सोमवार, 16 जनवरी 2023

आचार्य द्वारा खुल्लमखुल्ला हिंसा का आह्वान किया जा रहा है:शशि यादव

* बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर रामचरितमानस को लेकर दिए विवादित बयान पर कायम हैं. उन्होंने कहा कि जो गलत है उस पर आवाज उठाता रहूंगा और जो लोग मेरी जीभ काटना चाहते हैं उन्हें इस मुद्दे पर मुझसे तर्क करना चाहिए. वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

*बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर की जीभ काट कर लाएगा उसे 10 करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि ऐसे मंत्री को तत्काल बर्खास्त कर देना चाहिए. अगर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो साधु संत चुप नहीं बैठेंगे.                                        

पटना. बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर सिंह वैसे तो काफी पढ़े लिखे हैं. साइंस में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है. रामचरितमानस को उन्होंने सीधे-सीधे समाज में नफरत फैलाने वाला बता दिया.नालंदा ओपेन यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में जिस पीली पगड़ी को धारण कर रामचरितमानस के बारे में शिक्षा मंत्री भला-बुरा कह रहे थे.शिक्षा मंत्री को पता नहीं कि पीले रंग के वस्त्र भी रामचरित मानस से जुड़े हुए हैं.तुलसीदास कहते हैं कि पीत बसन परिकर कटि भाथा. चारु चाप सर सोहत हाथा.तन अनुहरत सुचंदन खोरी. स्यामल गौर मनोहर जोरी.भावार्थ ये है कि राम-लक्ष्मण पीले रंग के वस्त्र पहने हैं.कमर में पीले दुपट्टों में तरकस बंधे हैं.हाथों में सुंदर धनुष-बाण सुशोभित है. श्याम और गौर वर्ण के शरीरों के अनुकूल सुंदर चंदन की खौर लगी है.सांवरे और गोरे रंग की मनोहर जोड़ी है.विवादित टिप्पणी कर बैकफुट पर आये चंद्रशेखर सिंह अपनी गलती मानने की जगह कुतर्क कर रहे हैं.चंद्रशेखर सिंह ने बयान पर बवाल के बाद जो जवाब दिया है.उस जवाब का उत्तर भी रामचरितमानस में है और शिक्षा मंत्री पर सटीक बैठता है.                               

हिंदू धार्मिक ग्रंथ रामचरितमानस पर विवादित बयान देने के बाद बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर की चौतरफा आलोचना हो रही है.यहां तक महागठबंधन में विचार भिन्नता है.जदयू और कांग्रेज ने शिक्षा मंत्री को साथ नहीं दे रहे है.दोनों दलों के नेताओं ने राजद को कारगर कदम उठाने को कहा है.     

         शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के बयान के बाद अयोध्या के साधु संतों में आक्रोश देखा जा रहा है. रामजन्म भूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने इस बयान पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है. वहीं, तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने बिहार के शिक्षा मंत्री पर 10 करोड़ का इनाम घोषित किया है. उन्होंने कहा कि जो भी बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर की जीभ काट कर लाएगा उसे 10 करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि ऐसे मंत्री को तत्काल बर्खास्त कर देना चाहिए. अगर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो साधु संत चुप नहीं बैठेंगे.           अयोध्या के संत जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने मंत्री को उनके पद से बर्खास्त करने की मांग करते हुए कहा कि मंत्री के बयान से पूरा देश आहत है. उन्हें माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा कि रामचरितमानस लोगों को जोड़ने वाला ग्रंथ है. रामचरितमानस मानवता की स्थापना करने वाली किताब है.

बता दें कि बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने बुधवार को कहा था कि मनुस्मृति, रामचरितमानस, गुरु गोलवलकर की बंच ऑफ थॉट्स... ये किताबें नफरत फैलाने वाली किताबें हैं.नफरत से देश महान नहीं बनेगा, प्रेम देश को महान बनाएगा. मंत्री ने कहा था कि मनुस्मृति को क्यों जलाया गया, क्योंकि इसमें एक बड़े तबके के खिलाफ कई गालियां दी गई थीं. रामचरितमानस का विरोध क्यों किया गया और किस भाग का विरोध किया गया? निचली जाति के लोगों को शिक्षा प्राप्त करने की अनुमति नहीं थी और रामचरितमानस में कहा गया है कि निम्न जाति के लोग शिक्षा प्राप्त करने से वैसे ही जहरीले हो जाते हैं जैसे दूध पीने के बाद सांप बन जाता है. यह समाज में दलितों-पिछड़ों और महिलाओं को शिक्षा प्राप्त करने से रोकता है.                    

        अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा)की राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी ने कहा है कि बिहार के शिक्षा मंत्री के रामचरित मानस संबंधी बयान के पक्ष विपक्ष में बहस और तर्क हो सकते हैं लेकिन उनकी जीभ काटने वाले को 10 करोड़ का इनाम देने की घोषणा अयोध्या के एक आचार्य कर रहे हैं, ये क्या है? इस तथाकथित आचार्य द्वारा खुल्लमखुल्ला हिंसा का आह्वान किया जा रहा है. सरकार को इसके खिलाफ कारवाई करनी चाहिए.                  

         राज्य अध्यक्ष सरोज चौबे  ने कहा कि इस साधु के पास इतना पैसा कहां से आया है? आम लोग अपनी धार्मिक आस्था से मंदिरों को चढ़ावा देते हैं लेकिन उस पैसे का उपयोग धार्मिक या जनकल्याण के काम में करने के बदले उस पैसे से जीभ काटने या सिर कलम करने की आज बात की जा रही है.यह खुले आम हिंसा का आह्वान है. यह आपराधिक कृत्य है . राज्य सचिव शशि यादव व राज्य सहसचिव अनीता सिन्हा ने कहा कि श्री सुशील मोदी समेत भाजपा के जो नेता सड़कों पर आज आंदोलन कर रहे हैं उन्हें पहले इस हिंसक बयान पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.

            तुलसीदास जी ने जिस काल में रामचरित मानस लिखा था, वह सामंती समाज व्यवस्था का दौर था और सामंती व्यवस्था में स्त्रियों और दलितों की अधीनता को जायज ठहराया गया है, अनैतिक नहीं माना गया है इसलिए मानस में ऐसी कई चौपाइयां हैं जो स्त्रियों को दोयम दर्जे का दिखाती हैं. उस दौर में स्त्रियों और दलितों के लिए शिक्षा सहज उपलब्ध नहीं थी आज जब महिलाएं या समाज का वंचित हिस्सा जब शिक्षा ग्रहण कर रहा है तो इस पर चर्चा होगी.  इसे राम में किसी की आस्था का अपमान करना नहीं समझा जाना चाहिए.

     बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर रामचरितमानस को लेकर दिए विवादित बयान पर कायम हैं. उन्होंने कहा कि जो गलत है उस पर आवाज उठाता रहूंगा और जो लोग मेरी जीभ काटना चाहते हैं उन्हें इस मुद्दे पर मुझसे तर्क करना चाहिए. वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.


आलोक कुमार 

चार-पांच माह से लंबित वेतन मिलने की संभावना बढ़ी

 बिहार राज्य कर्मचारी महासंघ में दिखा दम

चार-पांच माह  से लंबित वेतन मिलने की संभावना बढ़ी

लंबित वेतन भुगतान के लिए चालीस करोड़ की राशि आवंटित



पटना.बिहार राज्य कर्मचारी महासंघ का एक शिष्टमंडल असैनिक शल्य चिकित्सक सह  मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर के.के.रॉय से शनिवार को मिलकर परिवार कल्याण क्षेत्रीय कार्यकर्ता ए.एन.एम. की लंबित वेतन भुगतान करने व उनके अन्य समस्याओं को उनके समक्ष रखा.

बिहार राज्य कर्मचारी महासंघ ने परिवार कल्याण क्षेत्रीय कार्यकर्ता ए.एन.एम. की परेशानी को देखकर सरकार के अधिकारियों से 10 जनवरी 2023 तक लंबित वेतन भुगतान कर देने का आग्रह किया था.वहीं बिहार राज्य कर्मचारी महासंघ ने अधिकारियों को अल्टीमेटम भी दिया था कि अगर लंबित वेतन का भुगतान नहीं किया गया,तो मजबूरी में 11 जनवरी को एक दिवसीय कार्य बहिष्कार किया जाएगा.बिहार राज्य कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर एक दिवसीय कार्य बहिष्कार सफल रहा.इसमें पुनपुन पीएचसी,दुल्हिन बाजार पीएचसी,धनरूआ पीएचसी.नौबतपुर पीएचसी,फुलवारीशरीफ पीएचसी,पटना सदर पीएचसी आदि के परिवार कल्याण क्षेत्रीय कार्यकर्ता ए.एन.एम. भाग लिया.

