बुधवार, 10 अप्रैल 2024

वोट न डालना पाप है: बेंगलुरु के आर्चबिशप पीटर मचाडो

 वोट न डालना पाप है: बेंगलुरु के आर्चबिशप पीटर मचाडो

आर्चबिशप डॉ. पीटर मचाडो बैंगलोर आर्चडायसिस के 7वें आर्चबिशप हैं

कर्नाटक.कर्नाटक
राज्य का होन्नावर तटीय एक बंदरगाह शहर है जो अपने खूबसूरत परिदृश्य और समृद्ध इतिहास के लिए जाना जाता है. बंदरगाह ने अरब दुनिया के विदेशी व्यापारियों के साथ-साथ बाद में पुर्तगाल, इंग्लैंड और नीदरलैंड जैसे यूरोपीय देशों से भी मेजबानी की.

    उत्तर कन्नड़ जिले के होन्नावर के रहने वाले हैं डॉ. पीटर मचाडो. उनका जन्म 26 मई, 1954 को हुआ.वे धार्मिक प्रवृत्ति के थे.वे ईसाई धर्म समाज में प्रवेश कर गए.धार्मिक अध्ययन करने के बाद

8 दिसंबर 1978 को कारवार धर्मप्रांत के लिए पुरोहित नियुक्त किये गए. उन्होंने रोम के पोंटिफिकल अर्बनियाना विश्वविद्यालय से कैनन लॉ में डॉक्टरेट की उपाधि भी प्राप्त की है.

    बताया गया कि 2 फरवरी 2006 को तत्कालीन पोप बेनेडिक्ट XVI द्वारा बेलगावी धर्मप्रांत का बिशप नियुक्त किया गया था, और उसी वर्ष 30 मार्च को उन्हें बेलगावी धर्मप्रांत में बिशप अभिषेक किया गया था.परम पावन पोप फ्रांसिस ने बिशप पीटर मचाडो को बैंगलोर के 7वें आर्चबिशप के रूप में नियुक्त किया और 19 मार्च, 2018 को वेटिकन में आधिकारिक तौर पर इसकी जानकारी दी गई और 31 मई 2018 को स्थापित किया गया.

     मौलिक और अल्पसंख्यक अधिकारों पर,हाल ही में बुलाई गई एक धर्मोपदेश में बेंगलुरु महाधर्मप्रांत के शीर्ष कैथोलिक आर्चबिशप आर्चबिशप पीटर मचाडो ने ईसाइयों से आगामी संसदीय चुनावों में वोट डालने का आह्वान किया.

    मानवाधिकारों के प्रबल समर्थक आर्चबिशप, जो सार्वजनिक बयान देने से नहीं हिचकिचाते, ने कहा कि ईसाई समुदाय को धर्मनिरपेक्ष, गैर सांप्रदायिक और कम भ्रष्ट राजनेताओं को वोट देना चाहिए जो भारत के संविधान की रक्षा करेंगे. उन्होंने ईसाइयों से मतदाता सूची में अपना नाम सत्यापित करने का आह्वान किया और उन्हें चुनाव के दिन अन्य कार्य करने से मना किया.

आलोक कुमार

मोदी के अन्यायकाल से मुक्ति का दस्तावेज है कांग्रेस का न्यायपत्र : मोहन प्रकाश

मोदी के अन्यायकाल से मुक्ति का दस्तावेज है कांग्रेस का न्यायपत्र : मोहन प्रकाश

पटना. पिछले 10 सालों में समाज के हर तबकों के साथ जो अन्याय होता रहा है उससे देश को मुक्ति दिलाना कांग्रेस की जिम्मेवारी है. इसीलिए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने पांच न्याय की बात की. युवा न्याय, नारी न्याय, किसान न्याय, श्रमिक न्याय और हिस्सेदारी न्याय एवं हर न्याय के तहत दी जाने वाली पांच-पांच गारंटी कांग्रेस के मेनिफेस्टो की आत्मा है. इसतरह कांग्रेस का न्याय पत्र भाजपा के अन्याय काल से मुक्ति का दस्तावेज है.

