शनिवार, 13 अप्रैल 2024

लोकतंत्र का महात्योहार, चलो चलें करें मतदान, कोई मतदाता छूटे नहीं


चिट्ठियां देंगी 25 मई को मतदान करने का संदेश

जिला निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा चिट्ठी पर मतदाता जागरूकता संदेश का मुहर लगाकर किया गया अभियान का शुभारंभ

लोकतंत्र का महात्योहार, चलो चलें करें मतदान, कोई मतदाता छूटे नहीं


बेतिया। पश्चिम चंपारण में 25 मई 2024 को मतदान होना है। इसको लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय सजग हैं। उन्होंने जिले में शत-प्रतिशत मतदान कराने को प्रत्यनशील है।  25 मई 2024 को अपने-अपने मताधिकार का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें, इसके लिए जिला स्वीप कोषांग के माध्यम से मतदाताओं को लगातार जागरूक एवं प्रेरित किया जा रहा है। मजबूत लोकतंत्र के निर्माण के लिए एक-एक मत की महता से मतदाताओं को अवगत कराया जा रहा है। स्वीप गतिविधि के तहत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज प्रधान डाकघर बेतिया में स्वीप गतिविधि के तहत चिट्ठियों पर मतदाता जागरूकता संदेश से संबंधित मुहर लगाने का कार्य प्रारंभ हुआ।

     जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय द्वारा चिट्ठियों पर मतदाता जागरूकता संदेश (लोकतंत्र का महात्योहार, चलो चलें करें मतदान, 25 मई 2024 को मतदान अवश्य करें, कोई मतदाता छूटे नहीं) से संबंधित मुहर लगाकर जागरूकता कार्यक्रम की शुरूआत की गयी। इस अवसर पर उपस्थित प्रशासनिक एवं डाकघर के अधिकारियों ने चिट्ठियों पर मुहर लगाया।

     इस अवसर पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विभिन्न माध्यमों से मतदाताओं को मतदान के लिए जागरूक एवं प्रेरित किया जा रहा है। स्वीप गतिविधि के तहत व्यापक प्रचार-प्रसार सहित जन जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उद्देश्य यह है कि जिले के कोई भी मतदाता मतदान से वंचित नहीं रहें। जिले के शत-प्रतिशत मतदाता अपने मत का प्रयोग करें। इसी कड़ी में आज का यह कार्यक्रम आयोजित है। उन्होंने कहा कि लोगों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए सबसे सशक्त, कारगर और सार्थक माध्यम चिट्ठियां हैं। प्रधान डाकघर बेतिया से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भेजी जाने वाली चिट्ठियों पर मतदाता जागरूकता से संबंधित संदेश अंकित रहेगा। इससे मतदाता जागरूक एवं प्रेरित होंगे।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्रीमती प्रतिभा रानी, एसडीएम, बेतिया, श्री विनोद कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, श्री अनंत कुमार, नोडल पदाधिकारी, स्वीप कोषांग, श्री कमलाकांत त्रिवेदी, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा, श्री सुजीत कुमार, डाक निरीक्षक, श्री राम विनय उरांव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


आलोक कुमार

शुक्रवार, 12 अप्रैल 2024

मेट्रोपॉलिटन आर्चबिशप मैल्कम रंजीत


 मेट्रोपॉलिटन आर्चबिशप मैल्कम रंजीत


कोलंबो.पोप बेनेडिक्ट XVI द्वारा 16 जून 2009 को नियुक्त कोलंबो के वर्तमान आर्चबिशप कार्डिनल पैटाबेंडिज आल्बर्ट मैल्कम रंजीत हैं. इस भूमिका में उन्हें सहायक बिशपों द्वारा सहायता प्रदान की जाती है.सहायक बिशप मैक्सवेल सिल्वा (2012-आज तक),एंथोनी जय कोडी (2018 जून-आज तक) और एंटोन रंजीत पिल्लैनायगम (2020 जुलाई-आज तक हैं.

