गुरुवार, 30 जून 2022

उद्घाटन के छह दिन बाद ही जेपी गंगा पथ का फुटपाथ का एक हिस्सा धंसा

 

पटनाः मानसून की पहली बारिश में ही सीएम नीतीश के ड्रीम प्रोजेक्ट जेपी गंगा पथवे का हाल बेहाल हो गया. जेपी गंगा पथवे का एक बड़े हिस्से की मिट्टी धंस गई. जिससे सड़क का हिस्सा कई फीट तक धंस गया. गौरतलब है कि बिहार की राजधानी पटना में पिछले शुक्रवार 24 जून को ही सीएम नीतीश कुमार ने जेपी गंगा पथ के फर्स्ट फेज का लोकार्पण किया था. लेकिन अब उसी की टूटने की तस्वीर सामने आ रही है. दीघा के पास जेपी गंगा पथवे का हिस्सा धंस गया. इससे इसकी गुणवत्ता पर अब सवाल उठने भी लगे हैं. इस हाईटेक पथ को लेकर लंब-लंबी बातें कही जा रही थीं. अभी मानसून के दस्तक के साथ बारिश शुरू ही हुई थी कि पथवे का हाल-बेहाल हो गया. अभी तो पूरी मानसून की बारिश बाकी ही है.


बिहार के राजधानी पटना में भारी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. बारिश की वजह से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट को भी नुकसान हुआ है. दरअल पटना में जेपी गंगा पथ की ओर जाने वाले फुटपाथ का एक हिस्सा उद्घाटन के छह दिन बाद ही धंस गया है. इस जेपी गंगा पथ को बिहार का मरीन ड्राइव कहा जा रहा था.पटना में पिछले 24 घंटों से लगातार बारिश हो रही है. जिले के कई इलाकों में पानी भर गया है, जिससे लोगों को    घुटने भर पानी से गुजरना पड़ रहा है.मीठापुर, यारपुर, जक्कनपुर, राजेंद्र नगर, बस स्टैंड, सिपारा, दीघा, कुर्जी जैसे कई इलाके जलमग्न हैं.

पिछले शुक्रवार को ही सीएम नीतीश ने जेपी गंगा पथ के फर्स्ट फेज का लोकार्पण किया था. जेपी गंगा पथ से डेढ़ घंटे का सफर महज 20 मिनट में पूरा हो जाएगा.बता दें कि उसी दिन यानि 24 जून को सीएम नीतीश इसके अलावे मीठापुर करबिगहिया आरओबी का भी उद्घाटन किया था. जेपी गंगा पथ के बनने से पटना के साथ-साथ उत्तर बिहार के लोगों को बहुत फायदा मिलेगा. जेपी सेतु के पास से ही जेपी गंगा पथ बनायी गयी है. इसके अलावे अटल पथ को भी इससे जोड़ा गया है 

जेपी गंगा पथ के उद्घाटन के बाद इसकी एक झलक पाने के लिए लोग बेताब दिखे.पिछले रविवार को तो मेरिन ड्राइव को देखने के लिए इतनी भीड़ उमड़ी की यहां जाम की स्थिति देखी गयी. पटना के मेरिन ड्राइव को देख लोग भी काफी खुश नजर आए. उद्घाटन के छह दिन बाद ही इसकी पोल खुल गयी. महज दो दिन की बारिश से सड़क किनारे बना पाथवे धंस गया.