     परिवार कल्याण क्षेत्रीय कार्यकर्ता ए.एन.एम. ने लंबित वेतन भुगतान की मांग की थी.बदले में अति उत्साहित होकर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र,पुनपुन पटना के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने चालीस से अधिक ए.एन.एम. को कारण बताओं नोटिस थमा दिया.इससे एक दिवसीय कार्य बहिष्कार करने वाली ए.एन.एम.बौखला गयी.तब जाकर बिहार राज्य कर्मचारी महासंघ ने ए.एन.एम.का मार्गदर्शन स्पष्टीकरण लिखने में करने लगे.यहां  अतिशयोक्ति नहीं है कि सरकार व अधिकारियों की मिलीभगत व लापरवाही के चलते चार-पांच माह से वेतन नहीं मिल पा रहा था.वेतन भोगी ए.एन.एम.की तमाम खुशियां हवा में उड़ गयी.बैंक व महाजनों के ऋण चुकता करने में सोचते-सोचते ब्लड प्रेशर के शिकार हो गये.

     बता दें कि आजकल ब्लड प्रेशर की समस्या बहुत कॉमन है. युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक बीपी की समस्या देखने को मिल जाएगी. किसी का ब्लड प्रेशर काफी लो हो जाता है तो किसी को हाई बीपी की परेशानी होती है. सेहत के लिहाज से दोनों ही समस्याएं आपके जीवन के लिए बड़ी परेशानी हैं. लो बीपी में शरीर के अंगों में सही तरह से खून की सप्लाई नहीं होती है, जिसके कारण कई बार बेहोशी की स्थिति भी आ जाती है. वहीं हाई बीपी को तो साइलेंट किलर कहा जाता है. हाई बीपी को हार्ट अटैक के बड़े कारणों में से एक माना जाता है. इसके अलावा हाई बीपी की वजह से स्ट्रोक  और किडनी फेलियर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.

 इस बीच बिहार राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रधान महासचिव नरेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल असैनिक शल्य चिकित्सक सह  मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर के.के.रॉय से मिला.इस शिष्टमंडल में सर्वश्री देवकरण राय, राज्य अध्यक्ष, अशोक कुमार सिंह, महासचिव, श्री शंकर राम, महासचिव, प्रवीण कुमार, उपाध्यक्ष एवं ललन कुमार, जिला अध्यक्ष शामिल थे.

     असैनिक शल्य चिकित्सक सह  मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर के.के.रॉय से मिलकर आने के बाद महासंघ के महासचिव अशोक कुमार सिंह ने बताया कि मानवीय सेवा करने वाली परिवार कल्याण क्षेत्रीय कार्यकर्ता ए.एन.एम.पर अनुशासनिक कार्रवाई नहीं होगी.धनरूआ पीएचसी की 23 ए.एन.एम.का एक दिन का अवरूद्ध वेतन दिया जाएगा.जारी आदेश को देखकर आदेश को निरस्त कर दिया जाएगा.इस बीच डॉक्टर के.के.रॉय ने खुशखबरी दी कि लंबित वेतन भुगतान के लिए चालीस करोड़ की राशि आवंटित कर दी गयी है.सभी पीएचसी से कहा गया है कि जल्द से जल्द धनराशि का बँटवारा करने की मांग सूची पेश करें.

आलोक कुमार

कलम की ताकत के बदौलत कांग्रेस पार्टी के विचार जन जन तक पहुंच सके

                


 हम (से.) के राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट शिशिर कौंडिल्य  कांग्रेस में हुए शामिल

पटना. हम(से.) के राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट सह प्रवक्ता की जिम्मेदारी संभाल रहे शिशिर कौंडिल्य कांग्रेस में शामिल हो गए.पार्टी के बिहार प्रदेश कार्यालय सदाकत आश्रम में  प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई. इस दौरान शिशिर कौंडिल्य ने  पार्टी नेतृत्व पर अपना भरोसा जताते हुए कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य का विषय होगा कि माननीय प्रदेश अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह के नेतृत्व और सानिध्य में उन्हें काम करने का मौका मिलेगा.  

     इस अवसर पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि पार्टी में शिशिर जैसे पढ़े लिखे लोगों को शामिल होना चाहिए. ताकि कलम की ताकत के बदौलत कांग्रेस पार्टी के विचार जन जन तक पहुंच सके.