         आर्चडायोसेसन मदर चर्च और इसके महानगरीय आर्चबिशप की कैथेड्रल सीट सेंट लूसिया कैथेड्रल है. इसके अन्य राष्ट्रीय मंदिर तेवाट्टा में बेसिलिका ऑफ आवर लेडी ऑफ लंका और सेंट एंथोनी नेशनल श्राइन , कोच्चिकडे में एक छोटी बेसिलिका हैं.     

   श्रीलंका में कैथोलिक चर्च रोम में पोप के आध्यात्मिक नेतृत्व के तहत विश्वव्यापी कैथोलिक चर्च का हिस्सा है. यह देश कोलंबो प्रांत के अंतर्गत आता है और एक महाधर्मप्रांत सहित 12 धर्मप्रांतों से बना है.श्रीलंका में जनसंख्या के अनुसार कैथोलिक चौथे स्थान पर हैं जो कुल जनसंख्या का लगभग 6.1ः प्रतिनिधित्व करते हैं.        

 श्रीलंका में 51 पुरोहित हैं. (39 डायोकेसन, 12 धार्मिक), 329 सामान्य धार्मिक (149 ब्रदर, 180 सिस्टर्स) और 15 सेमिनरियों के साथ 27 पैरिशों और 2 मिशनों में 5,733 किमी 2 पर 81,293 कैथोलिकों (कुल 2,578,000 में से 3.2%) को देहाती रूप से सेवा प्रदान की.

पैटा बैंडिज अल्बर्ट मैल्कम रंजीत, जिन्हें मैल्कम रंजीत के नाम से जाना जाता है, कैथोलिक चर्च के एक श्रीलंकाई प्रीलेट है, जो 2009 से कोलंबो, श्रीलंका के आर्चबिशप रहे हैं. उन्हें 2010 में कार्डिनल बनाया गया था.जन्म की तारीख 15 नवंबर 1947 (आयु 76 वर्ष 4 माह 28 दिन ).


आलोक कुमार


गुरुवार, 11 अप्रैल 2024

बेहतरी के उपायों पर विस्तृत चर्चा


 कांग्रेस का चढ़ा चुनावी पारा

पटना। गुरूवार का दिन बिहार कांग्रेस के लिए गहन चिंतन-मंथन में गुजरा। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बिहार कांग्रेस के मुख्यालय सदाकत आश्रम में गहन राजनीतिक सरगर्मी देखने को मिली। टिकटार्थियों का हुजूम पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं बिहार प्रभारी मोहन प्रकाश एवं प्रदेश अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह को घेरे रही। प्रभारी एवं प्रदेश अध्यक्ष लोकसभा टिकट के अभ्यर्थियों की दलीलें अलग-अलग सुनीं एवं कार्यकर्ताओं से विभिन्न अभ्यर्थियों के बारे में जानकारी हासिल की।

     इसके अलावा हर लोकसभा क्षेत्र के लिए नियुक्ति काडिनेटरों से चुनाव में महागठबंधन के उम्मीदवारों की जीत की संभावना एवं बेहतरी के उपायों पर विस्तृत चर्चा की एवं फीडबैक ली। इसके अलावा प्रभारी एवं प्रदेश अध्यक्ष ने लोकसभा चुनाव के लिए बने वार रूम का दौरा किया एवं विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठकर चुनावी तैयारियों का जायजा लिया। वाररूम के सदस्यों के साथ बेहतर तैयारी को सुचारू बनाने के तौर-तरीकों पर चर्चा की गयी।

    इसके अलावा  कांग्रेस के न्याय पत्र में दी गयी गारंटी कार्ड को लोगों तक बड़े पैमाने पर पहुँचाने के तरीको पर विचार-विमर्श किया गया तथा लोगों की प्रतिक्रिया का विशलेषण करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा आगामी 19-20 को पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की चुनावी रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए उठाये जाने वाले कारगर कदमों को लेखा-जोखा लिया गया। इस तरह गुरूवार का दिन सदाकत आश्रम में चुनावी मंथन का दिन रहा।


