सोमवार, 12 सितंबर 2022

आरसीपी को लेकर सवाल पूछा था तो नीतीश कुमार भड़क गए


आरा. जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार हैसियत पूछते हैं, तो वो ये जान लें कि उनकी हैसियत, मेरी हैसियत और देश के एक-एक नागरिक की हैसियत बराबर है. संविधान ने हम सबको बराबर का हक दिया है.आरसीपी ने कहा कि नीतीश कुमार के पैरवी से आईएएस नहीं बना. जिस वक्त मैं आईएएस बना, उस समय नीतीश कुमार सड़क पर घूम रहे थे.

कुछ दिन पहले विपक्ष को एक साथ लाने के सिलसिले में दिल्ली पहुंचने पर पत्रकारों ने नीतीश कुमार से आरसीपी को लेकर सवाल पूछा था तो नीतीश कुमार भड़क गए थे और तू-तड़ाक पर उतर गए. नीतीश कुमार ने कहा था ‘धत्त‘ उसका क्या नाम ले रहे हैं, उ कौंची है? अरे क्या बात करते हैं आप लोग, आप लोगों को इ भी पता नहीं है उसको बनाया कौन राजनीति में, लाया कौन राजनीति में... उ तो आईएएस था, कौन बनाया था उसको अपना प्राइवेट सेक्रेट्री. हम कहां से कहां बनाए, छोड़िये न, उसको पार्टी में हम इतना दिए, और राजनीति में भी उसको जगह दिया. उसको अपनी जगह पर अध्यक्ष बना दिए, उ पूरा का पूरा भाजपा के हाथ में चला गया, तो उसको हटा दिए.

बिहार के मुख्यमंत्री यहीं नहीं रुके. उन्होंने कहा उ क्या बोलता है, उसके बोलने का कोई मतलब है, उ कहां से राजनीति में आया, कौन लेकर आया. अब उ क्या-क्या बोलता रहता है. तरह-तरह की बात बोलता रहता है.उस आदमी के बारे में तो आपको लोगों को पूछना भी नहीं चाहिए.  उसकी हैसियत क्या है? अरे उ बोलता है तो बोलने न दीजिए उसको. अरे सुन लीजिए, वो बीजेपी के अंदर था। अब उ चला गया, जाने दीजिए उसको. उसका क्या वैल्यू है? आप लोग ई सब छोड़िए.उसके बारे में चर्चा भी मत करिए.

इसको लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने एक बार फिर हमला बोला है.भोजपुर पहुंचे आरसीपी सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार मेरी औकात क्या नापेंगे. उनकी खुद की औकात नहीं ही नहीं हैं, वो हमारा हैसियत पूछते हैं. आरा में पत्रकारों से बात करते हुए आरसीपी सिंह ने कहा कि एक समय बिहार में नीतीश कुमार की औकात कुछ नहीं थी, तब भी मेरी औकात ज्यादा थी और अब भी ज्यादा है. आरसीपी ने कहा कि कोई किसी को पहचान नहीं देता, लोकतंत्र के इस देश में सभी नागरिक एक समान है और सभी की पहचान है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने सीएम नीतीश कुमार  पर सोमवार को जमकर हमला बोला. आरसीपी सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार हैसियत पूछते हैं, वो ये जान लें कि उनकी हैसियत, मेरी हैसियत और देश के एक नागरिक की हैसियत बराबर है. इस संविधान ने सबको बराबर का हक दिया है. उन्होंने कहा कि मैं आपकी (नीतीश कुमार) पैरवी से आईएएस नहीं बना. जिस समय मैं आईएएस बना उस समय आप सड़क पर घूम रहे थे.

एक सवाल पर बिहार में जाति समीकरण को देखा जाता है. इस वक्त नीतीश कुमार के साथ लालू यादव हैं, कांग्रेस और लेफ्ट भी साथ है तो लग रहा है कि 2024 में नीतीश कुमार मोदी को धूल चटा देंगे? इस पर आरसीपी सिंह ने कहा कि सवाल ही नहीं उठता है. इनके साथ कौन से जाति के लोग हैं? किस जाति के लोगों को उन्होंने ठगा नहीं है? किसको उन्होंने आज तक सम्मान दिया है? दिल्ली गए थे, घूम रहे थे. शरद पवार के बारे में क्या-क्या कहते थे? किनके बारे में इन्होंने नहीं कहा. इन पर कौन भरोसा करेगा.

