बुधवार, 4 अक्टूबर 2023

उनकी सेवा में सुसमाचार के प्रचार के लिए हमेशा उत्साह

 

 वाटिकन। संत पिता फ्रांसिस ने बृहस्पतिवार को रांची के महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो एस. जे के नाम पर एक तार भेजते हुए पोप ने कहा, “कार्डिनल तेलेस्फोर टोप्पो, रांची के ससम्मान सेवानिवृत महाधर्माध्यक्ष के निधन की दुखद खबर सुनने के बाद, कृपया, मेरी हार्दिक संवेदना स्वीकार करें। मैं यह संवेदना महाधर्मप्रांत के पुरोहितों, धर्मसमाजियों एवं लोकधर्मियों के लिए भी प्रकट करता हूँ।”

संत पापा ने कार्डिनल टोप्पो की आत्मा को हमारे स्वर्गीय पिता की असीम करुणा को सौंप दिया तथा दुमका एवं रांची की स्थानीय कलीसियाओं में, एक समर्पित पुरोहित एवं धर्माध्यक्ष के रूप में उनकी प्रेरिताई को कृतज्ञतापूर्वक याद की।

भारत की विस्तृत कलीसिया एवं परमधर्मपीठ के लिए उनके सहयोग की याद करते हुए पोप ने कहा, “उनकी सेवा में सुसमाचार के प्रचार के लिए हमेशा उत्साह, पवित्र यूखरिस्त के प्रति भक्ति एवं गरीबों और जरूरतमंद लोगों के प्रति उदार प्रेरितिक चिंता रही है।”

   रांची के सेवानिवृत महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल तेलेस्फोर पी. टोप्पो का निधन

संत पापा ने पुनरूत्थान की दृढ़ आशा के साथ कार्डिनल तेलेस्फोर टोप्पो के निधन पर शोकित सभी लोगों को प्रभु में सांत्वना एवं शांति की प्रतिज्ञा के रूप में अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।  

   कार्डिनल टोप्पो का निधन 4 अक्टूबर को कॉन्स्टेंट लिवन्स अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर, माण्डर में हुआ। वे 84 साल के थे और काफी समय से बीमार चल रहे थे।


आलोक कुमार

कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो की निधन की खबर मिलते ही झारखंड समेत पूरे देश भर के ईसाई धर्मावलंबियों में शोक

 
रांची.एशिया के पहले आदिवासी बिशप कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो का निधन हो गया है.झारखंड की राजधानी रांची के मांडर के लिवंस हॉस्पिटल में मंगलवार को भर्ती कराए गये.यहां पर इलाज के दौरान बुधवार को उनका निधन हो गया. कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो के फेफड़ों में पानी भर जाने की वजह से उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया था, कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो की निधन की खबर मिलते ही झारखंड समेत पूरे देश भर के ईसाई धर्मावलंबियों में शोक की लहर दौड़ गई. वे 84 वर्ष के थे. 

  झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन,पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी , पूर्व मंत्री बंधु तिर्की समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के विधायक, सांसद एवं अन्य नेताओं वं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो के निधन पर शोक प्रकट किया.

  बताते चलें कि कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो का जन्म झारखंड के गुमला जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के झाड़गांव में 15 अक्टूबर 1939 में हुआ था. उनके पिता का नाम यह एंब्रोस टोप्पो और मां का नाम सोफिया खलखो था.कर्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो कुल 10 भाई बहन थे, जिसमें वे आठवें नंबर पर थे, स्विट्जरलैंड के बसेल में 8 मई 1969 को बिशप फ्रांसिस्कुस ने एक पुरोहित के रूप में तेलेस्फोर पी टोप्पो का अभिषेक किया. युवा पुरोहित के रूप में तेलेस्फोर पी टोप्पो भारत लौटे. यहां रांची से सटे तोरपा में संत जोसेफ स्कूल में पढ़ाने लगे. उन्हें स्कूल का कार्यवाहक प्राचार्य भी बना दिया गया.