आलोक कुमार

बुधवार, 10 अप्रैल 2024

वोट न डालना पाप है: बेंगलुरु के आर्चबिशप पीटर मचाडो

 वोट न डालना पाप है: बेंगलुरु के आर्चबिशप पीटर मचाडो

आर्चबिशप डॉ. पीटर मचाडो बैंगलोर आर्चडायसिस के 7वें आर्चबिशप हैं

कर्नाटक.कर्नाटक
राज्य का होन्नावर तटीय एक बंदरगाह शहर है जो अपने खूबसूरत परिदृश्य और समृद्ध इतिहास के लिए जाना जाता है. बंदरगाह ने अरब दुनिया के विदेशी व्यापारियों के साथ-साथ बाद में पुर्तगाल, इंग्लैंड और नीदरलैंड जैसे यूरोपीय देशों से भी मेजबानी की.

    उत्तर कन्नड़ जिले के होन्नावर के रहने वाले हैं डॉ. पीटर मचाडो. उनका जन्म 26 मई, 1954 को हुआ.वे धार्मिक प्रवृत्ति के थे.वे ईसाई धर्म समाज में प्रवेश कर गए.धार्मिक अध्ययन करने के बाद

8 दिसंबर 1978 को कारवार धर्मप्रांत के लिए पुरोहित नियुक्त किये गए. उन्होंने रोम के पोंटिफिकल अर्बनियाना विश्वविद्यालय से कैनन लॉ में डॉक्टरेट की उपाधि भी प्राप्त की है.

    बताया गया कि 2 फरवरी 2006 को तत्कालीन पोप बेनेडिक्ट XVI द्वारा बेलगावी धर्मप्रांत का बिशप नियुक्त किया गया था, और उसी वर्ष 30 मार्च को उन्हें बेलगावी धर्मप्रांत में बिशप अभिषेक किया गया था.परम पावन पोप फ्रांसिस ने बिशप पीटर मचाडो को बैंगलोर के 7वें आर्चबिशप के रूप में नियुक्त किया और 19 मार्च, 2018 को वेटिकन में आधिकारिक तौर पर इसकी जानकारी दी गई और 31 मई 2018 को स्थापित किया गया.

     मौलिक और अल्पसंख्यक अधिकारों पर,हाल ही में बुलाई गई एक धर्मोपदेश में बेंगलुरु महाधर्मप्रांत के शीर्ष कैथोलिक आर्चबिशप आर्चबिशप पीटर मचाडो ने ईसाइयों से आगामी संसदीय चुनावों में वोट डालने का आह्वान किया.

    मानवाधिकारों के प्रबल समर्थक आर्चबिशप, जो सार्वजनिक बयान देने से नहीं हिचकिचाते, ने कहा कि ईसाई समुदाय को धर्मनिरपेक्ष, गैर सांप्रदायिक और कम भ्रष्ट राजनेताओं को वोट देना चाहिए जो भारत के संविधान की रक्षा करेंगे. उन्होंने ईसाइयों से मतदाता सूची में अपना नाम सत्यापित करने का आह्वान किया और उन्हें चुनाव के दिन अन्य कार्य करने से मना किया.

आलोक कुमार

मोदी के अन्यायकाल से मुक्ति का दस्तावेज है कांग्रेस का न्यायपत्र : मोहन प्रकाश

मोदी के अन्यायकाल से मुक्ति का दस्तावेज है कांग्रेस का न्यायपत्र : मोहन प्रकाश

पटना. पिछले 10 सालों में समाज के हर तबकों के साथ जो अन्याय होता रहा है उससे देश को मुक्ति दिलाना कांग्रेस की जिम्मेवारी है. इसीलिए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने पांच न्याय की बात की. युवा न्याय, नारी न्याय, किसान न्याय, श्रमिक न्याय और हिस्सेदारी न्याय एवं हर न्याय के तहत दी जाने वाली पांच-पांच गारंटी कांग्रेस के मेनिफेस्टो की आत्मा है. इसतरह कांग्रेस का न्याय पत्र भाजपा के अन्याय काल से मुक्ति का दस्तावेज है.