आरसीपी सिंह ने बातचीत में आगे कहा, "नीतीश कुमार सूखे की बात कर रहे हैं, पूरे 17 साल होने जा रहा है दक्षिण बिहार में, सात निश्चय में नारा दिया था हर खेत को पानी. क्या आपने ब्लू प्रिंट बनाया? दक्षिण बिहार में हर खेत को स्थायी तौर पर नहर से सिंचाई की व्यवस्था होती. दक्षिण बिहार में सभी बरसाती नदियां हैं. कभी चर्चा की गई कि कितना पानी है या कैसे क्या किया जाएय़ लोग आपसे पूछे नहीं इसलिए दिल्ली की चर्चा कर रहे हैं. बिहार की जनता माफ करने वाली नहीं है."

आलोक कुमार

तारापुर के पूर्व विधायक पार्वती देवी के निधन पर शोक

 

पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी की धर्मपत्नी पार्वती देवी (78) नहीं रहीं. शनिवार की रात उन्होंने अपने आवास पर अंतिम सांस ली. रविवार को उनके पार्थिव शरीर का सुल्तानगंज स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया. मुखाग्नि उनके छोटे पुत्र धर्मेन्द्र चौधरी ने दी...

पटना. तारापुर के पूर्व विधायक एवं सम्राट चौधरी की माताजी पार्वती देवी के निधन पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है. 

तारापुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक पार्वती देवी का निधन लखनपुर गांव स्थित उनके आवास में शनिवार की देर रात्रि हो गई.इनके निधन की खबर मिलते ही इनके चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ गई.रविवार के अहले सुबह से ही स्व. पार्वती के पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन करने को लेकर नाते रिश्तेदार, गणमान्यों व इनके चाहने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी.पूर्व विधायक स्व. पार्वती देवी बिहार सरकार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शकुनी चौधरी की धर्मपत्नी ,पूर्व पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी की मां थी.राजनीति गलियारे में इनके परिवार का काफी अच्छा रसूख माना जाता है.

अपने शोक संदेश में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा0 मदन मोहन झा ने कहा कि वह एक धर्मपरायण महिला थी. उन्होंने कहा कि पार्वती देवी बहुत ही नेकदिल एवं सरल हृदय की महिला थी तथा सामाजिक कार्याे में उनकी गहरी अभिरूची थी. अपने क्षेत्र में वे काफी लोकप्रिय थी.वर्ष 1998 से 2000 तक तारापुर विधान सभा से विधायक रही.वर्ष 1998 में ये तारापुर विधानसभा क्षेत्र से (एजीपी) से लड़ी थी. इन्होंने अपने विपक्षी राजद प्रत्याशी सुशील कुमार सिंह को चुनावी मैदान में शिकस्त देकर विधायक पद पर परचम लहराया था।मतदाता ने पार्वती के पक्ष में 41612 तो प्रतिद्वंद्वी सुशील कुमार सिंह के पक्ष में 39600 मत डाला था।इस प्रकार पार्वती देवी 2012 वोट से विजयी हुई थी. वे लगातार अपने विधान सभा क्षेत्र की समस्याओं को लेकर विधान सभा में मुखर रही.उनके निधन से सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है. 

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री श्री कृपानाथ पाठक, मीडिया विभाग के चेयरमेन श्री राजेश राठौड़, पूर्व विधायक श्री प्रमोद कुमार सिंह, कुमार आशीष ने भी पार्वती देवी के निधन पर शोक व्यक्त किया.


