गुरुवार, 31 मार्च 2022

ईसाई समुदाय के दुखभोग अंतिम चरण में

                                                    * दुखभोग का पांचवां रविवार 3 अप्रैल को

पटना. ईसाई समुदाय के दुखभोग अंतिम चरण में पहुंचने लगा है.दुखभोग का पांचवां रविवार 3 अप्रैल को है.जानकारी के अनुसार संत पापा फ्रांसिस के धर्मविधिक अनुष्ठानों के संचालक मोनसिन्योर डियेगो रावेल्ली ने 31 मार्च को एक सूचना जारी करते हुए कहा है कि पुण्य सप्ताह में संत पापा फ्राँसिस के धर्मविधिक अनुष्ठानों का कार्यक्रम प्रकाशित कर दिया गया है.जो इस प्रकार से कार्यक्रम है-

10 अप्रैल 2022- खजूर रविवार एवं प्रभु का दुःखभोग

संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में पूर्वाहन 10.00 बजे संत पापा फ्राँसिस खजूर रविवार का समारोही जूलूस एवं ख्रीस्तयाग अर्पित करेंगे.

14 अप्रैल 2022 - पुण्य बृहस्पतिवार

प्रातः 9.30 बजे संत पेत्रुस महागिरजाघर में क्रिज्मा मिस्सा होगा, जिसमें संत पापा कार्डिनलों, महाधर्माध्यक्षो और पुरोहितों (रोम के धर्मप्रांतीय एवं धर्मसमाजी) के साथ ख्रीस्तयाग अर्पित करेंगे.

15 अप्रैल 2022 - पुण्य शुक्रवार

संत पेत्रुस महागिरजाघर में शाम 5.00 बजे पवित्र क्रूस उपासना की धर्मविधि का नेतृत्व करेंगे. शाम 9.15 में रोम के ऐतिहासिक स्थल कोलोसेयो में में क्रूस रास्ता का संचालन करेंगे.

16-17 अप्रैल 2022 - पास्का जागरण एवं पास्का रविवार

16 अप्रैल को शाम 7.30 बजे संत पेत्रुस महागिरजाघर में पास्का जागरण मिस्सा सम्पन्न किया जाएगा.  

17 अप्रैल को सुबह 10 बजे संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में पास्का महापर्व का समारोही मिस्सा का अनुष्ठान करेंगे.


आलोक कुमार


बुधवार, 30 मार्च 2022

‘मुसीबत‘ नामक गीत तथा प्रार्थना का भक्तिमय कार्यक्रम

 पटना. आज (30 मार्च 2022) एस. के. लॉरेंस के नेतृत्व में भक्त जनों के साथ, रोमा जॉर्ज के आग्रह पर विन्सेंट लुइस के निवास स्थान बालुपर  शाम 06.30 बजे प्रभु येसु के दुरूखभोग (प्राणदंड की आज्ञा से लेकर सूली पर चढ़ाए जाने तक की कष्टमय यात्रा) से सम्बन्धित ‘मुसीबत‘ नामक गीत तथा प्रार्थना का भक्तिमय कार्यक्रम है.


आलोक कुमार

मंगलवार, 29 मार्च 2022

संत पापा फ्राँसिस द्वारा दान की गई एक एम्बुलेंस

 रोम.संत पापा फ्रांसिस ने कार्डिनल कोनराड क्रेजेवस्की को एक बार फिर भेजा है जीवन रक्षक सहायता के साथ.वे लोगों की सहायता करने के लिए यूक्रेन गये, इस बार संत पापा फ्राँसिस द्वारा दान की गई एक एम्बुलेंस साथ लेकर यूक्रेन के लवीव शहर पहुँचे. प्रस्थान करने से पहले शनिवार की सुबह संत पापा फ्राँसिस ने एम्बुलेंस को आशीष दिया. कार्डिनल क्रेजेवस्की शनिवार सुबह फातिमा मरिया तीर्थालय से रोम लौटे, जहां शुक्रवार शाम को उन्होंने माता मरियम के निष्कलंक हृदय को सारी मानवता को, विशेष रूप से रूस और यूक्रेन के लोगों को समर्पित करने की धर्मविधि की अध्यक्षता की. शनिवार को पत्रकारों को बताया कि कार्डिनल, जो संत पापा की ओर से परमधर्मपीठीय कोष के दानदाता हैं, यूक्रेन के लवीव शहर की यात्रा कर रहे हैं.संत पापा फ्राँसिस द्वारा आशीष किये गये एम्बुलेंस को शहर के अधिकारियों को दिया जाएगा, जो इसे सबसे ज्यादा जरूरत वाले क्षेत्रों की सेवा में लगाएंगे. दान की गई एम्बुलेंस आबादी के लिए मदद का एक ठोस संकेत है, जिसकी संख्या कई आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के आने के कारण बहुत बढ़ गई है.

इधर बिहार की राजधानी पटना में सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय ने एक एम्बुलेंस को उपहार में कैथोलिक चर्च कुर्जी को दिया है.जो यहां के लोगों के लिए जरूरी था.

आलोक कुमार





सोमवार, 28 मार्च 2022

आज स्टेला साह की दूसरी पुण्यतिथि

   


 पटना.आज स्टेला साह की दूसरी पुण्यतिथि है.इस अवसर पर पुत्र राजन क्लेमेंट साह ने कब्रिस्तान में जाकर मोमबत्ती और अगरबत्ती जलाएं.वहींं सर्वेश्रर से प्रार्थना की मेरी मां के साथ सभी मृत आत्मा को शांति प्रदान करें.

कौन हैं स्टेला साह?

कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल में सर्विस करने वाले इग्नासियुस फिदेलिश उर्फ अनिल साह की धर्मपत्नी थीं.इसी हॉस्पिटल में कार्यरत थे सिसिल साह की मां थीं.राजन क्लेमेंट साह नेताजी की मां थीं.वे हार्टमन बालिका उच्च विघालय की टीचर थीं.पटना धर्मप्रांतीय महिला संघ की प्रथम अध्यक्ष थी.जदयू की कार्यकर्ता भी थी.पश्चिमी मैनपुरा ग्राम पंचायत की मुखिया प्रत्याशी थीं.कुर्जी पल्ली में संचालित बाबा ग्रेगरी सिलाई-कटाई केंद्र की संस्थापिका संचालिका थीं.बिशप से लेकर आम व्यक्तियों के बीच पहचान रखने वाली संम्रांत महिला थीं.

माँ आज भी है, 

मेरे संस्कार में, मेरे आधार में.

माँ का शरीर विलय हुआ है पंचतत्व में, 

पर माँ आज भी मौजूद है मेरे हर महत्व में.

माँ की दूसरी पुण्यतिथि पर मेरा सादर प्रणाम..!

आलोक कुमार

मधु और विनोद के वैवाहिक जीवन के 33 साल

 

बेतिया. पश्चिम चम्पारण जिले के बेतिया क्रिश्चियन काॅलोनी में विनोद रफायल और मधु देवी रहते हैं.दोनों के वैवाहिक बंधन में बंधे 33 साल हो गया है.बेतिया नगर परिषद के वार्ड नम्बर- वार्ड नंबर 21 की वार्ड पार्षद मधु देवी हैं. वहीं वार्ड नम्बर-21 की वार्ड पार्षद मधु देवी वार्ड पार्षद पति विनोद रफायल हैं.दोनों के वैवाहिक जीवन शानदार रहा.सामाजिक दायित्व बेहतर ढंग से निभाने के कारण वार्ड नम्बर-21 से मधु देवी लगातार दो बार विजयी घोषित हुई हैं. इस बार तीसरी बार मैदान में उतरने वाली है. मालूम हो कि बेतिया नगर परिषद को बेतिया नगर निगम बना दिया गया है. बेतियावासी खासकर वार्ड के लोग वार्ड पार्षद मधु देवी को शादी के 33 सालगिरह का उपहार बेतिया नगर परिषद के वार्ड पार्षद बनाकर देंगे.33 साल का उत्साव मनाने वाले मधु देवी और विनोद रफायल ने सारे अनुपमाओं के लिए ईश्वर को धन्यवाद दिये हैं. 

आलोक कुमार

रविवार, 27 मार्च 2022

शातिर युद्ध के सामने असहाय मानव

 


संत पापा फ्रांसिस ने खेद प्रकट किया कि यूक्रेन में शातिर युद्ध ने बहुतों को मारा और भारी पीड़ा उत्पन्न की है.उन्होंने कहा, ‘इन दिनों, मौत की खबरें एवं दृश्य हमारे घरों में मिलना जारी हैं, यहाँ तक कि यूक्रेन के हमारे बहुत सारे असहाय भाइयों एवं बहनों के घर बमों द्वारा ध्वस्त किये जा रहे हैं.‘संत पापा ने कहा, ‘युद्ध हमारी लाचारी और हमारी अपर्याप्तता की याद दिलाती है, साथ ही साथ, ईश्वर के निकट आने की आवश्यकता एवं उनकी क्षमाशीलता की निश्चितता को दर्शाता है‘सिर्फ ईश्वर बुराई को दूर, नाराजगी को वश में एवं हमारे हृदयों में शांति बहाल कर सकते हैं.