इसकी नींव सीएम नीतीश ने मुंबई के मरीन ड्राइव के तर्ज पर वर्ष 11 अक्टूबर 2013 को रखी थी. पिछले 9 साल में यह बनकर तैयार हुआ है, लेकिन अभी भी इसका दूसरा फेज बनना बाकी है. इस पर 3831 करोड़ रुपये खर्च किया गया लेकिन मात्र 6 दिनों में ही दीघा के पास पथवे धंस गया. इस उद्घाटन के दौरान सीएम नीतीश ने इसके निर्माण में लगे कर्मियों का सम्मानित भी किया था. वहीं उद्घटान के दो दिनों बाद ही पहली छुट्टी को इस देखने आये लोगों की इस पथ पर लंबी भीड़ लग गयी थी.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी पटना गंगा ड्राइव वे परियोजना के पहले फेज का सीएम नीतीश कुमार ने उद्धाटन किया था. इसे जेपी गंगा सेतु का नाम दिया गया है, जिसे क्वीन नेकलेस के नाम से भी जाना जाता है. इसके उद्घाटन के साथ ही पटना में लोग मुंबई मरीन ड्राइव का मजा ले रहे हैं. बता दें कि दीघा से पीएमसीएच तक बने इस सड़क की लंबाई 7.4 किलोमीटर है, जिसमें 6.5 किलोमीटर में 13 मीटर ऊंचाई तक बांध बनाकर निर्माण किया गया है. यह परिजना कुल 20 किलोमीटर का है, शेष हिस्सा 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. फिलहाल, मानसून की पहली बारिश से सड़क का हिस्सा धंस जाने से लोग भी हैरान हैं.

आलोक कुमार

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया


                          * बिहार विधानसभा में वंदे मातरम गाने से माननीय विरोध में सीट पर बैठे रहे


पटनाः बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र का समापन हो गया है.यह मानसून सत्र गत 24 जून से शुरू हुआ था.आज पांचवा और आखिरी दिन था. 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया. अग्निपथ योजना  को वापस लेने की मांग के साथ केंद्र सरकार और पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. जिस पर डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने एतराज जताया.

इस दौरान विपक्षी सदस्यों से मार्शलों ने पोस्टर छीन लिया लेकिन उनका हंगामा जारी रहा. आखिरकार विधानसभा की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. 2 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने फिर से नारेबाजी शुरू कर दी. विधान परिषद की कार्यवाही पहले ही स्थगित हो गई. वहीं विधान सभा की कार्यवाही दूसरे हाफ के सेशन के बाद अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई.

सत्र के एक दिन पहले बिहार के सियासी हलचल का असर विधान सभा में दिखा. दरअसल बुधवार को असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के पांच में से चार विधायकों ने आरजेडी की सदस्यता ले ली. इसके साथ ही आरजेडी अब बिहार विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी हो गई है. 80 विधायकों के साथ राजद विधान सभा में मौजूद रहेगी तो उसका असर कार्यवाही पर भी दिखा.

बता दें कि बुधवार को सत्र के चौथे दिन बिना विपक्ष के ही सदन की कार्यवाही संचालित की गई. पहले हाफ में प्रश्नकाल में कई प्रश्नों के उत्तर हुए तो वहीं ध्यान कर्षण में भी सरकार ने सत्ताधारी दल के सदस्यों के प्रश्नों का उत्तर दिया, क्योंकि विपक्ष सदन में मौजूद नहीं था. इसलिए उनके प्रश्न नहीं पूछे जा सके. लेकिन, दूसरे हाफ में सरकार ने सदन से प्रथम अनुपूरक बजट को पास करा लिया.


बिहार विधानसभा के  मानसून  सत्र के समापन पर आज राष्ट्रीय गीत के दौरान फिर से कंट्रोवर्सी पैदा हो गई. आरजेडी के ठाकुरगंज के विधायक सऊद आलम जब राष्ट्रीय गीत बज रहा था तो अपनी सीट पर बैठे हुए थे. आरजेडी विधायक सऊद आलम ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि हमारा मुल्क हिंदू राष्ट्र अभी नहीं हुआ है और हम राष्ट्रगान के समय ही खड़ा होते हैं, इसीलिए बैठे रह गए. इस पर बीजेपी विधायक संजय कुमार सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो राष्ट्रगीत नहीं गाए वह देशद्रोही है और ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए.