प्रदेश कांग्रेस मीडिया बिभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने बताया कि शिशिर कौण्डिल्य  एक अच्छे वक्ता और लेखक हैं, और लम्बे काल तक ये पत्रकारिता से जुड़े रहे.उन्होंने राजधानी दिल्ली में कई टीवी चौनलों एवं अखबारों में बतौर पत्रकार काम किया है, और अभी वर्तमान में पटना हाई कोर्ट में अधिवक्ता हैं.राजनीति में बिहार में इन्होंने अपनी पारी हम(से.) से शुरू की थी.पत्रकारिता जगत में अच्छी पहचान और अनुभव होने के कारण पार्टी ने इन्हें प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी थी.इनको कांग्रेस पार्टी  में  लाने के पीछे  कांग्रेस  दर्पण के संपादक  डॉ संजय यादव  की  भूमिका  रही.

    इस अवसर पर पूर्व विधायक बंटी चौधरी, लाल बाबू लाल, प्रवीण सिंह कुशवाहा, चन्द्र प्रकाश सिंह,डॉ. सुनील कुमार सिंह, अजय सिंह, मधुरेंद्र सिंह,  धर्मवीर शुक्ला, सत्येंद्र कुमार, मंटन सिंह, सहित सैकड़ों की संख्या में नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे.


आलोक कुमार

शनिवार, 14 जनवरी 2023

देश के बड़े श्रमिक नेता थे स्व0 दूबे

  पटना . बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्व0 बिन्देश्वर दूबे की 100 वीं जयंती बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मुख्यालय सदाकत आश्रम में प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा की अध्यक्षता में मनायी गयी.


इस अवसर पर स्व0 बिन्देश्वरी दूबे को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए डा0 मदन मोहन झा ने कहा कि स्व0 दूबे बिहार राज्य के ही नहीं बल्कि देश के बड़े श्रमिक नेता थे. स्व0 दूबे के अथक प्रयास से कोयला खदानों का राष्ट्रीयकरण किया गया जिसके कारण कोयला खदानों के मजदूरों की आर्थिक स्थिति में बड़ा परिवर्तन आया. उन्होंने कहा कि वे लोकप्रिय मुख्यमंत्री थे तथा राज्य सरकार में भी दबे, कुचले, पिछड़े, दलित एवं अल्पसंख्यक के विकास के लिये कई योजनाएँ चलायी. उन्होंने कहा कि दूबे जी कार्यकर्त्ताओं का बड़ा सम्मान करते थे.

       इस अवसर पर  प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चैयरमेन राजेश राठौड़, ब्रजेश पाण्डेय,पूर्व विधायक लाल बाबू लाल,सदस्यता प्रभारी ब्रजेश प्रसाद मुनन, कुमार आशीष, इंटक के अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश सिंह, अरविन्द लाल रजक,मृगेन्द्र कुमार सिंह, सत्येन्द्र कुमार सिंह, मृणाल अनामय, प्रदुम्न कुमार, विमलेश तिवारी, निधि पाण्डेय, रिपू दहन शर्मा, रमाशंकर पाण्डेय, अखिलेश पाण्डेय, रवि कुमार, मो0 अब्दुल बाकी, विशाल रंजन, रूमा सिंह, आयुष भगत ने भी स्व0 बिन्देश्वरी दूबे को श्रद्धांजलि अर्पित की.

आलोक कुमार

मंगलवार, 10 जनवरी 2023

संगीता देवी को उम्मीद की एक नई राह दिखाई दी.

  * किसी तरह की दिव्यांगता अभिशाप नहीं होती.दिव्यांग व्यक्ति भी अपने मजबूत हौसलों के बूते सफलता के शीर्ष पर पहुंच सकता है. कम हो जाती है और वह अवसादग्रस्त होने से बच जाता है. वह आम इंसान की तरह मुख्य धारा में जुड़ सफलता का परचम लहराता है.

* संगीता देवी ने दिव्यांगता को बाधा नहीं बनने दी. स्वरोजगार से मिला स्वावलंबन. सतत् जीविकोपार्जन योजना के माध्यम से संगीता देवी को उम्मीद की एक नई राह दिखाई दी.