   तेलेस्फोर पी टोप्पो ने 1976 में लीवंस बुलाहट केंद्र तोरपा की स्थापना की. वह इसके पहले रिसर्चर एंड डायरेक्टर बने. 8 जून वर्ष 1978 में संत पॉल छठवें ने कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो को दुमका में बिशप के रूप में नियुक्ति किया था.बिशप बनने के बाद उन्होंने ‘प्रभु का मार्ग तैयार करो’ को अपना आदर्श वाक्य चुना. 21 अक्टूबर 2003 को संत जॉन पॉल द्वितीय उन्हें कार्डिनल नियुक्त किया,तो उन्होंने रांची में एक महागिरजाघर की स्थापना का सपना देखा. बाद में उस सपने को पूरा भी किया. इसके अगले ही वर्ष यानी जनवरी 2004 में 2 साल के लिए उन्हें कैथोलिक बिशप कांफ्रेंस ऑफ इंडिया ( सीसीबीआई) का अध्यक्ष चुना गया था.

   वर्ष 2005 और 2013 के पॉप चुनाव में उन्होंने भाग लिया था.कैथोलिक कलीसिया के सबसे बड़े पद पर पहुंचने वाले वह एशिया के पहले आदिवासी बिशप थे.

   कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो का पार्थिव शरीर राजधानी रांची से 25 किलोमीटर दूर स्थित मांडर लिवेंस अस्पताल में रखा गया है. उनके अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए ईसाई समुदाय के लोगों के अलावा सिस्टर्स और फादर्स का भी तांता लगा रहा. मांडर के पल्ली पुरोहित फादर प्रसन्न तिर्की, फादर जॉन शैलेन्द्र टोप्पो, फादर नीलम तिडू, फादर एडविन, फादर एंटोनी ब्रूनो भी कार्डिनल को अंतिम विदाई देने पहुंचे. कॉन्स्टेंट लिवेन्स अस्पताल के निदेशक फादर जॉर्ज ने कार्डिनल की अंतिम यात्रा की व्यवस्था का ख्याल रखा है. बाद में कार्डिनल के पार्थिव शरीर को आईसीयू से अस्पताल के ऑडिटोरियम में शिफ्ट कर दिया गया. फादर जॉर्ज ने बताया कि बुधवार को रात भर कार्डिनल का पार्थिव शरीर लोगों के दर्शनार्थ ऑडिटोरियम में ही रहेगा. उसके बाद गुरुवार को विशेष प्रार्थना सभा के बाद उनके पार्थिव शरीर को रांची ले जाया जाएगा. अंतिम संस्कार मास शनिवार, 07 अक्टूबर, 2023 को दोपहर 2ः00 बजे सेंट मैरी कैथेड्रल रांची में मनाया जाएगा, जिसके बाद कार्डिनल तेलेस्फोर पी. टोप्पो के पार्थिव शरीर को कैथेड्रल में दफनाया जाएगा.


आलोक कुमार


फादर का इतना दोष है कि पुलिस स्टेशन (नैनी, प्रयागराज) पैरवी करने गए थे

 फादर सेबेस्टियन फ्रांसिस बाबू हिरासत में


फादर का इतना दोष है कि पुलिस स्टेशन (नैनी, प्रयागराज) पैरवी करने गए थे

गैरकानूनी धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 फादर बाबू के साथ अन्य पर लागू कर दिया गया

इसे खाकी वर्दी का कहर ही कहा जा सकता है

प्रयागराज. रविवार (1 अक्टूबर 2023) को फादर सेबेस्टियन फ्रांसिस बाबू को स्थानीय पुलिस स्टेशन (नैनी, प्रयागराज) में हिरासत में लिया गया था जब वह डायोसेसन डेवलपमेंट एंड वेलफेयर सोसाइटी (डीडीडब्ल्यूएस) के  नामक एक कर्मचारी के बारे में पूछताछ करने गए थे, जिसे पुलिस ने उनके घर से ले जाया था.