        ये बातें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव एवं बिहार कांग्रेस के प्रभारी मोहन प्रकाश ने बुधवार को कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित प्रेस वार्ता में कही. उन्होंने इस प्रेसवार्ता को बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह के साथ संयुक्त रूप से संबोधित किया. मोहन प्रकाश ने कांग्रेस के न्याय पत्र की मूल भावना से मीडिया को अवगत कराते हुए कहा कि कांग्रेस की गारंटी लिखित रूप से दी हुई गारंटी है जबकि मोदी की गारंटी हवा हवाई है. उन्होंने पूछा कि अगर भाजपा मोदी के अलावा किसी और को प्रधान मंत्री के रूप में चुनती है तो मोदी की गारंटी का क्या होगा. इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने कांग्रेस के न्याय पत्र को देश के सर्वांगीण विकास के लिए राहुल गाँधी के विजन का दस्तावेज बताया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मेनिफेस्टो युवा, महिला एवं किसान को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है.

        बिहार प्रभारी ने इलेक्टोरल बॉन्ड को छलावा करार दिया एवं धंधा देकर चंदा वसूलने का जरिया बताया. इसके अलावा उन्होंने अग्निपथ योजना को देश के नौजवान के साथ क्रूर मजाक बताया. उन्होंने आरएसएस और मुस्लिम लीग को एक बताया. गौरतलब है कि कांग्रेस ने अपनी मेनिफेस्टो में स्नातक बेरोजगारों, गरीब परिवार की महिलाओं को एक-एक लाख सालाना आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है एवं केंद्र सरकार की 30 लाख नियुक्तियों को भरने की गारंटी दी गई है. किसानों के लिए एमएसपी कानून पास करने के अलावा श्रमिकों के अधिकार की रक्षा के लिये कानून बनाने की बात कही गई है.

   प्रभारी बनने के बाद मोहन प्रकाश का यह पहला बिहार दौरा था. अतः प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा उनका जोरदार स्वागत किया गया.

संवाददाता सम्मेलन में डॉ. मदन मोहन झा, कौकब कादरी, कृपानाथ पाठक, प्रेम चन्द्र मिश्र, डॉ. समीर कुमार सिंह, अजय कुमार सिंह, बिजेंद्र चौधरी , विश्वनाथ राम, लाल बाबू लाल, ब्रजेश पाण्डेय, कपिलदेव प्रसाद यादव, सरवत जहाँ फातिमा, अम्बुज किशोर झा, निर्मल वर्मा, राजेश राठौड़ मुख्य रूप से शामिल रहे.

आलोक कुमार 

मंगलवार, 9 अप्रैल 2024

दब गया शोर ईपीएस 95 का जोर

दब गया शोर ईपीएस 95 का जोर

नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दो बार मिले.केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव से मिले.तो दोनों ऐसे मिले कि लगा न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी करके मानेंगे.केंद्रीय समिति के अध्यक्ष अशोक रावत और तब की सांसद और अब की प्रत्याशी धोखे में रह गए.राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मार्ग पर चलकर क्रमिक अनशन किए.वार्ता और संघर्ष साथ चले.मगर सकारात्मक परिणाम नदारद ही रहा.   2014 में विपक्ष में रहते हुए,भारतीय जनता पार्टी ने सत्तारूढ़ यूपीए सरकार से प्रस्तावित ₹1,000 प्रति माह पेंशन को  ₹3,000 पेंशन करने की मांग की थी.भारतीय जनता पार्टी 2014 में और फिर 2019 में सत्ता में आयी.सत्ता के मदहोश में भारतीय जनता पार्टी ने यूपीए सरकार के द्वारा प्रस्तावित ₹1,000 प्रति माह पेंशन को 01सितंबर 2014 से शुरू कर दी.       

