कुर्जी में भी एम्बुलेंस उपलब्ध हो गया है.आज पटना महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष सेबास्टियन कल्लूपुरा ने प्रार्थना कर एम्बुलेंस पर पवित्र जल का छिड़काव किया.मौके पर उपस्थित पटना नगर निगम की डिप्टी मेयर रजनी देवी ने फीता काटकर एम्बुलेंस को जनता के हवाले कर दी.

बताते चले कि सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय दानवीरों की श्रेणी में आ गये हैं.हर मौके पर लोगों की सहायता में लगे रहते हैं.वह चाहे महामारी कोरोना हो. बरसात हो,जाड़ा मौसम हो,यानी सेवा करने में लगे रहते हैं. उन्हीं के सौजन्य से एम्बुलेंस मिला है. 

इस अवसर पर पटना महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष सेबास्टियन कल्लूपुरा आकर एम्बुलेंस पर पवित्र जल का छिड़काव किया.प्रार्थना की एम्बुलेंस में सवार होने वाले घर से सुरक्षित जाएं और वहां से सुरक्षित आएं। कुर्जी पल्ली के प्रधान पल्ली पुरोहित फादर प्रशांत ने कहा कि बहुत ही हर्ष की बात है कि आज भी मानवता बाकी है. मानव ही दूसरे मानव की जरूरतों को पूरी करते हैं. जो आज यहां हो रहा है. उन्होंने कहा कि कुर्जी पल्ली के कुछ लोग आएं थे.बता रहे थे कि सामाजिक कार्यकर्ता एम्बुलेंस उपहार में देना चाहते हैं. उनसे कहा गया कि गहन विचार विमर्श कर लीजिए. दस से बारह बार बैठक किये हैं. उनलोगों को बता दिया गया कि लोकधर्मी ही एम्बुलेंस की देखरेख करेंगे.एक नौ सदस्यों की समिति बनेगी. उसमें पल्ली पुरोहित सदस्य के रूप में भाग लेंगे.

इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय ने कहा कि ईश्वर की कृपा के बल पर यह अवसर मिला है कि आपको कुछ दे सकूं. मौके पर पटना नगर निगम की डिप्टी मेयर रजनी देवी,राजकुमार,भाई धर्मेंद्र, सुशील लोबो,आलोक बेसरा,शालिनी, फादर डेनिस, फादर राजीव रंजन, अजय फ्रांसिस, विक्टर फ्रांसिस, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अल्पसंख्यक विभाग के उपाध्यक्ष सिसिल साह, अल्पसंख्यक ईसाई कल्याण संघ के महासचिव एस.के.लाॅरेंस, कुर्जी पल्ली परिषद के पूर्व सचिव गाब्रिएल जोन आदि उपस्थित थे.

बता दें कि बेतिया धर्मप्रांत के बेतिया पल्ली में दो एम्बुलेंस है.एक एम्बुलेंस बेतिया पैरिश सोसाइटी के सौजन्य से प्राप्त हुआ है.द्वितीय एम्बुलेंस आनंद सिरिल सेराफीम के द्वारा संचालित लाइफलाइन चैरिटेबल ट्रस्ट से उपहार में मिला है.दोनों एम्बुलेंस को बेतिया चर्च परिसर में रखा जाता है.एम्बुलेंस सेवा निःशुल्क है.

आनंद सिरिल सेराफीम का कहना है कि एंबुलेंस, सेवा के लिए एकदम तैयार है और अब तक लगभग दर्जन भर लोगों की सेवा स्थानीय, राज्यीय और अंतरराज्यीय स्तर पर कर चुका है.उन्होंने कहा कि लाइफलाइन का अत्याधुनिक एंबुलेंस पूरे पश्चिमी चंपारण जिले में अपने किस्म का एकमात्र एंबुलेंस है.यह न केवल ईसाइयों की अपितु समाज के हर वर्ग के मरीजों की सेवा के लिए उपलब्ध है.


आलोक कुमार



शनिवार, 12 मार्च 2022

पुण्य शुक्रवार को धार्मिक कार्यक्रम होगा

 पटना. राजधानी पटना में है कुर्जी पल्ली.यहां पर ईसाइयों की बहुतायत संख्या है. बालूपर मोहल्ला में रहते हैं फिल्म निर्माता में लेखक, निर्माता, निर्देशक विक्टर फ्रांसिस. विक्टर फ्रांसिस सिंगनिस इंडिया के अध्यक्ष और स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य हैं. इनके निर्देशन में पुण्य शुक्रवार के पुण्य बेला में झांकी निकाली जाती थी.इसमें एक साल कुर्जी पल्ली परिषद के पार्षदों ने अड़चन डाला था.बाद में पूर्व महाधर्माध्यक्ष विलियम डिसूजा के हस्तक्षेप से झांकी निकाली गयी.उसके बाद महामारी कोरोना ने ऐसा करने से रोक दिया था.इस बार बिना कोई व्यवधान से पुण्य शुक्रवार को धार्मिक कार्यक्रम होगा.  

