रविवार, 9 मार्च 2025

’सामाजिक और बौद्धिक संगठनों के साथ बिहार कांग्रेस प्रभारी ने की अहम बैठक’

 ’सामाजिक और बौद्धिक संगठनों के साथ बिहार कांग्रेस प्रभारी ने की अहम बैठक’


पटना.बिहार कांग्रेस ने अपने सामाजिक पटल के विस्तार और सांगठनिक मजबूती के लिए आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में राज्य के विभिन्न सामाजिक और बौद्धिक संगठनों के  प्रभारी कृष्णा अल्लवारू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह के साथ अहम बैठक आहूत की गई.

    बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लवारू ने अपने संबोधन में कहा कि सिविल सोसायटी के लोगों से कांग्रेस को बहुत सारी अपेक्षाएं हैं और हम उनकी अपेक्षाओं में खरे उतरने की कोशिश करेंगे.आज देश में जो अराजक माहौल बना है उसे सुधारने में सिविल सोसायटी के लोग अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सिविल सोसायटी के सदस्य हमारे पार्टी के मेनिफेस्टो निर्माण करने और डोर टू डोर अभियान में सहयोगी के तौर पर मदद करें. साथ ही वोटर लिस्ट पंजीकरण अभियान और

बूथ कमिटी निर्माण में सहयोग करें.सामाजिक संगठनों के साथ कांग्रेस मजबूती से खड़ी रहेगी.

    सिविल सोसायटी के विभिन्न लोगों ने अपनी बातों को प्रभारी कृष्णा अल्लवारू और प्रदेश अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह के समक्ष रखी जिनको उन्होंने ध्यान से सुना और उन पर काम करने की पहल भी की. बैठक में बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि वर्तमान दौर में कांग्रेस को सामाजिक तौर पर मजबूत करने में स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और सिविल सोसायटी के बौद्धिक वर्गों की बेहद जरूरत है.उन्होंने कहा कि आज बिहार राज्य कोल्ड स्टोरेज की कमी, किसानों की आमदनी में कमी, बिहार की प्रति व्यक्ति आय के निम्न होने और पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने की बात लगातार कहने वाली भाजपा नेतृत्व वाली नरेंद्र मोदी सरकार ने बंटाधार कर रखा है.कांग्रेस की ओर से सदन में भी कांग्रेस के सदस्यों ने इस समस्या को उठाया.नीति आयोग की सरकारी रिपोर्ट में भी बिहार के बदहाल स्थिति को बताया गया.राज्य में उद्योग धंधे बंद पड़े हैं. इसको शुरू करने के लिए राज्य और केंद्र की सरकार ने कुछ कदम नहीं उठाए। बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आकर बोली लगाकर चले जाते हैं लेकिन समस्याएं मुंह बाएं खड़ी रहती है.

  कार्यक्रम का संयोजन रिसर्च विभाग के चेयरमैन और प्रवक्ता आनंद माधव ने किया.बैठक का संचालन रिसर्च विभाग की डॉ मधुबाला ने किया. सामाजिक संगठनों और बौद्धिक वर्ग के साथ बैठक में बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लवारू, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह, प्रभारी सचिव द्वय सुशील कुमार पासी और शाहनवाज आलम, एआईसीसी संचार विभाग के संयोजक अमिताभ दुबे, रिसर्च विभाग के चेयरमैन और प्रवक्ता आनंद माधव, कोषाध्यक्ष निर्मल वर्मा, मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, प्रवक्ता डॉ स्नेहाशीष वर्धन पाण्डेय, डॉ मधुबाला, डॉ शशि सिंह, कुमार गौरव सहित सिविल सोसायटी के अनिल राय, अक्षय कुमार, चंद्र भूषण, लिमा जॉर्ज, नवेंदु जी, रामाशीष रॉय, राजीव कुमार, सिस्टर डोरोथी फर्नांडीज, सुरेश कुमार, स्वप्न मजूमदार, प्रदीप प्रियदर्शी, तारकेश्वर सिंह, महेंद्र यादव, डॉ राधे श्याम, मधुर कुमार, अशोक प्रियदर्शी, धनंजय कुमार, विजय कांत सिंहा, रूपेश जी, अरशद अजमल, राकेश रॉय, प्रमोद शर्मा सहित अन्य प्रमुख लोग मौजूद रहें.