     2014 में मध्य प्रदेश से राज्य सभा में प्रकाश जावड़ेकर फग्गन सिंह कुलस्ते की सीट पर निर्वाचित हुए थे.कांग्रेस के  कामगार विरोधी होने का खुब नारा बुलंद किये.विपक्षी भूमिका अदा करने वाले प्रकाश जावड़ेकर को सत्तासीन 2014 में होने पर भारतीय जनता पार्टी ने जावड़ेकर को केंद्रीय मंत्री बना दिया.केंद्रीय मंत्री ने ₹1,000 प्रति माह के ₹3,000 तक बढ़ाने का प्रयास नहीं किया.    बता दें कि 2014 से वर्तमान तक ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन 1,000 रुपये है और ईपीएफओ ने 1 सितंबर 2014 से पात्रता का भुगतान करना शुरू कर दिया है.ईपीएस-95 कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा चलाया जाता है और इसके डैशबोर्ड से पता चलता है कि देश में 78 लाख पेंशनधारी है.       

     राष्ट्रीय समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक रावत और राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह राजावत के नेतृत्व में हुए वार्ता व प्रदर्शन दिल्ली में होते रहे है.यह पिछले छह वर्षों से जारी है.  पेंशनभोगियों ने पूरे भारत में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के 110 कार्यालयों पर प्रदर्शन भी कर चुके हैं.वहां पर न्यूनतम मासिक पेंशन 7,500 रुपये और महंगाई भत्ता देने का आग्रह किया.लेकिन इस घटनाक्रम ने उन लोगों को खुश नहीं किया है जो लंबे समय से न्यूनतम पेंशन ₹1,000 की बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे.


आलोक कुमार

सोमवार, 8 अप्रैल 2024

पूर्णिया में चुनावी मैदान सज गया है

 पूर्णिया.

पूर्णिया में चुनावी मैदान सज गया है.पूर्णिया संसदीय क्षेत्र में जदयू से संतोष कुशवाहा, राजद महागठबंधन से बीमा भारती और कांग्रेस निर्दलीय पप्पू यादव ने नामांकन पत्र दाखिल किया है. सात योद्धाओं के बीच घमासान होने वाला है.पांच दलीय प्रत्याशियों के अलावा तीन निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में हैं. पूर्णिया लोकसभा सीट से संतोष कुशवाहा (जदयू), बीमा भारती (राजद), पप्पू यादव (निर्दलीय) के अलावा अरुण दास (बसपा), किशोर कुमार यादव (फॉरवर्ड ब्लाक), नौमान आलम और सत्येंद्र यादव निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में डटे हैं. नाम वापसी की अवधि खत्म होने के बाद चुनावी मैदान की तस्वीर साफ हो गई है. जदयू के संतोष कुशवाहा, राजद की बीमा भारती और निर्दलीय पप्पू यादव के बीच कड़ा मुकाबला होने वाला है. मुसलमान बहुल इस सीट पर इस बार मैदान में सिर्फ एक अल्पसंख्यक प्रत्याशी हैं.राजद ने महिला प्रत्याशी को उतारा है.ओवैसी की पार्टी ने पूर्णिया और लोकसभा सीट से एक भी प्रत्याशी को नहीं उतारा है.

   पूर्णिया लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को 18.90 लाख वोटर इन सात कैंडिडेट के चुनावी भाग्य का फैसला करेंगे.यहां 55 फीसदी हिन्दू जबकि 45 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं. हिन्दू मतदाताओं में करीब पांच लाख एससी-एसटी, बीसी और ओबीसी मतदाता हैं. यादव डेढ़ लाख, ब्राह्मण सवा लाख और राजपूत सवा लाख से अधिक हैं.एक लाख अन्य जातियों के मतदाता भी हैं। मुस्लिम मतदाताओं की संख्या लगभग 5 लाख है। कसबा, कोढ़ा और बनमनखी में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अधिक है. बनमनखी में वैसे यादव मतदाता सबसे ज्यादा हैं.


रविवार, 7 अप्रैल 2024

पूर्व स्पीकर स्व0 हिदायतुल्ला खाँ की 16वीं पुण्यतिथि

आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय सदाकत आश्रम में मनायी गयी

पटना.बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के पूर्व अध्यक्ष एवं बिहार विधान सभा के पूर्व स्पीकर स्व0 हिदायतुल्ला खाँ की 16वीं पुण्यतिथि आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय सदाकत आश्रम में मनायी गयी.