वहीं आरजेडी विधायक के बचाव में आरजेडी के विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने कहा कि- विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई थी. राष्ट्रगान में तो किसी तरह की कंट्रोवर्सी नहीं हुई लेकिन समापन राष्ट्रीय गीत से हुई, किसी को कोई खड़ा होने के लिए बाध्य नहीं कर सकता. हमारे देश का राष्ट्रगान जन गण मन है, इसको हम लोग मानते हैं.

विधानमंडल के मानसून सत्र की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई.इस बीच बिहार विधानसभा में विजय सिन्हा के अध्यक्ष बनने के बाद इनके कार्यकाल में विधानसभा सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान से होती है और समापन राष्ट्रगीत से होता है. आज जब  मानसून   सत्र के समापन से पहले राष्ट्रगीत गाया जा रहा था. ऐसे में राष्ट्रगीत के सम्मान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत सदन में मौजूद तमाम विधायक खड़े थे. लेकिन आरजेडी के अल्पसंख्यक विधायक सऊद आलम अपनी सीट पर ही बैठे रहे. जिसको लेकर बीजेपी के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया.

आलोक कुमार 

बिहार मोटरगाड़ी संशोधन नियमावली 2021 अंतर्गत दुर्घटना दावा

 


*जिला पदाधिकारी-सह- अध्यक्ष, जिला सड़क सुरक्षा समिति,की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई आयोजित

* सड़क सुरक्षा, शहर में जाम की समस्या,सड़क मरम्मती,बिहार मोटरगाड़ी नियमावली,2021 के तहत दुर्घटना दावा,घायलों की मदद ,यातायात नियमो के संबंध में जागरूकता आदि को लेकर हुई व्यापक चर्चा                                            

सीतामढ़ी.इस जिले के जिलाधिकारी -सह- अध्यक्ष, जिला सड़क सुरक्षा समिति मनेश कुमार मीणा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में सीतामढ़ी शहर में जाम की समस्या एवं निदान, यातायात नियमों का कड़ाई से अनुपालन कराना, यातायात नियंत्रण के लिए सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था करना, सड़क दुर्घटना में मृत व्यक्ति से संबंधित आंकड़ों का संकलन एवं समेकित प्रतिवेदन तैयार करना, सड़क दुर्घटना में कमी लाने के लिए उपाय एवं रणनीति तैयार करना, गुड सेमेरिटन को प्रोत्साहित करना है एवं सूची उपलब्ध कराना एवं ब्लैक स्पॉट को चिन्हित कर  कार्रवाई करना से संबंधित अन्य एजेंडों पर विस्तृत समीक्षा की गई.

 जिला पदाधिकारी द्वारा परिवहन विभाग को निर्देश दिया गया कि बिहार मोटरगाड़ी संशोधन नियमावली 2021 अंतर्गत दुर्घटना दावा से संबंधित विषय, हेलमेट, सीटबेल्ट ओवरलोडिंग तथा सेफड्राइविंग को लेकर, वाहनों पर स्पीड गवर्नर प्रवर्तक टेप लगाने की कार्रवाई, प्रेशर हॉर्न के विरुद्ध अभियान चलाकर जागरूकता फैलाएं.नगर निकायों को निर्देश दिया गया कि सभी फुटपाथों, को अतिक्रमण से मुक्त कराएं, ठेला वेंडरों के लिए सड़क से दूरस्थान चयनित करें, पर्याप्त संख्या में स्ट्रीट लाइट ट्रैफिक लाइट लगाना सुनिश्चित करें, बस स्टैंड को अतिक्रमण मुक्त रखें एवं साफ सफाई शुद्ध पेयजल तथा रोशनी की व्यवस्था की जाए.

