सोमवार, 14 नवंबर 2022

मूर्ति पर माल्यार्पण करके मनाई गई जयंती

  



’ देश में एकता, अखंडता और सम्प्रभुता का आधार पंडित नेहरू ने रखाः प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ मदन मोहन झा




पटना. आधुनिक भारत के निर्माता और देश के पहले प्रधानमंत्री स्व. पंडित जवाहरलाल नेहरू की 133 वीं जयंती प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में उनके मूर्ति पर माल्यार्पण करके मनाई गई. जयंती कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ मदन मोहन झा ने की.

      जयंती कार्यक्रम में माल्यार्पण के पश्चात बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ मदन मोहन झा ने कहा कि आधुनिक भारत के निर्माणकर्ता देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित नेहरू ने देश को प्रगति पथ पर अग्रसर होने की आधारभूत संरचना के अर्जन में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया. पंडित नेहरू ने देश की एकता, अखंडता और सम्प्रभुता को मजबूती और स्थिरता प्रदान की. उन्होंने देश में समता और संवैधानिक प्रतिबद्धता का सृजन किया.

       सदाकत आश्रम में आयोजित पंडित नेहरू के जयंती कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा के अलावे सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चंदन वागची, प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी, डा0 अशोक कुमार, मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, विधायक राजेश कुमार, प्रतिमा कुमारी दास, सदस्यता प्रभारी ब्रजेश प्रसाद मुनन, अमिता भूषण, लाल बाबू लाल, प्रमोद कुमार सिंह, ब्रजेश पाण्डेय, कुमार आशीष, आनन्द माधव,प्रवीण सिंह कुशवाहा, ज्ञान रंजन, सौरभ सिन्हा, कमलदेव नारायण शुक्ल, शशिकांत तिवारी,अरविन्द लाल रजक, उमाकांत सिंह, शशि रंजन,मधुरेन्द्र कुमार सिंह, सुधा मिश्रा,मंजीत आनन्द साहू, अशोक गगन, चुन्नू सिंहए रिपु दहन शर्मा,सुनील कुमार सिंह, अजय कुमार चौधरी, उदय शंकर पटेल,प्रदुम्न कुमार, मृणाल अनामय, रीता सिंह,सत्येन्द्र कुमार सिंह,सिद्धार्थ क्षत्रिय, गुरूदयाल सिंह, संतोष कुमार श्रीवास्तव, उमेश कुमार राम, निधि पाण्डेय, मिहिर कुमार झा,ताहिर अनीस खान, एम.एम.अली बलखी, संजय कुमार श्रीवास्तव,निरंजन कुमार, विमलेश तिवारी मो0 शाहनवाज, हेमन्त कुमार झा, सैयद फिरोज हसन,ओम प्रकाश गर्ग, अविनाश रंजन झा,प्रतिमा कुमारी, किशोर कुमार, मो0 अब्दुल बाकी, बीरेन्द्र शर्मा, अविनाश रंजन झा, डा0 जवाहर लाल चौधरी, बद्री नारायण राय, रजनीश कुमार सिंह सहित अन्य नेतागण मौजूद रहें.

आलोक कुमार

रविवार, 13 नवंबर 2022

बेतिया चर्च से दुसैया के लिए पदयात्रा


दुसैया. ग्वादालूपे की मां मरियम का तीर्थस्थल है दुसैया पल्ली.यहां पर प्रत्येक साल ग्वादालूपे मां मरियम के आदर में वार्षिक पर्व मनाया जाता है.इस साल 02 दिसंबर,2022 शुक्रवार से धार्मिक कार्यक्रम शुरू होगी .इस अवसर पर 02 से 10 दिसंबर तक नोवेना, 03 से 05 दिसंबर तक आध्यात्मिक साधना/चुप्पी और 11 दिसंबर रविवार को पर्व दिवस है.मुख्य अतिथि पश्चिम बंगाल में स्थित रायगंज धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष फुलजेंस तिग्गा और बेतिया धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष पीटर सेबेस्टियन हैं.उनके दोनों अति मान्यवर धर्माध्यक्षों के नेतृत्व में 09ः00 बजे सुबह बेतिया चर्च से दुसैया के लिए पदयात्रा आयोजित की जाएगी.

ग्वादालूपे मां मरियम का वार्षिक पर्व दुसैया पल्ली में

02 दिसंबर,2022 शुक्रवार,संध्या 03ः00 बजे से बेतिया धर्मप्रांत के  धर्माध्यक्ष  पीटर  सेबेस्टियन  गोवियस के द्वारा झंडोत्तोलन,पवित्र मिस्सा एवं नोवेना प्रार्थना.