     इस अवसर पर स्व0 हिदायतुल्ला खाँ के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पूर्व विधान पार्षद लाल बाबू लाल ने कहा कि हिदायतुल्ला साहब एक उच्च शिक्षा प्राप्त कांग्रेस के प्रतिबद्ध नेता थे.प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष, बिहार सरकार के मंत्री एवं विधान सभा के स्पीकर के रूप में उन्होंने राज्य की बड़ी सेवा की। स्व0 हिदायतुल्ला खान हिन्दू, मुस्लिम एकता एवं सामन्यजस्य के बड़े समर्थक थे। आज प्रदेश के कांग्रेसजन हिदायतुल्ला साहेब के योगदान को स्मरण कर उन्हें शत शत नमन करते हैं.इसके पूर्व स्व0 हिदायतुल्ला खान के चित्र पर माल्यार्पण किया गया.

    इस अवसर पर पूर्व विधायक प्रमोद कुमार सिंह, अम्बुज किशोर झा, कुमार आशीष, राज छबिराज, निधि पांडेय, विमलेश तिवारी, सुनील कुमार सिंह, राजेश मिश्रा, मृणाल अनामय, सुदय शर्मा, राजनन्दन कुमार, अनूप कुमार, सुनील कुमार शास्त्री, बबन सिंह सहित अन्य कांग्रेसजनों ने स्व0 हिदायतुल्ला खाँ को श्रद्धांजलि अर्पित किये.


आलोक कुमार

 

शनिवार, 6 अप्रैल 2024

03 अप्रैल को लीली रॉबर्ट प्रभु की प्यारी हो गयी

 लीली रॉबर्ट प्रभु की प्यारी हो गयी

पटना. राजधानी पटना में है चकारम.यहां पर पटना महाधर्मप्रांत के द्वारा संत मेरी स्कूल संचालित है.यहां पर लीली रॉबर्ट नामक कैथोलिक महिला काम करती थीं.

   वह 2003 में  संत मेरी स्कूल में  लीली रॉबर्ट रिटायर हो गई. रिटायर के 21 साल के बाद 03 अप्रैल को लीली रॉबर्ट प्रभु की प्यारी हो गयी.वह शाम 06:10 बजे घर पर अंतिम सांस ली.04 अप्रैल को दोपहर 02:30 बजे से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई.                              

      पुष्पा रॉबर्ट कहती है कि पिता रॉबर्ट रेमी का निधन हो गया है.मां लीली रॉबर्ट आस्थमा से पीड़ित थी.किसी कारण से गला छिलने से भी परेशान थी.15 दिनों से तरल आहार ले रही थीं.आगे वह कहती हैं कि दो भाई और तीन बहन हैं.दो बहन की मौत हो चुकी है.                

         पिता रॉबर्ट रेमी स्वर्गवासी है.नोरिन और पुष्पा बालूपर में पढ़ती है.समस्तीपुर में स्थित एक स्कूल में रोजी पढ़ाती है.रोजी विवाहित है.केवल प्रवीण रॉबर्ट कार्यशील है. वह नौकरी प्राइवेट है.

      पटना महाधर्मप्रांत के महामहिम महाधर्माध्यक्ष सेबेस्टियन कल्लुपुरा से आग्रह है कि पटना महाधर्मप्रांत के द्वारा संचालित स्कूल और पल्ली में कार्यरत कर्मचारियों को वाजिब मेहनतामा दें.साथ ही रिटायर करने के बाद पेंशन देने की व्यवस्था करें.