आलोक कुमार


रविवार, 11 सितंबर 2022

19 बच्चों को प्रथम परमप्रसाद दिया

 बेतिया. उत्तर बिहार के बेतिया में है ईसाइयों का गढ़.यहां के लोग नेटिविटी ऑफ दी ब्लेस्ड विर्जिन मेरी,बेतिया कैथेड्रल से जुड़े हैं. यहां पर माता मरियम का जन्मोत्सव हर्षोल्लास माहौल में मनाया गया.बेतिया पल्ली दिवस के अवसर पर 19 बच्चों को प्रथम परमप्रसाद दिया गया.संत जेवियर हाई स्कूल और संत जोसेफ हाई स्कूल से 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले आठ बच्चों को स्टूडेंट एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया.


इस अवसर पर बेतिया धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष पीटर सेबेस्टियन गोबियास के नेतृत्व में मिस्सा पूजा करने के दरम्यान बच्चों को प्रथम परमप्रसाद मिला.इस अवसर पर फादर क्रिस्टोफर केरकेट्टा, फादर हेनरी फर्नांडो, फादर आनंद पास्कल ,फादर काजिटेन, फादर रिचर्ड डिसूजा, फादर अमित तिर्की, फादर पंकज, फादर फिंटन  साह के अलावे अन्य पुरोहित थे.                          


बेतिया पैरिश में मैट्रिक परीक्षा 2022 के आधार पर बेतिया पैरिश में मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को बेतिया पल्ली परिषद के द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया है.यह पुरस्कार का प्रायोजन जेम्स माइकल सर, शिक्षक गणित एवं भौतिकी शिक्षक के आर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय द्वारा किया गया है.प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी 10वीं की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को स्टूडेंट एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया.


सबसे बेहतर प्रदर्शन के लिए निवेदिता प्रेरणा(94.8) को प्रथम,जेनिफर सचिन (90.6) को द्वितीय तथा स्नेहा कुमारी (88.4) को तृतीया पुरस्कार दिया गया.वही सिमरन जेरोम (84.8),नाइजल सीरिल (81.6),हर्षिता एंजेलो(80.5), रिया जेरोम (77.6), विश्वास संदीप  (77.2) को सांत्वना पुरस्कार दिया गया.बेतिया धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष पीटर सेबेस्टियन गोबियास के करकमलों से बच्चों को ट्रॉफी, किताबें, कैडबरी सेलिब्रेशन  और कॉपी पेन और प्रमाण पत्र वितरित किया गया.


इस अवसर पर पल्ली पुरोहित फा हेनरी  फर्नांडो ,बिशप स्वामी जी पीटर गोबियस, फादर अमित सहायक पल्ली पुरोहित, जेम्स माइकल सर तथा फेलिक्स माइकल उपस्थित थे.

आलोक कुमार

वार्ड स्तरीय भारत जोड़ो यात्रा के तहत पदयात्रा

  

पटना.कांग्रेस ने कन्याकुमारी से कश्मीर तक ‘भारत जोड़ो यात्रा‘ निकाली है. इस यात्रा का नेतृत्व कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी कर रहे हैं. यह यात्रा तमिलनाडु से शुरू होकर केरल, कर्नाटक होती हुई जम्मू-कश्मीर तक जाएगी.इस दौरान राहुल गांधी के साथ हर जगह के लोग उनसे जुड़ रहे हैं.

पदयात्रा में भारत जोड़ो के तहत महंगाई, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ एवं एकता अखण्डता सद्भाव भाईचारा का संदेश लेकर जनता के बीच जाना सुनिश्चित हुआ है.भारत की एकता का उत्सव एवं आशा का त्यौहार है जिसमें भारत के सभी लोग भाग ले सकते हैं. यह पदयात्रा भय, कट्टरता, बढ़ती हुई बेरोजगारी और समाज में फैलते हुए असमानताओं के विरुद्ध शुरू की जा रही है.पदयात्रा 150 दिन यानी 5 महीने में दक्षिण में कन्याकुमारी से लेकर उत्तर में कश्मीर तक 3570 किलोमीटर की दूरी तय करेगी. जो 12 राज्यों एवं 2 केंद्र शासित प्रदेशों से होकर गुजरेगी.