संत पापा ने याद किया कि ईश्वर ने कुँवारी मरियम को चुना ताकि मुक्ति और शांति की नई कहानी से इतिहास बदले. ‘यदि हम दुनिया बदलना चाहते हैं तो सबसे पहले अपना हृदय बदलना होगा.‘ संत पापा ने स्वर्गदूत के कुँवारी मरियम के संदेश पर चिंतन की, जिसमें ईश्वर उन्हें ईश्वर के पुत्र की माता होने का निमंत्रण देते हैं.‘प्रभु आपके साथ हैं‘कहकर गाब्रिएल दूत ने कुँवारी मरियम को आनन्द का सच्चा समाचार दिया.

संत पापा ने कहा कि मेल-मिलाप संस्कार में ख्रीस्तीय भी यही अनुभव करते हैं चूँकि ईश्वर हमारे निकट आते जब हम दीनता पूर्वक अपने पश्चातापी हृदय उनके सामने रखते हैं.पापस्वीकार एक आनन्द का संस्कार है, प्रभु हमारे घरों में प्रवेश करते हैं जैसा कि उन्होंने नाजरेथ की मरियम के घर में प्रवेश किया था तथा हमारे लिए अनापेक्षित आश्चर्य एवं आनन्द लाते हैं.

संत पापा ने पुरोहितों से भी अपील की कि वे पापस्वीकार संस्कार में ईश्वर की क्षमाशीलता व्यक्त करें और अपनी कठोरता एवं निष्ठुरता कभी न दिखायें.

उन्होंने कहा, ‘यदि एक पुरोहित अपने मन में उचित विचारों के साथ ऐसा मनोभाव नहीं रखता, तो उसके लिए अच्छा होगा कि वह पापमोचक के रूप में कार्य न करे‘.

स्वर्गदूत गाब्रिएल ने मरियम से यह भी कहा, ‘डरिये नहीं.‘ संत पापा ने कहा, ष्ईश्वर हमारी कमजोरियों एवं गलतियों को पहले से जानते हैं, फिर भी, जब हम मेल-मिलाप संस्कार ग्रहण करते हैं, तब वे हमें अपने पाँव याजक के सामने रखने के लिए आमंत्रित करते हैं। इस तरह हमारी कमजोरियाँ पुनरूत्थान के अवसर बनते हैं.कुँवारी मरियम हमें हमारे जीवन के स्रोत प्रभु की ओर लौटने के लिए निमंत्रण देती हैं जो भय एवं जीवन के खालीपन के खिलाफ आखिरी दवाई हैं

संत पापा ने अपने उपदेश के अंत में गौर किया कि ईश्वर को मरियम का प्रत्युत्तर, ईश्वर के प्रति आज्ञापालन की जीवंत चाह है.उन्होंने माता मरियम की मध्यस्थता द्वारा प्रार्थना की कि ‘ वे हमारी यात्रा को अपने हाथों में लें तथा तीखे और कठिन रास्ते को, संवाद एवं भाईचारा के रास्ते में बदल कर शांति के रास्ते पर हमारा मार्गदर्शन करें.‘


आलोक कुमार

शनिवार, 26 मार्च 2022

ईसाई समुदाय के लोग भक्ति भाव से शामिल हुए

पटना.संत मेरी चर्च,फ्रेंड्स कॉलोनी (ए.जी. कॉलोनी) में एस.के.लॉरेंस के नेतृत्व में शुक्रवार को ‘मुसीबत‘ नामक गीत एवं प्रार्थना का भक्तिमय कार्यक्रम संपन्न हुआ.ईसाई समुदाय के द्वारा गुड फ्राइडे की तैयारी के संबंध में प्रार्थना तथा भक्तिमय कार्यक्रम जारी है.यह 2 मार्च से प्रारम्भ हुआ है. इसी क्रम में एस.के. लॉरेंस के नेतृत्व में अन्य ईसाई बहुल इलाका के अलावा आज संत मेरी चर्च, फ्रेंड्स कॉलोनी (ए.जी.कॉलोनी)में पहली बार प्रभु येसु के दुःखभोग से संबंधित उनकी कष्टमय यातना भरी यात्रा तथा उनके सूली पर चढ़ाए जाने का वृतांत ‘मुसीबत‘ नामक गीत तथा प्रार्थना के भक्तिमय कार्यक्रम के जरिये संपन्न हुआ.जिसमें काफी संख्या में वहां के ईसाई समुदाय के लोग भक्ति भाव से शामिल हुए. 

इस ‘मुसीबत‘ नामक गायन में विभिन्न क्षेत्रों से आए गायन मंडली के बहुत सारे भक्तजन शामिल हुए.जिनमें एस.के. लॉरेंस के साथ पुरुष गायकों में क्लारेंस हेनरी, इग्नासियुस पीटर, सिरिल मरान्डी, सुजीत ओस्ता,विजय कुमार पॉल, एम्ब्रोस जॉन,जॉर्ज विन्सेंट माइकल, प्रकाश अब्राहम,प्रदीप केरोबिन,प्रवीण साह,रॉड्रिक


इग्नासियुस तथा महिला गायकों में  रोजी इग्नासियुस, रोजलिन पॉल,करुणा कमल,रीता अगस्टीन,आग्नेस जॉर्ज, किरण लुसी तथा रोजलिन के नाम उल्लेखनीय हैं. 

इस चर्च के पैरिश कौन्सिल के सभी मेम्बर तथा भक्त जनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कर श्रद्धा पूर्वक इस कार्यक्रम में भाग लिया.पहली बार सुन रहे सभी उपस्थित भक्तजनों को यह ‘मुसीबत‘ गीत बहुत ही अच्छा लगा. इस कार्यक्रम से पहले पल्ली पुरोहित फादर जोसेफ राज ने साढ़े पाँच बजे मिस्सा किया.


आलोक कुमार


यूक्रेन एवं रूस को कुँवारी मरियम के निष्कलंक हृदय को समर्पित किया


संत पेत्रुस वासिलिका में यूक्रेन और रूस में शांति कायम करने के लिए पोप फ्रांसिस ने पवित्र मिस्सा अर्पित किया.यूक्रेन में युद्ध को शुरू हुए लगभग एक महीना बीत चुका है, जो प्रतिदिन अपने पीड़ित लोगों को भारी पीड़ा दे रहा है और विश्व शांति के लिए खतरा है. इस अंधेरे समय में, चर्च को तत्काल शांति के राजकुमार के सामने हस्तक्षेप करने और संघर्ष से सीधे प्रभावित लोगों के साथ अपनी निकटता प्रदर्शित करने के लिए

बुलाया जाता है.मैं उन बहुत से लोगों का आभारी हूं जिन्होंने प्रार्थना, उपवास और दान के लिए मेरी अपील पर बड़ी उदारता से प्रतिक्रिया दी है.

संत पापा फ्राँसिस ने 25 मार्च, संत मरियम को स्वर्गदूत के संदेश के महापर्व के दिन सारी मानव जाति, खासकर, यूक्रेन एवं रूस को कुँवारी मरियम के निष्कलंक हृदय को समर्पित किया तथा कहा कि यह समर्पण यूक्रेन में ‘क्रूर एवं अनर्थक‘ युद्ध के बीच कुँवारी मरियम पर पूर्ण भरोसा की अभिव्यक्ति है.


आलोक कुमार

गुरुवार, 24 मार्च 2022

माता मरिया के निष्कलंक हृदय को रूस और यूक्रेन का समर्पण

 


आज ही के दिन 24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन पर हमलाकर महायुद्ध का आगाज किया था.एक माह के बाद भी युद्धविराम का ओरशोर मालूम नहीं हो रहा है.मानवाधिकार हनन को देखते हुए संत पापा ने प्रभु येसु ख्रीस्त की मां मरियम को मध्यक्षता करने के लिए आग्रहरूपी प्रार्थना करने का आह्वान किया है.विश्व के जानेमाने हस्ति संत पापा फ्राँसिस ने विश्वव्यापी कलीसिया के सभी ख्रीस्तीय विश्वासियों का आह्वान किया है कि वे 25 मार्च को यूक्रेन एवं रूस को माता मरियम के निष्कलंक हृदय को समर्पण की प्रार्थना में भाग लेकर शांति के लिए प्रार्थना करें.इसकी याद दिलाते हुए उन्होंने 24 मार्च को एक ट्वीट प्रेषित कर कहा, ‘आइये हम प्रभु के शरीरधारण के संदेश के महापर्व पर प्रार्थना दिवस को मनाने हेतु अपने आपको तैयार करें, ईश्वर की माता से प्रार्थना करने कि वे युद्ध की क्रूरता से पीड़ित लोगों के हृदयों को ऊपर उठायें.उनके निष्कलंक हृदय को समर्पण की विन्ती दुनिया में शांति लाये‘

आलोक कुमार

अंतर आत्मा की आवाज है धर्म परिवर्तन

 


हरियाणा.बीजेपी शासित राज्य उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक और हरियाणा में जबरन धर्मांतरण कानून लागू है.हरियाणा विधानसभा से बिल पास हो गया है. मंगलवार (22 मार्च 2022) को दो घंटे की चर्चा के बाद सदन ने इस पर मुहर लगाई.कांग्रेस ने इसका विरोध किया. उसके सदस्य सदन से वॉक आउट कर गए.
                                       
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बिल पर बोलते हुए कहा कि इसका उद्देश्य किसी धर्म के साथ भेदभाव करना नहीं है, ये केवल जबरन धर्मांतरण की बात करता है. विधेयक में उन विवाहों को अमान्य घोषित करने का प्रावधान है, जो पूरी तरह से एक धर्म से दूसरे धर्म में धर्मांतरण के उद्देश्य से किए गए थे.                               