गया. इस जिले के इमामगंज प्रखंड के भवनडीह पंचायत के पसेवा गांव की संगीता देवी शारीरिक रूप से अक्षम होने के बाद भी उनके हौसले किसी से कम नहीं हैं. अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए लगातार प्रयासरत हैं.इनके परिवार में छह लोग रहते हैं.उनके पति अशोक पासवान मानसिक रूप से कमजोर है, जिसकी वजह से वह कोई काम नहीं कर पाते. उन्हें ही परिवार का ध्यान रखना होता है.पहले संगीता के परिवार का भरण पोषण उनके ससुर के द्वारा मजदूरी करके किया जाता था. मजदूरी करने के दौरान ससुर दुर्घटनाग्रस्त हो गए. उनके कमर में भरी चोट लग गई जिसके कारण उनकी मजदूरी छूट गई.

       हर समस्या और मुसीबत को दरकिनार संगीता देवी ने वर्तमान में अपने घर पर श्रृंगार दुकान चला रही है. ग्राम संगठन के माध्यम से सतत् जीविकोपार्जन योजना के माध्यम से संगीता देवी को श्रृंगार का सामान दिलाकर दुकान खुलवाया गया है.संगीता देवी का चयन देशी शराब की बिक्री से जुड़े परिवार के रूप में किया गया है.योजना से प्राप्त पूंजी में क्रमिक वृद्धि करते हुए संगीता देवी निर्धनता से आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ी हैं. इन्हें सरकारी योजना जैसे- जन वितरण प्रणाली, सुरिक्षत आवास, स्वच्छ पेय जल, घर में शौचालय का उपयोग, आदि का लाभ भी हुआ है.इसी प्रकार कई बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए  इन्हें मिशन स्वावलंबन के तहत प्रमाण पत्र दिया गया है.    

     


बताते चले कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी किये गए आँकड़ों के अनुसार, भारत में सभी आयु वर्गों में 2.4 प्रतिशत पुरुष और 2 प्रतिशत महिलाएँ दिव्यांगता से प्रभावित हैं. इसमें मानसिक तथा बौद्धिक दिव्यांगता और बोलने, सुनने तथा देखने संबंधी अक्षमता शामिल है.वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, देश की कुल 121 करोड़ की जनसंख्या में से लगभग 2.68 करोड़ व्यक्ति ‘अक्षम’ अथवा दिव्यांग हैं जो कि कुल जनसंख्या का 2.21 प्रतिशत हैं. जनगणना के अनुसार, 2.68 करोड़ दिव्यांग व्यक्तियों में से 1.5 करोड़ दिव्यांग पुरुष हैं और 1.18 करोड़ दिव्यांग महिलाएँ हैं.देश की अधिकांश दिव्यांग आबादी (69 प्रतिशत) ग्रामीण भारत में निवास करती है.देश और प्रदेश के दिव्यांगता को राह दिखाते संगीता देवी ने दिव्यांगता को कभी बाधक बनने नहीं दी. स्वरोजगार से मिला स्वावलंबन.सतत् जीविकोपार्जन योजना के माध्यम से संगीता देवी उम्मीद की एक नई राह दिखा दी है.

           संगीता देवी को ज्योति जीविका महिला ग्राम संगठन के माध्यम योजना के साथ जोड़ा गया. उन्हें श्रृंगार दुकान खोलने के लिए ग्राम संगठन के माध्यम से 20000 रुपए मूल्य का सामान दिया गया. साथ ही योजना के माध्यम से सात माह तक 1000 रुपए प्रति माह की दर से जीविकोपार्जन अंतराल राशि सीधे बैंक खाते में भेजी गई. परिवार को दैनिक खर्च के अलग से मासिक 1000 रुपए मिले. इससे दुकान की पूँजी बढ़ाने में मदद मिली.बाद में इन्हें दुकान के संरचना निर्माण के लिए 10,000 रुपए की विशेष निवेश राशि भी दी गई है. आज इस श्रृंगार दुकान के बदौलत संगीता दीदी अपने परिवार का भरण पोषण कर रही है. दीदी को नियमित तौर पर मास्टर संसाधन सेवी (एमआरपी) के द्वारा मार्गदर्शन सह सहयोग प्रदान कराया गया.आज दीदी ने अपने मूल श्रृंगार दुकान के साथ एक गुमटी बनवाकर किराना का कुछ सामान भी रखने लगी है.