        ये बातें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव एवं बिहार कांग्रेस के प्रभारी मोहन प्रकाश ने बुधवार को कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित प्रेस वार्ता में कही. उन्होंने इस प्रेसवार्ता को बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह के साथ संयुक्त रूप से संबोधित किया. मोहन प्रकाश ने कांग्रेस के न्याय पत्र की मूल भावना से मीडिया को अवगत कराते हुए कहा कि कांग्रेस की गारंटी लिखित रूप से दी हुई गारंटी है जबकि मोदी की गारंटी हवा हवाई है. उन्होंने पूछा कि अगर भाजपा मोदी के अलावा किसी और को प्रधान मंत्री के रूप में चुनती है तो मोदी की गारंटी का क्या होगा. इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने कांग्रेस के न्याय पत्र को देश के सर्वांगीण विकास के लिए राहुल गाँधी के विजन का दस्तावेज बताया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मेनिफेस्टो युवा, महिला एवं किसान को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है.

        बिहार प्रभारी ने इलेक्टोरल बॉन्ड को छलावा करार दिया एवं धंधा देकर चंदा वसूलने का जरिया बताया. इसके अलावा उन्होंने अग्निपथ योजना को देश के नौजवान के साथ क्रूर मजाक बताया. उन्होंने आरएसएस और मुस्लिम लीग को एक बताया. गौरतलब है कि कांग्रेस ने अपनी मेनिफेस्टो में स्नातक बेरोजगारों, गरीब परिवार की महिलाओं को एक-एक लाख सालाना आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है एवं केंद्र सरकार की 30 लाख नियुक्तियों को भरने की गारंटी दी गई है. किसानों के लिए एमएसपी कानून पास करने के अलावा श्रमिकों के अधिकार की रक्षा के लिये कानून बनाने की बात कही गई है.

   प्रभारी बनने के बाद मोहन प्रकाश का यह पहला बिहार दौरा था. अतः प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा उनका जोरदार स्वागत किया गया.

संवाददाता सम्मेलन में डॉ. मदन मोहन झा, कौकब कादरी, कृपानाथ पाठक, प्रेम चन्द्र मिश्र, डॉ. समीर कुमार सिंह, अजय कुमार सिंह, बिजेंद्र चौधरी , विश्वनाथ राम, लाल बाबू लाल, ब्रजेश पाण्डेय, कपिलदेव प्रसाद यादव, सरवत जहाँ फातिमा, अम्बुज किशोर झा, निर्मल वर्मा, राजेश राठौड़ मुख्य रूप से शामिल रहे.

आलोक कुमार 

मंगलवार, 9 अप्रैल 2024

दब गया शोर ईपीएस 95 का जोर

दब गया शोर ईपीएस 95 का जोर

नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दो बार मिले.केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव से मिले.तो दोनों ऐसे मिले कि लगा न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी करके मानेंगे.केंद्रीय समिति के अध्यक्ष अशोक रावत और तब की सांसद और अब की प्रत्याशी धोखे में रह गए.राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मार्ग पर चलकर क्रमिक अनशन किए.वार्ता और संघर्ष साथ चले.मगर सकारात्मक परिणाम नदारद ही रहा.   2014 में विपक्ष में रहते हुए,भारतीय जनता पार्टी ने सत्तारूढ़ यूपीए सरकार से प्रस्तावित ₹1,000 प्रति माह पेंशन को  ₹3,000 पेंशन करने की मांग की थी.भारतीय जनता पार्टी 2014 में और फिर 2019 में सत्ता में आयी.सत्ता के मदहोश में भारतीय जनता पार्टी ने यूपीए सरकार के द्वारा प्रस्तावित ₹1,000 प्रति माह पेंशन को 01सितंबर 2014 से शुरू कर दी.       