विक्टर फ्रांसिस ने कहा है कि जैसा कि आप जानते हैं कि इस बार हमारी कुर्जी पल्ली द्वारा पुण्य शुक्रवार के पुण्य बेला में झांकी निकलने की योजना है. इस संबध में  कल (रविवार दिनांक 13 मार्च) को दोपहर दो बजे, कुर्जी चर्च के परिसर में इसकी तैयारी की एक मीटिंग रखी गई है. उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि इस पुण्य कार्य में आपका सहयोग जरूर मिलेगा. विगत कई वर्षों से इस प्रकार का आयोजन हमारी पल्ली में होता रहा है और मैं इसे अभिनीत और निर्देशित करता रहा हूँ. इस बार मेरी व्यक्तिगत इच्छा है कि कुछ नए लोग आगे आएं और इस पुण्य कार्य को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें.

इस बार कोई दूसरा व्यक्ति ईसा की भूमिका निभाना चाहता हो और वह पूरी ईमानदारी और भक्तिपूर्ण इसे प्रस्तुत करने में सक्षम हो तो मुझे व्यक्तिगत तौर से खुशी होगी.एक बार पुनः अनुरोध करता हूँ कि कल की इस तैयारी की मीटिंग में निर्धारित समय पर उपस्थित होकर अपना बहुमूल्य योगदान और सहयोग प्रदान करें.

आलोक कुमार

शुक्रवार, 11 मार्च 2022

अपने आक्रोश का खुला प्रदर्शन किया

आशा संयुक्त संघर्ष मंच के तत्वावधान में विधानसभा के समक्ष आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन.पारितोषिक नहीं, 21000 रुपये का वेतनमान दो.आशाओं-आशा फैसिलिटेटर को स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी घोषित करो.मासिक मानदेय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा-शशि यादव.कोरोना काल का भत्ता देना होगा-विश्वनाथ सिंह.माले विधायकों ने भाषाओं की विशाल सभा को संबोधित किया...

पटना. आशा संयुक्त संघर्ष मंच के द्वारा जारी राज्यव्यापी आंदोलन के तहत आज विधानसभा के समक्ष आशाओं का विशाल आक्रोशपूर्ण मार्च निकला. मंच की नेता और बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ की राज्य अध्यक्ष शशि यादव के नेतृत्व में गेट पब्लिक मार्च से मार्च निकला जो गर्दनीबाग धरनास्थल पहुंचकर सभा में तब्दील हो गयी. इस कार्यक्रम में बिहार के कोने-कोने से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बनी हुई आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और अपने आक्रोश का खुला प्रदर्शन किया.

सभा को सम्बोधित करते हुए आशा सह एक्टू नेता ने कहा कि बिहार सरकार आशाओं से बेगारी में काम लेना चाहती है.सप्ताह भर 24 घंटे काम करने के आशाओं को कोई भी मानदेय नहीं मिलता है. विगत दिनों हमने जब हड़ताल की थी, तो सरकार ने एक हजार मानदेय देने की घोषणा की थी. लेकिन बाद में सरकार ने उसे बड़ी चालाकी से पारितोषिक में बदलकर आशाओं के साथ विश्वासघात  किया. हम आज कहने आए हैं कि मासिक मानदेय के बदले 1000 रुपये का पारितोषिक का यह झुनझुना हमें नहीं चाहिए.

शशि यादव ने कहा कि आशाएं अब और बेगारी नही करेंगी. आशाओं को स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी घोषित कर 21 हजार रुपये मासिक मानदेय देना होगा और जब तक यह सरकार घोषणा नहीं करती, हम सदन से सड़क तक लड़ते रहेंगे.

ऐक्टू नेता जितेन्द्र ने इस मौके पर कहा कि देश के प्रधानमंत्री आशाओं के श्रम को सम्मान नही दे रहे हैं और मासिक मानदेय के वाजिब हक को मार रहे हैं.

जनस्वास्थ्य कर्मचारी संघ के नेता विश्वनाथ सिंह ने कहा कि बिहार सरकार कोरोना काल का भत्ता का भुगतान नहीं करके अन्याय कर रही है.