02 दिसंबर से 10 दिसंबर तक प्रतिदिन संध्या 03ः00 बजे से पवित्र रोजरी माला,मिस्सा एवं नोवेना प्रार्थना.

आध्यात्मिक साधना/चुप्पी

03 से 05 दिसंबर तक आध्यात्मिक साधना/चुप्पी,पवित्र रोजरी माला,मिस्सा एवं नोवेना प्रार्थना दोपहर 02ः30 बजे से 06ः00 बजे तक,ब्रदर जेम्स डी.रोजारियो द्वारा संचालित.

11 दिसंबर रविवार को पर्व दिवस है

06ः30 बजे सुबह पवित्र युख्रिस्तीय बलिदान.

09ः00 बजे सुबह बेतिया चर्च से दुसैया के लिए पदयात्रा

11ः00 बजे सुबह दुसैया पल्ली के द्वारा पदयात्रियों का औपचारिक स्वागत

11ः00 बजे से 01:00 बजे तक सभी पदयात्रियों के लिए प्रीतिभोज

12ः00 बजे से 01ः00 बजे तक चंगाई प्रार्थना एवं बीमारों पर आशीष

01ः30 बजे समारोही मिस्सा तत्पश्चात मां मरियम की शोभायात्रा

मुख्य पुरोहित पश्चिम बंगाल में रायगंज धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष फुलजेंस तिग्गा और बेतिया धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष पीटर सेबेस्टियन

फादर अल्फोंस जोजो,ओ.पी.फादर क्लोड कोर्दा,ओ.पी.पल्ली पुरोहित और फादर अंतुनी स्वामी,ओ.पी. 


आलोक कुमार

रोम के वैटिकन नगर के पोप को अपना धर्माध्यक्ष मानते हैं

 * आर्चबिशप फेलिक्स मचाडो, वसई के बिशप को सीबीसीआई के महासचिव के रूप में फिर से चुना गया

*अब सीबीसीआई के पूर्व अध्यक्ष हो गए बॉम्बे के आर्चबिशप कार्डिनल ओसवाल्ड ग्रेसियस


मुंबई. कैथोलिक कलीसिया या रोमन कैथोलिक कलीसिया ईसाई धर्म में वैश्विक ईसाई कलीसिया की एक मुख्य शाखा, तथा सबसे बड़ी कलीसिया है, जिसके अनुयायी रोम के वैटिकन नगर के पोप को अपना धर्माध्यक्ष मानते हैं.

    देश में कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया ( सीबीसीआई) एक राष्ट्रीय निकाय है.इसमें लैटिन, सिरो-मालाबार और सिरो-मलंकारा धार्मिक संगठन( चर्च) के बीच  नेतृत्वकर्ता (बिशप) शामिल होते हैं. तीन धार्मिक संगठनों शीर्ष (बिशप )कार्यालयों को बारी-बारी से  साझा करते है.गत 10 नवंबर को बेंगलुरु में सेंट जॉन नेशनल एकेडमी ऑफ हेल्थ साइंसेज में कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) की चल रही 35 वीं आम सभा की बैठक में त्रिशूर के मेट्रोपॉलिटन प्रमुख आर्कबिशप मार एंड्रयूज थजथ को सीबीसीआई के नए अध्यक्ष के रूप में चुना गया. 

सीबीसीआई के नए अध्यक्ष आर्चबिशप मार एंड्रूज़ थज़थू

  जब त्रिशूर के पहले आर्चबिशप मार जोसेफ कुंडुकुलम ने केरल के दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री के करुणाकरण के साथ दोस्ती शुरू की. यह आरोप लगाया जाता है कि आर्च डीओसीज ने केरल विधानमंडल के लिए अपनी उम्मीदवारी में के . करुणाकरण का समर्थन किया . यह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और त्रिशूर के सिरो-मालाबार कैथोलिक आर्च डीओसीज के बीच संबंध की शुरुआत थी. कुडनकुलम की मृत्यु के बाद, मार जैकब थूमकुझी को अगले आर्चबिशप के रूप में चुना गया था. लेकिन थूमकुझी की केरल की राजनीति में कम दिलचस्पी थी . बाद में मार्च एंड्रूज़ थज़थू को आर्चडीओसीज के प्रमुख के लिए चुना गया था.2007 में, उन्होंने केरल के मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन शासित सरकार के खिलाफ चर्च और उसके संस्थानों के प्रति अपनी नीतियों के खिलाफ अभियान चलाया . उन्होंने कम्युनिस्ट के नेतृत्व वाली सरकार को यह कहते हुए धमकी भी दी कि चर्च 1950 के दशक के उत्तरार्ध के ‘मुक्ति संघर्ष‘ को फिर से लागू कर सकता है.2007 वर्तमान एंड्रूज़ थज़थू त्रिशूर के तीसरे महानगर महाधर्माध्यक्ष.