आलोक कुमार

शनिवार, 8 मार्च 2025

किसानों को मुआवजा देकर भूमि अधिग्रहण किया

पटना. पटना महानगर जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष शशि रंजन ने कहा कि बिहार सरकार के गलत नीति निर्धारण को अदालत के आदेश के माध्यम से उजागर कर रहा हूँ.  राकेश गुप्ता बनाम बिहार सरकार सीडब्ल्यूजेसी 2524 2018 पटना उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में एडवोकेट जनरल 12268 दिनांक 27 जुलाई 2022 के आलोक में बिहार सरकार के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने दिनांक 16 अगस्त 2022 के आदेश में राज्य के असर्वेक्षित / टोपो लैंड भूमि को अपने आदेश को रद्द कर दिए परन्तु पटना जिला प्रशासन पटना जिले के किसान/ रैयत की भूमि जबरदस्ती  कब्जा कर रहें हैं.

      सन् 1947 में एडिशनल सब जज पटना टाइटल सूट 27/ 1 व 29 / 3 व 41/47 बाबू विलास सिंह व अन्य बनाम प्रोभिनेन्स बिहार एवं अन्य में प्रतिवादीगण का टाइटल बरकरार हुआ. सन् 1958 में पटना उच्च न्यायालय ने किसानों / रैयत के पक्ष में फैसला दिए जिसमें पटना कलेक्टर रेस्पोंडेंट  नंबर 1 के साथ 227 किसान / रैयत रेस्पोंडेंट हैं. इस फैसला में पटना जिला के हजारों-हजार एकड़ असर्वेक्षित भूमि है. इसी प्रकार सन् 1940 से 1970 ई. के दरम्यान सदाकत आश्रम के सामने स्थित एल सी टी घाट के रैयत/  किसान के जमीन को गंगा नदी पर जहाज चलाने के लिए
किसानों को मुआवजा देकर भूमि अधिग्रहण किया था जिसे आज पटना जिला प्रशासन बलपूर्वक कब्जा करने के लिए प्रयासरत है.

इसी प्रकार प्रताड़ित रैयत /किसान / जमीन मालिक गोलघर (पटना) से दानापुर (पटना) के लाखों निवासी जो पीढ़ी दर पीढ़ी 1975 बाढ़ के बाद बने प्रोटेक्शन बांध के उत्तर निवास कर रहे हैं उन्हें नेशनल ग्रीन ट्रेबुनल का हवाला देकर स्थानीय निवासी से जमीन छीनने का प्रयास कर रही है.

     ज्ञातव्य है की दीघा थाना नं 01 राजीव नगर के 1024.52 एकड़ भूभि के किसान को बिना कोई मुआवजा दिए 21 एकड़ भूमि पर अधिग्रहण कर सरकारी भवन के निर्माण के 10 वर्ष  उपरान्त आज तक अधिग्रहित भूमि का मुआवजा नहीं दिए गए. यह पिछले बीस साल का जदयू-भाजपा सरकार का देश के सामने सरकारी काम में बाधा कानून के दुरुपयोग का सरलतम उदाहरण है जिसे कांग्रेस पार्टी को मजबूती के साथ उठाना चाहिए. पिछले 35 सालों में भाजपा ने इस मुद्दे पर राजनीति कर पटना के सांसद और विधायक बनते आ रहे हैं. 2005 एवं 2010 चुनाव में नीतीश कुमार ने इन इलाकों में कई कार्यक्रम पर इस मामले पर वोट हासिल किए. जब भी भाजपा विपक्ष में रहते हैं तो इन मुद्दों पर जोरदार विरोध प्रदर्शन आयोजित करता है. 15 फरवरी, 2025 को पटना उच्च न्यायालय द्वारा दीघा के किसानों एवं रैयतों के आग्रह पर बिहार सरकार के खिलाफ स्टेटस को लगाया गया लेकिन पटना जिला प्रशासन जबरन बिना अधिग्रहित भूमि का मुआवजा का प्रक्रिया किये बिना किसानों के भूमि कब्जा करने का काम कर रही है.