शुक्रवार, 5 अप्रैल 2024

तीनबार के भाजपा विधायक रहे अनिल कुमार ने भी कांग्रेस का हाथ थाम लिया

 नीतीश सरकार के मंत्री महेश्वर हजारी के पुत्र ने थामा कांग्रेस का हाथ

पटना. जब से पूर्व केन्द्रीय मंत्री डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने बिहार कांग्रेस का कमान संभाला है तब से भाजपा के नेताओं का कांग्रेस में आने का सिलसिला जारी है.इसी क्रम में शुक्रवार को मुजफ्फरपुर से दोबार के भाजपा सांसद रहे अजय निषाद ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण कर ली. प्रदेश अध्यक्ष डा0 सिंह ने निषाद को सदस्यता दिलाने की औपचारिकता पूरी करायी. निषाद भाजपा को छोड़कर कांग्रेस का दामन थामने वाले अकेले नेता नहीं थे.उनके साथ बिक्रम से
तीनबार के भाजपा विधायक रहे अनिल कुमार ने भी कांग्रेस का हाथ थाम लिया.

   कांग्रेस का झटका झेलने वाला केवल भाजपा ही नहीं है, बल्कि उसका सहयोगी जदयू ने भी इसे महसूस किया. नीतीश सरकार के काबीना मंत्री महेश्वर हजारी के पुत्र सन्नी हजारी ने भी कांग्रेस का दामन थाम लिया. इस तरह शुक्रवार को राजग के तीन-तीन झटके एक साथ झेलने को मिली. कांग्रेस में शामिल होने वाले तीनों नेताओं ने कांग्रेस की विचारधारा एवं राहुल गांधी की सोच को देश के लिए अचूक बताया था डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह के नेतृत्व में पार्टी के पुर्नउत्थान का संकल्प लिया.

    प्रदेश अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने तीनों का कांग्रेस में स्वागत करते हुए कहा कि तीनों नेताओं के आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की. इसके लिए पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में मिलन समारोह का आयोजन किया गया.समारोह में मंचासीन नेताओं में डा0 मदन मोहन झा, संतोष मिश्रा, विश्वनाथ राम, बंटीचौधरी , लाल बाबू लाल, राजेश राठौड़, ब्रजेश प्रसाद मुनन, कपिलदेव प्रसाद यादव, अम्बुज किशोर झा, संजय यादव प्रमुख हैं.


आलोक कुमार

गुरुवार, 4 अप्रैल 2024

डोर-टू-डोर अभियान के द्वारा लोगों को कांग्रेस की नई सोच से जगाने का काम

 युवा कांग्रेस ने 10 यूथ की तैनाती की प्रक्रिया शुरू 


पटना. लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस द्वारा एक बूथ-10 यूथ अभियान की शुरुआत की गयी. प्रदेश के सभी 40 सीटों के हर बूथ पर निगरानी रखने के लिए युवा कांग्रेस ने 10 यूथ की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी. इसकी घोषणा भारतीय युवा कांग्रेस के सचिव सह बिहार प्रभारी राजेश सिन्हा सन्नी ने पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित बैठक में की. बैठक का आयोजन सन्नी के बिहार प्रभारी बनने के बाद प्रथम आगमन पर किया गया.

   इस अवसर पर प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष शिव प्रकाश गरीब दास के नेतृत्व में युवा कांग्रेसियों ने सिन्हा का भव्य स्वागत एवं अभिनन्दन किया। गरीब दास ने युवा न्याय के तहत किये गये वादों के प्रति कांग्रेस की प्रतिबद्धता को साझा किया.  इसके लिए डोर-टू-डोर अभियान के द्वारा लोगों को कांग्रेस की नई सोच से जगाने का काम करेगी.

       वहीं बिहार प्रभारी राजेश सिन्हा सन्नी ने घर-घर गारंटी के तहत राहुल गांधी के न्याय की गारंटी का अर्थ अपने साथियों से साझा किया। उन्होंने युवा न्याय के तहत भर्ती, भरोसा कार्यक्रम का विस्तार से व्याख्या  किया. इसके तहत केन्द्र सरकार में खाली 30 लाख पदों की भर्तीऔर हर युवा स्नातक को 1 लाख का स्टाईपन देने, पेपर लीक से मुक्ति, युवा रोशनी मुहिम के तहत स्टाईपन को बढ़वा देने के लिए वितरण होगा 5 हजार करोड़ का फंड जैसी गारंटी निहित है. “हाथ बदलेगा हालात” जैसे स्लोगन जारी होगा.

