पवित्र दुःखभोग की अवधि में ईसाई समुदाय उपवास और परहेज रखते हैं.हालांकि इसमें माता कलीसिया ने 18 साल से नीचे और 60 साल से ऊपर वालों को छूट दे रखी है. बहरहाल ईसाई समुदाय शिद्ददत से ईसा मसीह के दुःखभोग में स्वयं को शामिल कर रहे हैं. उपवास और परहेज रखते हैं. बुधवार और शुक्रवार के दिन में चर्च जाते हैं और ईसा मसीह के दुःखों पर आधारित 14 मुकाम में बड़ी भक्ति से शामिल होते हैं. इसके बाद पवित्र धार्मिक अनुष्ठान में सशरीर उपस्थित होकर परमप्रसाद ग्रहण करते हैं.
इस बीच पटना प्रोविंश यूथ कमीशन के द्वारा यूथ संगोष्ठी 20 मार्च को आत्मदर्शन में किया गया है.यूथ संगोष्ठी चालीसा अवधि 20 मार्च को ईसाई युवाओं के लिए आयोजित की गयी है. बता दें कि 20 मार्च को एक्सटीटीआई परिसर में स्थित आत्मदर्शन में पहुंचना है.यहां पर संगोष्ठी है.सुबह 8ः00 बजे से रजिस्ट्रेशन होगा.8ः30 बजे से एक-दूसरे के साथ परिचय करवाया जाएगा. इसके बाद 8ः45 बजे से प्रथम सत्र आरंभ होगा.इसमें भाग लेने के लिए यूथ से आग्रह किया गया है.याद रहे कि यूथ को पंजीयन शुल्क के रूप में 50 रूपये देना होगा.इस शुल्क से भोजनादि उपलब्ध कराया जाएगा.इसका आयोजक पटना प्रोविंश यूथ कमीशन है.इसका संयोजक हैं फादर राजीव रंजन और प्रकाश अंतोनी.
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