 दरअसल, विश्व हिंदू परिषद के सदस्य विभव नाथ नामक व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस एक निजी घर में प्रार्थना करने वाले पादरी की तलाश कर रही थी.पुलिस सुसाईराज (पादरी) की तलाश में पीटर पॉल के आवास पर गई (पीटर पॉल और सुसाई राज भाई हैं लेकिन अलग-अलग रहते हैं), जब वे नहीं मिले तो वे पीटर पॉल के भाई जौन (पीटर पॉल के सबसे बड़े भाई) को पुलिस स्टेशन ले गए.  ) उसे पुलिस से बचाने और यह समझने के लिए आया था कि उसे क्यों गिरफ्तार किया गया था, (वह एक अलग घर पर रहता है) उसे भी हिरासत में लिया गया था और माइकल सिल्वेस्टर जो पीटर पॉल के दामाद हैं, उन्हें भी पुलिस के साथ मुद्दों को समझने पर गिरफ्तार कर लिया गया था. पीटर पॉल की पत्नी सैंड्रा का नाम भी एफआईआर में दर्ज किया गया था क्योंकि वह अपने पति को बचाने के लिए पुलिस स्टेशन गई थी लेकिन जब शिकायतकर्ता के साथ तीखी बहस चल रही थी तो वह बाहर आ गई.

  तभी पीटर पॉल की पत्नी ने फादर फ्रांसिस

बाबू को फोन किया. मदद के लिए फादर सेबेस्टियन फ्रांसिस बाबू दोपहर करीब 12.30 बजे  पुलिस स्टेशन गया (स्कूल गेट पर लगे सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक). फादर सेबेस्टियन

फ्रांसिस बाबू भी हिरासत में लिया गया और शाम करीब चार बजे पांचों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी. फादर  थाने में रहने के दौरान बाबू किसी से संपर्क नहीं कर सका क्योंकि उसका फोन जब्त कर लिया गया था.यह हमारे लिए बहुत चिंता का विषय है क्योंकि उन पर धारा 295ए, 147, 307, 504, 506 आईपीसी और 3, 5(1) यूपी के तहत मामला दर्ज किया गया है. गैरकानूनी धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021. आज मजिस्ट्रेट कोर्ट मैं जमानत खारिज हो गई है. इसे कल सेशन कोर्ट में ले जाया जाएगा. हमें आशा है कि फादर बाबू और अन्य को जल्द से जल्द जमानत दी जाएगी."प्रभु तुम्हारे लिए लड़ेंगे; और तुम्हें केवल शांत रहना है" निर्गमन.14:14.

इस धारा को समझे जो लगाया है एफआईआर में

धारा 295 ए 

धारा 295ए भारतीय दण्ड संहिता की एक धारा है जिसमे जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्यों के लिए दंड का प्रावधान करती है, जिसका उद्देश्य किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना है.यह भारत में नफरत फैलाने वाले भाषण कानूनों में से एक है.

धारा 147 

भारतीय दंड संहिता की धारा 147 के अनुसार, जो कोई भी उपद्रव करने का दोषी होगा, तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास जिसे दो वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या आर्थिक दंड, या दोनों से दंडित किया जाएगा. यह एक जमानती, संज्ञेय अपराध है और किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है.यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है.

धारा 307 

धारा 307, "हत्या की कोशिश" के रूप में जानी जाती है और इसे गंभीर तथा संज्ञेय अपराध माना जाता है. इस धारा के तहत, यदि कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति की मृत्यु (हत्या) की कोशिश करता है, तो उसे धारा 307 के तहत दंडित किया जा सकता है. इसमें शारीरिक हमले के द्वारा किसी की जान को खतरा महसूस करने की आवश्यकता होती है.

धारा 504 क्यों लगाई जाती है?

"मात्र दुर्व्यवहार, असभ्यता, अशिष्टता या बदतमीजी, आईपीसी की धारा 504 के अर्थ में जानबूझकर अपमान का अपराध नहीं हो सकता है, यदि इसमें अपमानित व्यक्ति को शांति भंग करने के लिए उकसाने की संभावना का आवश्यक तत्व नहीं है और अभियुक्त का अन्य तत्व अपमानित व्यक्ति को शांति भंग करने के लिए उकसाने का इरादा रखता है या यह जानते हुए.

 “धारा 506- 

आपराधिक धमकी के लिए सजा - जो

कोई भी आपराधिक धमकी का अपराध करेगा, उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास की सजा दी जाएगी.जिसे दो साल तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा; यदि धमकी मृत्यु या गंभीर चोट आदि कारित करने के लिए हो - और यदि धमकी मृत्यु या गंभीर चोट पहुंचाने के लिए हो, या आग से ...

