न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग

पटना .राष्ट्रीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष कमांडर अशोक रावत हैं.उनके द्वारा 78 लाख पेंशनधारियों की हित में न्यूनतम पेंशन में वृद्धि करने की मांग को लेकर दस वर्षों से अहिंसात्मक आंदोलन किया जा रहा है.परिवर्तित महंगाई भत्ता सहित 7,500 रुपये की न्यूनतम पेंशन लागू करने और पति-पत्नी को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की जार रही है.जो सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार ही है. बिना किसी भेदभाव के सभी को अधिक पेंशन दी जानी चाहिए और दी जाने वाली पेंशन को पेंशन वृद्धि के बकाया से समायोजित किया जाना चाहिए.
     एनडीए सरकार के मुखिया ने ईपीएस 95 के पेंशनधारियों को मझधार में डालकर रख दिया है.एक हजार रूपए की वृद्धि करने का ऐलान के बाद मौनधारण कर लिए है.वहीं सोशल मीडिया यूट्यूबके द्वारा एनडीए सरकार के पक्ष में मनगढ़त खबर पेंशनधारियों को परोसकर दिल का धड़कन बढ़ाने का कार्य कर रहा है.उनके द्वारा कभी दो हजार, तीन हजार, पांच हजार,सात हजार,साढ़े सात हजार,नौ हजार और दस हजार रूपए का सपना दिखाते रहते हैं. इस संदर्भ में रंजीत सिंह कहते हैं कि अभी पेंशन नहीं होनी है झूठ मत बोलो सब लोग गरीब लोग पेंशन लोग सब पक गए आपकी झूठ सुनते -सुनते उचित योग के अपने चैनल को बंद रखें अपनी जुबान पर लगाने जब तक सर्कुलर ना हो जाए तब तक चुप बैठो झूठ मत भरोसे.
     पेंशनधारकों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग की. इस बैठक की अगुवाई ईपीएस 95 राष्ट्रीय आंदोलन समिति (एनएसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत ने की. उनको उम्मीद है कि सरकार आगामी बजट 2025 में न्यूनतम पेंशन बढ़ाने और महंगाई भत्ता देने की घोषणा करेंगी.


आलोक कुमार

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