आलोक कुमार

दिल्ली में फादर अरुल जोसेफ का निधन

 झांसी.आगरा महाधर्मप्रांत में झांसी धर्मप्रांत पड़ता है. झांसी के बिशप विल्फ्रेड ग्रेगरी मोरास है.बिशप ने कहा है कि गहरी दुख की भावना के साथ, मैं आपको सूचित कर रहा हूं कि आज शाम, 08 मार्च, 2025 को 4.20 बजे होली फैमिली अस्पताल, दिल्ली में फादर अरुल जोसेफ (आयु 51) का निधन हो गया.

बिशप ने कहा कि फादर अरुल जोसेफ को शनिवार, 1 मार्च, 2025 को होली फैमिली अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी एंजियोप्लास्टी की गई थी, और दो स्टेंट लगाए गए थे.स्टेंट एक छोटी धातु की नली होती है, जिसे धमनी के अंदर लगाया जाता है. यह धमनी को खुला रखता है और रक्त के प्रवाह को बेहतर बनाता है. स्टेंट लगाने की प्रक्रिया को एंजियोप्लास्टी कहते है.शुरुआत में, इसमें सुधार के संकेत दिखाई दिए और उन्हें एक निजी कमरे में स्थानांतरित कर दिया गया.

4 मार्च, 2025 को उनकी हालत गंभीर हो गई, और उन्हें आईसीयू में ले जाया गया. चिकित्सा हस्तक्षेप और जीवन रक्षक प्रणाली के बावजूद, उन्हें आज उनके शाश्वत घर में बुलाया गया.

हम झांसी और ग्वालियर में चर्च के लिए उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट मिशनरी योगदान को कृतज्ञतापूर्वक याद करते हैं.अब हम उन्हें हमारे स्वर्गीय पिता के दयालु हाथों में सौंपते हैं, प्रार्थना करते हैं कि वे शाश्वत विश्राम की पूर्णता में प्रवेश करें.फादर अरुल की दिवंगत आत्मा पर सदैव प्रकाश रहे। ईश्वर उन्हें शांति प्रदान करे.अंतिम संस्कार की जानकारी जल्द ही साझा की जाएगी.

डेविड जॉर्ज ने कहा कि फादर अरुल जोसेफ 2005-2006 में विकासपुरी पल्ली के सहायक पैरिश प्रीस्ट के रूप में सेवा की थी.


आलोक कुमार

शुक्रवार, 7 मार्च 2025

हर दिन मिलने वाले लोगों का हर्षपूर्वक अभिवादन करना

 

पटना. ईसाई समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले समय-समय चालीसा काल (लेंट) में लचीलापन घोषित करते रहते हैं. अब नया फरमान जारी किया गया है कि आप मांस के उपवास के बजाय 15 सरल दया के कार्य करें.यह संत पिता फ्रांसिस ने यह सुझाव दिया है.देखिए, यह कितनी सुंदर बात है.