धारा 3,5(1)

(1) - जो कोई धारा 3, धारा 5 या धारा 5 के के उपबंधों का उल्लंघन करता है या उल्लंघन करने का प्रयास करता है या उल्लंघन करने के लिए दुष्प्रेरित करता है वह ऐसी अवधि के कठोर कारावास, जो अन्यून तीन वर्ष होगी और जो दस वर्ष तक हो सकती है, से, और ऐसे जुर्माना, जो अन्यून तीन लाख रुपये होगा और जो पाँच लाख रुपये तक हो सकता है..


आलोक कुमार 

प्रभु का मार्ग तैयार करो को आदर्श वाक्य चुना था कार्डिनल तेलेस्फोर टोप्पो

एशिया के प्रथम आदिवासी कार्डिनल तेलेस्फोर प्लासीडस टोप्पो का निधन


कार्डिनल तेलेस्फोर प्लासीडसटोप्पो (84) रांची, झारखंड के एमेरिटस आर्चबिशप का बुधवार 4 अक्टूबर 2023 को अपराह्न 3.45 बजे कॉन्स्टेंट लिवेन्स अस्पताल, मांडर, रांची में निधन हो गया. उम्र बढ़ने से संबंधित बीमारियों के कारण वह पिछले कुछ महीनों से इसी अस्पताल में बिस्तर पर थे. अंत्येष्टि विवरण की प्रतीक्षा है.वह दुमका के बिशप (1978-1984) और रांची के आर्च बिशप (1985-2018) थे. वह दो कार्यकाल (2001-2004 और 2011-2013) सीसीबीआई के अध्यक्ष रहे. वह सीबीसीआई (2004-2008) के अध्यक्ष भी थे.

रांची. गुमला के चैनपुर के सुदूरवर्ती झाड़गांव गुमला में हुआ था एशिया के प्रथम आदिवासी कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो का जन्म.उनका जन्म 15 अक्टूबर 1939 को हुआ था.वे पहले आदिवासी थे जो पुरोहित बने, बिशप बने,आर्च बिशप बने और कार्डिनल बने.आज यह इतिहास बन गया.उनका बुधवार को मांडर स्थित लिवंस हॉस्पिटल में निधन हो गया.वे 84 वर्ष के थे.

रांची महाधर्मप्रांत के बिशप तेलेस्फोर पी टोप्पो का बुधवार को मांडर स्थित लिवंस हॉस्पिटल में निधन हो गया. कार्डिनल का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि कार्डिनल की हृदय गति कम होने लगी थी. और लगभग शून्य तक पहुंच गई थी. आज इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. उनके निधन से मसीही समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है.

वह काफी समय से बीमार थे, 4 अक्टूबर, 2023 को दोपहर 3: 45 बजे मांडर स्थित लिवंस हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली. वह 84 वर्ष के थे.रांची महाधर्मप्रांत के सहायक बिशप थेओदोर मैस्करेनहास ने कहा कि छोटानागपुर चर्च के विकास में उनके अपार योगदान के लिए रांची आर्चडायसिस, धार्मिक और मंडली हमेशा उनका आभारी रहेगा. उन्होंने बिशप की देखभाल करने वाले अस्पताल के कर्मचारियों को भी धन्यवाद दिया है.

21 अक्टूबर 2003 को संत पिता के धर्माध्यक्ष तेलेस्फोर पी. टोप्पो को कॉलेज ऑफ कार्डिनल में शामिल किया गया. कैथोलिक कलिसिया के ऐसे सम्मानीय पद से नवाजे जाने वाले वे प्रथम एवं पूरी एशिया के पहले आदिवासी बिशप थे. जनवरी 2004 में दो साल के लिए कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (सीसीबीआई) के अध्यक्ष चुने गए.

कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो का जन्म 15 अक्टूबर 1939 में गुमला के चैनपुर के सुदूरवर्ती झाड़गांव गुमला में हुआ था. उनके पिता एंब्रोस टोप्पो व माता सोफिया खलखो थी. वह 10 भाई-बहन थे. कार्डिनल पी टोप्पो भाई-बहनों में आठवें नंबर पर थे.