मेट्रोपॉलिटन आर्चबिशप सीबीसीआई के पहले उपाध्यक्ष चुने गए

सेंट थॉमस कैथेड्रल बासिलिका और सेंट थॉमस के राष्ट्रीय तीर्थ के रूप में जाना जाता है , भारत के चेन्नई ( मद्रास ) शहर में, सैन्थोम में एक रोमन कैथोलिक नाबालिग बासिलिका   है.यह 1523 में पुर्तगाली खोजकर्ताओं द्वारा सेंट थॉमस की कब्र के ऊपर बनाया गया था , जो येसु के बारह प्रेरितों में से एक था. 1896 में, इसे अंग्रेजों द्वारा फिर से बनाया गया था. ब्रिटिश शैली का चर्च आज भी खड़ा है.इसे नियो-गॉथिक शैली के रूप में डिजाइन किया गया था , जिसे ब्रिटिश वास्तुकारों ने पसंद किया था19वीं सदी के अंत में. यह चर्च दुनिया के केवल तीन ज्ञात चर्चों में से एक है जो येसु के एक प्रेरित की कब्र पर बना है, अन्य दो वेटिकन सिटी में सेंट पीटर की बेसिलिका और गैलिसिया, स्पेन में सैंटियागो डी कंपोस्टेला कैथेड्रल हैं.आर्चबिशप जॉर्ज एंटोनीसैमी, मद्रास-मायलापुर (लैटिन) के मेट्रोपॉलिटन आर्चबिशप सीबीसीआई के पहले उपाध्यक्ष चुने गए हैं. वे 2012 आर्चबिशप हैं.

बिशप मार जोसेफ थॉमस को सीबीसीआई के दूसरे उपाध्यक्ष 

 मलंकारा सीरियन कैथोलिक चर्च का गठन 20 सितंबर 1930 को बिशप मार गीवर्गीस इवानियोस के नेतृत्व में पुनर्मिलन आंदोलन के परिणामस्वरूप किया गया था , जब यह भारतीय रूढ़िवादी चर्च से अलग हो गया और कैथोलिक चर्च के साथ सहभागिता में प्रवेश किया. 17 वीं शताब्दी के सेंट थॉमस ईसाई समुदाय के भीतर विभाजन से ही मलंकारा चर्च उभरा था ; 1653 में कूनन क्रॉस शपथ के बाद , मलंकारा चर्च उस गुट के रूप में उभरा जो लैटिन कैथोलिक पुर्तगाली पद्रोडो के अधिकार का विरोध करने के लिए शपथ ग्रहण में आर्कडेकॉन मार थोमा के साथ खड़ा था. इस गुट ने एंटिओक के सिरियन ऑर्थोडॉक्स चर्च के साथ एक रिश्ते में प्रवेश किया और पश्चिम सिरियेक संस्कार को अपनाया (भारत के सेंट थॉमस ईसाइयों ने इस बिंदु तक पूर्व के ऐतिहासिक चर्च से विरासत में मिली पूर्वी सिरियेक संस्कार का इस्तेमाल किया था ). सिरो -मलंकरा कैथोलिक चर्च इस मलंकारा गुट के उस समूह का प्रतिनिधित्व करता है जो 20 वीं शताब्दी (1930) में रोम के साथ फिर से मिला.बथेरी (मलंकारा) के अधिवेशन के बिशप मार जोसेफ थॉमस को सीबीसीआई के दूसरे उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया.

आलोक कुमार

शनिवार, 12 नवंबर 2022

भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की 134 वीं जयंती

 

पटना.भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की 134 वीं जयंती आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में मनाई गई.

इस अवसर पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा ने कहा कि स्वतंत्रता आन्दोलन में मौलाना अबुल कलाम आजाद ने पंडित नेहरू के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष किया. मौलाना अबुल कलाम आजाद स्वतंत्रता के बाद 12 वर्षों तक देश के शिक्षा मंत्री रहे. मौलाना अबुल कलाम आजाद ने देश में नई शिक्षा नीति की आधारशिला रखी. वे देश में साम्प्रदायिक सौहार्द के प्रबल समर्थक थे.आज कृतज्ञ राष्ट्र मौलाना अबुल कलाम आजाद के योगदान को स्मरण कर उनकी स्मृति को बार-बार नमन करती है. इसके पूर्व पार्टी के नेताओं के द्वारा मौलाना अबुल कलाम आजाद के तैल चित्र पर माल्यार्पण किया गया.


इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी, मीडिया विभाग के अध्यक्ष राजेश राठौड़, सदस्यता प्रभारी ब्रजेश प्रसाद मुनन, कुमार आशीष, असित नाथ तिवारी, ज्ञान रंजन, लाल बाबु लाल  अरविन्द लाल रजक, डॉ कमलदेव नारायण शुक्ला, शशिकांत तिवारी, सुधा मिश्रा, सुनील कुमार सिंह,  निधि पाण्डेय, प्रदुमन कुमार, मृणाल अनामय, मृगेंद्र कुमार सिंह,मंजीत आनंद साहू, उदय शंकर पटेल,  मिहिर कुमार झा, विमलेश तिवारी, निरंजन कुमार,  राजीव कुमार बबलू, बद्री कुमार झा ने भी मौलाना अबुल कलाम आजद के चित्र पर माल्यापर्ण कर श्रद्धांजलि अर्पित किये.


आलोक कुमार

गुरुवार, 10 नवंबर 2022

कल्याणकारी योजनाओं का लिया जायजा

 


मोतिहारी. पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक भ्रमण कार्यक्रम के दौरान मोतिहारी सदर अनुमंडल के सुगौली प्रखंड के फुलवरिया पंचायत में सरकार के द्वारा चलाए जा रहे कल्याणकारी योजनाओं का लिया जायजा.

      निरीक्षण के दौरान पंचायत भवन फुलवरीया में स्थानीय माननीय मुखिया, सभी वार्ड पार्षद एवं संबंधित पदाधिकारियों के साथ नल जल योजना, आईसीडीएस, कृषि ,उर्वरक, विद्यालय, पोषाहार वितरण ,जन वितरण प्रणाली दुकान, उप स्वास्थ्य केंद्र, आरटीपीएस ,आवास योजना, जल जीवन हरियाली, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, गार्जियंस ऑफ चंपारण आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई एवं संबंधित पदाधिकारी को उन्होंने दिया आवश्यक दिशा निर्देश दिया.

     


सरकार के योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर कार्य हर हाल में पूर्ण  करने का उन्होंने निर्देश दिया.जिलाधिकारी महोदय द्वारा लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान अंतर्गत नवनिर्मित अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई, फूलवरीया में  उद्घाटन किया गया.

        ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ गांव, समृद्ध बिहार को बढ़ावा दिया जा रहा है.एक कदम स्वच्छता की ओर...

* पहले घर में कचरा को करें अलग-अलग फिर नीला और हरा कूड़ेदान दान में डाले अलग-अलग

* घर में रखे हरा और नीला कूड़ेदान, कचरे का करे समुचित निपटान

* अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई , फुलवरिया में मेन्सुरल वेस्ट, मेडिकल वेस्ट , इलेक्ट्रीकल वेस्ट, सूखा पेपर, गीला पेपर, सीसा, मेटल, प्लास्टिक प्रबंधन  के लिए   समुचित व्यवस्था की गई है



जिलाधिकारी महोदय ने भ्रमण कार्यक्रम के दौरान  Guardians of champaran अभियान के तहत पुराने वृक्षों के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए पुराने विशाल बरगद वृक्ष की सुरक्षा के लिए मनरेगा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में लिया भाग.स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य ग्रामीणों एवं छात्राओं द्वारा इस पुराने बरगद वृक्ष की सुरक्षा के लिए  शपथ भी दिलाई गई.

     विभिन्न गतिविधियां चलाकर  पुराने वृक्षों की जड़ों में मिट्टी भराई करते हुए तने के आस पास की साफ सफाई की गई। बड़ी संख्या में लोगों ने पुराने वृक्षों के चारों तरफ मानव श्रृंखला बनाते हुए वृक्ष रक्षा शपथ लिया गया.

     इस अवसर पर माननीय मुखिया, वार्ड पार्षद, निदेशक डीआरडीए, डीपीओ मनरेगा, प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित गणमान्य ग्रामीण एवं छात्राएं उपस्थित थे.