व्यस्त एवं संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे का अधिष्ठापन कराएं, शहर के मुख्य मार्गों में बने गड्ढों की मरम्मत कराना सुनिश्चित करें, शहरी क्षेत्र अंतर्गत ऑटो ई-रिक्शा पार्किंग की व्यवस्था की जाए. सड़क अतिक्रमण मुक्त के लिए विशेष अभियान चलाया जाय. साथ ही,बिना निबंधित वाहन परिचालन, ओवरलोडिंग, निर्धारित रूट से इतर वाहन चलाने वाले के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर जुर्माना व जब्ती की कार्रवाई प्रारंभ कराएं.

पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग एवं एनएचआई को निर्देश दिया गया कि यातायात संकेतक चिन्हों का प्रावधान सभी जगह सुनिश्चित करें, अधिकाधिक संख्या में जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण करें, सड़कों में तीव्र मोड़ पर रिफ्लेक्टर लगवाना सुनिश्चित करें, पुराने एनएच पर फुटपाथ का निर्माण करें, सड़क को मोटरेबल रखने के लिए नियमित रूप से साइट का विजिट करें. उन्होंने  जिले में दुर्घटना बाहुल्य वलनरेबल स्पॉट्स एवं संभावित ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित स्थानों पर आवश्यक सुधार एवं यातायात पुलिस कर्मियों की पर्याप्त व्यवस्था आदि के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया ताकि जिले में होने वाली दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके.

  उन्होंने कहा कि अवैध पार्किंग, ओवरस्पीड करने वाले वाहनों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही करते हुए उनके चालान काटे जाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए,ताकि शहर की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा सके और और किसी के भी द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन न किया जा सके. अवैध पार्किंग एवं सड़क अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्यवाही करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया.

 एनएचएआई द्वारा रुन्नीसैदपुर में फ्लाईओवर निर्माण संबंधी कार्रवाई पर भी चर्चा की गयी. ’शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया कि सड़क सुरक्षा पर विद्यालय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए, सड़क किनारे के विद्यालयों के शिक्षकों एवं बच्चों के लिए यातायात मार्गदर्शिका को प्रचारित कर यातायात नियमों के बारे में जागरूकता फैलाया जाए. उन्होंने विद्यालय के पठन-पाठन में बच्चों के बीच वाद-विवाद प्रतियोगिता, स्लोगन, पेंटिंग कंपटीशन, विचार गोष्ठी का आयोजन के माध्यम से सड़क सुरक्षा के प्रति बच्चों को जागरूक करने का निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी  को दिया.

विद्युत विभाग को जिला पदाधिकारी द्वारा निर्देश दिया कि सीतामढ़ी शहर में रोड से विद्युत पोल के  स्थान्तरण की कार्रवाई करना सुनिश्चित करें, जर्जर विद्युत तार को हटाने की भी कार्रवाई की जाए.एवं एफसीआई प्रबंधक राज्य खाद्य निगम को निर्देश दिया गया कि प्रखंड कार्यालय डूमरा अवस्थित निगम के गोदाम से संबंधित भारी वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें. प्रतिबंधित अवधि के भारी वाहनों का शहर में परिचालन पर रोक लगाने की व्यवस्था करें.

 साथ ही उन्होंने कहा कि आम लोगों को जागरूक कर सड़क दुर्घटना की संभावना को काफी कम किया जा सकता है. जिलाधिकारी द्वारा यातायात नियमों के प्रति लोगों को नियमित रूप से जागरूक करने के लिए अभियान चलाने का निर्देश जिला परिवहन पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया गया.  मोटर वाहन अधिनियम अंतर्गत जांच एवं कार्रवाई को सख्ती से लागू करने का भी  निर्देश दिया गया.