1. हमेशा और हर जगह ‘नमस्ते‘ या ‘हैलो‘कहना।

2. 'धन्यवाद ;कहना, भले ही इसकी कोई आवश्यकता न हो।

3. दूसरों को याद दिलाना कि आप उनसे प्रेम करते हैं।

4. हर दिन मिलने वाले लोगों का हर्षपूर्वक अभिवादन करना।

5. बिना किसी पूर्वाग्रह के प्रेमपूर्वक दूसरों की कहानी सुनना।

6. रुक कर किसी की सहायता करना और जरूरतमंदों के प्रति सचेत रहना।

7. किसी के मनोबल को ऊँचा उठाना।

8. दूसरों की योग्यताओं या सफलता का उत्सव मनाना।

9. जो चीजें आप उपयोग नहीं करते, उन्हें जरूरतमंदों को देना।

10. जब जरूरत हो, तब किसी की मदद करना ताकि वे आराम कर सकें।

11. प्रेमपूर्वक सुधार करना, डर के कारण चुप न रहना।

12. अपने करीबियों के लिए अच्छे कार्य करना।

13. घर में जो चीजें उपयोग करते हैं, उन्हें साफ करना।

14. दूसरों को उनकी कठिनाइयां दूर करने में सहायता करना।

15. यदि माता-पिता जीवित हैं, तो उन्हें कॉल करना।

इन चीजों का उपवास करें और अपने जीवन को भरेंगे

 कठोर शब्दों से उपवास करें और दयालु शब्द बोलें।

 असंतोष से उपवास करें और कृतज्ञता से भरें।

 क्रोध से उपवास करें और धैर्य व विनम्रता को अपनाएँ।

 निराशा से उपवास करें और आशा व सकारात्मकता को अपनाएँ।

 चिंताओं से उपवास करें और परमेश्वर पर भरोसा करें।

 शिकायतों से उपवास करें और जीवन की सरल चीजों में संतोष पाएं।

 दबाव से उपवास करें और प्रार्थना से जुड़ें।

 दुख और कड़वाहट से उपवास करें और अपने हृदय को आनंद से भरें।

 स्वार्थ से उपवास करें और दूसरों के प्रति करुणा रखें।

 अक्षम्य भाव से उपवास करें और मेल-मिलाप की भावना से भरें।

 अत्यधिक बातों से उपवास करें और मौन में दूसरों की सुनें।


 यदि हम सभी इस उपवास को अपनाएं, तो हमारा दैनिक जीवन आशीषों से भर जाएगा.


 शांति से

 विश्वास से

 आनंद से

  और जीवन से!


आलोक कुमार

माता कलीसिया ने उपवास और परहेज का दिन ठहराया है


पटना.ईसाई समुदाय का दुखभोग राख बुधवार 5 मार्च से शुरू हो गया.उस दिन ईसाई समुदाय निकटवर्ती चर्च गए. चर्च के पुरोहित ने ईसाई धर्मावलंबियों की ललाट पर पवित्र राख से क्रूस का चिन्ह बनाकर कहा कि हे! मानव तुम मिट्टी हो और मिट्टी में मिल जाओंगे.राख बुधवार के दिन ने माता कलीसिया ने उपवास और परहेज का दिन ठहराया है.इसके आलोक में सयाने उपवास और बच्चे परहेज करते हैं.राख बुधवार को सुबह में मिस्सा और पवित्र राख ललाट में लगाने के बाद एक बार फिर शाम को क्रूस रास्ता में भाग लेने चर्च गए. वहां पर ईसा मसीह के दुखों से संबंधित 14 झांकियों से सामने प्रार्थना किए.इसे क्रूस का रास्ता कहा जाता है। इसमें भाग लेकर घर लौटने पर सयानों ने उपवास और बच्चों ने परहेज तोड़ा गया.

 बताते चले कि पश्चिम चंपारण के लोग राख बुधवार के पहले ईसाई समुदाय ने 4 मार्च को गोश्त और भूंजा का पर्व मनाया. बिहार के पश्चिमी चम्पारण के ईसाई समुदाय ने गोश्त और भूंजा का पर्व का लुफ्त उठाया.अब पश्चिमी चम्पारण से निकलकर गोश्त और भूंजा का पर्व का प्रसार देश-प्रदेश-विदेश में हो गया है.इसके साथ ही ईसाई समुदाय 4 मार्च (रम) को छोड़ दिए और ईसा मसीह के दुखभोग के गम में समा गए हैं.दुखभोग की अवधि में प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को दोपहर में क्रूस का रास्ता होता है.

 समाजसेवी एस.के.लॉरेंस ने ईसा मसीह के दुखभोग पर आधारित मुसीबत गाना शुरू कर दिया है.इनके साथ एक टीम है जो प्रत्येक साल कुर्जी पल्ली में मुसीबत गान और प्रार्थना करने का कार्यक्रम करते हैं.