इस मौके पर आंदोलन के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करते हुए भाकपा माले विधायक दल के नेता महबूब आलम ने कहा कि हमने आशाओं के वाजिब मांग को सदन में उठाया है. स्कीम वर्कर्स के शोषण को लेकर सदन में विशेष चर्चा की मांग की है.हमलोग मुख्यमंत्री से मिलकर आशाओं के जीने लायक मासिक मानदेय के सवाल को मजबूती से उठाएंगे. माले विधायक महानंद सिंह ने भी आज सदन में सवाल उठाकर आशाओं के प्रति सरकार और स्वास्थ्य विभाग की बेरुखी को सामने लाया.
मौके पर विधायक सुदामा प्रसाद,अमरजीत कुशवाहा, अरुण सिंह, रामबली सिंह यादव ,ऐपवा राज्य अध्यक्ष सरोज चैबे आदि भी शामिल हुए.

आज के कार्यक्रम में उपर्युक्त नेताओं क अलावा ऐक्टू के जीतेन्द्र, सुनीता, उर्मिला, विद्यावती पांडेय, लुकमान,अमित मिश्रा, सबया पांडेय, मालती राम, जूही, जुली आलम आदि शामिल हुए. आशाओं ने एक स्वर से 28-29 मार्च के अखिल भारतीय हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया.

आलोक कुमार और स्वीटी माइकल की रिपोर्ट

कुर्जी पल्ली को एक एम्बुलेंस उपहार में देंगे सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय

                                                                                                              .    

पटना नगर निगम के पाटलिपुत्र अंचल में है कुर्जी.इस अंचल के कुर्जी गंग स्थली में रहते हैं पप्पू राय.वे पेशे से व्यवसायी हैं. पटना सहित कुर्जी मोहल्ला में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पप्पू राय की अच्छी पहचान है.हरदम सहयोग करने की भूमिका में रहते हैं.कोविड 19 काल के दरम्यान मुक्त हाथों से राहत सामग्री वितरित किये. मुहल्ला-मुहल्ला में लोगों को सहयोग देकर सैनेटाइज कराएं.बिंद टोली के लोगों को सरकार के द्वारा पुनर्वासित करने के बाद पेयजल की व्यवस्था कराएं.गड्ढे में रहने वालों की जमीन पर मिट्टी भरवाएं.मरियम टोला में जलभराव को पंप लगवाकर पानी को नाला में डलवाएं.                      .               


एक मुलाकात में सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय ने कहा कि क्षेत्र के नागरिकों की जिंदगी बचाने में सहयोग करने के उद्देश्य से कुर्जी पल्ली के प्रधान पुरोहित को उपहार में एम्बुलेंस देने जा रहे है.एक सादे समारोह में 13 मार्च की सुबह एम्बुलेंस की चाभी फादर जी को सौप देंगे.उन्होंने कहा कि बहुत दिनों से सोच रहे थे.आखिरकार ईश्वर ने सोच को पूरा करने में सहयोग दें दिये.


आलोक कुमार

गुरुवार, 10 मार्च 2022

ईसाई बहुल्य पारा (मोहल्ला) में प्रार्थना,आराधना और पापस्वीकार कार्यक्रम

 चेलिडांगा.यह बताना जरूरी है कि पटना महाधर्मप्रांत के बक्सर धर्मप्रांत में बिशप नहीं हैं. बिशप का पद काफी दिनों से रिक्त है.बक्सर के बिशप बनकर काम करने वाले पुरोहितों की चिंता बढ़ते ही जा रही है.कई पुरोहित चाहते हैं कि संत पिता जल्द से जल्द बिशप का मसला खत्म कर दें.ऐसा करने से पुरोहित निश्चित होकर काम करने में लग जाएंगे. इस समय बक्सर धर्मप्रांत में धार्मिक प्रशासक को नियुक्त कर धर्मप्रांत का काम निकाला जा रहा है. इस समय आर्चबिशप विलियम डिसूजा प्रशासक हैं.जो इस समय सेवानिवृत महाधर्माध्यक्ष हैं.                