‘भारत जोड़ो यात्रा‘ से जुड़कर रहने के लिए आज रविवार 11 सितंबर को जिला मुख्यालय नेशनल हॉल कांग्रेस मैदान, कदमकुंआ में बैठक की गयी. इस बैठक की अध्यक्षता पटना महानगर जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि रंजन ने की.इस बैठक में पटना महानगर के जिला काँग्रेस पदाधिकारी एवं प्रखंड अध्यक्ष उपस्थिति रहे.इस बैठक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि पटना नगर निगम  के 75 वार्ड में वार्ड स्तरीय भारत जोड़ो यात्रा के तहत पदयात्रा आयोजित की जाए.इस पदयात्रा के माध्यम से लोगों को बढ़ती डायन महंगाई, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार  के खिलाफ एवं एकता अखण्डता सद्भाव भाईचारा का संदेश दिया जाए.

कोरोना काल के समय दिए गए राशन कार्ड को रद्द करने के विरोध, नमामि गंगे परियोजना के तहत पटना महानगर के सड़क को ध्वस्त कर दिया गया है. जिसे अभी तक पूरा नहीं किया जा रहा है.वर्तमान मेयर के कार्यकाल में गली मोहल्ले में गंदगी का अंबार लगा रहा, जलजमाव से शहर की स्थिति नारकीय बनी हुई है. जिससे डेंगू का प्रकोप पटना में तेजी से बढ़ा है, पटना महानगर अध्यक्ष एवं जिलास्तर के नेतागण नें विचार विमर्श के बाद निर्णय लिया गया की पटना नगर निगम चुनाव में वार्ड स्तर पर भारत जोड़ो पदयात्रा आयोजित की जाए. 

आलोक कुमार

शनिवार, 10 सितंबर 2022

बिहार में अगले महीने नगर निकाय चुनाव

 

पटना.बिहार में अगले महीने नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान होना है। चुनाव लड़ने के लिए मेयर-डिप्टी मेयर से लेकर पार्षद तक का नामांकन शुल्क तय कर दिया गया है.बिहार में नगर निगम के मेयर-डिप्टी मेयर के नामांकन के वक्त उम्मीदवारों को 4000 रुपये जमा कराने होंगे. वहीं, पंचायत पार्षदों के लिए यह राशि 200 से 400 रुपये तय की गई है। अलग-अलग श्रेणी और निकायों के लिए अलग-अलग शुल्क और जरूरी कागजातों के प्रावधान किए गए हैं.

बिहार के नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर के अनारक्षित पदों पर नामांकन करने वाले उम्मीदवारों को 4000 रुपये शुल्क देना होगा, जबकि आरक्षित पदों के लिए यह राशि 2000 रुपये है.नगर निगम के वार्ड पार्षदों के लिए यह राशि एक हजार रुपये और दो हजार रुपये तय की गई है. इसी तरह नगर परिषदों में  मुख्य पार्षद और उप मुख्य पार्षदों के अनारक्षित पदों पर नामांकन के लिए 2000 रुपये देने होंगे, जबकि आरक्षित पदों के लिए 1000 रुपये निर्धारित हैं. नगर परिषद के सभी वार्ड पार्षदों के लिए 1000 रुपये की नामांकन राशि तय हुई है.

वहीं, नगर पंचायतों मे मुख्य पार्षद और उप मुख्य पार्षदों के अनारक्षित पदों के लिए 800 रुपये नामांकन राशि होगी. आरक्षित पदों पर मुख्य पार्षद उम्मीदवारों को 500 और उप मुख्य पार्षदों को 400 रुपये जमा कराने होंगे. नगर पंचायत के वार्ड पार्षदों में अनारक्षित पदों के लिए 400 रुपये और आरक्षित पदों पर 200 रुपये नामांकन राशि निर्धारित की गई है.

निकाय चुनाव में नामांकन पत्र के साथ उम्मीदवारों को कुछ जरूरी दस्तावेज जमा कराने होंगे। इनमें नाम निर्देशक पत्र, मतदाता होने का घोषणा पत्र, शपथ पत्र, बायोडाटा, नाजिर रसीद और नगर निकाय का नोड्यूज प्रमाण पत्र शामिल है.