बैठक में जिलाधिकारी ने सड़क दुर्घटना में घायलों की तत्काल मदद करने वालों को लोगो को गुड सेमेरिटन के रूप में उनका चयन करने एवं उनके लिए प्रोत्साहन राशि 5000 देयता के लिए कार्रवाई का निर्देश  दिया. जिलाधिकारी ने निर्देश दिया  की  दुर्घटनाग्रस्त को ससमय अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करें एवं सम्मानित करने के लिए ऐसे लोगों  की सूची जिला परिवहन पदाधिकारी को उपलब्ध कराएं. साथ ही उन्होंने स्कूली वाहनों की जांच, स्वास्थ्य विभाग -शिक्षा विभाग -पंचायती राज विभाग पुलिस एवं यातायात विभाग, पथ निर्माण विभाग ,नगर निगम ,एनएचएआई इत्यादि की भूमिका पर विचार विमर्श किया गया एवं संबंधित विभागों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए.इसके पूर्व जिला परिवहन पदाधिकारी ने पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से सड़क सुरक्षा को लेकर चलाये जा रहे कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी.

 उक्त बैठक में पुलिस अधीक्षक हर किशोर राय, सिविल सर्जन, नगर आयुक्त, मुमुक्षु चौधरी, जिला परिवहन पदाधिकारी रवीन्द्र नाथ गुप्ता, जिला पंचायती राज पदाधिकारी अविनाश कुमार, ओएसडी प्रशांत कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी अवधेश कुमार, सदर अनुमंडल पदाधिकारी राकेश कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सुबोध कुमार, डीएसपी मुख्यालय रामकृष्णा, वरीय उप समाहर्ता सोनी कुमारी, डीपीओ रोचना माद्री, के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अनुमंडल पदाधिकारी बेलसंड,अनुमंडल पदाधिकारी पुपरी, सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थानाध्यक्ष उपस्थित थे.


आलोक कुमार                          

बैंक अधिकारियों द्वारा फील्ड वेरिफिकेशन के बाद 111 आवेदन को रिजेक्ट कर दिया

 

* थरुहट क्षेत्र में कैंप लगाकर त्रुटियों का निराकरण करते हुए शत-प्रतिशत लाभुकों को केसीसी उपलब्ध कराने का निर्देश

बेतिया. पश्चिमी चंपारण जिले के जिलाधिकारी, श्री कुंदन कुमार द्वारा केसीसी पशुपालन कार्य प्रगति की समीक्षा की गयी. समीक्षा के क्रम में नोडल पदाधिकारी, केसीसी पशुपालन द्वारा बताया गया कि पशुपालन के लिए 5524 केसीसी आवेदन जनरेट हुआ है. जिसमें से विभिन्न बैंकों द्वारा 2104 एक्सेप्ट किया गया है तथा 516 का सेंक्शन किया गया है. बैंक अधिकारियों द्वारा फील्ड वेरिफिकेशन के बाद 111 आवेदन को रिजेक्ट कर दिया गया है तथा अन्य आवेदन सेंक्शन के लिए लंबित है.

जिलाधिकारी द्वारा इसे अत्यंत ही गंभीरता से लिया गया और एलडीएम को निर्देश दिया गया कि रिजेक्ट किये गये आवेदनों की पुनः समीक्षा करायी जाय साथ ही सेंक्शन के लिए लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन कराना सुनिश्चित किया जाए.

उन्होंने निर्देश दिया कि थारू बहुल यथा-रामनगर, बगहा, गौनाहा आदि क्षेत्रों में कैम्प लगाकर ऐसे मामलों का निष्पादन कराया जाय ताकि थरूहट क्षेत्र के पशुपालक लाभान्वित हो सके और उन्हें परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े.

जिलाधिकारी ने कहा कि केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) की शत-प्रतिशत उपलब्धि के लिए जिले में कार्यरत सभी बैंकों को कैंप लगाकर किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने की आवश्यकता है.

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री अनिल कुमार, नोडल पदाधिकारी, केसीसी पशुपालन, डॉ0 उज्जवल कुमार आदि उपस्थित रहे.


आलोक कुमार

जून महीने में उत्पाद तथा पुलिस बल द्वारा कुल 4454 रेड किए गए


नालंदाः आज अपर मुख्य सचिव मघ निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग,बिहार पटना द्वारा नालंदा जिले में शराबबंदी की समीक्षा समाहरणालय परिसर स्थित हरदेव भवन में किया गया.उन्होंने सबसे पहले उत्पाद कार्यालय में कार्यरत बलों तथा उनके द्वारा की गई कार्यों की समीक्षा की.