      इस अवसर पर पूर्व विधायक अमित कुमार टुन्ना, ब्रजेश पाण्डेय, युवा कांग्रेस के आशुतोष त्रिपाठी, खुर्रम, करूण नंदन पासवान, खुशबू कुमारी, रूद्रमा आर्या, अभिषेक रंजन, विकास कुमार झा, मुकुल यादव, विशाल यादव, पूनम यादव, विकास सिंह के अलावे बड़ी संख्या में युवा कांग्रेसजन उपस्थित थे.


आलोक कुमार 

बुधवार, 3 अप्रैल 2024

पिछले 6 माह से कैंसर से पीड़ित हैं सुशील कुमार मोदी

 पिछले 6 माह से कैंसर  से पीड़ित हैं  सुशील कुमार मोदी 

सुशील मोदी गले के कैंसर से पीड़ित हैं

पटना.खुद को मोदी के परिवार घोषित करने वाले बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता  सुशील कुमार मोदी जी स्वास्थ्य चल रहे हैं.भाजपा के वरिष्ठ नेता  सुशील कुमार मोदी ने इस बात की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर दी है.सुशील मोदी ने एक्स पर लिखा कि अब वह लोगों को अपनी बीमारी के बारे में बताने का सही समय समझते हैं. लिखा है कि पिछले 6 माह से कैंसर से संघर्ष कर रहा हूँ.

    जानकारी के अनुसार, सुशील मोदी गले के कैंसर से पीड़ित हैं. उन्होंने गले में दर्द की शिकायत पर जांच कराई थी. जांच के बाद कैंसर का पता चला था. फिलहाल उनका इलाज दिल्ली एम्स में चल रहा है. अब लगा कि लोगों को बताने का समय आ गया है.लोकसभा चुनाव में कुछ कर नहीं पाऊँगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सब कुछ बता दिया है.देश, बिहार और पार्टी का सदा आभार और सदैव समर्पित रहूंगा.

    इस बीच बिहार बीजेपी अध्यक्ष और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने भी ट्वीट कर कहा कि बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी जी के अस्वस्थ होने की सूचना मिली है. मैं उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए ईश्वर से कामना करता हूं. स्वस्थ होकर पुनः सक्रिय जीवन में आएं, ऐसी प्रार्थना बिहार की जनता भी करती है.एक अन्य डिप्टी सीएम विनोद कुमार सिन्हा ने भी कहा कि बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी जी के स्वास्थ्य को लेकर आई खबर से स्तब्ध हूँ. ईश्वर से प्रार्थना है कि वे जल्द पूर्णतः स्वस्थ और सक्रिय हों ताकि उनके अनुभव, समाज और शासन को लेकर उनकी गहरी समझ का लाभ मुझ जैसे पार्टी के अनगिनत कार्यकर्ताओं को सदैव मिलता रहे.

 वहीं अल्पसंख्यक मोर्चा के वरीय नेता राजन क्लेमेंट साह ने कहा कि अत्यंत दुःख पहुंचने वाली खबर है.प्रभु श्री राम से आपके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं. प्रो.राम गोपाल ने कहा कि आप संघर्षशील नेता हैं. धैर्य और साहस से कैंसर को भी परास्त कर सकेंगे.आप निराश न हों. आपकी इस पोस्ट मैं स्तब्ध हूँ और दुखी भी और मैं ही नहीं आपके लाखों शुभ चिंतक भी.“ मन के हारे हार है, मन के जीते जीत”. मेरी प्रभु से यही कामना है कि आप शीघ्र स्वस्थ  होकर  जन सेवा में पहले की तरह ही सक्रिय हो जायें.

       बता दें कि उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के 33 साल के राजनीतिक करियर है. इस पर नजर डालें तो पता चलता है कि वे चारों सदन- राज्यसभा, लोकसभा, विधान परिषद और विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं. बिहार के उप मुख्यमंत्री के अलावा, वे राज्यसभा सांसद भी रहे हैं. बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष का पद भी संभाल चुके हैं.