          संगीता देवी अपने घर पर श्रृंगार का सामान बेचती है और उनके ससुर किराना दुकान (गुमटी) चलने में दीदी को मदद करते हैं. वर्तमान में दुकान से दीदी 5000  से 6000 रुपया मासिक की आमदनी कर रही है. संगीता देवी  कुछ आमदनी बचाकर एक सिलाई मशीन भी खरीदी लिया है, जिससे बचे हुए समय में कपड़ा सिलाई कर भी कुछ आमदनी हो जाती है. साथ ही इन्होनें बत्तख पालन भी आरंभ कर दिया है. अपने आत्मविश्वास और मेहनत की बदौलत दिव्यांग होते हुए अपने परिवार का भरण पोषण कर रही है. दीदी अपने दोनों बच्चो को अच्छी तरह से शिक्षा देना चाहती है, ताकि वे जीवन में कुछ अच्छा करें.दुकान मिलने से संगीता देवी खुश है. वह कहती है जीविका में जुड़ने के बाद ही जीवन बदला. वह जीविका सभी का धन्यवाद् करती हैं.


आलोक कुमार

गांधी शांति प्रतिष्ठान और पटेल चौक पर नागरिक सम्मान किया

 

भागलपुर.बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रभारी हैं भक्त चरणदास. उनके नेतृत्व में मंदार पर्वत (बांका जिला) से निकली भारत जोड़ो यात्रा ( ‌बिहार) आज भागलपुर पहुंची. इसका स्थानीय सामाजिक संगठनों की ओर से पंखा टोली, गांधी शांति प्रतिष्ठान और पटेल चौक पर नागरिक सम्मान किया गया.

    भारत जोड़ो यात्रा बिहार में भक्त चरण दास के अगुवाई में चल रहा है जिसमें कांग्रेस और नागरिक संगठन के लोग जुड़े हैं.इस कड़ाके की ठंडी में और कम संसाधनों के बावजूद भी पदयात्रा जारी है.इससे कांग्रेस का काफी मनोबल बढ़ा हुआ.

         


नागरिक संगठनों से अशोक प्रियदर्शी, मुरारी, प्रदीप प्रियदर्शी और फतेहपुर से मजदूर किसान समिति के लोग शामिल हुए.सीवान से जेपी सेनानी महात्मा जी के पुत्र त्रिभुवन साथ में लगे हैं.भक्त चरण दास के साथ साया की तरह लगे हैं.

भागलपुर में नागरिक समाज के लोगों ने पदयात्रियों का स्वागत किया.लोकनायक जयप्रकाश नारायण को आदर्श मानने वाली कई दलों में गए और कई  कांग्रेस ज्वाइन भी किया. यहां पर सांसद हो मंत्री हो व्यवहार एक साथ ही है.गुदड़ी का लाल कभी गुदड़ी को नहीं भूला पाते हैं.

    मुख्य आयोजन पटेल चौक पर आयोजित था, जहां गंगा मुक्ति आंदोलन, राष्ट्र सेवा दल,लोक समिति, गांधी शांति प्रतिष्ठान,इप्टा, वैकल्पिक मोर्चा, माइनॉरिटी डेवलपमेंट सोसायटी, दलित विकास समिति, किसान संघर्ष समिति,लोक चेतना,इप्टा गांधी विचार परिषद, राजीव गांधी स्टडी सर्किल.माध्यम आदि संगठनों के प्रतिनिधियों ने भक्त चरणदास, कांग्रेस अध्यक्ष और अन्य यात्रियों का माला पहनाकर स्वागत किया.

      सभा की शुरुआत सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति पर माल्यार्पण करने से हुई.सभा का संचालन राष्ट्र सेवा दल के प्रांतीय अध्यक्ष उदय ने किया. उन्होंने कहा कि यह यात्रा स्वतंत्रता आन्दोलन के मूल्यों की रक्षा के लिए निकाली गई है, इसलिए सभी गैर दलीय सामाजिक संगठन इसका समर्थन करने के लिए एकजुट हुए हैं.सबसे पहले स्थानीय शायर मो जावेद अख्तर ने सुंदर नज़्म सुनाई.फिर गंगा मुक्ति आंदोलन के  राष्ट्रीय संगठक रामशरण ने यात्रियों का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि आज देश में सांप्रदायिकता, महंगाई, बेरोजगारी, अपसंस्कृति के जहर के खिलाफ जो भारत यात्रा राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रही है, यह यात्रा भी उसी का हिस्सा है. भागलपुर एक बार दंगे के कहर में 2000 व्यक्तियों की शहादत दे चुका है. अब फिर से सांप्रदायिक जहर उसे स्वीकार नहीं है.इसलिए भागलपुर के सभी सामाजिक संगठनों ने, जिन्हें चुनावी राजनीति से कोई मतलब नहीं है,इस यात्रा का स्वागत करने का निर्णय लिया है.