 सरकार ने जबरन धर्मांतरण के विरुद्ध विधेयक में कड़े प्रावधान किए हैं.हरियाणा गैर-कानूनी धर्मांतरण रोकथाम विधेयक, 2022 के मुताबिक, अगर लालच, बल या धोखाधड़ी के जरिए धर्म परिर्वतन किया जाता है तो एक से पाँच साल तक की सजा और कम से कम एक लाख रुपए के जुर्माना का प्रावधान है.विधेयक के मुताबिक, जो भी नाबालिग या महिला अथवा अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति का धर्म परिवर्तन कराता है या इसका प्रयास करता है तो उसे कम से कम चार साल जेल का सजा मिलेगी, जिसे बढ़ाकर 10 साल और कम से कम तीन लाख रुपए का जुर्माना किया जा सकता है.

जबरन धर्मांतरण साबित होने पर अधिकतम दस साल कैद व न्यूनतम पाँच लाख रुपए का जुर्माना होगा.इसके अलावा यदि शादी के लिए धर्म छुपाया जाता है तो 3 से 10 साल तक की जेल और कम से कम 3 लाख रुपए जुर्माना लगेगा.वहीं सामूहिक धर्म परिवर्तन के संबंध में 5 से 10 साल तक की जेल और कम से कम 4 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है.इस विधेयक के तहत किया गया प्रत्येक अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होगा.  
        
हरियाणा कैबिनेट ने धर्मांतरण रोकथाम विधेयक 2022 को पहले ही इजाजत दे दी थी. 4 मार्च 2022 को गृह मंत्री अनिल विज ने इस संबंध में विधानसभा में बिल पेश किया था.बता दें कि हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने इस बिल को लेकर पहले कहा था कि भारत के संविधान की अनुच्छेद 25, 26, 27 और 28 के तहत सभी को धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार है. लोगों को किसी भी धर्म के चयन करने का अधिकार और आजादी है. इसके बावजूद जबरन धर्मांतरण के मामले सामने आए हैं और इसी को देखते हुए हरियाणा सरकार ये कानून लेकर आई है.

विश्व हिंदू परिषद ने राज्य सरकार के इस कदम की सराहना की थी.वीएचपी के संयुक्त महामंत्री सुरेंद्र जैन ने कहा था कि इस बिल से राज्य सरकार ने अपने दृढ़ संकल्प को दिखाया है.उल्लेखनीय है कि इससे पहले उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में यह कानून बन चुका है.
             
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता किरण चौधरी ने इसे हरियाणा के इतिहास का 'काला अध्याय ' बताया. मंत्री ने कहा कि यह विधेयक सांप्रदायिक विभाजन को गहरा करेगा और भविष्य में इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता रघुवीर सिंह कादियान ने कहा कि इस विधेयक को लाने की कोई जल्दबाजी नहीं है और यह विभाजनकारी राजनीति की बू आ रही है, जो कि ‘नहीं है, अच्छा‘.  यह अंतर आत्मा की आवाज है धर्म परिवर्तन. लाख कानून बनाने के बावजूद भी ईश्वरीय बुलाहट आने पर बदल ही जाएंगे.  
               
 मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने स्पष्ट किया कि ये विधेयक किसी व्यक्ति को इच्छा पूर्वक धर्म परिवर्तन पर रोक नहीं लगाता है. बशर्ते, इसके लिए उसे जिला मजिस्ट्रेट को आवेदन करना होगा.उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन का आयोजन करने का आशय रखने वाला कोई भी धार्मिक पुरोहित अथवा अन्य व्यक्ति जिला मजिस्ट्रेट को आयोजन स्थल की जानकारी देते हुए पूर्व में नोटिस देगा.इस नोटिस की एक प्रति जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जाएगी. यदि किसी व्यक्ति को आपत्ति है तो वह 30 दिनों के भीतर लिखित में अपनी आपत्ति दायर कर सकता है. जिला मजिस्ट्रेट जांच करके यह तय करेगा कि धर्म-परिवर्तन का आशय धारा-3 की उल्लंघना है या नहीं है.सामूहिक धर्म परिवर्तन के संबंध में इस विधेयक की धारा-3 के उपबंधों की उल्लंघना करने पर 5 से 10 साल तक के कारावास और कम से कम 4 लाख रुपए के जुर्माने का दण्ड दिया जाएगा.यदि कोई संस्था अथवा संगठन इस अधिनियम के उपबंधों की उल्लंघना करत है तो उसे भी इस अधिनियम की धारा-12 के अधीन दंडित किया जाएगा और उस संस्था अथवा संगठन का पंजीकरण भी रद्द कर दिया जाएगा. इस अधिनियम की उल्लंघन करने का अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होगा.

आलोक कुमार

बुधवार, 23 मार्च 2022

एस.के.लौरेंस के नेतृत्व में प्रभु येसु के दुखभोग से सम्बन्धित मुसीबत गायन करते लोग

 

पटना. कुर्जी पल्ली में एक भक्त हैं.उनका नाम है शैल कुमार लौरेंस. मगर शैल कुमार लौरेंस एस.के.लौरेंस के नाम से विख्यात हैं.एस.के.लौरेंस के नेतृत्व में प्रत्येक साल प्रभु येसु ख्रीस्त के दुखभोग के अवसर पर मुसीबत नामक गीत तथा प्रार्थना प्रस्तुत की जाती है.परम्परागत गीत को घर-घर पहुंचाने का श्रेय एस.के.लौरेंस और उनकी टीम को जाता है. आज बुधवार 23 मार्च को पूर्व सूचनानुसार फेयर फील्ड कॉलोनी में फ्रैंक अन्थोनी के निवास स्थान पर प्रभु येसु के दुखभोग  से सम्बन्धित मुसीबत नामक गीत,तथा प्रार्थना का  भक्तिमय कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ.जिसमें कॉलोनी के काफी लोग भक्तिभाव से शामिल हुए.

गुड फ्राईडे से सम्बन्धित चालीसा के दिनों में पूर्व की तरह प्रत्येक बुधवार तथा शुक्रवार को एस.के.लौरेंस  के नेतृत्व में भक्त जनों के सहयोग से मुसीबत नामक गीत तथा प्रार्थना का भक्तिमय प्रार्थना प्रारम्भ 02 मार्च 2022 से प्रारम्भ हो गया.यह मुसीबत गायन बारह वर्षों से ईसाई बहुल इलाकों तथा चर्चों में एस.के.लौरेंस  के नेतृत्व में सफलता पूर्वक  कराया जा रहा है.इसी क्रम में 02 मार्च को पहला मुसीबत गायन रिचर्ड अब्राहम के निवास स्थान चश्मा सेंटर गली, कुर्जी में भक्तिभाव से एस.के.लौरेंस के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ. इस भक्तिमय गीत को गाने में एस.के.लौरेंस  के अलावा इग्नासियूस पीटर,श्रीमती रोसलिन इ.पीटर,रिचर्ड अब्राहम,सिरील मरान्डी,करुणा कमल,अलका पौल,रंजीत,प्रकाश अब्राहम तथा कई भक्तजनों का साथ रहा.इस दौरान हाल में बांस कोठी के निवासी,जो इस गीत के पुराने तथा अच्छे गायक थे,उनके तथा रूस द्वारा युक्रेन में किये जा रहे आक्रमण में भारतीय छात्र की मृत्यु पर शोक प्रकट करते हुए इनकी आत्मा को शान्ति प्रदान की गई तथा युक्रेन में जल्द युद्ध की समाप्ति एवं विश्वभर के ईसाइयों की सुरक्षा तथा विश्व शान्ति के लिये प्रार्थना की गई.

आलोक कुमार

मंगलवार, 22 मार्च 2022

शांति की रानी हमें शांति प्राप्त करने में मदद करेंगे


रोम. संत पापा फ्राँसिस ने 22 मार्च के ट्वीट संदेश में प्रार्थना के लिए, निमंत्रण देते हुए लिखा, ‘मैं हरेक समुदाय एवं सभी विश्वासियों को निमंत्रण देता हूँ कि आप शुक्रवार 25 मार्च को, प्रभु के शरीरधारण के संदेश के पर्व पर, मेरे साथ मानवता के खासकर रूस और यूक्रेन का, कुँवारी मरियम के निष्कलंक हृदय को समर्पण में एकजुट हों, ताकि शांति की रानी हमें शांति प्राप्त करने में मदद करेंगे.‘

शुक्रवार 25 मार्च 2022 को शाम 5.00 बजे संत पापा फ्राँसिस, संत पेत्रुस महागिरजाघर में मेल-मिलाप, पापस्वीकार एवं पाप क्षमा तथा कुँवारी मरियम के निष्कलंक हृदय को समर्पण की धर्मविधि सम्पन्न करेंगे.  