आलोक कुमार

कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल की प्रशासिका बिहारी नहीं बन पाए

 पटना.बिहार में संचालित संस्था मेडिकल मिशन सिस्टर्स में बिहारी सिस्टरों का अकाल है.संस्था मेडिकल मिशन सिस्टर्स के द्वारा कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल संचालित है.यहां पर केवल नर्सेज बनाया जाता है.इसके प्रभाव से कोई सिस्टर बनना नहीं चाहते हैं. इसके कारण 83 सालों में कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल की प्रशासिका बिहारी नहीं बन पाए हैं.            

मेडिकल मिशन सिस्टर्स द्वारा संचालित है कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल.1939 में पादरी की हवेली पटना सिटी में मेडिकल मिशन सिस्टर्स के द्वारा लघु हॉस्पिटल खोला गया.यहां 1948 मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना से पहले मदर टेरेसा ने बुनियादी चिकित्सा प्रशिक्षण प्राप्त किया.आज मदर टेरेसा संत बन गयी हैं.संत मदर टेरेसा से प्रार्थना है कि 1939 से 2022 तक के इन 83 सालों में अविभाजित बिहार और 15 नवंबर 2000 में विभाजित बिहार से किसी को हॉस्पिटल की प्रशासिका नहीं बनायी गयी हैं.हम तुझसे प्रार्थना करते हैं कि निकट भविष्य में किसी बिहारी को हॉस्पिटल की प्रशासिका बनाने में सहायक बने.

बताते चले कि होली फैमिली हॉस्पिटल की शुरुआत 1939 में पटना सिटी में मेडिकल मिशन सिस्टर्स द्वारा की गई थी.मेडिकल मिशन सिस्टर्स की सिस्टर लूसी कुन्नथानम हॉस्पिटल की प्रशासिका बनी.उसके बाद सिस्टर जोन मथाइकल हॉस्पिटल की प्रशासिका बनी. उनके बाद सिस्टर ग्रेस की ताजपोशी प्रशासिका के रूप में हुई.उनके बाद पुनः सिस्टर जोन मथाइकल हॉस्पिटल की प्रशासिका बनी.यह बता दें कि सिस्टर लुसिया ई.प्रशासिका बनने वाली थी.परंतु सर्वेश्वर को मंजूर न था.सिस्टर लुसिया का निधन हो गया.तब सोशल वर्क में डिग्री हासिल करने वाली सिस्टर जुलियाना डिकुन्हा की ताजपोशी प्रशासिका के रूप में की गयी.यहां बता दें कि झारखंड में स्थित होली फैमिली अस्पताल,मांडर की  प्रशासिका सिस्टर जोन मथाइकल हॉस्पिटल की प्रशासिका थीं.उन्हें वहां  से पटना लाने के लिए हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स करने वाली झारखंड की सिस्टर अनातासिया टेटे को झारखंड में स्थित होली फैमिली अस्पताल,मांडर की  प्रशासिका बनायी गयी.इस समय मेडिकल मिशन सिस्टर्स के रीजनल सुपेरियर सिस्टर अनातासिया टेटे हैं.अब यह संभव नहीं है कि सिस्टर अनातासिया टेटे प्रशासिका बन सके.

बता दें कि रांची महाधर्मप्रांत में 1955 से होली फैमिली अस्पताल मांडर संचालित है.जब 60 साल का था तब 7 नवम्बर 2015 को कॉन्स्टंट लीवन्स अस्पताल और शोध संस्थान (नया नाम) मिला. सीबीसीआई सोसायटी मेडिकल एडुकेशन, नौर्थ इंडिया ने अपने हाथ में ले लिया है.झारखंड में स्थित होली फैमिली अस्पताल,मांडर के एक कोने में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है.उसी तरह 2000 में मेडिकल मिशन सिस्टर्स (एमएमएस) ने सिस्टर्स ऑफ चौरिटी ऑफ नाज़रेथ (एससीएन) को एमएमएस के साथ संयुक्त रूप से अस्पताल का प्रबंधन करने के लिए आमंत्रित किया गया.जो 22 सालों से मिलकर चला रहे हैं.हर पांच साल के बाद प्रशासिका बदल जाती है.

