आठ गोवा विधानसभा के उनतीस विधायकों ने मंगलवार को पद की शपथ ली, आखिरी दिन जब पिछली गोवा विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होना था. प्रोटेम स्पीकर ने सोमवार को राज्यपाल के समक्ष शपथ ली थी. गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के इस्तीफा देने के बाद, शनिवार 12 मार्च को राज्यपाल द्वारा सातवीं गोवा विधानसभा को भंग कर दिया गया था.
गोवा विधानसभा में कुल 19 नए चेहरे हैं, जो विधायी प्रक्रिया के लिए बिल्कुल नए हैं.इसके अलावा, चार विधायक पूर्व में गोवा विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं, जिनमें प्रोटेम स्पीकर गणेश गांवकर भी शामिल हैं.सत्रह विधायक निवर्तमान सातवीं गोवा विधानसभा का हिस्सा थे.कुल 39 विधायकों में से 19 ने अंग्रेजी में शपथ ली, 12 ने आधिकारिक भाषा कोंकणी में और 7 ने मराठी में शपथ ली. कुछ विधायक सूट में थे, कुछ ने बनियान में और कुछ ने शर्ट पहन रखी थी.
गोवा की आठवीं विधान सभा के पहले सत्र के प्रभावी रूप से शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत भारत के राष्ट्रगान के गायन के साथ हुई.इसके बाद स्पीकर ने जीत अरोलकर को शपथ लेने के लिए बुलाया, जो मंड्रेम से चुने गए थे.उन्होंने और पेरनेम के प्रवीण अर्लेकर दोनों ने अंग्रेजी में शपथ ली. डेलीलाह लोबो, रोहन खौंटे, रोडोल्फो फर्नांडीस, वीरेश बोरकर, राजेश फलदेसाई, प्रमोद सावंत, विजय सरदेसाई, दिगंबर कामत, वेन्जी वीगास, यूरी अलेमाओ और एल्टन डीश्कोस्टा ने कोंकणी में शपथ ली. यहां तक कि निर्वाचित विधायक शपथ लेने के लिए अपनी पसंद की भाषा चुनने के लिए स्वतंत्र थे, कुछ शब्दों पर लड़खड़ाते हुए शब्दों में श्संविधानश् शब्द शामिल है, संभवतः घबराहट के कारण शपथ लेते समय.
विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिगंबर कामत ने दावा किया कि राज्य के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि बिना सरकार बने विधायकों को शपथ दिलाई गई है.इससे पहले शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने दो विधायक दोपहिया वाहन से विधानसभा भवन पहुंचे थे. राज्य में भले ही विधायकों का शपथ ग्रहण हो गया हो और 16 मार्च को विधानसभा का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा हो लेकिन अभी भी मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला नहीं हो सका है.
बता दें कि गोवा की 40 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 14 फरवरी को हुआ था और परिणाम 10 मार्च को घोषित किए गए थे.40 विधानसभा सीटों वाली गोवा में 20 सीटें जीतकर बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. लेकिन उसे बहुमत के लिए एक सीट और चाहिए.हालांकि पार्टी को तीन निर्दलीय विधायकों और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के दो विधायकों से बिना शर्त समर्थन के पत्र मिल चुके हैं. जबकि कांग्रेस, केवल 11 सीटें जीत सकी, जिसमें एक और सीट उसके गठबंधन सहयोगी, गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने जीती.
आलोक कुमार
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