       सुशील मोदी ने अपना राजनीतिक करियर पटना यूनिवर्सिटी से छात्र नेता के रूप में शुरू किया था. उसके बाद 1973 में वह पीयू छात्रसंघ महासचिव बने. उन्होंने 1974 में बिहार छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया था. जेपी आंदोलन और आपातकाल के दौरान उन्हें पांच बार गिरफ्तार किया गया. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में मीसा की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी थी, जिसके बाद मीसा की धारा 9 को असंवैधानिक करार दिया गया था.सुशील कुमार मोदी (जन्म 5 जनवरी 1952) भारतीय जनता पार्टी के एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं जो बिहार से राज्यसभा में सांसद हैं. वह बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ 2005 से 2013 और 2017 से 2020 तक बिहार के वित्त मंत्री भी रहे .वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आजीवन सदस्य हैं. उन्हें जुलाई 2011 में वस्तु एवं सेवा कर के कार्यान्वयन के लिए राज्य के वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था.

    मोदी ने 13 अगस्त 1986 को मुंबई की रहने वाली ईसाई केरलवासी जेसी जॉर्ज से शादी की. मोदी और जेसी अपने शोध अध्ययन के दौरान सहपाठी थे. इसी दौरान उन्हें प्यार हो गया और उन्होंने शादी करने का फैसला किया.उनकी पत्नी एक कॉलेज में प्रोफेसर हैं.



आलोक कुमार

राष्ट्रीय स्तर के अपने उत्कृष्ट प्रचारकों को मैदान में उतारा

 लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने जारी की स्टार प्रचारकों की सूची

पटना. बिहार में महागठबंधन के बैनर तले चुनावी अभियान को धारदार बना


ने के लिए कांग्रेस ने अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी की. सूची में 40 स्टार प्रचारकों को नामित किया गया है. इसमें सबसे महत्वपूर्ण यह है कि पहले चरण का मतदान जिन जगहों पर होना है (औरगाबाद, गया, जमुई, नवादा) वहां से कांग्रेस का कोई उम्मीदवार चुनावी मैदान में नहीं है. मगर महागठबंधन की चुनावी रणनीति को अमलीजामा पहनाने के उद्देश्य से पार्टी आलाकमान ने प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के अपने उत्कृष्ट प्रचारकों को मैदान में उतारा है. इन दिग्गजो में मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मुकुल वासनिक, अशोक गहलौत, मोहन प्रकाश, सलमान खुर्शीद के अलावा प्रदेश अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह, मीरा कुमार, निखिल कुमार, कन्हैया कुमार जैसे नाम शुमार है.

        स्टार प्रचारकों की सूची इस प्रकार है-मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मोहन प्रकाश, राणा के0पी0सिंह, डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह, शकील अहमद खान, डा0 मदन मोहन झा, अशोक गहलौत, भूपेश वघेल, मीरा कुमार, मुकुल वासनिक, सलमान खुर्शीद, निखिल कुमार, तारिक अनवर, कन्हैया कुमार, प्रमोद तिवारी, इमरान प्रतापगढ़ी, मो0 जावेद, कैप्टन अजय यादव, डा0 शकील अहमद, रंजीत रंजन, बंटी चौधरी, शकीलउज्जमा अंसारी, डा0 अशोक कुमार, विजय शंकर दूबे, अवधेश कुमार सिंह, वीणा शाही, कौकब कादरी, श्याम सुन्दर सिंह धीरज, समीर कुमार सिंह, संजय तिवारी, आनन्द शंकर सिंह, संतोष मिश्रा, तारानन्द सदा, ब्रजेश कुमार, ब्रजेश प्रसाद मुनन, शिव प्रकाश गरीब दास एवं चन्द्र प्रकाश सिंह है.


आलोक कुमार

मंगलवार, 2 अप्रैल 2024

फैंस हार्दिक पांड्या को लगातार ट्रोल और ‘बू‘ कर रहे है


 हार का सिलसिला और ड्रेसिंग रूम में उथल-पुथल


फैंस हार्दिक पांड्या को लगातार ट्रोल और ‘बू‘ कर रहे है


मुंबई.मुंबई इंडियंस टीम का कप्तान बदलने से टीम में भूचाल पैदा हो गया है.वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच 14वां मुकाबला खेला गया. इस मैच में मुंबई इंडियंस को लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ा.इस तीसरे मैच में मुंबई की तरफ से बेहद खराब बल्लेबाजी देखने को मिली. टीम के 7 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा तक नहीं छू पाए थे.वहीं तीन बल्लेबाज अपना खाता तक नहीं खोल पाए थे.    