समीक्षा के क्रम में जानकारी दी गई कि जून महीने में अब तक उत्पाद तथा पुलिस बल द्वारा कुल 4454 रेड किए गए तथा कुल 502 लोगों की गिरफ्तारी की गई.जून माह में अब तक कुल 1836 लीटर देशी शराब तथा 123 लीटर विदेशी शराब जब्त किए गए.उत्पाद विभाग द्वारा इस माह में कुल 178 शराब पीने वालों तथा 23 आपूर्तिकर्ता की गिरफ्तारी की गई तथा पुलिस द्वारा 87 शराब पीने वालों तथा 214 आपूर्तिकर्ता की गिरफ्तारी की गई.

विशेष न्यायालय द्वारा दिनांक 01/04/2022 से दिनांक 27/06/2022 तक उत्पाद तथा पुलिस द्वारा पकड़े गए कुल 703 लोगों को जेल भेजे गए.समीक्षा में जानकारी दी गई कि जून माह में अब तक उत्पाद तथा पुलिस द्वारा कुल 23 वाहनों की जब्ती की गई है.अपर मुख्य सचिव ने उत्पाद तथा पुलिस द्वारा दैनिक रेड तथा गिरफ्तारी की भी समीक्षा की.

बैठक में माहवार ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट रिपोर्ट की भी जानकारी ली गई.बताया गया कि उत्पाद कार्यालय द्वारा जून माह में अब तक कुल 1508 ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट किए गए जिसमें 189 पॉजिटिव पाए गए. इसी प्रकार पुलिस द्वारा जून माह में अब तक कुल 92 लोगों की ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट की गई जिसमें सभी लोग पॉजिटिव पाए गए.कॉल सेंटर की समीक्षा में पाया गया कि जून माह में अब तक 277 कॉल प्राप्त हुए जिस पर 31 लोगों की गिरफ्तारी की गई.पीने वालों की निशानदेही पर कुल 534 लोगों की गिरफ्तारी की गई तथा 134 व्यक्तियों को जेल भेजा गया.धारा 37 के तहत कुल 8 लोगों को जेल भेजा गया है.

शराब से संबंधित मामलों में जून माह में 75 राज्य सात के मामले लंबित बताए गए जिस पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए.135 वाहनों के वैल्यूएशन कर उन्हें एमएसटीसी पोर्टल पर डाले गए हैं.वाहनों के निष्पादन तथा ट्रायल पर ध्यान देने की बात बताई गई.बैठक में पीने वालों की गिरफ्तारी  तथा पीने वालों के निशानदेही पर पिलाने वालों की गिरफ्तारी पर भी ध्यान देने की बात कही गई.

उक्त समीक्षात्मक बैठक में जिला पदाधिकारी नालंदा श्री शशांक शुभंकर, पुलिस अधीक्षक नालंदा श्री अशोक मिश्रा सहित सभी अनुमंडल पदाधिकारी,अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी तथा उत्पाद कार्यालय के पदाधिकारी उपस्थित थे.

आलोक कुमार 

घायल युवकों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया है. जहां तीनों की स्थिति नाजुक बनी हुई है

 

पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना गंगा ड्राइव वे परियोजना के फर्स्ट फेज का उद्घाटन 24 जून को किया था.महज 5 दिनों के बाद ही तेज रफ्तार बाइक के अचानक संतुलन बिगड़ जाने से तीनों युवक सड़क की रेलिंग से टकराते हुए सीधे पुल के नीचे जा गिर पड़े.