उसी तरह कोलकाता महाधर्मप्रांत के आसनसोल धर्मप्रांत में भी बिशप नहीं हैं.यहां धार्मिक प्रशासक के पूर्व में सेवानिवृत धर्माध्यक्ष धर्मप्रांत संभाल रहे हैं.इस धार्मिक  प्रशासक से अधिक सक्रिय संत जोंस चर्च पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर मैथ्यू डॉल्फी हैं.इस दुखभोग अवधि में ईसाई बहुल्य पारा (मोहल्ला) में प्रार्थना,आराधना और पापस्वीकार कार्यक्रम किया जाता है.जो प्रत्येक शनिवार को अलग-अलग पारा में किया जाता है.एक प्रार्थना समूह है,वह सभी जगहों में मोबाइल होता है.अभी तक  लोरेटो पारा और संतोष मैदान चेलिडांगा, आसनसोल में हो गया है.यहां मीका समूह के द्वारा किया गया.जो प्रोफेशनल ग्रुप है.चर्च के द्वा विस्तृत चार्ट निर्माण नहीं किया गया है.अगले सप्ताह कहां होगा वह बताया जाता है.

आलोक कुमार


शनिवार, 14 मई 2016

6 माह पहले नामांकित छात्र-छात्राओं से सादा पेपर पर साइन भी लिया

पटना। एक बार फिर 16 माह के अंतराल के बाद नये अंदाज में पटना राइट्स क्लेक्टिव का आगमन। इस बार विघालय स्थल का परिवर्तन कर दिया। जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष संजय सिंह को छोड़कर दीघा ग्राम पंचायत के पूर्व मुखिया जवाहर राय के रिश्तेदार धन्नू राय के मकान में फरवरी 2012 में राष्ट्रीय बाल श्रमिक विशेष विघालय खोला गया। यहाँ पर 8 माह पढ़ाने के बाद बाँसकोठी झोपड़पट्टी में बच्चों को पढ़ाया जाने लगा। इस बार पटना राइट्स क्लेक्टिव ने प्रति छात्रों की छात्रवृति में 50 रूपये की वृद्धिकर 150 रूपये कर दिये। फरवरी 2012 से अक्टूबर 2014 तक 50 विघार्थियों को पढ़ाया गया। छात्रवृति के नाम पर ठेंगा दिया दिया गया।

नगीना दस की पत्नी सुशीला देवी का कहना है कि उनके तीन बच्चे पढ़े।निरंजन कुमार,राजन कुमार और अंजलि कुमारी। इसी तरह शंकर दास की पत्नी गीता देवी कहती हैं कि राजीव कुमार और रवि कुमार पढ़े। नामांकन के समय पटना राइट्स क्लेक्टिव नामक एनजीओ और बहाल टीचर ने बच्चों के परिजनों से बोले कि बच्चों का बैंक में खाता खुलेगा। उनके खातों में तीन साल तक प्रतिमाह 150 रू0 जमा होगा। कुछ दिनों के बाद साउथ इंडिया बैंक, बोरिंग रोड से फार्म लाया गया। चार तस्वीर देने की माँग की गयी। बैंक फार्म पर साइन लिया गया। इस बीच 6 माह पहले नामांकित छात्र-छात्राओं से सादा पेपर पर साइन भी लिया गया। इसके बाद यह भी कहा गया कि तुम लोग बैंक में जाकर रजिस्टर पर साइन कर दो। अभी भी यह कहा जा रहा है कि बाद में बच्चों को रूपये मिल जाएगा। बच्चों को झांसे में रखने वाले एनजीओ और टीचर 19 माह के बाद भी छात्रवृति दिलवाने में कामयाब नहीं हुए। वहीं अदालती हस्तक्षेप करने पर शिक्षकों को मासिक मानदेय मिल गया है। केवल बच्चे ही अटक गये हैं।

1988 में राष्ट्रीय बाल श्रम नीति  के अनुसरण में: राष्ट्रीय बाल श्रम नीति  के अनुसरण में 1988 में बाल श्रमिकों के पुनर्वास के लिए एनसीएलपी योजना आरंभ की गई। योजना सर्वप्रथम खतरनाक व्यवसायों और प्रक्रियाओं में काम करने वाले बच्चों के पुनर्वास पर ध्यान केंद्रीत करते हुए, अनुक्रमिक द्दष्टिकोण अपनाने का प्रयाल कर रहा है। इस योजना के तहत खतरनाक व्यवसायों और प्रक्रियाओ में नियुक्त बाल श्रमिकों का सर्वेक्षण आयोजित करने के बाद, बच्चों को इन व्यवसायों और प्रक्रियाओं से छुड़ाया गया और फिर उन्हें औपचारिक स्कूली शिक्षा प्रणाली की मुख्यधारा से जोंडने के उद्देश्य से विशेष स्कूलों में डाला। गया ।सरकार ने 1988 में राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना (एनसीएलपी) स्कीम, देश के 12 बाल श्रम स्थानीय जिलों में काम करने वाले बच्चों के पुनर्वास के लिए शुरू किया था।