      जहां आईपीएल में मुंबई इंडियंस टीम की बात करें.वह शुरूआती दौर में शिकस्त खाने के बाद जागा है और दहाड़ते हुए आईपीएल चैम्पियन बना है.मुंबई इंडियंस आईपीएल के 2 सीजन में शुरुआती 5 मैच हारने वाली पहली टीम बन गई है. इससे पहले उसे 2014 में भी लगातार 5 बार मिली थी. रिकॉर्ड बताता है कि मुंबई की टीम ऐसा कर चुकी है. 2014 में भी टीम लगातार 5 मैच हारने के बाद भी प्लेऑफ में जगह बनाने में सफल रही थी. 

       इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मुंबई की टीम अभी भी प्लेऑफ में पहुंच सकती है या नहीं.यहां पर कप्तान बदलने से फील्ड से लेकर ड्रेसिंग रूम तक असर पड़ने लगा है.लगातार तीन हार के बाद मुंबई इंडियंस की टीम एक बार फिर से टूटती हुई दिखाई दे रही है.मैच के दौरान मुंबई इंडियंस के ड्रेसिंग रूम से कई तस्वीर सामने आई है.जिसमें टीम के अंदर तीन हार से तीन ग्रुप दिखाई देने लगी है. जिसके बाद फैंस को भी लगने लगा है कि मुंबई इंडियंस में भयंकर लड़ाई चल रही है.जिसके कारण श्बूश् करने लगे हैं. इस मैच का टॉस पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर कराने आए. मांजरेकर ने जैसे ही मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या का नाम लिया, फैंस उन्हें   ‘बू‘   करने लगे. जिसके बाद मांजरेकर नाराज हो गए और उन्होंने माइक पर चिल्ला कर कहा, मांजरेकर के यह कहने के बाद भी फैंस नहीं रुके और पांड्या को   ‘बू‘    करते रहे.

बता दें कि जब से हार्दिक पांड्या ने मुंबई इंडियंस की कमान संभाली है उन्हें फैंस द्वारा लगातार ट्रोल और बू किया जा रहा है. जिस भी स्टेडियम में वे जाते हैं उन्हें फैंस ट्रोल करना शुरू कर देते हैं.बुरी बात यह है कि इतनी ट्रोलिंग के बावजूद उनके समर्थन में अबतक कोई साथी खिलाड़ी नहीं आया है. हालांकि राजस्थान रॉयल्स के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने उनके समर्थन में बयान दिया था.मुकाबला मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में खेला गया. इस मैच में राजस्थान रॉयल्स की टीम ने टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है.मैच में मुंबई इंडियंस ने राजस्थान रॉयल्स की टीम के 126 रनों का टारगेट दिया है. जिसे राजस्थान रॉयल्स की टीम ने आसानी से हासिल कर लिया.राजस्थान रॉयल्स के लिए रियान पराग ने बेहतरीन पारी खेली और उन्होंने अर्धशतक लगाया.

राजस्थान ने आज का मैच शुरुआत से ही थाम के रखा.ट्रेंट बोल्ट ने पहले ओवर में  दो अहम बल्लेबाजों को शून्य पर आउट करके मैच राजस्थान के खेमे में सरका दिया.पावरप्ले के दौरान ही मुंबई इंडियंस ने 4 विकेट गंवा दिए थे.उनका साथ निभाते हुए चहल ने भी 3 विकेट लिए और नांद्रे बर्गर ने 2 विकेट लिए, इसके साथ आवेश खान ने एक विकेट लिया.राजस्थान ने यह मैच 6 विकेट से जीत लिया है.राजस्थान की ओर से रियान पराग ने खेली शानदार पारी.


आलोक कुमार

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