पिछले 83 वर्षों में मेडिकल मिशन सिस्टर्स ने हमारी दुनिया में लाखों लोगों की देखभाल और करुणा की पेशकश की है.जैसे-जैसे समय और जरूरतें विकसित हुई हैं, वैसे-वैसे हमारा ध्यान मिशन पर भी है - उपचारात्मक से लेकर निवारक तक, प्रोत्साहन देने के लिए, समुदाय-आधारित, समग्र स्वास्थ्य देखभाल तक.कुर्जी होली फैमिली अस्पताल 19 नवंबर, 1958 को एक वास्तविकता बन गया और लगातार विस्तार और है आज तक 300 बिस्तरों वाला अस्पताल.वर्ष 2000 से, अस्पताल का प्रबंधन एक शासी निकाय द्वारा मेडिकल मिशन सिस्टर्स एंड सिस्टर्स ऑफ चैरिटी ऑफ नाजरेथ द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है.

हर पांच साल के बाद मेडिकल मिशन सिस्टर्स की सिस्टर जुलियाना डिकुन्हा प्रशासिका बदल गयी.अब सिस्टर्स ऑफ चैरिटी ऑफ नाजरेथ की सिस्टर प्रिंसी मैथ्यू, कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल की प्रशासक हैं. वह सिस्टर्स ऑफ चैरिटी ऑफ नाजरेथ की सदस्य हैं. शेफ ने कर्नाटक के फादर मुलर मेडिकल कॉलेज मैंगलोर से हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स पूरा किया है और क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लोर और होली फैमिली हॉस्पिटल, दिल्ली में इंटर्नशिप की है.

उन्होंने फादर मुलर मेडिकल कॉलेज मैंगलोर, कर्नाटक में पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग और कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल पटना में जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी किया है.

उन्हें दो साल तक कुर्जी होली फैमिली अस्पताल पटना में गहन देखभाल इकाई (आईसीयू) के प्रभारी होने का भी अनुभव है. उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बख्तियारपुर में दो साल तक स्टाफ प्रभारी के रूप में कार्य किया.उन्हें 1 सितंबर 2018 को कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल पटना में प्रशासनिक समन्वयक के रूप में नियुक्त किया गया था, 1 मार्च 2019 से एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर बनीं और 1 सितंबर 2022 से प्रशासक बनीं.

सीनियर प्रिंसी समग्र देखभाल प्रदान करने और बिना किसी भेदभाव के चिकित्सा सुविधाओं की आवश्यकता वाले सभी लोगों तक पहुंचने की इच्छुक हैं.


आलोक कुमार


स्कीम वर्कर की सवाल पर मुकम्मल संघर्ष समय की मांग है- सरोज चौबे

  महंगाई, बेरोजगारी, स्कीम वर्कर की मांग को लेकर ऐपवा ने निकाला महंगाई विरोधी महिला मार्च. महंगाई, बेरोजगारी, स्कीम वर्कर की सवाल पर मुकम्मल संघर्ष समय की मांग है- सरोज चौबे.गरीबो की आवाज पप्पू खान को झूठे मुकदमे में फ़साने वाले डीएसपी और मनीगाछी सीओ पर करवाई करे सरकार - शशि यादव..


दरभंगा.मंहगाई पर रोक लगाओ,रसोई गैस, पेट्रोल,डीजल, खाद्य वस्तुओं के दाम घटाओं, खाद्य पदार्थों पर लगी जीएसटी वापस लेने, रजवाड़ा कांड की उच्चस्तरीय जांच करवाने, माले नेता पप्पू खान सहित अन्य लोगों पर से झूठा मुकदमा वापस लेने सहित अन्य मांग को लेकर ऐपवा के 8वां राज्य सम्मेलन के अवसर पर आज लहेरियासराय स्टेशन से मार्च निकाला गया.मार्च चट्टी चौक होते हुए, लहेरियासराय टावर होते हुए, हाजमा चौक होते हुए पुनः लहेरियासराय टावर पर आकर सभा मे तब्दील हो गया.