     2014 में मध्य प्रदेश से राज्य सभा में प्रकाश जावड़ेकर फग्गन सिंह कुलस्ते की सीट पर निर्वाचित हुए थे.कांग्रेस के  कामगार विरोधी होने का खुब नारा बुलंद किये.विपक्षी भूमिका अदा करने वाले प्रकाश जावड़ेकर को सत्तासीन 2014 में होने पर भारतीय जनता पार्टी ने जावड़ेकर को केंद्रीय मंत्री बना दिया.केंद्रीय मंत्री ने ₹1,000 प्रति माह के ₹3,000 तक बढ़ाने का प्रयास नहीं किया.    बता दें कि 2014 से वर्तमान तक ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन 1,000 रुपये है और ईपीएफओ ने 1 सितंबर 2014 से पात्रता का भुगतान करना शुरू कर दिया है.ईपीएस-95 कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा चलाया जाता है और इसके डैशबोर्ड से पता चलता है कि देश में 78 लाख पेंशनधारी है.       

     राष्ट्रीय समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक रावत और राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह राजावत के नेतृत्व में हुए वार्ता व प्रदर्शन दिल्ली में होते रहे है.यह पिछले छह वर्षों से जारी है.  पेंशनभोगियों ने पूरे भारत में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के 110 कार्यालयों पर प्रदर्शन भी कर चुके हैं.वहां पर न्यूनतम मासिक पेंशन 7,500 रुपये और महंगाई भत्ता देने का आग्रह किया.लेकिन इस घटनाक्रम ने उन लोगों को खुश नहीं किया है जो लंबे समय से न्यूनतम पेंशन ₹1,000 की बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे.


आलोक कुमार

सोमवार, 8 अप्रैल 2024

पूर्णिया में चुनावी मैदान सज गया है

 पूर्णिया.

पूर्णिया में चुनावी मैदान सज गया है.पूर्णिया संसदीय क्षेत्र में जदयू से संतोष कुशवाहा, राजद महागठबंधन से बीमा भारती और कांग्रेस निर्दलीय पप्पू यादव ने नामांकन पत्र दाखिल किया है. सात योद्धाओं के बीच घमासान होने वाला है.पांच दलीय प्रत्याशियों के अलावा तीन निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में हैं. पूर्णिया लोकसभा सीट से संतोष कुशवाहा (जदयू), बीमा भारती (राजद), पप्पू यादव (निर्दलीय) के अलावा अरुण दास (बसपा), किशोर कुमार यादव (फॉरवर्ड ब्लाक), नौमान आलम और सत्येंद्र यादव निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में डटे हैं. नाम वापसी की अवधि खत्म होने के बाद चुनावी मैदान की तस्वीर साफ हो गई है. जदयू के संतोष कुशवाहा, राजद की बीमा भारती और निर्दलीय पप्पू यादव के बीच कड़ा मुकाबला होने वाला है. मुसलमान बहुल इस सीट पर इस बार मैदान में सिर्फ एक अल्पसंख्यक प्रत्याशी हैं.राजद ने महिला प्रत्याशी को उतारा है.ओवैसी की पार्टी ने पूर्णिया और लोकसभा सीट से एक भी प्रत्याशी को नहीं उतारा है.

   पूर्णिया लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को 18.90 लाख वोटर इन सात कैंडिडेट के चुनावी भाग्य का फैसला करेंगे.यहां 55 फीसदी हिन्दू जबकि 45 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं. हिन्दू मतदाताओं में करीब पांच लाख एससी-एसटी, बीसी और ओबीसी मतदाता हैं. यादव डेढ़ लाख, ब्राह्मण सवा लाख और राजपूत सवा लाख से अधिक हैं.एक लाख अन्य जातियों के मतदाता भी हैं। मुस्लिम मतदाताओं की संख्या लगभग 5 लाख है। कसबा, कोढ़ा और बनमनखी में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अधिक है. बनमनखी में वैसे यादव मतदाता सबसे ज्यादा हैं.


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