बेल्जियम के पुरोहित के जीवन से प्रेरित होकर उन्होंने संत अल्बर्ट सेमिनरी में दाखिला लिया. संत जेवियर कॉलेज रांची से अंग्रेजी में स्नातक की डिग्री हासिल की. रांची यूनिवर्सिटी से इतिहास में एमए की पढ़ाई पूरी की. दर्शनशास्त्र की पढ़ाई संत अल्बर्ट कॉलेज रांची में जारी रखा. दर्शनशास्त्र की पढ़ाई करने के लिए उन्हें पोनटिफिकल अर्बन यूनिवर्सिटी रोम भेजा गया.

8 मई 1969 को बिशप फ्रांसिसकुस के द्वारा स्विट्जरलैंड  के बसेल में एक पुरोहित अभिषेक किये गए. वे एक युवा पुऱोहित के रूप में भारत वापस लौटे और संत जोसेफ स्कूल तोरपा में पढ़ाने के लिए नियुक्त हुये. इसके साथ ही विद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य बने.

सन 1976 में लीवनंस बुलाहट केंद्र तोरपा की स्थापना की और वे पहले अन्वेषक एवं निर्देशक बने. इसके बाद महाधर्माध्यक्ष पीयुष केरकेट्टा एसजे आर्चबिशप हाउस रांची के सेक्रेटरी बनाये गये.


8 जून 1978 को कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो को दुमका के बिशप के रूप में नियुक्त किया गया और उन्होंने प्रभु का मार्ग तैयार करो को आदर्श वाक्य चुना.

आलोक कुमार

विधानमंडल के 9 दलों की बैठक हुई

 मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जाति आधारित गणना की रिपोर्ट पर चर्चा के लिये विधानमंडल के 9 दलों की हुई बैठक

पटना.मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में मंगलवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद‘ में जाति आधारित गणना की रिपोर्ट पर चर्चा के लिये विधानमंडल के 9 दलों की बैठक हुई.

में सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव डॉ० बी० राजेन्दर ने बिहार जाति आधारित गणना 2022 की रिपोर्ट का प्रस्तुतीकरण दिया. इस दौरान उन्होंने सभी बिंदुओं पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी. उन्होंने जाति आधारित गणना के लिए कर्मी का पदसोपान, जाति आधारित गणना के चरण, हिन्दू, मुस्लिम, सिख, इसाई, बौद्ध, जैन आदि अन्य धर्म के लोगों की विवरणी, पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, अनूसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अनारक्षित की कोटिवार संक्षिप्त विवरणी जाति आधारित गणना प्रपत्र उल्लेखित शैक्षणिक योग्यता, आवसीय स्थिति, धर्म, अस्थायी प्रवासीय स्थिति, वैवाहिक स्थिति, आयु, लिंग, जाति का नाम एवं कोड, परिवार के सदस्यों के नाम, परिवार के प्रधान के साथ संबंध, कृषि भूमि, मोटर यान, आवासीय भूमि, कार्यकलाप, पति / पिता का नाम, सभी स्त्रोतों से मासिक आय सहित कुल 17 प्रश्नों की विवरणी के संबंध में विस्तृत जानकारी दी.

    बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री तेजस्वी प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री सह नेता हम विधायक दल श्री जीतन राम मांझी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री विजय कुमार सिन्हा, बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष श्री हरी साहनी, कांग्रेस विधायक दल के नेता श्री शकील अहमद खान, ऊर्जा मंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, वित, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, ए०आई०एम०आई०एम० के विधायक दल के नेता श्री अख्तरुल ईमान, भाकपा माले के विधायक दल के नेता महबूब आलम, सी०पी०आई० विधायक श्री सूर्यकांत पासवान, सी0पी0आई0 (एम०) विधायक श्री अजय कुमार समेत 9 दलों के नेता मौजूद रहे.

   बैठक में सभी दलों के नेताओं ने कराये गये जाति आधारित गणना कराये की रिपोर्ट पर अपनी-अपनी राय एवं सुझाव दिये. सभी दलों के नेताओं ने जाति आधारित गणना कराये जाने को लेकर मुख्यमंत्री की सराहना की. बैठक के पश्चात् सभी दलों के नेताओं ने मीडिया के सामने तस्वीर खिंचवाई और जाति आधारित गणना को लेकर खुशी व्यक्त की.

    बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 से हम जाति आधारित गणना करने के लिये प्रयासरत थे. हम चाहते थे कि 2021 की जनगणना जो हर दस वर्ष में होती जातीय आधार पर हो. 18 फरवरी 2019 को बिहार विधानसभा एवं बिहार विधान परिषद द्वारा जनगणना जातीय आधार पर कराने के लिए केन्द्र से सिफारिश करने की संकल्प को सर्वसम्मति से पारित किया गया. 27 फरवरी 2020 को बिहार विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से केन्द्र सरकार से जनगणना 2021 जातीय आधार पर कराने के अनुरोध का प्रस्ताव पारित किया गया. 23 अगस्त 2021 को सभी दलों के प्रतिनिधियों के साथ हमने प्रधानमंत्री से मिलकर जाति आधारित गणना कराने का अनुरोध किया था. केन्द्र सरकार द्वारा इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गयी. फिर हमने निर्णय लिया कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से जाति आधारित गणना करावेगी.

  गत 1 जून 2022 को विधानमंडल के सभी 9 दलों की बैठक बुलायी गयी जिसमें सभी दलों के नेताओं ने जाति आधारित गणना पर अपनी सहमति दी. 2 जून 2021 को मंत्रिपरिषद द्वारा इसे पारित किया गया.जाति आधारित गणना दो चरणों में कराया गया. प्रथम चरण 7 जनवरी से 21 जनवरी 2023 के दौरान सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया. इसके पश्चात द्वितीय चरण का पूरा सर्वे 15 अप्रैल 2023 से 15 मई 2023 तक पूर्ण करना था लेकिन कई प्रकार की समस्याएं आईं. अंततः सर्वेक्षण का कार्य 5 अगस्त 2023 को पूर्ण कर लिया गया. उसके बाद संपूर्ण आंकड़े संग्रहित किये गये. जाति आधारित गणना का काम पूर्ण होने के बाद बापू के जन्मदिन के शुभ अवसर 2 अक्टूबर को आंकड़ों को जारी किया गया.

     मुख्यमंत्री ने कहा कि जाति आधारित गणना के पीछे मेरी धारणा बहुत पहले से रही है। वर्ष 1990 में पूर्व राष्ट्रपति महामहिम ज्ञानी जैल सिंह जी ने मुझे जातीय आधारित जनगणना की आवश्यकता को समझाया था. मैं श्रद्धेय मधु लिमये जी और तत्कालीन वित्त मंत्री मधु दंडवते जी से मिला था. उसके उपरांत मैं तत्कालीन प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह जी से मिला था और इस पर चर्चा की थी परंतु उस समय जनगणना पहले ही शुरू हो चुकी थी. इस कारण उसमें कोई बदलाव नहीं हो सका.

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जाति आधारित गणना की रिपोर्ट में सभी वर्गों की डिटेल जानकारी दी गयी है. पूरे तौर पर ठीक ढ़ंग से सर्वे किया गया है. हर जाति की जानकारी दी गयी है. हर परिवार की आर्थिक, शैक्षणिक स्थिति की जानकारी ली गयी है. अब जाति आधारित गणना की रिपोर्ट आने के बाद सभी दलों की राय से हम लोग राज्य के हित में इस पर काम करेंगे. राज्य के सभी लोगों के उत्थान के लिये इस पर आगे विचार विमर्श कार्य किया जायेगा. हमलोगों का मकसद है लोगों को आगे बढ़ाने का, जो पीछे है, उपेक्षित है, उसकी उपेक्षा न हो.सब आगे बढ़ें. इन सब चीजों को ही ध्यान में रखकर काम किया जायेगा. हमलोगों का मकसद है सभी का विकास करना, उन्हें आगे बढ़ाना है. राज्य के हित में सबकी सहमति से कार्य करेंगे.

    बैठक में कृषि मंत्री श्री कुमार सर्वजीत, विधान पार्षद श्री संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, विकास आयुक्त श्री विवेक कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मो. सुहैल, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं वरीय अधिकारी उपस्थित थे.