जो कार्डिनल, धर्माध्यक्ष एवं धर्माधिकारी इस समारोह में भाग लेना चाहते हैं उन्हें सूचित किया गया है कि वे 4.30 बजे तक पापस्वीकार की वेदी पर अपना स्थान ग्रहण कर लें.

आलोक कुमार

पटना महाधर्मप्रांत के बक्सर और पूर्णिया धर्मप्रांत में बिशप का पद रिक्त है

 

   *   अगर रोम में रहने वाले महामहिम पोप के द्वारा किसी योग्य पुरोहित को मोनसिन्योर बनाया जाता  


रोमन कैथोलिक में अगर किसी बिशप के रिटायरमेंट होने के पहले वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती है तो ऐसी हालात पर पोप के द्वारा वहां पर रिटायर होने वाले बिशप को ही प्रेरितिक प्रशासक नियुक्त कर दिया जाता है.इन दिनों पटना महाधर्मप्रांत के बक्सर और पूर्णिया धर्मप्रांत में बिशप का पद रिक्त है.दोनों धर्मप्रांतों में रोम के द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गयी.जानकार लोगों का कहना है कि पटना महाधर्मप्रांत के गठन के बाद बिशप के रिटायर होने के पूर्व रोम के द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गयी है. बेतिया धर्मप्रांत में वयोवृद्ध फादर लौरेंस पास्कल को प्रेरितिक प्रशासक बनाकर रखा गया.इसके बाद भागलपुर से पीटर सेबास्टियन गोबियए को बिशप पद पर बैठाया गया.इसके पहले मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत में फादर विलियम डिसूजा को प्रेरितिक प्रशासक बनाया गया.उसके बाद फ्रांसिस काजीटेन को बिशप बनाया गया.आजतक पटना महाधर्मप्रांत में रोम के द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में किसी योग्य पुरोहित को मोनसिन्योर नहीं बनाया गया.इस समय सेवानिवृत महाधर्माध्यक्ष विलियम डिसूजा को बक्सर धर्मप्रांत का प्रेरितिक प्रशासक बनाकर रोम के द्वारा काम निकाला जा रहा है.इस तरह बिशप पद पाने वाले पुरोहितों की उम्मीदों पर वज्रपात हो रहा है.


आलोक कुमार

सोमवार, 21 मार्च 2022

बीजेपी में दूरदूर जाकर कार्य व पदभार संभालेंगे


 आज राजन क्लेमेंट साह का हैप्पी बर्थडे है. जन्मदिन की शुभकामनाएं और बधाई देने वालों में मंत्री रेणु देवी, विधायक डाॅ.संजीव चौधरी,बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रांतीय अध्यक्ष तुफैल कादरी आदि ने दी है

पटना.आज राजन क्लेमेंट साह का हैप्पी बर्थडे है. जन्मदिन की शुभकामनाएं और बधाई देने वालों में बिहार की उपमुख्यमंत्री मंत्री रेणु देवी, विधायक डाॅ.संजीव चौधरी,,बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रांतीय अध्यक्ष तुफैल कादरी आदि ने दी है. 

आप बिहारी ईसाई होने के बावजूद भी भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण किये हैं.आपके शानदार करतब के कारण ही भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष पद काबिज हैं.ईसाइयों के बीच पैठ होने के कारण चुनाव के समय अतिरिक्त दायित्व देकर झारखंड और गोवा भेजे गये.वहां आपने बेहतर दायित्व निभाया.

माननीय प्रधानमंत्री के जन्मोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम को सफलता से मनाने के लिए पश्चिम चम्पारण के प्रभारी बनाये गये.वहां पर बीजेपी के झंडा मजबूती से लहराया.

आज जन्मदिन के दिन राजन क्लेमेंट साह   सोशल मीडिया में छा गये हैं.शुभचिंतक व आम से खास लोग राजन क्लेमेंट साह को ईसाइयों का नेता घोषित कर चुके हैं.आशा करते हैं कि बीजेपी में दूरदूर जाकर कार्य व पदभार संभालेंगे.

आलोक कुमार

रविवार, 20 मार्च 2022

दुनिया के सभी धर्माध्यक्ष रूस और यूक्रेन को माता मरियम के निष्कलंक हृदय को समर्पित करेंगे

पटना.संत पापा फ्राँसिस रूस और यूक्रेन के बीच 25 दिनों से जारी यु़द्ध को लेकर परेशान हैं.संत पापा फ्राँसिस ने 13 मार्च को देवदूत प्रार्थना के उपरांत पूरी कलीसिया को शांति के लिए प्रार्थना करने के लिए आमंत्रित किया था.‘ मैं सभी धर्मप्रांतों और धार्मिक समुदायों से शांति के लिए प्रार्थना के अपने समय को बढ़ाने के लिए आमंत्रित करता हूँ.‘ और बुधवार, 23 फरवरी को आम दर्शन समारोह में उन्होंने यूक्रेन में शांति के लिए राख बुधवार 2 मार्च को प्रार्थना और उपवास के दिन का आह्वान करते हुए कहा था, ‘शांति की रानी दुनिया को युद्ध के पागलपन से बचाए. 


अब संत पापा फ्राँसिस ने पूरी दुनिया के धर्माध्यक्षों को अपने पुरोहितों के साथ रूस और यूक्रेन को माता मरियम के निष्कलंक हृदय को समर्पण धर्मविधि और शांति के लिए प्रार्थना में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है.25 मार्च शनिवार की शाम 5 बजे से संत पेत्रुस महागिरजाघर में पश्चात की धर्मविधि समारोह में शामिल होने को कहा है.दुनिया के सभी धर्माध्यक्ष रूस और यूक्रेन को माता मरियम के निष्कलंक हृदय को समर्पित करेंगे.

बताया जा रहा है कि शुक्रवार, 25 मार्च की शाम 5 बजे संत पेत्रुस महागिरजाघर में संत पापा फ्राँसिस पश्चताप की धर्मविधि समारोह के दौरान रूस और यूक्रेन को माता मरियम के निष्कलंक हदय को समर्पित करेंगे. उसी दिन उसी समय संत पापा के दानदाता कार्डिनल कोनराड क्रेजेवस्की, फातिमा में रूस और यूक्रेन को माता मरियम के निष्कलंक हृदय को समर्पित करेंगे. उसी दिन दुनिया के सभी धर्माध्यक्ष रूस और यूक्रेन को माता मरियम के निष्कलंक हृदय को समर्पित करेंगे.

फातिमा में 13 जुलाई 1917 को माता मरिया ने दर्शन देकर अपने निष्कलंक हृदय में रूस का समर्पण और पहले शनिवार को पश्चताप की धर्मविधि का अनुष्ठान करने के लिए कहा था.अगर यह नहीं किया गया तो रूस ‘दुनिया भर में अपनी गलतियों और युद्धों को फैलाएगा, कलीसिया में उत्पीड़न को बढ़ाएगा.अच्छे लोग शहीद हो जायेंगे, संत पापा को बहुत कुछ भुगतना होगा, विभिन्न राष्ट्रों को नष्ट कर दिया जाएगा.‘

फातिमा में माता मरिया के दर्शन देने के बाद माता मरियम के बेदाग दिल को समर्पण के विभिन्न धर्मविधि सम्पन्न किये गये. संत पापा पियुस बारहवें ने 31 अक्टूबर 1942 को पूरी दुनिया को समर्पित किया और साम्यवादी शासन में रहने के लिए मजबूर ईसाइयों की कठिन स्थिति को देखते हुए 7 जुलाई 1952 को प्रेरितिक पत्र ‘साक्रो वेर्जेंटे आन्नो’ में उन्होंने रूस के लोगों को माता मरियम के निष्कलंक हृदय को समर्पित किया.

21 नवंबर 1964 को संत पापा पॉल षष्टम ने द्वितीय वाटिकन परिषद के धर्माध्यक्षों की उपस्थिति में माता मरिया के निष्कलंक हृदय को रूस के समर्पण को नवीनीकृत किया.संत पापा जॉन पॉल द्वितीय  ने 7 जून 1981 को संत मरिया मेजर महागिरजाघर में पेंतेकोस्त के मिस्सा समारोह पर मनाए जाने वाले,’समर्पण धर्मविधि’ के लिए एक प्रार्थना की रचना की.जून 2000 में, परमधर्मपीठ ने फातिमा के रहस्य के तीसरे भाग का खुलासा किया.