पदेन जिलाधिकारी से आग्रह है कि जाँच करा दें: एक छात्र को प्रतिमाह 150 रू0 छात्रवृति देने की घोषणा की गयी। एक छात्र को 12 माह में 1800 सौ रू0 छात्रवृति मिलना है। इस तरह 2 लाख 70 हजार रू0 चूना लगा दिया। इसकी विस्तृत जाँच करवाने की जरूरत है। वहीं वर्ष 2007-2010 के 2 साल और वर्ष 2012-2014 के 3 साल के छात्रवृति को 50 विघार्थियों के बीच में वितरित कर दें। प्रथम चरण 2007-2010 में 100 रू0 और द्वितीय चरण 2012-2014 में 150 रू0 छात्रवृति देने की घोषणा की गयी।

·        श्रम तथा रोजगार मंत्रालय में सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओ के अभिसरण पर एक कोर ग्रुप का गठन किया गया है ताकि सुनिश्चित हो सके कि बाल श्रमिक के परिवारों को उनके उत्थान के लिए प्राथमिकता दी जाती है। बाल श्रम के मूल कारण के रूप में गरीबी और निरक्षरता को ध्यान में रखते हुए सरकार बच्चों के शौक्षिक पुनर्वास के संपूरक के रूप में उनके परिवारों के आर्थिक पुनर्वास का अनुसरण कर रही है ताकि उन्हें आर्थिक हालातों से मजबूर होकर अपने बच्चों को काम पर भेजना पड़े। मंत्रालय द्वारा काम से छुड़ाए गए बच्चों को भोजन और आश्रय प्रदान करने में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय जैसे विभिन्न मंत्रालयों की आश्रय गृह आदि योजनाओं के जरिए।

·        एनसीएलपी स्कुल के बच्चों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने के लिए, शिक्षकों के प्रशिक्षण, सर्व शिक्षा अभियान के तहत पुस्तक आदि की आपूर्ति, और एनसीएलपी बच्चों को औपचारिक शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत मुख्य धारा में जोड़ने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय के माध्यम से इस मंत्रालय के संपूरक प्रयासों के रूप में विविध सकारात्मक सक्रिय उपाय किए जा रहे हैं।

·        आर्थिक पुनर्वास के लिए विभिन्न आय और रोजगार पैदा करने वाली योजनाओं के तहत इन बच्चों को आवृत करने के लिए ग्रामीण विकास, शहरी आवास और गरीबी उन्मूलन,पंचायती राज मंत्रालयों के साथ अभिसरण।

·        राज्य श्रम विभाग से प्रत्येक राज्य में एक अधिकारी को मानव तस्करी विरोध यूनिट (एएचटीयू) के समान उस राज्य में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ समन्वयन के लिए संयोजक अधिकारी के रूप में नामित किया गया है ताकि राज्य में बच्चों की तस्करी की रोकथाम की जा सके।सीबीआई नोडल तस्करी विरोधी एजेंसी है।
·        बच्चों की तस्करी के संबंध में जागरूकता पैदा करने उसे प्रतिबंधित करने के लिए रेल मंत्रालय के साथ अभिसरण।

इसके अलावा मंत्रालय द्वारा अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन, एसआरओ दिल्ली के सहयोग से संयुक्त राष्ट अमेरिका के श्रम विभाग द्वारा वित्त पोषित भारतीय माँडल के समर्थन हेतु बाल श्रम के प्रति एक पायलट परियोजना अभिसरण दृबच्चों की तस्करी और प्रवास सहित खतरनाक बाल श्रम की रोकथाम और उसके उन्मूलन में योगदान देने के उद्देश्य से लागू किया जा रहा है।परियोजना 42 महीनों की अवधि के लिए बिहार, झारखंड, गुजरात, मध्य प्रदेश और उड़ीसा के दो जिलों को आवृत कर रहा है। यूएसडीओएल का दाता अंशदान 6,850,000 अमेरिकी डॉलर।

·        रेलव कर्मचारियों भी संदिग्ध प्रवासी और तस्करी बच्चों के साथ निपटने के लिए अवगत है
·        सरकार मानव संसाधन विकास, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, शहरी आवास एवं ग्रामीण गरीबी उन्मूलन, ग्रामीण विकास, रेलवे, पंचायती राज संस्थाओं आदि जैसे विभिन्न  मंत्रालयों की योजनाओं के अभिसरण की ओर विविध सक्रीय कदम उठा रही है, ताकि बाल श्रमिक और उनके परिवारों को इन मंत्रालयों की योजनाओं के लाभों के तहत शामिल कर सकें।

आलोक कुमार

मखदुमपुर बगीचा,दीघा घाट,पटना।

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