आलोक कुमार

मंगलवार, 3 अक्टूबर 2023

जंक्शन चेम्बर तथा नाली आउटलेट का निर्माण पूरा करने का निर्देश


नालंदा।आज उप विकास आयुक्त श्री वैभव श्रीवास्तव द्वारा लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान द्वितीय चरण के अन्तर्गत लक्षित ग्राम पंचायतों‌ में लक्ष्य के अनुसार सामुदायिक सोख्ता गड्ढा, जंक्शन चेम्बर तथा नाली आउटलेट का निर्माण पूरा करने का निर्देश दिया गया।

   उपरोक्त परिसम्पतियों का मानक अनुसार निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत व्यय की गई राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई के निर्माण स्थल का अंचल कार्यालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई के निर्माण में प्रगति लाने का निर्देश दिया गया।

      स्वच्छता शुल्क संग्रहण के लिए ग्राम पंचायतों  में   जागरूकता कार्यक्रम संचालन का निर्देश दिया गया। संग्रहित राशि को ग्राम पंचायत के ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन वाले बैंक में जमा कराने का निर्देश दिया गया। बैंक में जमा किया गया स्वच्छता शुल्क के पावती को  ग्राम पंचायत के लेखा पंजी में संधारित करने का निर्देश दिया गया। संग्रहित राशि का अंकेक्षण पंचायत के लेखपाल से कराने का निर्देश दिया गया।

   इस बैठक में सहायक परियोजना पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, जिला समन्वयक, जिला सलाहकार  प्रखण्ड समन्वयक उपस्थित रहे।


आलोक कुमार
 

सोमवार, 2 अक्टूबर 2023

सिस्टर लॉरिन सी का निधन

पटना.पटना सिटी में चर्च ऑफ़ दी विसिटेशन ऑफ़ ब्लेस्सेड विर्जिन मेरी है.इसे कैथोलिक चर्च,पादरी-की-हवेली भी कहा जाता है.पटना सिटी पल्ली में होली क्रॉस कॉन्वेंट,त्रिपोलिया है.इसके द्वारा त्रिपोलिया सोशल सर्विस हॉस्पिटल संचालित है.इसका होली क्रॉस कॉन्वेंट, आशा सदन, बालूपर पर भी है.इसी का होली क्रॉस (एससीएससी) (प्रोविंशिलेट),फेयरफील्ड कॉलोनी,दीघा में भी है.

 गत पांच दिनों में होली क्रॉस कॉन्वेंट की तीन सिस्टरों का निधन हो गया है.28 सितंबर को फेयरफील्ड कॉलोनी में होली क्रॉस कॉन्वेंट के प्रोविंशियल हाउस में रहने वाली सिस्टर शोभा अट्टुपुरम का रूबन मेमोरियल हॉस्पिटल में निधन हो गया.वे 69 साल की थी.केरल की रहने वाली थी.29 सितंबर को सिस्टर अलोसिया एडयाडिल का निधन हो गया. आशा सदन, बालूपर, पटना अंतिम सांस ली.वह 90 साल की थीं.ये भी केरल की रहने वाली थी.आज 2 अक्टूबर को होली क्रॉस कॉन्वेंट, आशा सदन, बालूपर में रहने वाली सिस्टर लॉरिन सी का निधन हो गया.रूबन मेमोरियल हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली.वे 65 साल की थी.

 नॉर्थ-ईस्ट प्रांत की प्रांतीय सुपीरियर सिस्टर पुष्पिता चथमलिल ने कहा कि अंतिम संस्कार का मिस्सा बुधवार, 04 अक्टूबर 2023 को अपराह्न 03ः00 बजे होली क्रॉस कॉन्वेंट, आशा सदन, बालूपर में आयोजित किया जाएगा. उनके पार्थिव शरीर को होली क्रॉस सिस्टर्स कब्रिस्तान, क्वीन ऑफ द एपोस्टल्स चर्च, कुर्जी, पटना में किया जाएगा. तमिलनाडु की रहने वाली थी. उनका 19 नवंबर 1958 को अज़चिकल, तमिलनाडु में जन्म हुआ था. धार्मिक संस्था में 38 साल सेवा की है.


आलोक कुमार 

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