उस समय, विश्वास एवं धर्म सिद्धांत के लिए बने परमधर्मपीठीय सम्मेलन के सचिव, तत्कालीन महाधर्माध्यक्ष तर्सिसियो बर्तोने ने बताया कि सिस्टर लूसिया ने 1989 के एक पत्र में व्यक्तिगत रूप से पुष्टि की थी कि समर्पण का यह गंभीर और सार्वभौमिक धर्मविधि माता मरिया की इच्छा के अनुरूप है. दर्शन देखने वाली सिस्टर लूसिया ने लिखा, ‘जैसा कि माता मरियम ने 25 मार्च 1984 को जो कहा था, सबकुछ उसी के अनुरुप किया गया.‘और अब इस वर्ष, 25 मार्च को, संत पापा फ्राँसिस दुनिया भर के धर्माध्यक्षों के साथ रूस और यूक्रेन को माता मरयम के बेदाग हृदय को समर्पित करेंगे.

आलोक कुमार


स्थानीय चर्चों को पुनर्जीवित करने के लिए धर्मसभा का उपयोग किया है


पटना.प्रेरितों की रानी ईश मंदिर को पटना प्रोविंश के द्वारा जेसुइट पुरोहितों के द्वारा संचालित किया जाता है.यहां पर हाल के दिनों में पुरोहित बने फादर राजीव रंजन पदस्थापित हैं.पटना प्रोविंश के फादर प्रोविंशियल डोनाल्ड जे मिरांडा ने फादर राजीव रंजन को अतिरिक्त कार्यभार दिये हैं.वे युवा अपोस्तोलेट के सदस्य हैं.युवा अपोस्तोलेट का सभापति फादर प्रकाश एंथोनी हैं. फादर प्रकाश एंथोनी और फादर राजीव रंजन ने मिलकर धर्म महासभा पर शानदार ढंग से संगोष्ठी आयोजित की.इसमें कुर्जी पल्ली के 30 युवाओं ने हिस्सा लिये. 

धर्म महासभा को तीन सत्र में बांटा गया था. प्रथम सत्र में फादर अनील ने धर्म महासभा पर विचार व्यक्त किये.द्वितीय चरण में फादर एंथोनी और फादर राजीव रंजन ने मिलकर टीम वर्क पर विचार व्यक्त किये.तृतीय चरण में सामूहिक चर्चा की गयी और कार्ययोजना बनायी गयी. कार्ययोजना पर ज्यादा चर्चा नहीं हुई.अपने जीवन को कैसे सवारना है.करियर गाइडेंस और पल्ली के उनकी जिम्मेवारी के बारे में बताया गया.

बताते चले कि धर्म महासभा आधिकारिक नाम हैः ‘एक धर्मसभा के लिए चर्च‘ कम्युनियन, भागीदारी और मिशन‘ संत पापा फ्राँसिस द्वारा पूरे चर्च को इस ‘धर्मसभा प्रक्रिया‘ के लिए बुलाए जाने से पहले ही, दुनिया भर के कई बिशपों ने अपने स्थानीय चर्चों को पुनर्जीवित करने के लिए धर्मसभा का उपयोग किया है.इसके आलोक में युवाओं को दिशानिर्देश देने के संगोष्ठी का आयोजन किया गया है.

फादर राजेश जेकब भाजू ने पवित्र मिस्स अर्पित किये. मिस्सा के बाद भोजन किया गया.इसके बाद संगोष्ठी में शामिल युवाओं को तरूमित्र और संत जेवियर काॅलेज का भ्रमण करवाया गया.

आलोक कुमार





 

ईश सेवक फादर कॉन्सटंट लीवंस के भारत आगमन की 137 वीं वर्षगांठ और वार्षिक तीर्थयात्रा आयोजित

 राँची .आज  हुलहुण्डू पल्ली के जमगाई गाँव में  राँची में ईश सेवक फादर कॉन्सटंट लीवंस  के भारत आगमन की 137 वीं वर्षगांठ और वार्षिक तीर्थयात्रा आयोजित की गयी.सभी पल्लीवासियों को  विशेष रूप से पल्ली पुरोहित और युवा साथियों को आज के सफल संचालन के लिए बहुत - बहुत  बधाई दी गयी.


ईश सेवक फादर कॉन्सटंट लीवंस  ने 19 मार्च 1885 ई. को जमगाई गाँव में पाँव रखा था और वहीं से छोटानागपुर के लोगों की सेवा करना आरम्भ किया था.उन्होंने अपना सारा जीवन छोटानागपुर के गरीब और कमजोर लोगों की मदद करने में बिताया. उनकी स्मृति में हर साल जमगाई में ‘लीवन्स डे‘ मनाया जाता है.

राँची महाधर्मप्रांत महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो एवं सह अनुष्ठाता सहायक धर्माध्यक्ष थेओदोर मसकरेन्स ने ईश सेवक फादर कॉन्सटंट लीवन्स को श्रद्धांजलि देते हुए माल्यार्पण किया एवं मशाल प्रज्वलित किया. तत्पश्चात् फादर कॉन्सटंट लीवंस  की संक्षिप्त जीवनी प्रस्तुत की गई। परमप्रसाद के बाद ईश सेवक फादर कॉन्सटंट लीवंस  की धन्य घोषणा के लिए विशेष प्रार्थना की गई.महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो एस.जे. ने अपने संदेश में कहा कि फादर लीवन्स कोन्सटण्ट ने जो विश्वास का बीज 137 साल पहले बोया था उसे हमें आगे बढ़ाना है और उसे जीने का प्रयत्न करना है. उन्होंने हमारे पूर्वजों को जमीनदारों के चंगुल से छुड़ाया और सी.एन.टी एवं एस.पी.टी एक्ट को लागू करवाने में भी उनकी अहम भूमिका रही है.

राँची के सहायक धर्माध्यक्ष थेओदोर मसकरेन्स ने ईश सेवक फादर कॉन्सटंट लीवंन्स एवं ईश सेविका माता मेरी बेर्नादेत्त की संत घोषणा की प्रक्रिया की जानकारी दी और कहा कि उनकी संत घोषणा के लिए हर घर, समाज और पल्ली में प्रार्थना करना है.

फादर कॉन्सटंट लीवन्स ईश्वर के प्रेम की आग से प्रज्वलित थे. उनमें ईश्वर की शक्ति को स्पष्ट देखा जा सकता है. उनका जन्म 10 अप्रैल 1856 को बेल्जियम के मूरसेलेदे में हुआ था.मानव सेवा से प्रेरित होकर उन्होंने 1878 में येसु समाज में प्रवेश किया और 1880 में मिशनरी बनकर भारत आये. 1883 में पुरोहित अभिषेक के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए पढ़ाई में व्यतीत किया उसके बाद 1885 में छोटानागपुर आये.छोटानागपुर जो आज झारखंड कहलाता है उन दिनों वहाँ के लोग जमीनदारों के चंगुल में थे एवं गरीबी, अशिक्षा, अन्याय, अत्याचार आदि कई विकट समस्याओं का सामना कर रहे थे.फादर लीबंस ने छोटनागपुर में साल सालों की अपनी प्रेरिताई में दिन-रात मेहनत कर बहुत सारे लोगों को जमीनदारों के चंगुल से छुड़ाया और उनके बीच ख्रीस्त की ज्योति जलायी.


कठोर परिश्रम और त्याग करने के कारण वे अधिक दिन छोटानागपुर में नहीं रह पाये और 7 नवम्बर 1893 को 37 साल की उम्र में बेल्जियम में उनका निधन हो गया। उनके पवित्र अवशेष को 7 नवम्बर 1993 को राँची लाया गया तथा संत मरिया महागिरजाघर में स्थापित किया गया है.

फादर कॉन्सटंट लीवंस का छोटानागपुर पदार्पण और हमारे पूर्वजों का मनफिराव एक ऐतिहासिक घटना है। बेल्जियम मिशनरी येसु संघी फादर कोन्सटंट लीवंस छोटानागपुर में बहुत कम समय के लिए अपनी मिशनरी सेवाएं दी। उनकी समर्पित मिशनरी सेवा और सुसमाचार प्रचार का प्रभाव था कि सात साल में 80 हजार लोगों ने मनफिराव कर ख्रीस्त को अंगीकार किया, इसलिए उन्हें छोटानागपुर के प्रेरित भी कहा जाता है.   

हुलहुण्डू पल्ली के जमगाई गाँव में इस मौके पर संत अन्ना की पुत्रियाँ, उर्सुलाईन की धर्मबहनें, हुलहुण्डू के पल्ली पुरोहित फादर हुबेर्तुस बेक, काथलिक सभा के सभापति राजन तिरू, प्रचारक साइमन तिरू, अनिमा, सि. एमरेंसिया और भारी संख्या में विभिन्न धर्मसमाजों के पुरोहित, धर्मबंधु, धर्मबहनें और हजारों की संख्या में विश्वासी उपस्थित थे. कार्यक्रम का समापन प्रीति भोज से किया गया.