मार्च का नेतृत्व ऐपवा राज्य सचिव शशि यादव,ऐपवा राज्य अध्यक्ष सरोज चौबे, ऐपवा जिला सचिव शनिचरी देवी, जिला अध्यक्ष साधना शर्मा, रानी सिंह, सबिता देवी, जिला परिषद सदस्य सुमित्रा देवी ,आइसा नेत्री ओणम कुमारी, नीतू कुमारी रसोइया संघ के संतरा देवी,नीलम देवी, आरती देवी, ममता देवी सहित  कई लोग कर रहे थे.


लहेरियासराय टावर पर ऐपवा जिला अध्यक्ष साधना शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए संबोधित करते हुए ऐपवा के राज्य अध्यक्ष सह बिहार राज्य विद्यालय रसोइया संघ के राज्य महासचिव सरोज चौबे ने कहा कि आसमान छूती महंगाई से हर परिवार परेशान है रसोई गैस, डीजल, पेट्रोल के दाम तो पहले से बढ़े हुए थे, खाद्य पदार्थों पर जीएसटी लगने से महंगाई और भी बढ़ गई है। महंगाई के इस आलम में रोजगार का हाल बेहाल है. पढ़े लिखे लड़के-लड़कियां हों या असंगठित क्षेत्र में रोजगार खोजने वाली महिलाएं हों किसी को भी ढंग का रोजगार नहीं मिल पा रहा है हाल ही में अग्निपथ योजना लाकर सेना का न सिर्फ निजीकरण किया जा रहा है अपितु देश की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है शिक्षा और स्वास्थ्य का हाल भी बदहाल है इसके खिलाफ मुकम्मल संघर्ष समय की मांग है. श्रीमती चौबे ने कहा कि गैस का दाम हाफ करना चाहिए और महंगाई पर  रोक लगानी चाहिए.


इस मौके पर सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा के राज्य सचिव सह बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ के राज्य अध्यक्ष शशि यादव ने कहा कि स्वयं सहायता समूह माइक्रो फाइनेंसिंग कंपनियों के कर जी की वजह से महिलाओं की हालत बहुत खराब हो जाती है खासकर लॉकडाउन में उनके अधिकारों के द्वारा किए गए अपमान की वजह से समस्तीपुर में एक परिवार के चार सदस्यों ने आत्महत्या तक कर लिया. स्कीम वर्करों की हालत तो और भी खराब है उनका शोषण सस्ते श्रम के रूप में किया जाता है कोरोना काल काल में उन्हें कोरोना वायरस तो कहा गया लेकिन उनका पारिश्रमिक नहीं दिया गया. मोदी राज्य में वे न तो कर्मचारी हैं न मजदूर. उनका आर्थिक दोहन जारी है आगे श्रीमती यादव ने आम-अवाम  से आह्वान किया कि इसके खिलाफ गांव गांव में महिलाओं को संगठित कर जनसंघर्ष को तेज कर जनविरोधी मोदी सरकार को हटा कर ही दम लिया जाएगा.

श्रीमती यादव ने कहा कि आज दरभंगा के डीएम एसएसपी मनमानी कर रहे है. गरीबो की आवाज उठाने वाले माले नेता पप्पू खान को झूठा मुकदमा में जेल में बंद कर गरीबो के आवाज को दबाना चाहती है. लेकिन पप्पू खान की गिरफ्तारी से गरीबो की आवाज दबने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि रजवाड़ा कांड की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए तथा इस कांड के जिम्मेवार बेनीपुर डीएसपी व मनीगाछी सीओ पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई  करनी चाहिए.

    इस अवसर पर रानी शर्मा, कौशर खातून, जैबुल निशा, प्रियंका देवी, उजाला देवी, बसंती देवी, शोभा देवी, सुनीता देवी, कविता देवी, तारा देवी, मुन्नी देवी, मधु सिन्हा, जिनन्त प्रवीण, गुड़िया देवी, फूलों देवी, कौशर खातून, सहित कई लोग शामिल थे.

आलोक कुमार


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