जी हां, राजधानी पटना में हाल के दिनों में ही जेपी सेतु गंगा पथ का उद्घाटित हुआ  था. इस पुल पर तेज रफ्तार से सफर करना तीन दोस्तों को महंगा पड़ गया. एक बाइक पर सवार तीन युवकों के बाइक का अचानक से संतुलन बिगड़ गया और तीनों युवक सड़क की रेलिंग से टकराते हुए सीधे पुल के नीचे जा गिरे पड़े. इस घटना में तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. हादसे की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची दीघा थाने की पुलिस ने घायल युवकों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया है. जहां तीनों की स्थिति नाजुक बनी हुई है.


दीघा थाने की पुलिस संजय कुमार सिंह ने कहा कि लोगों के द्वारा सूचना देने पर तत्काल मौके पर पहुंच गये.जहां लोग घायलों का वीडियों बना रहे थे.किसी ने तीनों को उठाकर अस्पताल ले जाने की कोशिश नहीं की.तीनों को उठाकर गाड़ी में बैठाकर और सुलाकर मुख्य मार्ग पर पहुंचे तो उनके परिजन आ गये. परिजन के साथ पुनाईचक ले गये.वहीं पर उन लोगों का घर है. इस क्षेत्र के एक अस्पताल में भर्ती कर दिया गया.जहां पर तीनों की स्थिति गंभीर है.

पुनाईचक पटना की ओर से अटल पथ से होकर गंगा पथ पर दीघा की ओर से एक बाइक पर बैठकर तीन युवक तेज रफ्तार से जा रहे थे. इसी दौरान बाइक चला रहे एक युवक का संतुलन अचानक बिगड़ गया और देखते ही देखते गंगा पथ की रेलिंग से टकराकर बाइक सवार तीनों युवक सीधे पुल के नीचे गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद घायल तीनों युवकों की पहचान हो गई है. जिनका नाम विरेन्द्र कुमार जिसकी उम्र 18 साल बताई जा रही है, और इसके पिता पेशे से इलेक्ट्रीशियन हैं. वहीं दूसरे घायल युवक की पुष्टि अभिषेक कुमार के रूप में की गई है जो अभी नाबालिग है जो केवल 17 साल का है. तो तीसरे घायल युवक की पहचान अभिषेक के रूप में की गई है.


इस बीच उद्घाटन के बाद से ही गंगा पथ पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने वाले वाहन चालकों पर नियंत्रण करने के लिए हाई क्वालिटी का स्पीड इंडिकेटर मशीन लगाया गया है. इसके बावजूद इस पुल पर बाइक लेकर आने वाले युवा तेज रफ्तार से अपने हाई स्पीड बाइक से फर्राटे भरते हैं. जिस कारण यहां हादसों की आशंका बनी रहती है. और कहीं ना कहीं ट्रैफिक पुलिस को इन तेज रफ्तार बाइक चालकों पर नियंत्रण करने के लिए एक ठोस रणनीति बनाने की आवश्यकता है. इसके बावजूद ट्रैफिक विभाग इस पूरे मामले में कछुए की चाल चलने में लगी है.

मुंबई जुहू बीच के तर्ज पर पटना में बने जेपी गंगा पथ पर सुरक्षा के मद्देनजर 24 घंटे बिहार पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी तैनात रहेगी. हाल के दिनों में राजधानी में बने अटल पथ, राजा बाजार फ्लाईओवर और एम्स दीघा एलिवेटेड पुल पर एक्सीडेंट जैसी घटनाएं होती रहती है. जिसका मुख्य कारण हाई स्पीड होता है. जिसको रोकथाम के लिए बिहार पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है. पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर पटना पुलिस द्वारा गंगा पाथवे पर पुलिस की दो पेट्रोलिंग वाहन 24 घंटे पेट्रोलिंग करती नजर आएंगी.