आलोक कुमार  


शनिवार, 19 मार्च 2022

फादर बर्टी पौल का पुरोहिताभिषेक का 28 वां पावन दिवस

 

पटना.आज बालक येसु के पालक पिता संत जोसेफ का पर्व है.यह पर्व माता कलीसिया ने द्योषित की है.आज हमलोग माता मरियम के दुल्हे तथा येसु के पालक पिता संत जोसेफ को याद करते हैं.इसी तरह उत्तर बिहार के ईसाई समुदाय फादर बर्टी पौल को याद करते हैं.फादर का जन्म चखनी पल्ली में हुआ है.यह बगहा एक प्रखंड में पड़ता है.बेतिया धर्मप्रांत की चखनी पल्ली में जन्म लेने वाले फादर बर्टी पौल का पुरोहिताभिषेक का 28 वां पावन दिवस है.फादर बर्टी का पुरोहिताभिषेक 19 मार्च 1994 में हुआ था.मौसम के 28 वसंत ऋतु देख चुके फादर कहते हैं कि मेरे लिए येसु से दुआ करें ताकि मैं पुरोहिताई जीवन को पवित्रता के साथ जीते हुए ईश्वरीय योजना में आगे बढ़ते हुए मानव सेवा करता रहूं.

बता चले कि चखनी पल्ली में रहने वाले अनीश साह भी हैं.पटना जेसुइट प्रोविंश में जाने वाले प्रथम व्यक्ति हैं.हालांकि रायपुर महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप  विक्टर हेनरी  ठाकुर और पटना महाधर्मप्रांतीय पुरोहित फादर चार्ली चखनी पल्ली के ही हैं.यहां से कई सिस्टर अलाकोक भी धर्मसमाज में हैं.एक डिकेन भी हैं. इसी तरह चखनी पल्ली से ब्रदर जोसेफ साह थे. ब्रदर जार्ज ठाकुर, और फादर चार्ली साह,फादर भिनसेट ‌?,फादर लूईस पीटर साह‌ फादर राजेश ठाकुर,फादर बर्टी पौलख् फादर अमितख् ‌फादर दीपक ‌फादर रंजित ठाकुर और आर्चबिशप विक्टर हेनरी ठाकुर चखनी पल्ली से धर्म समाज और धर्मप्रान्त के लिए सेवा दे रहे हैं.

आलोक कुमार

शुक्रवार, 18 मार्च 2022

पुरोहिताभिषेक का शानदार पचास साल मुबारक हो पुरोहित

पटना.विख्यात येसु समाज के पुरोहित हैं फादर हेनरी रेबेलो. अभी 84 साल का हैं. उनका जन्म 28 अक्टूबर 1938 हुआ था. जब 21 साल के थे,तब उन्होंने येसु समाज में 8 जून 1959 में प्रवेश किए. अभी प्रवेश के 63 साल हो गया. जब वे 34 साल के थे,तब उनका पुरोहिताभिषेक 18 मार्च 1972 को हुआ.अभी 50 साल हो गया. आज फादर हेनरी रेबेलो का स्वर्णिम दिवस है.भला क्यों हो उन्होंने येसु समाज के पुरोहित के रूप में 50 वर्ष पूरा कर लिये हैं.आज 18 मार्च 2022 को पचास साल हो गया.पुरोहिताभिषेक का शानदार पचास साल मुबारक हो. 

उत्तर बिहार के ईसाइयों का उद्गम स्थल बेतिया पल्ली के पल्ली पुरोहित थे फादर हेनरी रेबेलो.कई जगहों पर शानदार कार्य करने के बाद कुर्जी पल्ली के भी पल्ली पुरोहित थे.जब पल्ली पुरोहित थे,तब विश्व विख्यात संत विंसेंट डी पौल सोसाइटी की स्थापना में कुर्जी पल्ली में की थी.संत विंसेंट डी पौल समाज के आध्यामिक सलाहकार बनकर सोसाइटी को आगे बढ़ाने का काम किया.कोलकाता के अधीन सोसाइटी रहने के बाद पटना पार्टिकुलर काउंसिल बनने के बाद सेंटल काउंसिल बना.इसके बाद आज विभिन्न पल्लियों में संचालित है.शानदार पचास वर्ष पूरा करने वाले फादर हेनरी रेबेलो शिवाजी नगर में स्थित फातिमा माता सुसमाचार केन्द्र में करिश्माई कार्य में जुड़े रहे. 

सादगी जीवन बिताने में माहिर थे. मिलनसार स्वाभाव थे. किसी तरह के विवादों को प्रार्थना के बल पर सुलझाने में विश्वास रखते थे.पल्लियों में काम करते समय किसी पल्लीवासी से विवाद नहीं हुआ.इस तरह के पल्ली पुरोहितों से पुरोहितों को सीखना चाहिए. किसी को टारगेट बनाकर पल्ली में काम नहीं करना चाहिए.


आलोक कुमार

पटना प्रोविंश यूथ कमीशन के द्वारा यूथ संगोष्ठी 20 मार्च को आत्मदर्शन में

पटना.आजकल ईसाई समुदाय का दुःखभोग चल रहा है. ईसाई धर्मावलम्बियों ने 02 मार्च को राख बुधवार मनाया. इस दिन चर्च के पुरोहितों के द्वारा विश्वासियों की ललाट पर पवित्र राख से क्रूस का चिन्ह बनाकर स्मरण दिलवाया कि हे ! मनुष्य तुम मिट्टी हो और मिट्टी में मिल जाओंगे. इस दिन ईसाई समुदाय ने उपवास और परहेज रखा. शाम के समय उपवास तोड़ा जाता है.आज दुःखभोग का 17 वां दिन है. आज शुक्रवार है.होली का दिन है. होली के पकवान से परहेज कर रहे हैं.

पवित्र दुःखभोग की अवधि में ईसाई समुदाय उपवास और परहेज रखते हैं.हालांकि इसमें माता कलीसिया ने 18 साल से नीचे और 60 साल से ऊपर वालों को छूट दे रखी है. बहरहाल ईसाई समुदाय शिद्ददत से ईसा मसीह के दुःखभोग में स्वयं को शामिल कर रहे हैं. उपवास और परहेज रखते हैं. बुधवार और शुक्रवार के दिन में चर्च जाते हैं और ईसा मसीह के दुःखों पर आधारित 14 मुकाम में बड़ी भक्ति से शामिल होते हैं. इसके बाद पवित्र धार्मिक अनुष्ठान में सशरीर उपस्थित होकर परमप्रसाद ग्रहण करते हैं.

इस बीच पटना प्रोविंश यूथ कमीशन के द्वारा यूथ संगोष्ठी 20 मार्च को आत्मदर्शन में किया गया है.यूथ संगोष्ठी चालीसा अवधि 20 मार्च को ईसाई युवाओं के लिए आयोजित की गयी है. बता दें कि 20 मार्च को एक्सटीटीआई परिसर में स्थित आत्मदर्शन में पहुंचना है.यहां पर संगोष्ठी है.सुबह 8ः00 बजे से रजिस्ट्रेशन होगा.8ः30 बजे से एक-दूसरे के साथ परिचय करवाया जाएगा. इसके बाद 8ः45 बजे से प्रथम सत्र आरंभ होगा.इसमें भाग लेने के लिए यूथ से आग्रह किया गया है.याद रहे कि यूथ को पंजीयन शुल्क के रूप में 50 रूपये देना होगा.इस शुल्क से भोजनादि उपलब्ध कराया जाएगा.इसका आयोजक पटना प्रोविंश यूथ कमीशन है.इसका संयोजक हैं फादर राजीव रंजन और प्रकाश अंतोनी.

आलोक कुमार 


केरल को 'ईश्वर का अपना घर' कहा जाता है


मलयट्टूर. ईसाई मिशनरियों के द्वारा ऐसा कहा जाता है कि “भारत मे ईसाइयत का आगमन ईसा मसीह के बारह प्रेरितों (शिष्यों) में से एक थोमस के द्वारा अरब की खाड़ी पार कर भारत में आने के साथ ही शुरु हो गया था. सन् 52 ईं. मे केरल के क्रान्गानोर नामक जगह पर पहुँचे, जहाँ से उन्होंने भारत के तटीय इलाकों में सुसमाचार प्रचार किया. सर्वप्रथम मालावार तट के ब्राह्मणों के बीच उसने प्रचार किया और उनके प्रभाव से कई ब्राह्मणों ने ईसाइयत को ग्रहण किये.

संत थॉमस चर्च, मलयट्टूर के विकर जनरल का कहना है कि मलयट्टूर में स्थित पहाड़ पर संत थोमस चढ़े थे.वहां पर संत थोमस का पैरों का निशान है.जो पवित्र स्थान और दर्शनीय स्थल बन गया है.केरल एवं अन्य राज्यों के भक्तगण दर्शन करने आते हैं.जमीन से लेकर पहाड़ की चोटी तक प्रकाश की व्यवस्था कर दी गयी है.रात में आसानी से दर्शन किया जा सकता है.यहां संत थोमस चर्च भी है.

बताते चले कि प्रत्येक दिन भक्तगण पहाड़ की चोटी तक जाते हैं. इस समय यानी प्रभु येसु ख्रीस्त के दुखभोग अवधि में भक्तों की संख्या अधिक हो जाती है. पहाड़ पर चढ़ते समय भक्तगण कूस का रास्ता तय करते चलते जाते हैं. नीचे से चोटी तक चढ़ने में दिक्कत होती है. जगह-जगह ठहर तक प्रार्थना करते आगे बढ़ते हैं.पहाड़ की चोटी पर चढ़कर संत थोमस के पैर के निशान देखकर सभी तरह की दिक्कत भूल जाते हैं.