आलोक कुमार

सोमवार, 3 मार्च 2025

नीतीश के सात निश्चय का कतरा भी बजट से गायब

 महंगाई कम करने के बजाय तरकारी बेचने में लग गई नीतीश सरकार - डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह


पटना. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने वित्त मंत्री सम्राट चौधरी द्वारा सोमवार को पेश बिहार के बजट को बेजान, बेअसरदार और उम्मीद के प्रतिकूल करार दिया. उन्होंने कहा कि चुनावी साल के बजट में उम्मीद थी कि इसमें रोजगार की बात होगी, महंगाई को कम करने की कम से कम तात्कालिक कोशिश होगी, युवाओं के लिए रोजगार युक्त प्रशिक्षण की बात होगी, महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेंडर मुहैया कराने की बात होगी, डीजल-पेट्रोल पर वैट घटाकर महंगाई पर नकेल कसने की बात होगी, किसान के लिए एमएसपी की बात होगी लेकिन सब के सब ढाक के तीन पात. चूंकि डबल इंजन की सरकार का यह आखिरी बजट है इसलिए बड़ी उम्मीद थी कि बिहार वासियों को कम से कम मंहगाई और बेरोजगारी की मार से कुछ राहत मिलेगी.लेकिन मंहगाई को कम करने के बजाय सरकार तरकारी आउटलेट के जरिए मुनाफा कमाने की कोशिश में लग गई है.यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके अलावा नीतीश के सात निश्चय का कतरा भी बजट से गायब है. मेरी समझ में एक बात नहीं आती कि करीब 3 लाख 17 हजार करोड़ का बजट पेश किया गया है और 3 लाख 32 हजार करोड़ का ऋण है तो ये पैसे कहाँ से आयेंगे और कैसे चुकाये जाएंगे। हकीकत यह है कि बजट को बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया गया है. यह सब हवाबाजी है और कुछ नहीं है.


आलोक कुमार

रविवार, 2 मार्च 2025

किशोरी रिंकी डेविड का बुलावा प्रभु येसु ख्रीस्त के दरबार में हो गया

 ओ जाने वाले हो सके तो लौट के आना मैं तुम्हारे आंसुओं की बूंदें गिरते हुए देखता हूँ.मैं तुम्हें मेरा नाम पुकारते हुए सुनता हूँ.मैं जानता हूँ कि तुम मुझे नहीं देख सकते,लेकिन मैं तुम्हें वैसे ही थामे रहता हूँ.


ओ जाने वाले हो सके तो लौट के आना मैं तुम्हारे आंसुओं की बूंदें गिरते हुए देखता हूँ.मैं तुम्हें मेरा नाम पुकारते हुए सुनता हूँ.मैं जानता हूँ कि तुम मुझे नहीं देख सकते,लेकिन मैं तुम्हें वैसे ही थामे रहता हूँ.दिल्ली महाधर्मप्रांत की सक्रिय पल्ली विकासपुरी में मातम छा गया है.यहां पर रहने वाली किशोरी रिंकी डेविड का बुलावा प्रभु येसु ख्रीस्त के दरबार में हो गया है.उनके दरबार में जाने के पूर्व परिजनों और पल्ली निवासियों को न चिट्ठी न संदेश देकर चली गई. मां सुचित्रा डेविड और पिता डेविड जौर्ज कहते हैं कि बड़े दु:ख के साथ सूचित कर रहे है कि मेरी बेटी रिंकी को परम पिता परमेश्वर ने अपने चरणों में बुला लिया है. अब उसका अंतिम संस्कार उसके पैत्रिक निवास गाँव खोरिया,पोस्ट जरैला,थाना त्रिवेणीगंज, जिला सुपौल बिहार मे किया जायेगा.दिल्ली महाधर्मप्रांत की सक्रिय पल्ली विकासपुरी में मातम छा गया है.यहां पर रहने वाली किशोरी रिंकी डेविड का बुलावा प्रभु येसु ख्रीस्त के दरबार में हो गया है.उनके दरबार में जाने के पूर्व परिजनों और पल्ली निवासियों को न चिट्ठी न संदेश देकर चली गई. मां सुचित्रा डेविड और पिता डेविड जौर्ज कहते हैं कि बड़े दु:ख के साथ सूचित कर रहे है कि मेरी बेटी रिंकी को परम पिता परमेश्वर ने अपने चरणों में बुला लिया है. अब उसका अंतिम संस्कार उसके पैत्रिक निवास गाँव खोरिया,पोस्ट जरैला,थाना त्रिवेणीगंज, जिला सुपौल बिहार मे किया जायेगा.


आलोक कुमार

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