 


बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा मिली जानकारी के अनुसार जेपी गंगा पथ पर 24  घंटे पुलिस की दो पेट्रोलिंग गश्ती वाहन तैनात रहेगी. हर गाड़ी पर 4 सिपाही और एक दरोगा रैंक के अधिकारी तैनात रहेंगे. इसके साथ-साथ गाड़ियों के स्पीड को कंट्रोल करने के लिए स्पीड राडार गन भी लगाया जाएगा. ताकि, वाहनों की स्पीड को कंट्रोल किया जा सके और तेजी से वाहन चलाने वालों को चिन्हित कर उन्हें दंड दिया जा सके. जिससे एक्सीडेंट जैसे अनहोनी को टाला जा सके. इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर स्थानीय थाना भी वहां मौजूद रहेगी.

गंगा पथ की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समय-समय पर पुलिस अधिकारी पुल का जायजा लेंगे. दरअसल, गंगा पथ बनने के बाद पटना वासियों के लिए ये आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. गंगा पथ पर जाने की वजह से उत्तर बिहार से राजधानी पटना आने वाले लोगों को काफी सहूलियत हो रही है. जिन्हें एम्स पीएमसीएच जाना होता है, उन्हें ट्रैफिक की समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा है.


अब बिहार के लोग पटना में ही मुंबई मरीन ड्राइव का मजा ले रहे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी महत्वाकांक्षी पटना गंगा ड्राइव वे परियोजना के फर्स्ट फेज का उद्घाटन 24 जून को किया था. इसे क्वीन नेकलेस के नाम से भी जाना जाता है. खुद सीएम नीतीश कुमार इस परियोजना पर नजर बनाए हुए हैं.

अब तो यहां पर लोगों के हुजूम को देखते हुए लोग दुकान सजाने लगे हैं.जो गंगा पथ को देखने सुबह और शाम आते हैं.यहां के जलपान का लुफ्त उठाने लगे हैं.


आलोक कुमार

बुधवार, 29 जून 2022

ब्रदर उट्टाटिल्ल जोसेफ का निधन

पटना. वयोवृद्ध ब्रदर उट्टाटिल्ल जोसेफ का निधन हो गया है.वे 81 वर्ष के थे. वे 10 अप्रैल को अंतिम बार जेस्विट साथियों के साथ जन्मदिन का जश्न मनाया था.    

 मालूम हो ‘येसु समाज‘ से 75 साल का सक्रिय जीवन से सेवानिवृत होने के बाद 2016 में ब्रदर उट्टाटिल्ल जोसेफ एक्सटीटीआई परिसर में स्थित जेवियर भवन में विश्राम करने आए थे. 

यहां पर जेवियर भवन में रहने वाले जेस्विटों को हर तरह की सुविधा उपलब्ध करायी जाती है.बता दें कि प्रारंभ में जेस्विटों की सेवा में करने में ब्रदर फ्रांसिस जुड़े थे.मेल स्टाफ नर्स ब्रदर फ्रांसिस सेवा व अन्य चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने में महारत हासिल कर लिये थे.अब ब्रदर फ्रांसिस के बदले में एक फादर के द्वारा सेवा उपलब्ध करायी जाती हैं.  

बता दें कि ब्रदर न्जजंजपसस श्रवेमची का जन्म 10 अप्रैल 1941 को हुआ था.मात्र 23 साल की उम्र में 29 सितंबर 1964 को श्येसु समाज में प्रवेश किये .तब से येसु समाजी ब्रदर के रूप में कार्य किये.येसु समाजी का अंतिम व्रत 15 अगस्त 1977 में लिये.फार्म इंचार्ज और मिनिस्टर के पद पर रहकर येसु समाज के कार्यों में सहयोग दिये.

पास्कल लुइस का कहना है कि मुजफ्फरपुर में आशादीप बना है.वह ब्रदर की देखरेख में निर्माण हुआ.उसके बाद आशादीप में रहकर सभी लोगों को पढ़ाते थे.उन्होंने कहा कि मैं उनको 2012 से जानता हूं.उनका मैं शिष्य रहा और उनके साथ काम भी किया हूं.इस बीच ब्रदर ह्दय रोग के शिकार हो गये.जो मौत का कारण बन गया.

आलोक कुमार

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