इस बीच संत थोमस चर्च, मलयट्टूर के द्वारा विशेष व्यवस्था की गयी है.मलयट्टूर कुरीसुमुदी तीर्थयात्रा का समय जारी कर दिया गया है.यह बताया गया कि आज 18.03.2022, शुक्रवार से, जब तक हम आगे की घोषणा नहीं करते, तीर्थयात्री दिन के 24 घंटे कुरीसुमुदी शिखर पर जा सकते हैं.रात्रि तीर्थयात्रा के लिए सभी आवश्यक प्रकाश व्यवस्था की गई है. तीर्थयात्रियों का हार्दिक स्वागत है.केरल को 'ईश्वर का अपना घर' कहा जाता है. भगवान आप सबको आशीर्वाद दें. संत थॉमस हम सभी के लिए हस्तक्षेप करें और स्वर्ग से आशीर्वाद बरसाएं.



इस ऐतिहासिक स्थल का दीदार आलोक कुमार भी हुए हैं. 





गुरुवार, 17 मार्च 2022

प्रसिद्ध गीतकार एंथोनी दीपक की 88 वीं जयंती मनायी गयी

 रोमन कैथोलिक समुदाय में बहुत ही कम शख्स है जो हिन्दी भाषा के गीतकार हो.मगर पश्चिम चम्पारण के रामनगर में रहने वाले एंथोनी दीपक नामक हस्ती को विशिष्टता प्राप्त हुई.उनकी 88 वीं जयंती मनाई गई. पेश है स्वीटी माइकल की रिपोर्ट..


रामनगर. पश्चिम चम्पारण जिले में है रामनगर.यहां पर रोमन कैथोलिक समुदाय के लोग रामनगर पल्ली में रहते हैं. इस समय बेतिया धर्मप्रांत के विकर जनरल सह पल्ली पुरोहित फादर फिनटन साह हैं.इस पल्ली में अरूण एंथोनी दीपक रहते हैं. इनका पिताश्री प्रसिद्ध गीतकार एंथोनी दीपक थे.उनकी 88 वीं जयंती मनायी गयी. जयंती समारोह पूर्वक नगर के सोमेश्वर साहित्य संसद परिसर में परमार्थ संस्थान द्वारा मनाई गई. उपस्थित गणमान्यों ने

गीतकार दीपक के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर और दीप जलाकर क्रार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. वाद्य यंत्रों के माध्यम से भी गीतकार तथा संगीतकार एंथोनी दीपक को श्रद्धांजलि दी गई.

 इस कार्यक्रम के दौरान परमार्थ महिला सम्मान- 2022 से चुहड़ी में रहने वाली और बेतिया में कार्य करने वाली समाजसेविका मेरी आडलीन को सम्मानित किया गया.मेरी आडलीन को यह सम्मान कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रखंड प्रमुख निहारिका नूतन व विशिष्ट अतिथियों के हाथों प्रशस्ति पत्र व शॉल देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का संचालन संस्थान के संस्थापक दिनेश मुखिया एवं अधिवक्ता सौरभ पांडे ने किया.


अपने संबोधन में नरेश राम ने कहा 5 दशकों तक नगर में अपनी सेवा देने वाले एंथोनी दीपक की प्रतिमा की स्थापना होनी चाहिए.वहीं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मधुकर राय ने कहा कि सोमेश्वर साहित्य संसद के भवन एवं परिसर का सौंदर्यीकरण होना चाहिए. जिसका उपस्थित सैंकड़ों साहित्य प्रेमियों ने सहर्ष स्वीकार किया. ई. रतन शंकर झा और रंजन उपाध्याय ने भी अपने संबोधन में दीपक जी संस्मरणों को जीवंत किया.

इस अवसर पर उपस्थित विशिष्ट अतिथियों स्टेशन मास्टर शिशिर राय, प्रोफेसर असलम खान एवं नवीन श्रीवास्तव द्वारा गीतकार दीपक के गीत गाये गए. दीपक
के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आचार्य दिनेश शुक्ल , गौतम प्रसाद राव , सदाकांत शुक्ल, दैनिक भास्कर के अनुमंडल प्रभारी शिवशंकर सत्यार्थी , ओबैदुर रहमान , सुरेंद्र यादव , बुलबुल सिंह , पुनम द्विवेदी ,मधुकर राय , हेमराज बैठा , अरूण दीपक ,कुश शर्मा शिवशंकर सत्यार्थी , आलोक जयसवाल आदि ने प्रकाश डाला.


कार्यक्रम में सरपंच संघ के प्रखंड अध्यक्ष सुभाष साहनी , उप मुखिया संघ के उपाध्यक्ष मनीष पांडेय, नरेश राम , जदयू के प्रखंड अध्यक्ष संजय मिश्रा , खिलाड़ी नरसिंह यादव , राजेंद्र यादव , नागेंद्र साह, अरमान खान , मयूर सेन यादव , शिवनाथ चैबे अनपढ़ , मनोज यादव , शेख सज्जन , विजय गुप्ता आदि उपस्थित रहे । संस्थान के सदस्यों राजेश यादव ,बब्लू पासवान , अनुराग मिश्र, संतोष पौलुस, रामकुमार शर्मा , छोटेलाल मोदनवाल ,सुबोध यादव , प्रकाश श्रीवास्तव आदि ने आगत अतिथियों का स्वागत किया.


बुधवार, 16 मार्च 2022

कुर्जी पल्ली के युवाओं के लिए एक आधे दिवसीय ‘यूथ ओरिएंटेशन प्रोग्राम‘

 

टना.दीघा स्थित ‘एक्सटीटीआई‘ परिसर में है आत्मदर्शन.कुर्जी पल्ली के द्वारा 20 मार्च को दिन रविवार को कुर्जी पल्ली के युवाओं के लिए एक आधे दिवसीय ‘यूथ ओरिएंटेशन प्रोग्राम‘ रखा गया है. इस संगोष्ठी में ‘धर्मसभा पर धर्मसभा‘ का आधिकारिक नाम हैः ‘एक धर्मसभा के लिए चर्च‘ कम्युनियन, भागीदारी और मिशन‘ संत पापा फ्राँसिस द्वारा पूरे चर्च को इस ‘धर्मसभा प्रक्रिया‘ के लिए बुलाए जाने से पहले ही, दुनिया भर के कई बिशपों ने अपने स्थानीय चर्चों को पुनर्जीवित करने के लिए धर्मसभा का उपयोग किया है.इसके आलोक में युवाओं को दिशानिर्देश देने के संगोष्ठी का आयोजन किया गया है.

कुर्जी पैरिश यूथ ओरिएंटेशन प्रोग्राम आत्मदर्शन में 20 मार्च 2022 को होगा. इसमें भाग लेने वाले युवागण का आगमन आत्मदर्शन में होगा. यहां पर आगमन होने के बाद 8ः00 बजे पंजीकरण होगा. पंजीकरण होने के बाद 8ः 30 बजे से एक-दूसरे के साथ परिचय होगा. 8ः45 बजे से प्रथम सत्र प्रारंभ फादर अनिल के द्वारा synadollityपर होगा. द्वितीय सत्र 9ः45 बजे से फादर प्रकाश के द्वारा टीम वर्क पर होगा. इस सत्र के बाद 10ः30 कॉफी ब्रेक होगा. तीसरा सत्र 11ः 00 बजे से होगा. इस सत्र में धर्मसभा पर चर्चा और भविष्य की योजना बनायी जाएगी.इसके बाद 12ः 10 बजे से फादर राजेश जैकब के द्वारा पवित्र मिस्सा किया जाएगा.इसके बाद 1ः00 बजे से दोपहर का भोजन समय होगा.इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन फीस मात्र 50 ₹ रखा गया है.इस कार्यक्रम के बाद तरूमित्र आश्रम का भ्रमण होगा.

आलोक कुमार

मंगलवार, 15 मार्च 2022

शपथ जोशुआ पीटर डि‘सूजा ले रहे हैं

पणजी.गोवा में मंगलवार को नवनिर्वाचित विधायकों ने शपथ ली. प्रोटेम स्पीकर गणेश गांवकर ने सभी 39 नव निर्वाचित विधायकों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. विधायकों ने कोंकणी, मराठी या अंग्रेजी भाषा में शपथ ली.शपथ ग्रहण करने के बाद सभी विधायकों ने एक साथ फोटो भी खिंचवाया. विधानसभा में सभी एक-दूसरे से बात करते हुए दिखाई दिए. इससे पहले सोमवार को नए सदस्यों को शपथ दिलाने के लिए राज्यपाल पी एस श्रीधरन पिल्लई ने विधानसभा सत्र बुलाया था. श्रीधरन ने नवनिर्वाचित विधायक गणेश गांवकर को विधानसभा सत्र से पहले सोमवार को प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ दिलाई थी.   