आलोक कुमार

विजयी प्रतिभागियों को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया

 

मोतिहारी. मख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार एवं ज़िला निर्वाचन पदाधिकारी पूर्वी चंपारण के द्वारा दिये गये दिये गए निर्देश के आलोक में संपूर्ण ज़िले में विभिन्न स्तरों पर अलग अलग स्वीप गतिविधियों का आयोजन कर निबंधन प्रक्रिया के संबंध में जागरूकता कार्य किया गया.ज़िला स्तर पर  Yoga for Healthy Roll  , तलवार बाज़ी, ताईक्वानडो एवं भारोत्तोलन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया.

उक्त अवसर पर सभी विजयी प्रतिभागियों को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया.इस अवसर पर जिलाधिकारी महोदय द्वारा जिले के सभी लोगों से अपील की गई की निर्वाचक सूची के निबंधन प्रक्रिया में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे। यदि किन्हीं निर्वाचक का नाम निर्वाचक सूची में छूटा हुआ है तो अनिवार्य रूप से वे अपना नाम दर्ज करवा लें.


इस कार्यक्रम में अपर समाहर्ता श्री पवन कुमार ,अनुमंडल पदाधिकारी मोतिहारी सदर श्री श्रेष्ठ अनुपम, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजय कुमार मिश्रा, डीसीएलआर श्री संजय कुमार, अवर निर्वाचन पदाधिकारी अरविंद वर्मा, आदित्य राज एवं विवेक यादव उपस्थित थे.


आलोक कुमार

अपने बेटे का जन्मदिन बड़ी खुशी से धुमधाम के साथ मनाते हैं

 अनुकरणीय पहल के रूप में अपनी सुपुत्री के जन्मदिन पर पिता ने किया रक्तदान

जमुई.इस जिले में प्रबोध जन सेवा संस्थान कार्यशील है.इस संस्थान से जुड़े सदस्यों के द्वारा अपने जन्मदिन के अवसर पर रक्तदान कर जन्मदिन मनाते हैं.उसका अनुशरण आम से खास लोग करने लगे हैं.इस सिलसिले को आगे गुरुवार को बढ़ाते देखा गया. एक पिता ने अपनी सुपुत्री के जन्मदिन के अवसर पर रक्तदान किया.

   

अभी तक समाज में देखा जाता है कि परिवार के लोग अपने बेटे का जन्मदिन बड़ी खुशी से धुमधाम के साथ मनाते हैं.इस बार एक पिता विश्व रंजन सिंह ने मिसाल कायम किया है. उन्होंने ब्लड बैंक, जमुई में जाकर गुरुवार को अपनी बेटी के जन्मदिन के अवसर पर रक्तदान किया.

     रक्तदान-जागरूकता के क्षेत्र में अग्रणी प्रबोध जन सेवा संस्थान से जुड़े जमुई इकाई के सहयोगी नुमर,बरहट निवासी विश्व रंजन सिंह ने अपनी 12 वर्षीय पुत्री सलोनी सिंह के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य पर सदर अस्पताल, जमुई में रक्त का अभाव से जूझ रही कल्याणपुर, जमुई निवासी दिनेश मंडल की धर्मपत्नी मीना देवी (60 वर्ष ) को रक्तदान किया. उसका रक्त समूह बी पॉजिटिव है.हीमोग्लोबिन की मात्रा 5 ग्राम प्रतिशत था. विश्व रंजन सिंह ने अपनी पुत्री को जन्मदिन का अनुपम उपहार दिया.

    मौके पर रक्तदाता विश्वरंजन सिंह ने कहा कम से कम वर्ष के किसी भी महत्वपूर्ण दिन पर यदि आप रक्तदान करते है तो यह निश्चित है रक्त का अभाव के कारण किसी की जान नहीं जाएगी. संस्थान का सहयोगी सचिन कुमार ने बताया कि किसी खास उपलक्ष्य पर रक्तदान करने की मुहिम के अंतर्गत लोगों के बीच जागरूकता लाने के लिए हम लोग लगातार प्रयासरत रहते हैं.

 सामाजिक कार्यकर्ता व संस्थान सचिव सुमन सौरभ ने रक्तदाता को बधाई देते हुए कहा जहां समाज में कन्या भ्रूण हत्याएं हो रही है वहीं एक पिता जन्मोत्सव पर रक्तदान कर पुत्री को एक अनोखा तोहफा दे रहे है,जो अनुकरणीय है.वहीं इस अनुकरणीय पहल के लिए जिला समन्वयक ऋषभ भारती उर्फ रॉकी, जिला सचिव विनोद कुमार, राजेश यादव, शिवजीत सिंह, अनिकेत कुमार, सौरभ मिश्रा, सूरज सिंह, पिंटू कुमार, आलोक कुमार, शुभम कुमार आदि ने रक्तदाता को बधाई दी है.


आलोक कुमार

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