      सभा में बिहार के प्रमुख किसान नेता और छात्र युवा संघर्ष वाहिनी के बोधगया भूमि आंदोलन के नेतृत्व कर्ता प्रभात कुमार ने भी अपनी राय रखी.उन्होंने कहा कि यह यात्रा दल के लिए नहीं देश के लिए है. इसलिए सबको इसका साथ देना चाहिए.समय की कमी के कारण अन्य प्रमुख लोग अपनी राय नहीं रख पाये.फिर यात्रा के नेतृत्व कर्ता भक्त चरण दास ने सामाजिक संगठनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आजादी के आंदोलन और संविधान ने हमें सर्वधर्म समभाव और लोकतंत्र का मूल्य सौंपा है.उसकी रक्षा सबको मिलकर करनी होगी.कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल आदि ने जो देश हमें सौंपा है उसे गोडसेवादियो द्वारा बर्बाद नहीं करने देंगे.

    मंच पर कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा जिला अध्यक्ष परवेज जमाल और कांग्रेस के प्रमुख नेता प्रवीण सिंह भी मौजूद थे. सामाजिक कार्यकर्ताओं में एनुल होदा,प्रो विजय कुमार, संजीव कुमार दीपू, सार्थक, दीपप्रिया, संजय, गौतम,मो नदीम, मनीष,कुमार संतोष, राजकुमार झा,इकराम हुसैन साद, शशि,सौरभ आदि मौजूद थे.

विजय गोरैया ने कहा कि चुनाव में समर्थन देना या देने की बात सोचना अलग बात है; लेकिन गैरदलीय राजनीति की बात करने वालों का किसी चुनावी दल के साथ कदमताल करना उचित नहीं है. भविष्य में इनकी गैरदलीयता की बात पर समाज भरोसा नहीं करेगा. 



आलोक कुमार

सोमवार, 9 जनवरी 2023

पार्थिव शरीर को संत जोंस चर्च मेंं रखकर पल्ली पुरोहित फादर डॉल्फि ने मिस्सा किए

  


असेंबली ऑफ गॉड चर्च आसनसोल की पूर्व प्रिंसिपल बीट्राइस साह का निधन


लेफ्टिनेंट स्व.उमेश पीटर साह की धर्मपत्नी थीं वह


पटना के स्व.लाजरूस पीटर साह की पुत्रवधु थी



आसनसोल.पूर्व प्रिंसिपल बीट्राइस साह के पिता जैकब टोबियास और माता लिली टोबियास हैं.दोनों ने बताया कि मेरी सुपुत्री असेंबली ऑफ गॉड चर्च आसनसोल की पूर्व प्रिंसिपल थीं.किडनी रोग से पीड़ित थीं.किडनी बीमारी जानलेवा साबित हुई.आज तड़के 0:03 बजे मेरी सुपुत्री प्रभु की प्यारी हो गयी.वे 67 साल की थीं. जन्म तिथि- 14.05.1955 है.

उन्होंने कहा कि हमलोग आसनसोल धर्मप्रांत के संत जोंस पल्ली के चेलीडंगा में रहते हैं.यहीं पर पार्थिव शरीर को रखा गया है.सोमवार को अंतिम संस्कार होगा.अंतिम मिस्सा पार्थिव शरीर के साथ पवित्र मिस्सा दोपहर 2:30 बजे से होगा.

   राजधानी पटना के रहवासी स्व.लाजरूस पीटर साह के प्रथम पुत्र चार्ली पीटर साह


हैं.द्वितीय स्व. उमेश पीटर साह थे.लेफ्टिनेंट स्व.उमेश की पत्नी बीट्राइस साह थीं.

   बताया गया कि पटना से चार्ली लाजरूस,पिंकी अंथोनी,पिंकी सिंह,डेजी और एवन दीदी आसनसोल गयी.असेंबली ऑफ गॉड चर्च आसनसोल की पूर्व प्रिंसिपल बीट्राइस साह का पार्थिव शरीर को संत जोंस चर्च मेंं रखकर पल्ली पुरोहित फादर डॉल्फि ने मिस्सा किए.


आलोक कुमार 

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