आठ गोवा विधानसभा के उनतीस विधायकों ने मंगलवार को पद की शपथ ली, आखिरी दिन जब पिछली गोवा विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होना था. प्रोटेम स्पीकर ने सोमवार को राज्यपाल के समक्ष शपथ ली थी. गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के इस्तीफा देने के बाद, शनिवार 12 मार्च को राज्यपाल द्वारा सातवीं गोवा विधानसभा को भंग कर दिया गया था.

गोवा विधानसभा में कुल 19 नए चेहरे हैं, जो विधायी प्रक्रिया के लिए बिल्कुल नए हैं.इसके अलावा, चार विधायक पूर्व में गोवा विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं, जिनमें प्रोटेम स्पीकर गणेश गांवकर भी शामिल हैं.सत्रह विधायक निवर्तमान सातवीं गोवा विधानसभा का हिस्सा थे.कुल 39 विधायकों में से 19 ने अंग्रेजी में शपथ ली, 12 ने आधिकारिक भाषा कोंकणी में और 7 ने मराठी में शपथ ली. कुछ विधायक सूट में थे, कुछ ने बनियान में और कुछ ने शर्ट पहन रखी थी.

गोवा की आठवीं विधान सभा के पहले सत्र के प्रभावी रूप से शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत भारत के राष्ट्रगान के गायन के साथ हुई.इसके बाद स्पीकर ने जीत अरोलकर को शपथ लेने के लिए बुलाया, जो मंड्रेम से चुने गए थे.उन्होंने और पेरनेम के प्रवीण अर्लेकर दोनों ने अंग्रेजी में शपथ ली. डेलीलाह लोबो, रोहन खौंटे, रोडोल्फो फर्नांडीस, वीरेश बोरकर, राजेश फलदेसाई, प्रमोद सावंत, विजय सरदेसाई, दिगंबर कामत, वेन्जी वीगास, यूरी अलेमाओ और एल्टन डीश्कोस्टा ने कोंकणी में शपथ ली. यहां तक ​​​​कि निर्वाचित विधायक शपथ लेने के लिए अपनी पसंद की भाषा चुनने के लिए स्वतंत्र थे, कुछ शब्दों पर लड़खड़ाते हुए शब्दों में श्संविधानश् शब्द शामिल है, संभवतः घबराहट के कारण शपथ लेते समय.         

विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिगंबर कामत ने दावा किया कि राज्य के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि बिना सरकार बने विधायकों को शपथ दिलाई गई है.इससे पहले शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने दो विधायक दोपहिया वाहन से विधानसभा भवन पहुंचे थे.       राज्य में भले ही विधायकों का शपथ ग्रहण हो गया हो और 16 मार्च को विधानसभा का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा हो लेकिन अभी भी मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला नहीं हो सका है.

कार्यवाहक मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि 39 विधायकों का शपथ ग्रहण हो चुका है. केंद्र से पर्यवेक्षक आने वाले हैं उनके आने के बाद हम चर्चा करेंगे और फिर विधायक दल के नेता पर निर्णय लिया जाएगा, फिर सरकार बनेगी.मैं आज दिल्ली जा रहा हूं। बता दें कि बीजेपी हाईकमान ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और एल मुरुगन को गोवा में पर्यवेक्षक और सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.                                

बता दें कि गोवा की 40 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 14 फरवरी को हुआ था और परिणाम 10 मार्च को घोषित किए गए थे.40 विधानसभा सीटों वाली गोवा में 20 सीटें जीतकर बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. लेकिन उसे बहुमत के लिए एक सीट और चाहिए.हालांकि पार्टी को तीन निर्दलीय विधायकों और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के दो विधायकों से बिना शर्त समर्थन के पत्र मिल चुके हैं. जबकि कांग्रेस, केवल 11 सीटें जीत सकी, जिसमें एक और सीट उसके गठबंधन सहयोगी, गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने जीती.


प्रोटेम स्पीकर श्री गणेश गांवकर जी की उपस्थिति में गोवा सचिवालय में शपथ की. शपथ जोशुआ पीटर डि‘सूजा ले रहे हैं. उन्होंने विधान सभा का सदस्य चुने जाने के बाद ईश्वर के नाम की शपथ ली, कि मैं उनके प्रति सच्ची आस्था और निष्ठा रखूंगा.


आलोक कुमार

सोमवार, 14 मार्च 2022

72 वर्षों में चौथी मदर जनरल हैं सिस्टर जोसेफ

*  केरल की नारी सिस्टर जोसेफ की मदर जनरल पद संभालने की तैयारी

* 72 वर्षों में चौथी मदर जनरल हैं सिस्टर जोसेफ  

कोलकाता.मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना 1950 में हुई.कोलकाता की माता मदर टेरेसा ने स्थापित की थी.मिशनरीज ऑफ चैरिटी में 1950 से 1997 तक मदर जनरल पद पर काबिज रही.अल्बानियाई मदर टेरेसा  रिकॉड 47 साल उक्त पद पर कर शानदार सेवाकार्य की.             

इसके बाद मदर जनरल सिस्टर निर्मला जोशी बनी.वे एक नेपाली मूल के हिंदू-ब्राह्मण परिवार में जन्मी थी. उनके पिता भारतीय सेना में अफसर थे.मदर जनरल पद 12 साल 1997 से 2009 तक सिस्टर निर्मला जोशी सेवाकार्य की.                          

इसके बाद तीसरे मदर जनरल सिस्टर सीनियर मैरी प्रेमा पियरिक बनी.जर्मनी की सिस्टर सीनियर मैरी प्रेमा पियरिक 2009 से 2022 मदर जनरल पद 13 साल रहकर सेवाकार्य की.   

मिशनरीज ऑफ चैरिटी की इन  त्रिमूर्ति मदर जनरल पद पर 72 साल तक सेवाकार्य करके एक    रोमन कैथोलिक धार्मिक कलीसिया को आगे बढ़ाती रही.मिशनरीज ऑफ चैरिटी में 2020 में, इसमें 5,167 धार्मिक बहनें शामिल थीं और 2012 तक 133 देशों में सक्रिय थीं.कलीसिया उन लोगों के लिए घरों का प्रबंधन करती है जो एचआईवी/एड्स , कुष्ठ और तपेदिक से मर रहे हैं. यह सूप किचन , डिस्पेंसरी, मोबाइल क्लीनिक, बच्चों और परिवार परामर्श कार्यक्रमों के साथ-साथ अनाथालय और स्कूल भी चलाता है. सदस्य शुद्धता, गरीबी और आज्ञाकारिता की शपथ लेते हैं , और एक चौथा प्रतिज्ञा भी करते हैं - "गरीब से गरीब व्यक्ति को पूरे दिल से मुफ्त सेवा" देने के लिए.                                                                

अब भारतीय नारी को 2022 में मिशनरीज ऑफ चैरिटी को मदर जनरल बनाया गया है.वह केरल की रहने वाली सिस्टर जोसेफ हैं.स्वागत है नव घोषित मदर जनरल सिस्टर जोसेफ.मिशनरीज ऑफ चैरिटी के सूत्रों के अनुसार, चुनाव 13 मार्च को पूर्वी भारत के कोलकाता में मण्डली मुख्यालय-मदर हाउस में हुआ था.वर्तमान में, सिस्टर जोसफ कलीसिया के केरल क्षेत्र, दक्षिण में श्रेष्ठ हैं.              

मदर जनरल सिस्टर जोसेफ के बनते ही केरल में हर्ष व्याप्त है.आपके कंधे पर संत टेरेसा,  सिस्टर निर्मला जोशी और सिस्टर सीनियर मैरी प्रेमा पियरिक के शानदार सेवाकार्य को आगे रफ्तार देना है.

मदर टेरेसा अपने काम के लिए विश्व प्रसिद्ध हुईं. सितंबर 1997 में उनकी मृत्यु हो गई और पोप फ्रांसिस ने उन्हें 2016 में कोलकाता की सेंट टेरेसा के रूप में विहित किया.

आलोक कुमार

कुर्जी पल्ली के भक्तगणों की उपस्थिति में कुर्जी पल्ली को एम्बुलेंस प्रदान किया गया






























कुर्जी पल्ली परिसर में रविवार 13 मार्च 2022 को सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय के द्वारा एम्बुलेंस उपहार में देते वक्त बोलती तस्वीर

पटना महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष सेबास्टियन कल्लूपुरा, कुर्जी पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर पायस प्रशांत माइकल ओस्ता,फादर डेनिस,फादर राजीव रंजन

बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अल्पसंख्यक विभाग के उपाध्यक्ष सिसिल साह, अल्पसंख्यक ईसाई कल्याण संघ के महासचिव एस.के.लाॅरेंस, कुर्जी पल्ली परिषद के पूर्व सचिव गाब्रिएल जोन,सुशील लोबो,आलोक बेसरा, शालिनी

पटना नगर निगम की डिप्टी मेयर रजनी देवी, सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू राय,राजकुमार,भाई धर्मेंद्र, विक्टर फ्र्रांसिस, मुकेश यादव,अजय फ्रांसिस

कुर्जी पल्ली के भक्तगणों की उपस्थिति में कुर्जी पल्ली को एम्बुलेंस प्रदान किया गया


 आलोक कुमार

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